एमपी पीएससी ने परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों को गाइडलाइन जारी, परीक्षा हॉल में केवल पानी की बॉटल और एक पैन ही ले जा सकते

 इंदौर मध्य प्रदेश लोकसेवा आयोग द्वारा राज्यसेवा मुख्य परीक्षा 2024 आज से शुरू हो गई है। आयोग ने परीक्षा के लिए प्रदेशभर के 11 शहरों में 15 केंद्र बनाए हैं जिनमें से इंदौर में सर्वाधिक पांच केंद्र बनाए हैं। यह परीक्षा एसडीएम, उपपुलिस अधीक्षक, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, अतिरिक्त सहायक विकास आयुक्त, वाणिज्य कर निरीक्षक, आबकारी उप निरीक्षक सहित 110 पद भरे जाने हैं। परीक्षा के लिए आयोग ने विस्तृत गाइडलाइन जारी की है। अभ्यर्थी अपने साथ कोई भी इलेक्ट्रानिक गैजेट न ले जाएं। मुख्य परीक्षा के लिए 3328 का चयन हुआ है प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जुलाई में आया था, जिसमें एक लाख 83 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे। मुख्य भाग में 2775 और प्रावधिक भाग में 553 अभ्यर्थियों को रखा है। मुख्य परीक्षा के लिए कुल 3328 का चयन हुआ। आवेदन करीब 3100 अभ्यर्थियों ने किया। इन शहरों में बनाए गए परीक्षा केंद्र इंदौर, भोपाल, रतलाम, ग्वालियर, सतना, सागर, शहडोल, जबलपुर, छिंदवाड़ा, बड़वानी जिले में परीक्षा केंद्र बनाए हैं। 21 से 26 अक्टूबर के बीच सामान्य अध्ययन के चार, सामान्य हिंदी व व्याकरण और हिंदी निबंध का एक-एक पेपर होगा। यह रहेगी परीक्षा की गाइडलाइन     परीक्षा हाल में किसी भी तरह के गहने, कड़ा और कान की बालियां पहनकर आना वर्जित है।     जूतों के बजाय सैंडल और चप्पल पहनकर आने के लिए कहा गया है।     परीक्षार्थी सिर्फ पानी की एक पारदर्शी बोतल और पेन अपने साथ ले जा सकेगा।     इलेक्ट्रानिक उपकरण और स्मार्ट वाच या किसी भी तरह की घड़ी लाना मना है।     परीक्षा शुरू होने से आधे घंटे पहले अभ्यर्थियों को केंद्र पर पहुंचना होगा।     परीक्षा कक्ष में जाने के पूर्व सभी अभ्यर्थियों की तलाशी होगी।     महिला अभ्यर्थियों की तलाशी पूर्ण गरिमा के साथ महिला अधिकारी/कर्मचारी करेंगी।     केंद्र के 200 मीटर में जिनकी परीक्षा में डयूटी लगी है, उन्हें ही प्रवेश की अनुमति रहेगी।   recent visitors 166

एक नवंबर को होगी घोषणा! प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों का बढ़ेगा महंगाई भत्ता

