Wednesday, July 8, 2026 4:45 am

Paris Olympics में तीसरे मेडल से चूकीं शूटर मनु भाकर, मुकाबले में चौथे नंबर पर रहीं

पेरिस पेरिस ओलिंपिक में भारत को 2 मेडल दिला चुकी स्टार शूटर मनु भाकर तीसरे मेडल से चूक गई हैं। वे 25 मीटर विमेंस पिस्टल इवेंट में चौथे स्थान पर रहीं। तीसरे स्थान के लिए हुए शूटऑफ में उनके 3 निशाने चूक गए। उनका मुकाबला हंगरी की मेजर वेरोनिका से था। फाइनल में मनु ने 28 पॉइंट्स स्कोर किए, जबकि ब्रॉन्ज मेडलिस्ट हंगरी की मेजर वेरोनिका ने 31 स्कोर किए। कोरियाई शूटर यंग जीन ने 37 अंक के साथ गोल्ड मेडल जीता। फ्रांस की कैमिली को सिल्वर मिला। उन्होंने भी 37 पॉइंट्स हासिल किए, लेकिन वे गोल्ड के लिए शूट ऑफ में टारगेट पर एक निशाना ही लगा सकीं। 22 साल की मनु 10 मीटर पिस्टल और 10 मीटर पिस्टल मिक्स्ड इवेंट में एक-एक ब्रॉन्ज जीत चुकी हैं। मनु के अलावा, आज अनुभवी तीरंदाज दीपिका कुमारी, भजन कौर और मुक्केबाज निशांत देव भी भारतीय चुनौती पेश करेंगे। कुल म‍िलाकर जो मनु ने क‍िया, उसने भारतवास‍ियों का द‍िल जीत ल‍िया. मनु ने वूमेन्स 25 मीटर पिस्टल के फाइनल के बाद कहा इस इवेंट को लेकर प्रेशर था. उन्होंने यह भी कहा कि वह पेर‍िस ओलंप‍िक के दौरान वह सोशल मीड‍िया से दूरी बनाई थी, ऐसे में बाहर क्या चल रहा था. उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है. मनु ने कहा कि अब यहां से वह आने वाले अगले इवेंट की तैयारी में जुटेंगी. इस दौरान उन्होंने फैन्स और पर‍िवार के प्रत‍ि आभार जताया. वहीं मनु ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई बात को भी यादगार बताया.    मैच के बाद मनु भाकर की मां डॉ सुमेधा भाकर ने कहा क‍ि वह मेडल से चूक गईं, लेक‍िन उन्हें उस पर बेहद गर्व है, मैं उसका पलकें बिछाकर इंतजार कर रही हूं. मनु  की मां ने कहा वह लास्ट तक लड़ती रही. वहीं मनु के प‍िता रामकृष्ण भाकर ने कहा क‍ि खेल में हार जीत तो लगी रहती है, उसने शानदार प्रदर्शन क‍िया.  मनु ने इन दो इवेंट में बनाया था र‍िकॉर्ड   इससे पहले मनु भाकर ने व्यक्तिगत 10 मीटर एयर पिस्टल में कांस्य पदक जीतने के बाद सरबजोत सिंह के साथ मिलकर मिश्रित टीम वर्ग में भी कांस्य पदक जीता. वह एक ही ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनीं थी. जो अपने आप में एक र‍िकॉर्ड है.  मनु से पहले केवल नॉर्मन प्र‍िचार्ड ने क‍िया ऐसा  मनु भाकर से पहले ब्रिटिश मूल के भारतीय खिलाड़ी नॉर्मन प्रिचार्ड ने 1900 ओलंपिक में 200 मीटर फर्राटा और 200 मीटर बाधा दौड़ में रजत पदक जीते थे, लेकिन वह उपलब्धि आजादी से पहले की थी. शूट‍िंंग में आए हैं 3 मेडल   देखा जाए तो पहली बार किसी भारतीय शूटर ने ओलंपिक की 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन स्पर्धा में पदक जीता है. भारत का मौजूदा ओलंपिक खेलों में ये तीसरा मेडल रहा. इससे पहले भारत के पिछले दो मेडल भी शूटिंग में आए थे. यानी पहली बार शूटिंग में भारत ने किसी ओलंपिक सीजन में तीन मेडल हासिल किए. शूटिंग में भारत के पदकवीर (ओलंपिक) 1. राज्यवर्धन सिंह राठौड़ रजत पदक: एथेंस (2004)  2. अभिनव बिंद्रा स्वर्ण पदक, बीजिंग ओलंपिक (2008)  3. गगन नारंग कांस्य पदक: लंदन ओलंपिक (2012)  4. विजय कुमार रजत पदक: लंदन ओलंपिक (2012)  5. मनु भाकर कांस्य पदक: पेरिस ओलंपिक (2024)  6.