मुल्तान टेस्ट में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को एक पारी और 47 रनों से हराया, 147 साल में पहली बार हुआ ऐसा

मुल्तान पाकिस्तान की टीम ने इंग्लैंड के ख‍िलाफ मुल्तान टेस्ट में पहली पारी में 500 प्लस से का स्कोर बनाया, इसके बावजूद उसे मैच के पांचवें दिन (11 अक्टूबर) को पारी और 47 रनों से हार मिली. दूसरी पारी में पाकिस्तान की टीम ने अंग्रेज गेंदबाजों के सामने सरेंडर कर दिया. टेस्ट मैच के चौथे दिन इंग्लैंड ने अपनी पारी 823/7 पर घोष‍ित की. जो टेस्ट इत‍िहास का चौथा बड़ा एक पारी का स्कोर था. पाकिस्तान ने इस मुकाबले में अपनी पहली पारी में 556 रन बनाए थे. यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि पाकिस्तान ने लगातार छठा टेस्ट मैच हारा है. पाकिस्तान टेस्ट इत‍िहास की पहली टीम बन गई, जो 500 से ज्यादा रन बनाने के बावजूद टेस्ट मैच हार गई हो. पाकिस्तान ने दिसंबर 2023 के बाद से अपने आखिरी छह टेस्ट मैच गंवाए हैं. यह टीम की पिछले ग्यारह टेस्ट मैचों में सातवीं घरेलू हार भी है, शेष चार ड्रॉ रहे हैं. मुल्तान टेस्ट में पाकिस्तान की ओर से पहली पारी में अब्दुल्लाह शफीक (102), कप्तान शान मसूद (151) और सलमान आगा (104 नाबाद) ने शानदार बल्लेबाजी की. जवाब में इस मैच में इंग्लैंड ने काउंटर अटैक करते हुए पहली पारी में हैरी ब्रूक ने 317 रनों की धमाकेदारी पारी खेली. वहीं जो रूट ने धमाकेदार दोहरा शतक जड़ते हुए 262 रन बनाए. इस तरह इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी 823/7 रन पर घोष‍ित की. इसके साथ ही टेस्ट मैच में 800 प्लस स्कोर 3 बार बनाने वाली बनाने वाली इंग्लैंड विश्व क्रिकेट की इकलौती टीम भी बन गई. इसके बाद पाकिस्तानी टीम ने मैच के चौथे दिन (10 अक्टूबर) को दूसरी पारी में बल्लेबाजी शुरू की तो उनकी टीम ताश के पत्ते की तरह बिखर गई. जब दिन का खेल खत्म हुआ पाकिस्तानी टीम 152/6 रन बनाकर संघर्ष कर रही थी. इसके बाद मैच के अंत‍िम दिन पाकिस्तान की टीम  220 रनों पर सिमट गई. इस तरह उसे पारी और 47 रनों से हार मिली. दूसरी पारी में पाकिस्तान की ओर से पहली पारी के शतकवीर सलमान आगा (63) थोड़ा बहुत संघर्ष कर सके, उनको आम‍िर जमाल (55) का साथ मिला. पाकिस्तानी पारी 220 पर पांचवें दिन खत्म हुई. अबरार अहमद बल्लेबाजी करने नहीं आ सके. दूसरी पारी में इंग्लैंड की ओर से जैक लीच सबसे सफल गेंदबाज रहे और उन्होंने 4 विकेट झटके. पाकिस्तान की हाल‍िया टेस्ट सीरीज इंग्लैंड का पाकिस्तान दौरा (2022/23): इंग्लैंड 3-0 (3) न्यूजीलैंड का पाकिस्तान दौरा (2022/23): ड्रॉ 0-0 (2) पाकिस्तान का श्रीलंका दौरा (2023): पाकिस्तान 2-0 (2) पाकिस्तान का ऑस्ट्रेल‍िया दौरा (2023/24) ऑस्ट्रेलिया 3-0 (3) बांग्लादेश का पाकिस्तान दौरा (2024): बांग्लादेश 2-0 (2) टेस्ट मैचों में सबसे ज्यादा टीम स्कोर एक पारी से हार के बाद 556 – पाकिस्तान बनाम इंग्लैंड, मुल्तान, 2024 ( पारी और 47 रन)* 492 – आयरलैंड बनाम श्रीलंका, गॉल, 2023 ( पारी और 10 रन) 477 – इंग्लैंड बनाम भारत, चेन्नई, 2016 (पारी और 75 रन) 463 – वेस्टइंडीज बनाम भारत, कोलकाता, 2011 ( पारी और 15 रन) 459 – भारत बनाम साउथ अफ्रीका, सेंचुरियन, 2010 (इन और 25 रन) पहले बल्लेबाजी करते हुए हार के बाद सबसे ज़्यादा स्कोर 595/8d – बांग्लादेश बनाम न्यूजीलैंड, वेलिंगटन, 2017 586 – ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड, सिडनी, 1894 556 – ऑस्ट्रेलिया बनाम भारत, एडिलेड, 2003 556 – पाकिस्तान बनाम इंग्लैंड, मुल्तान, 2024* 553 – न्यूजीलैंड बनाम इंग्लैंड, नॉटिंघम, 2022 हार हुए टेस्ट में टीम की ओर से पारी में सबसे ज्यादा शतक 3 – श्रीलंका बनाम ऑस्ट्रेलिया, कोलंबो, 1992 3 – पाकिस्तान बनाम इंग्लैंड, रावलपिंडी, 2022 3 – पाकिस्तान बनाम इंग्लैंड, मुल्तान, 2024* पहली पारी में 500 से ज्यादा रन बनाने के बाद सबसे ज्यादा हार 5 – पाकिस्तान* 3 – ऑस्ट्रेलिया 2 – इंग्लैंड 2 – न्यूज़ीलैंड 2 – बांग्लादेश – टेस्ट की पहली पारी में 500 से ज्यादा रन देने के बावजूद इंग्लैंड की यह 9वीं जीत है. दूसरी सबसे ज्यादा जीत ऑस्ट्रेलिया के नाम है जिसने छह जीत दर्ज की हैं. टेस्ट मैचों में पाकिस्तान की घरेलू मैदान पर सबसे बड़ी हार 1959 में लाहौर में वेस्टइंडीज के खिलाफ पारी और 156 रन 2004 में रावलपिंडी में भारत के खिलाफ पारी और 131 रन 2008 में रावलपिंडी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पारी और 99 रन 2004 में मुल्तान में भारत के खिलाफ पारी और 52 रन 2004 में मुल्तान में इंग्लैंड के खिलाफ पारी और 47 रन 2024* में इंग्लैंड की एशिया में पारी से टेस्ट जीत 2076 में दिल्ली में भारत के खिलाफ पारी और 25 रन 2024* में मुल्तान में पाकिस्तान के खिलाफ पारी और 47 रन 2024में पाकिस्तान की घरेलू मैदान पर सबसे लंबी हार का सिलसिला 11 – मार्च 2022 – जारी (7 हारे, 4 ड्रॉ)* 11 – फरवरी 1969 से मार्च 1975 (1 हारे, 10 ड्रॉ) 8 – मार्च 1959 – अक्टूबर 1964 (4 हारे, 4 ड्रा) 8 – अक्टूबर 1998 – मार्च 2000 (4 हारे, 4 ड्रा) टेस्ट क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर 952/6 – श्रीलंका vs भारत, कोलंबो, 1997 903/7d – इंग्लैंड vs ऑस्ट्रेलिया, द ओवल, 1938 849 – इंग्लैंड vs वेस्टइंडीज, किंग्स्टन, 1930 823/7d – इंग्लैंड vs पाकिस्तान, मुल्तान, 2024 790/3d – वेस्टइंडीज बनाम पाकिस्तान, किंग्स्टन, 1958 recent visitors 86

