कॉलेज प्रशासन ने छात्रो से सख्ती से कहा है कि या तो दाढ़ी ट्रिप करनी होगी या फिर क्लीन शेव करनी होगी

कर्नाटक कर्नाटक के एक कॉलेज में पढ़ने वाले जम्मू-कश्मीर के छात्रों ने आरोप लगाया है कि उनसे जबरन दाढ़ी कटवाई जा रही है। उनका कहना है कि कॉलेज प्रशासन ने सख्ती से कहा है कि या तो उन्हें दाढ़ी ट्रिप करनी होगी या फिर क्लीन शेव करनी होगी। हसन जिले के सरकारी नर्सिंग कॉलेज के छात्रों ने दावा किया है कि दाढ़ी कटवाए बिना क्लीनिकर एक्टिविटी में उन्हें अनुपस्थित कर दिया जाता है। छात्रों के मुताबिक यहां करीब 24 कश्मीरी छात्र हैं और उनसे कहा गया है कि वह या तो नंबर 1 पर दाढ़ी को ट्रिम करवा लें, या फिर क्लीन शेव कर लें। उन्होंने कहा कि दाढ़ी रखने की वजह से क्लास में उनकी अनुपस्थिति दर्ज हो जाती है और इसलिए उनका अकैडमिक रिकॉर्ड भी खराब हो रहा है। इस मामले को लेकर जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स असोसिएशन ने करन्टाक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को पत्र लिखा और उनसे दखलल की मांग की। पत्र में कहा गया कि इस तरह दाढ़ी कटवाने का दबाव बनाकर छात्रों के सांस्कृतिक और धार्मिक अधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है। इस पत्र में कहा गया. जानकारी के मुताबिक कॉलेज प्रशासन ने छात्रों को दाढ़ी कटवाने का आदेश दिया है। जिन स्टूडेंट्स की दाढ़ी हैं उनकी एब्सेंट लगा दी जाती है। ऐसे में उनकी शिक्षा प्रभावित हो रही है। कॉलेज प्रशासन ने कहा है कि वे किसी खास ग्रुप को टारगेट नहीं कर रहे हैं। कॉलेज के क्लीनिकल इन्सपेक्टर विजय कुमार ने कहा कि निर्देश सभी छात्रों के लिए जारी किए गए हैं। इसमें यहां के स्थानीय छात्र भी शामिल हैं। क्लीनिकल ड्यूटी के लिए हाइजीन मेनटेन रखना जरूरी है और इसलिए ये नियम बनाए गए थे। कॉलेज के बयान में कहा गया था, कॉलेज से निर्देशों के बावजूद छात्र उनका पालन नहीं कर रहे हैं। इस बार सख्त चेतावनी दी जा रही है। कॉलेज प्रशासन ने यह भी कहा कि कश्मीरी छात्र अकसर क्लास से गायब रहते हैं और धार्मिक प्रार्थनाओं में चले जाते हैं। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के निर्देशों के बाद कॉलेज प्रशासन ने कश्मीरी छात्रों के साथ बैठक की और फिर उन्हें धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चलने की छूट दे दी। recent visitors 67

कनाडा के रडार पर ISI एजेंट कियानी, भारत ने नहीं, पाकिस्तान ने कराई निज्जर की हत्या?