मनु भाकर- सरबजोत स‍िंह कांस्य पदक: पेरिस ओलंपिक (2024)  7.स्वप्निल कुसाले कांस्य पदक: पेरिस ओलंपिक (2024) भारत के ओलंप‍िक मेडल‍िस्ट की पूरी ल‍िस्ट, जानें कौन, कब बना व‍िजेता एथलीट/खेल  मेडल  इवेंट  ओलंप‍िक सीजन नॉर्मन प्रिचर्ड*  स‍िल्वर  पुरुषों की 200 मीटर रेस पेरिस 1900 नॉर्मन प्रिचर्ड**  स‍िल्वर पुरुषों का 200 मीटर बाधा दौड़ (हर्डल रेस) पेर‍िस 1900 भारतीय हॉकी टीम गोल्ड  पुरुष हॉकी एम्स्टर्डम 1928 भारतीय हॉकी टीम गोल्ड पुरुष हॉकी लॉस एंजिल्स 1932 भारतीय हॉकी टीम गोल्ड पुरुष हॉकी बर्लिन 1936 भारतीय हॉकी टीम गोल्ड पुरुष हॉकी लंदन 1948 भारतीय हॉकी टीम गोल्ड पुरुष हॉकी हेल्सिंकी 1952 भारतीय हॉकी टीम गोल्ड पुरुष हॉकी मेलबर्न 1956 केडी जाधव ब्रॉन्ज पुरुषों की बेंटमवेट कुश्ती हेल्सिंकी 1952 भारतीय हॉकी टीम  स‍िल्वर  पुरुष हॉकी रोम 1960 भारतीय हॉकी टीम  गोल्ड  पुरुष हॉकी टोक्यो 1964 भारतीय हॉकी टीम  ब्रॉन्ज पुरुष हॉकी मेक्सिको सिटी 1968 भारतीय हॉकी टीम  ब्रॉन्ज  पुरुष हॉकी म्यूनिख 1972 भारतीय हॉकी टीम  गोल्ड पुरुष हॉकी मास्को 1980 लिएंडर पेस ब्रॉन्ज पुरुष एकल टेनिस  अटलांटा 1996 कर्णम मल्लेश्वरी ब्रॉन्ज भारोत्तोलन (महिलाओं का 54 किग्रा सिडनी 2000 राज्यवर्धन सिंह राठौड़ स‍िल्वर पुरुषों की डबल ट्रैप शूटिंग  एथेंस 2004 अभिनव बिंद्रा गोल्ड पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल शूटिंग बीजिंग 2008 विजेंदर सिंह ब्रॉन्ज पुरुषों की मिडिलवेट बॉक्सिंग (मुक्केबाजी) बीजिंग 2008 सुशील कुमार ब्रॉन्ज पुरुषों की 66 किग्रा कुश्ती बीजिंग 2008 सुशील कुमार स‍िल्वर पुरुषों की 66 किग्रा कुश्ती लंदन 2012 विजय कुमार स‍िल्वर पुरुषों की 25 मीटर रैपिड पिस्टल शूटिंग लंदन 2012 साइना नेहवाल ब्रॉन्ज महिला एकल बैडमिंटन लंदन 2012 मैरी कॉम ब्रॉन्ज महिला फ्लाइवेट मुक्केबाजी लंदन 2012 योगेश्वर दत्त ब्रॉन्ज पुरुष 60 किग्रा कुश्ती लंदन 2012 गगन नारंग ब्रॉन्ज 10 मीटर एयर राइफल शूटिंग लंदन 2012 पीवी सिंधु स‍िल्वर महिला एकल बैडमिंटन रियो 2016 साक्षी मलिक ब्रॉन्ज महिला 58 किग्रा कुश्ती रियो 2016 मीराबाई चानू  स‍िल्वर महिला 49 किग्रा भारोत्तोलन (वेटलिफ्टिंग) टोक्यो 2020 लवलीना बोरगोहेन ब्रॉन्ज महिला वेल्टरवेट बॉक्स‍िंंग (64-69 किग्रा) टोक्यो 2020 पीवी सिंधु  ब्रॉन्ज महिला एकल बैडमिंटन टोक्यो 2020 रवि कुमार दहिया  स‍िल्वर पुरुष फ्रीस्टाइल 57 किग्रा कुश्ती टोक्यो 2020 भारतीय