सीहोर : हाइवे पर मॉर्निंग वॉक कर रहे तीन लोगों को कार ने कुचला, दो की मौत

सीहोर  सीहोर जिले में सोमवार की सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले तीन लोगों को तेज रफ्तार कार ने कुचल दिया, जिनमें से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया. घायल व्यक्ति को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इस हादसे के बाद कार बीच सड़क पर ही पलट गई थी. उसे क्रेन मशीन से हटाया गया. जानकारी के अनुसार, भोपाल-इंदौर हाइवे पर सैकड़ा खेड़ी के पास एक अनियंत्रित कार ने मॉर्निंग वॉक कर रहे तीन लोगों को रौंद दिया, जिसमें दो की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया. स्थानीय लोगों की मदद से उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मृतक रिटायर्ड फौजी और मेडिकल संचालक बताया जा रहे हैं. हादसे में 2 की मौत, एक गंभीर घायल बताया गया है कि कार चालक को नींद की झपकी आ गई, जिसके बाद ये हादसा हुआ. इस हादसे में गोविंद (50) और मुकेश (45) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अनिल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है. ड्राइवर को नींद आने की वजह से हुआ हादसा पुलिस अधिकारी ने बताया कि सागर से तीन युवक कार से इंदौर जा रहे थे तभी लापरवाही से कार ड्राइव करने के कारण ये हादसा हुआ. उन्होंने बताया कि कार सवारों को भी मामूली चोटें आईं. अधिकारी ने बताया कि पूछताछ के दौरान कार सवार लोगों ने कहा कि ड्राइवर को नींद आ गई थी, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई.   recent visitors 137

जिला न्यायालय के सामने दो पक्ष आपस में भिड़ेः जमकर चले लाठी डंडे, आठ लोग घायल, वीडियो वायरल

Fighting with sticks between two parties in front of the District Court, eight people injured मुरैना ! जिला न्यायालय के बाहर हुई एक गंभीर घटना ने सभी को चौंका दिया। जिला न्यायालय के सामने दो पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडों से मारपीट हुई, जिसमें आठ लोग घायल हो गए। यह बवाल पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद को लेकर पेशी के दौरान शुरू हुआ। घटना उस समय हुई जब दोनों पक्ष न्यायालय में उपस्थित हुए थे। पेशी खत्म होने के बाद, अचानक दोनों पक्षों का आमना-सामना हो गया। एक पल में स्थिति बिगड़ गई, और समर्थकों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडे से हमला कर दिया। इस दौरान अदालत परिसर में अफरातफरी मच गई, और कई लोग केवल तमाशाई बनकर देखते रहे। घायलों की स्थिति मारपीट में घायल हुए लोगों को तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। घायलों में से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है, और चिकित्सक उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस कार्रवाई कोतवाली थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में पुलिसकर्मी भी मौजूद थे, लेकिन वे स्थिति को नियंत्रित करने में असफल रहे। पुलिस ने बताया कि घटना के बाद दोनों पक्ष थाने पहुंचे और एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए। अधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और सभी घायलों के बयान दर्ज किए जाएंगे। न्यायालय परिसर की सुरक्षा पर सवाल इस घटना ने न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। कई लोगों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए बेहतर सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है। न्यायालय परिसर में उपस्थित लोगों ने कहा कि अगर पुलिस सक्रिय होती, तो यह मारपीट इतनी गंभीर नहीं होती। इस घटना ने मुरैना में एक बार फिर से कानून-व्यवस्था के मुद्दे को उजागर किया है। सभी की निगाहें अब पुलिस की कार्रवाई और न्यायालय परिसर में सुरक्षा उपायों पर हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि वह मामले की गहराई से जांच करेगी और सभी संबंधित लोगों को सजा दिलाने का प्रयास करेगी। recent visitors 182

