Monday, July 6, 2026 2:25 am

पुलिस गश्त के दौरान की कार्रवाई, छत्तीसगढ़-बलौदाबाजार में जंगली जानवरों के पांच शिकारी गिरफ्तार

बलौदाबाजार. बलौदाबाजार वनमंडल के वन अमलों द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित रूप से गश्ती की जा रही है। इसी दौरान नौ नवंबर की रात लगभग नौ बजे परिक्षेत्र अर्जुनी अंतर्गत वन क्षेत्र में गश्ती के दौरान परिक्षेत्र अर्जुनी रात्रि गश्ती टीम द्वारा कुछ लोगों को जंगल की तरफ गांजरडीह बीट में जाते हुए देखा गया। गश्ती टीम द्वारा उनका पीछा किया गया और जंगल में छिपकर उनको पकड़ने के लिए घात लगाकर बैठे रहे। सुबह तड़के करीब चार बजे शिकार के पांच आरोपियों को वन विभाग द्वारा धर दबोचा गया। मुख्य शिकारी कमल सिंह ग्राम गांजरडीह है, जो पूर्व में भी वन्यप्राणी के शिकार केस में जेल भेजा जा चुका है और जमानत में बाहर आकर दोबारा शिकार की घटनाओं को अंजाम देता है, उक्त व्यक्ति आदतन शिकारी है एवं अन्य चार आरोपी क्रमश कुंजराम विश्वकर्मा ग्राम करमेल, कुबेर सिंह भोई ग्राम करमेल, चैनूराम भोई ग्राम करमेल एवं युधिष्ठिर भोई ग्राम करमेल है। इनके पास से शिकार सामग्री करीब 6.7 किग्रा जीआई तार एवं सेट्रींग तार जब्त किया गया, जिसे जंगल में फैलाकर लकड़ी की खुंटी लगाकर 11000 वोल्ट के विद्युत खम्भे में कनेक्शन करके वन्यप्राणी के शिकार को अंजाम देने का प्रयास कर रहे थे। उपरोक्त गश्ती टीम में गोविंद राम निषाद वनरक्षक परिसर रक्षी गांजरडीह, सनद यादव, भानु प्रसाद केंवट, तुलाराम, मनोहर सुरक्षा श्रमिक शामिल थे। साथ ही दो दिन पूर्व ही वन विभाग की टीम द्वारा गांजरडीह एवं सराईपाली के आस-पास के गांव में बाघ एवं अन्य वन्यप्राणी विचरण के संबंध में मुनादी कराया गया था ग्रामीणों को समझाईस दी गयी थी कि वन क्षेत्र में न जावें। उसके बाद भी शिकारियों द्वारा वन्यप्राणी के शिकार करने का प्रयास किया गया। हालाकि वन विभाग की टीम ने शिकार होने के पूर्व ही शिकारियों को धर दबोचा। इसके पूर्व सोनाखान परिक्षेत्र के भुसड़ीपाली बीट में भी दो बंदूकधारी शिकारियों को उनके शिकार के पूर्व ही उन्हें पकड़ लिया गया था। उक्त शिकार में संलिप्त पांच शिकारियों के विरूद्ध नियमानुसार वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत आवश्यक कार्रवाई कर जेल भेजा गया। उपरोक्त कार्रवाई में उप वन मंडलाधिकारी कसडोल हितेश कुमार ठाकुर, परिक्षेत्र अधिकारी अर्जुनी अनिरूद्ध भोई, परिक्षेत्र सहायक सोनाखान योगेश कुमार साहू वनपाल एवं परिक्षेत्र अर्जुनी के समस्त वन अमला शामिल थे। recent visitors 67

‘सरकार ने जिला समाप्त किया तो ईंट से ईंट बजा देंगे’, राजस्थान-जयपुर के सलूंबर में डोटासरा ने की सभा

