पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्य मंत्री लखन पटेल ने कहा- गौ- सेवा हमारे जीवन में सर्वोच्च स्थान दिला सकती है

भोपाल पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल ने कहा है कि गौ- सेवा हमारे जीवन में सर्वोच्च स्थान दिला सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में गौ-संरक्षण एवं गौ-संवर्धन के कार्य निरंतर जारी है। इस वर्ष हमारी सरकार गौ- संरक्षण एवं संवर्धन वर्ष भी मना रही है। हर व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह इस क्षेत्र में अपना पूरा-पूरा योगदान दे। मंत्री श्री पटेल ने महू में आज पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय के नवीन कन्या छात्रावास का लोकार्पण किया। मंत्री श्री पटेल ने पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय की विभिन्न इकाईयों हॉस्पिटल, डेयरी फार्म, मुर्गी फार्म, बालक एवं बालिका छात्रावास का भ्रमण किया तथा महाविद्यालय की गतिविधियों का जायजा लिया। नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर के कुलगुरु प्रोफेसर (डॉ.) मनदीप शर्मा भी उपस्थित थे। मंत्री श्री पटेल ने महाविद्यालय के छात्र छात्राओं से बात कर उनकी समस्याओं के बारे में जाना और हल किया। उन्होंने इंटर्नशिप छात्रों का मानदेय बढ़ाने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने महाविद्यालय की समस्याओं को जल्द दूर करने का आश्वासन दिया। मंत्री श्री पटेल ने महाविद्यालय द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। कुलगुरु डॉ. शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय के छात्र राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में विश्वविद्यालय का नाम रोशन कर रहे हैं। भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड के सदस्य श्री सुनील मानसिंका ने भी उद्बोधन दिया। सभागार में आयोजित कार्यक्रम में महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. बी.पी. शुक्ला ने सभी अतिथियों का स्वागत किया तथा महाविद्यालय की उपलब्धियां एवं गतिविधियों की जानकारी दी। इस दौरान विश्वविद्यालय के संपदा अधिकारी डॉ. एस के कारमोरे, अस्सिटेंट रजिस्टार श्री रामकिंकर, जिला पंचायत सदस्य श्री दिनेश सिंह चौहान आदि उपस्थित थे। संचालन डॉ. संदीप नानावटी ने किया तथा आभार डॉ. हेमंत मेहता ने माना।   recent visitors 63

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- प्रदेश सौर ऊर्जा में लंग्स ऑफ इन्क्रेडिबल इण्डिया के विज़न पर अग्रसर

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश अपनी विशेष पहचान बना रहा है। सोलर प्रोजेक्ट की स्थापना के लिये मध्यप्रदेश उद्योगपतियों की पहली पसंद बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि गाँधी नगर में आयोजित चौथे ग्लोबल मीट रिन्यूएबल एनर्जी इन्वेस्टर मीट में उद्योगपतियों ने मध्यप्रदेश में अपने प्रोजेक्ट लगाने में रुचि दिखाई। मध्यप्रदेश में संचालित होने वाले सोलर प्रोजेक्ट्स की बदौलत “हॉर्ट ऑफ इन्क्रेडिबल इण्डिया’’ नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में काम करते हुए “लंग्स ऑफ इन्क्रेडिबल इण्डिया’’ बनने के विज़न की ओर अग्रसर है। मध्यप्रदेश में रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में निरंतर उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। ओंकारेश्वर में विश्व का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट तैयार हो रहा है। रीवा का 1590 हेक्टेयर में स्थापित सोलर प्रोजेक्ट विश्व के सबसे बड़े सिंगल साइड सोलर प्लांट में से एक है। अब प्रदेश ने एक और नई पहल की है। मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश में पीपीपी मोड में 8 हजार मेगावॉट सोलर एनर्जी जनरेशन के ज्वाइंट एडवेंचर संबंधी परियोजना पर सहमति बन गई है। इसमें मुरैना, शिवपुरी, सागर और धार में सोलर प्रोजेक्ट लगेंगे, जिनसे जनरेट होने वाली बिजली का उपयोग दोनों राज्यों में सिंचाई के लिये किया जा सकेगा। मध्यप्रदेश में आज 7 हजार मेगावॉट सोलर एनर्जी जनरेट की जा रही है। कुल ऊर्जा क्षमता में रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी 21 प्रतिशत हो गई है। वर्ष 2012 में मात्र 500 मेगावॉट सोलर एनर्जी की क्षमता थी। प्रदेश ने मात्र 12 वर्ष की अवधि में सोलर एनर्जी के क्षेत्र में 14 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। राज्य सरकार वर्ष 2030 तक इसे बढ़ाकर 20 हजार मेगावॉट के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। गाँधी नगर में हुई चौथी ग्लोबल रिन्यूएबल एनर्जी इन्वेस्टर समिट में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ उद्योगपतियों ने वन-टू-वन चर्चा की। अवाडा ग्रुप ने प्रदेश में 5 हजार करोड़ रुपये के निवेश संबंधी प्रस्ताव दिये। रिन्यू पॉवर ने भी प्रदेश में 6 हजार करोड़ रुपये निवेश करने की रुचि दिखाई। वन-टू-वन चर्चा में विण्ड पॉवर एसोसिएशन, हीरो फ्यूचर एनर्जी, टोरेंट पॉवर, शक्ति पम्प्स, सिंगापुर की सेम्बकॉर्प, वारी एनर्जी, सेरेंटिका, शेल ग्रुप सुजलान, वेलस्पन, वेना एनर्जी, ब्ल्यू लीफ बोरोसिल ग्रुप, स्टेट क्रॉफ्ट के मुखियाओं ने मध्यप्रदेश में रुचि दर्शाई है।   recent visitors 63

