उमंग सिंघार का सरकार पर तीखा हमला: नौकरी के नाम पर जुमले, हाथ में डिग्री और आंखों में इंतजार!

Jobs are just rhetoric, degrees in hand, and longing in the eyes! Umang Singhar launches a scathing attack on the government. “माता-पिता लाखों खर्च कर बच्चों को पढ़ाते हैं, लेकिन डिग्री के बाद रोजगार नहीं” — पेसा मोबिलाइजर्स समेत हजारों युवाओं के संघर्ष पर उठाए सवाल भोपाल। मध्यप्रदेश में बेरोजगारी के मुद्दे को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है। उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश का युवा पढ़-लिखकर रोजगार की तलाश में दर-दर भटकने को मजबूर है। माता-पिता अपने बच्चों की पढ़ाई पर लाखों रुपये खर्च कर उन्हें बेहतर भविष्य देने का सपना देखते हैं, लेकिन शिक्षा पूरी होने के बाद रोजगार नहीं मिलने से वही युवा निराशा और बेरोजगारी के चक्र में फंस जाता है। “वादे बहुत हुए, अब रोजगार का हिसाब दे सरकार” नेता प्रतिपक्ष ने पेसा मोबिलाइजर्स समेत हजारों युवाओं के संघर्ष का मुद्दा उठाते हुए सरकार को घेरा। उनका कहना है कि अपने अधिकारों और रोजगार की मांग को लेकर युवा लगातार आवाज उठा रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान करने के बजाय केवल आश्वासनों तक सीमित दिखाई दे रही है। सिंघार ने सवाल उठाया कि आखिर युवाओं को रोजगार कब मिलेगा? जिन परिवारों ने बच्चों की पढ़ाई के लिए अपनी जिंदगी की कमाई लगा दी, उनके बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी कौन लेगा? इंदौर में गूंजेगी युवाओं की आवाज! इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के तहत इंदौर पहुंचने वाले हैं। उमंग सिंघार ने कहा कि यह कार्यक्रम उन छात्रों और युवाओं की आवाज बनेगा, जो रोजगार और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। रोजगार और शिक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगने का वक्त आ गया है। उमंग सिंघार ने अपने संदेश में कहा— “अब युवाओं की आवाज दबेगी नहीं, गूंजेगी… छात्रों की गूंज।” प्रदेश की राजनीति में रोजगार का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में आता दिखाई दे रहा है। राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम के साथ कांग्रेस इस मुद्दे को युवाओं के बीच जोर-शोर से उठाने की तैयारी में है। recent visitors 16

कर्ज में डूबा किसान: मप्र के हर किसान परिवार पर 74,420 रुपए का कर्ज उमंग सिंघार ने सरकार से किए सवाल

कर्ज में डूबा किसान: मप्र के हर किसान परिवार पर 74,420 रुपए का कर्ज उमंग सिंघार ने सरकार से किए सवाल

Farmers in debt: Every farmer family in Madhya Pradesh has a debt of Rs 74,420. Umang Singhar questions government भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा लगातार लिए जा रहे कर्ज और किसानों की घटती आय को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार को घेरा है। Umang Singhar questions government ने कहा कि संसद में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार मध्यप्रदेश के हर किसान परिवार पर औसतन 74,420 का कर्ज है। उन्होंने कहा कि देश के कृषि मंत्री भी मध्यप्रदेश से आते हैं, फिर भी आज एमपी का किसान देश के सबसे अधिक कर्ज वाले राज्यों में शामिल है। उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि किसानों का कर्ज़ घटाने के लिए क्या ठोस योजना है, किसानों को फसल का सही मूल्य कब मिलेगा और किसान आत्मनिर्भर कब बनेगा। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि किसान सिर्फ वोट बैंक नहीं हैं बल्कि देश के अन्नदाता हैं, जिनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से होना चाहिए। उमंग सिंघार ने कर्ज के मुद्दे पर सरकार को घेराUmang Singhar questions government मध्य प्रदेश के किसान परिवारों पर बढ़ते कर्ज़ को लेकर राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि संसद में पेश किए गए ताजा सरकारी आंकड़ों के अनुसार मध्यप्रदेश के हर किसान परिवार पर औसतन 74,420 का कर्ज़ है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के तमाम वादों और दावों के बावजूद किसानों की आय दोगुनी नहीं हुई बल्कि उनपर कर्ज बढ़ गया है। कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि क्या यही ह्लडबल इंजन सरकारह्व की किसान नीति है। उन्होंने पूछा कि जब देश के कृषि मंत्री भी मध्यप्रदेश से आते हैं, तब भी राज्य के किसान देश के सबसे अधिक कर्ज वाले राज्यों में क्यों शामिल हैं। मुख्यमंत्री से किए सवालनेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से सीधे सवाल किए हैं कि उनके पास कर्ज घटाने की क्या ठोस योजना है। उन्होंने पूछा कि किसानों को उनकी फसल का सही दाम कब मिलेगा और आत्मनिर्भर किसान कब बनेगा। उमंग सिंघार ने कहा कि किसान सिर्फ वोट बैंक नहीं, बल्कि देश का अन्नदाता है और लेकिन सरकार लगातार उनकी उपेक्षा कर रही है। बता दें कि एमपी सरकार ने प्रदेश के बजट सत्र से ठीक पहले 5,000 करोड़ का नया कर्ज लिया है, जो पिछले एक हफ्ते में दूसरी बार लिया गया बड़ा कर्ज है। चालू वित्त वर्ष में अब तक कुल 36 बार कर्ज लिया जा चुका है, और इसकी कुल राशि 67,300 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। recent visitors 67

