वन एवं पर्यावरण मंत्री ने 30 लाख 92 हजार 426 रुपये लागत की 2 सड़कों का भूमि-पूजन किया

भोपाल वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री रामनिवास रावत ने विजयपुर क्षेत्र में ग्राम खाड़ी से गिलाई माता तथा सिलपुरा से थूवरनाला तक 30 लाख 92 हजार 426 रुपये लागत की 2 सड़कों का भूमि-पूजन किया। वन मंत्री श्री रावत ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा इन सड़कों की माँग लम्बे समय से की जा रही थी। उन्होंने कहा कि इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीणों का आवागमन सुगम होगा। ये सड़कें क्षेत्र के विकास के लिये सहायक होंगी। श्री रावत ने बताया कि इन सड़कों का निर्माण तेन्दूपत्ता मद से अधोसंरचनात्मक विकास कार्य के तहत वन विभाग द्वारा करवाया जायेगा। भूमि-पूजन कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणजनों ने वन मंत्री श्री रावत का स्वागत किया। इस अवसर पर वन विभाग के अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।   recent visitors 79

भारत ने कनाडा को निज्जर कांड में लगाई कड़ी फटकार, कनाडा का रवैया इस मामले में घोर आपत्तिजनक: विदेश मंत्री

कनाडा खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर की बीते साल हुई हत्या के मामले में भारत सरकार ने कनाडा की जस्टिस ट्रूडो सरकार पर तीखा हमला बोला है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि कनाडा का रवैया इस मामले में घोर आपत्तिजनक है और दोनों देशों के रिश्तों के लिए ठीक नहीं है। कनाडा की ओर से कहा गया था कि निज्जर की हत्या के मामले में भारतीय उच्चायुक्त और अन्य राजनयिकों पर भी संदेह है और वे पर्सन ऑफ इंट्रेस्ट प्रतीत होते हैं। अब इसे लेकर भारत ने कहा है कि यह कुछ और नहीं बल्कि जस्टिन ट्रूडो सरकार की वोट बैंक की राजनीति है। वह अपने राजनीतिक हित साधने के अलावा कुछ नहीं करना चाहती। विदेश मंत्रालय ने कहा कि कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने सितंबर 2023 में इस संबंध में आरोप लगाए थे। इसके बाद भारत की ओर से कनाडा सरकार से कहा गया था कि वह इस संबंध में कुछ सबूत थे। कई बार रिक्वेस्ट करने के बाद भी कनाडा सरकार ने कोई सबूत नहीं दिया था। विदेश मंत्रालय ने सोमवार को एक बयान जारी कर कहा कि उन्हें रविवार को कनाडा से एक राजनयिक संदेश प्राप्त हुआ जिसमें यह कहा गया कि भारतीय उच्चायुक्त और अन्य राजनयिक कनाडा में एक जांच से संबंधित मामले में पर्सन ऑफ इंटरेस्ट हैं। ‘पर्सन ऑफ इंटरेस्ट’ शब्द का उपयोग अमेरिका और कनाडा में कानून प्रवर्तन द्वारा किसी ऐसे व्यक्ति के लिए किया जाता है जो संभवतः किसी जांच से जुड़ा हो, जिसे गिरफ्तार नहीं किया गया हो या किसी अपराध के लिए औपचारिक रूप से आरोपित नहीं किया गया हो। इसका उपयोग आमतौर पर किसी ऐसे व्यक्ति को संदर्भित करने के लिए किया जाता है जिसमें कानून प्रवर्तन कर्मियों की रुचि होती है क्योंकि उनके पास ऐसी जानकारी हो सकती है जो जांच में सहायता कर सकती है। हालांकि मंत्रालय ने जांच के बारे में कोई विशेष जानकारी नहीं दी, लेकिन मामले से परिचित लोगों ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि यह मामला निज्जर की हत्या से