सहकारी बैंक अब बीमा राशि और वाद व्यय के तौर पर एक-एक लाख किसानों चुकाने होंगे

 खरगोन  खरगोन का जिला सहकारी बैंक किसानों का समूह बीमा करने के बाद दावे के भुगतान के समय मुकर गया। उसने जिस बजाज एलियांज बीमा कंपनी से पॉलिसी ली थी, उसने भी किसानों को अपात्र बताकर राहत देने से इन्कार कर दिया। 26 किसानों ने 13 वर्ष तक कानूनी लड़ाई हासिल कर न्याय हासिल किया है। राज्य उपभोक्ता आयोग ने सहकारी बैंक और बीमा कंपनी दोनों को आदेश दिया है कि वे किसानों को बीमा राशि और वाद व्यय के तौर पर एक-एक लाख रुपये का भुगतान करें। यह है मामला। किसानों की ओर से पैरवी कर रही अधिवक्ता मोना पालीवाल ने बताया कि वर्ष 2006-07 में खरगोन के जिला सहकारी बैंक ने कृषक समूह बीमा योजना के तहत बैंक से कर्ज लेने वाले किसानों का बीमा किया था। इसके लिए किसानों के खाते से 563 रुपये का प्रीमियम काटा गया। यह बीमा पॉलिसी प्रतिवर्ष ऑटो रिन्युअल थी। इसके तहत यह उल्लेख था कि खातेदार किसानों के लिए जारी बीमा पॉलिसी 18 वर्ष से 59 वर्ष तक के आयु वालों खातेदार किसानों के लिए जारी की गई थी। इस दौरान अगर किसी किसान की मृत्यु हो जाती है तो उसके नॉमिनी को 75 हजार रुपये की बीमा राशि का भुगतान किया जाना था। वर्ष 2007 में भीकनगांव के सेल्दा गांव निवासी बीमित किसान रामलाल यादव की मौत हो गई। परिवार ने बैंक के पास बीमित राशि के लिए दावा किया। लेकिन बैंक ने कोई भुगतान नहीं किया। इस बीच कई बीमित किसानों की मौत के बाद बीमा दावे का भुगतान लटकाया गया। 2011 में किसानों के वारिसों ने जिला उपभोक्ता आयोग में मामला दायर कर बीमा राशि की मांग की। 2023 में जिला उपभोक्ता आयोग ने किसानों का दावा खारिज कर दिया। उनके आदेश में कहा गया कि बैंक ने अपात्र होने की वजह से किसानों का प्रीमियम बीमा कंपनी को भेजा ही नहीं था। ऐसे में उनका बीमा नहीं हुआ। किसानों ने उन्हें अपात्र ठहराने का विरोध भी नहीं किया था। ऐसे में उनको बीमित नहीं माना जा सकता। इस फैसले के खिलाफ किसान राज्य उपभोक्ता आयोग पहुंचे थे। बैंक और बीमा कंपनी का यह बहाना था सुनवाई के दौरान जिला सहकारी बैंक का कहना था कि कृषक समूह बीमा पॉलिसी 18 से 59 वर्ष तक के किसानों के लिए थी। जिन किसानों का बीमा दावा आया है, वे 59 वर्ष की सीमा पार कर चुके थे। वहीं बीमा कंपनी का कहना था कि बैंक ने उनको दावेदारों का प्रीमियम भेजा ही नहीं था। इसलिए वे उनको भुगतान करने के लिए जिम्मेदार नहीं हैं। इन दस्तावेजों से मजबूत हुआ किसानों का पक्ष     – सितम्बर 2008 में बैंक ने बीमा कंपनी को एक पत्र लिखकर लंबित दावों के निपटारे का अनुरोध किया था। इस पत्र में 52 किसानों की सूची थी, जिनकी मृत्यु के बाद भुगतान रुका हुआ था। इस सूची में किसानों का नाम था।     – बैंक ने किसानों की उम्र 59 वर्ष से अधिक होने के आधार पर अपात्र बताया था, लेकिन बैंक उनकी उम्र का कोई प्रमाण नहीं दे पाया, जिसके आधार पर उसने उन्हें उम्र सीमा पार कर लेना तय किया।     – 2012 में बैंक ने एक किसान को दिये लिखित जवाब में कहा था कि बीमा कंपनी ने क्लेम नहीं भेजा है। उसके मिलते ही बीमा राशि का भुगतान कर दिया जाएगा। इससे साबित हुआ कि बैंक ने बीमा भेजा था।     – बीमित किसानों ने प्रीमियम कटने की रशीद, बैंक से हुए पत्राचार और मृत्यु प्रमाणपत्र आदि पेश किये। चार प्रतिशत ब्याज की दर से भुगतान का आदेश मामले की सुनवाई के बाद राज्य उपभोक्ता आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष एके तिवारी और सदस्य श्रीकांत पांडेय ने जिला उपभोक्ता आयोग का आदेश अमान्य कर दिया। उन्होंने किसानों के पक्ष में निर्णय सुनाया और 26 किसानों द्वारा ली गई ऋण राशि 7500 रुपयों को चार प्रतिशत ब्याज की दर से दो महीने के भीतर भुगतान का आदेश दिया। इसके साथ ही तीन हजार रुपये की क्षतिपूर्ति राशि देने का आदेश दिया। recent visitors 82

