इंदौर नगर निगम के एक करोड़ से अधिक दस्तावेजों को स्कैन कर इन्हें डिजिटल फार्मेट में सहेजा जाएगा

इंदौर  इंदौर नगर निगम के एक करोड़ से ज्यादा दस्तावेजों के डिजिटलाइजेशन का काम शनिवार से शुरू हो जाएगा। यह काम दिल्ली की एक कंपनी करेगी। नगर निगम इस काम के लिए करीब दो करोड़ 30 लाख रुपये खर्च करेगा। काम पूरा करने के लिए 12 माह का समय निर्धारित किया गया है। काम पूरा होने के बाद दस्तावेजों के लिए आमजन को नगर निगम के चक्कर लगाने से मुक्ति मिल जाएगी। एक क्लिक पर दस्तावेज सामने आ जाएंगे। गौरतलब है कि नगर निगम पिछले लंबे समय से दस्तावेजों को स्कैन कर इन्हें डिजिटल फार्मेट में सहेजने की तैयारी चल रही है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बजट में इसकी घोषणा भी थी। पिछले दिनों नगर निगम ने इस संबंध में टेंडर जारी किए थे। इसके बाद दिल्ली की न्यूजन सॉफ्टवेयर टेक्नोलाजी लिमिटेड नामक कंपनी को दस्तावेजों के डिजिटलाइजेशन का काम सौंपा गया है। नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक कंपनी को निगम के दस्तावेजों को डिजिटल फार्मेट में तैयार करने के लिए 12 माह का समय दिया गया है। कंपनी आज से यह काम शुरू कर देगी। आमजन को सुविधा मिलेगी, चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे दस्तावेजों के डिजिटलाइजेशन से आमजन को सुविधा होगी। उन्हें दस्तावेज प्राप्त करने के लिए नगर निगम के चक्कर नहीं लगाना पडेंगे। बगैर आवेदन ही वे एक क्लिक पर दस्तावेज प्राप्त कर सकेंगे। बजट में की थी घोषणा शनिवार से निगम के दस्तावेजों के डिजिटलाइजेशन का काम शुरू हो जाएगा। दिल्ली की कंपनी को काम पूरा करने के लिए 12 माह का समय दिया गया है। महापौर ने दस्तावेजों के डिजिटलाइजेशन की घोषणा निगम बजट में की थी। – राजेश उदावत, प्रौद्योगिकी एवं आईटी समिति, प्रभारी नगर निगम इंदौर डेढ़ करोड़ की लागत से होगा रेडिसन चौराहे का सुंदरीकरण इंदौर नगर निगम करीब डेढ करोड़ रुपये की लागत से रेडिसन चौराहा का सुंदरीकरण करेगा। जनकार्य समिति प्रभारी राजेंद्र राठौर ने बताया कि इस काम के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। शुक्रवार को विधायक रमेश मेंदोला और राठौर ने नगर निगम के अधिकारियों के साथ रेडिसन चौराहा के सुंदरीकरण कार्य व विकास कार्यो के संबंध में निरीक्षण भी किया। राठौर ने बताया कि सुंदरीकरण के तहत रेडिसन चौराहा पर हीरोस के म्यूनरल के साथ ही स्वच्छता माडल भी लगाया जाएगा। इसके साथ शहीद हरिसिंह नलवा की प्रतिमा भी चौराहे के पास लगाई जाएगी। मेंदोला और राठौर ने सुंदरीकरण को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। recent visitors 146

नियंत्रण रेखा की स्थापना के बाद UNMOGIP की उपयोगिता समाप्त हो गई है और यह अप्रासंगिक है: सुधांशु त्रिवेदी

