Saturday, July 4, 2026 12:23 pm

रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर तक ले जाने वाले रोप-वे को उड़ीसा की एक कंपनी बनायेगी

 उज्जैन रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर तक ले जाने वाला रोप वे उड़ीसा की कंपनी बनायेगी। कंपनी का टेंडर फाइनल हो गया है। माना जा रहा है कि साल 2026 तक यह पूरा हो जायेगा। महाकाल दर्शन के लिए दर्शनार्थी उज्जैन रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर तक रोप-वे से आ-जा सकेंगे। इसके लिए उड़ीसा की एमएस इंफ्रा इंजीनियर कंस्ट्रक्शन कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट मिला है। कंपनी ने इनिशियल वर्क भी शुरू कर दिया है। उज्जैन रेलवे स्टेशन से नूतन स्कूल-महाकाल मंदिर प्रशासक कार्यालय तक बनने वाला यह रोप-वे 1.76 किलोमीटर लंबा होगा। मोनोकेबल डिटैचेबल गोंडोला (एमडीजी) सिस्टम से ऑपरेट होने वाले रोपवे में रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर तक 3 स्टेशन बनाए जाएंगे। रोप-वे में होंगे 48 केबिन सूत्रों के मुताबिक रोप-वे में 48 केबिन होंगे। हर 1 केबिन में एक समय में 10 लोग आ-जा सकेंगे। रोप-वे 16 घंटे चालू रहेगा। इस हिसाब से मोटे तौर पर माना जा रहा है कि 16 घंटे में 60 हजार से अधिक श्रद्धालु इसमें आना-जाना कर सकेंगे। रेलवे स्टेशन से आखिरी स्टेशन तक पहुंचने में करीब 6 मिनट का समय लगेगा। रोपवे 2026 तक शुरू हो जाएगा। रोजाना दो से ढाई लाख दर्शनार्थी आते हैं उज्जैन सिहस्थ 2028 को देखते हुए रोप-वे को बेहद अहम माना जा रहा है। श्री महाकाल लोक बनने के बाद से सामान्य दिनों में ही महाकाल के दर्शन करने के लिए रोजाना औसतन दो से ढाई लाख श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।जबकि पर्व-त्योहार और विशेष अवसरों पर ये संख्या बढ़कर 5 लाख से 10.50 लाख तक पहुंच रही है। ऐसे में शहर में भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रोप-वे की प्लानिंग की गई है। इसके लिए केंद्र सरकार के सड़क परिवहन मंत्रालय ने 189 करोड़ रुपए की स्वीकृति दे रखी है। रोप-वे का विकास, संचालन और रखरखाव नेशनल हाईवे-रोपवे प्रोजेक्ट करेगा। 2022 में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने की थी घोषणा 2022 में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग, जहाजरानी, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी सडकों के लोकार्पण के लिए उज्जैन पहुंचे थे। तब उन्होंने महाकाल मंदिर आने वाले भक्तों की सुविधा के लिए हवा में टैक्सी चलाने की बात कही थी। बाद में उन्होंने मंच से रोप-वे की सौगात देकर कहा था कि शहर में जल्द ही महाकाल के भक्तों के लिए इसकी शुरूआत करेंगे। इसके बाद सर्वे प्लानिंग, डीपीआर समेत दूसरे जरूरी काम पूरे किए गए। अब टेंडर होने के बाद रोप-वे का काम शुरू हो चुका है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट में इस बात की भी जानकारी दी थी कि रोप-वे स्टेशन में लोगों के लिए फूड जोन, प्रतीक्षालय, शौचालय के साथ बस और कार पार्किंग की फैसिलिटी भी मिलेगी। recent visitors 151

आरोपी भनक लगते ही फरार, राजस्थान-नागौर में घर से 77 किलो डोडा पोस्त जब्त

नागौर. नागौर पुलिस ने खींवसर उपचुनाव चुनाव को लेकर बड़ी कार्रवाई करते हुए खींवसर विधानसभा क्षेत्र के पांचौड़ी थाना इलाके के भोमासर गांव में मुकनाराम उर्फ मुकेश पुत्र सुखराम जाट घर से 11.60 लाख रुपये का अवैध डोडा पोस्त जब्त किया। इस दौरान आरोपी मौके से फरार हो गया। बताया जा रहा है कि उपचुनाव के दौरान अवैध मादक पदार्थ डोडा पोस्त की तस्करी करने के इरादे से आरोपी ने अपने घर में 11 लाख 60 हजार रुपये के डोडा पोस्त को घर में छुपाकर रखा था। मुखबिर से सूचना मिलते ही पांचौड़ी थाना पुलिस ने अचानक दबिश दी लेकिन आरोपी को जैसे ही पुलिस की भनक लगी वह मौके से फरार हो गया। पुलिस ने उसके घर से 77 किलो 290 ग्राम डोडा पोस्त बरामद किया है। थाना अधिकारी हरजीराम ने बताया कि मुखबिर सूचना मिलने के बाद आरोपी के घर पर दबिश दी गई, जिसमें आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मौके से प्लास्टिक के पांच कट्टों में भरा 77.290 किलोग्राम डोडा पोस्त जब्त किया है, जिसकी बाजार में कीमत 11.60 लाख रुपये है। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। recent visitors 68