लोकायुक्त से मिलने पहुंचे कांग्रेसी, सौरभ शर्मा और गोविंद सिंह राजपूत से जुड़े सौंपे दस्तावेज

Congressmen reached to meet Lokayukta, submitted documents related to Saurabh Sharma and Govind Singh Rajput भोपाल ! राजधानी भोपाल में सोमवार को नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार प्रतिनिधिमंडल के साथ मध्य प्रदेश के लोकायुक्त से मिलने पहुंचे. उमंग सिंघार अपने साथ सौरभ शर्मा और उसके साथियों से जुड़े दस्तावेजों के साथ-साथ मंत्री गोविंद सिंह राजपूत जो की पूर्व में परिवहन विभाग के मंत्री थे, उनकी कई संपत्तियों की जानकारी व उनकी रजिस्ट्री लेकर लोकायुक्त के पास पहुंचे. जहां उन्होंने लोकायुक्त से निवेदन किया है कि इस पूरे मामले की जांच करवाकर इस पर कार्रवाई की जाए. लोकायुक्त को सौंपे दस्तावेजभोपाल में लोकायुक्त से मिलने के बाद उमंग सिंघार ने बताया कि “हमने परिवहन विभाग के पूरे घोटाले के संपूर्ण दस्तावेज और उन घोटाले के पैसों से खरीदी गई संपत्तियों की जानकारी लोकायुक्त को दे दी है. सौरभ शर्मा जो अभी जेल में बंद है. तीनों जांच एजेंसियां उससे उसकी कार में मिले 52 किलो सोना और 11 करोड़ कैश के बारे में कुछ भी नहीं उगलवा सकी. सौरभ शर्मा के मामले में अभी मध्य प्रदेश विधानसभा में भी चर्चा होना बाकी है. उमंग सिंघार को गोविंद सिंह राजपूत के खिलाफ आरोपलोकायुक्त से मुलाकात के बाद उमंग सिंघार ने बताया कि “किस तरह जनता के पैसों से यह लोग सोना-चांदी खरीद रहे थे. इस पूरे प्रकरण में तीन-तीन जांच एजेंसियों ने जांच करी, लेकिन अभी तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आए हैं. इसको लेकर भी हमने लोकायुक्त से बात की है कि इस पूरे मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई की जाए. इसके साथ ही पूर्व में परिवहन मंत्री रहे गोविंद सिंह राजपूत और अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी हमने लोकायुक्त को विस्तृत दस्तावेज दिए हैं. जिसमें हमने सभी प्रकार के दस्तावेज जैसे कि किस समय कौन सी जमीन गोविंद सिंह राजपूत या उनके परिजनों के नाम पर कहां-कहां खरीदी गई है. इसका विस्तृत उल्लेख किया है लोकायुक्त ने मामले में जांच करवाने के साथ-साथ कार्रवाई का भी आश्वासन दिया है. recent visitors 214

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सीएम मोहन पर कसा तंज: ‘कर्ज़ में डूबा प्रदेश, बढ़ रही मुख्यमंत्री की संपत्ति