सक्ति पिकअप वाहन हादसा: सड़क दुर्घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर तीन

सक्ति, छत्तीसगढ़ के सक्ति जिले के बरपाली गांव में हुए हादसे में लापता दो और बच्चों का शुक्रवार को शव मिलने से घटना के मृतकों की संख्या बढ़ कर तीन हो गयी। गत बुधवार को पिकअप वाहन के नहर में गिरने से यह हादसा हो गया था। पिकअप में सवार 20 लोग नहर में गिर गए थे, जिसमें से 17 लोगों को तत्काल जेसीबी की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। वहीं तीन बच्चे लापता हो गए थे, जिनकी काफी खोजबीन की गई और गुरुवार को एक बच्चे का शव बरामद किया गया। वहीं आज दो दिन बाद दो अन्य लापता बच्चों का शव मिला। पिकअप हादसे में लापता जिन दो बच्चों का आज शव मिला है उनकी पहचान ऋषभ महंत (6) और भुरू महंत (8) के रूप में हुई है। एक बच्चे का शव ग्राम बेलचुआ नहर गेट में फंसा मिला, जबकि दूसरे बच्चे का शव ग्राम रगजा के तालाब में बहकर पहुंच गया था। दोनों बच्चों के शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया है। गौरतलब है कि गुरुवार को जिस लापता बच्चे का शव मिला था, उसकी पहचान इंद्रा कुमार जायसवाल (9) के रूप में हुई। recent visitors 64