नई दिल्ली संयुक्त राष्ट्र में शांति रक्षा अभियानों पर बहस के दौरान पाकिस्तान द्वारा जम्मू कश्मीर का जिक्र किए जाने पर भारत ने पड़ोसी देश पर झूठ फैलाने का आरोप लगाते हुए उसकी आलोचना की। राज्यसभा सदस्य और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, ‘‘भारत ने पाकिस्तान द्वारा की गईं टिप्पणियों पर जवाब देने के अपने अधिकार को चुना है, जिसने एक बार फिर इस प्रतिष्ठित निकाय को अपने एजेंडे से भटकाने का प्रयास किया है।’’ उन्होंने शुक्रवार को यहां संयुक्त राष्ट्र महासभा की विशेष राजनीतिक एवं वि-उपनिवेशीकरण (चौथी समिति) में शांति रक्षा अभियानों पर चर्चा के दौरान ये टिप्पणियां कीं। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर ‘‘भारत का अभिन्न अंग था, है, और हमेशा रहेगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जम्मू कश्मीर के लोगों ने हाल में अपने लोकतांत्रिक और चुनाव अधिकारों का इस्तेमाल किया तथा एक नई सरकार चुनी। पाकिस्तान को ऐसी बयानबाजी और झूठ से बाज आना चाहिए क्योंकि इससे तथ्य नहीं बदलेंगे।’’ उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के इस मंच के प्रतिष्ठित सदस्यों के सम्मान में भारत संयुक्त राष्ट्र की प्रक्रियाओं का दुरुपयोग करने के पाकिस्तान के किसी भी प्रयास का जवाब देने से परहेज करेगा। उन्होंने भारत की ओर से यह कड़ी प्रतिक्रिया तब दी है जब पाकिस्तानी प्रतिनिधि ने नियंत्रण रेखा पर संघर्षविराम पर नजर रखने वाले भारत और पाकिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह (यूएनएमओजीआईपी) के बारे में बात की। भारत का कहना है कि शिमला समझौते और उसके परिणामस्वरूप नियंत्रण रेखा की स्थापना के बाद यूएनएमओजीआईपी की उपयोगिता समाप्त हो गई है और यह अप्रासंगिक है। सुंधांशु त्रिवेदी ने बाद में सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि शांति रक्षा अभियानों पर संयुक्त राष्ट्र में चर्चा के दौरान पाकिस्तान के प्रतिनिधि ने संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षा विषय पर बोलते हुए ‘‘विषय को भटकाने की कोशिश की और अनावश्यक रूप से उल्लेख किया कि संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों के साथ पाकिस्तान की भागीदारी तब शुरू हुई जब संयुक्त राष्ट्र ने 1948 में जम्मू और कश्मीर क्षेत्र में शांति सैनिकों को तैनात किया था।’’ उन्होंने कहा कि ‘‘इस टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताते हुए’’ उन्होंने जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल किया और ‘‘मंच पर दृढ़तापूर्वक कहा कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था, है, और हमेशा रहेगा।’’ भाजपा नेता ने कहा, ‘‘जम्मू कश्मीर में हाल में उचित तरीके से लोकतांत्रिक चुनाव हुआ। इसलिए संयुक्त राष्ट्र के इस प्रतिष्ठित मंच का इस्तेमाल इन प्रकार के भ्रामक शब्दों का उल्लेख करने में नहीं किया जा सकता।’’ उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार की ‘‘ठोस विदेश नीतियों के कारण संभव’’ हो सका है। सुंधांशु त्रिवेदी भारत के 12 संसद सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं जो संयुक्त राष्ट्र में विभिन्न बैठकों के लिए इस विश्व निकाय की यात्रा कर रहा है। इससे पहले, शांति रक्षा अभियानों की व्यापक समीक्षा पर एक बयान देते हुए त्रिवेदी ने कहा कि हालिया संघर्ष अधिक चुनौतीपूर्ण हैं और अब इसमें आतंकवाद तथा सशस्त्र समूह भी शामिल हैं जो अपने उद्देश्यों की पूर्ति के लिए स्थिति का फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘भारत संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा अभियानों में सबसे बड़े सैन्य दल के के रूप में शांतिरक्षा प्रयासों में योगदान देने के प्रयास में सबसे आगे है।’’ recent visitors 66

सामूहिक दुष्कर्म की एक पीड़िता ने बच्ची को जन्म दिया, अब पिता का पता लगाने को किए गए 6 आरोपियों के DNA टेस्ट