मध्यप्रदेश में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि प्रदेश कर्ज़ के बोझ तले दबता जा रहा है, जबकि मुख्यमंत्री की संपत्ति दिन-ब-दिन बढ़ रही है। नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि मध्यप्रदेश पर प्रति व्यक्ति क़र्ज़ ₹52,000 है, और कुल मिलाकर प्रदेश पर लगभग ₹4 लाख करोड़ का कर्ज़ है। उन्होंने इसे प्रदेश की बदहाल आर्थिक स्थिति का परिचायक बताया। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव देश के पांचवें सबसे अमीर मुख्यमंत्री हैं। विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान, उनकी कुल चल संपत्ति ₹5.66 करोड़ थी, जबकि उनकी पत्नी सीमा यादव के पास ₹3.23 करोड़ की संपत्ति थी। इसके अतिरिक्त, उनकी अचल संपत्ति का मूल्य ₹13.36 करोड़ और उनकी पत्नी की ₹18.75 करोड़ था। रिपोर्ट के अनुसार, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ₹931 करोड़ की संपत्ति के साथ देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्री हैं। वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पास सबसे कम ₹15 लाख की संपत्ति है। देश के 31 मुख्यमंत्रियों की कुल संपत्ति ₹1630 करोड़ है। उमंग सिंघार ने कहा, “प्रदेश गर्त में जा रहा है और विकास हो रहा है तो केवल मुख्यमंत्री की तिजोरी का।” उन्होंने इसे प्रदेश की जनता के साथ अन्याय और आर्थिक प्रबंधन में विफलता बताया। भारत की 2023-24 की प्रति व्यक्ति राष्ट्रीय आय ₹85,854 थी, जबकि मुख्यमंत्रियों की औसत आय ₹13,64,310 है, जो औसत आय का लगभग 7.3 गुना है। विपक्ष का आरोप है कि प्रदेश में कर्ज़ बढ़ाने की नीतियां जनता के हित में नहीं हैं और इसका लाभ केवल कुछ चुनिंदा लोगों को मिल रहा है। उमंग सिंगार ने मुख्यमंत्री से उनकी संपत्ति में हुई वृद्धि का स्पष्टीकरण मांगा है। नेता प्रतिपक्ष के इन आरोपों ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मुख्यमंत्री या सरकार इन सवालों का क्या जवाब देती है और क्या जनता इन मुद्दों को आगामी चुनावों में गंभीरता से लेगी। recent visitors 384

‘CM मोहन आप विदेश क्या गए यहां…’, उज्जैन में पूर्व विधायक की पिटाई मामले पर उमंग सिंघार का तंज

‘CM Mohan, why did you go abroad here…’, Umang Singhar’s taunt on the case of beating of former MLA in Ujjain मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के गृह जिले उज्जैन के महिदपुर विधानसभा में प्रभारी मंत्री और सांसद के सामने दो गुटों की भिड़ंत हो गई. इस दौरान पूर्व विधायक बहादुर सिंह चौहान के साथ जमकर मारपीट हुई. प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल और स्थानीय सांसद अनिल फिरोजिया ने मैदान में उतर कर बीच बचाव किया. बीजेपी के दो गुटों की भिड़ंत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. अब इस मामले को लेकर अब कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने बीजेपी पर तंज कसा है. उंमग सिंघार ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर ट्वीट कर कहा, “ये है संस्कारित और अनुशासित पार्टी बीजेपी की असलियत. उज्जैन जिले की महिदपुर विधानसभा में पूर्व विधायक बहादुर सिंह चौहान की प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल और सांसद अनिल फिरोजिया की मौजूदगी में पिटाई हुई.” बिना बुलाए मंच पर जाने वालों के साथ यही होगा- सिंघार उन्होंने कहा, “खास बात ये कि पिटाई करने वाले बीजेपी के ही कार्यकर्ता थे. अब बिना बुलाए मंच पर जाने वालों के साथ तो यही होगा. सीएम साहेब, आप विदेश क्या गए, यहां आपके गृह जिले में ही पार्टी वाले मारपीट करने लगे. ये न तो राजनीतिक संस्कार और सामाजिक व्यवहार हैं.” क्या है पूरा मामला? खेड़ा खजुरिया गांव में बिजली विभाग के ग्रिड और स्वास्थ्य केंद्र का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया था. इस बीच कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों से कहासुनी हो गई. विवाद बढ़ने के बाद पूर्व विधायक बहादुर सिंह चौहान पर हमला हो गया. बीजेपी नेता प्रताप सिंह आर्य ने बताया कि बहादुर सिंह चौहान के मंच से उतरते ही विवाद की स्थिति बनने लगी. देखते-देखते अचानक मारपीट शुरू हो गई. recent visitors 188