सीएम हेल्पलाइन में सौ दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतें तीन लाख 39 हजार 727 हो गई, अधिकारी गंभीर नहीं

भोपाल मध्य प्रदेश में सीएम हेल्पलाइन में की गई शिकायतों के निराकरण को लेकर अधिकारी गंभीर नहीं हैं। विभागों एवं जिलों की सौ दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतें तीन लाख 39 हजार 727 हो गई हैं। अब मुख्यमंत्री 28 अक्टूबर को समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम में शिकायतकर्ताओं से बात कर शिकायतों का निराकरण करेंगे। लोक सेवा प्रबंधन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह ने सभी विभाग प्रमुखों एवं जिला कलेक्टरों को इस संबंध में पत्र जारी किया है। सबसे अधिक शिकायत महिला एवं बाल विकास विभाग की है। विभाग के अंतर्गत पीएम मातृ वंदना योजना की 64 हजार 600, स्वास्थ्य विभाग की जननी सुरक्षा, श्रमिक प्रसूति सहायता योजना में राशि प्राप्त न होने की 60 हजार 406 शिकायतें हैं।  इन विभागों की शिकायतें भी लंबित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में पीएम ग्रामीण आवास योजना में राशि प्रदाय न करने की 15 हजार 870 शिकायतें। गृह विभाग में विवेचना में विलंब व लापरवाही करना, समय से प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत नहीं करना, किसी पक्ष से मिलकर दबाव में सही कार्रवाई न करने की 13 हजार 345 शिकायतें। श्रम विभाग में असंगठित शहरी, ग्रामीण कर्मकार मंडल की संबल योजना में लाभ न मिलने की 12 हजार 626 शिकायतें। राजस्व विभाग की नामांतरण एवं बंटवारा संबंधी मामले निराकृत न होने संबंधी 12 हजार 43 शिकायतें। ऊर्जा विभाग में बिजली न आने, वोल्टेज की समस्या से संबंधित 10 हजार 976 शिकायतें। अनुसूचित जाति कल्याण विभाग में छात्रवृत्ति न प्राप्त होने, छात्रावासों में आवास, भोजन, सफाई आदि की सुविधा न होने, प्रवेश न मिलने, अतिक्रमण संबंधी आठ हजार 471 शिकायतें। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में पोस्ट मैट्रिक, प्रावीण्य, विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति न मिलने संबंधी सात हजार 175 शिकायतें। खाद्य विभाग में नवीन राशन कार्ड एवं पात्रता पर्ची जारी न होने संबंधी पांच हजार 312 शिकायतें। स्कूल शिक्षा विभाग में समेकित छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत कक्षा एक से 12 तक छात्रवृत्ति न मिलने की चार हजार 435 शिकायतें। जनजातीय कार्य विभाग में आवास सहायता योजना की राशि प्राप्त न होने संबंधी 543 शिकायतें लंबित हैं।   recent visitors 94

ग्वालियर से मुरैना आ रही बस में ऐसा झटका लगा कि शीशे फोड़कर कई लोग बाहर सड़क पर गिरे, कंडक्टर की मौत