जम्मू-कश्‍मीर में कांग्रेस की स्थिति बहुत कमजोर, चार निर्दलीय विधायकों के उमर अब्दुल्ला को समर्थन दिया

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर विधानसभा के नतीजे भी अब कांग्रेस के लिए हरियाणा जैसे ही लग रहे हैं. हरियाणा में तो कांग्रेस चुनाव ही हार गई है, जम्मू-कश्मीर में तो आधा दर्जन सीटें जीतकर भी कांग्रेस ने हार जैसी स्थिति कर डाली है. ये सब हुआ है विधानसभा चुनाव जीत कर आये चार निर्दलीय विधायकों के उमर अब्दुल्ला की पार्टी नेशनल कांफ्रेंस को समर्थन देने के ऐलान के बाद. निर्दलीय विधायकों को अपने साथ लेने का मौका तो कांग्रेस के पास भी रहा होगा – कांग्रेस अगर समय रहते अलर्ट हो जाती तो क्या निर्दलीय विधायक उसके पाले में नहीं आ सकते थे? कांग्रेस की तरफ से ऐसी चूक कोई पहली बार हुई हो, ऐसा बिलकुल नहीं है. देर से लिया गया फैसला और लक्ष्य को साधने के प्रति लापरवाही हमेशा ही कांग्रेस पर भारी पड़ी है – और जम्मू-कश्मीर का मामला बस ताजातरीन है. सवाल है कि अब क्या कांग्रेस उमर अब्दुल्ला सरकार में अपने विधायकों के लिए बेहतर मोलभाव कर सकेगी? लेकिन, ऐसी संभावना तो फिलहाल बिलकुल भी नहीं लगती. सवाल ये भी है कि क्या अपने विधायकों को सरकार में बेहतर पोजीशन न दिला पाने की कीमत तो नहीं चुकानी पड़ेगी? और कहीं ऐसा न हो कालांतर में कांग्रेस के विधायक पार्टी को पीठ दिखाकर नेशनल कांफ्रेंस में ही न चले जायें? एक संभावना ये भी तो बनती ही है. वैसे, जिन निर्दलीयों ने नेशनल कॉन्‍फ्रेंस को समर्थन दिया है, उनका NC से ही नाता रहा है. दो निर्दलीय तो ऐसे हैं, जो उमर की पार्टी में ही थे, लेकिन सीटों के बंटवारे में जब उनकी विधानसभा कांग्रेस के कोटे में चली गई तो वे बागी होकर निर्दलीय खड़े हो गए. इंदरवाल सीट से जीते प्‍यारेलाल शर्मा और सूरनकोट से से चुनकर आए चौधरी अकरम को नेशनल कॉन्‍फ्रेंस का ही विधायक माना जाना चाहिए. हां, निर्दलीय होने की वजह से उनके पास मंत्रालय पाने का भी दावा बन गया है. जम्‍मू की खातिर उमर के लिए कांग्रेस के 6 विधायकों से ज्‍यादा काम के हैं 4 निर्दलीय जम्‍मू-कश्‍मीर के चुनाव में नेशनल कॉन्‍फ्रेंस ने अपनी ज्‍यादातर सीटें घाटी में ही जीतीं. जबकि कांग्रेस तो जम्‍मू से एक भी सीट नहीं जीत पाई. यानी लग रहा था कि सूबे का सत्‍ता पक्ष कश्‍मीर घाटी के विधायकों और मंत्रियों से पटा होगा. जबकि जम्‍मू में एकतरफा जीतकर आई बीजेपी विपक्ष में होगी. लेकिन, जम्‍मू क्षेत्र के ही चारों निर्दलीय विधायकों ने नेशनल कॉन्‍फ्रेंस को समर्थन देकर आगे आने वाली सरकार में घाटी और जम्‍मू के बीच संतुलन स्‍थापित करने की उम्‍मीद जगा दी है. उमर अब इन निर्दलीय विधायकों के भरोसे ये कह सकते हैं कि उनके पक्ष में जम्‍मू का प्रतिनिधित्‍व करने वाले सदस्‍य भी शामिल हैं. हालांकि, नेशनल कॉन्‍फ्रेंस और कांग्रेस गठबंधन में तय यही हुआ था कि कांग्रेस जम्‍मू का मोर्चा संभालेगी और नेशनल कॉन्‍फ्रेंस घाटी की चुनावी चुनौती से निपटेगी. नेशनल कॉन्‍फ्रेंस ने तो अपना कमिटमेंट पूरा किया, बल्कि जम्‍मू में भी कुछ सीटें जीतीं. जबकि कांग्रेस का जम्‍मू में सूपड़ा साफ हो गया. उसे जो 6 सीटें मिली हैं, वह भी घाटी में ही