पश्चिमी देश भारत से रिश्ते मजबूत करने पर अड़े, वही जस्टिन ट्रूडो को अपनों ने दिखा दी औकात, जमकर हो रही खूब किरकिरी

नई दिल्ली भारत के साथ रिश्ते बिगाड़ चुके जस्टिन ट्रूडो के करीबी देशों ने भी अब उन्हें औकात दिखा दी है। पश्चिमी देशों के समर्थन पर खूब उछल रहे कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बावजूद अमेरिका और ब्रिटेन ने मोदी सरकार के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने का इरादा जाहिर किया है। पहले ट्रूडो ने दावा किया था कि भारतीय राजनयिकों ने कनाडा में रहने वाले सिख अलगाववादियों पर निगरानी रखी और उन्हें धमकाया, ब्लैकमेल किया या मार डाला। हालांकि, ट्रूडो के इन दावों की खिल्ली उड़ गई है, भारत बार-बार इस बेतुके बयानों के बारे में सबूत मांगता रहा है मगर कनाडा सरकार इस बारे में पुख्ता जानकारी मुहैया नहीं करा पाई है। और बढ़ी भारत-कनाडा के बीच रिश्तों की खाई यह विवाद पिछले साल उस समय शुरू हुआ जब ट्रूडो ने भारत पर ब्रिटिश कोलंबिया में एक सिख आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया था। अब कनाडा ने आरोप लगाया है कि भारतीय अधिकारियों ने कनाडा की जमीन पर और भी कई अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया। सोमवार को कनाडा ने छह भारतीय राजनयिकों को निष्कासित कर दिया, क्योंकि भारत ने उनकी राजनयिक छूट हटाने से इनकार कर दिया। इसके जवाब में भारत ने भी छह कनाडाई राजनयिकों को वापस भेज दिया। ट्रूडो को अपनों ने ही दिखाई औकात ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रूडो के इन आरोपों से पश्चिमी देशों के भारत के साथ संबंधों को लेकर प्रश्न उठ रहे थे लेकिन अमेरिका और ब्रिटेन ने मंगलवार को जो बयान जारी किए कि उनके दृष्टिकोण में कोई बड़ा बदलाव नहीं है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा, "हमने साफ किया है कि ये आरोप बेहद गंभीर हैं और इन्हें गंभीरता से लिया जाना चाहिए।" हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि भारत अमेरिका का अत्यंत मजबूत साझेदार है और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक प्रमुख भूमिका निभाता है। इस बीच ट्रूडो ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से फोन पर बातचीत की लेकिन उनके बयान में भारत का नाम नहीं लिया गया। दोनों की बातचीत के बारे में कहा गया कि दोनों नेताओं ने कानून के शासन के महत्व पर सहमति जताई और जांच पूरी होने तक संपर्क में रहने की बात कही। पश्चिमी देशों के लिए भारत क्यों अहम पश्चिमी देश हाल के वर्षों में भारत को एक महत्त्वपूर्ण सामरिक साझेदार के रूप में देख रहे हैं, खासकर चीन के बढ़ते प्रभाव के खिलाफ पश्चिमी देशों ने भारत को खास अहमियत दी। जबकि ब्रिटेन भारत के साथ एक मुक्त व्यापार समझौते पर काम कर रहा है, वहीं अमेरिका रक्षा, स्वच्छ प्रौद्योगिकी और ऊर्जा के क्षेत्रों में भारत के साथ सहयोग कर रहा है। recent visitors 43

