मध्यप्रदेश को वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर एक नए केंद्र के रूप में स्थापित करेगा : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जर्मनी यात्रा ने प्रदेश के औद्योगिक विकास को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। गुरूवार को डॉ. यादव ने निवेशकों से मिलने के बाद एसीईडीएस को भोपाल में भूमि आवंटित की। यह निर्णय मध्यप्रदेश को वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर एक नए केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। भोपाल को मिलेगा वैश्विक औद्योगिक केंद्र का दर्जा भोपाल के अचारपुरा में जर्मन कंपनी एसीईडीएस लिमिटेड को 27,200 वर्गमीटर (6.72 एकड़) जमीन आवंटित की गई है। इस समझौते के तहत कंपनी ने भोपाल में अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए 100 करोड़ रूपये से ज्यादा का प्रस्ताव दिया है। इस कम्पनी की स्थापना से सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलेगा। इस उद्योग की स्थापना से एक्स-रे मशीन निर्माण एवं अन्य उपकरण, सौर ऊर्जा पॉवर प्लांट सहित नैनो इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में कार्य किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस यात्रा ने प्रमाणित कर दिया है कि मध्यप्रदेश में निवेशकों के लिए अब ऐसा माहौल तैयार हो चुका है, जहां व्यापार को बढ़ावा देने के साथ-साथ उन्हें हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है। उनकी दूरदर्शी सोच और निवेशकों के प्रति सकारात्मक रवैया ने ही जर्मन कंपनी को प्रदेश में अपने विस्तार की प्रेरणा दी है। भोपाल में जर्मन कंपनी एसीईडीएस को भूमि आवंटन मात्र एक शुरुआत है। यह साझेदारी न केवल औद्योगिक विकास की एक नई लहर लाएगी, बल्कि इसे प्रदेश के समग्र विकास के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस ऐतिहासिक यात्रा ने यह भी प्रमाणित कर दिया है कि मध्यप्रदेश न केवल भारत बल्कि वैश्विक निवेश का अगला प्रमुख केंद्र बनने की पूरी क्षमता रखता है।   recent visitors 72

पॉर्नोग्राफी मामले में फिर बढ़ीं शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा की मुश्किलें, घर और दफ्तर में ED की छापेमारी

मुंबई ईडी ने शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा के घर और ऑफिसों पर छापेमारी की है। मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए अश्लील कंटेंट बनाने और इसे बेचने से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में ED ने कपल के घर पर छापेमारी की है। ईडी की जांच 2021 के मुंबई पुलिस मामले पर आधारित है। राज कुंद्रा को इससे पहले जुलाई 2021 में मुंबई क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया था। बाद में अदालत ने उन्हें जमानत दे दी। राज कुंद्रा ने मामले में अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया था। इस साल की शुरुआत में राज कुंद्रा ईडी के जाल में फंस गए थे, जब मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत मुंबई के जुहू में एक फ्लैट, पुणे में एक बंगला और 98 करोड़ रुपये के इक्विटी शेयरों सहित उनकी संपत्ति जब्त कर ली गई थी। कब शुरू हुई कानूनी परेशानी! दोनों की ये कानूनी परेशानी 2018 में ईडी की शुरू की गई जांच के बाद आई, जब उन्होंने पोंजी स्कीम में शामिल होने के लिए अमित भारद्वाज की जांच शुरू की। जबकि शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा को शुरू में संदिग्धों के तौर पर देखा जा रहा था। राज और शिल्पा दोनों ने अपनी बेगुनाही बरकरार रखते हुए दावा किया कि उन्होंने ईडी की जांच में पूरा सहयोग किया है। राज ने कई सम्मनों में भाग लिया और शिल्पा ने भी सभी पेपर दिखाए। पति-पत्नी ने दी चुनौती बाद में, राज और शिल्पा ने अपनी प्रॉपर्टीज को खाली करने के लिए ईडी के नोटिस को चुनौती दी, जिसमें जुहू में उनका मुंबई का घर और पुणे के पास एक फार्महाउस भी शामिल था। बॉम्बे हाईकोर्ट ने बेदखली आदेश पर रोक लगाकर उन्हें अंतरिम राहत दी थी। कब गिरफ्तार हुए राज कुंद्रा? राज कुंद्रा को जुलाई 2021 में मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया था जब चार महिलाओं ने शिकायत की थी कि एक वेब सीरीज में एक्टिंग का काम देने का वादा करने के बाद उन्हें अश्लील कंटेंट शूट करने के लिए मजबूर किया गया था। उन्हें सितंबर में आर्थर जेल से रिहा किया गया था। recent visitors 86

संभल जामा मस्जिद की सर्वे रिपोर्ट तैयार नहीं! अब 8 जनवरी को सुनवाई करेगा कोर्ट

संभल  उत्तर प्रदेश के संभल में हलचल काफी गरम है। संभल कोर्ट में जामा मस्जिद सर्वे रिपोर्ट पेश की जानी थी, लेकिन कोर्ट कमिश्नर के अनुरोध पर सुनवाई को आगे टाल दिया गया। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 8 जनवरी की तिथि निर्धारित की है। 19 नवंबर को संभल कोर्ट ने शाही जामा मस्जिद-हरिहर मंदिर मामले में कोर्ट कमिश्नर की अगुआई में जांच का आदेश दिया था। कोर्ट कमिश्नर के नेतृत्व में वकीलों की टीम ने मस्जिद का सर्वे किया। 1875 में शाही जामा मस्जिद का निर्माण कराया गया है। इस सर्वे में गणेश जी प्रतिमा का जिक्र किया गया था। टीले पर बनी इमारत को लेकर दावे किए गए थे। अब इसी रिपोर्ट के आधार पर हिंदू पक्ष मंदिर पर मस्जिद होने का दावा कर रहा है। हालांकि, अब कोर्ट कमिश्नर का बयान सामने आया है कि आज वे रिपोर्ट पेश नहीं करेंगे। 8 जनवरी को अब अगली सुनवाई शाही जामा मस्जिद सर्वे के मामले में अब अगली सुनवाई 8 जनवरी को होगी। चंदौसी कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष की ओर से कई सवाल किए गए। मुस्लिम पक्ष ने हिंदू पक्ष से शाही जामा मस्जिद के हरिहर मंदिर बताने के किए जा रहे दावों का साक्ष्य पेश किया जाए। मुस्लिम पक्ष ने कोर्ट की सुनवाई के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि अब आगे सर्वे नहीं होगा। संभल में हिंसा के कारण सर्वे रिपोर्ट तैयार नहीं हो सकी। मुस्लिम पक्ष के वकील ने दावा किया कि शाही जामा मस्जिद का अब दोबारा सर्वे नहीं होगा। आगे सर्वे लिए कोर्ट से इजाजत लेनी होगी। वहीं, कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष से भी मस्जिद को लेकर कागजात की मांग की गई है। वहीं, कोर्ट कमिश्नर रमेश राघव ने कहा कि हिंसा के कारण रिपोर्ट तैयार नहीं हो सकी। इस कारण 10 दिन और समय की मांग की गई। रिपोर्ट के लिए मांगेंगे समय संभल कोर्ट कमिश्नर रमेश राघव ने कहा कि चंदौसी कोर्ट में शाही जामा मस्जिद सर्वे की रिपोर्ट पेश नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि हम कोर्ट से 10 दिनों का समय मांगा जाएगा। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट पूरी करने के बाद ही इसे जमा कराया जाएगा। 19 नवंबर को कोर्ट के आदेश के बाद कमिश्नर टीम ने शाही जामा मस्जिद का जायजा लिया था। 