मुरैना ग्वालियर से मुरैना आ रही बस हाईवे पर डिवाइडर से टकराई और इसके बाद बस के पिछले चार पहिए निकल गए। इससे बस में ऐसा झटका लगा कि शीशे फोड़कर कई लोग बाहर सड़क पर गिरे। हादसे में बस कंडक्टर की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं पांच से अधिक यात्री घायल हो गए, जिनमें से एक ही हालत नाजुक है। ब्रेक मारते ही निकले पहिए नेशनल हाईवे 44 पर छौंदा टोल प्लाजा के पास बुधवार की सुबह यह हादसा हुआ। ग्वालियर से मुरैना आ रही जयभारत ट्रैवल्स बस जैसे ही छौंदा टोल से 300 मीटर आगे बढ़ी, तभी सामने जा रही मिनी लोडिंग से साइड लेने के फेर में बस के पिछले पहिए हाईवे के डिवाइडर से टकरा गए। बस को काबू करने के लिए ड्राइवर ने जोर से ब्रेक लगाए तो बस के पिछले पहिए कमानी सहित निकल गए। इससे बस में तेज झटका लगा और 20-25 मीटर दूर तक घिसटती गई। झटके से गिरे कई यात्री, कंडक्टर की मौत झटके से गेट पर खड़ा कंडक्टर 45 वर्षीय सीताराम सड़क पर मुंह के बल गिरा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बस में इतना तेज झटका लगा कि ड्राइवर के पास वाली सीट पर बैठे यात्री ग्वालियर बस के आगे के शीशे को तोड़ते हुए नीचे सड़क पर गिरे, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। ड्राइवर व तीन अन्य सवारियों को भी चोटें आई हैं, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया। घर के बाहर खेल रहे डेढ़ साल के बच्चे की ट्रैक्टर से कुचलकर मौत स्टेशन रोड थाना क्षेत्र के विसंगपुर गांव में मंगलवार को घर के बाहर खेल रहे डेढ़ साल के बच्चे पर ट्रैक्टर चढ़ गया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। विसंगपुर निवासी गिर्राज कुशवाह का डेढ़ साल का बच्चा दिव्यांश घर के बाहर खेल रहा था, तभी एक ट्रैक्टर गुजरा तो वह बच्चे को देख नहीं सका, जिस पर ट्रैक्टर बच्चे के ऊपर से निकल गया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने फिलहाल मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। recent visitors 85

नायब सिंह सैनी ने राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश किया, सौंपी विधायकों की सूची

चंडीगढ़ विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद नायब सिंह सैनी ने राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश किया। उन्होंने राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश किया है। नायब सिंह सैनी ने राज्यपाल को अपने समर्थन में आए विधायकों की सूची भी सौंपी है। बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई विधायक दल की बैठक में नायब सिंह सैनी को विधायक दल का नेता चुना गया। विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद उन्होंने सभी विधायकों का धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री पद के लिए विधायकों ने उनके नाम पर सर्वसम्मति से मुहर लगाई है। विधायक दल की बैठक में अनिल विज और मनोहर लाल खट्टर ने मुख्यमंत्री पद के लिए उनका नाम प्रस्तावित किया था। विधायक दल की बैठक में अमित शाह ने कहा, “मुझे यह जानकर अत्याधिक प्रसन्नता हो रही है कि नायब सिंह सैनी को फिर से विधायक दल का नेता चुना गया है और वह मुख्यमंत्री का पद ग्रहण करने जा रहे हैं।” इस बीच, वह विपक्ष पर भी हमलावर दिखे। उन्होंने कहा, “विपक्षी दलों द्वारा यह दुष्प्रचार किया गया कि किसानों के अन्याय हो रहा है। भाजपा के शासनकाल में किसानों के हितों पर कुठाराघात किया जा रहा है। लेकिन, ऐसा नहीं है। हमारी सरकार में समाज के हर वर्ग के हितों का विशेष ख्याल रखा जा रहा है। मैं आपको बताना चाहता हूं कि अगर हिंदुस्तान में कोई ऐसा राज्य है, जो सभी 24 फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदता है, तो हरियाणा है। मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी किसानों की फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा है। हमारी सरकार ने हमेशा से ही किसानों के हितों का विशेष ख्याल रखा है और आगे भी रखती रहेगी।” नायब सिंह सैनी 17 अक्टूबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण से संबंधित सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में वह मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। वहीं, उनके साथ कौन-कौन अन्य विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे। इस बारे में अभी तक कोई जानकारी प्रकाश में नहीं आ सकी है। recent visitors 95

अक्षय ऊर्जा में निवेश का आमंत्रण, कई प्रमुख जर्मन कंपनियों के संग हुए एमओयू, जर्मनी के साथ सहयोग को उत्सुक: दिया कुमारी

