प्रतिभागियों ने की राज्यपाल से सौजन्य भेंट, सिकल सेल प्रबंधन की बेस्ट प्रैक्टिसेज की दी जानकारी

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल से राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन मिशन अंतर्गत आयोजित कार्यशाला में विभिन्न राज्यों से आये स्वास्थ्य विशेषज्ञों के दल ने राजभवन में सौजन्य भेंट की। राज्यपाल श्री पटेल ने सिकल सेल रोग प्रबंधन के लिए आयुष दवाइयों की उपयोगिता पर जोर दिया। उन्होंने रोगियों की जीवन गुणवत्ता को बेहतर बनाने के उपायों पर चर्चा की। राज्यपाल ने विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर सिकल सेल प्रबंधन में उनके द्वारा अपनाई गई बेस्ट प्रैक्टिसेज को समझा। उन्होंने सिकल सेल रोग के प्रबंधन में मध्यप्रदेश द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन मिशन अंतर्गत 2 दिवसीय कार्यशाला 23-24 अक्टूबर को भोपाल के होटल कोर्टयार्ड मैरियट होटल में आयोजित की गई। कार्यशाला में 17 राज्यों के नोडल अधिकारी, स्वास्थ्य विशेषज्ञ और राज्य के विभिन्न उच्च पदस्थ अधिकारी शामिल हुए। अपर सचिव एवं मिशन निदेशक श्रीमती आराधना पटनायक ने भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा की। अपर सचिव श्रीमती पटनायक ने रायसेन जिले में स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर, ढकना चखना एवं ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट का दौरा किया एवं उनकी कार्यविधि को जाना। फील्ड विजिट कर समझी सिकल सेल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पहले दिन सिकल सेल रोग के प्रबंधन, स्क्रीनिंग, उपचार और जनजातीय समुदायों में रोग की स्थिति के विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने रोग प्रबंधन के वर्तमान तरीकों पर प्रकाश डालते हुए इसमें नवाचार की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया। प्रतिनिधियों ने फील्ड विजिट में सिकल सेल प्रबंधन की कार्यप्रणाली को समझा। बावड़िया कला स्थित एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय का टीम ने दौरा किया, जहां उन्होंने जनजातीय बच्चों के बीच सिकल सेल स्क्रीनिंग, रोग प्रबंधन और काउंसलिंग प्रक्रिया का अवलोकन किया। इसके बाद टीम ने इंदिरा गांधी बाल चिकित्सालय के ब्लड बैंक का दौरा कर ऑटोमेशन, कॉम्पोनेन्ट सेपरेशन और अन्य नवीन तकनीकों का अवलोकन किया। बीएमएचआरसी की विभिन्न यूनिट्स, जैसे सेंटर ऑफ कम्पेटेन्स, इमरजेंसी यूनिट और फिजियोथेरेपी यूनिट का टीम ने भ्रमण किया और सिकल सेल रोग के प्रबंधन में उपयोग की जाने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। दूसरे दिन, सिकल सेल रोग के उन्मूलन में बोन मैरो ट्रांसप्लांट, जीन थेरेपी और रिसर्च की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार साझा किए। कार्यशाला में अपर सचिव एवं मिशन निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार श्रीमती आराधना पटनायक, संयुक्त सचिव, नीति श्री सौरभ जैन, निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन श्री हर्ष मंगला, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग श्री संदीप यादव एवं मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन-मध्यप्रदेश श्रीमती प्रियंका दास सहित 6 अन्य राज्यों के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन संचालक एवं 17 राज्यों से नोडल अधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद रहे।   recent visitors 61

संदीप घोष करीबी करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं के मामले सीबीआई के जांच के दायरे में

