Saturday, July 4, 2026 11:16 am

भारत की सीनियर टीम ने ब्रिज ओलंपियाड में रजत पदक जीता

ब्यूनस आयर्स, अपने पिछले मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करने वाली भारत की सीनियर टीम को 16वें विश्व ब्रिज ओलंपियाड के फाइनल में अमेरिका से 165-258 से हारने के कारण रजत पदक से संतोष करना पड़ा। भारतीय टीम में कमल मुखर्जी, विभास टोडी, बादल दास, प्रणब बर्धन, अरुण बापट, रवि गोयनका और गैर खिलाड़ी कप्तान गिरीश बिजूर शामिल थे। भारतीय टीम ने 96 बोर्ड के फाइनल में शुरू में अमेरिका की टीम के सामने कड़ी चुनौती पेश की। अमेरिका की टीम ने हालांकि दो दिन तक चल फाइनल में आखिर तक अपनी लय बनाए रखी। इस बीच इसी प्रतियोगिता के साथ खेली गई युगल स्पर्धा में संजीत डे और बिनोद साव की युवा भारतीय जोड़ी ने भी अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया।     recent visitors 84

स्कूलों में विंटर यूनिफार्म शुरू, राजस्थान-आबू में लुढ़का पारा

सिरोही/सीकर. राजस्थान में सर्दी ने अपनी दस्तक दे दी है। दीपावली के बाद पारा तेजी से नीचे जा रहा है। माउंटआबू में न्यूनतम तापमान 11.8 डिग्री तक पहुंच चुका है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले एक सप्ताह में न्यूनतम पारे में चार से पांच डिग्री तक गिरावट होगी। प्रदेश में सर्दी का असर दिखना शुरू हो चुका है। ज्यादातर जिलों में न्यूनतम पारा तेजी से नीचे जाने लगा है। बीते 24 घंटे की बात करें तो माउंटआबू सबसे ठंडा इलाका रहा है। यहां न्यूनतम तापमान 11.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। आबू के अलावा हनुमानगढ़-संगरिया, सिरोही, सीकर में भी पारे में तेज गिरावट देखी जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में प्रदेश में मौसम शुष्क एवं साफ रहेगा। इसके असर से सर्दी का प्रभाव और तेजी से बढ़ेगा। अगले एक सप्ताह में न्यूनतम तापमान में करीब चार से पांच डिग्री सेल्सियस की कमी आ सकती है। राजधानी जयपुर की बात करें तो यहां अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले पांच दिनों में यहां न्यूनतम तापमान गिरकर 16 डिग्री तक पहुंच सकता है। स्कूलों में विंटर यूनिफार्म शुरू मौसम में आए बदलाव के चलते प्रदेश के स्कूलों में विंटर यूनिफार्म का शेड्यूल भी जारी कर दिया गया है। स्कूली बच्चों को दिवाली के बाद से ही विंटर यूनिफार्म पहनकर आने की अनुमति दे दी गई है। recent visitors 70