2 घंटे जांच की थी। इसके बाद रविवार 24 नवंबर को सर्वे किया गया। इस दौरान संभल में बवाल मच गया। अब कोर्ट कमिश्नर को अपनी रिपोर्ट पेश करनी है। एएसआई के वकील पहुंचे कोर्ट एएसआई के वकील विष्णु गुप्ता संभल जिला कोर्ट पहुंच गए हैं। संभल से आ रही जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को कोर्ट में केवल जामा मस्जिद सर्वे के मुद्दे पर सुनवाई होनी है। इसके अलावा कोई कार्य नहीं होना है। सर्वे रिपोर्ट पेश किए जाने के बीच बढ़ी हलचल के बीच संभल डीएम और एसपी भी कोर्ट पहुंचे हैं। यह भी दावा किया जा रहा है कि आज रिपोर्ट को कोर्ट में पेश नहीं किया जा सकता है। 1875 के सर्वे रिपोर्ट में क्या? यूपी के संभल स्थित शाही जामा मस्जिद के 1875 सर्वे की रिपोर्ट सामने आई है। इसके तहत दावा किया जा रहा है कि मंदिर को तोड़कर मस्जिद का निर्माण किया गया था। सर्वे रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मंदिर के चारों तरफ भगवान की आकृतियां दिखाई दी। वहां पर एक गणेश जी की प्रतिमा का जिक्र किया गया है, जिसको नष्ट करने का प्रयास किया गया था। recent visitors 78

घंटेभर से बाथरूम में थी नई नवेली दुल्‍हन, बंद था दरवाजा; घरवालों ने खोलकर देखा तो रह गए दंग

बरेली  विवाह के पांच दिन बाद विवाहिता की मृत्यु हो गई। स्वजन के अनुसार नहाते वक्त बाथरुम में गैस गीजर फटने से मृत्यु हुई। पुलिस ने मौत का कारण जानने को शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। बुलंदशहर के गांव काले का नगला निवासी सूरजपाल की बेटी दामिनी का विवाह 22 नवंबर को भोजीपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम पीपलसाना निवासी जसवंत सिंह यादव के बेटे दीपक यादव के साथ हुआ था। ससुराल वालों के अनुसार, बुधवार की सुबह दामिनी नहाने के लिए बाथरूम गई थी, लेकिन एक घंटे बाद तक बाहर नहीं निकली। बाथरूम में बेसुध पड़ी थी दाम‍िनी इस पर उन्होंने बाथरूम का दरवाजा तोड़ दिया। बाथरूम के अंदर देखा तो दामिनी बेसुध पड़ी थी। स्वजन उसे उपचार को एसआरएमएस ले गए, जहां डॉक्‍टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। जसवंत सिंह यादव ने बताया कि उनका बेटा दीपक केंद्रीय मंत्रालय दिल्ली में नौकरी करता है। थाना प्रभारी प्रवीण सोलंकी ने बताया कि दोनों पक्षों के स्वजन ने बताया कि गैस गीजर फटने से दामिनी की मृत्यु हुई है, लेकिन मौत के सही कारणों का पता करने को शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। ममेरी बहन की शादी में आ रहे युवक की हादसे में मौत, पत्नी घायल उधर, रामपुर में ममेरी बहन की शादी में दिल्ली से पत्नी के साथ आ रहे युवक की सड़क हादसे में मौत हो गई, जबकि पत्नी घायल हो गई। हादसे से मृतक के घर पर मातम छा गया। थाना पटवाई के रहटगंज गांव निवासी हरकिशोर दिल्ली में रहकर मजदूरी करते थे। पिछले साल 28 नवंबर को दिल्ली के संगम विहार की नीलू से शादी हुई थी। वह पत्नी के साथ दिल्ली में ही रह रहा था। ममेरी बहन की शादी है। शादी में शामिल होने वह ट्रेन से पत्नी के साथ तड़के रामपुर रेलवे स्टेशन पहुंचा। ज्वालानगर तक दोनों पैदल गए और वहां से अपने गांव जाने के लिए पिकअप में बैठ गए। अजीतपुर में एआरटीओ कार्यालय के पास तेज रफ्तार डंपर ने पिकअप को टक्कर मार दी, जिससे दंपति झटका लगने से नीचे गिर गए। डंपर का पहिया हरकिशोर के ऊपर से गुजर गया, जिससे मौत हो गई। पत्नी घायल हो गई। हादसे के बाद चालक डंपर लेकर फरार हो गया। खुशी वाले घर में पसरा मातम सिविल लाइंस पुलिस पहुंच गई। घायल महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जानकारी मिलने पर मृतक के स्वजन आ गए। पिता कृष्णपाल ने बताया कि दोनों ममेरी बहन की शादी में शामिल होने आए थे। इसके बाद घर पर सब मिलकर उनकी शादी की सालगिरह मनाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन यह हादसा हो गया। recent visitors 78