कोलकाता आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व और विवादास्पद प्रिंसिपल संदीप घोष के विश्वासपात्र माने जाने वाले करीबी करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के जांच के दायरे में हैं। इनमें आर.जी. कर का हाउस स्टाफ आशीष पांडे भी शामिल है, जो वित्तीय अनियमितताओं के मामले में कथित संलिप्तता के कारण पहले से ही न्यायिक हिरासत में है। पांडे के अलावा, आर.जी. कार के दो अन्य डॉक्टरों की शैक्षणिक योग्यता भी जांच के दायरे में है, क्यों कि दोनों को सामान्य प्रक्रियाओं से गुजरे बिना रेजिडेंट डॉक्टर बनने का मौका कैसे मिल गया। हालांकि, जांच के लिए सीबीआई अधिकारी इन दोनों जूनियर डॉक्टरों की पहचान उजागर करने को तैयार नहीं है। घटनाक्रम से अवगत सूत्रों ने बताया कि सीबीआई अधिकारियों ने कुछ अन्य जूनियर डॉक्टरों के साथ-साथ आर.जी. कर के संकाय के कुछ सदस्यों से पूछताछ के बाद पाया है कि पांडे सहित इन तीन जूनियर डॉक्टरों को संदीप घोष के संरक्षण में कुछ अनुचित सुविधाएं मिल रही थीं। आर.जी. कर में कई लोगों से जांच अधिकारियों द्वारा गवाह के रूप में पूछताछ की गई थी, जिन्होंने खुलासा किया था कि इन तीनों आरोपी जूनियर डॉक्टरों ने बायोमेट्रिक प्रणाली के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने या मरीजों को देखने के मानदंडों का पालन करने की परवाह नहीं की, जो जूनियर डॉक्टरों के लिए अनिवार्य है। संयोग से बुधवार शाम को ही पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विभाग द्वारा दो डॉक्टरों बिरुपाक्ष विश्वास और अविक डे के खिलाफ गठित जांच समिति ने रिपोर्ट सौंपी। इन पर विभिन्न सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में ‘धमकी संस्कृति’ चलाने का आरोप था। सूत्रों ने बताया कि जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में डे और बिस्वास के खिलाफ कई आरोपों की प्रामाणिकता स्वीकार कर ली है। रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य सरकार अब बिस्वास और डे के खिलाफ उचित कार्रवाई करेगी।   recent visitors 79

राकेश त्रिपाठी ने तंज कसते हुए कहा- कांग्रेस मुक्त कराने का नारा भाजपा ने दिया था, साकार अखिलेश यादव कर रहे

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की सभी नौ विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में विपक्षी गठबंधन इंडिया की तरफ से सपा के अकेले लड़ने के ऐलान के बाद राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने गुरुवार को इसपर प्रतिक्रिया दी। भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस मुक्त कराने का नारा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दिया था, लेकिन उसको साकार करने का काम अखिलेश यादव कर रहे हैं। उन्होंने ऐलान कर दिया है कि उनके साइकिल चुनाव चिन्ह पर ही सभी नौ सीटों पर उपचुनाव लड़े जाएंगे। अब कांग्रेस का हाथ खाली हो गया और ये हाथ का पंजा सिर्फ हाथ मलता रहेगा। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी के इस दुर्दशा का कारण वो खुद है। कांग्रेस ने मध्य प्रदेश और हरियाणा में जैसा व्यवहार समाजवादी पार्टी के साथ किया, वैसा ही सपा ने आज कांग्रेस के साथ किया है। कांग्रेस पार्टी इतनी मजबूर हो चुकी है कि पांच सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग करते-करते बिना चुनाव लड़े ही संतोष कर रही है। बता दें कि यूपी नौ की विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर कांग्रेस और सपा के बीच सीट शेयरिंग का मुद्दा काफी चर्चा में रहा। कांग्रेस जहां प्रदेश में चार से पांच सीटें मांग रही थी, जबकि सपा, कांग्रेस को सिर्फ दो सीटें देने को तैयार थी। वहीं सपा ने अब सभी सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने बुधवार को एक्स पर एक पोस्ट में कहा था, “बात सीट की नहीं जीत की है’ इस रणनीति के तहत ‘इंडिया गठबंधन’ के संयुक्त प्रत्याशी सभी 9 सीटों पर समाजवादी पार्टी के चुनाव चिन्ह ‘साइकिल’ के निशान पर चुनाव लड़ेंगे। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी एक बड़ी जीत के लिए एकजुट होकर, कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़ी है। इंडिया गठबंधन इस उपचुनाव में, जीत का एक नया अध्याय लिखने जा रहा है।” बता दें कि यूपी की सभी नौ सीटों पर उपचुनाव के लिए 13 नवंबर को मतदान होंगे, वहीं इसके नतीजे 23 नवंबर को सामने आएंगे। नामांकन की आखिरी तारीख 25 अक्टूबर है।   recent visitors 58