नई दिल्ली खालिस्तानी आतंकवादी हदीप सिंह निज्जर की हत्या की गुत्थी अभी सुलझी नहीं है। इस बीच एक बड़ी बात सामने निकलकर आई है। कनाडा भले ही इस हत्या का आरोप भारत की सरकार पर लगा रहा है, लेकिन इस केस में अब पाकिस्तान का एंगल भी सामने आ चुका है। तारीक कियानी और उनके साथी राहत राव, जो कि ISI एजेंट हैं, दोनों को रॉयल कनाडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) ने हदीप सिंह निज्जर की हत्या के संबंध में जांच के घेरे में लिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों ने बताया, "कनाडा में निज्जर के नजदीक जाना हर किसी के लिए संभव नहीं था। राव और कियानी कनाडा में ISI के दो प्रमुख एजेंट हैं। दोनों ही खुफिया एजेंसी के लिए सबसे अधिक सक्रिय हैं। दोनों ही उन आतंकवादियों को भी हैंडल कर रहे हैं जो भारत से कनाडा आए हैं।" पाकिस्तान ने कराई थी हत्या? सूत्रों के अनुसार, कियानी और राव को निज्जर की हत्या का आदेश दिया गया था ताकि ड्रग व्यापार को सीधे उनके द्वारा नियंत्रित किया जा सके। सूत्र ने कहा, "निज्जर समय के साथ शक्तिशाली हो रहा था और कनाडाई समुदाय में उसकी लोकप्रियता बढ़ रही थी। राव, कियानी और पन्नू को शायद इस व्यापार को नियंत्रित करने का काम दिया गया था। यह उनका मुख्य आय स्रोत था। निज्जर का पाकिस्तान के नेताओं से संबंध ISI के लिए एक समस्या बन गया था। इसलिए, शायद व्यापार को फिर से कंट्रोल करने के लिए उन्होंने निज्जर को पहला निशाना बनाया।" कियानी और राव की गतिविधियां अब कनाडा के खुफिया अधिकारियों के लिए गंभीर चिंता का कारण बन चुकी हैं। ये दोनों कथित रूप से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए काम कर रहे हैं और कनाडा में खालिस्तानी समर्थकों और आतंकवादियों को संरक्षण प्रदान कर रहे हैं। कनाडा में हुई हिंसा के लिए हिंदुओं को ठहराया दोषी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के एजेंट और रिपब्लिक प्लस टीवी के मालिक तारीक कियानी ने कनाडा में दीवाली से पहले हुई हिंसा का बचाव किया है। कियानी ने 3 नवंबर को हुई हिंसा के लिए हिंदुओं को जिम्मेदार ठहराया और दावा किया कि सिख शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन हिंदुओं ने ही हालात को बिगाड़ा। इस घटना से जुड़ी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थीं। कियानी ने एक 30 मिनट लंबी वीडियो में यह दावा किया कि हिंसा में सिखों का कोई हाथ नहीं था और यह सब हिंदुओं के कारण हुआ। उन्होंने कहा, "सिखों का प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन हिंदुओं ने झड़प शुरू की।" एक वीडियो में कियानी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ भी बयान दिए। सूत्रों ने कहा, "उनका टीवी शो भारत की घरेलू राजनीति में दखल दे रहा है। वह कश्मीर से कन्याकुमारी तक के मुद्दों पर बोलते हैं। यह अनुचित है कि वह एक सत्तारूढ़ सरकार को अपराधी कह रहे हैं। वह गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का बचाव भी कर रहे हैं और साफ तौर पर कनाडा में उनकी मौजूदगी को नकार रहे हैं।" recent visitors 91

कनाडा में मंदिर पर हमले का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, हमले का मास्टरमाइंड है आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू का करीबी है