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छत्तीसगढ़ के राज्योत्सव के लिए दी बधाई और शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तथा प्रदेशवासियों को राज्योत्सव की बधाई और शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को दिए संदेश में कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़, विकास के नए सोपानों की ओर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ द्वारा अपने स्थापना दिवस पर राज्य उत्सव का आयोजन हर्ष और प्रसन्नता का विषय है। मध्यप्रदेश से अलग होकर ही छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ, जिसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ का बहुत पुराना संबंध है, दोनों राज्य, विकास और जन कल्याण की दिशा में समन्वित रूप से प्रगति पथ पर अग्रसर होने के लिए संकल्पबद्ध हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ से बड़े समूह में आने वाले हाथियों की सूचना के आदान-प्रदान और उनके प्रबंधन के संबंध में कार्य योजना बनाने पर भी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा।   recent visitors 54

रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर तक ले जाने वाले रोप-वे को उड़ीसा की एक कंपनी बनायेगी

 उज्जैन रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर तक ले जाने वाला रोप वे उड़ीसा की कंपनी बनायेगी। कंपनी का टेंडर फाइनल हो गया है। माना जा रहा है कि साल 2026 तक यह पूरा हो जायेगा। महाकाल दर्शन के लिए दर्शनार्थी उज्जैन रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर तक रोप-वे से आ-जा सकेंगे। इसके लिए उड़ीसा की एमएस इंफ्रा इंजीनियर कंस्ट्रक्शन कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट मिला है। कंपनी ने इनिशियल वर्क भी शुरू कर दिया है। उज्जैन रेलवे स्टेशन से नूतन स्कूल-महाकाल मंदिर प्रशासक कार्यालय तक बनने वाला यह रोप-वे 1.76 किलोमीटर लंबा होगा। मोनोकेबल डिटैचेबल गोंडोला (एमडीजी) सिस्टम से ऑपरेट होने वाले रोपवे में रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर तक 3 स्टेशन बनाए जाएंगे। रोप-वे में होंगे 48 केबिन सूत्रों के मुताबिक रोप-वे में 48 केबिन होंगे। हर 1 केबिन में एक समय में 10 लोग आ-जा सकेंगे। रोप-वे 16 घंटे चालू रहेगा। इस हिसाब से मोटे तौर पर माना जा रहा है कि 16 घंटे में 60 हजार से अधिक श्रद्धालु इसमें आना-जाना कर सकेंगे। रेलवे स्टेशन से आखिरी स्टेशन तक पहुंचने में करीब 6 मिनट का समय लगेगा। रोपवे 2026 तक शुरू हो जाएगा। रोजाना दो से ढाई लाख दर्शनार्थी आते हैं उज्जैन सिहस्थ 2028 को देखते हुए रोप-वे को बेहद अहम माना जा रहा है। श्री महाकाल लोक बनने के बाद से सामान्य दिनों में ही महाकाल के दर्शन करने के लिए रोजाना औसतन दो से ढाई लाख श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।जबकि पर्व-त्योहार और विशेष अवसरों पर ये संख्या बढ़कर 5 लाख से 10.50 लाख तक पहुंच रही है। ऐसे में शहर में भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रोप-वे की प्लानिंग की गई है। इसके लिए केंद्र सरकार के सड़क परिवहन मंत्रालय ने 189 करोड़ रुपए की स्वीकृति दे रखी है। रोप-वे का विकास, संचालन और रखरखाव नेशनल हाईवे-रोपवे प्रोजेक्ट करेगा। 2022 में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने की थी घोषणा 2022 में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग, जहाजरानी, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी सडकों के लोकार्पण के लिए उज्जैन पहुंचे थे। तब उन्होंने महाकाल मंदिर आने वाले भक्तों की सुविधा के लिए हवा में टैक्सी चलाने की बात कही थी। बाद में उन्होंने मंच से रोप-वे की सौगात देकर कहा था कि शहर में जल्द ही महाकाल के भक्तों के लिए इसकी शुरूआत करेंगे। इसके बाद सर्वे प्लानिंग, डीपीआर समेत दूसरे जरूरी काम पूरे किए गए। अब टेंडर होने के बाद रोप-वे का काम शुरू हो चुका है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट में इस बात की भी जानकारी दी थी कि रोप-वे स्टेशन में लोगों के लिए फूड जोन, प्रतीक्षालय, शौचालय के साथ बस और कार पार्किंग की फैसिलिटी भी मिलेगी। recent visitors 161

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में हंगमा, पीडीपी ने अनुच्छेद 370 को लेकर रखा प्रस्ताव