हरियाणा में तीन जिलों में 198 जगहों पर पराली जलाने के मामले सामने आए, इन जिलों में AQI-400 पार

हरियाणा हरियाणा में पराली जलाने से बढ़े प्रदूषण के कारण हेल्थ इमरजेंसी जैसे हालात बन रहे हैं। खासकर जीटी रोड बेल्ट के पानीपत, करनाल और कुरूक्षेत्र में हालात बिगड़ चुके हैं। इन तीन जिलों में 198 जगहों पर पराली जलाने के मामले सामने आए हैं, जबकि पूरे हरियाणा में ऐसे मामलों की संख्या 680 है। बता दें कि कुरूक्षेत्र में कल 15 जगहों पर पराली जलाई गई। इसके अलावा इन शहरों में कई जगहों पर खुले में कूड़ा भी जलाया जा रहा है। एक दिन पहले 23 अक्टूबर को पानीपत में एक्यूआई 500 से ऊपर पहुंच गया था। आज पानीपत में एक्यूआई 450, कुरूक्षेत्र में 420 और करनाल में 402 चल रहा है। हालांकि पानीपत में हवा चलने से प्रदूषण से राहत मिली है। रात को AQI का लेवल 450 के बाद अब इसमें कमी आई है। पानीपत के डीसी वीरेंद्र कुमार दहिया का कहना है कि प्रदूषण का स्तर 158 है, जो पहले से सुधरा है। recent visitors 77

चक्रवाती तूफान ‘दाना’ का प्रभाव आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में भी दिखाई दे रहा है, भारी बारिश की आशंका

विशाखापट्टनम बंगाल की खाड़ी में आए भीषण चक्रवाती तूफान ‘दाना’ के चलते आंध्र प्रदेश के उत्तरी तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। अधिकारियों ने बताया कि चक्रवाती तूफान ‘दाना’ का प्रभाव आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में भी दिखाई दे रहा है। आंध्र प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एपीडीएमए) ने तेज हवाओं के मद्देनजर लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है। दरअसल, भीषण चक्रवाती तूफान के कारण आंध्र प्रदेश के उत्तरी तटीय क्षेत्रों में बादल छाए हुए हैं। श्रीकाकुलम, विजयनगरम और विशाखापट्टनम जिलों के तटीय क्षेत्रों में तेज हवाएं चल रही हैं। आंध्र प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों ने तेज हवाओं के मद्देनजर मछुआरों से समुद्र में नहीं जाने को कहा है। उन्होंने कृष्णापट्टनम, मछलीपट्टनम, काकीनाडा, गंगावरम, विशाखापट्टनम, कलिंगपट्टनम और निजामपट्टनम बंदरगाहों पर अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अधिकारियों ने कहा कि उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में बिजली चमकने के साथ बारिश की संभावना है। इसके अलावा उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश और यानम के अलग-अलग इलाकों में तेज बारिश होने की संभावना है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने गुरुवार को बताया कि बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम और आसपास के मध्य में स्थित चक्रवात ‘दाना’ पिछले छह घंटों के दौरान 12 किलोमीटर प्रति घंटे की गति के साथ उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा और 24 अक्टूबर को सुबह 8:30 बजे पारादीप (ओडिशा) से लगभग 210 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में और सागर द्वीप (पश्चिम बंगाल) से 310 किलोमीटर दक्षिण में स्थित था। बयान में कहा गया है, “24 अक्टूबर 2024 की मध्यरात्रि से 25 अक्टूबर की सुबह के बीच एक भीषण चक्रवाती तूफान के रूप में उत्तर-उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ने तथा 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के साथ पुरी और सागर द्वीप के बीच उत्तर ओडिशा और पश्चिम बंगाल तटों को पार करने की संभावना है।” आईएमडी ने ओडिशा और पश्चिम बंगाल के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। साथ ही रेलवे ने लगभग 350 ट्रेन सेवाओं को रद्द करने का ऐलान किया है।   recent visitors 81

SHO अर्शप्रीत कौर ग्रेवाल पर 5 लाख रुपए लेकर तस्करों को छोड़ने का आरोप 2 मुंशियों भी सस्पेंड