हरियाणा में तीसरी बार सरकार बनने पर बोले अमित शाह, भाजपा के खिलाफ भ्रांति फैलाई गई थी कि किसानों से अन्याय हो रहा है

हरियाणा हरियाणा में भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है। पार्टी की विधायक दल की मीटिंग में बुधवार को नायब सिंह सैनी को नेता चुन लिया गया। अब वह सरकार गठन का दावा करेंगे और गुरुग्राम को पंचकूला में शपथ लेंगे। नायब सैनी को नेता चुने जाने की जानकारी अमित शाह ने दी और कहा कि भाजपा के खिलाफ भ्रांति फैलाई गई थी कि किसानों से अन्याय हो रहा है। अमित शाह ने कहा, 'यह भ्रांति फैलाई गई कि किसानों से अन्याय हुआ। मैं आज विपक्ष से कहना चाहता हूं कि पूरे देश में यदि कोई राज्य 24 फसलों को एमएसपी पर खरीदता है तो वह भाजपा के शासन वाला हरियाणा है।' गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में बनी केंद्र की यह ऐसी पहली सरकार है, जिसने एमएसपी पर सबसे ज्यादा फसलों की खरीद की है। एक बात और स्पष्ट कर दूं कि यह सरकार अग्निवीरों के जरिए युवाओं पर अन्याय करने वाली नहीं है बल्कि अग्निवीर के माध्यम से सेना को युवा बनाने वाली है। उन्होंने कहा कि हमें विश्वास है कि बीते 10 साल जैसे भाजपा की सरकार ने काम किए हैं। उसी तरह से नायब सिंह सैनी की सरकार भी काम करती रहेगी। विपक्ष ने लोगों को भड़काने में कोई कमी नहीं छोड़ी। हमारा वादा है कि अग्निवीर से लौटा हुआ एक-एक जवान भारत और हरियाणा की सरकार में पेंशन वाली नौकरी पाएगा। उन्होंने कहा कि हमने अपनी प्राथमिकता में रखा है कि जवानों और किसानों के हितों की रक्षा की जाए। अमित शाह ने कहा कि यह पीएम नरेंद्र मोदी के विकास की नैरेटिव की जीत है। वह पूरे देश में विकास के मुद्दे को लेकर ही आगे बढ़ रहे हैं। अमित शाह ने कहा कि यह भाजपा की नीतियों की भी जीत है। 1980 के बाद से अब तक ऐसा कहीं नहीं हुआ कि लगातार तीन बार किसी पार्टी को जीत मिली हो, ऐसा भाजपा के साथ ही हरियाणा में हुआ है। सीएम नायब सिंह सैनी गुरुवार को पंचकूला के दशहरा ग्राउंड में सुबह 10 बजे सीएम पद की शपथ लेंगे। उनके साथ कुछ और मंत्री भी शपथ ले सकते हैं, जिनमें वरिष्ठ नेता अनिल विज, राव नरबीर, आरती सिंह राव, मुकेश शर्मा, शक्ति रानी शर्मा आदि शामिल हो सकते हैं। इस शपथ ग्रहण समारोह को भाजपा शक्ति प्रदर्शन के तौर पर पेश करना चाहती है। इसमें पीएम मोदी, अमित शाह, डिफेंस मिनिस्टर राजनाथ सिंह मौजूद रहेंगे। इसके अलावा एनडीए शासित देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम भी मौजूद रहेंगे। recent visitors 68

नायब सिंह सैनी को नेता चुन लिया, अब अनिल विज ने कहा, पार्टी चौकीदार भी बना दे तो निष्ठा से काम करूंगा