जुड़ा है। जून 2023 में सर्रे में एक गुरुद्वारे के बाहर अज्ञात लोगों ने निज्जर की गोली मार कर हत्या कर दी थी। बयान में कहा गया है, "भारत सरकार इन बेतुके आरोपों को खारिज करती है और इन्हें ट्रूडो सरकार के राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा मानती है जो वोट बैंक की राजनीति पर केंद्रित है।" सितंबर 2023 में कनाडा के प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा संसद में आरोप लगाए जाने के बाद से द्विपक्षीय संबंधों में गिरावट आई है। ट्रुडो ने आरोप लगाया था कि निज्जर की मौत में भारतीय सरकारी एजेंटोन के हाथ हैं। भारत ने आरोप को निराधार बताकर खारिज कर दिया था। ताजा बयान में कहा गया है कि पिछले सितंबर में ट्रूडो द्वारा आरोप लगाए जाने के बाद से कनाडाई सरकार ने हमारी ओर से कई अनुरोधों के बावजूद भारत सरकार के साथ किसी भी तरह का सबूत साझा नहीं किया है। बयान में आगे कहा गया है: "यह नए कदम उन बातचीत के बाद उठाया गया है जिसमें फिर से बिना किसी तथ्य के दावे किए गए हैं। इससे इस बात में कोई संदेह नहीं रह जाता कि जांच के बहाने राजनीतिक लाभ के लिए भारत को बदनाम करने की जानबूझकर रणनीति बनाई जा रही है। कड़े शब्दों में लिखे गए विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया कि ट्रूडो की भारत के प्रति दुश्मनी लंबे समय से साफ साफ नजर आती है"। ट्रूडो कैबिनेट में ही हैं कई भारत विरोधी लोग बयान में कहा गया, "उनके मंत्रिमंडल में ऐसे लोग शामिल हैं जो भारत के संबंध में चरमपंथी और अलगाववादी एजेंडे से खुले तौर पर जुड़े हुए हैं। दिसंबर 2020 में भारतीय आंतरिक राजनीति में उनके खुले हस्तक्षेप से पता चलता है कि वे इस संबंध में किस हद तक जाने को तैयार हैं। बयान में कहा गया है कि उच्चायुक्त संजय वर्मा भारत के सबसे वरिष्ठ सेवारत राजनयिक हैं, जिनका करियर 36 साल का है। इस दौरान वे जापान और सूडान में राजदूत रहे हैं और इटली, तुर्की, वियतनाम और चीन में भी सेवा दे चुके हैं। इसमें कहा गया है, ‘कनाडा सरकार द्वारा उन पर लगाए गए आरोप हास्यास्पद हैं।’ बयान में कहा गया है कि भारतीय पक्ष भारतीय राजनयिकों के खिलाफ आरोप लगाने के कनाडाई सरकार के इन प्रयासों के जवाब में कदम उठाएगा।' भारत बोला- ट्रूडो सरकार दे रही कट्टरपंथियों को शरण बयान में भारतीय पक्ष के इस आरोप को दोहराया गया कि ट्रूडो सरकार ने जानबूझकर हिंसक चरमपंथियों और आतंकवादियों को कनाडा में भारतीय राजनयिकों और सामुदायिक नेताओं को परेशान करने, धमकाने और डराने के लिए जगह दी है। इसमें भारतीय राजनयिकों और नेताओं को जान से मारने की धमकियां भी शामिल हैं। बयान में कहा गया है, “इन सभी गतिविधियों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर उचित ठहराया गया है। कुछ व्यक्ति जो अवैध रूप से कनाडा में प्रवेश कर चुके हैं, उन्हें नागरिकता देने के लिए तेज़ी से काम किया गया है। कनाडा में रहने वाले आतंकवादियों और संगठित अपराध नेताओं के संबंध में भारत सरकार के कई प्रत्यर्पण अनुरोधों की अनदेखी की गई है।”   recent visitors 76

अब जम्मू-कश्मीर के सत्यपाल मलिक ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा, ईवीएम की विश्वसनीयता पर उठाए सवाल