जयपुर/म्यूनिख मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने अपनी जर्मनी यात्रा के दूसरे दिन म्यूनिख में ‘राइजिंग राजस्थान’ इन्वेस्टर रोड शो में भाग लिया और जर्मनी के निवेशकों और इन्नोवेटर्स को राजस्थान में इकाइयां लगाने के लिए आमंत्रित किया। इन्वेस्टर रोड शो को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने जर्मनी के व्यावसायिक जगत और कारोबारी समूह से राजस्थान के ऑटोमोबाइल, ईएसडीएम, सप्लाई चेन एवं लॉजिस्टिक्स, पर्यटन, पेट्रोलियम, खान एवं खनिज, अक्षय ऊर्जा, रक्षा, पैकेजिंग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में निवेश का आह्वान किया और कहा कि राजस्थान में निवेश के लिए बनाए गए सकारात्मक वातावरण के सुपरिणाम मिलने लगे हैं और ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 की घोषणा के दो महीने के भीतर ही, अब तक 15 लाख करोड़ रुपए से अधिक के एमओयू पर हस्ताक्षर किये जा चुके हैं। ‘राइजिंग राजस्थान’ इन्वेस्टर रोड शो के दौरान जर्मनी के निवेशकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा, “मैं आप सभी से राजस्थान में निवेश करने और समृद्ध भविष्य के निर्माण के हमारे प्रयासों में शामिल होने के लिए आमंत्रित करता हूं। राज्य में निवेश करने वाले प्रत्येक उद्यमी को मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि हमारी सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है। जर्मनी, जो वैज्ञानिक नवाचारों, तकनीकी कौशल, समृद्धि और विकास का एक शक्तिशाली प्रतीक है, के साथ हम अपनी मजबूत साझेदारी स्थापित करना चाहते हैं। राजस्थान रणनीतिक रूप से एक आदर्श गंतव्य है और हमारे पास मजबूत बुनियादी ढांचा और प्रचुर मात्रा में संसाधन हैं। इसके अलावा, व्यापारिक जगत के अनुकूल हमारी नीतियां हमें जर्मन कंपनियों के लिए एक आदर्श व्यापार स्थल बनाती हैं।” राजस्थान एक आदर्श सप्लाई चेन डेस्टिनेशन इस अवसर पर बोलते हुए उन्होंने यह भी कहा कि भारत को वैश्विक कंपनियों के लिए एक सप्लाई चेन डेस्टिनेशन के रूप में देखा जा रहा है और अपनी सक्रिय और विकासोन्मुखी नीतियों के कारण राजस्थान भारत में इन कंपनियों का विश्वसनीय भागीदार बनने के लिए तैयार है। आपके निवेश को समृद्ध और सुरक्षित बनाने के लिए राजस्थान सरकार हर कदम पर आपके साथ है। अक्षय ऊर्जा में निवेश का आमंत्रण जर्मनी के निवेशकों को राज्य के अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश हेतु आमंत्रित करते हुए मुख्यमंत्री शर्मा ने यह भी कहा कि 2031-32 तक राजस्थान अपनी अक्षय ऊर्जा उत्पादन क्षमता, जो फिलहाल 28 गीगावाट है, से बढ़ाकर 115 गीगावाट करेगा और इसके लिए 5.4 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की आवश्यकता है। “जर्मनी जो अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में वर्ल्ड लीडर है, राजस्थान में सौर और पवन ऊर्जा क्षेत्र में परियोजनाएं शुरू कर सकता है । कई प्रमुख जर्मन कंपनियों के संग हुए एमओयू म्यूनिख में आयोजित इस इन्वेस्टर रोड शो में राजस्थान सरकार ने अल्बाट्रॉस प्रोजेक्ट्स, फ्लिक्सबस, पार्टेक्स एनवी, वेउली टेक्निक्स जीएमबीएच, और इंगो श्मिट्ज जैसी कई बड़ी जर्मन कंपनियों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए। ये कंपनियां रक्षा, मोबिलिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), ऑटोमोबाइल और कौशल विकास क्षेत्रों जैसे क्षेत्रों में काम करती हैं। इसके अलावा, इस दौरान मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल ने जर्मनी के निवेशकों, व्यापारिक समूहों और इन्नोवेटर्स के साथ भी बातचीत की और उन्हें राजस्थान में निवेश हेतु आमंत्रित किया। जर्मनी के साथ सहयोग को उत्सुक: दिया कुमारी मुख्यमंत्री के साथ जर्मनी में मौजूद उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने इस अवसर पर कहा, “राजस्थान नवाचार को अपनाकर, तकनीकी प्रगति को बढ़ावा देकर और अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे में निवेश करके अपनी विशाल क्षमता को अनलॉक करने के लिए तैयार है। राजस्थान जर्मनी के साथ तकनीक और अन्य प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में सहयोग करने के लिए उत्सुक है।” recent visitors 88