भोपाल: मध्यप्रदेश में निगम-मंडलों की नियुक्तियों को लेकर सियासी हलचल

Bhopal: Discussions on appointments in corporations and boards intensify in Madhya Pradesh, leaders are waiting for appointments. भोपाल: मध्यप्रदेश में जल्द ही निगम-मंडलों में नियुक्तियां हो सकती हैं, जिसको लेकर सियासी गलियारों में खूब चर्चा हो रही है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों के कई नेता इन पदों के लिए इंतजार कर रहे हैं। इंतजार करें भी क्यों न टिकट कटने के बाद पार्टी उन्हें ‘जरूरी’ मानते हुए किसी न किसी पद पर तो स्थान देगी ही। बस इसी उम्मीद में ‘नेता जी’ आस लगाए बैठे हैं। और पार्टी के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। वैसे इसे लेकर पार्टी से भी संकेत मिलने लगे हैं। एमपी के सियासी गलियारों में यह चर्चा पिछले दो तीन महीनों से जोरों शोरों पर है। जब दो महीने पहले सीएम मोहन यादव का दिल्ली दौरा हुआ था तब भी मामले ने जमकर तूल पकड़ा था। कयास लगाए जा रहे थे कि दिल्ली में आलाकमान से मिलने के बाद नेताओं के नाम फाइनल किए जा रहे हैं। इन नेताओं के नाम रेस मेंबीजेपी के विनोद गोटिया, हेमंत खंडेलवाल और राजेंद्र सिंह राजपूत जैसे दिग्गज नेता इन पदों की कतार में आगे हैं। वहीं कांग्रेस से दीपक सक्सेना और गजेंद्र सिंह राजूखेड़ी का नाम भी चर्चा में है। हालांकि, पार्टियों के द्वारा कोई भी निर्णय पब्लिक नहीं किया गया है। इसके कारण कई नेताओं के सब्र का बांध भी भरता जा रहा है। विरोधाभासी रहा इतिहासदिलचस्प बात यह है कि शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली पिछली बीजेपी सरकार ने इन पदों पर नियुक्तियां की थी। बाद में फरवरी 2024 के समय मोहन सरकार ने निगम मंडल की नियुक्तियां को निरस्त कर दिया था। अब देखना होगा कि किन-किन नेताओं को इन पदों पर जगह मिलती है। recent visitors 86

धर्म परिवर्तन के खिलाफ नया कानून लाएगी सरकार, राजस्थान उपचुनाव में BJP-विधि मंत्री का दांव

जयपुर. धर्म परिवर्तन के खिलाफ राजस्थान सरकार विधानसभा में बिल लाएगी। राजस्थान सरकार में विधि मंत्री जोगाराम पटेल ने अगले विधानसभा सत्र में बिल लाने के संकेत दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि विधि विभाग धर्म परिवर्तन के खिलाफ बिल के ड्राफ्ट को फाइनल करने में जुटा हुआ है। मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा, उत्तराखंड और मध्यप्रदेश के धर्म परिवर्तन से जुड़े कानूनों की स्टडी की जा रही है। इस बिल को अगले विधानसभा सत्र में पारित किया जा सकता है। धर्म परिवर्तन के विरोध में लाए जा रहे इस बिल में कई कड़े प्रावधान किए जा सकते हैं। जैसे धर्म बदलवाने और उसमें सहयोग करने वालों पर जेल और भारी जुर्माना होगा। इसमें शामिल संस्थाओं के रजिस्ट्रेशन खारिज करने के साथ कड़ी कार्रवाई होगी। जबरन धर्म परिवर्तन पर पांच साल तक सजा और जुर्माने की सिफारिश है। गौरतलब है कि इससे पहले साल 2006 और 2008 में भी राजस्थान विधानसभा में तत्कालीन वसुंधरा सरकार के समय धर्म स्वातंत्र्य बिल दो बार पास हुआ था। लेकिन तब केंद्र की यूपीए सरकार से इसे मंजूरी नहीं मिल पाई थी। उस धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2008 के कई प्रावधानों को भी शामिल किया जाएगा। साल 2008 के धर्म स्वातंत्र्य बिल में कलेक्टर की मंजूरी के बिना धर्म बदलने पर रोक थी। recent visitors 87

इंदौर में मस्जिद पर लगे गजवा-ए-हिंद के पोस्टर, विधायक के बेटे ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उठाए सवाल