 भोपाल  भारत सरकार ने अपने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 50 से बढ़ाकर 53 प्रतिशत कर दिया है। प्रदेश के कर्मचारियों को अभी 46 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है। इसे बढ़ाने की मांग सभी कर्मचारी संगठन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव प्रदेश के स्थापना दिवस (एक नवंबर) पर इसे बढ़ाने की घोषणा कर सकते हैं। वित्त विभाग ने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है। अभी 46 प्रतिशत महंगाई भत्ता प्रदेश में सात लाख से अधिक नियमित के साथ निगम, मंडल के कर्मचारियों को जुलाई 2023 से 46 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। पांचवें और छठवें वेतनमान वाले कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में भी इसी दर से वृद्धि की गई। जुलाई 2023 से फरवरी 2024 के बीच का एरियर तीन समान किस्तों में दिया गया। जबकि, पेंशनरों की महंगाई राहत मार्च 2024 से बढ़ाई गई। एरियर भी नहीं दिया गया। लंबे समय से हो रही थी DA हाइक की मांग दरअसल, मध्य प्रदेश के कर्मचारी लंबे समय से महंगई भत्ते में बढ़ोतरी किए जाने की मांग कर रहे हैं. कई संगठनों ने हड़ताल की भी चेतावनी दे दी थी. इस बीच मोहन यादव सरकार द्वारा डीए बढ़ाने का फैसला कर्मचारियों में खुशी की लहर लेकर आया है. मध्य प्रदेश में सात लाख से ज्यादा नियमित सरकारी कर्मचारी हैं. इसके अलावा, मंडल के कर्मचारियों को भी साल 2023 से 46 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है.  एक नवंबर को हो सकती है घोषणा प्रदेश के स्थापना दिवस (1 नवंबर) के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव महंगाई भत्ता बढ़ाने की घोषणा कर सकते हैं। हालांकि, इसका लाभ जनवरी 2024 से दिया जाएगा या अक्टूबर से, यह फैसला होना बाकी है। वित्त विभाग के अधिकारियों के अनुसार पिछली बार की तरह इस बार भी एरियर तीन किस्तों में दिया जा सकता है। पेंशनरों को लेकर स्थिति अभी भी अस्पष्ट है। पिछली बार का एरियर देने पर अब तक कोई निर्णय नहीं हुआ है। माना जा रहा है कि पेंशनरों का महंगाई भत्ता चार प्रतिशत बढ़ाकर 50 प्रतिशत की दर से दिया जाएगा, लेकिन यह अक्टूबर से लागू होगा या जनवरी 2024 से, इसका फैसला बाद में किया जाएगा। 58 प्रतिशत की दर से बजट में प्रविधान प्रदेश सरकार ने वर्ष 2024-25 के बजट में महंगाई भत्ते और राहत के लिए 58 प्रतिशत की दर से प्रविधान किया है। वर्तमान में 46 प्रतिशत की दर से भुगतान हो रहा है, जिससे यदि 12 प्रतिशत की वृद्धि भी होती है तो इसके लिए अलग से बजट प्रविधान की आवश्यकता नहीं होगी। अगले बजट वर्ष 2025-26 के लिए यह प्रविधान 64 प्रतिशत के हिसाब से किया जाएगा, जिसके लिए सभी विभागों को अपने स्थापना व्यय में राशि प्रस्तावित करने के निर्देश दिए गए हैं। डीए बढ़ोतरी के लिए बजट में प्रावधान मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने साल 2024-25 के बजट में महंगाई भत्ते और राहत के लिए 58 प्रतिशत की दर से प्रावधान रखा है. अगर 46 प्रतिशत की दर से भुगतान किया जाता है, तो 12 प्रतिशत की वृद्धि के लिए अलग से बजट प्रावधान की जरूरत नहीं होनी चाहिए. साल 2025-26 के बजट में इसे 64 प्रतिशत के हिसाब से प्रस्तावित करने की योजना है. एक नवंबर को मध्य प्रदेश का स्थापना दिवस है. इसी दिन मुख्यमंत्री महंगाई भत्ता बढ़ाने की घोषणा कर सकते हैं. या तो इसका फायदा जनवरी 2024 से दिया जाएगा या फिर अक्टूबर से ही वृद्धि लागू होगी, अभी इस पर फैसला नहीं लिया गया है. हालांकि, माना जा रहा है कि पिछली बार की तरह इस बार भी एरियर दिया जा सकता है. recent visitors 83

धनतेरस पर100 साल बाद बनेगा दुर्लभ सयोंग, इन राशियों को आकस्मिक धनलाभ और भाग्योदय के प्रबल योग