कनाडा कनाडा में मंदिर पर हमला करने के मामले में चौथे आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान ब्राम्पटन के 35 वर्षीय इंदरजीत गोसाल के रूप में हुई है। वह मंदिर पर हमले का मास्टरमाइंड है और खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू का करीबी है। ग्रेटर टोरंटो में हिंदू मंदिर पर हमले का प्लान इंदरजीत ने ही तैयार किया था। गिरफ्तारी के बाद उसे कोर्ट में हाजिर होने का निर्देश देकर छोड़ भी दिया गया। इससे पहले पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इंदरजीत गोसाल सिख फॉर जस्टिस के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू का दाहिना हाथ है। हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद वही रेफरेंडम से जुड़े काम को देख रहा है। पुलिस ने बताया, गोसाल को 8 नवंबर को गिरफ्तार किया गया है। उसे जमानत पर छोड़ दिया गया है और कहा गया कि तय तारीख पर कोर्ट में हाजिर होना है। बता दें कि 4 नवंबर को खालिस्तानियों ने कनाडा में कई मंदिरों को निशाना बनाया था। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इन हमलों की निंदा करते हुए कनाडा को कड़ा संदेश दिया था। कनाडा में हिंदुओं पर इस तरह के हमले को लेकर दुनिया के कई देशों ने निंदा की थी। पुलिस ने कहा, घटना की जांच के लिए एक विशेष दल बनाया गया है और इसकी जांच की जा रही है। हमलों के आरोपियों के पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। कनाडा के सांसद चंद्र आर्य ने देश के कुछ नेताओं पर हिंदुओं और सिखों को “जानबूझकर एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करने” की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि कनाडाई मूल के हिंदू और सिख एक तरफ हैं और खालिस्तानी दूसरी तरफ। आर्य की यह टिप्पणी ब्रैम्पटन के एक मंदिर में हिंदुओं पर हमले की घटना के कुछ दिन बाद आई है। आर्य ने कहा कि कनाडा के कई नेता ब्रैम्पटन की घटना को कनाडाई मूल के हिंदुओं और सिखों के बीच संघर्ष के रूप में चित्रित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं के जानबूझकर किए गए कृत्यों और खालिस्तानियों के प्रभाव के कारण कनाडा के लोग अब खालिस्तानियों और सिखों को एक जैसा समझने लगे हैं। खालिस्तानी झंडे लिए प्रदर्शनकारियों की गत तीन नवंबर को ओंटारियो के ग्रेटर टोरंटो क्षेत्र के ब्रैम्पटन शहर में स्थित हिंदू सभा मंदिर में लोगों के साथ झड़प हुई थी। प्रदर्शनकारियों ने मंदिर अधिकारियों और भारतीय वाणिज्य दूतावास द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बाधा डाली थी। ओंटारियो के नेपियन क्षेत्र से सांसद आर्य ने शुक्रवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “कुछ नेता जानबूझकर इस हमले के लिए खालिस्तानियों को जिम्मेदार ठहराने और उनका जिक्र करने से बच रहे हैं। वे अन्य तत्वों पर दोष मढ़ रहे हैं। वे इसे हिंदुओं और सिखों के बीच एक मुद्दे के रूप में पेश करके कनाडा के लोगों को गुमराह कर रहे हैं।” आर्य ने कहा, “खालिस्तानी चरमपंथियों द्वारा मंदिर पर किए गए हमले को लेकर नेता हिंदुओं और सिखों को इस तरह से चित्रित कर रहे हैं कि वे एक-दूसरे के खिलाफ हैं। जबकि, यह सच्ची तस्वीर नहीं है। हकीकत में हिंदू-कनाडाई और सिख-कनाडाई एक तरफ हैं और खालिस्तानी दूसरी तरफ।”  recent visitors 70

आयुष्मान धारक मरीज नहीं जायेगे निजी अस्पताल, सरकारी अस्पतालों में निजी डॉक्टर्स करेंगे इलाज

भोपाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर जिला अस्पताल तक में आयुष्मान योजना के अंतर्गत आने वाले अधिकतर रोगियों का उपचार अब वहीं पर हो जाएगा। उन्हें मेडिकल कालेज या दूसरे बड़े अस्पताल में रेफर करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इसके लिए राज्य सरकार नीति बना रही है, जिसमें किसी विशेषज्ञता के डाक्टर नहीं होने पर निजी डाक्टर को बुलाया जा सकेगा। अभी यह सुविधा मात्र भर्ती होने वाले मरीजों को मिल पाएगी। बाद में ओपीडी मरीजों के लिए भी इसका विस्तार किया जा सकता है। निजी डाक्टरों को उपचार के बदले प्रति विजिट के हिसाब से राशि दी जाएगी। यह राशि आयुष्मान भारत योजना के पैकेज से उपलब्ध कराई जाएगी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सिविल अस्पताल और जिला अस्पतालों के रोगियों को इसका लाभ मिल सकेगा। प्रदेश की लगभग 75 प्रतिशत जनसंख्या आयुष्मान योजना की परिधि में है, जिन्हें इसका लाभ मिल सकेगा। अस्पतालों में विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी बता दें कि प्रदेश में आधे से अधिक सिविल अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सभी विषय के विशेषज्ञ नहीं है। ऐसे में मरीज को भर्ती ही नहीं किया जाता। उदाहरण के तौर पर हड्डी का डॉक्टर है, लेकिन एनेस्थीसिया का नहीं है तो सर्जरी नहीं हो सकती। अब एनेस्थीसिया का निजी विशेषज्ञ बुलाया जा सकेगा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पांच तरह के विशेषज्ञ होने चाहिए। कई पद हैं रिक्त मेडिसिन, सर्जरी, स्त्री एवं प्रसूति रोग, शिशु रोग और एनेस्थीसिया के विशेषज्ञ मिलाकर कुल 826 पद हैं। इनमें 400 से अधिक रिक्त हैं। सर्जरी के साथ ही कई बीमारियों में एक साथ दो से तीन विषय के विशेषज्ञों की आवश्यकता होती है, पर एक के भी नहीं होने से मरीज को रेफर करना पड़ जाता है। एक सर्जरी के लिए कई तरह के विशेषज्ञ डाक्टरों की आवश्यकता सभी सीएचसी में सीजर डिलीवरी की सुविधा होनी चाहिए। इसके लिए स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ होना जरूरी है। किसी एक के भी नहीं होने से सीजर डिलीवरी नहीं हो पाती। स्थिति यह है कि 52 जिला अस्पताल, 161 सिविल अस्पताल और 348 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मिलाकर 140 अस्पतालों में ही सीजर डिलीवरी की सुविधा है। देशभर में मप्र की शिशु मृत्युदर सबसे अधिक होने के बाद यह स्थिति है। संसाधन होने के बाद भी विशेषज्ञ नहीं होने से सीजर डिलीवरी नहीं हो पा रही है। recent visitors 88

