ट्रेन में यात्रा करते समय बिना किसी कारण के की चेनपुलिंग तो खैर नहीं, रेलवे ले रहा सख्त ऐक्शन

नई दिल्ली ट्रेन में यात्रा करते समय बिना किसी वजह से अलार्म चेन खींचने वालों को सावधान हो जाने की जरूरत है। रेलवे ने ऐसे ही मामले में एक व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज किया है, जिस पर महाराष्ट्र के नासिक रोड स्टेशन पर बिना किसी वैध कारण के अलार्म चेन खींचने का आरोप है। मध्य रेलवे की ओर से जारी बयान में कहा गया कि अलार्म चेन खींचने की घटना सामने आई है। ट्रेन नंबर 22221 डाउन राजधानी एक्सप्रेस में नासिक रोड प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर शाम 6:44 बजे अलार्म बजा। इससे रेलगाड़ी को 6:47 बजे तक तीन मिनट के लिए रुकना पड़ा। जांच करने पर पता चला कि 53 वर्षीय यात्री तपस मोनिंद्र मोहरी अपनी पत्नी काजल तापस मोहरी और बेटी खुशी के साथ नासिक से मथुरा की यात्रा कर रहे थे। संजीव रतन चंद पथरिया उनकी मदद के लिए आए, जो प्लेटफार्म टिकट खरीद रहे थे। इसी बीच, ट्रेन के चलने का समय हो गया और संजीव समय पर नहीं उतर सके। इसे देखते हुए उन्होंने अलार्म चेन खींचकर ट्रेन रोक दी। इसके बाद ड्यूटी पर मौजूद आरपीएफ स्टाफ ने संजीव को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान उन्होंने बिना किसी वैध कारण के अलार्म चेन खींचने की बात स्वीकार की।   रेलवे एक्ट की धारा 141 के तहत केस दर्ज संजीव रतन चंद के खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 141 के तहत केस दर्ज हुआ है। फिलहाल, इसे लेकर आगे की जांच चल रही है। मालूम हो कि रेलवे यात्रियों को बिना वैध कारण के यात्रा के दौरान अलार्म चेन खींचने की मनाही है। ऐसा करने पर रेलवे अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाती है। दूसरी ओर, दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ के कोरबा में शनिवार को रेलवे लाइन निर्माण के दौरान दर्दनाक हादसे में मिट्टी धसने से एक मजदूर की मौत हो गई। दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों मजदूर झारखंड निवासी थे। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। recent visitors 75

पाकिस्तान से तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, पंजाब में 105 किलोग्राम हेरोइन बरामद: पंजाब पुलिस

चंडीगढ़ पंजाब में सीमा पार से मादक पदार्थ की तस्करी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। यहां पर 105 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई है। पंजाब पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि इसी के साथ विदेश में रह रहे मादक पदार्थ तस्कर से जुड़े दो लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने बताया कि पाकिस्तान से मादक पदार्थ लाने के लिए समुद्री मार्ग का इस्तेमाल किया जाता था और टायरों के बड़े रबर ट्यूब भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि विदेश में रह रहे मादक पदार्थ तस्कर के दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से पांच विदेशी पिस्तौल और एक देसी तमंचा भी बरामद की गई है। यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में बताया कि पंजाब में एक खुफिया अभियान के दौरान सीमा पार से मादक पदार्थ की तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। विदेश में रह रहे मादक पदार्थ तस्कर नवप्रीत सिंह उर्फ ​​नव भुल्लर के दो साथियों को गिरफ्तार किया गया है और उनके पास से 105 किलोग्राम हेरोइन, 31.93 किलोग्राम कैफीन एनहाइड्रस, 17 किलोग्राम डीएमआर, पांच विदेशी पिस्तौल और एक देसी कट्टा बरामद हुआ है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान नवजोत सिंह और लवप्रीत कुमार के रूप में हुई है। गौरव यादव ने बताया कि पाकिस्तान से नशीला पदार्थ लाने के लिए समुद्री मार्ग का इस्तेमाल किया जाता था। टायरों के बड़े रबर ट्यूब भी बरामद किए गए। इससे पता चलता है कि समुद्री मार्ग के जरिए इनकी तस्करी होती थी। डीजीपी ने बताया कि इस घटना के संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है तथा मादक पदार्थ की तस्करी करने वाले गिरोह में शामिल अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है। recent visitors 32