वैदिक पंचांग अनुसार इस साल 29 अक्टूबर को धनतेरस का पर्व है। वहीं आपको बता दें कि उससे पहले महालक्ष्मी राजयोग का निर्माण होने जा रहा है। आपको बता दें कि इस राजयोग का निर्माण मंगल और चंद्रमा की युति से होगा। क्योंकि यह युति धनतेरस से पहले कर्क राशि में बनेगी। जिससे इस राजयोग का असर सभी राशियों के जातकों को देखने को मिलेगा। लेकिन 3 राशियां ऐसी हैं, जिनकी इस समय किस्मत चमक सकती है। साथ ही इनको करियर और कारोबार में तरक्की मिल सकती है। आइए जानते हैं ये भाग्यशाली राशियां कौन सी हैं… तुला राशि (Tula Zodiac) आप लोगों के लिए महालक्ष्मी राजयोग अनुकूल साबित हो सकता है। क्योंकि यह राजयोग आपकी गोचर कुंडली के कर्म भाव पर बनने जा रहा है। इसलिए इस दौरान आपकी आपको काम- कारोबार में तरक्की मिल सकती है। साथ ही बेरोजगार लोगों को नौकरी मिल सकती है। वहीं इस दौरान नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारी मिल सकती है। साथ ही आप इस अवधि में ज्यादा धन की बचत भी कर सकेंगे। आपकी पर्सनल लाइफ भी इस अवधि में पहले से काफी अच्छी रहेगी। वहीं कारोबारियों को अच्छा धनलाभ हो सकता है। साथ ही व्यापार का विस्तार हो सकता है। वृश्चिक राशि (Scorpio Zodiac) महालक्ष्मी राजयोग वृश्चिक राशि के जातकों को शुभ फलदायी सिद्ध हो सकता है। क्योंकि यह राजयोग आपकी गोचर कुंडली के नवम भाव पर बनने जा रहा है। इसलिए इस दौरान आपको भाग्य का साथ मिल सकता है। साथ ही  साथ ही नौकरीपेशा जातक इस दौरान काफी मेहनत करेंगे और उनको किस्मत का साथ मिलेगा। साथ ही इस समय व्यापारियों को भी अच्छा मुनाफा हो सकता है। आपके अपने जीवनसाथी के साथ रिश्ते अनुकूल बने रहेंगे। आपकी सेहत इस अवधि में काफी अच्छी रहेगी। वहीं इस दौरान आप देश- विदेश की यात्रा कर सकते हैं। जो शुभ रहेंगी। मेष राशि (Aries Zodiac) आप लोगों के लिए महालक्ष्मी राजयोग लाभप्रद सिद्ध हो सकता है। क्योंकि यह राजयोग आपकी राशि से चतुर्थ भाव पर बनने जा रहा है। इसलिए इस दौरान आपको भौतिक सुखों की प्राप्ति हो सकती है। साथ ही आपको वाहन और प्रापर्टी का सुख प्राप्त हो सकता है। वहीं इस दौरान अच्छी मात्रा में धन लाभ मिलेगा। घर परिवार में भी खुशियां आएंगी। आपके अंदर एक अलग ही आत्मविश्वास देखने को मिलेगा। साथ ही इस समय उन लोगों को अच्छा लाभ हो सकता है, जिन लोगों का काम- कारोबार रियल स्टेट, प्रापर्टी और जमीन- जायदाद से जुड़ा हुआ है। वहीं इस दौरान आपके माता के साथ संबंध अच्छे रहेंगे। recent visitors 73