20 हजार रूपये देने पर नौगांव पुलिस थाना ने लिखी रिपोर्ट, फिर भी नहीं मिला न्याय, पुलिस अधीक्षक से माँगा न्याय

Naugaon police station wrote a report on giving 20 thousand rupees, still did not get justice, sought justice from Superintendent of Police छतरपुर। एसपी ऑफिस के बाहर जमीन पर लेटा यह युवक पुलिस अधीक्षक से न्याय की भीख मांगने आया है। गांव के दबंगो ने इतना पीटा की वह चल भी नही सकता। परिवार ने बताया कि नौगांव थाने में रिपोर्ट लिखाने जब गए तो पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के नाम पर 20 हजार रुपये ले लिए। इसके हत्या के प्रयास की धारा बढ़ाने के लिए टीआई साहब के नाम पर 50 हजार रुपये की और मांग की गई। परिवार का कहना है कि पुलिस के द्वारा दबंग पर मामला दर्ज तो कर लिए लेकिन उन्हें गिरफ्तार नही किया। दबंग खुलेआम घूम रहे हैं और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। नौगांव थाने में पैसे लगने के बाद भी जब पीड़ितों को न्याय नहीं मिला तो वह एसपी ऑफिस चले आए और एसपी ऑफिस के सामने जमीन पर लेटे युवक ने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। गौरतलब है कि नौगांव थाना क्षेत्र के ग्राम बिलहरी में विगत 3 नवंबर 2024 को बिलहरी गांव निवासी राम प्रकाश अहिरवार पिता छोटेलाल अहिरवार को गांव के ही मनोज अंकित अखिल ने लाठी डंडों से बेरहमी से पीटा था। recent visitors 216

शेयर बाजार हरे निशान में बंद, सेंसेक्स 694 अंक चढ़ा

मुंबई भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को अमेरिकी चुनाव के नतीजों को लेकर अनिश्चितता के बीच बढ़त के साथ बंद हुआ। कारोबार के अंत में एफएमसीजी और मीडिया को छोड़कर सभी सेक्टर में खरीदारी देखने को मिली। सुबह के कारोबार में बाजार सीमित दायरे में खुला था। दोपहर डेढ़ बजे के बाद बाजार में तेजी शुरू हुई। बीएसई का सेंसेक्स 694.39 अंक या 0.88 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ। वहीं, दूसरी ओर एनएसई का निफ्टी 217.95 अंक या 0.91 प्रतिशत चढ़ने के बाद 24,213.30 पर बंद हुआ। निफ्टी बैंक 992 अंक या 1.94 प्रतिशत चढ़ने के बाद 52,207.25 पर आ गया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स कारोबार के अंत में 330.90 अंक या 0.59 प्रतिशत चढ़ने के बाद 56,115.45 पर बंद हुआ। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 78.80 अंक या 0.43 प्रतिशत चढ़ने के बाद 18,503.45 पर बंद हुआ। निफ्टी के ऑटो, आईटी, पीएसयू बैंक, फाइनेंशियल सर्विस, फार्मा, मेटल और रियलिटी सेक्टर में खरीदारी देखने को मिली। सेंसेक्स पैक में जेएसडब्ल्यू स्टील, टाटा स्टील, एक्सिस बैंक, इंडसइंड बैंक, एचडीएफसी बैंक, एसबीआई, कोटक बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस और टाटा मोटर्स टॉप गेनर्स रहे। वहीं, आईटीसी, भारती एयरटेल, एशियन पेंट्स, एलएंडटी और सन फार्मा टॉप लूजर्स रहे। बाजार का रुझान सकारात्मक रहा। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर 2,476 शेयर्स हरे, 1,473 शेयर लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे। वहीं, 109 शेयर में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं रहा। बाजार के जानकारों ने कहा, "निफ्टी को लगातार दूसरे दिन ऐतिहासिक स्विंग लो के आसपास समर्थन मिला है। टेक्निकल फ्रंट पर, दैनिक चार्ट पर पियर्सिंग लाइन कैंडलस्टिक पैटर्न दिखाई दिया है, जो संभावित तेजी के उलटफेर का संकेत देता है। इसके अतिरिक्त, दैनिक आरएसआई पर सकारात्मक विचलन ऊपर की ओर बढ़ने के मामले को और मजबूत करता है।" भारतीय रुपया मंगलवार को 84.10 प्रति डॉलर पर स्थिर बंद हुआ, जबकि सोमवार को यह 84.11 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। रुपये को लेकर जानकारों ने कहा कि बाजार प्रतिभागी एफआईआई गतिविधि पर बारीकी से नजर रख रहे हैं, क्योंकि कोई भी महत्वपूर्ण खरीद या बिक्री रुपये की चाल को अमेरिकी चुनाव के नतीजों के साथ प्रभावित कर सकती है। सोमवार को भारतीय शेयर बाजार 1,300 अंक तक नीचे गिर गया। हालांकि, कारोबार के अंत में कुछ रिकवरी हुई और सेंसेक्स 941.88 अंक या 1.18 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। वहीं, दूसरी ओर निफ्टी 309 अंक या 1.27 प्रतिशत गिरने के बाद 23,995.35 पर बंद हुआ। recent visitors 74

