यूजर बेस में कमी से जियो नुकसान नहीं हुआ,उनका फोकस बेहतरीन 5G नेटवर्क प्रोवाइड करवाने पर

मुंबई रिलायंस जियो ने कुछ समय पहले ही रिचार्ज प्लान की कीमतों में इजाफा किया था। अब कंपनी के यूजर बेस पर भी इसका असर दिखाई देने लगा है। इसी का नतीजा है कि क्वार्टर 2 में करीब 10.9 मिलियन कस्टमर ने जिया का साथ छोड़ दिया है। अब सवाल है कि क्या जियो को इसकी चिंता करनी चाहिए ? तो इसका जवाब है नहीं। क्योंकि इसके पीछे मुख्य वजह है कि रिचार्ज प्लान की कीमत में इजाफा हुआ था। साथ ही इसको ऐसे बदाव होने पर अक्सर कंपनियों का यूजर बेस खिसक जाता है। जबकि, ओवरऑल आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो पता चलता है कि Jio का 5G सब्सक्राइबर बेस 17 मिलियन तक बढ़ा है। Jio का 5G सब्सक्राइबर बेस पहले 130 मिलियन था और अब ये बढ़कर 147 मिलियन तक हो गया है। इस समय ARPU फिगर भी पहले 181.7 था जो अब बढ़कर 195.1 तक पहुंच गया है। यही वजह है कि टेलीकॉम कंपनी का नेट प्रॉफिट भी बढ़कर 6,536 तक पहुंच गया है। Jio का ओवर ऑल सब्सक्राइबर बेस जरूर कम हो गया है। जियो को हुआ फायदा- जियो ने इस पर कहा कि कंपनी को पूरी उम्मीद थी कि इसका असर यूजर बेस पर नजर आएगा। क्योंकि कुछ समय पहले ही टैरिफ की कीमतों में इजाफा किया गया था। जियो का यूजर बेस गिरने से कंपनी को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। जियो का कहना है कि हमारा पूरा फोकस बेहतरीन 5G नेटवर्क प्रोवाइड करवाना है। फिक्स-वायरलेस एक्सेस सर्विस (FWA) की मदद से घरों को कनेक्ट किया जा सकता है। ऐसे में यूजर्स के लिए ये काफी फायदेमंद साबित होने वाला है। 10.9 मिलियन कस्टमर कम होने से जियो के बिजनेस पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। कंपनी की परफॉर्मेंस में ARPU खी वजह से सुधार हुआ है। हालांकि इससे अन्य कंपनियों को जरूर थोड़ा फायदा हुआ है। recent visitors 95

दिल्ली यमुना में फिर से ज़हरीला झाग दिखा, आपको काफी दूर तक सिर्फ़ यही झाग

 नई दिल्ली सर्दियों की दस्तक के साथ ही देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का जहर घुलने लगता है. इसके न केवल वायु प्रदूषण बल्कि पानी भी जहरीला हो रहा है. एक तरफ दिल्ली की हवा प्रदूषित हो रही है और सांसों पर पहरा लगा रही है. वहीं, दूसरी तरफ यमुना के पानी में झाग तैरने लगे हैं. छठ का त्योहार करीब है और यमुना जहरीली हो रही है. छठ से पहले जहरीली हुई यमुना यमुना का एक डराने वाला वीडियो सामने आया है. जिसमें नदी में झाग ही झाग नजर आ रहे है. बर्फ से नजर आने वाले ये झाग नदी में दूर-दूर तक फैले हुए हैं. ऐसा लग रहा है, जैसे नदी में पानी कम और झाग ज्यादा है. ये वीडियो कालिंदी कुंज इलाके का है. कैसी है आपके शहर की एयर क्वॉलिटी, यहां कीजिए चेक वायु प्रदूषण की बात करें तो पिछले कुछ दिनों में दिल्ली में AQI का लेवल तेजी से बढ़ा है. दिल्ली-एनसीआर में कुछ इलाकों का AQI 300 से ऊपर पहुंच गया है. वायु प्रदूषण बढ़ने पर दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लोगों को अपनी सेहत की फिक्र सताने लगती है. ताजा आंकड़ों की बात करें तो आज, 18 अक्तूबर को दिल्ली का औसत AQI 293 मापा गया, जो खराब श्रेणी में आता है लेकिन ये बहुत खराब स्थिति के बेहद करीब है. NCR में भी बिगड़ने लगी हवा     फरीदाबाद-219     गाजियाबाद-267     ग्रेटर नोएडा-277     गुरुग्राम-199     नोएडा-236 कैसे मापी जाती है एयर क्वालिटी? अगर किसी क्षेत्र का AQI जीरो से 50 के बीच है तो AQI ‘अच्छा’ माना जाता है, 51 से 100 AQI होने पर ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’माना जाता है, अगर किसी जगह का AQI 201 से 300 के बीच हो तो उस क्षेत्र का AQI ‘खराब’ माना जाता है. अगर AQI 301 से 400 के बीच हो तो ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच AQI होने पर ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है. वायु प्रदूषण से कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं.   recent visitors 72

