चुनाव आयोग ने 3 दिसंबर को कांग्रेस नेताओं को बुलाया, ‘चुनाव में कोई गडबड़ी नहीं, हर सवाल का मिलेगा जबाव’

नई दिल्ली महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस की ओर से ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) समेत चुनाव प्रक्रिया से समझौता किए जाने को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर निर्वाचन आयोग ने जवाब देते हुए कहा कि चुनाव में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। आयोग ने कहा कि इसके बाद भी पार्टी के जो भी सवाल है वह उन सभी का लिखित और मौखिक दोनों ही तरीके जवाब देने को वह तैयार है। आयोग ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को बुलाया चुनाव आयोग ने कांग्रेस पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को तीन दिसंबर को शाम पांच बजे मिलने अपने मुख्यालय बुलाया है। निर्वाचन आयोग ने कांग्रेस पार्टी को यह जवाब उनकी ओर से 29 नवंबर को चुनाव में गड़बड़ियों को लेकर सौंपे गए ज्ञापन पर दिया है। जिसमें वोटों की संख्या और मतदान प्रतिशत को लेकर सवाल खड़े किए गए थे। चुनाव आयोग शिकायतों को सुनने को तैयार कांग्रेस कार्यसमिति की शुक्रवार को हुई बैठक में भी महाराष्ट्र चुनाव में हेर-फेर का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग के पक्षपातपूर्ण तरीके से काम करने की बात कही गई हरियाणा के बाद महाराष्ट्र चुनाव नतीजों को लेकर उठाए गए सवालों पर आयोग ने अपने जवाब में कहा है कि मतदान के दौरान सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को मतदान प्रतिशत और कुल वोटरों की संख्या की जानकारी लगातार दी जाती रहती है। मगर इसके बाद भी अगर कुछ और शिकायतें और जानकारी हैं तो आयोग उनको विस्तार से सुनने का तैयार है। उद्धव ठाकरे की पार्टी ने भी लगाया गंभीर आरोप आयोग ने कहा कि वह स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव के लिए सदैव राजनीतिक दलों के सुझाव और शिकायतों का स्वागत करता है। खास बात यह है कि महाराष्ट्र चुनाव के नतीजों के बाद शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों ने चुनाव में गंभीर गड़बड़ी का आरोप लगाया था। साथ ही ईवीएम में हेर-फेर की भी शिकायत की थी। कांग्रेस की ओर से लगाए गए दो प्रमुख आरोपों का शनिवार को चुनाव आयोग ने विस्तार से जवाब दिया। इसमें पहला आरोप मतदान प्रतिशत को लेकर था। जिसमें कांग्रेस ने मतदान के दिन पांच बजे और रात 11 बजे के आंकड़े में भारी अंतर की शिकायत की है। इस पर आयोग ने सफाई दी कि वोटिंग प्रतिशत की एक तय प्रक्रिया है, उसी का पालन मतदान के दौरान किया जाता है। जैसे-जैसे मतदान के आंकड़े आते हैं वैसे ही उन्हें पूर्व के आंकड़ों में जोड़ दिया जाता है। बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग कांग्रेस ने अपने ज्ञापन में दूसरी अहम शिकायत मतदाता सूची को लेकर कि है जिस पर आयोग ने कहा है कि यह प्रक्रिया प्रत्येक पार्टी को जानकारी देकर अपनाई जाती है। सभी पार्टियां इसकी जांच परख भी करती हैं। कांग्रेस ने महाराष्ट्र चुनाव में शाम पांच बजे के बाद वोटिंग प्रतिशत में भारी उछाल के साथ इवीएम से जुड़ी शिकायतों के साथ शुक्रवार को चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंपते हुए अपनी शिकायतें विस्तृत तौर पर रखने के लिए आयोग से मिलने का वक्त मांगा था। चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता से समझौता करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने के लिए देशभर में जनजागरण अभियान चलाने का एलान भी किया है। recent visitors 90

आज से कई नियम बदलने वाले हैं, जिससे देश भर में परिवारों के दैनिक जीवन और फाइनेंस पर असर पड़ेगा

