आंबेडकर नहीं चाहते थे कि मुसलमान भारत में रहें, राजस्थान-जयपुर में विहिप ने बांग्लादेश मुद्दे पर कहा

जयपुर. बांग्लादेश में हिन्दुओं की स्थिति पर चर्चा करते हुए विश्व हिन्दू परिषद के क्षेत्रीय मंत्री सुरेश उपाध्याय ने कहा कि डॉ. अम्बेडकर के नाम से जाने कितने लोग रोटी सेंककर अपनी राजनीति चला रहे हैं पर डॉ. अम्बेडकर का दुर्भाग्य है कि उन्हें पसंद करने वाले लोग भी आधा पसंद करते हैं और विरोध करने वाले भी उन्हें पूरा नहीं जानते। उपाध्याय ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद का मत है डॉ. भीमराव अंबेडकर देश के महापुरुष थे, अगर वे ना होते तो छुआछूत समाज की नजर में नहीं आती। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर की किताब है पाकिस्तान और पार्टीशन ऑफ इंडिया उसके पेज नंबर 232 पर लिखा है कि मुसलमान भारत में कभी हिंदुओं की सरकार कबूल नहीं करेगा, पेज नंबर 123 पर उन्होंने लिखा है कि विभाजन के बाद मुसलमान को भारत में नहीं रहना चाहिए, मुसलमान कभी देशभक्त नहीं हो सकता क्यों क्योंकि कानून और संविधान से ऊपर वे अपने शरिया के कानून को मानते हैं, इसलिए देश और सीमा उनके लिए मायने नहीं रखती है। सुरेश उपाध्याय ने आगे कहा इसलिए जब फिलिस्तीन में दंगा होता है तो यहां उनकी चिंता की जाती है। हमारे देश का एक सांसद लोकसभा में फिलीस्तीन के नारे लगाता है, यह सिर्फ भारत में ही होता है। बांग्लादेश में इतने हिंदुओं की दुकानें जली हैं, उस पर आवाज उठाने वाला कोई नहीं है। सुरेश उपाध्याय ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद का काम हिंदू समाज को जागृत करने का है और हम अपना काम कर रहे हैं। 1947 में जब बंटवारा हुआ था, हम तब भी 85 परसेंट थे और आज भी 85 परसेंट ही हैं। उस वक्त विभाजन के लिए पूरे देश में दंगा हुआ, दुकानें जलीं पर अफसोस की बात है कि विभाजन के विरोध में एक भी दुकान नहीं जली। हिंदू समाज ने 85% होने के बाद भी विरोध नहीं किया। सुरेश उपाध्याय ने कहा कि आंख बंद कर लेने से मुसीबत टल नहीं जाती, हिंदू समाज को जागृत होने की आवश्यकता है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 116

सांसदों ने एसटी/एससी के लिए क्रीमी लेयर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के संबंध में संयुक्त रूप से एक ज्ञापन सौंपा