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस की सरकार जिन राज्यों में है- वहां की आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी है

नई दिल्ली  भारतीय जनता पार्टी ने  कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस अपने किसी भी वादे को कभी भी पूरी नहीं कर पाई। कांग्रेस पार्टी जब-जब जिस राज्य की सत्ता में आती है, उस राज्य और देश के लिए आर्थिक चुनौतियां लेकर आती है।  भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस की सरकार जिन राज्यों में है- वहां की आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी है। हिमाचल प्रदेश में तो उनके पास इतना भी पैसा नहीं रह गया है कि वो सही ढंग से सैलरी दे सकें। ऐसी ही हालत कर्नाटक में है। ये दर्शाता है कि कांग्रेस जब-जब सत्ता में आती है तो जो कहा गया… वो कभी पूरा नहीं कर पाती है। इसके बावजूद अफसोस की बात है कि कुछ लोग ऐसे होते हैं, जिनके दिमाग इतने खाली होते हैं कि सत्ता में आने पर खजाना खाली कर देते हैं लेकिन जनता को वांछित व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराते हैं। इसी तरह की कांग्रेस पार्टी और विपक्षी दल हैं। सुधांशु ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के मुंह से जो निकला है, उन्होंने दिखाया है कि अगर सत्ता जनता के लिए संपत्ति और समृद्धि बननी चाहिए तो उनके हाथ में आकर वो विपत्ति बन जाती है। इससे हटकर हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किस प्रकार से जन-जन के कल्याण के लिए आगे बढ़ते हैं, उसके कई प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि लग्जरियस आइटम्म पर टैक्स और जरूरतमंद जनता को फ्री अनाज मुहैया कराना… मोदी का ये विचार उस भगवान राम के आर्दश से प्रेरित है, जिनके लिए लिखा गया है, “मणि-माणिक महंगे किए, सहजे तृण, जल, नाज। तुलसी सोई जानिए, राम गरीब नवाज॥” आज मोदी के नेतृत्व में भारत विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। सुधांशु ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि ना खाऊंगा और ना खाने दूंगा। इससे कांग्रेस के दिल का दर्द इतना उभरा होगा कि जब से मोदी आए हैं, उनका खाना मुहाल हो गया है। जब राजीव गांधी कहते थे कि एक रुपये भेजता हूं तो जनता के पास 15 पैसे ही पहुंचते हैं… 85 पैसे बीच में गायब हो जाते हैं। इसलिए कांग्रेस की छटपटाहट अब समझी जा सकती है।   recent visitors 61

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में हंगमा, पीडीपी ने अनुच्छेद 370 को लेकर रखा प्रस्ताव