सीईओ श्री सुखवीर सिंह ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को दी जानकारी

भोपाल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुखवीर सिंह ने बुधवार को निर्वाचन सदन में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उन्होंने दल पदाधिकारियों को श्योपुर जिले की विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्र. 02-विजयपुर और सीहोर जिले की विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्र. 156-बुधनी में उप निर्वाचन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। सीईओ श्री सिंह ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने दोनों विधानसभा क्षेत्रों में उप निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। घोषणा के साथ ही श्योपुर और सीहोर जिले की सम्पूर्ण सीमाक्षेत्र में आदर्श आचार संहिता पूरी तरह से प्रभावशील हो गई है। उन्होने दल पदाधिकारियों से आदर्श आचार संहिता का शब्दशः पालन करने की अपील की। उन्होंने दल पदाधिकारियों को बताया कि उप निर्वाचन के लिए 18 से 25 अक्टूबर तक नाम-निर्देशन पत्र भरे जाएंगे। नाम-निर्देशन पत्रों की संवीक्षा 28 अक्टूबर को होगी और 30 अक्टूबर तक नाम-निर्देशन पत्र वापस लिये जा सकेंगे। मतदान 13 नवम्बर को एवं मतगणना 23 नवम्बर को होगी। विजयपुर में 327 एवं बुधनी में हैं 363 मतदान केंद्र सीईओ श्री सिंह ने बताया कि विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में 327 एवं बुदनी विधानसभा क्षेत्र में 363 मतदान केन्द्र बनाये गये हैं। विजयपुर एवं बुधनी में मतदाता सीईओ श्री सिंह ने बताया कि श्योपुर जिले की विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में 2 लाख 54 हजार 750 मतदाता हैं, जिसमें 1 लाख 21 हजार 01 महिला मतदाता और 1 लाख 33 हजार 554 पुरुष मतदाता हैं। थर्ड जेण्डर मतदाता 02 और सर्विस वोटर्स 103 हैं। इसी प्रकार सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में 2 लाख 76 हजार 591 मतदाता हैं, जिसमें 1 लाख 33 हजार 280 महिला मतदाता और 1 लाख 43 हजार 111 पुरूष मतदाता हैं। थर्ड जेण्डर 06 और सर्विस वोटर्स 194 हैं। बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राजेश कुमार कौल, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री बसंत कुर्रे, श्री विवेक श्रोतिय, मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी से श्री एस.एस. उप्पल, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से श्री जे.पी. धनोपिया, आम आदमी पार्टी से श्री सुमित चौहान एवं बहुजन समाज पार्टी से श्री पूर्णेंद्र अहिरवार उपस्थित रहे। उप निर्वाचन कार्यक्रम 18 अक्टूबर को उप निर्वाचन के गजट नोटिफिकेशन के साथ नाम-निर्देशन पत्र भरने की प्रक्रिया होगी शुरू 25 अक्टूबर – नाम-निर्देशन पत्र भरने की अंतिम तारीख 28 अक्टूबर – नाम-निर्देशन पत्रों की संवीक्षा 30 अक्टूबर – नाम वापसी की अंतिम तारीख 13 नवम्बर – मतदान दिवस 23 नवम्बर – मतगणना दिवस recent visitors 141

बहराइच: रामगोपाल को गोली मारने वाला शख्श दीवार की आड़ में हाथ में बंदूक लेकर खड़ा दिखा, तस्वीर आई सामने