दोहरे हत्याकांड में NSUI नेता का नाम आया सामने, खुद कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने की कार्रवाई की मांग तो मचा बवाल

 सूरजपुर सूरजपुर में हुए दोहरे हत्याकांड में NSUI के जिला अध्यक्ष का नाम आने के बाद अब राजनीतिक गलियारों में भी बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है. एक ओर जहां भाजपा लगातार कांग्रेस को घेरने में लगी हुई है वहीं कांग्रेस में आरोपी एनएसयूआई का जिला अध्यक्ष चंद्रकांत चौधरी के नियुक्ति को लेकर आपस में ही कलह शुरू हो गई है. कांग्रेस की जिला अध्यक्ष भगवती राजवाड़े ने छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट को खत लिखकर इस पूरे मामले में एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने पायलट को इस बात की जानकारी दी है कि आरोपी चंद्रकांत चौधरी पहले से ही अपराधिक प्रवृत्ति का रहा है और उनके द्वारा 2021-22 में तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी, प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को इसकी लिखित शिकायत करते हुए उसे पद से हटाने की मांग की थी. इस चिट्ठी में उन्होंने NSUI के प्रदेश अध्यक्ष और उनकी टीम पर भी कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है.  भगवती राजवाड़े ने 2021-22 में सोनिया गांधी, मोहन मरकाम और भूपेश बघेल को इस संबंध में चिट्ठी लिखी थी. ‘संगठन ने की शिकायत की अनदेखी' राजवाड़े ने सचिन पायलट को पत्र में लिखा है कि एनएसयूआई का नेता सीके चौधरी पर पहले से ही मारपीट, कोयला चोरी और नशाखोरी के मामले थानों में दर्ज हैं. उनकी नियुक्ति के दौरान भी एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया था. उन्होंने लिखा कि उनकी ओर से बार-बार राज्य संगठन से उसकी शिकायत की गई थी, लेकिन इसे अनदेखा किया गया. प्रदेश संगठन की कार्यशैली पर उठाए सवाल राजवाड़े ने पत्र में लिखा है कि दोहरे हत्याकांड के जघन्य अपराध में शामिल इस आरोपी ने पूरे जिले में कांग्रेस परिवार को शर्मसार कर दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स और जनमानस में ऐसी खबरें फैल रही है कि ऐसे आपराधिक व्यक्ति को पार्टी ने एनएसयूआई का जिला अध्यक्ष बनाया है. मनमाने तरीके से की गई नियुक्ति ने आज पूरे प्रदेश के संगठानत्मक ढांचे के संचालन पर सवाल खड़ा कर दिया है. क्या है मामला? सूरजपुर में हेडकांस्टेबल की पत्नी और बेटी की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी. इसमें सूरजपुर के पुराना बाजार निवासी कुलदीप साहू आरोपी है. वहीं अन्य आरोपियों में आर्यन विश्वकर्मा उर्फ गोल्डी, फूल सिंह उर्फ रिंकू सिं, सूरजपुर के ग्राम नेवरा निवासी एनएसयूआई जिलाध्यक्ष चंद्रकांत चौधरी उर्फ सीके चौधरी और ग्राम करवा लटोरी निवासी सूरज साहू का नाम शामिल है. recent visitors 81