मिलीं. कोई भी फैसला लेने में हीलाहवाली बहुत भारी पड़ती है जम्मू-कश्मीर के नतीजे हरियाणा विधानसभा चुनाव में बुरी तरह झुलस चुकी कांग्रेस के लिए मरहम का काम कर रहे थे. क्योंकि नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस गठबंधन को बहुमत हासिल हो गया था. जम्‍मू-कश्‍मीर में 42 सीटें हासिल करने वाले उमर अब्‍दुल्‍ला ने 4 निर्दलीयों का समर्थन हासिल करके सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत जुटा लिया है. अब कांग्रेस का समर्थन मिलना बस औपचारिकता भर ही है. सरकार बनाने की उठापटक में कांग्रेस की आरामतलबी उसे भारी पड़ गई. जाहिर है, सरकार में जो रुतबा कांग्रेस को मिलता, उस पर 4 निर्दलीयों ने पहले दावा कर दिया है. इस स्थिति में अब फर्क तभी आएगा जब उप राज्यपाल के 5 विधायकों के मनोनयन से बहुमत का आंकड़ा 48 हो जाएगा – फिर भी निर्दलीयों के आगे कांग्रेस विधायकों की हैसियत कम ही रह जाएगी. राजनीतिक समीकरण बदल जाने का सीधा प्रभाव ये होगा कि कांग्रेस के लिए अपने विधायकों को सरकार में सही पोजीशन दिला पाना मुश्किल हो जाएगा – और ऐसे में विधायकों के टूट जाने का खतरा भी मंडराने लगा है.    कांग्रेस बार बार एक जैसी गलती क्यों करती है 1. हरियाणा में कांग्रेस की ये लगातार तीसरी हार है. 2014 में तो सत्ता परिवर्तन हुआ था, लेकिन 2019 में तो कांग्रेस के पास सत्ता में वापसी का अच्छा मौका था. पिछली बार न तो बीजेपी को बहुमत मिला था, न ही कांग्रेस को – और दुष्यंत चौटाला किंगमेकर बन कर उभरे थे. बीजेपी ने दुष्यंत चौटाला की जेजेपी को साध लिया, और कांग्रेस चूक गई. 2. गोवा और मणिपुर में 2017 के चुनाव में तो कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी थी, लेकिन दोनो राज्यों में पिछड़ जाने के बावजूद अगर बीजेपी सत्ता पर काबिज होने में सफल रही तो उसके लिए कांग्रेस ही जिम्मेदार थी. तब कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह गोवा के प्रभारी हुआ करते थे, और कांग्रेस की सरकार न बनवा पाने का खामियाजा भी उनको भुगतना पड़ा था. उसके बाद तो दिग्विजय सिंह को दरकिनार ही कर दिया गया था, और नर्मदा परिक्रमा की बदौलत साल भर बाद ही मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में उनकी वापसी हो सकी थी. गोवा की 40 में कांग्रेस ने 17 विधानसभा सीटें जीती थी, लेकिन 13 सीटों वाली बीजेपी ने निर्दलीयों को साथ लेकर सरकार बना लिया था – और वैसे ही मणिपुर में भी 28 सीटों वाली कांग्रेस को पछाड़ कर 21 विधायकों के साथ बीजेपी ने सरकार बना लिया था. 3. कांग्रेस नेतृत्व ने 2018 में नॉर्थ ईस्ट में वैसा ही रवैया दिखाया. 60 सीटों वाली मेघालय विधानसभा में बहुमत के लिए 31 विधायक चाहिये थे. 21 सीटों के साथ कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी थी, जिसे महज 10 विधायकों की जरूरत थी. लेकिन, 2 सीटें जीतने वाली बीजेपी ने ऐसा ताना बाना बुना कि गठबंधन की सरकार बन गई, और कांग्रेस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही. निर्दलीय विधायकों के फैसले में बीजेपी का कितना रोल? सवाल तो ये भी उठ रहा है कि जम्मू-कश्मीर में निर्दलीय विधायकों के उमर अब्दुल्ला … Read more

