आईसीसी में जय शाह का एक दिसंबर 2024 से कार्यकाल हुआ शुरू, सभली ICC चेयरमैन की गद्दी

नई दिल्ली इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी आईसीसी के चेयरमैन के तौर पर जय शाह ने कार्यभार संभाल लिया है। इस बात की जानकारी खुद आईसीसी ने दी है। आज यानी एक दिसंबर 2024 से उनका कार्यकाल शुरू हो रहा है। जय शाह के लिए पहला असाइनमेंट आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 है, जिसकी मेजबानी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी पीसीबी के पास है। हालांकि, उनका बड़ा लक्ष्य ओलंपिक गेम्स हैं, जिनमें क्रिकेट खेली जाएगी। आईसीसी की ओर से जारी मीडिया रिलीज में बताया गया है कि जय शाह ने खेल की वैश्विक पहुंच बढ़ाने के लिए अपना दृष्टिकोण व्यक्त किया, जिसमें 2028 में लॉस एंजिल्स में होने वाले ओलंपिक गेम्स के अवसर पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, साथ ही खेल के लिए इस अवसर का लाभ उठाने के लिए आईसीसी सदस्यों के साथ साझेदारी में काम किया जाएगा। क्रिकेट प्रशासन के क्षेत्र में अपने अनुभव के कारण वे आज आईसीसी के चेयरमैन बने हैं। जय शाह की यात्रा 2009 में शुरू हुई थी। ये यात्रा उनकी जिला और राज्य स्तर पर शुरू हुई, जहां वे गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन (GCA) में तेजी से आगे बढ़े। वहीं, 2019 में जय शाह को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सबसे कम उम्र के सचिव के रूप में चुना गया, ये एक ऐसी भूमिका जिसमें उन्होंने रिकॉर्ड तोड़ आईपीएल मीडिया राइट्स डील की, वुमेंस प्रीमियर लीग का निर्माण, नए अत्याधुनिक एक्सीलेंस सेंटर का निर्माण कराया, टेस्ट क्रिकेट प्रोत्साहन योजना के अलावा कई और प्रमुख चीजों में बदलाव करके भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में मदद की। वे इस दौरान एशियन क्रिकेट काउंसिल यानी एसीसी के चेयरमैन भी दो बार निर्विरोध चुने जा चुके हैं। वे आईसीसी की फाइनेंस एंड कॉमर्शियल अफेयर्स कमिटी के चेयरमैन रहे हैं। आईसीसी चेयरमैन की कुर्सी संभालने के बाद जय शाह ने कहा, "मैं ICC अध्यक्ष की भूमिका में आने पर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। यह खेल के लिए एक रोमांचक समय है, क्योंकि हम LA28 ओलंपिक खेलों की तैयारी कर रहे हैं और क्रिकेट को पहले से कहीं अधिक समावेशी और लोकप्रिय बनाने का प्रयास कर रहे हैं। हम कई प्रारूपों के सह-अस्तित्व और महिलाओं के खेल के विकास में तेजी लाने के मामले में भी एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़े हैं। दुनिया भर में क्रिकेट के खेल के लिए बहुत संभावनाएं हैं, मौजूदा और नए प्रशंसकों के साथ जुड़ने के इतने सारे अवसर हैं, जबकि साथ ही साथ दुनिया भर में हमारे क्रिकेटरों के लिए सर्वोत्तम संसाधन और प्लेटफॉर्म सुनिश्चित करना है।" उन्होंने अपने ग्रेग बार्कले के कार्यकाल की भी तारीफ की, जो पिछले चार साल से इस पद पर थे। recent visitors 154

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर अचानक टनल का एक हिस्सा गिर गया और मलबे में चार मजदूर दब, 1 की मौत, 3 घायल