नई दिल्ली / हरिद्वार एसटी/एससी समुदाय से जुड़े करीब 100 भाजपा सांसदों ने  शुक्रवार को संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान सांसदों ने एसटी/एससी के लिए क्रीमी लेयर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के संबंध में संयुक्त रूप से एक ज्ञापन सौंपा और मांग की कि इस फैसले को एसटी/एससी समाज में नहीं लागू किया जाना चाहिए। सांसदों के मुताबिक पीएम मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह इस मामले को देखेंगे। पीएम मोदी से मुलाकात के बाद भाजपा राज्यसभा सांसद  एवं गुरु रविदास विश्व महापीठ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रो.सिकंदर कुमार ने बताया कि  प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया है कि सरकार सांसदों के पक्ष में काम करेगी। दोनों सदनों के करीब 100 सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज पीएम मोदी से मुलाकात कर अपनी मांगे रखीं। गुरु रविदास विश्व महापीठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविदास आचार्य एवं उत्तराखंड के पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ और महापीठ के संगठन महामंत्री सूरज भान कटारिया ने स्पष्ट कहा है की एससी/एसटी से क्रीमी लेयर (पहचानने) (और आरक्षण लाभ से उन्हें बाहर करने) पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू नहीं किया जाना चाहिए। इससे पहले केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर असहमति जताई थी और कहा कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) इस फैसले के खिलाफ समीक्षा याचिका दायर करेगी। बता दें कि 1 अगस्त को एक ऐतिहासिक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि राज्यों के पास एससी और एसटी में उप-वर्गीकृत करने का अधिकार होगा। इसके साथ ही संबंधित प्राधिकरण को यह सुनिश्चत करना होगा कि क्या उस वर्ग का पर्याप्त प्रतिनिधित्व है, मात्रात्मक प्रतिनिधित्व के बजाय प्रभावी प्रतिनिधित्व के आधार पर पर्याप्तता की गणना करनी चाहिए।  हालांकि देशभर के कई संगठनों ने 21 अगस्त को बंद का आह्वान भी किया है। क्या था मामला … सुप्रीम कोर्ट ने एससी/एसटी आरक्षण के भीतर उप-वर्गीकरण के लिए राज्यों को दी थी अनुमति गौरतलब है कि 1 अगस्त को शीर्ष अदालत ने 6:1 के बहुमत से फैसला सुनाया कि एससी और एसटी आरक्षण के भीतर उप-वर्गीकरण की अनुमति है। यह फैसला भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली सात जजों की बेंच ने सुनाया, जिसने ईवी चिन्नैया मामले में पहले के फैसले को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि उप-वर्गीकरण की अनुमति नहीं है क्योंकि एससी/एसटी समरूप (होमोजेनस) वर्ग बनाते हैं। सीजेआई चंद्रचूड़ के अलावा बेंच में जस्टिस बीआर गवई, विक्रम नाथ, बेला एम त्रिवेदी, पंकज मिथल, मनोज मिश्रा और सतीश चंद्र शर्मा शामिल थे। सुनवाई के दौरान जस्टिस बीआर गवई ने सुझाव दिया था कि राज्य अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों में से भी क्रीमी लेयर की पहचान करने के लिए एक नीति विकसित करें। हालांकि जस्टिस बेला एम. त्रिवेदी ने अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के भीतर उप-वर्गीकरण की अनुमति दिए जाने के पक्ष में असहमति जताई। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 75

स्टार एथलीट ने बुमराह और उनकी तुलना पर अब रिएक्ट किया है, उन्होंने तेज गेंदबाज बुमराह को ही चैलेंज दे डाला है

नई दिल्ली दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने हाल ही में भारत में स्पोर्टिंग कल्चर पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि देश में क्रिकेट का प्रभुत्व ज्यादा है और बाकी खेलों को उतनी अहमियत नहीं दी जा रही, जितनी मिलनी चाहिए। 2012 लंदन ओलंपिक की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट साइना का का मानना है कि क्रिकेट की तुलना में बैडमिंटन और टेनिस समेत कई अन्य खेल शारीरिक रूप से ज्यादा कठिन हैं। साइना की यह बात कई क्रिकेट फैंस को बुरी लगी। एक यूजर ने सोशल मीडिया 'प्लेटफॉर्म' एक्स पर लिखा था, "देखते हैं कि जब जसप्रीत बुमराह की 150 किलोमीटर रफ्तार की बम्पर गेंद साइना के सिर पर आएगी तो वह क्या करेंगी।" स्टार एथलीट ने बुमराह और उनकी तुलना पर अब रिएक्ट किया है। उन्होंने भारत के धाकड़ तेज गेंदबाज बुमराह को ही चैलेंज दे डाला है। 'बैडमिंटन हार्ट अटैक जैसी सिचुएशन देखी' साइना ने शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट में कहा, ''देखिए, आप क्रिकेट क्या मरने के लिए खेलेंगे। यह मेरा पॉइंट नहीं। हम मरने की बात नहीं कर रहे हैं। आप गेम जीतने-हारने के लिए खेलते हैं। आप गेम अपने देश का मान बढ़ाने के लिए खेलते हैं। बैडमिंटन इसलिए मुश्किल है क्योंकि आप हाथ ऊपर करके स्ट्रोक खेल रहे हैं। हाथ ऊपर करके खेलना बहुत मुश्किल होता है। उसकी वजह से आपकी दिल की धड़कन तेज हो जाती है। मैंने बैडमिंटन में भी हार्ट अटैक जैसी सिचुएशन देखी है। मैं यह नहीं कह रही हूं कि बैडमिंटन ही सबसे ज्यादा टफ गेम है। टेनिस, स्विमिंग का भी मैंने जिक्र किया था। क्या क्रिकेट और फुटबॉल टफ नहीं हैं। लेकिन तुलनात्मक रूप से आप देखें, जब बैटिंग करते हैं तो यह स्किल बेस्ड है। मैंने यह नहीं कहा कि क्रिकेट जीरो फिटनेस पर खेला जा सकता है। 'बुमराह मेरा स्मैश शॉट नहीं झेल पाएगा?' उन्होंने आगे कहा, ''आप उस लेवल पर विराट कोहली और रोहित शर्मा नहीं बन पाएंगे। कुछ खिलाड़ी ही विराट और रोहित जैसे बन पाते हैं। क्रिकेट स्किल बेस्ड स्पोर्ट ज्यादा है। रही बात बुमराह की तो मुझे उनके साथ क्यों खेलना है। मुझे मरना थोड़ी है। अगर मैं आठ साल से खेल रही होती तो उनका जवाब देती। अगर बुमराह मेरे साथ बैडमिंटन खेलेगा तो शायद मेरा स्मैश शॉट नहीं ले पाएगा। हम अपने देश में इन चीजों के लिए आपस में ना लड़ें। हर स्पोर्ट अपनी जगह पर बेस्ट है लेकिन मैं यह बोलना चाहती हूं कि दूसरे खेलों को भी अहमियत देनी चाहिए। वरना स्पोर्टिंग कल्चर हम कहां से लाएंगे। हमारा फोकस क्रिकेट और बॉलीवुड पर हमेशा रहेगा बाकी कोई मेडल जीतेगा तो तारीफ करेंगे। लेकिन उसके बाद क्या होगा। क्या हम चार-पांच मेडल पर ही रुक रहेंगे? हमें क्या और मेडल नहीं चाहिए। क्या हम उतने में खुश रहेंगे?''   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 87