जयपुर. जैसे-जैसे उपचुनाव की तारीख नजदीक आती जा रही है, वैसे-वैसे नेताओं की बयानबाजी में जोश भरता जा रहा है। कल कांग्रेस प्रत्याशी रेशमा मीणा के समर्थन में सलूंबर में आयोजित जनसभा में पीसीसी चीफ गोविंदसिंह डोटासरा ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हमने कॉलेज खोले, भाजपा सरकार उसकी समीक्षा कर रही है, हमने पंचायतें बनाईं सरकार उसकी समीक्षा कर रही है, हमने जिले बनाए उसकी समीक्षा वे लोग कर रहे हैं। उन्होंने जनता से पूछा कि सलूंबर जिला बनना चाहिए था या नहीं बनना चाहिए था। जब हमने सलूंबर जिला बनाकर आपका हक दिया तो आज मुख्यमंत्री और उनके अधिकारी कह रहे हैं सलूंबर जिला समाप्त करेंगे। डोटासरा ने कांग्रेस प्रत्याशी रेशमा मीणा के पक्ष में मतदान करने की अपील करते हुए कहा कि मैं जनता से निवेदन करना चाहता हूं कि 13 नवंबर को यहां से इन्हें चटका दिखा दीजिए। हम सलूंबर जिला समाप्त नहीं होने देंगे, ईंट-ईंट से बजा देंगे। उन्होंने कहा कि मैं आपको एक ही बात कहना चाहता हूं कि यहां बैठे सभी नेता, कार्यकर्ता और जनता यह तय कर चुकी है कि यहां से कांग्रेस की महिला प्रत्याशी रेशमा मीणा ही जीतकर जाएंगी। बीजेपी से शांतादेवी मीणा हैं मैदान में गौरतलब है कि यहां से भाजपा ने शांता देवी मीणा को मैदान में उतारा है। शांता देवी मीणा दिवंगत विधायक अमृतलाल मीणा की पत्नी हैं, जिनके देहांत के बाद सलूंबर सीट खाली हो गई थी। इन दो महिला प्रत्याशियों के बीच भारत आदिवासी पार्टी (BAP) ने जितेश कटरा को उम्मीदवार बनाया है। recent visitors 115

महालेखाकार सुश्री प्रिया पारिख ‘ माथुर दीपावली मिलन’ में सम्मानित

''उच्च शिक्षित युवा वर्ग में निजी क्षेत्र का आकर्षण''  भोपाल महालेखाकार (लेखापरीक्षा-प्रथम) मध्यप्रदेश  सुश्री प्रिया माथुर पारिख का कहना है कि उच्च शिक्षित युवा वर्ग में निजी क्षेत्र की नौकरियों और ज़्यादा पैकेज के प्रति आकर्षण बढ़ता जा रहा है, लेकिन असली कार्य संतुष्टि सरकारी क्षेत्र की नौकरी से ही मिलती है, जहाँ आप सीधे गवर्नेंस से जुड़ते हैं।  सुश्री प्रिया रविवार देर शाम आयोजित माथुर सभा, भोपाल के 'दीपावली मिलन समारोह' में सम्मानित होने के बाद उपस्थित स्वजातीय बंधुओं को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि वे इस धारणा से सहमत नहीं हैं कि प्रशासनिक सेवाओं में कायस्थ समाज का प्रतिनिधित्व लगातार कम हो रहा है, हालाँकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि जिन राज्यों में कायस्थ ज़्यादा संख्या में  हैं, वहाँ ऐसी धारणा बनना स्वाभाविक है, क्योंकि युवाओं का झुकाव निजी क्षेत्र और आकर्षक पैकेज के प्रति है। उन्होंने कहा कि यदि समाज के युवा प्रशासनिक सेवा परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते हैं, तो वे हर क़दम पर मार्गदशन करने को तैयार हैं।     