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने हॉस्टल का औचक निरीक्षण किया, कहा- छात्रों को नहीं होनी चाहिए कोई समस्या

अंबिकापुर  छत्तीसगढ़ सरकार के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने गुरुवार को एक हॉस्टल का औचक निरीक्षण किया। हॉस्टल में व्यवस्था देखकर मंत्री जी भड़क गए और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। दरअसल, राज्य के आदिम जाति कल्याण व अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास, कृषि विकास एवं कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने गुरुवार को शासकीय पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास अंबिकापुर का आकस्मिक निरीक्षण किया। मंत्री नेताम ने छात्रावास भवन, परिसर, छात्रों के कक्ष, वॉशरूम, छत आदि का अवलोकन किया और छात्रों से उनकी आवश्यकताओं एवं समस्याओं पर चर्चा भी की। छात्रावास की स्थिति देख भड़क गए मंत्री मंत्री रामविचार नेताम ने छात्रावास के निरीक्षण के दौरान भवन की खराब स्थिति को देखकर अधीक्षक पर भड़क गए। उन्होंने हॉस्टल के अधीक्षक से मरम्मत कार्य के संबंध में आवश्यक जानकारी ली। अधीक्षक ने बताया कि विभाग द्वारा मरम्मत कार्य हेतु राशि स्वीकृत होने के पश्चात कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। अभी यहां शौचालय मरम्मत एवं पुट्टी का काम किया जा रहा है। मंत्री नेताम ने गंभीरता के साथ मरम्मत कार्य पूर्ण करने कहा। मंत्री ने कहा कि छात्रों को किसी प्रकार की समस्या ना हो, सभी कार्य जल्द से जल्द गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कर लिए जाएं। उन्होंने इसके साथ ही छात्रावास के दोनों ओर शौचालय निर्माण कराए जाने, कमरों एवं छत में टाइल्स लगवाने, भवन के सामने प्रवेशद्वार में पेवर ब्लॉक टाइल्स, खिड़कियों और दरवाजे की मरम्मत के साथ-साथ नेट लगवाने, छत में शेड के बाद ड्रेनेज के लिए नाली हेतु निर्देशित किया। खेल के मैदान का भी किया निरीक्षण इसके साथ ही उन्होंने परिसर में छात्रों के लिए बास्केटबॉल, बैडमिंटन खेल के लिए पर्याप्त व्यवस्था किए जाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि लाइब्रेरी, कम्प्यूटर कक्ष की अच्छी व्यवस्था हो। वहीं आवश्यकतानुसार शयन कक्ष में पंखे, लाइट, अलमीरा, टेबल, बेड आदि की व्यवस्था करें। उन्होंने बताया कि उनकी पढ़ाई इस छात्रावास में हुई है। मंत्री नेताम ने छात्रों से भी बातचीत की। इस दौरान उन्होंने छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। recent visitors 74

गगन नारंग ने राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक में सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए खेल में महाशक्ति बताया