लखनऊ उत्तर प्रदेश के लखनऊ में सामूहिक बलात्कार पीड़िता ने एक बच्ची को जन्म दिया है. अब पुलिस बच्चे के पिता का पता लगाने के लिए गिरफ्तार किए गए आरोपियों की डीएनए जांच कर रही है. इसके बाद बच्ची के जैविक पिता का पता चल सकेगा. जानकारी के मुताबिक गैंगरेप की पीड़िता ने 18 अक्टूबर को एक बच्ची को जन्म दिया. प्रकाश ,कमल कुमार ,श्रवण और अवधेश यादव महिला के रेप के आरोपी हैं. ऐसे में उनके ब्लड सैंपल लिए गए हैं और विधि विज्ञान प्रयोगशाला में बच्ची के जैविक पिता का पता लगाने के लिए भेजा गया है. लखनऊ के थाना ठाकुरगंज में युवती के मोहल्ले में रहने वाला प्रकाश 20 अक्टूबर 2023 को अपने साथ बहला फुसलाकर अपने साथ ले गया था और बंधक बनाकर दो दिन तक रेप किया था. कुछ दिन बाद उसने युवती को सीतापुर के रहने वाले कमल कपूर को बेच दिया था. आरोप है कि कमल कपूर ने कई दिनों तक पीड़िता से रेप किया इस दौरान पीड़िता प्रेग्नेंट हो गई. इसके बाद आरोपी ने इसे सीतापुर के रहने वाले सरवन यादव को बेच दिया. आरोप हैं की श्रवण और उसके साथ ही अवधेश ने पीड़िता के साथ गैंगरेप किया. इस पूरे मामले में छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी जिसमें चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया . पीड़िता 10 सितंबर को रात में किसी तरह भाग कर घर पहुंची थी और ठाकुरगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया था जिसमें प्रकाश कमल कुमार सरवन यादव और अवधेश और सरवन के बड़े भाई के ऊपर सामूहिक दुष्कर्म सहित अन्य मामलों में एफआईआर दर्ज की गई थी. इसके बाद पुलिस ने प्रकाश, कमल कुमार, श्रवण और अवधेश को गिरफ्तार कर लिया था. डीसीपी पश्चिमी जोन विश्वजीत श्रीवास्तव के मुताबिक पीड़िता की बच्ची के पिता का पता लगाने के लिए सभी आरोपियों का डीएनए टेस्ट कराया गया है. सैंपल भेजे गए हैं और नतीजों का इंतजार किया जा रहा है.   recent visitors 82

करकेली में तीसरी लाइन कनेक्टविटी के कारण ट्रेनों को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रद्द करेगी

शाहडोल  दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने एक बार फिर यात्री ट्रेनों को रद्द करने जा रही है। इसके लिए  रेलवे ने पत्र जारी कर दिया है। जारी पत्र के अनुसार करकेली में तीसरी लाइन की कनेक्टविटी करने के कारण लोकल व लंबी दूरी की ट्रेनों को कुछ दिनों के लिए रद्द करेगी। ट्रेनों के रद्द होने के बाद यात्रियों की परेशानी बढ़ जाएगी। इसके पहले भी रेलवे ने बिरसिंहपुर रेलवे स्टेशन को तीसरी लाइन से जोडऩे के लिए 3 से 11 अक्टूबर तक कई ट्रेनों को रद्द किया था। वहीं एक महीने बाद अब करकेली में तीसरी लाइन की कनेक्टविटी की जाएगी। बार-बार ट्रेन रद्द होने से यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ये ट्रेनें रहेंगी प्रभावित रेलवे ने जारी पत्र में उल्लेख किया है कि एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 11265 जबलपुर-अंबिकापुर 16 से 19 नवम्बर तक एवं 11266 अंबिकापुर-जबलपुर 17 से 20 नवम्बर तक रद्द रहेगी। इसी तरह बिलासपुर- रीवा 15 से 19 नवम्बर तक, रीवा- बिलासपुर को 16 से 20 नवम्बर तक रद्द करेगी। वीकली ट्रेन रीवा- चिरमिरी अप एंड डाउन 18 एवं 19 नवम्बर, दुर्ग- कानपुर को अप एंड डाउन ट्रेन को 17 व 18 नवम्बर, दुर्ग- नवतनवा अप एंड डाउन को 14 एवं 16 नवम्बर तक केंसिल रहेगी। पैंसेजर ट्रेन वीकली चिरमिरी-अनुपपुर अप एंड डाउन को 19 नवम्बर, चिरमिरी- चंदिया अप एडं डाउन को 17 से 19 नवम्बर, कटनी- चिरमिरी अप एंड डाउन को 16 से 20 नवम्बर तक रद्द किया गया है। recent visitors 79

पुराने मामले को लेकर गाली-गलौज के बाद लाठी-डंडे सहित लात से आदिवासी युवक से मारपीट