नई दिल्ली कल यानी रविवार से हम नए महीने में प्रवेश कर जाएंगे। हर महीने की तरह दिसंबर महीने में भी कई नए बदलाव होंगे, जिनका असर आपकी जेब पर भी होगा। आपको बता दें कि 1 दिसंबर को कई नियम बदलने वाले हैं, जिससे देश भर में परिवारों के दैनिक जीवन और फाइनेंस पर असर पड़ेगा। अगले महीने दिसंबर में LGP गैस सिलेंडर की कीमतों में संशोधन और SBI क्रेडिट कार्ड नियमों में बदलाव समेत कई बड़े बदलाव होने वाले हैं।   एलपीजी की कीमतें ऑयल मार्केटिंग कंपनी हर महीने की 1 तारीख को एलपीजी सिलेंडर की कीमतों को रिवाइज सकती है। इससे घरेलू दरों पर असर पड़ सकता है। ये परिवर्तन अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझानों और नीतियों से प्रभावित होते हैं, जिससे संभावित रूप से घरेलू बजट पर असर पड़ेगा। 1 दिसंबर से एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है। बता दें कि नवंबर की शुरुआत में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में इजाफा हुआ था। आधार कार्ड फ्री अपडेट भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने आधार डिटेल में मुफ्त अपडेट की समय सीमा बढ़ा दी है। आधार कार्ड होल्डर्स अब 14 दिसंबर तक ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए बिना किसी शुल्क के अपना नाम, पता या जन्मतिथि अपडेट कर सकते हैं। हालांकि, इस तारीख के बाद किए गए अपडेट के लिए प्रोसेसिंग फी लगेगा। क्रेडिट कार्ड के नियम देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहकों के लिए जरूरी खबर है। बैंक 1 दिसंबर से क्रेडिट कार्ड के नियमों में बदलाव कर रहा है। एसबीआई अब डिजिटल गेमिंग प्लेटफार्म के ट्रांजेक्शन के लिए इस्तेमाल होने वाले क्रेडिट कार्ड में रिवॉर्ड पॉइंट का फायदा नहीं देगा। इसके अलावा 1 दिसंबर से एचडीएफसी बैंक अपने रेगलिया क्रेडिट कार्ड के उपयोगकर्ताओं के लिए लाउंज एक्सेस नियमों में भी बदलाव कर रहा है। बिलेटेड आईटीआर फाइल करना जो व्यक्ति वित्तीय वर्ष 2023-24 (वित्त वर्ष 24) के लिए 31 जुलाई की समय सीमा तक अपना आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने में विफल रहे, उनके पास अभी भी दिसंबर तक अपना आईटीआर जमा करने का अवसर है। जो लोग शुरुआती डेडलाइन से चूक गए हैं वे अब 31 दिसंबर तक जुर्माना शुल्क के साथ विलंबित आईटीआर दाखिल कर सकते हैं। बता दें कि लेट फी 5,000 रुपये है। 5 लाख रुपये से कम कुल आय वाले करदाताओं के लिए यह लेट फी 1,000 रुपये कर दिया गया है। ट्राई की समयसीमा 1 दिसंबर, 2024 को टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) स्पैम और फिशिंग मैसेजेस को कम करने के उद्देश्य से नए ट्रैसेबिलिटी नियम लागू करेगा। हालांकि ये नियम अस्थायी रूप से ओटीपी सेवाओं को प्रभावित कर सकते हैं। ट्राई ने स्पष्ट किया है कि नियम लागू होने के बाद ओटीपी डिलीवरी में कोई देरी नहीं होगी। ट्राई ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "ट्राई ने आश्वासन दिया है कि मैसेज ट्रैसेबिलिटी मैंडेट से मैसेज और ओटीपी की डिलीवरी में देरी नहीं होगी।" मालदीव जाना पड़ेगा महंगा मालदीव अगले महीने से अपनी डिपार्चर फीस बढ़ा रहा है। सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक, मालदीव पर्यटकों से ली जाने वाली फीस में बढ़ोतरी कर रहा है। इकोनॉमी क्लास के यात्रियों के लिए शुल्क 30 डॉलर (2,532 रुपये) से बढ़कर 50 डॉलर (4,220 रुपये) हो जाएगा, जबकि बिजनेस क्लास के यात्रियों के लिए शुल्क 60 डॉलर (5,064 रुपये) से बढ़कर 120 डॉलर (10,129 रुपये) हो जाएगा। प्रथम श्रेणी के यात्रियों को $90 (7,597 रुपये) से बढ़कर $240 (20,257 रुपये) का भुगतान करना होगा और प्राइवेट जेट यात्रियों को $120 (10,129 रुपये) से $480 (40,515 रुपये) तक का भुगतान करना पड़ेगा। ATF की कीमतों में बदलाव एयर टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में भी 1 दिसंबर से बदलाव हो सकता है। ऐसे में फ्लाइट टिकट की कीमतों पर असर पड़ सकता है। recent visitors 97