चंडीगढ़ हरियाणा में भाजपा विधायक दल का नेता नायब सिंह सैनी को चुन लिया गया है। इसके साथ ही उनका फिर से सीएम बनने का रास्ता साफ हो गया है। वह गुरुवार को सुबह 10 बजे पंचकूला के दशहरा ग्राउंड में सीएम पद की शपथ लेंगे। उनके नाम का प्रस्ताव पार्टी के सीनियर नेता अनिल विज ने ही किया, जो चुनाव के बीच खुद को सीएम पद का दावेदार बता रहे थे। अब उनसे फिर यह सवाल पूछा गया तो अनिल विज ने कहा कि मेरी तो ऐसी कोई इच्छा ही नहीं थी। अनिल विज ने कहा, ‘कभी मैंने मन में रखा भी नहीं। पार्टी की ओर से कोई जिम्मेदारी मिलने पर अनिल विज ने कहा कि पार्टी मुझे चौकीदार बना देगी तो उस काम को भी मैं पूरी निष्ठा के साथ करूंगा।’ अनिल विज ने ही बुधवार को भाजपा विधायक दल की मीटिंग में नायब सिंह सैनी के नाम का प्रस्ताव रखा। अनिल विज के अलावा कृष्ण बेदी ने भी नायब सैनी के नाम का प्रस्ताव रखा, जिस पर विधायकों ने ध्वनिमत से मुहर लगा दी। यह दृश्य दिलचस्प था क्योंकि अनिल विज ने चुनाव के बीच कहा था कि यदि भाजपा जीती तो इलेक्शन के बाद मुख्यमंत्री के तौर पर ही मुलाकात होगी। इसके बाद अब भाजपा नेतृत्व ने जब उनसे ही सैनी के नाम का प्रस्ताव रखवाया तो यह रोचक था। अनिल विज लगातार 7वीं बार अंबाला कैंट विधानसभा से चुने गए हैं। वह लंबे समय से खुद को सीएम पद का दावेदार बताते रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के साढ़े 9 साल के कार्यकाल में वह होम मिनिस्टर थे और ताकतवर थे। इसके बाद भी उनके खट्टर से रिश्ते सहज नहीं थे। वहीं जब सैनी को सीएम बनाया गया तो वह मंत्री पद की शपथ लेने ही नहीं पहुंचे। इसे उनकी नाराजगी के तौर पर देखा गया था, लेकिन बाद में उनके सुर थोड़े नरम पड़े थे। यही वजह थी कि वह पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े। हालांकि इलेक्शन कैंपेन के बीच ही उन्होंने खुद को सीएम का दावेदार बताकर हलचल पैदा कर दी थी। recent visitors 78

बेटे को मिली सीएम पद की कुर्सी को कांटों भरा ताज बताया : फारूक अब्दुल्ला

श्रीनगर नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ 6 अन्य मंत्रियों ने भी शपथ ली है। कुछ निर्दलियों को साथ लेकर लगभग अपने दम पर ही नेशनल कॉन्फ्रेंस ने यह सरकार बनाई है। फिर भी उमर अब्दुल्ला की शपथ के बाद उनके पिता फारूक अब्दुल्ला का बयान आया है। उन्होंने बेटे को मिली सीएम पद की कुर्सी को कांटों भरा ताज बताया है। उन्होंने कहा कि यह ‘कांटों का ताज’ है और अल्लाह लोगों की उम्मीदों को पूरा करने में उनकी मदद करे। अपने दादा से प्रेरणा लेते हुए उमर अब्दुल्ला के बेटे जहीर अब्दुल्ला ने कहा कि नई सरकार की पहली प्राथमिकता राज्य का दर्जा बहाल करना है। फारूक अब्दुल्ला ने शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में शपथ ग्रहण समारोह के बाद कहा, 'राज्य चुनौतियों से भरा है और मुझे उम्मीद है कि यह सरकार वही करेगी जो उसने चुनाव घोषणापत्र में वादा किया था। यह कांटों का ताज है और अल्लाह उन्हें (उमर को) सफलता दिलाए और वह लोगों की उम्मीदों को पूरा करें। यह मेरा संदेश है।' जहीर अब्दुल्ला ने कहा, 'राज्य का दर्जा मिलने के बाद, अनुच्छेद 370 की बहाली के लिए हमारा असली संघर्ष शुरू होगा। अनुच्छेद 370 हमेशा हमारी प्राथमिकता रहेगी।' उमर अब्दुल्ला 2019 में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद से जम्मू-कश्मीर में पहली निर्वाचित सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं। 2019 में तत्कालीन राज्य को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया गया था। बता दें कि इस शपथ समारोह में जहीर अब्दुल्ला भी नजर आए और मीडिया से भी बात की। यह पहला मौका था, जब अब्दुल्ला परिवार की चौथी पीढ़ी ने मीडिया से इस तरह खुलकर बात की। बता दें कि अब्दुल्ला परिवार से अब तक तीन लोग सीएम बन चुके हैं। फारूक अब्दुल्ला, शेख अब्दुल्ला भी मुख्यमंत्री रहे हैं। recent visitors 81