2 साल में ही कैंसर से हारीं YouTube की पूर्व CEO सुसान, गूगल पर किया था बड़ा एहसान, पास न फटकने दें ये चीज

वॉशिंगटन यूट्यूब की पूर्व सीईओ सुसान वोज्स्की का कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद 56 वर्ष की आयु में शनिवार को निधन हो गया. सुसान वोज्स्की के पति डेनिस ट्रॉपर ने एक फेसबुक पोस्ट के जरिए उनके निधन की खबर दी. उन्होंने लिखा, 'अत्यंत दुख के साथ मैं सुसान वोज्स्की के निधन की खबर साझा कर रहा हूं. 26 साल से मेरी पत्नी और हमारे पांच बच्चों की मां, 2 साल तक नॉन-स्मॉल सेल लंग कैंसर से पीड़ित रहने के बाद आज हमें छोड़कर चली गई.' डेनिस ट्रॉपर ने आगे लिखा, 'सुसान न केवल मेरी सबसे अच्छी दोस्त और जीवन साथी थी, बल्कि एक प्रतिभाशाली व्यक्तित्व, एक प्यारी मां और कई लोगों की प्रिय मित्र थी. हमारे परिवार और दुनिया पर उनका प्रभाव अतुलनीय था. हम दुखी हैं, लेकिन उनके साथ बिताए समय के लिए आभारी हैं. कृपया हमारे परिवार को अपनी दुआओं में रखें, क्योंकि हम कठिन समय से गुजर रहे हैं.' गूगल और अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए X पर एक पोस्ट किया. उन्होंने लिखा, 'दो साल तक कैंसर से पीड़ित रहने के बाद, मुझे मेरी प्रिय मित्र सुसान वोज्स्की को खोने से अविश्वसनीय दुख हुआ है. वह Google के इतिहास में किसी अन्य व्यक्ति की तरह ही महत्वपूर्ण हैं, और उनके बिना दुनिया की कल्पना करना कठिन है. वह एक अविश्वसनीय व्यक्ति, लीडर और मित्र थीं, जिनका दुनिया पर जबरदस्त प्रभाव था और मैं अनगिनत गूगलर्स में से एक हूं, जो कह सकते हैं कि वे सुसान को जानते थे. हम उन्हें बहुत याद करेंगे. उनके परिवार के प्रति हमारी संवेदनाएं. रेस्ट इन पीस सुसान.' सुसान वोज्स्की Google के जन्म के साथ उससे जुड़ी थीं सुसान वोज्स्की ने 2014 से 2023 की शुरुआत तक अल्फाबेट की सहायक कंपनी YouTube का नेतृत्व किया. उन्होंने Google और इसकी मूल कंपनी, अल्फाबेट के सलाहकार के रूप में भी काम किया. फोर्ब्स की रिपोर्ट के अनुसार, साल 1998 में Google के जन्म से ही कंपनी के साथ सुसान का गहरा संबंध था. यह सुसान का ही गैराज था, जिसे सर्गेई ब्रिन और लैरी पेज ने Google सर्च इंजन को विकसित करने के लिए किराए पर लिया था. गूगल द्वारा यूट्यूब के अधिग्रहण में भी सुसान की भूमिका सुसान वोज्स्की 1999 में कंपनी की 16वीं कर्मचारी के रूप में Google में शामिल हुईं. वह सुसान ही थीं, जिन्होंने $1.65 बिलियन में Google द्वारा YouTube के अधिग्रहण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और बाद में इस वीडियो प्लेटफॉर्म के व्यूअर बेस को 2.5 बिलियन मंथली तक बढ़ा दिया.   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 85