मंत्री विजयवर्गीय बोलेआने वाले 25 साल बाद हमारे बच्चों के लिए बहुत खतरा है, बंटोगे तो कटोगे

इंदौर इंदौर में गुरुवार रात कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बड़ा बयान दिया है। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि, योगी जी ने सही कहा है बंटोगे तो कटोगे। आने वाले 25 साल बाद हमारे बच्चों के लिए बहुत खतरा है। जिस प्रकार देश की डेमोग्राफी बदल रही है। दरअसल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय गुरुवार रात बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष जीतू जिराती द्वारा आयोजित सादगी गरबा महोत्सव में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि मैं फिर कह रहा हूं आने वाले 25 साल बाद हमारे बच्चो के लिए बहुत खतरा है। जिस प्रकार देश की डेमोग्राफी बदल रही है, और जिस प्रकार कुछ राजनीतिक दल तुष्टिकरण की नीति के कारण देश में अशांति फैलाने वाले लोगों को संरक्षण दे रहे हैं। इसलिए बहुत जरूरी है की हम सनातन धर्म के साथ चले। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि, योगी जी ने सही कहा है “बंटोगे तो कटोगे” और हरियाणा की जानता ने बता दिया नहीं बाटेंगे। इसलिए आप सब से भी निवेदन हैं, गंभीरता के साथ विचार करें, चिंतन करें हमारे धर्म, हमारी परंपरा, हमारी आध्यात्मिक शक्ति, हमारे धर्म गुरु और हमारे धर्म ग्रंथ विश्व में सर्वश्रेष्ठ हैं। उन्होंने आगे कहा कि विश्व को शांति का मार्ग कोई दिखा सकता है तो वह भारत हैं। ये कट्टरवाद ने सारे दुनियां में युद्ध के माध्यम से अशांति और अराजकता फैला दी हैं। दो महीनें पहले कहा था- 30 साल बाद देश में गृहयुद्ध की स्थिति मंत्री विजयवर्गीय ने लगभग 2 महीने पहले सामाजिक समरसता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था की मैं कुछ दिन पहले एक मिलिट्री के रिटायर ऑफिसर के साथ बैठा था, उन्होंने कहा की 30 साल बाद देश के अंदर गृह युद्ध प्रारंभ हो जाएगा। जिस प्रकार से हमारे देश की डेमोग्राफी बदल रही है उस पर हमें विचार करना चाहिए। हिंदू शब्द कैसे मजबूत हो इसके लिए हमें काम करना होगा। होली, दीपावली, राखी, भगवान परशुराम, महाराणा प्रताप हम सब के हैं। महाराणा प्रताप ने हिंदू समाज को बचाने के लिए मुगलों के सामने संघर्ष किया। देश के त्योहार सभी धर्म के त्योहार है, हमे हमारी सोच बदलना होगी। विजयवर्गीय ने आगे कहा था कि अंग्रेजों ने एक ही काम किया है फूट डालो और राज करो। अंग्रेज चले गए लेकिन देश में कुछ लोग ऐसे है जो अंग्रेजों का प्रतिनिधित्व करते हैं और फूट डालो और राज करो की नीति पर काम करते हैं। वो भी सिर्फ कुर्सी के लिए। उनको कुर्सी चाहिए। आज के समय पर कुछ लोग समाज को जाति के आधार पर बांट रहे हैं। देश ताकतवर बने इसके लिए समाज को ताकतवर बनाना जरूरी है। समाज ताकतवर बने इसके लिए जातिवाद के बंधन से मुक्त होना पड़ेगा। recent visitors 72