मोगा पंजाब पुलिस की कोरोना वारियर रहीं लेडी इंस्पेक्टर अर्शप्रीत कौर ग्रेवाल को सस्पेंड कर दिया गया है। मोगा जिले के थाना कोट इसे खां में SHO तैनात ग्रेवाल पर 5 लाख रुपए लेकर नशा तस्करों को छोड़ने का आरोप है। इस मामले में उसके साथ 2 मुंशियों को भी सस्पेंड किया। जानें क्या है पूरा मामला SHO अर्शप्रीत कौर ग्रेवाल ने 1 अक्टूबर को नाके पर एक नशा तस्कर को पकड़ा। उसका नाम अमरजीत सिंह था और वह कोट इसे खां में दातेवाला रोड का रहने वाला था। तलाशी के दौरान आरोपी से 2 किलो अफीम बरामद हुई। इस कार्रवाई में SHO अर्शदीप कौर के साथ कोट इसे खां थाने के मुंशी गुरप्रीत सिंह और बालखंडी चौकी के मुंशी राजपाल सिंह भी शामिल थे। इन्होंने जब आरोपी से पूछताछ की तो पता चला कि उसके साथ नशे की तस्करी में उसका बेटा गुरप्रीत सिंह और भाई मनप्रीत सिंह भी शामिल थे। आरोपियों को छोड़ने के लिए पैसे ऑफर किए उनके पास से भी 3 किलो अफीम बरामद हुई थी। हालांकि पुलिस ने केवल 2 किलो अफीम बरामद होने का मुकदमा ही दर्ज किया। इसी बीच किसी व्यक्ति के जरिए आरोपी तस्करों ने SHO अर्शदीप कौर से संपर्क किया और आरोपियों को छोड़ने के लिए पैसे ऑफर किए। जिसके बाद SHO ने 8 लाख रुपए की डिमांड की। इसमें से आरोपियों ने 5 लाख रुपए इंस्पेक्टर को दे दिए, जिन्हें मुंशियों और SHO ने आपस में बांट लिया, और 2 आरोपियों गुरप्रीत और मनप्रीत को छोड़ दिया। तीनों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया इस मामले को लेकर DSP ने तीनों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। अब मामले की जांच की जा रही है। साथ ही जो 2 आरोपी गुरप्रीत और मनप्रीत फरार हैं, उन्हें पकड़ने के लिए छापे मारे जा रहे हैं। सीनियर पुलिस अधिकारी मामले की बारीकी से जांच कर रहे हैं। आरोपी पुलिस कर्मियों के पुराने रिकार्ड भी खंगाले जा रहे हैं । 3 किलो अफीम और बरामद हुई, लेकिन रिकॉर्ड नहीं बनाया इसके बाद पुलिस ने अन्य दोनों आरोपियों की भी तलाश शुरू की और उन्हें पकड़े गए आरोपी की निशानदेही पर हिरासत में ले लिया। उनसे जब पूछताछ की तो 3 किलो और अफीम की खुलासा हुआ। पुलिसकर्मियों ने वह अफीम भी जब्त की, लेकिन इसकी कोई FIR दर्ज नहीं हुई। पुलिस ने केवल 2 किलो अफीम बरामद होने का ही मुकदमा दर्ज किया। इसी बीच किसी व्यक्ति के जरिए आरोपी तस्करों ने SHO अर्शदीप कौर से संपर्क किया और आरोपियों को छोड़ने की एवज में पैसे ऑफर किए। SHO ने ऑफर पर तोलमोल करते हुए 8 लाख रुपए की डिमांड की। 8 लाख में सौदा हुआ, 5 लाख ले लिए आरोपियों ने 5 लाख रुपए इंस्पेक्टर को दे दिए, जिन्हें मुंशियों और SHO ने आपस में बांट लिया। इसके बाद 2 आरोपियों गुरप्रीत और मनप्रीत को छोड़ दिया। DSP रमनदीप के अनुसार, किसी मुखबिर ने इस मामले की जानकारी उन्हें दी। इसके बाद DSP ने मामले की जांच की और तीनों पुलिस वालों पर FIR दर्ज कराई। DSP ने तीनों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। अब मामले की जांच की जा रही है। साथ ही जो 2 आरोपी गुरप्रीत और मनप्रीत फरार हैं, उन्हें पकड़ने के लिए छापे मारे जा रहे हैं। साथ ही आरोपी पुलिसवालों के पिछले रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। ​​​​​​कोरोना काल में चर्चा में आई थीं अर्शप्रीत कौर SHO अर्शप्रीत कौर कोरोना काल में चर्चा में आई थीं। वह लुधियाना के थाना बस्ती जोधेवाल और डिवीजन नंबर 2 में बतौर SHO काम कर चुकी हैं। कोविड को दौरान भी वह लुधियाना में ही पोस्टेड थीं। वह कोविड के दौरान लोगों की सेवा में लगी थीं। लोगों को कोविड से लड़ने के लिए प्रेरित कर रही थीं। इस दौरान वह खुद भी कोरोना से इंफेक्टेड हुईं। वह कुछ समय आइसोलेशन में रही और ठीक हो गईं। इस दौरान अर्शप्रीत से खुद तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने वीडियो कॉल पर बातचीत की थी। कोरोना काल में चर्चा में आई थीं SHO बता दें कि SHO अर्शप्रीत कौर कोरोना काल में चर्चा में आई थीं। वह लुधियाना के थाना बस्ती जोधेवाल और डिवीजन नंबर 2 में बतौर SHO काम कर चुकी हैं। कोविड को दौरान भी वह लुधियाना में ही पोस्टेड थीं और कोरोना काल की पंजाब में पहली कोरोना वॉरियर थीं। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन ने वीडियो कॉल पर की थी बात उन्होंने लोगों को कोविड से लड़ने के लिए प्रेरित किया। लेकिन इस दौरान वह खुद भी कोरोना से इंफैक्टेड हुईं। वह कुछ समय आइसोलेशन में रही और ठीक हो गईं। इस दौरान अर्शप्रीत से खुद पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने वीडियो कॉल पर बातचीत की थी। वह पहली SHO हैं, जिससे किसी मुख्यमंत्री ने इस तरह वीडियो कॉल पर बात की हो। recent visitors 176