आईसीसी ने महिला वनडे प्लेयर्स की ताजा रैंकिंग जारी की, फिफ्टी जड़कर हरमनप्रीत की टॉप-10 में एंट्री

नई दिल्ली इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने मंगलवार को महिला वनडे प्लेयर्स की ताजा रैंकिंग जारी की है। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने फिर से टॉप-10 बैटर्स की लिस्ट में एंट्री कर ली है। हरमनप्रीत दो स्थान ऊपर चढ़कर संयुक्त रूप से नौवें पर पहुंच गई हैं। उनके फिलहाल 654 रेटिंक अंक हैं। न्यूजीलैंड कैप्टन सोफी डिवाइन के भी इतने अंक हैं। हरमनप्रीत ने पिछले हफ्ते न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे वनडे में फिफ्टी जड़ी थी। उन्होंने 63 गेंदों में 6 चौकों के जरिए नाबाद 59 रन की पारी खेली। भारत ने तीन मैचों की वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम की। स्मृति मंधाना का फायदा नहीं भारत की स्टार सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने न्यूजीलैंड के खिलाफ आखिरी वनडे में शतक ठोका था। उन्होंने 122 गेंदों में 10 चौकों की मदद से 100 रन बनाए। मंधाना को सेंचुरी लगाने के बावजूद रैंकिंग में फायदा नहीं मिला। वह चौथे स्थान पर ही बरकरार हैं। हालांकि, मंधाना के 25 रेटिंग अंक बढ़े हैं। उनके खाते में अब 728 अंक हो गए हैं। बल्लेबाजों की सूची में टॉप पर इंग्लैंड की साइवर ब्रंट (760) हैं। साउथ अफ्रीका की कप्तान लौरा वोल्वार्ड्ट (756) दूसरे और श्रीलंका की कैप्टन चमारी अटापट्टू (733) तीसरे स्थान पर हैं। टॉप-10 में सिर्फ दो भारतीय खिलाड़ी हैं। दूसरे पायदान पर दीप्ति शर्मा न्यूजीलैंड की ब्रुक हैलीडे ने लंबी छलांग लगाई है। वह 12 स्थान ऊपर चढ़कर 24वें पर पहुंच गई हैं। उनके 524 रेटिंग अंक हैं। उन्होंने भारत के खिलाफ तीसरे वनडे में 96 गेंदों में 86 रन बनाए थे, जिसमें 9 चौके और तीन सिक्स शामिल हैं। वहीं, गेंदबाजों की सूची की बात करें तो भारत की दीप्ति शर्मा दूसरे पायदान पर कायम हैं। ऑफ स्पिनर ने आखिरी वनडे में 39 रन देकर 3 विकेट चटकाए थे, जिसके बाद उनकी रेटिंग 703 अंक हो गई है। इंग्लैंड की सोफी एक्लेस्टोन शीर्ष (770) पर बनी हुई हैं। इंग्लैंड की केट क्रॉस (686) दूसरे नंबर पर हैं। टॉप-10 बॉलर्स में दीप्ति एकमात्र भारतीय हैं। recent visitors 72