विकल्प स्कीम का उपयोग करके आप त्योहारों पर ट्रेन में सफर करने के लिए पाए कन्फर्म टिकट

नई दिल्ली दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहारों पर ट्रेन में सफर करना किसी चुनौती से कम नहीं है और समस्या तब और बढ़ जाती है जब आपके पास कन्फर्म टिकट न हो। अगर आप भी इस दिवाली या छठ पर अपने घर जाने के लिए उत्सुक हैं और कन्फर्म टिकट बुक करना चाहते हैं, तो यह खबर आपके काम आ सकती है। यात्रियों को राहत देने के लिए और कन्फर्म टिकट पाने में मदद करने के लिए, भारतीय रेलवे (IRCTC) एक खास स्कीम लेकर आया है, जिसे विकल्प स्कीम (Vikalp Scheme) नाम दिया गया है। यह स्कीम वेटिंग लिस्ट वाले टिकट के साथ फंसे यात्रियों को राहत प्रदान करती है। यह स्कीम उसी रूट पर चल रही अल्टरनेट ट्रेनों में कन्फर्म सीट पाने में मदद करती है। ध्यान रहें कि यह स्कीम कन्फर्म टिकट मिलने की गारंटी नहीं देती है। क्या है Vikalp Scheme? विकल्प स्कीम IRCTC की एक पहल है, जिसे यात्रियों को अल्टरनेट ट्रेनों का विकल्प प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है, जिन्हें अपनी मूल ट्रेन में कन्फर्म सीट नहीं मिल पाती है। यह स्कीम फ्लेक्सिबिलिटी प्रदान करेगी, जिससे वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को उसी रूट पर उपलब्ध सीटों वाली अल्टरनेट ट्रेनों में ट्रांसफर किया जाता है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि विकल्प स्कीम का चयन करने से कन्फर्म सीट मिलने की गारंटी नहीं मिलती। इससे केवल कन्फर्म सीट मिलने की संभावना बढ़ जाती है। IRCTC की Vikalp Scheme कैसे काम करती है? जब कोई यात्री विकल्प स्कीम का विकल्प चुनता है, तो उसकी वेटिंग लिस्ट वाली टिकट को किसी अन्य ट्रेन में शिफ्ट कर दिया जाता है, जिसमें सीटें उपलब्ध हैं और जो मूल रूप से निर्धारित डिपार्चर के 12 घंटे के भीतर चल रही हैं। यह सुविधा/स्कीम विशेष रूप से दिवाली और छठ जैसे सबसे व्यस्त त्योहारों के दौरान उपयोगी साबित होती है, जब लोग अंतिम समय में टिकट कन्फर्म होने की उम्मीद में रहते हैं, जो काफी रेयर होता है। यदि किसी अल्टरनेट ट्रेन में सीट उपलब्ध हो जाती है तो यात्री का टिकट ऑटोमैटिकली उसमें कन्फर्म हो जाता है। हालांकि, यदि टिकट कन्फर्म हो गया है और बाद में उसे कैंसिल किया जाता है, तो स्टैंडर्ड कैंसिलेशन चार्ज वसूला जाता है। हालांकि IRCTC की विकल्प स्कीम से कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना को बढ़ाने में मदद मिल सकती