मध्यप्रदेश में एनीमिया के उन्मूलन के लिये सभी सम्बद्ध विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक

भोपाल नीति आयोग की कार्यशाला में विशेषज्ञों ने कहा है कि मध्यप्रदेश में एनीमिया के उन्मूलन के लिये सभी सम्बद्ध विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। मध्यप्रदेश में एनीमिया और हिडन हंगर की स्थिति पर राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) से जानकारी साझा की गई। नीति आयोग द्वारा एनीमिया और हिडन हंगर पर विशेषज्ञों ने गत दिवस एक कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के संदर्भ में व्यापक चर्चा की। आयुक्त खाद्य, सिवि चक्रवर्ती ने राज्य के फोर्टिफाइड चावल कार्यक्रम और एनीमिया से जुड़े महिला कार्यबल की कम भागीदारी को एक बड़ी चुनौती के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने कार्यबल पर एनीमिया के प्रभाव का आंकलन करने और डेटा का उपयोग करके प्रभावी रणनीतियाँ तैयार करने का सुझाव दिया। संयुक्त नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन श्रीमती माया अवस्थी ने हिडन हंगर और राज्य में फोर्टिफिकेशन प्रयासों, विशेष रूप से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के माध्यम से डबल-फोर्टिफाइड नमक के वितरण पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने एनीमिया को समाप्त करने के लिए विभागों के बीच समन्वय के महत्व को रेखांकित किया। एफएसएसएआई के डॉ. अमित शर्मा ने सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को दूर करने वाले नियामक ढांचे पर चर्चा की, जिसमें खाद्य सुरक्षा और फोर्टिफिकेशन मानकों के लिए अधिदेश पर ध्यान केंद्रित किया गया। मुदित कपूर ने मध्यप्रदेश में घरेलू आहार प्रवृत्तियों पर डेटा प्रस्तुत किया, जिसमें क्षेत्रीय विविधताओं, आहार विविधता में सुधार और अनाज की खपत में गिरावट को रेखांकित किया गया। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में बेहतर गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों की ओर बदलाव की जानकारी दी। बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन की सुरुचिका चुघ सचदेवा ने कुपोषण को दूर करने के लिए वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा किया और फोलिक एसिड फोर्टिफिकेशन और आहार विविधता रणनीतियों पर जोर दिया। साथ ही न्यूट्रिशन इंटरनेशनल की सुसाक्षी जैन और फोर्टिफाई हेल्थ की डॉ. जोशिता लांबा ने राज्य में क्षमता निर्माण, तकनीकी सहायता और जन-जागरूकता अभियानों पर प्रकाश डाला। डॉ. अभिजीत पी. पाखरे और श्रीमती अमिता सिंह ने खाद्य फोर्टिफिकेशन कार्यक्रमों के त्वरित और साक्ष्य-आधारित कार्यान्वयन की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने एनीमिया उन्मूलन के लिए डेटा उत्पन्न करने और नीतियों को मजबूत करने पर जोर दिया। बैठक में नीति आयोग के डॉ. धापानी ने स्वागत उद्बोधन दिया, जिसमें उन्होंने मध्यप्रदेश में एनीमिया और हिडन हंगर की स्थिति पर जानकारियाँ साझा कीं। उन्होंने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच के अंतर पर प्रकाश डाला और पोषण निगरानी और हस्तक्षेप को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। श्रीमती पूर्णिमा शर्मा ने सभी का आभार माना।   recent visitors 72

देर रात बीजेपी का सिंधिया पर पलटवार दिया जवाब, सिंधिया ने कहा था कि-मुझे विजयपुर में प्रचार करने को नहीं कहा