बहराइच यूपी के बहराइच में हुई हिंसा के बाद से तनाव का माहौल है. महसी का महराजगंज इलाका छावनी में तब्दील है. इस बीच हिंसा में मारे गए रामगोपाल मिश्रा पर गोली चलाने वाले की एक तस्वीर सामने आई है. गोली चलाने वाले शख्स के हाथ में गन दिख रही है. बताया जा रहा है कि गन ताने खड़ा शख्स अब्दुल हमीद के घर पर मौजूद था, जहां रामगोपाल की हत्या हुई थी. ये तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. जिसको लेकर आधिकारिक तौर पर कोई बयान सामने नहीं आया है. लेकिन इसकी चर्चा जोरों पर है. तस्वीर तब की बताई जा रही है कि जब घायल रामगोपाल को उसके साथी छत से नीचे लेकर आ रहे थे. फिलहाल, पुलिस तहकीकात में जुटी है. गौरतलब है कि बहराइच हिंसा में जान गंवाने वाले रामगोपाल के साथ बर्बरता की सारी हदें पार कर दी गई थी. हत्यारोपियों ने रामगोपाल को गोली मारने से पहले उसकी पिटाई की थी. धारदार हथियार से भी हमला किया था. रामगोपाल के चेहरे, गले, माथे और सीने में करीब 35 छर्रे लगने के निशान मिले. रामगोपाल मिश्रा (22) की करंट और हैमरेज से मौत होने का पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जिक्र है. इतना ही नहीं रामगोपाल के पैर के नाखूनों को खींच कर बाहर निकाला गया था. उसे करंट के झटके भी दिए गए थे. आंखों के पास किसी नुकीली चीज से गहरा घाव किया गया था. बहराइच में ऐसे भड़की हिंसा दरअसल, बहराइच के थाना हरदी क्षेत्र के रेहुआ मंसूर गांव निवासी रामगोपाल मिश्रा बीते रविवार की शाम करीब 6 बजे दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए निकले जुलूस में शामिल था. ये जुलूस जब महराजगंज बाजार में समुदाय विशेष के मोहल्ले से गुजर रहा था तो दो पक्षों में कहासुनी हो गई. आरोप है कि इस दौरान छतों से पत्थर फेंके जाने लगे, जिससे विसर्जन में भगदड़ मच गई. जुलूस में शामिल रामगोपाल का शव इस बीच हुई रामगोपाल को एक घर में ले जाकर मौत के घाट उतार दिया गया. ये घर अब्दुल हमीद का बताया जा रहा है, जहां की एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें एक शख्स हाथ में गन लेकर खड़ा है. रामगोपाल की मौत की खबर के बाद महराजगंज में बवाल शुरू हो गया. आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने आरोपी के घर समेत कई वाहनों में तोड़फोड़ की और उसमें आग लगा दी. इस बीच सोमवार को जब मृतक का शव गांव पहुंचा तो भीड़ फिर गुस्साकर बेकाबू हो गई. इस दौरान महराजगंज क्षेत्र में कई घरों, नर्सिंग होम, बाइक शोरूम और दुकानों में आगजनी और तोड़फोड़ की गई. वहीं, पुलिस ने बेकाबू भीड़ को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े. हालात बिगड़ते देख इंटरनेट सेवा पूरे जिले में बंद कर दी गई. पीएसी, आरएएफ को सड़क पर उतार दिया गया. खुद एसटीएफ चीफ पिस्टल लेकर सड़क पर निकल पड़े. घटना के तीन दिन होने के बाद भी महसी के महाराजगंज इलाके में अभी भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. recent visitors 58

इंजीनियर रशीद का दावा- पीएम मोदी ने फारूक और उमर से सलाह लेने के बाद हटाया था आर्टिकल 370