श्रीनगर  नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता एवं पूर्व वित्त मंत्री अब्दुल रहीम राथर सोमवार को जम्मू-कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष चुने गये। कृषि उत्पादन, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, सहकारिता एवं निर्वाचन मंत्री ने विधानसभा में राथर के नाम का प्रस्ताव पेश किया और सदन के सदस्य अर्जुन सिंह ने राथर को अध्यक्ष के चुने जाने का समर्थन किया। इससे पहले केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का पहला विधानसभा सत्र मंगलवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच श्रीनगर में शुरू हुआ। सात बार के विधायक राथर का जन्म 1944 में चाडूरा के बांदीपोरा गांव में हुआ था और वह बडगाम जिले के चरार-ए-शरीफ विधानसभा क्षेत्र से जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने पिछली नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकारों में वित्त सहित कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों का कार्यभार संभाला था। उन्होंने 1968 में कश्मीर विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की और 1971 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में एल.एल.बी. किया। गौरतलब है कि राथर ने पहली बार नेशनल कांफ्रेंस के उम्मीदवार के रूप में चरार-ए-शरीफ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से 1977 में जम्मू-कश्मीर विधान सभा चुनाव जीता। बाद में वह 1983, 1987, 1996, 2002 और 2008 में लगातार पांच बार जीते। वर्ष 2014 में राथर जम्मू- कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के गुलाम नबी लोन से हार गए। राथर ने हाल ही में हुए विधान सभा चुनाव में चरार-ए-शरीफ से सातवीं बार जीत हासिल की।   जम्मू-कश्मीर विधानसभा में हंगमा, पीडीपी ने अनुच्छेद 370 को लेकर रखा प्रस्ताव  जम्मू-कश्मीर विधानसभा में सोमवार को पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के विधायक वहीद-उर-रहमान पारा की ओर से संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के खिलाफ प्रस्ताव पारित करने की मांग किये जाने के बाद जमकर हंगामा हुआ। सदन की कार्यवाही के पहले दिन विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव के बाद सदन में बोलते हुए पारा ने जम्मू-कश्मीर से संबंधित अनुच्छेद 370 को बहाल करने की मांग करते हुए प्रस्ताव पारित करने का अनुरोध किया। उन्होंने पीडीपी का प्रस्ताव अध्यक्ष को सौंपते हुए कहा, “मैं विधानसभा से अनुच्छेद 370 की बहाली के लिए प्रस्ताव पारित करने का अनुरोध करता हूं।” इसके बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक सदन में खड़े हो गए और अध्यक्ष से वहीद के शब्दों को सदन की कार्यवाही से हटाने का आग्रह किया। अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने हालांकि भाजपा नेताओं को सलाह दी कि वे इसे उन पर छोड़ दें। उन्होंने कहा, “आप अध्यक्ष को शर्तें नहीं बता सकते।” इसके बाद भाजपा विधायक हंगामा करने लगे। विधानसभा अध्यक्ष ने हालांकि सदस्यों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन विधायक हंगामा करते रहे। इस मुद्दे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, “उन्हें पता था कि कुछ सदस्य प्रस्ताव पेश करेंगे, लेकिन उन्हें उम्मीद नहीं थी कि सत्र के पहले दिन ऐसा होगा।” हंगमा देख विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी।     recent visitors 73