Late night BJP retaliated against Scindia, Scindia had said that- I was not asked to campaign in Vijaypur भोपाल । मध्यप्रदेश की विजयपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव में हार को लेकर बीजेपी में मंथन चल रहा है। चुनाव प्रचार में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की गैर मौजूदगी पर भी सवाल उठ रहे हैं। अब सिंधिया ने इस पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि उन्हें विजयपुर में प्रचार के लिए बुलाया ही नहीं गया। शुक्रवार को जब सिंधिया ग्वालियर पहुंचे तो उन्होंने विजयपुर उपचुनाव में वन मंत्री रामनिवास रावत की हार पर कहा- हमें चिंतन करना होगा। यह हार चिंता की बात है। यदि मुझसे वहां प्रचार का कहा होता, तो मैं जरूर जाता। मैं जनता का सेवक हूं। सिंधिया के इस बयान के बाद शनिवार देर रात बीजेपी संगठन का जवाब आया। पार्टी के प्रदेश महामंत्री और विधायक भगवानदास सबनानी ने कहा- विजयपुर के स्टार प्रचारकों की सूची में सिंधिया का नाम था। सीएम डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और संगठन महामंत्री ने उन्हें विजयपुर में आने के लिए आग्रह किया था। सिंधिया ने अपनी व्यस्तता के चलते नहीं आ पाने की बात कही थी। ऐसा नहीं है कि उनको नहीं बुलाया गया था। उनको आमंत्रित किया गया था। कांग्रेस का तंज- आ भी जाते तो फर्क नहीं पड़ता मामले को लेकर कांग्रेस ने सिंधिया पर तंज कसा है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा- कोई शादी होती तो पीले चावल दिए जाते। सिंधिया को पार्टी ने केंद्रीय मंत्री बनाया है, उन्हें प्रचार के लिए जाना चाहिए था। वैसे विजयपुर कांग्रेस की परंपरागत सीट है, किसी के जाने या नहीं जाने से फर्क नहीं पड़ता। सिंधिया चले भी जाते तो नतीजे नहीं बदलते। recent visitors 296

मध्यप्रदेश में अब पुलिस सिर्फ राज्यपाल को ही देगी सलामी, सीएम-मंत्रियों को नहीं

भोपाल मध्यप्रदेश में अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही परंपरा को खत्म करते हुए बड़ा फैसला लिया गया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री और मंत्रियों को पुलिस विभाग के जरिए दी जाने वाली सलामी परेड को हमेशा के लिए खत्म कर दिया गया है। पुलिस विभाग(MP Police) द्वारा जारी आदेश में लिखा गया है की, ‘सलामी अंग्रेजों की याद दिलाती है।’ बता दें कि पुलिस विभाग द्वारा जारी इस आदेश का कड़ाई से पालन करवाने के लिए भी फरमान जारी कर दिया गया है। खत्म हुई पुरानी परंपरा मध्य प्रदेश(MP Police) में लंबे समय से पुलिस प्रदेश के सीएम और मंत्रियों के लिए सलामी परेड(MP Police will not Salute CM) करती आ रही थी। अब इस व्यवस्था को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया गया है। विशेष पुलिस महानिदेशक शैलेश सिंह की ओर से कहा गया है कि सलामी खत्म करने को लेकर जारी हुए इस आदेश का पूरी कड़ाई के साथ पालन कराया जाएगा। क्योंकि इसके तहत पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी पर खास प्रभाग पड़ता है। उन्होंने कहा कि, सलामी प्रथा से अंग्रेजों की याद आती है। इस तरह सलामी लेना असंवैधानिक है, जो उपनिवेशवाद को दर्शाता है। पुलिस विभाग एक अनुशासित विभाग है। इस विभाग में आदेश का उल्लंघन करना गलत प्रभाव डालता है। सिर्फ राज्यपाल को दी जाएगी सलामी बता दें कि जारी आदेश में सलामी परेड की व्यवस्था को सिर्फ सीएम और मंत्रियों के लिए खत्म कर किया गया है। वहीँ प्रदेश के राज्यपाल के लिए यह परंपरा पहले की तरह ही चलती रहेगी। recent visitors 75

एक बार मुस्कान ने फिर रचा इतिहास, अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी पर फहराया तिरंगा