कोटा राजस्थान के कोटा जिले के रामगंज मंडी के मोड़क इलाके में रविवार सुबह एक निर्माणाधीन टनल का हिस्सा ढह गया। यह टनल दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का हिस्सा है। इस हादसे में एक श्रमिक की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। घटना के समय मजदूर टनल के भीतर काम कर रहे थे। अचानक टनल का एक हिस्सा गिर गया और मलबे में चार मजदूर दब गए। अन्य मजदूरों ने मलबे से अपने साथियों को बाहर निकाला। हादसे के बाद घायल मजदूरों को पहले मोड़क के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए कोटा रेफर कर दिया गया। टनल के निर्माण की खास बातें टनल दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का अहम हिस्सा है और इसे मुकुंदरा टाइगर रिजर्व (दरा) के पास पहाड़ियों के नीचे बनाया जा रहा है। यह टनल 4.9 किमी लंबी होगी और 8 लेन की इस सुरंग पर 1200 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसका निर्माण 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य है। टनल को विशेष रूप से ग्रीन कॉरिडोर के रूप में डिजाइन किया गया है, जिससे वन्यजीवों की आवाजाही में कोई बाधा न हो। इसके ऊपर से वन्यजीव, विशेष रूप से बाघ, गुजर सकेंगे, जबकि नीचे से वाहन गुजरेंगे। इसे साउंडप्रूफ तकनीक से बनाया जा रहा है ताकि गाड़ियों की आवाज़ से वन्यजीव प्रभावित न हों। टनल में दो समानांतर सुरंगें बनाई जा रही हैं, जिनमें से एक वाहन आने और दूसरी वाहन जाने के लिए होगी। प्रत्येक सुरंग चार-चार लेन की होगी। सुरंग का 3.3 किमी हिस्सा पहाड़ के नीचे और 1.6 किमी बाहरी संरचना के रूप में बनाया जाएगा। अधिकारियों की प्रतिक्रिया घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारी मौके पर पहुंचे। एनएचएआई के सहायक अभियंता राकेश मीणा ने बताया कि टनल का निर्माण ऑस्ट्रेलियाई इंजीनियरों की देखरेख में अत्याधुनिक तकनीक से किया जा रहा है। ब्रीफिंग के लिए इकट्ठा हुए थे मजदूर हादसे के समय मजदूर निर्माण स्थल पर काम शुरू करने से पहले ब्रीफिंग के लिए इकट्ठा हुए थे। टनल का हिस्सा गिरने से इलाके में अफरातफरी मच गई। अधिकारियों ने कहा है कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। recent visitors 83

महाराष्ट्र में कांग्रेस ने उन पर गहरा तंज कसा है और कहा कि एकनाथ शिंदे को तो अब धोखेबाजी की सजा मिल रही है

मुंबई महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव का नतीजा आए करीब 10 होने वाले हैं, लेकिन अब तक नई सरकार का गठन नहीं हो सका है। एक तरफ सीएम फेस को लेकर खींचतान खत्म हुई है और भाजपा के नेता को मौका देने पर सहमति बनी है तो दूसरी तरफ मंत्रालयों के बंटवारे पर खींचतान है। राज्य के गृह मंत्री के पद को लेकर इतनी खींचतान है कि एकनाथ शिंदे अडिग बताए जाते हैं। कहा जा रहा है कि वह इसी नाराजगी के चलते अपने गांव सतारा चले गए हैं। उनके डॉक्टरों का कहना है कि वह तेज बुखार और गले में संक्रमण से जूझ रहे हैं और फिलहाल स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। हालांकि यह चर्चा भी है ही कि वह नाराज होकर सतारा गए हैं। इस बीच कांग्रेस ने उन पर गहरा तंज कसा है और कहा कि एकनाथ शिंदे को तो अब धोखेबाजी की सजा मिल रही है। पार्टी नेता प्रमोद तिवारी ने कहा, 'महायुति गठबंधन की कहानी राजनीतिक पतन और धोखेबाजी की है। एकनाथ शिंदे ने अपने राजनीतिक गुरु के परिवार के साथ धोखा किया था। इसके बाद भाजपा ने उन्हें सीएम बना दिया और खूब इस्तेमाल किया। अब यूज करके उन्हें फेंका जा रहा है। यही भाजपा की रणनीति है और वह उसके तहत ही काम कर रही है। एकनाथ शिंदे को तो धोखेबाजी की सजा मिल रही है। भाजपा की राजनीति पर कोई विश्वास नहीं किया जा सकता और न ही वे विश्वसनीय हैं।' संजय राउत फिर बिफरे, पूर्व चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ पर निशाना वहीं संजय राउत ने एक बार फिर से सुप्रीम कोर्ट और पूर्व चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ पर तंज कसा है। उन्होंने कहा, 'महाराष्ट्र में एक ऐसी सरकार अब तक सत्ता में थी, जो संविधान के अनुसार नहीं थी। गलत तरीके से वह सरकार बनी थी। ऐसा सुप्रीम कोर्ट की मदद से हुआ। इसके लिए डीवाई चंद्रचूड़ जिम्मेदार हैं। अब आप देखिए कि 10 दिन बीत गए हैं और उनके पास बड़ा बहुमत है। इसके बाद भी उन्होंने सरकार का गठन नहीं किया है। भाजपा तो अकेले भी सरकार बना सकती है, लेकिन वह सरकार नहीं बना रहे। आखिर क्या हो रहा है? बावनकुले का कहना है कि 5 दिसंबर को शपथ होगी। क्या वह गवर्नर हैं, जो बता रहे हैं कि किस शपथ समारोह होगा।' recent visitors 70