सीधी सीधी जिले में अपराधी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं ऐसे में एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है जहां एक आदिवासी व्यक्ति के साथ बेरहमी से मारपीट करते हुए एक व्यक्ति दिखाई दे रहा है। सीधी जिले के जमोड़ी थाना का यह मामला बताया गया है जहां इसके ट्रेडर्स के मालिक ने मारपीट की है। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी के खिलाफ मामला भी दर्ज किया है। प्रदीप कुमार सिंह गोंड़ ने बताया कि 7 नवबर को शाम करीब 4:30 बजे मैं बिहारी जायसवाल के दुकान में सामान लेने जा रहा था। उसी दौरान बिहारी जायसवाल का छोटा लड़का सोनू जायसवाल सामान लेने के बारे में बात ही कर रहा था कि उसी समय उसका बड़ा लड़का भूपेन्द्र आया और पुराने मामले को लेकर मुझे गाली-गलौज करने लगा। साथ ही लाठी-डंडे सहित लात से मारपीट की। हल्ला करने के बाद कुछ लोग आए इसके बाद बचाव हुआ है। शनिवार के दिन वीडियो वायरल हो रहा है। घायल ने बताया की मेरे शरीर में कई चोटें आई हैं। इस मामले में भूपेन्द्र जायसवाल जान से खत्म करने की धमकी भी दे रहा है। इसकी शिकायत के लिए मैंने 8 नवंबर को जमोड़ी थाने में आवेदन दिया है। इस संबंध में नगर निरीक्षक जमोड़ी विशाल शर्मा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ मामला पंजीबद्ध हो गया है। जिस मामले में शीघ्र ही गिरफ्तारी की कार्रवाई भी कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि हरिजन एक्ट सहित अन्य धारााएं लगा दी गई हैं। recent visitors 108

प्रधानमंत्री Modi ने रतन टाटा के लिये लिखा भावुक ब्लॉग, कहा- इस पीड़ा को भुला पाना आसान नहीं