फर्जी राशनकार्ड : 8,000 आधार कार्डों की जांच में 2,006 से अधिक मिले फर्जी कार्ड

रायपुर छत्‍तीसगढ़ में राशनकार्डों का सत्यापन और ई-केवाईसी में फर्जी आधार कार्ड से राशनकार्ड बनवाने का राजफाश हुआ है। ई-केवाईसी में महिला के आधार नंबर में पुरुष का नाम लिखकर राशनकार्ड बनवाया गया। राशनकार्ड में सदस्यों के नाम की जगह पर टीएफवाईएच, जीएफएएच, आरजेएस, एनओआरटी और डीजीएफ जैसे फर्जी नाम लिखे हुए मिले हैं। विभाग को संदेह है कि ऐसे ही जिन सदस्यों के नाम पर बोगस कार्ड बनाए गए है वही सत्यापन और ई-केवाईसी नहीं करा रहे हैं। बतादें कि जिले के पांच लाख लोगों ने सत्यापन नहीं कराया। विभाग काे संदेह है कि ऐसे सदस्यों का नाम दर्ज है जिनका अन्य जिलों और प्रदेशों के राशनकार्ड में नाम पहले से लिखा चुके हैं। ऐसे राशनकार्ड की जांच विभाग ने खुद शुरू कर दी है। अभी तक आठ हजार ऐसे सदस्यों के आधार की जांच की गई है। जिसमें से दो हजार छह से ज्यादा सदस्यों के आधार नंबर गलत मिले हैं। जबकि आधार से मिलान हुआ तो दूसरे लोगों के आधार कार्ड होने की पुष्टी हो रही है। बतादें कि जिन लोगों की जानकारी ई-केवाईसी में गलत मिली है, वह बीते पांच साल से चावल उठा रहे थे। छह सदस्यी परिवार में दो लोगों के नाम गलत मिल रहे हैं। अब जब सत्यापन किया जा रहा है तो ऐसे कार्डधारी सामने नहीं आ रहे हैं। विभाग को संदेह है कि ये राशनकार्ड गलत जानकारी देकर बनाए गए हैं। अब ऐसे बोगस राशनकार्ड को 31 अक्टूबर के बाद ब्लाक कर दिया जाएगा। एपीएल राशनकार्डों की संख्या अधिक बतादें कि प्रदेश में एपीएल राशनकार्ड से 50 हजार तक का इलाज मुफ्त है। जिसके कारण दूसरे राज्यों के लोगों ने भी यहां का राशनकार्ड बनवा लिया है। इसके अलावा मजदूर कार्ड के सहारे बीपीएल कार्ड बनवाने वालों की भी जांच की जा रही है। कुछ कार्डधारियों ने अपने दूसरे राज्यों में रहने वाले स्वजनों के नाम दर्ज करवाया है। recent visitors 55

ट्रांसपोर्ट कंपनी पर कोर्ट ने लगाया एक करोड़ से अधिक राशि का जुर्माना

भोपाल दिसंबर 2018 में इंदौर भोपाल हाईवे पर एक निजी बस ने स्कॉर्पियो गाड़ी को टक्कर मारी थी. इस हादसे में गाड़ी में सवार महिला व बाल विकास परियोजना के अधिकारी रंजीत धर्मराज की मौके पर मौत हो गई थी. जिसके बाद परिजनों ने न्याय के लिए न्यायलय का रुख किया था. अब 5 साल बाद इस मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया गया है. कंपनी परिजनों को एक करोड़ से अधिक राशि का करें भुगतान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता राजेश खंडेलवाल ने सुनवाई के दौरान कहा कि रंजीत धर्मराज महिला व बाल विकास विभाग में परियोजना अधिकारी के पद पर पदस्थ थे और अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी से इंदौर से भोपाल जा रहे थे. इसी दौरान रास्ते में सोनकच्छ के पास वर्मा ट्रेवल्स की बस ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी. इस हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई. इस मामले में कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए परिजनों को एक करोड़ से अधिक की मुआवजा राशि देने के नोटिस जारी किया है. न्यायालय ने कहा कि गलती बस का संचालन कर रही निजी कंपनी की है. इस स्थिति में क्षतिपूर्ति के रूप में बीमा कंपनी परिजनों को भुगतान करें. बिना परमिट इंदौर-भोपाल रूट पर दौड़ रही थी निजी कंपनी की बस बता दें कि जब अधिकारी रंजीत धर्मराज की स्कॉर्पियो गाड़ी को वर्मा बस ने टक्कर मारी थी, उस दौरान बस में परमिट नहीं था और परमिट के इस बस का संचालन किया जा रहा था. इतना ही नहीं रूट परमिट ना होने के बाबजूद ये बस इंदौर-भोपाल रूट पर दौड़ रही थी. recent visitors 81