प्रदेश में होगा सर्वे, विमुक्त, घुमंतू, अर्द्ध-घुमंतू समुदायों के परिवारों का सर्वे, इंदौर, भोपाल, उज्जैन समेत 12 जिलों में किया जायेगा

भोपाल प्रदेश में विमुक्त, घुमंतू, अर्द्ध-घुमंतू समुदायों के परिवारों का सर्वे इंदौर, भोपाल, उज्जैन सहित 12 जिलों में किया जाएगा। इसमें परिवार के आधार कार्ड और बैंक खाते के साथ अन्य जानकारियां ली जाएंगी। इसके आधार पर उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलवाया जाएगा। साथ ही पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों की शिक्षण संस्थाओं में 75 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए आधार आधारित बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज कराई जाएगी। सर्वे कर जुटाएंगे डाटा पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्ध-घुमंतू राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने ये निर्देश शुक्रवार को मंत्रालय में विभागीय समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में बताया गया कि भोपाल, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, राजगढ़, कटनी, धार, मंदसौर, रायसेन, विदिशा और सीहोर जिले में सर्वे किया जाएगा। इसमें डाटा एकत्र करने के बाद प्रधानमंत्री आवास सहित अन्य योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा। बाद में अन्य जिलों में भी ऐसा सर्वे किया जाएगा। विमुक्त, घुमंतु एवं अर्द्ध-घुमंतु समुदायों के लिये लोकरंग उत्सव आयोजित करने पर भी विचार किया जा रहा है। बैठक में विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की गई। विद्यार्थियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति पर जोर इसके साथ-साथ पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों की अध्ययनरत संस्थाओं में 75 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी शैक्षणिक संस्थाओं को यूनिक आईडी 'आधार' बेस्ड बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करने के लिए कहा गया है। साथ ही लंबित छात्रवृत्ति का भुगतान करने के साथ विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना में प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निराकरण के निर्देश दिए। विभागीय मंत्री ने छात्रावासों में मेस व्यवस्था शुरू करने, सौर ऊर्जा प्लांट लगाने और बाउंड्री वाल बनाने संबंधी कार्यों की भी जानकारी ली। बैठक में विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की योजना के संबंध में बताया गया कि अब तक पिछड़ा वर्ग के 7 विद्यार्थियों को जापान में प्लेसमेंट दिलाया गया है। recent visitors 68

राजधानी में भूमाफियाओं के हौसले बुलंद, पीड़ित किसान ने दी आत्मदाह की चेतावनी

The spirits of land mafias are high in the capital, the victim farmer has threatened to commit suicide भोपाल । हुजूर विधानसभा के ग्राम पंचायत छापरी रातीबड़ में भूमाफियाओं के बढ़ते हौसलों का एक और मामला सामने आया है। पीड़ित नीतम शर्मा, पिता नर्मदा प्रसाद शर्मा, का कहना है कि उनकी पुश्तैनी जमीन का खसरा रिकॉर्ड और संबंधित सभी दस्तावेज उनके नाम पर दर्ज हैं। इसके बावजूद दीपिका यादव और उनके ससुर उदयवीर यादव ने उनकी जमीन पर जबरन कब्जा कर रखा है। पीड़ित किसान ने आरोप लगाया है कि तहसीलदार, पटवारी और आरआई समेत कई प्रशासनिक अधिकारी भूमाफियाओं का साथ दे रहे हैं। उन्होंने तहसील कार्यालय, एसडीएम, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और मानव अधिकार आयोग तक न्याय की गुहार लगाई है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। नीतम शर्मा ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें जल्द ही उनकी जमीन पर न्याय नहीं मिला तो वह परिवार सहित मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह करने को मजबूर हो जाएंगे। यह मामला प्रशासनिक उदासीनता और भूमाफियाओं की ताकत को उजागर करता है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस पर क्या कार्रवाई करता है। recent visitors 114