है, लेकिन उपलब्ध विकल्पों के आधार पर यात्रियों को अपने बोर्डिंग या डेस्टिनेशन स्टेशन को पास के अल्टरनेट स्टेशनों पर शिफ्ट करना पड़ सकता है। यह फ्लेक्सिबिलिटी उस परेशानी को कम करने में मदद करेगी, जो अक्सर बड़े त्योहारों में यात्रा के दौरान वेटिंग लिस्ट वाली बुकिंग के साथ जुड़ी होती है। Vikalp Scheme का उपयोग कैसे करें? यहां हम आपको IRCTC ट्रेन टिकट बुक करते समय Vikalp Scheme को सिलेक्ट करने का स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस बता रहे हैं: 1. IRCTC की वेबसाइट या ऐप पर जाएं और लॉग इन करें। 2. अपनी यात्रा की तारीख, सोर्स, डेस्टिनेशन और क्लास चुनें। 3. पैसेंजर डिटेल दर्ज करें और अपनी बुकिंग को कन्फर्म करने के लिए भुगतान करें। 4. संकेत मिलने पर, विकल्प स्कीम विकल्प चुनें। 5. यहां अल्टरनेट ट्रेनों की एक लिस्ट दिखाई जाएगी। यदि उपलब्ध हो तो अल्टरनेट ट्रेन चुनें। 6. चार्ट तैयार होने के बाद, अपनी पीएनआर स्टेटस चेक करें कि क्या अल्टरनेट ट्रेन में आपकी बुकिंग कन्फर्म हुई है। Vikalp Scheme के खास फीचर्स: 1. यह केवल मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए उपलब्ध है। 2. यह स्कीम केवल वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों पर लागू होती है। 3. इस स्कीम में शामिल होने के लिए कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं देना पड़ता है। 4. विकल्प चुनने वाले यात्रियों को स्वचालित रूप से अल्टरनेट ट्रेनों के लिए विचार किया जाता है। 5. एक बार अल्टरनेट ट्रेन में शिफ्ट होने के बाद, यात्री मूल ट्रेन में सवार नहीं हो सकते। इस दिवाली Vikalp Scheme चुनने के फायदे: फेस्टिव सीजन के दौरान यात्रियों को अक्सर वेटिंग लिस्ट वाली टिकट की परेशानी का सामना करना पड़ता है। विकल्प स्कीम कन्फर्म सीट की संभावना बढ़ाकर राहत प्रदान करती है: 1. कन्फर्म टिकट की अधिक संभावना: वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अल्टरनेट ट्रेनों में सीट मिलने की अधिक संभावना होती है। 2. कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं (ज्यादातर): यात्रियों को केवल अपने मूल टिकट के लिए भुगतान करना होता है, अल्टरनेट ट्रेन के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होता। 3. फ्लेक्सिबिलिटी: यह स्कीम सीट उपलब्धता के आधार पर अल्टरनेट ट्रेनों में ईजी ट्रांसफर को सक्षम बनाती है, जिससे व्यस्त ट्रैवल सीजन के दौरान पुनः बुकिंग की परेशानी कम हो जाती है। recent visitors 50