जिला शिक्षा अधिकारियों ने नेटवर्क मार्केटिंग से जुड़े शिक्षकों की जानकारी जुटाने के लिए नोटिस जारी किए

रायपुर छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में हर्बल प्रोडक्ट्स की नेटवर्क मार्केटिंग (Network Marketing) और चिटफंड व्यवसाय (Chit Fund Business) से जुड़े फ्रॉड (Fraud) को लेकर सरकार सख्ती दिखा रही है. इसी मामले में छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग (Education Department) ने एक नोटिस जारी किया है. इसमें साफ तौर पर उन शिक्षकों (CG Teachers) के खिलाफ एक्शन लेने की बात कही गई है जो इस तरह के मामलों में लिप्त पाए जाएंगे. शिक्षा विभाग की ओर से महासमुंद, बिलाईगढ़ और कोरबा समेत अन्य जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों द्वारा हर्बल लाइफ और नेटवर्क मार्केटिंग से जुड़े शिक्षकों की जानकारी जुटाने के लिए नोटिस जारी किए हैं. वहीं अब दुर्ग के जिला शिक्षा अधिकारी ने नेटवर्क मार्केटिंग और चिटफंड से जुड़े शिक्षकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है. गरियाबंद में भी ऐसे शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है. स्कूल टाइम पर कई टीचर मार्केटिंग से जुड़े रहते हैं सूत्रों के मुताबिक गरियाबंद के विभिन्न स्कूलों जैसे बेहराबुड़ा, सढ़ौली, पारागांव, बेन्दकुरा, भिलाई, और आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल आदि में शिक्षकों की संख्या काफी है, जो विद्यालयीन समय में मार्केटिंग कार्यों में जुटे रहते हैं. कई मामलों में पति-पत्नी दोनों एक साथ इस व्यवसाय में जुड़े हुए हैं. व्हाट्सएप पर शिक्षकों से संपर्क करने पर हर्बल प्रोडक्ट्स के प्रचार के संदेश भी देखे गए हैं.   विशेषज्ञों का मानना है कि ये गतिविधियां न केवल शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित कर रही हैं, बल्कि सरकारी सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 का भी उल्लंघन कर रही हैं, जो सरकारी कर्मचारियों को अन्य व्यवसायों में संलिप्त होने से रोकता है. अधिकारियों का क्या कहना है? जिला शिक्षा अधिकारी एके सारस्वत ने बताया कि शिक्षकों की सूची मंगवाई जा रही है और जानकारी आने के बाद कार्रवाई शुरू की जाएगी. recent visitors 86

यूक्रेन युद्ध के चलते रूस में जनसंख्या संकट और बढ़ा, ‘सेक्स मंत्रालय’ बना जन्म दर बढ़ाने के लिए रणनीति तैयार करना होगा