हॉकी टीम  ब्रॉन्ज पुरुष हॉकी टोक्यो 2020 बजरंग पुनिया ब्रॉन्ज पुरुष 65 किग्रा कुश्ती टोक्यो 2020 नीरज चोपड़ा गोल्ड पुरुषों का भाला फेंक (जेवल‍िन थ्रो) टोक्यो 2020 मनु भाकर ब्रॉन्ज  वूमेन्स 10 मीटर एयर पिस्टल पेरिस 2024 मनु भाकर-सरबजोत स‍िंह  ब्रॉन्ज  10 मीटर एयर पिस्टल म‍िक्स्ड टीम  पेरिस 2024 स्वप्निल कुसाले ब्रॉन्ज  50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन पेरिस 2024 *** नोट: नॉर्मन प्रिचर्ड ने ब्रिटिश झंडे के तहत भारत की ओर से भाग ल‍िया था, वह एक ब्रिट‍िश मूल के ख‍िलाड़ी थे.  recent visitors 107

मंत्री एस शिवशंकर बोले- ‘भगवान राम का कोई इतिहास नहीं’, इस राजवंश के साथ की तुलना

चेन्नै तमिलनाडु के मंत्री एस. एस. शिवशंकर ने शुक्रवार को विवादित बयान दिया है। उन्होंने एक बार फिर भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाया है। मंत्री ने दावा किया कि ऐसा कोई ऐतिहासिक सबूत नहीं है जो भारत और दुनिया भर में अरबों लोगों के पूजनीय हिंदू देवता राम के अस्तित्व को साबित कर सके। अरियालुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएमके नेता ने कहा कि तमिलनाडु के लोगों का कर्तव्य है कि वे चोल सम्राट राजेंद्र चोल (राजेंद्र प्रथम) की विरासत का जश्न मनाएं और उनका सम्मान करें या अन्य लोग उन्हें कुछ ऐसा मनाने के लिए मजबूर करेंगे जिससे उनका कोई संबंध नहीं है। एसएस शिवशंकर ने कहा कि राजेंद्र चोल के निर्मित मंदिर और अन्य संरचनाएं हैं जो साबित करती हैं कि उनका अस्तित्व था, लेकिन भगवान राम के बारे में ऐसा नहीं कहा जा सकता है, जिनके बारे में (इतिहास में) कोई सबूत नहीं है। 'राम के अस्तित्व का ऐतिहासिक प्रमाण नहीं' तमिलनाडु के मंत्री एस. एस. शिवशंकर ने दावा किया था कि भगवान राम के अस्तित्व का कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं है। उन्होंने कहा, 'यह दिखाने के लिए कि राजेंद्र चोलन थे, उनके बनाए गए तालाब और उनके बनाए गए मंदिर हैं। लिपियों में उनके नाम का उल्लेख है और उनकी मूर्तियां मौजूद हैं। लेकिन राम के अस्तित्व का कोई प्रमाण या इतिहास नहीं है। वे उन्हें अवतार कहते हैं। अवतार का जन्म नहीं हो सकता। यह हमें हेरफेर करने, हमारे इतिहास को छिपाने और एक और इतिहास को दिखाने के लिए किया जा रहा है।' अन्नामलाई ने साधा निशाना शिवशंकर के बयान पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई ने निशाना साधा। अन्नामलाई ने कहा कि भगवान श्री राम के प्रति द्रमुक का अचानक जुनून वास्तव में देखने लायक है-किसने सोचा होगा? क्या यह दिलचस्प नहीं है कि डीएमके नेताओं की यादें कितनी जल्दी फीकी पड़ जाती हैं? क्या वे वही लोग नहीं थे जिन्होंने नए संसद परिसर में चोल वंश के सेंगोल को स्थापित करने के लिए हमारे पीएम मोदी का विरोध किया था? यह लगभग हास्यास्पद है कि डीएमके को लगता है कि तमिलनाडु का