एक ही परिवार के 4 लोगों की सामूहिक हत्या, वाराणसी में दिल दहलाने वाली घटना

वाराणसी वाराणसी में भेलूपुर के भदैनी इलाके में तांत्रिक के कहने पर शराब कारोबारी राजेंद्र गुप्ता ने अपने पूरे परिवार का खात्मा कर दिया है। पत्नी नीतू गुप्ता (42), बेटा नवनेंद्र (20) और सुबेंद्र (15), बेटी गौरांगी (16) की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस कारोबारी की तलाश कर ही रही थी कि उसकी भी लाश दूसरे घर के पास मिल गई। बगल में पिस्टल भी मिला है। माना जा रहा है कि उसने आत्महत्या कर ली है। जघन्य हत्याकांड की जानकारी मिलते ही सनसनी फेल गई। बताया जाता है कि इस घर में इससे पहले भी पांच हत्याएं हो चुकी हैं। पिता, दो गार्ड, भाई और उसकी पत्नी की भी हत्या हुई थी। पड़ोसियों की मानें तो हत्या में कारोबारी जेल भी गया था। पुलिस अब उस तांत्रिक की तलाश कर रही है जिसके कहने पर इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया है। पड़ोसियों के अनुसार तांत्रिक ने कारोबारी से कहा था कि उसकी पत्नी कारोबार में बाधा है। इस कारण वह दूसरी शादी के चक्कर में भी पड़ा था। अक्सर इसे लेकर पति-पत्नी में झगड़ा होता था। घर में कारोबारी की मां भी थी लेकिन काफी बुजुर्ग होने के चलते वह ठीक से न तो बोल पा रहीं और न चल-फिर पाती हैं। अब वह ही अकेली बची हैं। कारोबारी राजेंद्र गुप्ता को पैसे की कोई कमी नहीं थी। उसके पास शहर में कुल चार घर हैं। दो घर तो 50-50 कमरों के हैं। जिस घर में हत्यकांड को अंजाम दिया गया है उसमें 20 कमरे का किराया 80 हजार आता था। 30 कमरों का रेंट दो लाख से ज्यादा था। इसके अलावा भदैनी में ही दूसरे घर से भी करीब दो लाख से ज्यादा रेंट मिलता था। इसके अलावा उसके पास देसी शराब के ठेके और रिक्शा का गैराज है। 100 रिक्शा से ज्यादा है। जघन्य वारदात का पता मंगलवार की दोपहर तब लगा जब नौकरानी रेनू वर्मा घर पर काम करने के लिए आई। नौकरानी ने बताया कि मैं यहां 5 साल से काम कर रही हूं। सबकुछ अच्छा चल रहा था। सोमवार शाम को मैं खाने बनाने आई तो घर में सिर्फ दो बच्चे थे। मैं खाना बनाकर करीब 6.30 बजे चली गई। इसके बाद सबरे सबसे पहले सफाई करने वाली रीता पहुंची। उसने आवाज दी लेकिन किसी का जवाब नहीं मिलने पर उसने दरवाजा खटखटाया। हल्के से धक्के में दरवाजा खुल गया। देखा तो कमरे में चारों लोगों की लाश पड़ी है। आसपास खून बिखरा था। यह देखते ही रीता बेहोश हो गई। तत्काल पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। बताया जाता है कि मारा गया बड़ा बेटा नवनेंद्र बेंगलुरु में मल्टीनेशनल कंपनी में इंजीनियर था। वह दिवाली पर छुट्‌टी लेकर घर आया था। घर पर छठ मनाने की तैयारियां चल रही थीं। छोटा बेटा और बेटी डीपीएस में पढ़ते थे। recent visitors 66

निजी संपत्ति अधिग्रहण मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला, कहा कि सरकार निजी संपत्ति का अधिग्रहण नहीं कर सकती