मॉस्को रूस में जनसंख्या घटने की गंभीर समस्या से निपटने के लिए एक बेहद अनोखे कदम पर विचार किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सहयोगी और रूसी संसद की फैमिली प्रोटेक्शन और बाल संरक्षण समिति की अध्यक्ष नीना ओस्तानीना एक 'सेक्स मंत्रालय' स्थापित करने के प्रस्ताव की समीक्षा कर रही हैं। इस मंत्रालय का उद्देश्य देश की जन्म दर बढ़ाने के लिए रणनीति तैयार करना होगा। यह कदम ऐसे समय पर उठाया जा रहा है जब यूक्रेन युद्ध के चलते देश में जनसंख्या संकट और बढ़ गया है। रूसी मैगजीन मोस्कविच के अनुसार, ग्लैवपीआर एजेंसी द्वारा पेश एक याचिका में 'सेक्स मंत्रालय' स्थापित करने का सुझाव दिया गया, जो जन्म दर से जुड़ी योजनाओं का नेतृत्व करेगा। मॉस्को की डिप्टी मेयर अनास्तासिया राकोवा ने जोर देकर कहा कि देश में जनसंख्या वृद्धि बेहद जरूरी है। राकोवा ने बताया कि मॉस्को में महिलाओं की प्रजनन क्षमता का परीक्षण करने के लिए एक विशेष तरीका अपनाया जा रहा है, जिससे महिलाओं को बच्चा पैदा करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। अजीबोगरीब प्रस्तावों की हो रही चर्चा जन्म दर बढ़ाने के लिए कई अजीबोगरीब प्रस्तावों पर चर्चा की जा रही है। इनमें से एक योजना के अनुसार, रात 10 बजे से सुबह 2 बजे तक इंटरनेट और बिजली बंद करने की बात हो रही है, ताकि लोग इन घंटों में अपने रिश्तों पर ध्यान दें और बच्चे पैदा करने की दिशा में आगे बढ़ें। इसके अलावा, प्रस्ताव में गृहिणियों को उनके घरेलू कामों के लिए वेतन देने की बात है, जो उनकी पेंशन में गिना जाएगा। इसके अलावा, पहली डेट के लिए सरकार 5,000 रूबल (लगभग 40 पाउंड) की आर्थिक सहायता भी प्रदान कर सकती है, ताकि जोड़े अपने रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित हो सकें। यही नहीं, सरकारी खर्च पर जोड़ों के लिए शादी की रात के होटल में ठहरने की सुविधा भी देने का प्रस्ताव है, जिसकी लागत लगभग 26,300 रूबल (लगभग 208 पाउंड) होगी। विभिन्न क्षेत्रों में भी लोगों को बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करने के अलग-अलग उपाय लागू किए जा रहे हैं। खबारोवस्क में, 18 से 23 साल की उम्र की महिला छात्रों को बच्चे पैदा करने पर 900 पाउंड तक की राशि दी जा रही है, जबकि चेल्याबिंस्क में पहली संतान के लिए यह राशि 8,500 पाउंड तक है। जनसंख्या बढ़ाने के लिए निजी जीवन की निगरानी मॉस्को में सरकारी अधिकारी महिलाओं के निजी जीवन की गहराई से जांच कर रहे हैं। महिला पब्लिक सेक्टर कर्मचारियों को उनकी यौन और प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़े सवालों से भरे विस्तृत प्रश्नावली दिए गए हैं। इस प्रश्नावली में गहरे व्यक्तिगत सवाल पूछे गए हैं, जैसे कि: – आपने यौन सक्रियता कब शुरू की? – क्या आप कंडोम या हार्मोनल गर्भनिरोधक का उपयोग करती हैं? – क्या आपको संभोग के दौरान दर्द या रक्तस्राव का अनुभव होता है? – क्या आप बांझपन का सामना कर चुकी हैं या गर्भधारण हुआ है? अगर हां, तो कितनी बार? – आपके कितने बच्चे हैं, और क्या आप अगले साल में और बच्चे पैदा करने की योजना बना रही हैं? यहां तक कि जिन कर्मचारियों ने इन प्रश्नावली को खाली छोड़ दिया, उन्हें डॉक्टर से मिलने के लिए बुलाया गया, जहां उनसे ये सवाल प्रत्यक्ष रूप में पूछे गए। इन सभी योजनाओं और पहल के बावजूद, जनसंख्या वृद्धि के लिए इस प्रकार के कदम उठाए जाने से देश में एक अलग प्रकार का सामाजिक और सांस्कृतिक विमर्श शुरू हो गया है। क्या रूस में सेक्स मंत्रालय बनाकर जनसंख्या संकट का समाधान ढूंढा जा सकेगा? यह देखना अभी बाकी है, परंतु इतना तय है कि यह पहल पूरे विश्व में चर्चा का विषय बन चुकी है। recent visitors 240