इतिहास 1967 में शुरू हुआ था। अचानक देश की समृद्ध संस्कृति और इतिहास के लिए उनका प्यार अचानक उमड़ पड़ा है। कानून मंत्री ने बताया था राम को द्रविड़ मॉडल का अग्रदूत अन्नामलाई ने कहा कि शायद यह डीएमके के मंत्रियों थिरु रेगुपति और थिरु शिवशंकर के लिए बैठने, बहस करने और भगवान राम पर आम सहमति बनाने का समय है। हमें विश्वास है कि थिरु शिवशंकर अपने सहयोगी से भगवान श्री राम के बारे में एक या दो बातें सीख सकते हैं। अन्नामलाई राज्य के कानून मंत्री रेगुपति की एक अन्य टिप्पणी का जिक्र कर रहे थे, जिन्होंने भगवान राम को द्रविड़ मॉडल का अग्रदूत कहा था।   recent visitors 91

अमेज़न सेल: स्मार्ट टीवी पर 20% तक की छूट, अभी खरीदें

Smart TV घर के लिविंग रूम में लगा हो तो कितना अच्छा लगता है। शाम को चाय-पकौड़े हों और टीवी पर फेवरेट मूवी चल रही हो, तो इससे बेहतर शाम और क्या हो सकती है। हालांकि, इस अनुभव के लिए घर में अच्छा टीवी होना जरूरी है। छोटी फैमिली हो या फिर बैचलर्स, 32 इंच स्क्रीन का टीवी सही रहता है। छोटे कमरों के हिसाब से ये एकदम परफेक्ट रहेगा। इनकी पिक्चर क्वालिटी से लेकर साउंड क्वालिटी सभी का एक्सपीरियंस अच्छा मिलता है। Amazon Sale 2024 में कई अमेजन च्वाइस स्मार्ट टीवी को 55% तक के फ्लैट डिस्काउंट और 1 हजार रुपये से कम की EMI पर खरीदा जा सकेगा। इन सभी के साथ वारंटी भी ठीक-ठाक दी जा रही है। अगर आप भी अपने लिए नया टीवी खरीदना चाहते हैं तो यहां हम आपको कुछ अच्छे ऑप्शन्स की लिस्ट दे रहे हैं। VW 32 inches HD Ready Smart LED TV: 18 महीने की वारंटी के साथ आने वाला VW LED TV कई OTT ऐप्स सपोर्ट के साथ डिजाइन किया गया है जिसमें प्राइम वीडियो, हॉटस्टार, जियो सिनेमा आदि शामिल हैं। इन्हें 55% के डिस्काउंट के साथ 8,499 रुपये में खरीदा जा सकेगा। इसकी वास्तविक कीमत 18,999 रुपये है। इस टीवी में कनेक्टिविटी के लिए वाई-फाई, 2 एचडीएमआई पोर्ट्स दिए गए हैं। साथ ही 24 वॉट का साउंड आउटपुट उपलब्ध कराया गया है जिससे आवाज कमाल की आती है। इसका फ्रेमलेस डिजाइन काफी स्टाइलिश है। Kodak 32 inches HD Ready Smart LED TV: यह टीवी एचडी रेडी रेजोल्यूशन और 60 हर्ट्ज के रिफ्रेश रेट के साथ आता है। इसमें सेट टॉप बॉक्स, स्पीकर्स या गेमिंग कंसोल को कनेक्ट करने के लिए मल्टीपल पोर्ट्स हैं। Kodak Smart TV में बिल्ट-इन वाई-फाई और मीराकास्ट है। इसके साथ ही सोनी लिव, प्राइम वीडियो, यूट्यूब, जी5 जैसी ऐप्स का सपोर्ट भी दिया गया है। इसके साथ 1 साल की कॉम्प्रीहेंसिव वारंटी और 6 महीने की एक्ससेरीज वारंटी दी जा रही है। क्विक एक्सेस के लिए इसके रिमोट पर हॉटकीज दी गई हैं। VW 32 inches Linux Series Smart LED TV: बैचलर्स के लिए यह टीवी सही रहेगा। इसका डिजाइन काफी अच्छा है और इसके साथ 18 महीने की लंबी वारंटी दी जा रही है। VW Smart LED TV में 32 इंच का एचडी रेडी पैनल दिया