कस्टम विभाग ने अबू धाबी से अपने प्राइवेट पार्ट में एक किलो से अधिक सोना छुपाकर भारत लाए एक यात्री को पकड़ा

जयपुर राजस्थान के जयपुर एयरपोर्ट पर सोने की तस्करी का एक हैरान करने वाला अजीबोगरीब मामला सामने आया है। कस्टम विभाग ने अबू धाबी से अपने प्राइवेट पार्ट में एक किलो से अधिक सोना छुपाकर भारत लाए एक यात्री को जयपुर पर पकड़ा है। जानकारी के अनुसार, जयपुर एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने अबू धाबी से जयपुर आए भारत के ही एक यात्री को सोने की तस्करी के मामले में पकड़ा है। उस यात्री ने अपने प्राइवेट पार्ट में एक किलो से अधिक सोना छिपा रखा था। पकड़े गए आरोपी की पहचान महेंद्र खान के रूप में हुई है, जो ब्यावर का रहने वाला है। कस्टम विभाग के एक अधिकारी ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पकड़े गए सोने की अनुमानित कीमत 90 लाख रुपये से अधिक है। अधिकारी ने बताया कि ब्यावर निवासी यात्री महेंद्र खान बुधवार को जयपुर हवाई अड्डे पर पहुंचा था और उसे गोपनीय सूचना के आधार पर सुरक्षा जांच चौकी पर रोका गया था। उनके अनुसार संदेह होने पर उसकी एक्स-रे जांच कराने के लिए अदालत से अनुमति ली गई। अधिकारी ने बताया कि आरोपी को जयपुरिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां एक्स-रे जांच के बाद उसके मलाशय (Rectum) से सोने के तीन कैप्सूल बरामद किए गए। उन्होंने बताया कि बरामद किए गए शुद्ध सोने का वजन 1121 ग्राम है, जिसकी अनुमानित कीमत 90.12 लाख रुपये है। अदालत ने आरोपी को 14 दिन के लिए जेल भेज दिया है। एयर इंडिया की एयर होस्टेस भी हुई थी गिरफ्तार गौरतलब है कि इससे पहले भी ऐसे ही एक अन्य मामले में केरल के कन्नूर एयरपोर्ट पर एयर इंडिया की एक एयर होस्टेस सुरभि खातून को गिरफ्तार कर पास से लगभग एक किलो सोना बरामद किया गया था। कोलकाता की रहने वाली 26 वर्षीय एयर होस्टेस सुरभि खातून यह सोना मस्कट से अपने प्राइवेट पार्ट (Rectum) में छिपाकर भारत लाई थी। बताया गया था कि वह पहले भी इस तरह से कई बार सोने की तस्करी कर चुकी है। recent visitors 76

इजरायली हमले में 100 से ज्यादा मिसाइलें दागीं, स्वाहा हो गईं ईरान की मिसाइल फैक्ट्रियां, दिखी भीषण तबाही

ईरान ईरान पर इजरायली हमले में बड़े नुकसान की खबरें आ रही हैं। जानकारी के मुताबिक इजरायल ने राजधानी तेहरान के करीब सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया। इजरायल ने 100 से ज्यादा मिसाइलें दागीं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक एक कमर्शल सैटलाइट इमेजरी प्लैनेट लैब्स के मुताबिक इजरायल ने ईरान के बलिस्टिक मिसाइल फ्यूल मिक्सिंग सेंटर को भी नष्ट कर दिया। यहां पर बलिस्टिक मिसाइल के लिए ठोस ईंधन को मिक्स किया जाता था। इसके अलावा मिसाइलों के गोदाम में तबाह कर दिया गया। ऐसे में ईरान को सैन्य स्तर पर भारी नुकसान हुआ है। यूएन के पूर्व हथियार निरीक्षक डेविड आलब्राइट और वॉशिंगटन के थिंकटैंक सीएनए के अनालिस्ट डेकर एवेलेथ ने बताया कि तेहरान के पास सैन्य ठिकाने को पूरी तरह बर्बाद कर दियागया है। यहां एक मिसाइल प्रोडक्शन साइट को भी निशाना बनाया गया है। उन्होंने बताया कि इजरायल के इस हमले के बाद ईरान के मिसाइल निर्माण पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है। ईरान ने 1 अक्टूबर को इजरायल पर मिसाइल हमला किया था। इजरायल ने तेहरान को ईसी का जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि तीन बार में इजरायली विमानों ने मिसाइल फैक्ट्रियों को निशाना बनाया। ईरान की सेना ने कहा कि इजरायली विमान रडार सिस्टम को तबाह करना चाहते थे। वहीं एवेलेथ ने बताया कि सामने आई तस्वीरों में देखा जा सकता है कि खोजिर की इमारत को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है। यहीं पर बलिस्टिक मिसाइलों की फ्यूल मिक्सिंग का काम होता ता। रॉयटर्स के मुताबिक तस्वीरों में देखा गया है कि इमारत खंडहर में बदल गई है। चारों ओर धूल जमा है। इस इमारत में ज्वलनशील फ्यूल मौजूद था। ऐसे में हमले के बाद बहुत भीषण आग लग गई और सब स्वाहा हो गया। प्लैनेट लैब्स इमेजरी की तस्वीरों में दिखा जा सकता है कि इजरायल ने तीन बलिस्टिम मिसाइल फ्यूल मिक्सिंगि सेंटरों को नष्ट कर दिया। इसके अलावा गोदाम को भी तबाह कर दिया। उन्होंने कहा कि यह नहीं पता चला है कि इमेजरी को ये तस्वीरें कहां से मिली हैं। बता दें कि ईरान में पूरे मध्य एशिया में सबसे ज्यादा मिसाइल बनाए जाते हैं और रूस को सप्लाई होती हैं। इसके अलावा हूती विद्रोही और हिजबुल्लाह भी उनका इस्तेमाल करता है। हालांकि तेहरान और मॉस्को दोनों इस बात से इनकार करते रहे हैं कि वे आपस में मिसाइलों का सौदा करते हैं। recent visitors 58