नई दिल्ली  निजी संपत्ति का सरकार सार्वजनिक हितों के लिए अधिग्रहण कर सकती है या नहीं, इस मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट की 9 सदस्यीय संविधान पीठ ने बहुमत से अपने फैसले में कहा है कि सभी निजी संपत्ति को सरकार नहीं ले सकती है। पीठ ने 8-1 के बहुमत से ये फैसला सुनाया है। 9 जजों की पीठ ने सुनाया फैसला चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ के नेतृत्व वाली 9 जजों की संविधान पीठ ने 8-1 के बहुमत से फैसला सुनाया है। पीठ में चीफ जस्टिस के अलावा जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा, जस्टिस मनोज मिश्रा, जस्टिस सुधांशु धूलिया, जस्टिस ऋषिकेश रॉय, जस्टिस बी वी नागरत्ना, जस्टिस जे बी पारदीवाला, जस्टिस राजेश बिंडल और जस्टिस ए जी मसीह शामिल हैं। सीजेआई ने 9 जजों की बेंच के मामले में बहुमत से फैसला सुनाते हुए न्यायमूर्ति कृष्णा अय्यर के पिछले फैसले को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि सभी निजी स्वामित्व वाले संसाधनों को राज्य द्वारा अधिग्रहित किया जा सकता है। जस्टिस अय्यर के विचार से सहमत नहीं सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि भारत की अर्थव्यवस्था का मकसद विकासशील देश की चुनौतियों से निपटना है, ना कि किसी एक आर्थिक ढांचे में बंधे रहना। कोर्ट ने माना कि बीते 30 सालों में बदली हुई आर्थिक नीतियों के कारण भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना है। जस्टिस अय्यर के इस विचार से सुप्रीम कोर्ट सहमत नहीं है कि निजी संपत्ति को भी सामुदायिक संपत्ति माना जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि भारत की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य किसी खास आर्थिक मॉडल को फॉलो करना नहीं है। बल्कि, उसका उद्देश्य एक विकासशील देश होने के नाते आने वाली चुनौतियों का सामना करना है। सीजेआई बोले- तीन जजमेंट हैं सुप्रीम कोर्ट ने निजी संपत्ति से जुड़ी 16 याचिकाओं पर फैसला सुनाया है। जिसमें मुंबई के प्रॉपर्टी मालिकों की याचिका भी शामिल है। मामला 1986 में महाराष्ट्र में हुए कानून संशोधन से जुड़ा है, जिसमे सरकार को प्राइवेट बिल्डिंग को मरम्मत और सुरक्षा के लिए अपने कब्जे में लेने का अधिकार मिला था। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह संशोधन भेदभावपूर्ण है। CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने बताया कि इस मामले में तीन जजमेंट हैं – उनका और छह अन्य जजों का, जस्टिस नागरत्ना का आंशिक सहमति वाला और जस्टिस धुलिया का असहमति वाला। recent visitors 84