गया है जिसके साथ 60 हर्ट्ज का रिफ्रेश रेट दिया गया है। इसके अलावा वाई-फाई कनेक्टिविटी और 2 एचडीएमआई पोर्ट्स भी दिए गए हैं जिसके साथ इसे इस्तेमाल करना आसान हो जाता है। वहीं, कई ओटीटी ऐप्स का सपोर्ट भी उपलब्ध कराया गया है। MI 32 inches A Series HD Ready Smart Google LED TV: इस टीवी को 44% डिस्काउंट पर 24,999 रुपये के बजाय 13,989 रुपये में खरीदा जा सकेगा। MI Google LED TV में कई एक्सटर्नल डिवाइसेज कनेक्ट की जा सकती हैं जिसके लिए मल्टीपल पोर्ट्स दिए गए हैं। ड्यूल बैंड वाई-फाई के साथ यह होम नेटवर्क से आसानी से कनेक्ट हो जाता है। इसकी डिस्प्ले क्वालिटी तो कमाल की है ही और साथ ही 20 वॉट का आउटपुट भी कमाल की साउंड क्वालिटी देता है। इसमें डॉल्बी ऑडियो का सपोर्ट भी मौजूद है। इसके साथ 1 साल की वारंटी दी जा रही है। Samsung 32 inches HD Ready Smart LED TV: 4.1 यूजर रेटिंग और 1 साल की वारंटी के साथ आने वाला यह Samsung LED TV शानदार पिक्चर क्वालिटी देता है जिसके लिए 32 इंच का एचडी रेडी पैनल दिया गया है। कनेक्टिविटी ऑप्शन्स के लिए 2 एचडीएमआई पोर्ट्स दिए गए हैं जिनके साथ ब्लू रे प्लेयर्स, गेमिंग कंसोल आदि को कनेक्ट किया जा सकेगा। इसमें कई स्मार्ट टीवी फीचर्स शामिल हैं जिनमें पर्सनल कंप्यूटर, स्क्रीन शेयर, म्यूजिक सिस्टम हैं। इसका स्लिम और स्टाइलिश डिजाइन इसे एक बेस्ट ऑप्शन बनाता है। recent visitors 96

पुलिस कर रही सख्ती से पूछताछ, राजस्थान-करौली में दो स्मैक तस्कर गिरफ्तार

करौली. मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस की लगातार कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में लांगरा पुलिस ने मासलपुर, सरमथुरा व धौलपुर क्षेत्र में स्मैक की तस्करी और सप्लाई करने के आरोप में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी मोटर बाइक से क्षेत्र में स्मैक की सप्लाई कर रहे थे। आरोपियों के तार जयपुर, कोटा, झालावाड़, बारां आदि जगहों से जुड़े बताए जा रहे हैं। लांगरा थानाधिकारी वासुदेव प्रसाद ने बताया कि आरोपी रामसिंह पुत्र करनसिंह और दिनेश पुत्र घर्रू मीना को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों को तीन बड़, करौली से गिरफ्तार किया गया है। दोनों के खिलाफ मासलपुर थाना पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज है। आरोपियों द्वारा स्मैक सप्लाई में प्रयुक्त की जा रही मोटर साइकिल को पूर्व में जब्त किया जा चुका है। दिनेश आरोपी रायसिंह से स्मैक खरीदकर बाइक द्वारा मासलपुर व सरमथुरा क्षेत्र में स्मैक की सप्लाई में करता था। पुलिस फिलहाल आरोपियों से स्मैक लाकर बेचने वाले व खरीदने वालों के बारे में आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही है। recent visitors 124

SSB के डीजी को सौंपा गया BSF का प्रभार, गृह मंत्रालय ने अगले आदेश तक के लिए दी जिम्मेदारी