शिवराज का रुतबा काम ना आया ,कार्तिकेय की लॉन्चिंग पर संगठन ने लगाया ब्रेक

budhni: Shivraj’s status did not work, organization put brakes on Karthikeya’s launch बुधनी उपचुनाव में बीजेपी ने रामाकांत भार्गव को टिकट दिया है। यह शिवराज सिंह चौहान के करीबी माने जाते हैं। साथ ही लोकसभा चुनाव में उन्होंने शिवराज के लिए अपनी सीट छोड़ दी थी। इस सीट से शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम चल रहा था। भोपाल: बुधनी उपचुनाव के लिए बीजेपी ने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। इस रेस में कई नाम थे। रेस में सबसे आगे शिवराज सिंह चौहान के बड़े बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम चल रहा था। इसके बाद विदिशा के पूर्व सांसद रामाकांत भार्गव के नाम की चर्चा थी। दिल्ली ने रामाकांत भार्गव के नाम पर मुहर लगाई है। ऐसे में चर्चा है कि Shivraj’s status did not work वाली सीट पर रामाकांत भार्गव की लॉटरी कैसे लग गई है। कार्तिकेय सिंह चौहान के नाम की थी चर्चा दरअसल, शिवराज सिंह चौहान के विदिशा सीट से सांसद बनने के बाद बुधनी विधानसभा सीट खाली हुई थी। बुधनी में उपचुनाव की तारीख घोषित हो गई है। इसके बाद से यह चर्चा शुरू हो गई थी कि शिवराज सिंह चौहान का वारिस कौन होगा। इस रेस में सबसे आगे कार्तिकेय सिंह चौहान ही चल रहे थे। वह पिता की सीट पर लगातार मेहनत भी कर रहे थे। उनके समर्थकों की इच्छा भी थी कि बुधनी से कार्तिकेय सिंह चौहान के नाम पर ही मुहर लगे। वही प्रदेश चुनाव समिति की तरफ से पैनल में जो नाम भेजा गया था, उसमें कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम था। दिल्ली में नहीं बनी सहमति टिकट की घोषणा से दो दिन पहले शिवराज सिंह चौहान अपने बेटों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शादी का न्यौता देने गए थे। इसके बाद एमपी में अटकलें शुरू हो गई थीं कि कार्तिकेय सिंह चौहान को पीएम मोदी का आशीर्वाद मिल सकता है। चुनाव समिति की बैठक के बाद नामों की सूची आई तो रामाकांत भार्गव के नाम पर मुहर लगी है। परिवारवाद से पार्टी ने बनाई दूरी कहा जा रहा है कि मध्य प्रदेश में पार्टी परिवारवाद से दूर है। विधानसभा चुनाव के दौरान भी नेता पुत्रों को पार्टी ने टिकट नहीं दिया। मध्य प्रदेश में कई बड़े नेताओं के पुत्र राजनीति में एंट्री के लिए ललायित हैं लेकिन पार्टी ने सभी की एंट्री पर ब्रेक लगा रखी है। अगर शिवराज सिंह चौहान के बेटे को टिकट देती तो गलत नैरेटिव गढ़ा जाता। शायद इससे बचने के लिए पार्टी ने यह फैसला लिया है। रामाकांत भार्गव हैं शिवराज सिंह चौहान के खास वहीं, रामाकांत भार्गव भी शिवराज सिंह चौहान के खास माने जाते हैं। शिवराज सिंह चौहान पहले विदिशा सीट से सांसद थे। पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने जब विदिशा से चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया तो शिवराज की पसंद और करीबी रहे रामाकांत भार्गव के नाम पर मुहर लगी। 2024 के लोकसभा चुनाव में रामाकांत भार्गव ने शिवराज सिंह चौहान के लिए सीट छोड़ दी। शिवराज सिंह चौहान विदिशा से सांसद बन गए हैं। वहीं, बुधनी में शिवराज की विरासत को अब रामाकांत भार्गव संभालेंगे। चुनाव प्रचार में जुट गए कार्तिकेय रामाकांत भार्गव के नाम पर मुहर लगने के बाद कार्तिकेय सिंह चौहान पहली बार मीडिया के सामने आए तो उनके चेहरे पर शिकन भी देखने को मिला है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि रामाकांत भार्गव हमारे पितातुल्य हैं। मैं उनके लिए चुनाव प्रचार की शुरुआत कर रहा हूं। साथ ही उन्होंने कहा कि मैंने चुनाव लड़ने की मंशा से कभी काम नहीं किया। यह मेरा सौभाग्य है कि कार्यकर्ताओं ने मेरा नाम पैनल तक पहुंचाया है। हम रामाकांत भार्गव के लिए दोगुनी ताकत के साथ चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे। Read More : https://mysecretnews.com/congress-bjp-face-to-face-clash-over-name-change/ recent visitors 156