श्रीनगर  नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता एवं पूर्व वित्त मंत्री अब्दुल रहीम राथर सोमवार को जम्मू-कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष चुने गये। कृषि उत्पादन, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, सहकारिता एवं निर्वाचन मंत्री ने विधानसभा में राथर के नाम का प्रस्ताव पेश किया और सदन के सदस्य अर्जुन सिंह ने राथर को अध्यक्ष के चुने जाने का समर्थन किया। इससे पहले केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का पहला विधानसभा सत्र मंगलवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच श्रीनगर में शुरू हुआ। सात बार के विधायक राथर का जन्म 1944 में चाडूरा के बांदीपोरा गांव में हुआ था और वह बडगाम जिले के चरार-ए-शरीफ विधानसभा क्षेत्र से जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने पिछली नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकारों में वित्त सहित कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों का कार्यभार संभाला था। उन्होंने 1968 में कश्मीर विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की और 1971 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में एल.एल.बी. किया। गौरतलब है कि राथर ने पहली बार नेशनल कांफ्रेंस के उम्मीदवार के रूप में चरार-ए-शरीफ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से 1977 में जम्मू-कश्मीर विधान सभा चुनाव जीता। बाद में वह 1983, 1987, 1996, 2002 और 2008 में लगातार पांच बार जीते। वर्ष 2014 में राथर जम्मू- कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के गुलाम नबी लोन से हार गए। राथर ने हाल ही में हुए विधान सभा चुनाव में चरार-ए-शरीफ से सातवीं बार जीत हासिल की।   जम्मू-कश्मीर विधानसभा में हंगमा, पीडीपी ने अनुच्छेद 370 को लेकर रखा प्रस्ताव  जम्मू-कश्मीर विधानसभा में सोमवार को पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के विधायक वहीद-उर-रहमान पारा की ओर से संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के खिलाफ प्रस्ताव पारित करने की मांग किये जाने के बाद जमकर हंगामा हुआ। सदन की कार्यवाही के पहले दिन विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव के बाद सदन में बोलते हुए पारा ने जम्मू-कश्मीर से संबंधित अनुच्छेद 370 को बहाल करने की मांग करते हुए प्रस्ताव पारित करने का अनुरोध किया। उन्होंने पीडीपी का प्रस्ताव अध्यक्ष को सौंपते हुए कहा, “मैं विधानसभा से अनुच्छेद 370 की बहाली के लिए प्रस्ताव पारित करने का अनुरोध करता हूं।” इसके बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक सदन में खड़े हो गए और अध्यक्ष से वहीद के शब्दों को सदन की कार्यवाही से हटाने का आग्रह किया। अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने हालांकि भाजपा नेताओं को सलाह दी कि वे इसे उन पर छोड़ दें। उन्होंने कहा, “आप अध्यक्ष को शर्तें नहीं बता सकते।” इसके बाद भाजपा विधायक हंगामा करने लगे। विधानसभा अध्यक्ष ने हालांकि सदस्यों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन विधायक हंगामा करते रहे। इस मुद्दे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, “उन्हें पता था कि कुछ सदस्य प्रस्ताव पेश करेंगे, लेकिन उन्हें उम्मीद नहीं थी कि सत्र के पहले दिन ऐसा होगा।” हंगमा देख विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी।     recent visitors 60

‘कांग्रेसियों का मन मेरी तरफ, उनसे पूछना’, राजस्थान-दौसा के BJP प्रत्याशी जगमोहन ने चौकाया

दौसा. राजस्थान में उपचुनाव दिलचस्प होते जा रहे हैं। दौसा में मैच फिक्सिंग की चर्चाओं के बीच बीजेपी प्रत्याशी जगमोहन मीणा का एक रोचक बयान सामने आया। इसमें जगमोहन कह रहे हैं कि यहां सभी कांग्रेसी नेताओं का मेरी तरफ मन है। आज सचिन पायलट की भी दौसा में सभाएं कह रहे हैं। देखना यह है कि कांग्रेस की तरफ से जगमोहन को क्या जवाब मिलता है। राजस्थान की सबसे चर्चित सीट दौसा में जिस मैच फिक्सिंग की चर्चा हो रही थी, उस सीट से बीजेपी प्रत्याशी जगमोहन का एक रोचक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। चर्चा यह थी कि जगमोहन के समर्थन में बीजेपी और कांग्रेस के नेताओं के बीच मैच फिक्सिंग हो गई। खुद पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने भी पिछले दिनों दौसा में हुई चुनावी सभा के दौसान इस चर्चा का जिक्र किया था। हालांकि उन्होंने इसे अफवाह बताया था। लेकिन अब बीजेपी प्रत्याशी जगमोहन मीणा ने भी इन चर्चाओं से मिलता जुलता बयान दे दिया है। दौसा में सचिन पायलट की सभा को लेकर पूछे सवाल में उन्होंने कहा, सचिन पायलट कांग्रेस के नेता हैं। सभी अपनी पार्टी के लिए प्रयास करते हैं, वह भी आएंगे। उनका क्या रहेगा, कितना रहेगा…मेरी तरफ सभी कांग्रेस नेताओं का मन है। मुरारीलाल मीणा को लेकर पूछे गए एक सवाल पर उन्होंने कहा कि वे मुझे लेकर पूछे गए सवालों पर कन्नी इसी लिए काटते हैं कि उनका मेरे प्रति स्नेह है। उनसे लंबा जुड़ाव रहा है। इनसे मिलकर चला हूं सदा, ये मेरा स्वभाव जानते हैं। आप तो कांग्रेस के किसी भी नेता से पूछ लो कि जगमोहन कैसा है…तो चार लाइन में आपको सारा जवाब मिल जाएगा। गौरतलब है कि बीजेपी के जगमोहन मीणा के जवाब में कांग्रेस ने यहां डीडी बैरवा को प्रत्याशी बनाया है। लेकिन मीणा बाहुल्य सीट होने के चलते यहां जगमोहन के पक्ष में एक जाति के वोट लामबद्ध हो रहे हैं। अब अन्य जातियों की स्थिति क्या रहती है इस पर चुनाव निर्भर करेगा। यहां गुर्जर वोट भी बड़ी संख्या में हैं और सचिन पायलट का उन पर बड़ा असर है। ऐसे में आज पायलट की सभा कांग्रेस के लिए काफी अहम रहने वाली है। recent visitors 88