नई दिल्ली  सरकार ने बीएसएफ के नए चीफ की नियुक्ति कर दी है। हालांकि अभी इस पद के लिए स्थाई नियुक्ति नहीं की गई है। गृह मंत्रालय ने नियमित पद पर नियुक्ति होने तक या अगले आदेश तक महानिदेशक (बीएसएफ) दलजीत सिंह चौधरी को महानिदेशक (एसएसबी) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। यह कदम बीएसएफ महानिदेशक नितिन अग्रवाल को उनके राज्य कैडर में वापस भेजे जाने के एक दिन बाद उठाया गया है। बता दें कि गृहमंत्रालय ने बीएसएफ के डायरेक्टर जनरल नितिन अग्रवाल को उनके पद से हटा दिया था और समय से पहले ही उनके राज्य कैडर में वापस भेज दिया। इसके अगले ही दिन गृहमंत्रालय ने नोटिस जारी कर एसएसबी के डीजी दलजीत सिंह चौधरी को ये जिम्मेदारी सौंपी है। नितिन अग्रवाल को उनके कैडर वापस भेजा BSF के डीजी नितिन अग्रवाल पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगती भारत की सीमाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालते थे। उन्हें कार्यकाल के बीच में ही यहां से हटाकर उनके मूल राज्य कैडर केरल वापस भेजने के आदेश दिए गए। जबकि बीएसएफ के स्पेशल डीजी वाई. बी. खुरानिया को भी तत्काल प्रभाव से उनके मूल राज्य कैडर भेजने के आदेश जारी किए गए। कार्यकाल के बीच में ही पद से हटाया शुक्रवार को जारी किए गए दोनों अलग-अलग आदेशों में बीएसएफ के डीजी नितिन अग्रवाल के बारे में बताया गया है कि कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने केरल कैडर के 1989 बैच के आईपीएस और बीएसएफ के डीजी अग्रवाल को तुरंत प्रभाव से उनके मूल राज्य कैडर वापस भेजने के आदेश दिए हैं। इस मामले में उन्हें समय से पहले उनके मूल राज्य कैडर में वापस भेजने का प्रस्ताव केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिया था। इसे समिति ने मंजूरी देते हुए उन्हें वापस केरल भेजने की मंजूरी दे दी। आईपीएस अग्रवाल ने पिछले साल जून में बीएसएफ के डीजी का कार्यभार संभाला था। स्पेशल डीजी को भी पद से हटाया गया इसी तरह से कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने ओडिशा कैडर के 1990 बैच के आईपीएस और बीएसएफ के स्पेशल डीजी वाई. बी. खुरानिया को भी उनके मूल कैडर में वापस भेजने के आदेश दिए गए हैं। यह प्रस्ताव भी गृह मंत्रालय ने दिया था। जिसे समिति ने मंजूरी दे दी। खुरानिया बीएसएफ के स्पेशल डीजी (पश्चिम) के रूप में पाकिस्तान सीमा पर बल का नेतृत्व कर रहे थे। बीएसएफ के इन दोनों टॉप अफसरों को उनके मूल कैडर वापस भेजने के आदेशों में फिलहाल कोई अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। लेकिन माना जा रहा है कि जिस तरह से पिछले कुछ दिनों से जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले बढ़े हैं। उसे देखते हुए संभवत: यह फैसले लिए गए। कौन ही दलजीत सिंह चौधरी, जिन्हें मिला BSF का अतिरिक्त प्रभार दलजीत सिंह चौधरी 1990 बैच के यूपी कैडर