बांद्रा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर रविवार को भगदड़ मच गई, इस घटना में 9 लोग घायल

बांद्रा महाराष्ट्र में बांद्रा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर रविवार को भगदड़ मच गई। इस घटना में 9 लोग घायल हुए हैं। बीएमसी की ओर से बताया गया कि घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि अत्यधिक भीड़ के चलते यह हादसा हुआ। नगर निकाय के एक अधिकारी ने बताया कि ट्रेन में चढ़ने के लिए धक्का-मुक्की के दौरान यह भगदड़ मची। यह घटना बांद्रा टर्मिनल के प्लेटफॉर्म संख्या 1 पर सुबह 5 बजकर 56 मिनट पर हुई। बृहन्मुंबई महानगरपालिका के अधिकारी ने बताया कि 22921 बांद्रा-गोरखपुर एक्सप्रेस ट्रेन पर चढ़ने के लिए यात्रियों की भारी भीड़ थी। अधिकारी ने बताया कि घायलों की पहचान हो गई है। इनमें शबीर अब्दुल रहमान (40), परमेश्वर सुखदर गुप्ता (28), रवींद्र हरिहर चूमा (30), रामसेवक रवींद्र प्रसाद प्रजापति (29), संजय तिलकराम कांगे (27), दिव्यांशु योगेंद्र यादव (18), मोहम्मद शरीफ शेख (25), इंद्रजीत सहानी (19) और नूर मोहम्मद शेख (18) शामिल हैं।   हादसे को लेकर संजय राउत का भाजपा पर हमला बांद्रा हादसे को लेकर शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'जब से प्रधानमंत्री मोदी की सरकार तीसरी बार सत्ता में आई है और रेल मंत्री को फिर से जिम्मेदारी सौंपी गई है, तब से देश में 25 से ज्यादा बड़ी रेल दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। मुंबई जैसे शहर में जिसे उपनगरीय रेलवे कहा जाता है, देखिए वहां क्या हाल है? आप बुलेट ट्रेन, मेट्रो आदि की बात करते हैं। नितिन गडकरी हवा में बस चलाने की बात करते हैं, लेकिन आप जमीन पर हकीकत देख रहे हैं। बांद्रा में जो हुआ उसके लिए कौन जिम्मेदार है? क्या रेल मंत्री जिम्मेदार नहीं हैं?' कांग्रेस नेता बोले- रेलवे पर कौन करेगा भरोसा कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने बांद्रा की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि महाराष्ट्र में जंगलराज है। उन्होंने कहा, ‘कुछ दिन पहले खबर आई थी कि एक नेता को सरेआम गोली मार दी गई। आज खबर आ रही है कि भीड़ के कारण 9 लोग घायल हो गए। ये (भाजपा) शोर मचाते हैं कि डबल इंजन की सरकार होगी तो सब ठीक हो जाएगा। वहां डबल इंजन की सरकार है, उनके पास रेलवे भी है और कानून व्यवस्था भी। अगर यात्रियों के साथ ऐसी घटनाएं होंगी तो रेलवे पर कौन भरोसा करेगा? भाजपा सरकार पर भी कौन भरोसा करेगा?’ recent visitors 59