सुश्री प्रिया ने जीवन में वर्क-लाइफ संतुलन की ज़रूरत को रेखांकित करते हुए अपनी कामयाबी का मूलमंत्र साझा किया। उन्होंने कहा कि माता- पिता के आशीर्वाद और उनके प्रोत्साहन के बिना जीवन में कुछ भी संभव नहीं हैं। सुश्री प्रिया पारीख 2006 बैच की आईएएंडएएस अधिकारी हैं। उनके पास वर्तमान में महालेखाकार (लेखापरीक्षा-प्रथम) मध्यप्रदेश, ग्वालियर का अतिरिक्त प्रभार है। नृत्य-गायन की प्रस्तुतियों ने समां बाँधा समारोह में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने नृत्य और गायन की एक से बढ़ कर एक प्रस्तुतियाँ देकर समां बाँध दिया। सबसे पहले रचना माथुर ने पिया तोसे नैना लागे रे… गीत पर मोहक अंदाज़ में प्रस्तुति दी। इसके बाद, श्रावणी माथुर ने झूठी- मूठी मितवा…. गीत पर अपनी नृत्य भंगिमाओं से जमकर तालियाँ बटोरीं। अर्पित माथुर ने फ्यूज़न पर नृत्य पेश किया। छोटे बच्चों में मास्टर दैविक और गीतिका ने अपने-अपने नृत्यों से सभी का दिल जीत लिया।  कार्यक्रम में मनोज माथुर, दिनेश माथुर, राजेश माथुर, भारत भूषण माथुर और अर्पित माथुर ने गीत पेश किए। नव विवाहित दंपती अर्पित- सारिका के युगल गीत 'आजकल तेरे-मेरे प्यार के चर्चे'…. को लोगों ने ख़ूब पसंद किया। 'स्मारिका' का विमोचन दीपावली मिलन समारोह में माथुर सभा, भोपाल की 'स्मारिका' का विमोचन पूर्व अपर मुख्य  सचिव प्रेम प्रकाश माथुर और समाज के अन्य गणमान्य अतिथियों जयराज किशोर माथुर, आरएस माथुर, सतीश माथुर, डॉ. अशोक माथुर और पीयूष माथुर ने किया। सभा के अध्यक्ष अनिल माथुर और सचिव शिवमोहन माथुर ने सभी का स्वागत किया। 'स्मारिका' में सारगर्भित लेखों, कविताओं और माथुर सभा के चैरिटी कार्यों के अलावा भोपाल डिवीज़न के माथुर परिवारों की डायरेक्टरी है। समारोह का प्रारंभ पारंपरिक रूप से दीप प्रज्ज्वलित करने और श्री चित्रगुप्त जी महाराज के चित्र के समक्ष पुष्प अर्पित करने के साथ हुआ। कल्पना, नीना, रीता शालिनी, शोभा, लता और बीना ने  चित्रगुप्त जी की आरती और गणेश वंदना प्रस्तुत की। संचालन रविंद्र माथुर और अर्पित माथुर ने किया। recent visitors 106