के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी हैं. उनका जन्म 25 नवम्बर 1965 में हुआ था. दिल्ली में जन्मे यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी दलजीत सिंह चौधरी की गिनती तेज तर्रार अधिकारियों में होती है. उन्हें अब तक 3 बार राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया जा चुका है. आईपीएस दलजीत चौधरी की बहादुरी को देखते हुए उन्हें समाजवादी पार्टी की अखिलेश सरकार में एडीजी एलओ यानी अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था बनाया गया था. आईपीएस दलजीत सिंह चौधरी यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी होने के बावजूद लंबे समय से केंद्र में बड़ी-बड़ी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. दलजीत सिंह चौधरी यूपी कैडर के 1990 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी हैं. दलजीत चौधरी जन्म 25 नवम्बर 1965 को दिल्ली में हुआ था. यूपी कैडर के आईपीएस अफसर दलजीत सिंह चौधरी की गिनती तेज तर्रार अधिकारियों में की जाती है. आईपीएस दलजीत सिंह चौधरी को अब तक तीन बार राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया जा चुका है. पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी की अखिलेश सरकार में आईपीएस दलजीत चौधरी की बहादुरी को देखते हुए उन्हें अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गयी थी. यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी होने के बावजूद दलजीत सिंह चौधरी केंद्र में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। वह 30 नवंबर 2025 में सेवानिवृत्त होंगे. recent visitors 109

वायनाड में वन अधिकारियों ने 8 घंटे के अथक अभियान के बाद एक दूरदराज के आदिवासी बस्ती से 6 बच्चों को रेस्क्यू किया गया

वायनाड केरल के वायनाड में आए विनाशकारी भूस्खलन में अभी तक 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है और बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं. इस भयानक आपदा के बीच एक सुखद खबर भी सामने आई है जहां भूस्खलन प्रभावित वायनाड में केरल के वन अधिकारियों द्वारा 8 घंटे के अथक अभियान के बाद एक दूरदराज के आदिवासी बस्ती से 6 बच्चों को रेस्क्यू किया गया. इस रेस्क्यू अभियान पर प्रतिक्रिया देते हुए केरल के सीएम पिनाराई विजयन ने कहा, "वन अधिकारियों का ये जज्बा हमें याद दिलाता है कि संकट की घोर घड़ी में भी केरल की जीवटता चमकती रहती है. हम एकजुट होकर पुनर्निर्माण करेंगे तथा और मजबूत होकर उभरेंगे." कलपेट्टा रेंज के वन अधिकारी के. हशीस के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम ने गुरुवार को एक आदिवासी परिवार को बचाने के लिए जंगल के अंदर एक खतरनाक रास्ते को पार करते हुए इस रेस्क्यू अभियान को अंजाम दिया. बचाए गए बच्चों में आदिवासी समुदाय के एक से चार साल की उम्र के चार