50 किमी की नर्मदा परिक्रमा ओंकारेश्वर से शुरू होगी, यात्रा 11 से 15 नवम्बर तक

बड़वाह निमाड़ एवं मालवा के ग्रामीणों की आस्था और विश्वास से जुडी मां नर्मदा की पांच दिवसीय 49वीं धार्मिक ओंकारेश्वर नर्मदा लघु परिक्रमा पंचक्रोशी यात्रा 11 नवंबर से शुरू होगी। करीब 50 किमी की दुर्गम यात्रा में हजारों श्रद्धालु ओंकारेश्वर से अंजरुद, सनावद, टोकसर, सेमरला, बड़वाह, सिद्धवरकूट होते हुए वापस 15 नवंबर को ओंकारेश्वर पहुंचकर नर्मदा परिक्रमा पूर्ण करेंगे। इस संबंध में एसडीएम प्रताप सिंह अगास्या एवं एसडीओपी अर्चना रावत ने जनपद पंचायत सभा ग्रह में ब्लाक स्तरीय अधिकारियों और सरपंचों की बैठक ली। एसडीएम ने कहा कि पंचकोशी यात्रा हमारे क्षेत्र की सबसे बड़ी धार्मिक यात्रा है। यात्रा प्रारंभ होने के पहले व्यवस्थाएं पुख्ता करें। पंचकोसी नर्मदा यात्रा में ऐसी होंगी व्यवस्थाएं एसडीओपी अर्चना रावत ने कहा कि संबंधित विभाग को नाव की सूची जल्द उपलब्ध कराएं, नावों की जांच करके उन्हें अनुमति पत्र दिए जाएंगे। यात्रा मार्ग के समस्त ग्राम पंचायतों के सरपंच/सचिव तथा विभागीय अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि ग्राम पंचायत क्षेत्रान्तर्गत यात्रा मार्ग पर मुरम, कंटीली झाड़िया हटाना, साफ-सफाई कराई जाए।     लाइट की व्यवस्था के लिए निर्देश दिए हैं। टैंकर, टेंट, प्रकाश तथा अस्थाई शौचालय की व्यवस्था भी करके रखें। यात्रा गुजरने के पश्चात आवश्यक साफ-सफाई की जाए। स्वास्थ्य विभाग को जगह-जगह स्वास्थ्य परीक्षण कैंप लगाने को कहा गया है। – अर्चना रावत, एसडीओपी लोहे से बनी नावों पर प्रतिबंध, क्षमता से ज्याता सवारी न बैठाए नाविक बाबूलाल केवट ने कहा- टोकसर से 25 नाव श्रद्धालुओं को पार कराते हैं। एसडीएम ने कहा, सभी का एस्टीमेट बनाकर दे। नाव में क्षमता से ज्यादा सवारी को न बैठाई जाए। अच्छी नाव केवल चलना चाहिए, जो टूटी हो वह नहीं चलेगी। उन्होंने कहा, लोहे की नाव से श्रद्धालुओं को पार नहीं कराने दिया जाएगा और नावों में चालक के साथ यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य रहेगा। किस दिन कहां पर क्या व्यवस्था     पहला दिन 11 नवंबर: श्रद्धालु ओंकारेश्वर से शुरू होगी। ग्राम अंजरुद में बाघेश्वरी माता के दर्शन करेंगे। मंदिर के आसपास गंदगी दूर करने एवं लाइट व्यवस्था के लिए सचिव को कहा। रात्रि विश्राम सनावद में होगा। धर्मशाला, मंडी परिसर, शासकीय भवनों आदि में यात्रियों के लिए पेयजल, रौशनी, शौचालय की व्यवस्थाओं के लिए कहा।     दूसरा दिन 12 नवंबर: यात्री बडूद से टोकसर गोमुख घाट पहुचेंगे। कई यात्रियों को नर्मदा पार कर सेमरला भेजा जाएगा। दोनी घाटों पर बेरिकेड्स के लिए पीडब्ल्यूडी को जिम्मेदारी,नाव में सुरक्षा उपकरण,स्वास्थ्य विभाग कैंप लगाएगी। पुलिस सहायता केंद्र रहेंगे। गोताखोरों की तैनाती रहेगी।         तीसरा दिन 13 नवंबर: यात्रा बड़वाह पहुंचेगी। टोकसर एवं सेमरला में रुके यात्री बड़वाह पहुंचेंगे। मंडी, नागेश्वर सहित अन्य स्थानों पर नगर पालिका, लाइट, पानी, शौचालय एवं साफ-सफाई की व्यवस्था करेगी। नपा दिन में दो बार सफाई करवाएगी। मेडिकल कैंप लगाएंगे।     चौथा दिन 14 नवंबर: सुबह बड़वाह से प्रस्थान होगा। कोठावां, मोदरी में रात्रि विश्राम। चिकित्सक कैंप लगाकर स्वास्थ्य संबंधी दवाइयां रखेंगे। पानी के टैकर रखे जाएंगे। वन विभाग के कर्मचारी यात्रा संबन्धित व्यवस्थाए लगाने में सहयोग देंगे। महोदरी,कड़ियांकुंड, सिद्ध्वरकूट में रात्रि विश्राम।     पांचवां दिन 15 नवंबर : बांध द्वारा सिद्धवरकूट से ओंकारेश्वर पहुंचेंगे। ओंकारेश्वर दर्शन कर यात्रा समाप्त होगी। एनएसडीसी को पत्र लिखकर बांध से निकलने की अनुमति मांगी जाएगी। यात्रा की तैयारियों पर चर्चा एसडीएम प्रताप सिंह अगास्या और एसडीओपी अर्चना रावत ने यात्रा की तैयारियों के लिए ब्लॉक स्तर पर अधिकारियों और ग्राम पंचायतों के सरपंचों के साथ बैठक की। एसडीएम ने कहा कि यह क्षेत्र की सबसे बड़ी धार्मिक यात्रा है, इसलिए सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी होनी चाहिए। एसडीओपी अर्चना रावत ने नावों की सुरक्षा और उनकी स्थिति जांचने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। यात्रा व्यवस्थाएं नावों की सुरक्षा: सभी नाविकों को लाइफ जैकेट पहनने और क्षमता से अधिक सवारी न बैठाने के निर्देश दिए गए हैं। लोहे की नावों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहेगा। सफाई और स्वास्थ्य: यात्रा मार्ग पर साफ-सफाई, स्वास्थ्य शिविर और पानी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस सहायता केंद्र और गोताखोरों की तैनाती भी की जाएगी।   recent visitors 203