मध्य प्रदेश में 6वीं से 8वीं क्लास के बच्चों के लिए खुशखबरी, ‘नो बैग डे’ के लिए सरकार ने जारी की गाइडलाइन

भोपाल स्कूली शिक्षा में लर्निंग एजुकेशन और व्यवहारिक शिक्षा को बढ़ाने के उद्देश्य से सीएम डा. मोहन यादव के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नो बैग डे के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं. शिक्षा विभाग जारी की गई नई गाइडलाइन्स में बच्चों को माह में एक दिन बिना बैग के ही स्कूल आना होगा. मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वालों बच्चों में व्यवहारिक शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए 'नो बैग डे' को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं. यानी सरकारी स्कूलों में महीने के एक शनिवार 'नो बैग डे' रहेगा और बच्चों को स्कूल बिना बैग के ही स्कूल आना होगा. महीने के एक शनिवार को सरकारी स्कूलों में रहेगा नो बैग डे मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग द्वारा जारी नई गाइडलाइन्स के मुताबिक अब प्रदेश के सभी कक्षा 6वीं से 8वीं क्लास तक के स्कूलों कम से कम एक शनिवार को बैग लेस डे रहेगा. गाइडलाइन के मुताबिक नो बैग डे वाले दिन स्कूलों में पढ़ाई के अलावा बच्चों को विभिन्न सांस्कृतिक, साहित्यिक और व्यवहारिक गतिविधियां करवाई जाएंगी. बच्चों के तनाव को खत्म करने के लिए लिया गया फैसला मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग ने बच्चों के तनाव को दूर करने के लिए नो बैग डे कांसेप्ट लेकर आई है. बैग लेस डे को लेकर राज्य शिक्षा केन्द्र ने जिला शिक्षाधिकारियों और जिला परियोजना समन्वयक को निर्देश जारी किये हैं. शिक्षा विभाग का मानना है कि पारंपरिक शिक्षा से इतर महीने के एक दिन व्यवहारिक गतिविधियों में संलग्न होने से बच्चों का तनाव कम होगा. नो बैग डे के लिए गतिविधियों का कैलेंडर शाला के प्राचार्य व शिक्षक मिलकर तैयार करेंगे. गतिविधि ट्रेनिंग में खेती की आधुनिक पद्धतियों जैसे पॉलीफॉर्मिंग, ऑर्गेनिक फॉर्मिंग, औषधीय पौधों की जानकारियां और खेती में उपयोग होने वाले आधुनिक उपकरणों की जानकारी शामिल होंगी. राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में रखा गया है नो बैग डे का प्रावधान राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में यह प्रावधान रखा गया है कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे 21वीं सदी के कौशल से परिचित हो सकें, इसके लिए कक्षा-6 से 8 तक के स्कूल के बच्चों के लिए प्रत्येक माह में न्यूनतम एक शनिवार को बस्ते-विहीन दिवस का आयोजन हो, इन दिवसों में विद्यार्थियों को व्यावहारिक कौशल की जानकारी दी जाए,  बैग लेस डे के बच्चों से कराए जाएंगे क्राफ्ट, ड्राइंग और पेंटिग नो बैग डे के लिए जारी दिशा-निर्देश में महीने के एक दिन होने वाले गतिविधियों में क्रॉफ्ट, ड्राइंग, पेंटिंग, मिट्टी के खिलौनों का निर्माण, मुखौटे, डॉल-मेकिंग और अनुपयोगी सामग्री से वस्तुओं का निर्माण शामिल है. वहीं साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में बच्चों के बीच लोकगीत-नृत्य, लघु नाटिका, कविता पाठ, कहानी लेखन गतिविधियां करवाई जाएंगी.  बैग लेस डे के लिए प्राचार्य व शिक्षक तैयार करेंगे कैलेण्डर नो बैग डे के लिए गतिविधियों को कैलेंडर शाला के प्राचार्य और शिक्षक मिलकर तैयार करेंगे. गतिविधि ट्रेनिंग में बच्चों को खेती की आधुनिक पद्धतियों की जानकारी भी जाएगी. इसके लिए पॉलीफॉर्मिंग, ऑर्गेनिक फॉर्मिंग, औषधीय पौधों की जानकारियां और खेती में उपयोग होने वाले आधुनिक उपकरणों की जानकारी भी शामिल है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में यह प्रावधान रखा गया है कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे 21वीं सदी के कौशल से परिचित कराने के लिए कक्षा-6 से 8 क्लास के बच्चों के लिए माह का एक दिन बस्ता-विहीन दिवस हो,जिसमें उनको व्यावहारिक कौशल की जानकारी दी जाए. नो बैग डे के दिन ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कर सकेंगे छात्र नो बैग डे के दिन छात्रों को ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण के अलावा लघु उद्योग व्यवसाय जैसे मधुमक्खी-पालन, मुर्गी एवं मछली-पालन इत्यादि की जानकारी दी जाएगी. इसके अलावा बच्चों को स्थानीय बैंक, पुलिस थाना, अस्पताल और अनाज मण्डी का भ्रमण कराया जाएगा और बच्चों को हथकरघा, खिलौने निर्माण जैसी इकाइयों से परिचय कराया जाएगा. recent visitors 150

दोनों पक्षों के झगड़े में 6 लोग घायल, राजस्थान-करौली में बच्चों की कहासुनी में बड़ों ने चलाए लाठी-डंडे

करौली. जिला मुख्यालय स्थित मेला गेट के पास आपसी विवाद को लेकर दो पक्षों में झगड़ा हो गया। झगड़े में जमकर लाठी-डंडे चले, जिसमें 6 लोग घायल हो गए। घायलों को करौली जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया है, जहां उनका उपचार जारी है, कोतवाली पुलिस मामले की जांच में जुटी है। कोतवाली थाना प्रभारी निरंजन कुमार ने बताया कि मेला दरवाजे के पास बच्चों के खेलने के दौरान कहासुनी हो गई और ये झगड़े में बदल गई। इसके बाद दो पक्ष आमने-सामने हो गए और इनके बीच जमकर चले लाठी-डंडे में 6 लोग घायल हो गए। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को करौली जिला चिकित्सालय पहुंचाया। घायलों में शेर सिंह पुत्र लख सिंह राजपूत, जय सिंह पुत्र उग्र सिंह, पप्पू सिंह पुत्र खेम सिंह राजपूत, समय सिंह पुत्र उग्र सिंह राजपूत, वसीम पुत्र सलीम और  नदीम पुत्र सलीम घायल हुए हैं। बहरहाल करौली अस्पताल में सभी घायलों का इलाज जारी है। कोतवाली थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है। recent visitors 86