‘सरकार बलात्कार जैसे संवेदनशील मुद्दे को भी एक इवेंट में बदल रही है, जमकर बोला हमला: जीतू पटवारी

भोपाल मध्यप्रदेश सरकार की ओर से दुष्कर्म की शिकार नाबालिग किशोरियों के लिए की गई एक नई पहल को लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार इस संवेदनशील मुद्दे को भी एक इवेंट में बदल रही है। श्री पटवारी ने एक्स पोस्ट के माध्यम से कल देर रात कहा, 'सरकार बलात्कार जैसे संवेदनशील मुद्दे को भी एक इवेंट में बदल रही है। नाबालिगों से बलात्कार की रोकथाम के बजाय, यह सरकार बलात्कार प्रोत्साहन योजना की शुरुआत कर रही है। नाबालिग पीड़िताओं को बलात्कार के बाद मुआवजे के रूप में पैसे देना और उस पीड़ा का मज़ाक उड़ाते हुए इसे पेश करना, मैं इसका कड़ा विरोध करता हूँ।' उन्होंने कहा कि पीड़िताओं के कल्याण के लिए सरकार को एक ठोस मंच तैयार करना चाहिए, जिसमें काउंसलिंग से लेकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने तक की नीति होनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। सरकार के इस कदम से पीड़िताओं का अपमान होगा और समाज की चेतना को भी गहरा नुक़सान पहुंचेगा। प्रदेश मंत्रिपरिषद् की दो दिन पहले हुई बैठक में नाबालिग दुष्कर्म पीड़िताओं और दुष्कर्म से जन्मे उनके बच्चों को लेकर एक नई पहल की गई है। इसके तहत इस प्रकार जन्मे बच्चों को स्वास्थ्य सुविधाएं, पालन पोषण और अन्य प्रकार की आवश्यक सुविधाएं दी जाएंगी। योजना का उद्देश्य 18 वर्ष तक लैंगिक अपराध से पीड़ितों को पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत संरक्षण एवं भारत सरकार के निर्भया फण्ड से वितीय सहायता प्रदान करना एवं उनके सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करना है। निर्भया फण्ड से प्रत्येक जिले को 10 लाख रूपये आवंटित किये जायेंगे। लैंगिक अपराध से पीड़ितों को सहायता के लिए जिले आवश्यकता के अनुसार राशि का उपयोग कर सकेंगे। राज्य में इसे लेकर ही अब राजनीति शुरु हो गई है।   recent visitors 61