मैंने डीजी को निर्देश दिया कि लोगों को होने वाली असुविधा को कम-से-कम किया जाए: उमर अब्दुल्ला

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर का मुख्यमंत्री बनने के बाद उमर अब्दुल्ला ने तुरंत बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर पुलिस को निर्देश दिया है कि उनकी वजह से आम लोगों को होने वाली असुविधा को कम से कम किया जाए। साथ ही, जब भी वह किसी सड़क मार्ग से जाएं तो वहां कोई भी ग्रीन कॉरिडोर न बनाया जाए। अगस्त, 2019 को रद्द किए गए आर्टिकल-370 के बाद उमर अब्दुल्ला जम्मू कश्मीर के पहले मुख्यमंत्री बने हैं। उन्होंने बुधवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। साथ ही, पांच अन्य मंत्रियों को भी उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने शपथ दिलाई। सीएम बनने के बाद उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''मैं जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजी से बात की है कि जब मैं सड़क मार्ग से कहीं जाऊं तो कोई ग्रीन कॉरिडोर या यातायात अवरोध न हो। मैंने उन्हें निर्देश दिया है कि लोगों को होने वाली असुविधा को कम-से-कम किया जाए और सायरन का इस्तेमाल कम-से-कम किया जाए। किसी भी तरह की लाठी लहराने या आक्रामक हरकतों से पूरी तरह बचना चाहिए। मैं अपने कैबिनेट सहयोगियों से भी यही उदाहरण अपनाने को कह रहा हूं। हर चीज में हमारा व्यवहार लोगों के अनुकूल होना चाहिए। हम लोगों की सेवा करने के लिए हैं, उन्हें असुविधा पहुंचाने के लिए नहीं।'' 'जल्द ही पूर्ण राज्य का दर्जा मिलेगा' मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उनकी सरकार का पहला काम लोगों की आवाज बनना होगा और उम्मीद जताई कि जम्मू-कश्मीर लंबे समय तक केंद्र शासित प्रदेश नहीं रहेगा और जल्द ही पूर्ण राज्य का दर्जा हासिल कर लेगा। शपथ लेने से कुछ घंटे पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता ने पीटीआई वीडियोज से कहा कि गठबंधन सहयोगी कांग्रेस के साथ उनका सब कुछ ठीक है और उनकी पार्टी मंत्री पदों को भरने के लिए कांग्रेस और अपनी टीम के साथ बातचीत कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार की लोगों के प्रति जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, "हमें लोगों से जनादेश मिला है कि हम उनकी समस्याओं को हल करने के लिए काम करें और यही हमारा लक्ष्य पहले दिन से है।" नेशनल कॉन्फ्रेंस और उसके गठबंधन सहयोगी कांग्रेस के बीच दरार की अटकलों पर उमर ने चुटकी लेते हुए कहा, "नहीं, सब कुछ ठीक क्यों नहीं है। अगर सब कुछ ठीक नहीं है, तो (मल्लिकार्जुन) खरगे (कांग्रेस अध्यक्ष), राहुल (गांधी) और कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेता यहां क्यों आ रहे हैं। यहां उनकी मौजूदगी इस बात का संकेत है कि गठबंधन मजबूत है और हम (जम्मू-कश्मीर के) लोगों के लिए काम करेंगे।" recent visitors 59