नई दिल्ली विपक्ष लंबे समय से ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव करवाने की मांग करता रहा है। हरियाणा चुनाव के बाद कांग्रेस ने चुनाव आयोग और ईवीएम की विश्वसनीयता पर एक बार फिर सवाल खड़े किए। वहीं अब जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने भी चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि आज के हालात को देखकर ईवीएम से भरोसा उठने जैसा हो गया है। मलिक ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर कहा, अभी हरियाणा में हुए चुनावों में पोस्टल बैलेट पेपर में कांग्रेस 74-16 से आगे थी, जैसे ही EVM खुली धीरे धीरे कांग्रेस सत्ता से बाहर ओर और भाजपा सत्ता में। जो शुरुआती रुझानों में दिखाया गया था और एग्जिट पोल्स में भी दिखाया था सब उसके विपरीत हो रहा है। आज वर्तमान स्तिथि देखकर चुनाव आयोग और EVM से भरोसा उठने जैसा हो गया है। EVM का खेल आखिर कब तक चलेगा, आज AI का ज़माना है अगर निष्पक्ष चुनाव चाहते हो तो EVM को हटाना भी एक मात्र विकल्प है। हाल ही में लाइव हिंदुस्तान से बातचीत में भी सत्यपाल मलिक ने कहा था कि हरियाणा के नतीजे उम्मीद के विपरीत आए हैं। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस में एकता नहीं है। कांग्रेस के लोग उतनी मेहनत नहीं करते। वहीं बीजेपी के लोग 24 घंटे राजनीति करते हैं। उनके मुकाबले कांग्रेस की मेहनत नहीं टिकती है। उन्होंने कहा था कि हरियाणा की हार के लिए राहुल गांधी जिम्मेदार नहीं हैं। मलिक ने कहा था कि बीजेपी के 50 अनुषांगिक संगठन हैं। कांग्रेस के लोग बीजेपी के बराबर राजनीति और संघर्ष नहीं करते। सड़कों पर नहीं रहते। उन्होंने कहा कि कुमारी सैलजा की वह से कांग्रेस के दलित वोट कट गए। वहीं बैकवर्ड सीएम की वजह से पिछड़ा वोट भी बीजेपी को मिल गया। बता दें कि चुनाव परिणाम वाले दिन अजय माकन, भूपेंद्र सिंह हुड्ड् और कुमारी सैलजा जैसे कांग्रेस नेताओं ने कहा था कि दोपहर में गिनती धीमी हो गई है। उन्होंने गिनती में गड़बड़ी की आशंका जताई थी। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने ईवीएम पर सवाल भी खड़े किए थे। जवाब देते हुए बीजेपी ने कहा था कि कांग्रेस जम्मू-कश्मीर में ईवीएम में गड़बड़ी का आरोप क्यो नहीं लगा रही है। जबकि जम्मू-कश्मीर में उसका गठबंधन सरकार बनाने की स्थिति में है। बाद में कांग्रेस ने ईवीएम के मामले को लेकर एक फैक्ट फाइंडिंग टीम बना दी और कहा कि जब तक पुख्ता सबूत नहीं मिल जाते कांग्रेस ईवीएम के मुद्दे पर ज्यादा बात नहीं करेगी। recent visitors 68

बोइनपल्ली को शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत

नई दिल्ली दिल्ली के कथित शराब घोटाले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को हैदराबाद के कारोबारी अभिषेक बोइनपल्ली को जमानत दे दी। बोइनपल्ली को शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में जस्टिस एमएम सुंदरेश और अरविंद कुमार की बेंच ने जमानत दी है। ईडी की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने जमानत का विरोध नहीं किया। बेंच ने कहा, 'हम जमानत देने के पक्ष में हैं।' सर्वोच्च अदालत ने 13 अगस्त को बोइनपल्ली को मिली अंतरिम जमानत को बढ़ा दिया था। 20 मार्च को कोर्ट ने यह कहते हुए उन्हें पांच सप्ताह की जमानत दी थी कि वह 18 महीनों से जेल में बंद हैं। इसके बाद लगातार उनकी जमानत अवधि बढ़ती रही। अंतरिम जमानत देते हुए सर्वोच्च अदालत ने बोइनपल्ली को अपना पासपोर्ट जमा कराने को कहा था। उन्हें हैदराबाद के अलावा एनसीआर से बाहर कहीं और नहीं जाने को कहा गया था।कारोबारी ने दिल्ली हाई कोर्ट के तीन जुलाई 2023 के आदेश को चुनौती दी है जिसमें 2022 में उनकी गिरफ्तारी की वैधता पर सवाल उठाने वाली याचिका खारिज कर दी गई थी। उन्होंने पीएमएलए की धारा 19 का पालन न करने के आधार पर गिरफ्तारी को चुनौती दी थी। उनका कहना है कि प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। दिल्ली सरकार ने 2021-22 के लिए बनी शराब नीति 17 नवंबर, 2021 को लागू की थी लेकिन भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच सितंबर, 2022 के अंत में इसे रद्द कर दिया था। केंद्रीय जांच एजेंसियों सीबीआई और ईडी का आरोप है कि इस नीति के तहत शराब कारोबारियों को गलत तरीके से फायदा पहुंचाया गया और बदले में उनसे रिश्वत ली गई। इस मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, राज्यसभा सांसद संजय सिंह जैसे बड़े नेता भी आरोपी हैं। तीनों सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर निकले हैं। recent visitors 71