अब तक 326 गिरफ्तार, छत्तीसगढ़-बीजापुर में आठ लाख के इनामी महिला-पुरुष सहित तीन नक्सलियों का सरेंडर

बीजापुर. नक्सलियों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। आठ-आठ लाख रुपये के इनामी महिला और पुरूष सहित तीन नक्सलियों ने नक्सल पंथ से तौबा कर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। इसके साथ ही इस वर्ष अब तक 145 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, तो वहीं पुलिस ने विभिन्न घटनाओं में शामिल 326 नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, नक्सलियों के विकास विरोधी, खोखली विचारधारा, भेदभाव पूर्ण व्यवहार, उपेक्षा व प्रताड़ना से तंग आकर व छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास व आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर पीएलजीए कंपनी नम्बर 2 प्लाटून नम्बर 1 सदस्य 8 लाख के ईनामी नक्सली रमेश फरसा पिता सुकलु फरसा उम्र 24 निवासी पटेलपारा हिंगुम थाना जांगला, सीआरसी कंपनी के प्लाटून नम्बर 1 में पार्टी सदस्य 8 लाख की ईनामी महिला नक्सली मनकी माड़वी उर्फ सरिता पिता सोमा माड़वी उम्र 22 निवासी कोकोडीपारा चेरली थाना मिरतुर व पुसनार आरपीसी मिलिशिया प्लाटून सी सेक्शन डिप्टी कमाण्डर लक्ष्मण पोटाम उर्फ मुरा पिता बुधराम पोटाम उम्र 22 निवासी गोरगेपारा पुसनार ने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस अधीक्षक डॉक्टर जितेंद्र कुमार यादव और पुलिस समेत सीआरपीएफ के आला अफसरों के समक्ष नक्सल पंथ से तौबा करते हुए आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पित नक्सलियों को पुनर्वास व आत्मसमर्पण नीति के तहत 25-25 हजार रुपये के नगद प्रोत्साहन राशि दी। इधर इसके साथ ही इस वर्ष अब तक कुल 145 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है तो वहीं दूसरी तरफ विभिन्न घटनाओं में शामिल 326 नक्सलियों को पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। माओवादी विचारधारा से परेशान होकर किया सरेंडर अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों ने माओवादियों की विकास विरोधी भेदभाव पूर्ण नीति, उपेक्षा और जीवन शैली क्षुब्ध होकर आत्मसमर्पण किया। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के खिलाफ पुलिस दल पर हमला और अन्य नक्सली घटनाओं में शामिल होने का आरोप है। अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के तहत 25-25 रुपये हजार प्रदान किये गये। साथ ही उन्हें अन्य सहायता भी दी जाएगी। राज्य में लगातार हो रही है नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2024 में अब तक 145 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। वहीं विभिन्न माओवादी घटनाओं में शामिल 326 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है। बता दें कि बीजापुर जिले में हाल ही में सुरक्षाबल के जवानों ने बड़े एनकाउंटर भी किए गए हैं। एनकाउंटर में करीब 137 से ज्यादा नक्सली इस साल मारे गए हैं। बीजापुर जिले में सबसे ज्यादा कार्रवाई हुई है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 89

सफाई कर्मचारी देंगे नगर निगम आयुक्त और महापौर को चेतावनी, समय सीमा में मांगे पूरी नहीं तो भोपाल में होगा विशाल आंदोलन

Cleaning workers will give warning to Municipal Corporation Commissioner and Mayor

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सूरज भान कटारिया ने राज्य सरकारों से एस.सी./एस.टी. आरक्षण विभाजन मामले पर जल्दबाजी न करके