इस सप्ताह घरेलू स्टार्टअप इकोसिस्टम ने 145 मिलियन डॉलर से अधिक की फंडिंग जुटाई

नई दिल्ली देश में वीसी फंडिंग के मामले में निवेशकों का भरोसा बढ़ने लगा है। इसी के साथ घरेलू स्टार्टअप इकोसिस्टम ने 145 मिलियन डॉलर से अधिक की फंडिंग जुटाई है। पब्लिकली लिस्टेड गेमिंग फर्म नाजारा ने एसबीआई म्यूचुअल फंड, कैरेटलेन के संस्थापक मिथुन सचेती और आमारा कैपिटल जैसे निवेशकों के नेतृत्व में प्रिफेरेंशियल शेयर जारी कर 101.3 मिलियन डॉलर जुटाए। शॉपडेक, डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (डी2सी) ई-कॉमर्स इनेबलर ने बेसेमर वेंचर पार्टनर्स के नेतृत्व में 8 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई, इसमें एलिवेशन कैपिटल, वेंचर हाईवे और चिराटे वेंचर्स की भागीदारी थी। शॉपडेक कपड़ों, आभूषणों, फुटवियर और होम डेकोर सहित अलग-अलग कैटेगरी में विक्रेताओं को सशक्त बनाता है, इससे सालाना 150 मिलियन डॉलर से अधिक की बिक्री होती है। एमएसएमई-केंद्रित डिजिटल ऋणदाता नियोग्रोथ ने यूटीआई इंटरनेशनल वेल्थ क्रिएटर से 42 करोड़ रुपये (लगभग 5 मिलियन डॉलर) तक की डेट फंडिंग जुटाई। तकनीक से प्रेरित क्रॉस-बॉर्डर स्पेशियलिटी केमिकल डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म एल्केमी ने सीरीज ए फंडिंग राउंड में 5.6 मिलियन डॉलर जुटाए हैं। इस राउंड का नेतृत्व प्राइम वेंचर पार्टनर्स ने किया, साथ ही मौजूदा निवेशक इन्फोएज वेंचर्स ने भी इसमें हिस्सा लिया। बायोमैटेरियल स्टार्टअप उखी ने टिकाऊ पैकेजिंग उद्योग को बदलने के उद्देश्य से नए, बायोडिग्रेडेबल और कम्पोस्टेबल बायोमैटेरियल विकसित करने के अपने मिशन को गति देने के लिए प्री-सीड फंडिंग में 1.2 मिलियन डॉलर जुटाए हैं। जनवरी-अक्टूबर 2024 के दौरान भारत में कुल 984 वेंचर कैपिटल (वीसी) फंडिंग सौदों की घोषणा की गई, जो डील वॉल्यूम में सालाना आधार पर 5.8 प्रतिशत का सुधार था। लीडिंग डेटा और एनालिटिक्स कंपनी ग्लोबलडेटा के अनुसार, इसी अवधि के दौरान इन सौदों का कुल घोषित फंडिंग मूल्य 44.4 प्रतिशत बढ़कर 9.2 बिलियन डॉलर हो गया। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में वर्ष के दौरान वीसी फंडिंग एक्टिविटी में बड़ा सुधार देखने को मिला है, इससे निवेशकों का विश्वास फिर से बढ़ रहा है। जनवरी-अक्टूबर 2024 के दौरान वैश्विक स्तर पर घोषित कुल वीसी सौदों में भारत की हिस्सेदारी 7.1 प्रतिशत रही। recent visitors 67

जर्मनी, फ्रांस, स्वीडन और चीन के बाद भारत हाइड्रोजन ट्रेन संचालित करने वाला दुनिया का पांचवां देश बनेगा