बच्चे शामिल हैं. जंगल के अंदर पहाड़ी पर फंसा था परिवार वायनाड के पनिया समुदाय से ताल्लुक रखने वाला यह परिवार एक पहाड़ी की चोटी पर एक गुफा में फंसा हुआ था, जिसके ऊपर एक गहरी खाई है और टीम को वहां पहुंचने में साढ़े चार घंटे से अधिक का समय लगा. पीटीआई से बात करते हुए, हशीस ने कहा कि उन्होंने गुरुवार को मां और चार साल के बच्चे को वन क्षेत्र के पास भटकते हुए देखा और पूछताछ करने पर पता चला कि उसके तीन अन्य बच्चे और उनके पिता बिना भोजन के एक गुफा में फंसे हुए हैं. हशीस ने कहा कि परिवार आदिवासी समुदाय के एक विशेष वर्ग से ताल्लुक रखता है, जो आम तौर पर बाहरी लोगों से बातचीत करने से बचता है. उन्होंने कहा, "वे आम तौर पर वन उत्पादों पर आश्रित रहते हैं और उन्हें स्थानीय बाजार में बेचकर चावल खरीदते हैं. हालांकि, ऐसा लगता है कि भूस्खलन और भारी बारिश के कारण वे कोई भोजन प्राप्त करने में असमर्थ थे." चट्टानों पर चढ़ने के लिए लिया था रस्सियों का सहारा वन रेंज अधिकारी ने अपनी खतरनाक यात्रा के बारे में बताया, जिसमें उन्हें भारी बारिश के बीच फिसलन भरी और खड़ी चट्टानों से होकर गुजरना पड़ा. हशीस ने कहा, 'बच्चे थके हुए थे, और हम अपने साथ खाने-पीने का जो भी सामान ले गए थे उन्हें खिलाया. बाद में, बहुत समझाने के बाद, उनके पिता हमारे साथ आने के लिए राजी हो गए, और हमने बच्चों को अपने शरीर से बांध लिया और वापस अपनी यात्रा शुरू कर दी.'  अधिकारियों को फिसलन भरी चट्टानों पर चढ़ने के लिए पेड़ों और चट्टानों से रस्सियां बांधनी पड़ीं. वे अट्टामाला के अपने स्थानीय दफ्तर में वापस आ गए, जहां बच्चों को खाना खिलाया गया और कपड़े और जूते दिए गए. उन्होंने बताया कि फिलहाल उन्हें वहां रखा गया है औरबच्चे अब सुरक्षित हैं. केरल के सीएम पिनाराई विजयन ने वन अधिकारियों के चुनौतीपूर्ण प्रयास की सराहना करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया और तस्वीरे साझा कीं. सीएम विजयन ने की तारीफ विजयन ने शुक्रवार को 'एक्स' पर लिखा, "भूस्खलन प्रभावित वायनाड में हमारे साहसी वन अधिकारियों द्वारा 8 घंटे के अथक अभियान के बाद एक सुदूर आदिवासी बस्ती से छह कीमती जानें बचाई गईं. वन अधिकारियों का ये जज्बा हमें याद दिलाता है कि संकट की घोर घड़ी में भी केरल की जीवटता चमकती रहती है. हम उम्मीद के साथ एकजुट होकर पुनर्निर्माण करेंगे और मजबूत होकर उभरेंगे." हशीश के साथ, खंड वन अधिकारी, बी एस जयचंद्रन, बीट वन अधिकारी, के अनिल कुमार और आरआरटी ​​(रैपिड रिस्पांस टीम) के सदस्य अनूप थॉमस ने परिवार को बचाने के लिए सात किलोमीटर से अधिक लंबी यात्रा की. जैसे ही बारिश तेज हुई, वन विभाग ने वायनाड में आदिवासी समुदायों के अधिकांश सदस्यों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया था. अधिकारी ने बताया कि यह परिवार कुछ समय से जंगल के अंदर रह रहा था. recent visitors 118