वरिष्ठ मंत्री रहे अनिल विज ने जेपी नड्डा से की मुलाकात, इस मुलाकात के हरियाणा में खूब हो रहे चर्चे

नई दिल्ली अंबाला कैंट सीट से लगातार 7वीं बार विधायक चुने गए हरियाणा के सीनियर भाजपा नेता अनिल विज ने जेपी नड्डा से मुलाकात की है। वह पार्टी चीफ से मुलाकात करने दिल्ली पहुंचे। वरिष्ठ मंत्री रहे अनिल विज की जेपी नड्डा से मुलाकात के हरियाणा में भी चर्चे हैं। फिलहाल इस बात के कयास लग रहे हैं कि उन्हें कौन सा मंत्रालय नई सरकार में मिल सकता है। वह मनोहर लाल खट्टर की सरकार में गृह मंत्री थे, लेकिन नायब सिंह सैनी को कमान मिलने के बाद उन्होंने शपथ नहीं ली थी। वह सिर्फ विधायक के तौर पर काम कर रहे थे। इस बार फिर उन्होंने अंबाला से जीत हासिल की है। इस जीत के बाद फिर से उनके कैबिनेट में आने की चर्चाएं हैं। नायब सिंह सैनी के 17 अक्टूबर को कुछ मंत्रियों के साथ शपथ होगी। अब चर्चा है कि 17 अक्टूबर को अनिल विज उनके साथ शपथ लेंगे या नहीं। दरअसल अनिल विज ने हरियाणा चुनाव के नतीजों से पहले सीएम पद पर दावा किया था। उनका कहना था कि वह वरिष्ठ नेता हैं और सीएम पद के लिए उपयुक्त हैं। ऐसे में अब वह नायब सैनी की सरकार में बतौर मंत्री शपथ लेंगे या फिर नहीं। इसको लेकर भाजपा में आंतरिक चर्चाएं तेज हैं। हालांकि अनिल विज ने दावा करने के बाद यह भी कहा था कि यह मेरी नहीं बल्कि समर्थकों की राय है। उन्होंने सफाई देते हुए कहा था कि जब मनोहर लाल खट्टर के स्थान पर नायब सिंह सैनी को सीएम बनाया गया तो मेरे समर्थकों की राय थी कि मैं भी इसके लिए सही विकल्प था। फिर मैंने जब कुछ नहीं कहा तो लोगों ने कहा शुरू किया कि अनिल विज खुद ही सीएम नहीं बनना चाहता। इसलिए मैंने इस मसले पर बात करते हुए कहा कि मैं भी मुख्यमंत्री बन सकता हूं। ऐसा इसलिए कहा था ताकि अपने समर्थकों के बीच भ्रम दूर कर सकूं। बता दें कि अनिल विज को हरियाणा भाजपा के फायर ब्रांड नेताओं में गिना जाता है। वह तब से भाजपा के विधायक हैं, जब पार्टी राज्य में कमजोर थी और तीसरे या चौथे नंबर की पार्टी हुआ करती थी। भाजपा को इस बार के चुनाव में 48 सीटें मिली हैं और वह लगातार तीसरी बार राज्य की सत्ता में लौटी है। recent visitors 69

दीपक बाबरिया ने पार्टी नेतृत्व से इस्तीफे की पेशकश की है और हरियाणा की हार के लिए नैतिक जिम्मेदारी ली