नई दिल्ली ओलंपिक पदक विजेता निशानेबाज गगन नारंग ने राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक के मसौदे को लाने में सरकार के प्रयासों की सराहना की और इसे भारत के खेल महाशक्ति बनने की दिशा में एक मील का पत्थर बताया। खेल मंत्रालय राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक के मसौदे को लाने पर काम कर रहा है, जिसे पूर्व-विधायी परामर्श प्रक्रिया के हिस्से के रूप में आम जनता और हितधारकों की टिप्पणियों/सुझावों को आमंत्रित करने के लिए सार्वजनिक डोमेन में रखा गया है। नारंग ने एक्स पर पोस्ट किया, “मनसुख मंडाविया सर, एक मजबूत और पारदर्शी खेल प्रशासन मॉड्यूल बनाने में सरकार के प्रयास उल्लेखनीय हैं। आगामी मसौदा राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक 2024 विधेयक निश्चित रूप से एक मील का पत्थर साबित होगा क्योंकि भारत खेल प्रशासन के अंतरराष्ट्रीय मानकों के साथ तालमेल बिठाने और एक खेल महाशक्ति के रूप में विकसित होने की अपनी यात्रा पर आगे बढ़ रहा है।” उन्होंने कहा, “ये उपाय ओलंपिक और पैरालंपिक चार्टर का प्रत्यक्ष प्रतिबिंब हैं और एक पूर्व एथलीट के रूप में, खेलों में हमारे देश के विकास को देखकर मुझे गर्व होता है। मसौदा विधेयक पारदर्शिता और जवाबदेही लाकर देश में खेल प्रशासन में सुधार करेगा, जो कि मुख्य रूप से समय की जरूरत है।” बिल ने खिलाड़ियों के विकास और कल्याण को बढ़ावा देने, नैतिक शासन सुनिश्चित करने और प्रभावी विवाद समाधान तंत्र प्रदान करने के लिए एक व्यापक ढांचा स्थापित किया। यह खेल संघों के प्रशासन के लिए संस्थागत क्षमता और विवेकपूर्ण मानक भी स्थापित करेगा जो ओलंपिक और खेल आंदोलन, ओलंपिक चार्टर, पैरालंपिक चार्टर, अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं और स्थापित कानूनी मानकों के सुशासन, नैतिकता और निष्पक्ष खेल के बुनियादी सार्वभौमिक सिद्धांतों पर आधारित हैं। और, यह खेल शिकायतों और खेल विवादों के समाधान के लिए एकीकृत, न्यायसंगत और प्रभावी तरीके से उपाय स्थापित करेगा। खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने गुरुवार को विधेयक पर विचार-विमर्श करने के लिए भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए), राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ) और राष्ट्रीय खेल संवर्धन संगठनों (एनएसपीओ) के साथ हितधारकों की परामर्श बैठक की अध्यक्षता की थी।   recent visitors 67

DMF घोटाला में निलंबित आईएएस रानू साहू 5 दिन के लिए ED की रिमांड ..

रायपुर निलंबित IAS रानू साहू अब छत्तीसगढ़ DMF घोटाला केस में ED की रिमांड पर हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुवार को जेल में बंद साहू को गिरफ्तार कर लिया है। ईडी रानू से हर दिन 7 घंटे तक पूछताछ कर सकेगी। कोर्ट ने इसके लिए ED को 5 दिन का समय दिया है। दरअसल, ED ने रानू साहू को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए गुरुवार को रायपुर की PMLA स्पेशल कोर्ट में पेश किया। इस दौरान रानू साहू की आंखों से आंसू बहने लगे। उन्होंने कोर्ट में कहा- प्रताड़ित करने के लिए ऐसा किया जा रहा है। रानू साहू बोलीं- एक साथ सारे केस लगा दीजिए निलंबित IAS ने कहा- कोल मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल चुकी है। उसके बाद भी एक के बाद एक केस लगाए जा रहे हैं। एक साथ सारा केस लगा दीजिए। रानू साहू ने कहा- जेल में रहते 16 महीने हो चुके हैं। एक-दो साल और रह सकती हूंं। रानू साहू ने आरोप लगाया कि उनका हेल्थ चेकअप नहीं किया जाता है। उन्हें स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए, लेकिन नहीं दी जा रही हैं। उन्होंने कोर्ट से कहा-मुझे सोनोग्राफी और अन्य चेकअप करवाना है, लेकिन कई महीनों से यह नहीं हो पा रहा है। निलंबित IAS के वकील बोले- साजिश के तहत कर रहे प्रताड़ित वहीं रानू साहू के वकील फैसल रिजवी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से केस की पैरवी की। उन्होंने कोर्ट को बताया- ED की ओर से DMF मामले 2023 में ECIR दर्ज कर ली गई थी, लेकिन अब तक कोई जांच नही की गई। जब रानू साहू को कोल मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है और लेकिन ACB के मामले कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है। ऐसे में उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और सोची समझी साजिश के तहत ऐसा किया जा रहा है। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक होगी पूछताछ स्पेशल कोर्ट ने निलंबित IAS रानू साहू से 7 घंटे पूछताछ की अनुमति दी है। EDके अधिकारी हर दिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक उनसे पूछताछ कर सकेंगे। यह अनुमति 22 अक्टूबर तक के लिए दी गई है। कोर्ट ने यह भी कहा कि, रानू साहू को उनके परिवार वालों से एक दिन छोड़कर मिलने की अनुमति होगी। 22 जुलाई 2023 को हुई थी रानू साहू की गिरफ्तारी रानू साहू को ED ने कोल स्कैम केस में 22 जुलाई 2023 को गिरफ्तार किया था। कोयला मामले को लेकर साल 2022 में आयकर विभाग ने सबसे पहले रानू साहू के शासकीय निवास और दफ्तर में छापा मारा था। इसके बाद ईडी ने रानू साहू के घर छापा मारा था। recent visitors 84