नई दिल्ली देश के दिग्‍गज उद्योगपति रतन टाटा (Ratan Tata) के निधन को लगभग एक महीना बीत चुका है. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्‍हें याद करते हुए एक लेख लिखा है. उन्‍होंने लिखा कि रतन टाटा जी के हमसे दूर चले जाने की वेदना अभी मन में है. इस पीड़ा को भुला पाना आसान नहीं है. उन्‍होंने अपनी लेख में कहाकि रतन टाटा के रूप में देश ने एक महान सपूत को खो दिया है… एक अमूल्‍य रत्‍न को खोया है.  आज भी शहरों, कस्बों से लेकर गांवों तक, लोग उनकी कमी को गहराई से महसूस कर रहे हैं. चाहे कोई उद्योगपति हो, उभरता हुआ उद्यमी हो या कोई प्रोफेशनल हो, हर किसी को उनके निधन से दुख हुआ है. पर्यावरण रक्षा से जुड़े लोग…समाज सेवा से जुड़े लोग भी उनके निधन से उतने ही दुखी हैं और ये दुख हम सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया महसूस कर रही है.  'कोई लक्ष्‍य नहीं जो हासिल ना हो सके' अपनी लेख में प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए रतन टाटा एक प्रेरणास्रोत थे. उनका जीवन, उनका व्यक्तित्व हमें याद दिलाता है कि कोई सपना ऐसा नहीं जिसे पूरा ना किया जा सके, कोई लक्ष्य ऐसा नहीं जिसे हासिल नहीं किया जा सके. रतन टाटा जी ने सबको सिखाया है कि विनम्र स्वभाव के साथ, दूसरों की मदद करते हुए भी सफलता पाई जा सकती है.  ईमानदारी का प्रतीक बना टाटा ग्रुप  रतन टाटा जी, भारतीय उद्यमशीलता की बेहतरीन परंपराओं के प्रतीक थे. वो विश्वसनीयता, उत्कृष्टता और बेहतरीन सेवा जैसे मूल्यों के अडिग प्रतिनिधि भी थे. उनके लीडरशिप में टाटा समूह दुनिया भर में सम्मान, ईमानदारी और विश्वसनीयता का प्रतीक बनकर नई ऊंचाइयों पर पहुंचा. इसके बावजूद, उन्होंने अपनी उपलब्धियों को पूरी विनम्रता और सहजता के साथ स्वीकार किया.  दूसरों के सपनों के लिए जीते थे रतन टाटा पीएम ने अपनी लेख में आगे लिखा कि रतन टाटा जी दूसरों के सपनों का खुलकर समर्थन करते थे, दूसरों के सपने पूरा करने में सहयोग करना, ये रतन टाटा के सबसे शानदार गुणों में से एक था. हाल के समय में वो भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम का मार्गदर्शन करने और भविष्य की संभावनाओं से भरे उद्यमों में निवेश करने के लिए जाने लगे. उन्होंने युवा आंत्रप्रेन्योर की उम्‍मीदों और आकांक्षाओं को समझा, साथ ही भारत के भविष्य को आकार देने की उनकी क्षमता को पहचाना.  युवा पीढ़ी को दिया हौसला  भारत के युवाओं के प्रयासों का सपोर्ट करके, उन्होंने नए सपने देखने वाली नई पीढ़ी को जोखिम लेने और सीमाओं से परे जाने का हौसला दिया. उनके इस कदम ने भारत में इनोवेशन और आंत्रप्रेन्योरशिप के कल्‍चर को विकसित करने में बड़ी मदद की है. आने वाले दशकों में हम भारत पर इसका सकारात्मक प्रभाव जरूर देखेंगे.  बेहतरीन क्‍वालिटी के प्रोडक्‍ट पर जोर  पीएम मोदी आगे लिखते हैं कि रतन टाटा जी ने हमेशा बेहतरीन क्वालिटी के प्रॉडक्ट…बेहतरीन क्वालिटी की सर्विस पर जोर दिया और भारतीय उद्यमों को ग्लोबल बेंचमार्क स्थापित करने का रास्ता दिखाया. आज जब भारत 2047 तक विकसित होने के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, तो हम ग्लोबल बेंचमार्क स्थापित करते हुए ही दुनिया में अपना परचम लहरा सकते हैं. मुझे आशा है कि उनका ये विजन हमारे देश की भावी पीढ़ियों को प्रेरित करेगा और भारत वर्ल्ड क्लास क्वालिटी के लिए अपनी पहचान मजबूत करेगा.  जीव-जंतुओं के प्रति करुणा  रतन टाटा की महानता बोर्डरूम या सहयोगियों की मदद करने तक ही सीमित नहीं थी. सभी जीव-जंतुओं के प्रति उनके मन में करुणा थी. जानवरों के प्रति उनका गहरा प्रेम जगजाहिर था और वे पशुओं के कल्याण पर फोकस हर प्रयास को बढ़ावा देते थे. वो अक्सर अपने डॉग्स की तस्वीरें साझा करते थे, जो उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा थे. मुझे याद है, जब रतन टाटा जी को लोग आखिरी विदाई देने के लिए उमड़ रहे थे…तो उनका डॉग ‘गोवा’ भी वहां नम आंखों के साथ पहुंचा था.  रतन टाटा जी का जीवन इस बात की याद दिलाता है कि लीडरशिप का आकलन केवल उपलब्धियों से ही नहीं किया जाता है, बल्कि सबसे कमजोर लोगों की देखभाल करने की उसकी क्षमता से भी किया जाता है.  जब गुजरात में साथ मिलकर किया काम  नरेंद्र मोदी ने बताया कि व्‍यक्तिगत तौर पर मुझे प‍िछले कुछ दशकों में उन्‍हें बेहद करीब से जानने का सौभाग्‍य मिला. हमने गुजरात में साथ मिलकर काम किया. वहां बड़े पैमाने पर निवेश किया गया. इनमें कई ऐसे प्रोजेक्‍ट्स भी शामिल थें, जिसे लेकर वे बेहद  भावुक थे. पीएम ने कहा कि जब वे केंद्र में आए तो ये  घनिष्ठ बातचीत जारी रही और वो हमारे राष्ट्र-निर्माण के प्रयासों में एक प्रतिबद्ध भागीदार बने रहे. स्वच्छ भारत मिशन के प्रति रतन टाटा का उत्साह विशेष रूप से मेरे दिल को छू गया था. अक्टूबर की शुरुआत में स्वच्छ भारत मिशन की दसवीं वर्षगांठ के लिए उनका वीडियो संदेश मुझे अभी भी याद है. यह वीडियो संदेश एक तरह से उनकी अंतिम सार्वजनिक उपस्थितियों में से एक रहा है.  कैंसर के खिलाफ लड़ाई एक और ऐसा लक्ष्य था, जो उनके दिल के करीब था. मुझे दो साल पहले असम का वो कार्यक्रम याद आता है, जहां हमने संयुक्त रूप से राज्य में विभिन्न कैंसर अस्पतालों का उद्घाटन किया था. उस अवसर पर अपने संबोधन में, उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि वो अपने जीवन के आखिरी वर्षों को हेल्थ सेक्टर को समर्पित करना चाहते हैं. स्वास्थ्य सेवा एवं कैंसर संबंधी देखभाल को सुलभ और किफायती बनाने के उनके प्रयास इस बात के प्रमाण हैं कि वो बीमारियों से जूझ रहे लोगों के प्रति कितनी गहरी संवेदना रखते थे. मैं रतन टाटा जी को एक विद्वान व्यक्ति के रूप में भी याद करता हूं – वह अक्सर मुझे विभिन्न मुद्दों पर लिखा करते थे, चाहे वह शासन से जुड़े मामले हों, किसी काम की सराहना करना हो या फिर चुनाव में जीत के बाद बधाई संदेश भेजना हो.  'मुझे जब रतन टाटा जी की आई बहुत याद'  अभी कुछ सप्ताह पहले, मैं स्पेन सरकार के राष्ट्रपति पेड्रो सान्चेज के साथ वडोदरा में था और हमने संयुक्त रूप से एक विमान फैक्ट्री का उद्घाटन किया. इस फैक्ट्री में सी-295 विमान भारत में … Read more