Air Pollution : जहरीली हवा से पाक के शहर बेहाल, AQI पहुंचा 1000 के पार

लाहौर पाकिस्तान का लाहौर प्रदूषण से जूझ रहा है, इसको देखते हुए वहां के सभी प्राइमरी स्कूलों को एक सप्ताह के लिए बंद कर दिया गया है. शनिवार को पाकिस्तान के लाहौर में प्रदूषण का स्तर 1000 के पार पहुंच गया, ये काफी खतरनाक स्तर है. वहीं पाकिस्तान के पंजाब में भी AQI रविवार को 1000 पहुंच गया है. जो कि अभूतपूर्व है. लाहौर के 14 मिलियन के करीब लोग प्रदूषण का शिकार हो रहे हैं, ये प्रदूषण, डीजल वाली गाड़ियों से निकालने वले धुआं और पराली जलाने के साथ- साथ मौसम सर्द होने के कारण बढ़ रहा है. लाहौर के पर्यावरण अधिकारी ने बताया कि मौसम पूर्वानुमान के अनुसार शहर की हवा आने वाले 6 दिनों में ऐसी ही रहने वाली है और इसमें सुधार की गुंजाइश नहीं है. जिस वजह से लाहौर के सभी प्राथमिक स्कूलों को एक सप्ताह के लिए बंद कर दिया गया है. बच्चों के लिए प्रदूषण ज्यादा खतरनाक है पंजाब (पाकिस्तान)  की मंत्री मरियम औरंगजेब ने कहा कि ये धुआं लोगों के लिए कभी हानिकारक है, हम लगातार स्थितियों पर नजर रख रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि हमने बच्चों के लिए स्कूल में मास्क को अनिवार्य कर दिया है. बच्चों को प्रदूषण से ज्यादा खतरा होता है, क्योंकि बच्चों का फेफड़ा बड़ो की तुलना में कम विकसित होता है. औसत जीवन प्रत्याशा में आई गिरावट पिछले सप्ताह लाहौर के अधिकारियों ने सारे स्कूलों में बाहर की गतिविधियों पर अगले साल की जनवरी तक के लिए रोक लगा दिया था, साथ ही प्रदूषण से बचने के लिए स्कूल के समय भी बदलाव किया था. इसके अलावा लाहौर के सरकारी और निजी दफ्तरों ने भी अपने आधे कर्मचारियों को सोमवार से घर से काम करने के लिए कहा है. वहीं शिकागो विश्वविद्यालय के एनर्जी पॉलिसी इंस्टीट्यूट के अध्ययन के अनुसार लाहौर के लोगों की औसतन जीवन प्रत्याशा में 7.5 साल की कमी आई है.     recent visitors 71

सेंट्रल जेल के बाहर अज्ञात युवकों ने एक युवक को गोली मारकर की हत्या की कोशिश, जांच में जुटी पुलिस

रायपुर सेंट्रल जेल के बाहर अज्ञात युवकों ने एक युवक को गोली मारकर हत्या की कोशिश की है। वहीं घायल य़ुवक को मेकहारा अस्पताल में भर्ती करया गया। जहां उसका इलाज जारी है. बताया जा रहा है कि रायपुर सेंट्रल जेल के बाहर साहिल खान नाम के युवक पर पुरानी रंजिश के चलते अज्ञात युवकों ने गोली चला दी गई। आरोपियों ने घटना को अंजाम देते हुए दो राउंड फायरिंग की और मौके से फरार हो गए। गोली लगने के बाद साहिल खान को तत्काल मेकाहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है. पूरा मामला गंज थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है. वहीं पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है । वहीं इस घटना के बाद लोगों में भय का माहौल है. मिली जानकारी के मुताबिक करीबन एक साल पहले से मौदहपारा के युवकों के साथ साहिल का विवाद चल रहा था. जिसके चलते गोलीकांड की घटना को अंजाम देने की आशंका जताई जा रही है. फिलहाल आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है. क्राईम ब्रांच और गंज पुलिस तलाश ने जुटी हुई है. recent visitors 67