एमपी गजब : पत्नी सेवा पर जनसेवा पड़ी भारी थाना प्रभारी निलंबित

MP Amazing: Public service outweighs wife’s service; police station in-charge suspended मुरैना ! जिले के एक थाना प्रभारी को बिना अनुमति पत्नी को शॉपिंग करना भारी पड़ गया. दरहअल, जिस मॉल में थाना प्रभारी शॉपिंग कर रहे थे. उसी मॉल में पुलिस अधीक्षक भी पहुंच गए. जैसे ही दोनों का आमना-सामना हुआ तो थाना प्रभारी ने डिसिप्लिन फॉलो करते हुए एसपी को सैल्यूट किया. इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने पूछ लिया कि वह किसके आदेश से यहां आए हैं. थाना प्रभारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, तो एसपी साहब ने उन्हें निलंबित कर दिया. थाना छोड़ शॉपिंग करने मॉल पहुंचे टीआई recent visitors 322

धीरेंद्र शास्त्री की सनातन हिन्दू एकता पदयात्रा आज खत्म होगी, ओरछा आखिरी पड़ाव

ओरछा बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता पदयात्रा का आज नौवां और अंतिम दिन है. पदयात्रा आज अपने तय समय से 2 घंटे पहले सुबह करीब 7 बजे हजारों भक्तों के साथ ओरछाधाम की ओर प्रस्थान करेगी. जानकारी के अनुसार, सनातन हिंदू एकता पदयात्रा सुबह करीब साढ़े दस बजे से साढ़े ग्यारह बजे के बीच ओरछा पहुंचेगी. यात्रा के ओरछा पहुंचने पर सबसे पहले साधु संत और अन्य अतिथियों के उद्बोधन होंगे. इसके बाद हजारों सनातन भक्त एक साथ सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे. हनुमान चालीसा के पाठ के बाद धीरेंद्र शास्त्री सभी श्रद्धालुओं के साथ भगवान राम के दर्शन करेंगे और इसके बाद बागेश्वर धाम के लिए निकल जाएंगे. जहां एक तरफ धीरेंद्र शास्त्री यात्रा में शामिल होने को लेकर हिंदूओं से अपील कर रहे थे. वहीं, अब आज यात्रा में शामिल ना होने की गुहार लगा रहे हैं. आइए जानते हैं पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को अब क्यों रोक रहें हैं? जानिए क्या है पूरा मामला बताते चले कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता पदयात्रा 21 नवंबर को छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम से शुरू हुई थी. इस यात्रा में उन्होंने जात-पात से हटकर सभी हिंदुओं को साथ आने की अपील की थी. इसका असर भी देखने को मिल रहा है. पंडित धीरेंद्र शास्त्री की पदयात्रा जिस रास्ते से होकर गुजर रही है, वहां बड़ी संख्या में हिंदू शामिल हो रहे हैं. यही नहीं पंडित धीरेंद्र शास्त्री की इस पदयात्रा बड़े-बड़े नेता-राजनेता भी शामिल होने पहुंच रहे हैं. आज यानी 29 नवंबर को यात्रा का आखिरी दिन है. पदयात्रा का आखिरी दिन होने के चलते भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है. रामराजा सरकार की नगरी ओरछा जहां यात्रा का समापन होना है, वहां एक दिन पहले से ही बड़ी संख्या में हिंदू एकत्रित हो गए हैं. भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन और पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने अब लोगों को इस यात्रा में शामिल ना होने की अपील की है. जानिए क्या बोले धीरेंद्र