एस.सी./एस.टी. आरक्षण विभाजन में सुप्रीम कोर्ट   निर्णय केंद्र सरकार अध्यादेश लाकर करें समाप्त :  सूरजभान कटारिया एस.सी./एस.टी. आरक्षण विभाजन में सुप्रीम कोर्ट निर्णय को केंद्र सरकार अध्यादेश लाकर समाप्त करने का कार्य करना चाहिए :  सूरजभान कटारिया सूरज भान कटारिया ने राज्य सरकारों से एस.सी./एस.टी. आरक्षण विभाजन मामले पर जल्दबाजी न करके संवैधानिक रूप से केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में अंतिम निर्णय लेने का आग्रह किया आज दिल्ली संसद भवन में देशभर से एस.सी./एस.टी. समुदायों से संबंधित लोकसभा और राज्यसभा के  लगभग 100 से ज्यादा भाजपा सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। सांसदों ने संयुक्त रूप से एस.सी./एस.टी. के लिए क्रीमी लेयर पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को लेकर एक ज्ञापन सौंपा और मांग की कि इस फैसले को हमारे समाज में लागू नहीं किया जाना चाहिए प्रधानमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह इस मामले पर गंभीरता से संज्ञान लेंगे।  नई दिल्ली / चंडीगढ़ भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के अखिल भारतीय पूर्व उपाध्यक्ष एवं केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारीता मंत्रालय भारत सरकार के सदस्य रहे  सूरज भान कटारिया ने आज कहा है की एस.सी./एस.टी. आरक्षण विभाजन में सुप्रीम कोर्ट निर्णय को केंद्र सरकार अध्यादेश लाकर समाप्त करने का कार्य करना चाहिए ताकि भारतीय संविधान के अनुसार समाज में एकता का प्रदर्शन बरकरार रहे। कटारिया ने आज देशभर के एस.सी./एस.टी. समुदाय के प्रतिनिधि से आह्वान किया है की अनुसूचित जाति आरक्षण विभाजन को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को संसद द्वारा अध्यादेश जारी कराकर निरस्त कराने में एकजुटता दिखायें. कटारिया ने आगे बताया आज दिल्ली संसद भवन में देशभर से एस.सी./एस.टी. समुदायों से संबंधित लोकसभा और राज्यसभा के  लगभग 100 से ज्यादा भाजपा सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। सांसदों ने संयुक्त रूप से एस.सी./एस.टी. के लिए क्रीमी लेयर पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को लेकर एक ज्ञापन सौंपा और मांग की कि इस फैसले को हमारे समाज में लागू नहीं किया जाना चाहिए प्रधानमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह इस मामले पर गंभीरता से संज्ञान लेंगे। कटारिया ने देशभर की राज्य सरकारों से भी आग्रह किया है कि इस मामले पर जल्दबाजी न करके संवैधानिक रूप से केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में अंतिम निर्णय ले. सूरज भान कटारिया ने एस.सी./एस.टी. सभी समुदायों के प्रतिनिधियों को आग्रह किया है की सुप्रीम कोर्ट का फैसला केवल नौकरियों तक ही सीमित नहीं है वह है समाज की एकता को टुकड़ों में बाँट देना, दूसरे उसमे क्रीमीलेयर तथा जिसे एक बार आरक्षण का लाभ मिल गया, उसे दोबारा नहीं मिलेगा सीधा कहे तो इस सन्दर्भ में देशभर में राजनैतिक आरक्षण के तहत जो एस.सी./एस.टी. समाज के लोग किसी भी पार्टी द्वारा विधानसभाओं में और देश की संसद में चुनकर गए हैं, दोबारा वह चुनाव नहीं लड़ पायेंगे क्योंकि एक बार उन्हें राजनैतिक आरक्षण का लाभ मिल चुका है . लेकिन यह फैसला सामान्य वर्ग, अप्ल्संख्यक और फिलहाल ओबीसी वर्ग के राजनेताओं पर लागू नहीं होगा, हमें आपसी मतभेद मिटा कर जागरूक और सावधान होकर देश राष्ट्रीय हित में इस पर जरूर गंभीरता से सोचना होगा अतः एस.सी./एस.टी. वर्ग के प्रतिनिधि समाजहित में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को संसद द्वारा अध्यादेश जारी कराकर निरस्त कराने में एकजुटता दिखायें, अन्यथा देश के एस.सी./एस.टी. समाज के प्रति तथा भारत के संविधान के प्रति बड़ा धोखा होगा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 90