लखनऊ ऑक्शन में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को चुनने की कोशिश करेगी: कोच लैंगर

आरसीबी को बेहतर बनाने चहल, अश्विन सहित इन खिलाड़ियों को शामिल करें : डिविलियर्स पर्थ में ख्वाजा के जोड़ीदार के तौर पर उतरेंगे मैकस्वीनी : बेली लखनऊ ऑक्शन में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को चुनने की कोशिश करेगी: कोच लैंगर मुंबई दक्षिण अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) में रहे स्टार बल्लेबाज एबी डिविलियर्स ने 2025 आईपीएल नीलामी को लेकर अपने सुझाव दिये हैं। डिविलियर्स ने कहा कि टीम को बेहतर बनाने के लिए गेंदबाजी में बदलाव की जरुरत है। उन्होंने कहा कि गेंदबाजी में युजवेंद्र चहल और आर अश्विन जैसे खिलाड़ियों को खिलाड़ियों को शामिल करना होगा। इसके अलावा तेज गेंदबाज के तौर पर कैगिसा रबाडा और भुवनेश्वर कुमार को भी शामिल किया जाये। डिविलियर्स ने कहा कि आरसीबी को चहल को अपनी टीम में वापस लाना चाहिए।इसके अलावा अश्विन को अपनी टीम से जोड़ना चाहिए। साथ ही कहा कि एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में ये दोनों टीम के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं। चहल और अश्विन दोनों ही पिछले सत्र में साथ थे। ये दोनों ही राजस्थान रॉयल्स की टीम का हिस्सा थे, जिन्हें इस बार बरकरार नहीं रखा गया है। उन्होंने कहा कि रबाडा और भुवनेश्वर को टीम में लाइए। रबाडा, चहल, भुवी और अश्विन मिलकर कमाल कर सकते हैं। अब देखना होगा कि आरसीबी प्रबंधन उनकी सलाह को कितनी गंभीरता से लेता है। इसमें विराट कोहली की भी अहम भूमिका रह सकती है, जो आरसीबी के लिए पहले सत्र से खेल रहे हैं। गौरतलब है किआरसीबी ने आईपीएल के लिए 3 खिलाड़ियों को रीटेन किया है। उसने विराट कोहली को 21 करोड़, रजत पाटीदार को 11 करोड़ और यश दयाल को 5 करोड़ रुपए देकर अपनी टीम के साथ जोड़े रखा है। पर्थ में ख्वाजा के जोड़ीदार के तौर पर उतरेंगे मैकस्वीनी : बेली ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम भारत के खिलाफ 22 नवंबर से शुरु हो रही बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी की तैयारियों में लगी है। इस सीरीज में ऑस्ट्रेलियाई टीम के सामने सबसे बड़ा सवाल ये था कि डेविड वार्नर के संन्यास के कारण पारी की शुरुआत के लिए किये उस्मान ख्वाजा के साथ किसे भेजा जाये क्योंकि स्टार बल्लेबाज स्टीव स्मिथ पारी की शुरुआत करते हुए असफल रहे हैं। ऐसे में अब एक युवा बल्लेबाज का नाम सामने आया है। माना जा रहा है कि भारतीय टीम के खिलाफ पर्थ में नैथन मैकस्वीनी पारी शुरु करेंगे। मैकस्वीनी अभी ऑस्ट्रेलिया ए टीम के कप्तान हैं। उनके नाम की घोषणा स्वयं मुख्य चयनकर्ता जॉर्ज बेली ने की थी। दाएं हाथ के बल्लेबाज मैकस्वीनी पहली बार अपने करियर में पारी शुरु करेंगे। मैकस्वीनी ने इंडिया ए के खिलाफ पहले मैच की दोनों पारियों में अच्छी बल्लेबाजी कर अपने चयन को सही साबित किया है। मैकस्वीनी के साथ मार्कस हैरिस शीर्ष क्रम में होंगे। वहीं 19 वर्षीय सैम