हत्या की शाजिश के चलते जिम ट्रेनर ने बिजनेस मैन की पत्नी को अगवा कर उतारा मोत के घाट, लाश को लगया ठिकाने

कानपुर कानपुर में जिम ट्रेनर विमल सोनी ने चार महीने पहले शेयर कारोबारी राहुल गुप्‍ता की 32 वर्षीय पत्‍नी एकता को अगवा कर मार डाला। जिम ट्रेनर विमल सोनी को जानने वाले लोगों, उससे हेल्थ टिप्स लेने वाले अफसरों और खिलाड़ियों ने सपने में नहीं सोचा होगा कि वह इतना शातिर है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक एकता के अपहरण से काफी पहले उसने साजिश का ताना-बाना रच लिया था। उसने अजय देवगन की फिल्म दृश्यम और दृश्यम-टू 22 बार देखी। एकता की हत्‍या के बाद उसकी लाश दफ्नाने के लिए विमल ने डीएम कैंपस में सेंध लगा दी। आफिसर्स क्‍लब में जहां अफसर रोज खेलने आया करते थे, एकता की लाश को दफ्न कर दिया। एकता, छह महीने से ग्रीन पार्क के जिम में व्यायाम करने जाती थी। उसके गायब होने के बाद पति ने जिम ट्रेनर विमल सोनी के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तब से पुलिस तलाश कर रही थी, लेकिन न एकता का सुराग मिला न विमल सोनी मिला। शनिवार को पुलिस के हत्थे चढ़े ट्रेनर की निशानदेही पर पुलिस ने एकता का शव डीएम कंपाउंड से सटे ऑफिसर्स क्लब में खुदाई के बाद बरामद कर लिया। यह परिसर डीएम के आवास से सटा है। करीब ही पुलिस लाइन और जेल भी है। कड़ी सुरक्षा में करीब दो घंटे की खुदाई के बाद कंकाल हो चुका शव बरामद किया गया। इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाले विमल सोनी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। फिल्म 'दृश्यम' में हत्या के बाद लाश उस जगह छिपाई जाती है, जहां थाना बन रहा है। सोच यह कि पुलिस कभी अपने ही थाने की खुदाई कर लाश तलाशने की नहीं सोचेगी। विमल को थाने में तो लाश दफ्न करने का मौका नहीं मिला पर उसने ‘किले’ जैसे डीएम कंपाउंड को जरूर चुन लिया। वह इलाके की कड़ी सुरक्षा, डीएम बंगले के सुरक्षा स्टाफ के बीच कैसे लाश वहां तक ले जा सका, यह बड़ा सवाल है। आईबी डायरेक्टर तक ने की थी बरामदगी की सिफारिश राहुल ने बताया कि पुलिस उसकी पत्नी के जाने को गंभीरता से नहीं ले रही थी। इसलिए उसको तलाशने में इतनी देर लग गई। बहनोई की बहन आईबी में अफसर है। उनके जरिए अईबी डायरेक्टर से सिफारिश कराई थी। कई अफसरों को फोन कराए। तब जाकर पुलिस के अफसर सक्रिय हुए। घंटाघर में मंगाए कपड़े 24 को एकता को अगवा करने के बाद विमल ने शाम को जूही मिलेट्री कैम्प स्थित बहन के घर पर कार खड़ी कर दी थी। पुलिस को कार वहीं से मिली थी। उसी दिन रात में विमल ने अपने भांजे से घंटाघर पर कपड़े मंगवाए थे। खुद विमल अपनी बहन के रिश्तेदार के घर में महोबा में छुपा