शास्त्री  पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने वीडियो जारी करते हुए कहा कि यात्रा में पहले से ही लाखों की संख्या में समर्थक मौजूद हैं, यात्रा में अब और जो लोग यात्रा में आना चाहते है, जो जहां हैं वहीं, रुक जाएं. यात्रा में शामिल ना हों… आप सभी लाइव के माध्यम से इस यात्रा में शामिल हो जाएं. बढ़ते भीड़ को देखते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने वीडियो जारी कर यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं को आने से रोकने की अपील की है.  'यह हिंदुओं की जागृति का उबाल है' अपनी इस यात्रा का शुरू करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हिंदुओं पर अत्याचार हो रहा है और इसे रोकने के लिए सड़क पर उतरने की जरूरत है. ये बजरंगबली के भक्तों की भक्ति का उबाल है, यह हिंदुओं की जागृति का उबाल है. हमें बजरंगबली की कृपा पर भरोसा है. आज हमें हिंदुओं पर भी भरोसा बढ़ रहा है जब एक आवाज में हिंदू एक दिन धर्म विरोधियों के खिलाफ सड़कों पर उतर जाएंगे तो उसी दिन इस देश में हिंदुओं पर होने वाला अत्याचार बंद हो जाएगा. ऐसा है यात्रा का रूट बागेश्वरधाम से शुरू हुई ये यात्रा पहले दिन 15 किलोमीटर का सफर पूरा कर कदारी पहुंची. इसके बाद दूसरे दिन 17 किलोमीटर का सफर पूरा  कर छतरपुर के पेप्टेक टाउन पहुंची थी. तीसरे दिन यात्रा 21 किलोमीटर का सफर पूरा कर नौगांव पहुंची. चौथे दिन यात्रा 22 किलोमीटर की दूरी तय कर देवरी रेस्ट हाउस पहुंची. पांचवें दिन यात्रा 22 किलोमीटर का सफर तय कर मऊरानीपुर पहुंची. यहां से पदयात्रा 17 किलोमीटर का सफर तय कर घुघसी पहुंचेगी. सातवें दिन यात्रा 17 किलोमीटर का सफर पूरा कर निवाड़ी पहुंची थी. यहां से ये यात्रा 15.5 किलोमीटर की दूरी तय कर ओरछा तिगैछा पहुंची. यहां रात में विश्राम करने के बाद पदयात्रा ओरछाधाम पहुंचेगी, जहां सभी श्रद्धालु राजाराम मंदिर में दर्शन करेंगे. जिसके बाद ये पदयात्रा संपन्न होगी. 9 दिन में 160 किसी की यात्रा धीरेंद्र शास्त्री 'हिंदू एकता' के लिए 21 नवंबर से सनातन हिंदू एकता पदयात्रा शुरू की थी जो कि 29 नवंबर यानी शुक्रवार को पूरी होगी. वह 9 दिनों में बागेश्वर धाम से ओरछा तक 160 किमी की दूरी तय करेंगे. इस यात्रा के लिए कुल आठ पड़ाव बनाए गए थे. धीरेंद्र शास्त्री का कहना है कि हिंदुओं को एकजुट करने और सनातन धर्म का प्रचार करने के लिए वो ये पदयात्रा निकाल रहे हैं. इस यात्रा में बाबा बागेश्वर के साथ हजारों भक्त भी चलेंगे. इस दौरान वह रोजाना 20 किमी पैदल चलेंगे. कई हस्तियों ने पदयात्रा में लिया भाग 21 नवंबर से शुरू हुई बाबा की इस यात्रा में अभिनेता संजय दत्त और द ग्रेट खली भी शामिल हो चुके हैं. इसके अलावा कई नेताओं ने भी उनकी इस यात्रा को समर्थन दिया है, जिनमें बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, बीजेपी विधायक राजेश्वर शर्मा और कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह भी शामिल हैं. वहीं, यात्रा के दूसरे दिन छतरपुर में धीरेंद्र शास्त्री ने एक सभा को भी संबोधित किया था. जिसमें हैदराबाद की गोशामहल विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक टी राजा ने भी भाग लिया था.   recent visitors 79

पहली बार PM PM के सुरक्षा घेरे में दिखी महिला SPG कमांडर, वायरल हो रही तस्वीर