कोंस्टास चौथे नंबर पर खिसक गए हैं, इससे अंदाजा होता है कि उनके अंतिम ग्यारह मेंचयन की संभवना कम है जबकि मैकस्वीनी ने पहले मैच में रन बनाकर अपनी दावेदारी मजबूत की है। वहीं, कैमरोन बैनक्रॉफ्ट तीसरे नंबर पर बने हुए हैं। मैकस्वीनी को अभी तक ओपनिंग का कोई अधिक अनुभव नहीं है, क्वींसलैंड से दक्षिण ऑस्ट्रेलिया आने के बाद से ही वह तीसरे नंबर प बल्लेबाजी करते रहे हैं। लखनऊ ऑक्शन में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को चुनने की कोशिश करेगी: कोच लैंगर आईपीएल 2025 के लिए ऑक्शन को लेकर सभी 10 फ्रेंचाइजी अपनी तैयारियों और होमवर्क में जुटी हुई है। इस बीच लखनऊ सुपर जायंट्स के मुख्य कोच जस्टिन लैंगर ने कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को टीम के साथ जोड़ने का इरादा जताया है। लखनऊ ने आईपीएल 2025 मेगा ऑक्शन से पहले निकोलस पूरन, रवि बिश्नोई, मयंक यादव, मोहसिन खान और आयुष बदौनी को रिटेन किया है। ऑक्शन के लिए इस टीम के पास 69 करोड़ रुपये का पर्स होगा। लैंगर ने फ्रेंचाइजी के सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा, “यह सब रणनीति पर निर्भर करता है। लेकिन मैं बस इतना जानता हूं, ‘प्रतिभा तो प्रतिभा ही होती है, और दुनिया में बहुत कम ऑलराउंडर हैं क्योंकि ऐसा करना वाकई बहुत मुश्किल काम है। चाहे वह बल्लेबाजी ऑलराउंडर हो या गेंदबाजी ऑलराउंडर, इसलिए वे हमेशा महत्वपूर्ण होते हैं।” “यह इस मायने में एक अच्छा सवाल है कि मेरा हमेशा से मानना रहा है कि विशेषज्ञों का सबसे बड़ा प्रभाव होता है। लेकिन अगर हम मार्कस स्टोइनिस जैसे किसी खिलाड़ी को लेते हैं, तो वह अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी के साथ-साथ बोनस के तौर पर भी टीम में आ जाता है। हम नीलामी में जितने प्रतिभाशाली खिलाड़ी चुन सकते हैं, उतने चुनने की कोशिश करेंगे क्योंकि प्रतिभा और क्लास ही जीत दिलाती है।” आईपीएल 2025 में लखनऊ के शीर्ष पांच रिटेंशन तय करने के पीछे के कारण के बारे में पूछे जाने पर लैंगर ने बताया, “यह किसी के लिए भी आश्चर्य की बात नहीं होगी कि हमने रवि बिश्नोई को रिटेन किया। न केवल गेंद से बल्कि वह इस टीम गेम में एक नई जान डालते हैं। हम इस साल उनसे बड़ी उम्मीदें कर रहे हैं। मोहसिन खान भी अच्छा ऑप्शन है और वह बहुत प्रतिभाशाली हैं। अगर वह स्वस्थ और फिट रहते हैं, तो वह एक बेहतरीन गेंदबाज हैं। “एक और नाम है आयुष बदौनी का। मुझे लगता है कि उनमें बहुत प्रतिभा है और वे अच्छा परफॉर्म कर रहे हैं। अगर वह यह प्रदर्शन जारी रखेंगे, तो उन्हें मौके मिलेंगे। मयंक यादव बस फिट रहे क्योंकि अगर ऐसा रहा तो वो अपनी छाप जरूर छोड़ेंगे।अगर वह फिट और स्वस्थ रहा तो भारतीय टीम में उससे बड़ी उपलब्धियां देखने को मिलेंगी।” लखनऊ ने 2022 और 2023 सीजन में आईपीएल प्लेऑफ में प्रवेश किया है, लेकिन 2024 संस्करण में इससे बाहर हो गया। लैंगर ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा कि इम्पैक्ट प्लेयर नियम कई लोगों के लिए सिरदर्द है।     recent visitors 94