लखनऊ डीजल इंजन की तुलना में कम प्रदूषण करने वाली हाइड्रोजन ट्रेन देश में चलाने की तैयारियां तेज हैं। हरियाणा के जींद से सोनीपत तक का मार्ग और 110 किलोमीटर प्रतिघंटा की अधिकतम स्पीड भी तय है। जर्मनी, फ्रांस, स्वीडन और चीन के बाद भारत हाइड्रोजन ट्रेन संचालित करने वाला दुनिया का पांचवां देश बन जाएगा। हाइड्रोजन फ्यूल वाली ट्रेन का डिजाइन अनुसंधान अभिकल्प और मानक संगठन (आरडीएसओ) लखनऊ ने तैयार किया है। आरडीएसओ के अधिकारी ने बताया, वंदे भारत ट्रेन इंटीग्रेटेड कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) चेन्नई में तैयार हुई थी, वहीं हाइड्रोजन फ्यूल ट्रेन पर काम चल रहा है। नमो ग्रीन रेल हो सकता है नाम माना जा रहा है कि देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का नाम नमो ग्रीन रेल हो सकता है, क्योंकि आरडीएसओ द्वारा लांच किए गए मॉडल ट्रेन सेट पर नमो ग्रीन रेल लिखा हुआ है।  हालांकि, हाइड्रोजन ट्रेन का आधिकारिक नाम अभी फाइनल नहीं किया गया है।आरडीएसओ स्टेडियम परिसर में इनो रेल इंडिया 2024 की प्रदर्शनी में ऑस्ट्रिया, जर्मनी, रूस, जापान देशों सहित 150 से अधिक कंपनियों ने स्टॉल सजाया है। इस दौरान उन्नत तकनीक व नवप्रयोगों पर आधारित रेलवे के समृद्ध भविष्य पर भी चर्चा हुई। साथ ही रेल की दक्षता, सुरक्षा व सुंदरता को बढ़ाने के लिए नवीनतम प्रगति पर तीन दिन तक विमर्श करते रहने का सिलसिला शुरू हो गया है।  प्रदर्शनी में हाई-स्पीड रेल, शहरी जन, भारत में बुलेट और सेमी-हाई-स्पीड ट्रेनें, यातायात अनुकूलन के लिए आधुनिक तकनीकें, स्मार्ट रोलिंग स्टाक जैसे विषयों पर सेमिनार और तकनीकी चर्चाएं हुई।  हर दो साल पर होने वाले इस आयोजन का पहला संस्करण 2014 में हुआ था, आरडीएसओ के साथ सीआईआई भी इस आयोजन की भागीदार है। हाइड्रोजन ट्रेन की खासियत 400 किलो हाइड्रोजन भरने की क्षमता 375 किलोमीटर की चार फेरे लगेंगे 89 किमी है सोनीपत से जींद की दूरी 08 कोच की ट्रेन दुनिया की सबसे बड़ी हाइड्रोजन ट्रेन होगी 2,638 यात्रियों की क्षमता के साथ चलाया जाएगा 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से किया जाएगा ट्रायल ट्रेनों में इंवेंट रिकॉर्डर करेगा ब्लैक बॉक्स जैसा काम वंदे भारत, मेट्रो सहित अन्य अत्याधुनिक ट्रेनों के दरवाजे स्वचालित हैं। लोकोमोटिव पायलट ट्रेन रोकने को ब्रेक लगाता है, ब्रेक पलक झपकते ही लगता है। ऐसे ही इलेक्ट्रिक ट्रेनों में पेंटोग्राफ (विद्युतग्राही) बिजली लाइन से जोड़ा जाता है, अगला स्टेशन आने आदि का अनाउंस होता है, यह सारी गतिविधि कम्युनिकेशन सिस्टम से होती है।  जर्मनी की कंपनी ड्यूगान ने तो इससे भी एक कदम आगे इंवेंट रिकॉर्डर भी तैयार किया है, जिसमें ट्रेन के पायलट से लेकर कोच आदि की सारी गतिविधि रिकॉर्ड हो जाएगी। ठीक उसी तरह जैसे हवाई जहाज में ब्लैक बॉक्स किसी भी हादसे का सबसे बड़ा गवाह होता है। ड्यूगान के सेल्स व मार्केटिंग उपाध्यक्ष जीवित वशिष्ठ ने बताया कि यह जर्मनी की कंपनी है, जो ट्रेनों व यात्रियों की सुरक्षा को लेकर नए-नए कम्युनिकेशन सिस्टम तैयार कर रही है। recent visitors 127