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में कथित तौर पर शामिल एक महिला एसपीजी (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप) कमांडो की तस्वीर इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। इस तस्वीर ने ऑनलाइन बहस को जन्म दे दिया है। जहां कुछ लोगों ने दावा किया कि यह पहली बार है जब किसी महिला कमांडो को प्रधानमंत्री की सुरक्षा में देखा गया है। वहीं, अन्य ने बताया कि यह महिला कमांडो पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सुरक्षा में भी देखी जा चुकी हैं। तस्वीर शेयर कर रहे भाजपा सांसद कई भाजपा सांसद इस तस्वीर को शेयर कर रहे हैं। मंडी से सांसद कंगना रनौत ने भी इसे अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किया है।केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रधानमंत्री की सुरक्षा में तैनात महिला SPG कमांडो की तस्वीर शेयर करते हुए उनकी बहादुरी और प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने लिखा, "भारत की शान, नारी शक्ति की पहचान! SPG में ड्यूटी पर तैनात हमारी साहसी महिला सुरक्षा अधिकारी देश की सेवा और सुरक्षा में नया मानदंड स्थापित कर रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नारी शक्ति हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही है। यह नया भारत है, जहां महिलाएं आत्मनिर्भरता और ताकत की मिसाल बन रही हैं।” चिक्काबल्लापुरा से भाजपा के लोकसभा सांसद डॉक्टर के सुधाकर ने भी यही तस्वीर शेयर की है। उन्होंने लिखा, "प्रधानमंत्री की एसपीजी में महिला कमांडो! अग्निवीर से लेकर लड़ाकू पायलट तक, लड़ाकू पदों से लेकर प्रधानमंत्री की एसपीजी में कमांडो तक, सशस्त्र बलों में महिलाओं की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और महिलाएं आगे बढ़कर नेतृत्व कर रही हैं। महिलाओं को और अधिक शक्ति मिले। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को धन्यवाद।" पहले भी देखी जा चुकी हैं महिला SPG कमांडो इसके अलावा, कई अन्य लोगों ने भी सोशल मीडिया पर इस तस्वीर को शेयर करते हुए दावा किया है कि ऐसा पहली बार है जब पीएम की सुरक्षा में कोई महिला SPG कमांडो तैनात है। ऐसा ही दावा सात साल पहले भी किया गया था जब एक वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा में एक महिला कमांडो को देखा गया था। यानी ये साफ है कि महिला SPG कमांडे पहले भी पीएम मोदी के सुरक्षा घेरे में देखी जा चुकी हैं। जानकारी के अनुसार, एसपीजी ने 2013 से महिला कमांडो को अपने दस्ते में शामिल करना शुरू किया था, जिससे महिलाओं को प्रधानमंत्री की सुरक्षा में भागीदारी का अवसर मिला। कथित तौर पर यह तस्वीर संसद की है, जहां महिला एसपीजी कमांडो तैनात हैं। इन कमांडो को आम तौर पर महिला विजिटर्स की तलाशी लेने के लिए गेट पर तैनात किया जाता है और वे परिसर में प्रवेश करने या बाहर निकलने वाले लोगों की निगरानी करने में भी शामिल होती हैं। इसके अलावा, जब कोई महिला अतिथि प्रधानमंत्री से मिलती है, तो महिला एसपीजी अधिकारी ही सुरक्षा जांच, एस्कॉर्टिंग और प्रधानमंत्री तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होती हैं। हालांकि जो तस्वीर वायरल हो रही है उसमें दिख रही महिला अधिकारी PM मोदी की सुरक्षा में नहीं राष्ट्रपति मुर्मू की सुरक्षा में तैनता थीं। बताया जा रहा है कि यह फोटो 26 नवंबर को उस वक्त की है जब राष्ट्रपति मुर्मू संसद को संबोधित करने जा रही थीं। 