यूपी उपचुनाव सीट पर कांग्रेस -समाजवादी पार्टी में दरार, सपा के सामने जिद्द पर अड़ी कांग्रेस

लखनऊ समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच एक तरफ महाराष्‍ट्र विधानसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे का पेंच फंसा हुआ है वहीं यूपी उपचुनाव में सपा की ओर से दो सीटों के ऑफर ने कांग्रेसी दावेदारों की बेचैनी बढ़ा दी है। पार्टी ने एक तरफ ज्‍यादा सीटों के लिए सपा पर दबाव बढ़ा दिया है। दूसरी तरफ कई मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि अधिक सीटें नहीं मिलीं तो कांग्रेस यूपी उपचुनाव से किनारा भी कर सकती है। हालांकि अभी तक कांग्रेस नेताओं ने इस पर चुप्‍पी साध रखी है। प्रदेश अध्‍यक्ष अजय राय ने कहा है कि सीटों के बारे में राष्‍ट्रीय नेतृत्‍व तय कर रहा है। हम लोग यूपी में संगठन की मजबूती के लिए काम कर रहे हैं। सीटों के बंटवारे को लेकर फंसे इस पेंच के बीच कांग्रेस यूपी में दो से ज्यादा सीटों के लिए अड़ी हुई है। अभी तक सपा की तरफ से उसके लिए केवल दो ही सीटें छोड़े जाने का स्पष्ट संकेत दिया गया है। यूपी में नौ विधानसभा सीटों पर नामांकन की प्रक्रिया शुरू होने के बाद भी इंडिया गठबंधन के इन दोनों प्रमुख दलों के बीच सीटों के बंटवारे का विवाद हल नहीं हो पाया है। नामांकन की अंतिम तारीख 25 अक्तूबर नजदीक आने के साथ ही कांग्रेस में टिकटों के दावेदारों की बेचैनी बढ़ती जा रही है। अभी तक के संकेतों के अनुसार कांग्रेस को गाजियाबाद के अलावा खैर की सीट मिलने वाली है। समाजवादी पार्टी ने इन दोनों सीटों से अपने प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं। इसके अलावा सपा ने कुंदरकी सीट पर भी अपना प्रत्याशी नहीं उतारा है। गाजियाबाद और खैर सीट से कांग्रेस के टिकट के दावेदार भी खासे परेशान हैं। पार्टी ने उन्हें अभी तक कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया है। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पार्टी केवल दो ही सीटों पर चुनाव लड़ने को तैयार नहीं है। ऐसे में सपा पर हर हाल में दो से ज्यादा सीटें छोड़ने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि उपचुनाव में दोनों दलों के बीच गठबंधन कौन सा मोड़ लेता है? सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस महाराष्ट्र में सपा की 12 सीटों पर दावेदारी से बेचैन है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनावों के लिए सीटों का विभाजन एक गंभीर मुद्दा बन गया है. कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी पांच से कम सीटों पर चुनाव नहीं लड़ेगी, वहीं समाजवादी पार्टी सिर्फ दो गाजियाबाद और खैर सीटों की पेशकश कर रही है. सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस उन सीटों पर भी चुनाव लड़ना चाहती थी, जिनमें कुछ सीटों पर अखिलेश यादव ने अपनी ओर से उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. इस हालत में, कांग्रेस सिर्फ दो सीटों पर चुनाव लड़ने के बजाय चुनाव न लड़ने का विचार कर रही है. इस बीच, उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडेय, पार्टी प्रमुख अजय राय, और पार्टी नेता अराधना मिश्रा अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी के साथ बातचीत कर रहे हैं, लेकिन समाजवादी पार्टी ने ज्यादा सीटें देने की योजना नहीं बनाई है. कश्मीर-हरियाणा चुनाव के बाद दबाव में कांग्रेस सीट बंटवारे का यह मुद्दा तब सामने आया है जब हरियाणा विधानसभा चुनाव नतीजों में निराशाजनक प्रदर्शन और जम्मू क्षेत्र में सीट ना जीत पाने के बाद कांग्रेस अपने सहयोगियों से अपनी चुनावी रणनीति पर पुनर्विचार करने के लिए दवाब में है. यह बताया जा रहा है कि गांधी परिवार ने अखिलेश यादव के साथ फूलपुर सीट पर चर्चा की थी, जहां समाजवादी पार्टी ने अपने हार चुके प्रत्याशी मुस्तफा सिद्दीकी को कैंडिडेट बनाया है. यूपी की 9 सीटों पर होना है उपचुनाव उत्तर प्रदेश में 9 सीटों के लिए उपचुनाव 13 नवंबर को आयोजित होंगे जिनमें करहल (मैनपुरी), मीरापुर (मुजफ्फरनगर), कटेहरी (अंबेडकर नगर), गाजियाबाद, सिसामऊ (कानपुर), मझावन (मिर्जापुर), फूलपुर (प्रयागराज), खैर (अलीगढ़), और कुंदरकी (मुरादाबाद) शामिल हैं. recent visitors 87