नई दिल्ली हरियाणा विधानसभा चुनाव की अप्रत्याशित हार ने कांग्रेस में बवाल बढ़ा दिया है। नेता एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे हैं तो वहीं अब इस्तीफों का दौर भी शुरू हो सकता है। सबसे पहले राज्य के प्रभारी महासचिव दीपक बाबरिया ने इस्तीफे की पेशकश कर दी है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से इस्तीफे की पेशकश की है और हरियाणा की हार के लिए नैतिक जिम्मेदारी ली है। उन्होंने हाईकमान से कहा है कि उनकी जगह पर किसी नए शख्स को यह जिम्मेदारी दी जाए। इसे लेकर सीधे राहुल गांधी से ही बाबरिया ने बात की है। दीपक बाबरिया चुनाव के दौरान बीमार थे और अस्पताल में एडमिट थे। उनकी सीधे तौर पर सीनियर लीडर कैप्टन अजय सिंह यादव ने आलोचना की थी। उनका कहना था कि चुनाव के बीच में दीपक बाबरिया बीमार थे। वह अस्पताल में एडमिट थे और कामकाज ठप था। यदि ऐसी स्थिति थी तो उन्हें हाईकमान को बताना चाहिए था कि उनका कोई विकल्प देखा जाए। इस तरह उन्होंने बाबरिया पर लापरवाही का आरोप लगाया था। अब खुद बाबरिया ने नैतिक जिम्मेदारी ली है और इस्तीफा देने की बात कही है। दरअसल हरियाणा में जब टिकटों का बंटवारा हो रहा था और प्रचार जोरों पर था, तब दीपक बाबरिया दिल्ली के एम्स में एडमिट थे। उन्हें रक्तचाप से जुड़ी समस्या हो गई थी। दरअसल दीपक बाबरिया का हरियाणा में कोई जनाधार नहीं रहा है और उन्हें ज्यादातर नेता महत्व नहीं देते। इसी को लेकर बवाल होता रहा है। कैप्टन अजय यादव तो उन पर सीधे हमलावर हुए। उन्होंने कहा कि आखिर ऐसे कैसे कोई प्रभारी हो सकता है, जो चुनाव के वक्त सीन से ही गायब था। दरअसल दीपक बाबरिया को पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का करीबी माना जाता है। कर्नाटक में पार्टी की जीत के बाद बाबरिया को विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए पर्यवेक्षक के तौर पर भेजा गया था। इसके बाद उन्हें दिल्ली और हरियाणा का प्रभारी बनाया गया था। बता दें कि हरियाणा में कांग्रेस ने हार के बाद फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बनाने का फैसला लिया है। यह कमेटी हार के कारणों की पड़ताल करेगी। कांग्रेस सूत्रों ने बताया था कि हरियाणा की हार को लेकर जो मीटिंग हुई थी, उसमें राहुल गांधी ने हैरानी जताई थी। उनका कहना था कि कुछ लोगों ने पार्टी हितों की बजाय निजी हितों को ज्यादा प्राथमिकता दी थी। कयास लग रहे हैं कि दीपक बाबरिया के बाद पार्टी के स्टेट चीफ उदयभान भी इस्तीफा दे सकते हैं। recent visitors 69

शर्मनाक: गोवा में युवती के साथ अभद्र व्यवहार करने के मामले में पुलिस ने दो युवकों किया गिरफ्तार

गोवा गोवा घूमने गए उत्तर प्रदेश के दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों पर एक स्थानीय युवती के साथ अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगे हैं। फिलहाल, मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में आगे और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। इधर, घटना पर राजनीति भी तेज हो गई है। विपक्ष ने सरकार पर कानून और व्यवस्था बिगड़ने के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने जानकारी दी है कि कलन्गूट गांव से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप हैं कि दोनों ने एक स्थानीय युवती से पूछा कि उसका दाम क्या है और क्या वह 'उपलब्ध' है। युवकों की पहचान 30 वर्षीय प्रेम पांडेय और कृष्णा सिंह के तौर पर हुई है। प्रेम उत्तर प्रदेश के लाल गंज जिले और सिंह आगरा का रहने वाला है। इनके खिलाफ BNS की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। नॉर्थ गोवा एसपी अक्षत कौशल ने बताया, 'हमें शिकायत मिली थी और शिकायत के आधार पर हमने FIR दर्ज कर ली है। घटना शनिवार रात की है और इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच जारी है। और गिरफ्तारियों की भी संभावनाएं हैं।' खास बात है कि इस घटना का वीडियो भी वायरल हो रहा है। इसमें नजर आ रहा है कि दो युवक एक युवती के पास पहुंचते हैं और होटल साथ चलने के लिए कहते हैं। विपक्ष ने उठाए सवाल विपक्ष के नेता यूरी अलेमाओ ने कहा, 'जब स्थानीय महिलाएं ही सुरक्षित नहीं है, तो भाजपा सरकार गोवा आने वाले पर्यटकों को क्या सुरक्षा देगी? दो साल पहले कलन्गूट और बागा के करीब 500 लोगों ने वेश्यावृत्ति और दादागिरी के खिलाफ प्रदर्शन किया था। स्थानीय महिलाओं ने तब शाम के समय बाहर निकलने में डर की बात कही थी। अब यह हकीकत हो गई है।' उन्होंने कहा, 'हमारे खुद के ही गोवा में हमारी बेटियां और बहने सुरक्षित नहीं हैं। गोवा अपनी सुंदरता, विरासत और समृद्ध संस्कृति के लिए जाना जाता है। भाजपा गोवा को वेश्यावृत्ति, दादागिरी और अपराध के गढ़ के रूप में बदल रही है। recent visitors 99