जस्टिस प्रशांत मिश्रा बोले – साईबर सुरक्षा व जल संरक्षण के उपायों को लेकर जागरूकता व उसे अमल में लाना बेहद जरूरी

रायगढ़ साईबर जागरूकता एवं जल संरक्षण को लेकर नगर निगम ऑडिटोरियम में से कार्यशाला का आयोजन किया गया। सुप्रीम कोर्ट जस्टिस प्रशांत मिश्रा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे। कार्यशाला में साईबर जागरूकता एवं जल संरक्षण पर प्रजेन्टेशन के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी गई। जस्टिस प्रशांत मिश्रा अपने आसपास के वाकये बताते हुए कहा कि साईबर ठग लोगों को ज्यूडशरी से जुड़े लोगों के नाम पर भी ठगने का प्रयास करते है। ऐसे मामलों में सतर्कता व सुझबुझ से काम लेना जरूरी है। आज टेक्नालॉजी तेजी से विकसित हो रही है। ऐसे में स्वयं को अपडेट रखना और साईबर अपराधों से जुड़ी जानकारी व उससे बचाव के तरीकों को अमल में लाकर ऐसे अपराधों से बचा जा सकता है।उन्होंने जल संरक्षण को लेकर कहा कि यह ऐसा मामला है जिसमें हर नागरिक की सहभागिता जरूरी है। जागरूकता के साथ ही जल संरक्षण के उपायों को अमल में लाकर ही हम अपने आसपास एक बेहतर वातावरण निर्मित कर सकते है। इसके लिए सभी को सकारात्मक सोच के साथ काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला एवं पुलिस प्रशासन के द्वारा लोगों को जागरूक करने के लिए एक अच्छा प्रयास किया जा रहा है। अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ लेकर अपने आसपास दूसरों को भी जागरूक करना चाहिए। यह कार्यशाला जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तथा जिला पुलिस प्रशासन के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित की गई। इसमें जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायगढ़ जितेन्द्र कुमार जैन, कलेक्टर कार्तिकेया गोयल, पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल, सीईओ जिला पंचायत जितेन्द्र यादव, जिला न्यायालय से सभी न्यायाधीश, जिला व पुलिस प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे। डिजीटल युग मे काम करें समझदारी से : वित्त मंत्री वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने कहा कि साईबर अपराधों का दायरा जिस तेजी से बढ़ा है, लोगों के बीच सतर्कता का स्तर उसी अनुरूप बढ़ाना आवश्यक है। डिजीटल युग में अगर समझदारी से काम न लिया जाए तो एक क्लिक में आदमी अपनी सारी जमा पूंजी गंवा सकता है। चोरी जैसे अपराधों के मुकाबले अब साईबर ठगी से लोगों को कही ज्यादा आर्थिक नुकसान हो रहा है। शासन-प्रशासन अपने स्तर पर ऐसे अपराधों पर लगाम लगाने व अपराधियों को सजा दिलाने के लिए कार्य कर रही है। लेकिन एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में सभी को सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। वही जल संरक्षण अभियान की सराहना करते हुए कहा कि रायगढ़ में भू-जल व पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होंने बताया कि शासन स्तर पर नवा रायपुर में पीपल फॉर पीपुल अभियान चलाकर व्यापक रूप से पीपल के पेड़ लगाने का काम किया जा रहा है। शुरुआत एक घंटा होल्ड आवर डीएसपी अभिनव उपाध्याय ने बताया कि किसी भी प्रकार की साईबर ठगी होने पर शुरूआती एक घंटा गोल्ड आवर कहा जाता है। इसलिए कभी भी इस प्रकार की घटना हो तो तत्काल पुलिस को सूचना दें। आप 1930 तथा 94792-81934 पर सूचना देकर सहयोग ले सकते है। ताकि अपराधियों ने के चंगुल से बचा जा सके। recent visitors 77