श्रीनगर नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। उनके साथ पांच अन्य मंत्रियों ने भी मंत्रीपद की शपथ ली है। इस बीच, अवामी इत्तेहाद पार्टी के अध्यक्ष और सांसद शेख अब्दुल रशीद उर्फ ​​इंजीनियर रशीद ने बुधवार को आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को हटाने के मामले में फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ मिलीभगत की है। रशीद ने दावा किया कि पीएम मोदी ने यह कदम उठाने से पहले अब्दुल्ला परिवार से सलाह ली थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने घाटी में नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) को फिर से सत्ता में लाने में मदद की। मीडिया से बात करते हुए रशीद ने कहा, "उमर अब्दुल्ला राज्य के दर्जे, अनुच्छेद 370 और 35ए की बात करते हैं… उमर अब्दुल्ला 370 से भाग रहे हैं। जब पीएम मोदी ने अनुच्छेद 370 को हटाया, तो उससे 3 दिन पहले उन्होंने फारूक अब्दुल्ला से मुलाकात की थी… मुलाकात के बाद फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि कुछ भी नहीं हटने वाला था, लेकिन इसे हटा दिया गया और फारूक और उमर अब्दुल्ला को गेस्ट हाउस में रखा गया। ऐसा लगता है कि फारूक और उमर अब्दुल्ला इसमें शामिल थे।'' रशीद ने कहा, "पीएम मोदी ने उनसे सलाह-मशविरा करने के बाद अनुच्छेद 370 हटाया। यह सब मैच फिक्सिंग थी। इसमें कोई संदेह नहीं है कि भाजपा ने एनसी को सत्ता में आने में मदद की।" अगस्त 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया। 2005 में, इंजीनियर राशिद को आतंकवादियों का समर्थन करने के आरोप में श्रीनगर में विशेष अभियान समूह (एसओजी) द्वारा गिरफ्तार किया गया था और तीन महीने और 17 दिनों तक हिरासत में रखा गया था। उन पर राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के आरोप लगे और उन्हें कार्गो, हुमहामा और राज बाग जेलों में रखा गया। हालांकि, बाद में श्रीनगर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मानवीय आधार पर उनके खिलाफ सभी आरोप हटा दिए। अगस्त 2019 में, राशिद को फिर से गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत गिरफ्तार किया गया। अपनी कैद के दौरान, उन्होंने जेल से 2024 के संसदीय चुनावों के लिए अपना नामांकन दाखिल किया और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को हराकर 204,000 मतों के अंतर से जीत हासिल की। सुरिंदर चौधरी को बनाया गया डिप्टी सीएम जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को पार्टी नेता सुरिंदर चौधरी को उप-मुख्यमंत्री चुना है। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उन्होंने नौशेरा से चौधरी को इस पद के लिए इसलिए चुना क्योंकि वह क्षेत्र को लोगों को प्रतिनिधित्व देने के साथ ही अपनी सरकार को समावेशी बनाना चाहते हैं। नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर ने शपथ ग्रहण समारोह के बाद पत्रकारों से कहा, ''हमारा प्रयास सभी को साथ लेकर चलना होगा।'' अब्दुल्ला के साथ पांच मंत्रियों – सकीना मसूद (इटू), जावेद डार, जावेद राणा, सुरिंदर चौधरी और सतीश शर्मा ने भी पद की शपथ ली। अब्दुल्ला ने कहा कि तीन पद खाली हैं और ''उन्हें भी धीरे धीरे भर दिया जाएगा।'' 'जम्मू के लोग खुद को अलग-थलग महसूस न करें' उन्होंने कहा कि चौधरी को उपमुख्यमंत्री के रूप में इसलिए चुना गया ताकि जम्मू के लोग खुद को सरकार से अलग थलग महसूस न करें। जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव में कड़ी टक्कर देते हुए बड़ी प्रतिद्वंद्वी बनकर उभरी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जम्मू कश्मीर इकाई के अध्यक्ष रवींद्र रैना को नौशेरा में चौधरी ने 7,819 मतों से हराया था। चौधरी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के पूर्व नेता हैं। उन्होंने कहा, ''मैंने कहा था कि हम जम्मू को यह महसूस नहीं होने देंगे कि इस सरकार में उनकी आवाज नहीं है, उनका कोई प्रतिनिधि नहीं है। मैंने जम्मू से उपमुख्यमंत्री इसलिए चुना है ताकि जम्मू के लोगों को लगे कि यह सरकार जितनी बाकियों की है, उतनी ही उनकी भी है।'' recent visitors 79