इंदौर शहर के कागदीपुरा इलाके की एक मस्जिद के ऊपर लगे पोस्टर को लेकर इंदौर में बवाल मच गया है। ‘गजवा-ए-हिंद’ जैसे पोस्टर को लेकर हिंद रक्षक संगठन ने इस पर कड़ी आपत्ति लेते हुए पुलिस प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। इससे पहले दीपावली के अगले दिन छत्रीपुरा थाना क्षेत्र में पटाखा चलाने को लेकर दो पक्षों में जमकर विवाद हुआ था। हटा दिए गए पोस्टर हालांकि, विधायक मालिनी गौड़ के बेटे और हिंद रक्षक संगठन के संयोजक एकलव्य सिंह गौड़ के आपत्ति के बाद मुस्लिम समुदाय ने कल शाम को ही पोस्टर हटा दिया था। गौड़ ने एक्स पर मस्जिद पर लगा पोस्टर शेयर करते हुए लिखा कि इंदौर के कागदीपुरा क्षेत्र में एक मस्जिद पर लगाया गया 'गजवा-ए-हिंद' के आतंक को दर्शाता यह पोस्टर प्रशासन की शांति व्यवस्था को मुंह चिढ़ा रहा है। प्रशासन से निवेदन है तत्काल संज्ञान में लेकर दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई करें। गजवा-ए-हिंद को जान लीजिए गजवा-ए-हिंद में गजवा का अर्थ 'इस्लाम को फैलाने के लिए की जाने वाली जंग' होता है। इस युद्ध में शामिल इस्लामिक लड़ाकों को 'गाजी' कहा जाता है। मोटे तौर पर गजवा-ए-हिंद के मायने भारत में जंग के जरिए इस्लाम की स्थापना करने से है। गजवा-ए-हिंद का मतलब भारतीय उपमहाद्वीप में रहने वाले काफिरों को जीतकर उन्हें मुस्लिम बनाने से है। दुनिया के इस हिस्से में रहने वाले लोगों के साथ युद्ध से है। आसान भाषा में समझें तो गजवा-ए-हिंद का मतलब जंग में भारत को जीतकर इसका इस्लामीकरण करने से है। कहां से आया गजवा-ए-हिंद इस्लाम में दुनिया को दो हिस्‍सों में बांटकर देखा गया है। एक, जहां इस्लाम को मानने वालों का शासन है। दूसरा, जहां इस्लाम मानने वाले लोग रहते तो हैं, लेकिन वहां शासन किसी दूसरे धर्म का है। इस्लाम में मुस्लिम शासन वाले देश को दारुल इस्लाम कहा जाता है। वहीं, गैर मुस्लिम शासन वाले देश को दारुल हर्ब कहा गया है। यह एक चेतावनी है इसमें सबसे आगे भगवा झंडे लिए सेना को दिखाया गया है। यह सनातन धर्म के लिए एक चेतावनी है। साथ ही कहा कि इस्लाम ने दुनिया को दो हिस्सों में बांट दिया है। एक दारुल इस्लाम, यह वह दुनिया है जिसमें सभी लोग इस्लाम स्वीकार करते हैं। जहां दारुल इस्लाम नहीं है, वहां वे उसे जीतना चाहते हैं, जिसे दारुल हरब कहा जाता है. गजवा-ए-हिंद का मतलब है कि उसे हिंद के खिलाफ अपनी हुकूमत कायम करनी है। एक अभियान चल रहा है। इसे छोटा काम नहीं समझना चाहिए, यह हमारे लिए एक संदेश है।’ इस प्रकार का व्यवहार पूर्णतः अस्वीकार्य है। हमने इसकी शिकायत थाने में की है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। क्या है गजवा-ए-हिंद का मतलब जानकारी के मुताबिक गजवा-ए-हिंद में गजवा का मतलब है ‘इस्लाम फैलाने के लिए युद्ध’. इस युद्ध में शामिल इस्लामी लड़ाकों को ‘गाजी’ कहा जाता है। मोटे तौर पर कहें तो गजवा-ए-हिंद का मतलब युद्ध के जरिए भारत में इस्लाम की स्थापना करना है। recent visitors 82