खुलते ही शेयर बाजार हुआ गुलजार, फिर अचानक आई बड़ी गिरावट

मुंबई सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को शेयर बाजार (Stock Market) की धांसू शुरुआत हुई. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) ओपनिंग के साथ ही करीब 500 अंक उछल गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) भी 100 अंक से ज्यादा चढ़कर ओपन हुआ. लेकिन 15 मिनट के बाद ही ये तेजी गिरावट में तब्दील हो गई और दोनों इंडेक्स लाल निशान पर कारोबार करते नजर आए. इस बीच प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े बैंक HDFC Bank के शेयरों में तूफानी तेजी देखने को मिली और ये 2 फीसदी से ज्यादा चढ़ गया. सेंसेक्स-निफ्टी में जोरदार तेजी पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों के बीच शेयर बाजार में सोमवार को तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत हुई. एक ओर जहां BSE Sensex ने अपने पिछले बंद 81,224.75 के लेवल से जोरदार उछाल लेते हुए 81,770.02 के स्तर पर कारोबार शुरू किया. तो वहीं NSE Nifty अपने पिछले बंद 24,854.05 के लेवल से 100 अंक चढ़कर 24,956.15 पर ओपन हुआ.   सेंसेक्स-निफ्टी के साथ ही शेयर बाजार में तेज शुरुआत के बीच करीब 1728 कंपनियों के शेयरों ने बढ़त लेते हुए हरे निशान पर कारोबार की शुरुआत की, जबकि 807 कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली. इस बीच 167 शेयर ऐसे थे, जिनकी स्थिति में कोई भी चेंज देखने को नहीं मिला. कुछ मिनटों तक ही जारी रही तेजी शेयर बाजार में ये जोरदार तेजी कुछ ही मिनटों तक जारी रही, सुबह 9.35 बजे के आस-पास ये गिरावट में तब्दील हो गई और BSE Sensex करीब 330 अंक फिसलकर 81000 के नीचे आ गया, तो वहीं एनएसई का निफ्टी भी ग्रीन से लुढ़ककर अचानक रेड जोन में कारोबार करता हुआ नजर आने लगा. शुरुआती कारोबारी में जहां Tech Mahindra, HDFC Bank, Tata Steel, Hindalco और HDFC Life के शेयरों में तेजी देखने को मिली, तो वहीं Tata Consumer, Kotak Mahindra Bank, Bharti Airtel, Britannia और HUL के शेयर लाल निशान पर थे. इन पांच शेयरों ने पकड़ी तूफानी रफ्तार बात करें सोमवार को उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बावजूद उछाल भरने वाले शेयरों के बारे में तो सबसे पहला नाम HDFC Bank Share का आता है, तजो खबर लिखे जाने तक 2.41 फीसदी उछलकर 1721.70 रुपये पर कारोबार कर रहा था. इसके अलावा Tech Mahindra Share 2.12 फीसदी चढ़कर 1723.80 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. मिडकैप में Mazgaon Dock Share 3.72 फीसदी की तेजी लेकर 4700 रुपये पर, जबकि UCO Bank Share 3.29 फीसदी की बढ़त के साथ 47.15 रुपये पर था. इसके अलावा Tejas Network Share 14.56 फीसदी उछलकर 1362.90 रुपये पर कारोबार कर रहा था. बाजार टूटते ही धराशायी हुई ये शेयर अब बात करते हैं शेयर बाजार में अचानक आई गिरावट के बाद सबसे ज्यादा फिसलने वाले शेयरों की, तो लार्ज कैप में Kotat Bank Share 5.28%, Bharti Airtel Share 2.56% और IndusInd Bank Share 2.34% तक टूटकर कारोबार कर रहे थे. मिडकैप कैटेगरी में शामिल Dalmia Bharat Share 3.23%, GMR Infra Share 2.89% टूटा. इसके अलावा स्मॉलकैप कंपनियों में PNC Infra Share में 20 फीसदी की बड़ी गिरावट आई, जबकि IndiaMart Share 16.51%, RBL Bank Share 12.75% तक फिसल गया. recent visitors 106