था। वह लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। इसलिए पुलिस उसको तलाश नहीं पा रही थी। लोअर और बाल से शिनाख्त खुदाई के बाद आफिसर क्लब में एकता का सिर्फ कंकाल बरामद हुआ। पति ने बताया कि उसने शव की शिनाख्त एकता के लोअर और उसके बाल से की थी। मुझे ऐसी उम्मीद नहीं थी कि वह एकता को इस तरह से मार देगा। कोई जालिम भी ऐसे नहीं मारता है। आगे और सनसनीखेज खुलासे की संभावना सूत्रों के मुताबिक विमल ने एकता के अपहरण और हत्या का ताना-बाना जिस शातिराना ढंग से बनाया, उससे आगे और सनसनीखेज खुलासे होने की संभावनाएं हैं। मसलन बहुत संभव है कि उसने अपनी बेगुनाही के तमाम सबूत दृश्यम की तरह गढ़ रखे हों, जो वह अदालत में पेश करे। पुलिस को इस नजरिए से भी गहन छानबीन करनी होगी। दूर की कौड़ी यह भी कि कंकाल के रूप में मिला शव भी बदल तो नहीं दिया गया। क्या डीएनए जांच में यह हड्डियां एकता की होने की तस्दीक हो सकेंगी या डीएनए सैंपल बदलवाने के लिए भी विमल ने कोई जाल नहीं बुन रखा है? नीचे दफ्न थी एकता, ऊपर अफसर खेलते रहे अचरज ऐसे ही होते हैं। जिस जगह अफसर रोज बैडमिंटन और वॉलीबॉल खेलते रहे, वहीं पांच फिट गहराई में एकता का शव दफन था। कभी तो यहां गड्ढा खोदा गया होगा। एकता जिंदा या मुर्दा वहां तक लाई गई होगी। दफनाने में भी कुछ तो वक्त लगा होगा। त्रिनेत्र का नेटवर्क, डीएम बंगले की गारद और ऑफिसर्स क्लब में आने-जाने वालों को कुछ क्यों नहीं दिखा। ताजा खोदा या भरा गया गड्ढा वैसे तो दूर से ही दिख जाता है, पर वहां करीब ही खेलने वाले अनुभवी अफसरों को संदेह क्यों नहीं हुआ? करतूत में क्लब का कोई मिला है क्या आखिर जिम ट्रेनर विमल सोनी को क्लब में इतनी आसान एंट्री कैसे मिल गई? क्या अंदर का कोई इस करतूत में उसके साथ मिला है? किसकी मदद से वह ऐसे सुरक्षित स्थान तक लाश लेकर पहुंचा और बेखौफ होकर उसे दफन करने में कामयाब रहा। लाश के कंकाल में बदलने से जाहिर है कि यह ताजा मामला नहीं है। हत्या और दफनाने के महीनों बाद तक किसी को इस कांड की हवा क्यों नहीं लगी? खुलासा भी तब ही हो सका, जब खुद विमल पकड़ा गया। डीएम कैंपस की सुरक्षा में लगा दी ट्रेनर ने सेंध शातिर जिम ट्रेनर विमल सोनी का 2010 से आफिसर क्लब से लेकर डीएम आवास तक खूब आना जाना था। इसका उसने फायदा उठाकर रात में बंद रहने वाले आफिसर क्लब में एकता की हत्या करके उसके शव को दफना दिया। फिर भी शहर के सबसे सुरक्षित आवासीय परिसर में किसी को भनक तक नहीं लगी। डीएम आवास में पूरी रात गारद बैठती है, किसी को भी खुदाई और दफनाने की भनक तक न लगी। जिम ट्रेनर ने डीएम कैम्प की पूरी सुरक्षा में ही सेंध लगाकर अफसरों को खुली चुनौती दे डाली।   recent visitors 83