SC से सद्गुरु जग्गी के ईशा फॉउंडेशन को बड़ी राहत, कहा – स्वेच्छा से आश्रम में रह रही बेटियां…

 नई दिल्ली     सुप्रीम कोर्ट से सद्गुरु जग्गी वासुदेव के ईशा फाउंडेशन को बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने दो महिलाओं को कथित तौर पर बंधक बनाने के मामले में ईशा फाउंडेशन के खिलाफ हाई कोर्ट में चल रही कार्रवाई बंद करने का फैसला किया है. दरअसल, महिलाअें ने अपने बयान में कहा था कि वे बिना किसी दबाव के तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित आश्रम में स्वेच्छा से रह रही हैं. हालांकि, अदालत ने साफ किया कि इस फैसले का असर सिर्फ इसी केस तक सीमित रहेगा. यानी बंदी प्रत्यक्षीकरण का मुकदमा बंद रहेगा. सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि मद्रास हाईकोर्ट के लिए इस तरह की याचिका पर जांच के आदेश देना पूरी तरह अनुचित था. पिता की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका गलत है, क्योंकि दोनों लड़कियां बालिग हैं. वो अपनी मर्जी से आश्रम में रह रही हैं. सद्गुरु जग्गी वासुदेव, ईशा फाउंडेशन के संस्थापक हैं. उनके इस आश्रम में दो लड़कियों को जबरन बंधक बनाने के आरोप लगाए गए थे और परिजनों ने कोर्ट में याचिका दाखिल की थी. शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई पूरी की और याचिका का निपटारा किया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ईशा फाउंडेशन के खिलाफ जो शिकायत है, उसकी जांच राज्य पुलिस करती रहेगी. हमारा आदेश पुलिस जांच में बाधा नहीं बनेगा. सुप्रीम कोर्ट ने कहा, हाईकोर्ट के सामने जो मुद्दा था, उस पर ही बात करनी चाहिए थी. दूसरी टिप्पणियां नहीं करनी चाहिए थी. CJI जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा, 8 साल पहले लड़कियों की मां ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी. अब पिता ने दायर की है. हाईकोर्ट ने दोनों को पेश होने के लिए बुलाया है. हाईकोर्ट ने पुलिस को जांच करने को कहा है. हमने भी दोनों महिलाओं से बात कर उनके बयान रिकॉर्ड किए हैं. दोनों ने कहा है कि वे अपनी मर्जी से वहां रह रही हैं. हमें अब ये याचिकाएं यहीं बंद करनी होंगी. CJI ने ईशा फाउंडेशन के वकील मुकुल रोहतगी से कहा कि जब आपके आश्रम में महिलाएं और नाबालिग बच्चे हों तो वहां आंतरिक शिकायत कमेटी (ICC) का होना जरूरी है. हमारा विचार किसी संगठन को बदनाम करने का नहीं है, लेकिन कुछ अनिवार्य जरूरतें हैं, जिनका पालन किया जाना चाहिए. आपको संस्था पर यह दबाव डालना होगा कि इन बुनियादी जरूरतों का पालन किया जाना चाहिए. recent visitors 87