अशोकनगर मध्यप्रदेश की बेटियां अक्सर देश-दुनिया में राज्य का नाम रोशन करती हैं। इनमें एक नाम मुस्कान रघुवंशी का भी है। अशोकनगर की मुस्कान रघुवंशी ने इस बार अपने नाम एक और रिकॉर्ड दर्ज किया है। अपने साहस और संकल्प के दम पर इतिहास रचने वाली मुस्कान ने अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारों पर तिरंगा फहरा दिया है। एमपी और देश भर को गौरवान्वित करने वाली मुस्कान को बधाई देने वालों का तांता लग गया। खेलों के साथ- साथ युवा प्रतिभाओं के प्रोत्साहन और विकास के लिए हमेशा बढ़- चढ़कर कार्य करने वाले केन्द्रीय मंत्री और गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की मदद से एक और प्रतिभा इन दिनों देश और दुनिया में मध्यप्रदेश का नाम रोशन कर रही है। अशोकनगर की बेटी मुस्कान रघुवंशी ने इस बार अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारो पर तिरंगा लहराकर पूरी दुनिया में देश और प्रदेश का मान बढ़ाया है। मुस्कान इस दोहरी सफलता का रिकॉर्ड अपने नाम करने वाली मध्यप्रदेश की सबसे कम उम्र की पर्वतारोही बना चुकी हैं। इस अभियान को सफल बनाने में ‘मिशन पॉसिबल’ संस्था के नेतृत्वकर्ता नरेन्द्र यादव ने भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जिनके मार्गदर्शन की बदौलत मुस्कान ने इतनी बड़ी कामयाबी हासिल की है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने भी मुस्कान को उसकी सफलता के लिए बधाई दी है। इस संदर्भ की एक पोस्ट उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर की है। इस पोस्ट पर मंत्री ने लिखा है कि ‘अशोकनगर की बेटी मुस्कान रघुवंशी ने अपनी साहस और संकल्प से एक और इतिहास रच दिया है। ऑस्ट्रेलिया की सबसे ऊंची चोटी कोज़िअस्को को फतह करने के बाद, अब अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारो पर तिरंगा फहराकर उन्होंने प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाया है।’     अशोकनगर की बेटी मुस्कान रघुवंशी ने अपनी साहस और संकल्प से एक और इतिहास रच दिया है। ऑस्ट्रेलिया की सबसे ऊंची चोटी कोज़िअस्को को फतह करने के बाद, अब अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारो पर तिरंगा फहराकर उन्होंने प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाया है। मुस्कान ने अपनी दोहरी सफलता से प्रदेश की सबसे कम उम्र की पर्वतारोही बनने का गौरव प्राप्त किया है। आपकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर समस्त प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं। हम आपके उज्ज्वल भविष्य और निरंतर प्रगति की कामना करते हैं।’ एमपी की सबसे कम उम्र की पर्वतारोही बता दें कि मुस्कान ने ये चुनौतीपूर्ण अभियान 23 नवंबर को शुरू किया था, जो 10 दिन में पूरा हो गया। इससे पहले मुस्कान ने ऑस्ट्रेलिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट कोसियुस्को पर भी फतेह हासिल कर तिरंगा फहराया था। बता दें कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुस्कान रघुवंशी के सपनों को पंख दिए हैं और वही उनकी इस यात्रा में मददगार भी रहे। मुस्कान रघुवंशी मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले के महाना गांव की रहने वाली हैं। केवल 22 साल की मुस्कान एक साइकिलिस्ट और पर्वतारोही भी हैं। उन्होंने कई राष्ट्रीय पुरस्कार भी जीते हैं। सबसे कम उम्र की पर्वतारोही मुस्कान का दुनिया के सातों महाद्वीपों की यात्रा करने के सपने देखती हैं और उन्हें पूरा करना चाहती हैं। recent visitors 165

Weather update : एमपी वालों होसियार सावधान इस बार दिसंबर में पड़ेगी कड़ाके की ठंड 

Weather update: People of MP be careful, this time there will be severe cold in December  भोपाल। इन्हीं 40 दिन में 20 से 22 दिन कोल्ड वेव यानी सर्द हवाओं की भी स्थिति रह सकती है। सबसे ज्यादा सर्दी उज्जैन, ग्वालियर-चंबल संभाग में रहेगी। वजह यहां बर्फीली हवाओं का सीधे आना है। दूसरे पखवाड़े में ही मावठा यानी बारिश भी हो सकती है। नवंबर में सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। भोपाल में तो 36 साल का रिकॉर्ड टूटा है। इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर में भी पारा सामान्य से 7 डिग्री तक नीचे रहा लेकिन कड़ाके की ठंड दिसंबर में ही पड़ेगी। इस बार ग्वालियर, उज्जैन और चंबल संभाग सबसे ज्यादा ठिठुरेंगे। यहां कोल्ड वेव यानी सर्द हवाएं भी चलेंगी। दिसंबर में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं  मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से दिसंबर में मावठा भी गिरता है। इससे दिन में भी सर्दी का असर बढ़ जाता है। recent visitors 146