राहुल गांधी को जो लिखकर दिया वही पढ़ते हैं, छत्तीसगढ़ के विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह का हमला

रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राहुल गांधी को राजनीति का ABCD मालूम नहीं है। उनको जो लिखकर देते हैं, वह पढ़ देते हैं। दरअसल, रांची में 'संविधान सम्मान सम्मेलन' में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कई मुद्दों पर बीजेपी को घेरने का प्रयास किया। कांग्रेस नेता राहुल ने कहा कि आदिवासी देश के पहले मालिक थे, भाजपा इन्हें वनवासी कहती है। इस बयान को लेकर डॉ. रमन सिंह ने पलटवार किया है। रांची में 'संविधान सम्मान सम्मेलन' में दिए गए कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान को लेकर डॉ. रमन सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी के पास जवाब है क्या अबूझमाड़ को अबूझमाड़ किसने बनाया है। अबूझमाड़ को सभ्यता के दौड़ से अलग करने का काम कांग्रेस ने किया है। कांग्रेस ने 50 सालों तक छत्तीसगढ़ के कई भू-भाग सड़क, पानी बिजली जैसे कई सुविधाओं से उपेक्षित रखा। टोडरमल के बाद अंग्रेजों के ज़माने में सर्वे नहीं हुआ, अब भाजपा की सरकार आने के बाद सर्वे हो रहा है। उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि राहुल गांधी को राजनीति का ABCD मालूम नहीं है, उनको जो लिखकर देते हैं, वह पढ़ देते हैं। दूसरी ओर नारायणपुर आईईडी विस्फोट में दो जवान बलिदान होने पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाया गया है और हमें काफी सफलता मिल रही है, क्योंकि बड़ी संख्या में नक्सलियों का सफाया हो रहा है। यह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राज्य सरकार की छत्तीसगढ़ को नक्सलियों से मुक्त करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसके साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ में विधानसभा उपचुनाव पर उन्होंने कहा कि रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से जनता बड़ी संख्या में भाजपा उम्मीदवार को वोट देगी। उन्होंने कहा कि सुनील सोनी ने रिकॉर्ड मतों से सांसद का चुनाव जीता था और अब वह रिकॉर्ड वोटों से चुनाव जीतने वाला विधायक बनेंगे। कांग्रेस कोई भी प्रत्याशी को टिकट दे फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि रायपुर दक्षिण विधानसभा की जनता सुनील सोनी को प्रचंड मतों से जीतने जा रही है। recent visitors 69