MP के कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, सरकार ने बढ़ाया महंगाई भत्ता, नवम्बर में खाते में आयेगी बढ़ी हुई सैलरी

भोपाल मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियो के लिए खुशखबरी है। मोहन सरकार ने सातवें वेतन आयोग के कर्मचारियों के बाद अब छठवें वेतन आयोग के कर्मचारियों को तोहफा देते हुए महंगाई भत्ते में वृद्धि की घोषणा की है। वित्त विभाग ने इन कर्मचारियो के 9 प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने का आदेश जारी किया है, इस वृद्धि के साथ है अब महंगाई भत्ता 230% से बढ़कर 239% हो गया है, बढ़ी हुई राशि नवम्बर के महीने की सैलरी के साथ आयेगी। मध्य प्रदेश शासन वित्त विभाग द्वार जारी आदेश के मुताबिक राज्य शासन के छठवें वेतनमान में वेतन प्राप्त कर रहे शासकीय सेवकों को 01 जुलाई, 2023 से 230% की दर से मंहगाई भत्ता दिया जा रहा है जिसे अब 9 प्रतिशत की दर से बढ़ाया गया है और अब ये बढ़कर 239% हो गया है, आदेश के मुताबिक ये वृद्दि 1 जनवरी 2024 से प्रभावी होगी और अब तक की अवधि की राशि एरियर के रूप में कर्मचारियों को मिलेगी। चार समान किस्तों में होगा एरियर का भुगतान आदेश में कहा गया है कि राज्य शासन के कर्मचारियों को मंहगाई भत्ते में हुई वृद्धि का लाभ 01अक्टूबर, 2024 (भुगतान माह नवम्बर, 2024) से किया जायेगा एवं दिनांक 01 जनवरी, 2024 से 30 सितम्बर, 2024 तक की अवधि के एरियर राशि का भुगतान चार समान किस्तों में क्रमशः माह दिसम्बर, 2024, जनवरी, फरवरी एवं मार्च 2025 में किया जायेगा। रिटायर होने वाले कर्मचारियों और मृत कर्मचारी के नॉमिनी को एकमुश्त मिलेगी एरियर की राशि वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि राज्य शासन के कर्मचारी जो दिनांक 01 जनवरी 2024 से 30 सितम्बर 2024 की अवधि में सेवानिवृत हो गए हैं फिर मृत हो गये हैं, उन्हें अथवा उनके नॉमिनी को एरियर की राशि का भुगतान एकमुश्त किया जायेगा। मंहगाई भत्ते में 50 पैसे अथवा उससे अधिक पैसे को अगले उच्चतर रुपये में पूर्णांकित किया जायेगा और 50 पैसे से कम राशि को छोड़ दिया जायेगा। उल्लेखनीय है कि दिवाली से पहले तोहफा देते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने सातवें वेतन आयोग के तहत वेतन प्राप्त कर रहे कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को 4% बढ़ा दिया जो बढ़कर 46% से 50% हो गया है, पिछले दिनों पेंशनर्स की महंगाई राहत मेभी वृद्धि की गई है अब दिवाली बाद छठवें वेतन आयोग वाले कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 9 प्रतिशत की वृद्धि मोहन सरकार ने की है। recent visitors 120