2015 से, महिलाओं को एसपीजी की क्लोज प्रोटेक्शन टीम (CPT) में भी शामिल किया गया है। यानी अब पीएम के सबसे करीबी सुरक्षा घेरे में भी महिला कमांडो तैनात होती हैं। प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं के दौरान, महिला एसपीजी कमांडो सुरक्षा दल का हिस्सा होती हैं। वर्तमान में, एसपीजी में कथित तौर पर करीब 100 महिला कमांडो हैं। पहली बार 2013 में महिला एसपीजी कमांडो को किसी उच्च-स्तरीय हस्ती की सुरक्षा में तैनात किया गया था। उस समय दो महिला कमांडो को तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पत्नी गुरशरण कौर की सुरक्षा करते देखा गया था। महिला कमांडो की उपस्थिति प्रधानमंत्री की सुरक्षा के प्रति एसपीजी की व्यापक सोच और समावेशी दृष्टिकोण को दर्शाती है। यह कदम न केवल महिलाओं को समान अवसर प्रदान करता है, बल्कि सुरक्षा क्षेत्र में उनकी बढ़ती भागीदारी को भी दर्शाता करता है। स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप क्या है? स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) भारत का एक बेहद खास और एलीट सुरक्षा बल है, जिसे देश के सर्वोच्च नेतृत्व की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गठित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री, उनके निकट परिजन, और पूर्व प्रधानमंत्रियों को संभावित खतरों से सुरक्षित रखना है। एसपीजी की स्थापना 1985 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद की गई थी। इसे संसद द्वारा 1988 में पारित एसपीजी अधिनियम के तहत कानूनी मान्यता दी गई। इस अधिनियम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि प्रधानमंत्री और उनके परिवार को किसी भी आतंकी, विदेशी या अन्य खतरों से अत्यंत सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जाए। एसपीजी के जवान भारतीय पुलिस सेवा (IPS), सशस्त्र बलों, और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) से चुने जाते हैं। चयनित कर्मियों को कठोर ट्रेनिंग और हाई फिजिकल एवं मानसिक फिटनेस के मानदंडों को पूरा करना होता है। एसपीजी कर्मियों को हथियार संचालन, मार्शल आर्ट्स, भीड़ नियंत्रण, ड्राइविंग, और खुफिया जानकारी जुटाने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। एसपीजी अत्याधुनिक हथियारों और संचार तकनीकों से लैस होता है। इसके अलावा, यह टीम बुलेटप्रूफ गाड़ियां, जैमर, और अन्य आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल करती है। एसपीजी की कार्यप्रणाली अत्यंत गोपनीय होती है। इसके अभियान और रणनीतियां सार्वजनिक नहीं की जातीं। 2019 में, केंद्र सरकार ने एसपीजी अधिनियम में संशोधन किया, जिसके तहत एसपीजी सुरक्षा अब केवल मौजूदा प्रधानमंत्री और उनके परिवार तक सीमित कर दी गई। पूर्व प्रधानमंत्रियों और उनके परिवार को यह सुरक्षा केवल पांच साल तक दी जाती है, वह भी विशेष परिस्थितियों में। सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं तस्वीर वायरल होने के बाद लोगों ने इसे लेकर अपनी राय व्यक्त की। कुछ ने इसे "नारी शक्ति" का उदाहरण बताया, तो कुछ ने महिलाओं की भागीदारी को देश के सुरक्षा तंत्र की प्रगतिशीलता का प्रतीक कहा। एसपीजी, जो प्रधानमंत्री और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करती है, देश के सबसे प्रतिष्ठित सुरक्षा दस्तों में से एक मानी जाती है। महिला कमांडो का इसमें योगदान भारत के सुरक्षा तंत्र में महिलाओं की भूमिका को और सशक्त करता है। recent visitors … Read more