कर्नाटक उपचुनाव में कांग्रेस का सफाया हो जाएगा: बसवराज बोम्मई

हुबली कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने सोमवार को कहा कि राज्य में आगामी उपचुनाव सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका देंगे। कांग्रेस किसानों के मुद्दों पर अपने दोहरे मानदंडों के कारण तीनों विधानसभा सीटों पर हार जाएगी। हुबली में मीडिया से बात करते हुए पूर्व सीएम और भाजपा सांसद ने कहा कि लोग वक्फ संपत्ति के नाम पर किसानों को नोटिस जारी करने के राज्य सरकार के कदम से नाराज हैं। उन्होंने सवाल किया, “मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने अपनी गलतियों का एहसास होने के बाद इन नोटिसों को वापस ले लिया है। यदि सरकार ने कुछ गलत नहीं किया है, तो वे किसानों को दिए गए नोटिस क्यों वापस लेंगे?” कर्नाटक के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमीर अहमद खान के बयान की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि नोटिस सीएम के आदेश पर जारी किए गए थे।उपायुक्तों ने भी पुष्टि की है कि नोटिस मंत्री जमीर के निर्देश पर जारी किए गए थे। पूर्व सीएम बोम्मई ने कर्नाटक सरकार को यू-टर्न लेने वाली सरकार बताया और कहा, “वे जमीन का अधिग्रहण करते हैं और फिर उसे वापस कर देते हैं, वे वाल्मीकि आदिवासी कल्याण निगम के धन को लूटते हैं और बाद में उसे वापस करने का दावा करते हैं।” उन्होंने कहा, “वक्फ के मामले में उन्होंने किसानों को नोटिस जारी किए और जब कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ा तो उन्होंने आदेश वापस ले लिया। राज्य सरकार लगातार इसी तरह से काम कर रही है।” इस बीच, भाजपा आज वक्फ बोर्ड विवाद के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन कर रही है। चन्नापटना, संदुर और शिगगांव विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव होने हैं। बोम्मई के बेटे भरत बोम्मई शिगगांव विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं।     recent visitors 117

17 साल लंबे करियर पर लगेगा विराम! भारतीय विकेटकीपर रिद्धिमान साहा लेंगे क्रिकेट से संन्यास

नई दिल्ली  भारत के विकेटकीपर रिद्धिमान साहा ने घोषणा की है कि वे इस साल 2024-25 रणजी ट्रॉफी सीजन के बाद क्रिकेट से संन्यास ले लेंगे, जिससे उनके 17 साल लंबे करियर का समापन हो जाएगा। साहा फिलहाल बेंगलुरु में कर्नाटक के खिलाफ बंगाल के चौथी राउंड मैच की तैयारी में जुटे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, “क्रिकेट में एक यादगार सफर के बाद, यह मेरा आखिरी सीजन होगा। बंगाल की ओर से रणजी ट्रॉफी में खेलते हुए संन्यास लेना मेरे लिए सम्मान की बात है। आइए इस सीजन को खास बनाएं।” 39 साल के साहा ने 2022-23 में बंगाल टीम के साथ विवाद के कारण टीम से दूरी बना ली थी। बंगाल क्रिकेट संघ (सीएबी) के सचिव देबब्रत दास ने उन पर खेलने से बचने के बहाने बनाने का आरोप लगाया था। लेकिन इस सीजन में साहा ने टीम में वापसी की और रणजी ट्रॉफी के पहले दो मैचों में खेला। साहा ने भारत के लिए 40 टेस्ट खेले हैं, जिनमें उन्होंने 1353 रन बनाए, जिसमें तीन शतक और छह अर्धशतक शामिल हैं। लंबे समय तक वह टीम इंडिया के साथ जुड़े रहे, लेकिन ऋषभ पंत के आने से टीम में उनकी जगह बनाना मुश्किल हो गया, हालांकि वह कई बार दूसरे विकेटकीपर के रूप में शामिल होते रहे। साहा ने दिसंबर 2021 में आखिरी बार भारत के लिए खेला था और 2023 में उन्हें सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से रिलीज कर दिया गया था। आईपीएल 2025 की नीलामी से पहले, गुजरात टाइटंस ने उन्हें रिटेन नहीं किया। साहा उन चुनिंदा खिलाड़ियों में से एक हैं जिन्होंने 2008 से हर सीजन आईपीएल में खेला है। उन्होंने पहले सनराइजर्स हैदराबाद, चेन्नई सुपर किंग्स, कोलकाता नाइट राइडर्स और पंजाब किंग्स के लिए भी खेला है। 2014 के फाइनल में, जब पंजाब किंग्स उपविजेता बनी थी, साहा ने 55 गेंदों पर नाबाद 115 रन बनाकर ऐतिहासिक शतक बनाया था।   recent visitors 169