Air Pollution : जहरीली हवा से पाक के शहर बेहाल, AQI पहुंचा 1000 के पार

लाहौर पाकिस्तान का लाहौर प्रदूषण से जूझ रहा है, इसको देखते हुए वहां के सभी प्राइमरी स्कूलों को एक सप्ताह के लिए बंद कर दिया गया है. शनिवार को पाकिस्तान के लाहौर में प्रदूषण का स्तर 1000 के पार पहुंच गया, ये काफी खतरनाक स्तर है. वहीं पाकिस्तान के पंजाब में भी AQI रविवार को 1000 पहुंच गया है. जो कि अभूतपूर्व है. लाहौर के 14 मिलियन के करीब लोग प्रदूषण का शिकार हो रहे हैं, ये प्रदूषण, डीजल वाली गाड़ियों से निकालने वले धुआं और पराली जलाने के साथ- साथ मौसम सर्द होने के कारण बढ़ रहा है. लाहौर के पर्यावरण अधिकारी ने बताया कि मौसम पूर्वानुमान के अनुसार शहर की हवा आने वाले 6 दिनों में ऐसी ही रहने वाली है और इसमें सुधार की गुंजाइश नहीं है. जिस वजह से लाहौर के सभी प्राथमिक स्कूलों को एक सप्ताह के लिए बंद कर दिया गया है. बच्चों के लिए प्रदूषण ज्यादा खतरनाक है पंजाब (पाकिस्तान)  की मंत्री मरियम औरंगजेब ने कहा कि ये धुआं लोगों के लिए कभी हानिकारक है, हम लगातार स्थितियों पर नजर रख रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि हमने बच्चों के लिए स्कूल में मास्क को अनिवार्य कर दिया है. बच्चों को प्रदूषण से ज्यादा खतरा होता है, क्योंकि बच्चों का फेफड़ा बड़ो की तुलना में कम विकसित होता है. औसत जीवन प्रत्याशा में आई गिरावट पिछले सप्ताह लाहौर के अधिकारियों ने सारे स्कूलों में बाहर की गतिविधियों पर अगले साल की जनवरी तक के लिए रोक लगा दिया था, साथ ही प्रदूषण से बचने के लिए स्कूल के समय भी बदलाव किया था. इसके अलावा लाहौर के सरकारी और निजी दफ्तरों ने भी अपने आधे कर्मचारियों को सोमवार से घर से काम करने के लिए कहा है. वहीं शिकागो विश्वविद्यालय के एनर्जी पॉलिसी इंस्टीट्यूट के अध्ययन के अनुसार लाहौर के लोगों की औसतन जीवन प्रत्याशा में 7.5 साल की कमी आई है.     recent visitors 80

भोपाल: मध्यप्रदेश में निगम-मंडलों की नियुक्तियों को लेकर सियासी हलचल

Bhopal: Discussions on appointments in corporations and boards intensify in Madhya Pradesh, leaders are waiting for appointments. भोपाल: मध्यप्रदेश में जल्द ही निगम-मंडलों में नियुक्तियां हो सकती हैं, जिसको लेकर सियासी गलियारों में खूब चर्चा हो रही है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों के कई नेता इन पदों के लिए इंतजार कर रहे हैं। इंतजार करें भी क्यों न टिकट कटने के बाद पार्टी उन्हें ‘जरूरी’ मानते हुए किसी न किसी पद पर तो स्थान देगी ही। बस इसी उम्मीद में ‘नेता जी’ आस लगाए बैठे हैं। और पार्टी के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। वैसे इसे लेकर पार्टी से भी संकेत मिलने लगे हैं। एमपी के सियासी गलियारों में यह चर्चा पिछले दो तीन महीनों से जोरों शोरों पर है। जब दो महीने पहले सीएम मोहन यादव का दिल्ली दौरा हुआ था तब भी मामले ने जमकर तूल पकड़ा था। कयास लगाए जा रहे थे कि दिल्ली में आलाकमान से मिलने के बाद नेताओं के नाम फाइनल किए जा रहे हैं। इन नेताओं के नाम रेस मेंबीजेपी के विनोद गोटिया, हेमंत खंडेलवाल और राजेंद्र सिंह राजपूत जैसे दिग्गज नेता इन पदों की कतार में आगे हैं। वहीं कांग्रेस से दीपक सक्सेना और गजेंद्र सिंह राजूखेड़ी का नाम भी चर्चा में है। हालांकि, पार्टियों के द्वारा कोई भी निर्णय पब्लिक नहीं किया गया है। इसके कारण कई नेताओं के सब्र का बांध भी भरता जा रहा है। विरोधाभासी रहा इतिहासदिलचस्प बात यह है कि शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली पिछली बीजेपी सरकार ने इन पदों पर नियुक्तियां की थी। बाद में फरवरी 2024 के समय मोहन सरकार ने निगम मंडल की नियुक्तियां को निरस्त कर दिया था। अब देखना होगा कि किन-किन नेताओं को इन पदों पर जगह मिलती है। recent visitors 95