इंदौर पुलिस ने वीवीआईपी की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने “एंटी ड्रोन सिस्टम डिवाइस” को अपने सुरक्षा तंत्र में शामिल किया

 इंदौर इस्राइल के युद्ध में आपने कई बार एंटी ड्रोन सिस्टम के बारे में सुना होगा। कुछ इसी तरह का सिस्टम इंदौर में भी बन गया है। इंदौर पुलिस ने वीवीआईपी की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ और सुरक्षित बनाने के लिए अत्याधुनिक "एंटी ड्रोन सिस्टम डिवाइस" को अपने सुरक्षा तंत्र में शामिल किया है। डेढ़ साल की मेहनत के बाद तैयार की गई इस डिवाइस का परीक्षण हाल ही में कनाड़िया थाने में सफलता के साथ किया गया। व्यापक क्षेत्र में नजर रखने में सक्षम है यह सिस्टम अतिरिक्त डीसीपी अमरेंद्र सिंह चौहान ने परीक्षण के दौरान इस तकनीक की जानकारी देते हुए बताया कि यह डिवाइस हाईराइज बिल्डिंग पर दूरबीनधारी जवानों की तरह एक व्यापक क्षेत्र में नजर रखने में सक्षम है। यह एंटी ड्रोन सिस्टम एक किलोमीटर के दायरे में आसमान में किसी भी अज्ञात ड्रोन या संदिग्ध वस्तु को पहचानने की क्षमता रखता है। जैसे ही कोई ड्रोन या संदिग्ध वस्तु इस दायरे में प्रवेश करती है, इस डिवाइस से एक अलार्म बज उठता है और वह वस्तु की तस्वीर भी कैप्चर कर लेता है। पुलिस विभाग का दावा है कि मध्य प्रदेश में पहली बार इस तरह की उन्नत तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जो संभावित खतरे की स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया देने में सक्षम है। विज्ञापन सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी बेहतर सुरक्षा मिलेगी इस डिवाइस का सबसे पहला उपयोग 12 नवंबर को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इंदौर दौरे के दौरान किया जाएगा। उपराष्ट्रपति अपने इस दौरे में शहर में एक निजी कार्यक्रम में शिरकत करेंगे और उज्जैन में आयोजित 66वें अखिल भारतीय कालिदास समारोह में भी शामिल होंगे। इस मौके पर सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं, जिसमें "एंटी ड्रोन सिस्टम डिवाइस" का प्रयोग पहली बार किया जाएगा। इस नई तकनीक के माध्यम से इंदौर पुलिस उपराष्ट्रपति की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक नहीं होने देना चाहती है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित सिंह, डीसीपी जोन 2 अभिनय विश्वकर्मा और पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने इस परीक्षण के दौरान इस तकनीक को सफलतापूर्वक परखते हुए डिवाइस बनाने वाली टीम की सराहना की। इस नई तकनीक से पुलिस विभाग को न केवल वीवीआईपी सुरक्षा बल्कि विभिन्न प्रकार के सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी बेहतर सुरक्षा देने में मदद मिलेगी। हवाई सुरक्षा को लेकर एक नया स्तर यह डिवाइस तकनीक के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, क्योंकि आज के समय में ड्रोन के बढ़ते उपयोग के कारण सुरक्षा में जोखिम बढ़ गए हैं। ऐसे में, इंदौर पुलिस का यह प्रयास अत्याधुनिक सुरक्षा तकनीक को अपनाने और शहर को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। इस डिवाइस के निर्माण में "पिसर्व टेक्नोलॉजी" के विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इस टीम में कंपनी के सीईओ अभिषेक मिश्रा के साथ दुर्गेश शुक्ला, रोशनी शुक्ला और अक्षत सिंह चौहान भी शामिल रहे। उनके सामूहिक प्रयास और निपुणता के कारण इस तकनीक का सफल निर्माण और परीक्षण संभव हो पाया है। इस डिवाइस को तैयार करने का उद्देश्य यह है कि किसी भी वीवीआईपी या सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान हवाई सुरक्षा को लेकर एक नया स्तर स्थापित किया जा सके। recent visitors 167

छत्तीसगढ़ में कुल 400 आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित, आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सालाना लगभग सवा करोड़ मरीजों की ओपीडी

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए राज्य सरकार बेहद संवेदनशील है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए स्वास्थ्य बजट को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल  स्वास्थ्य सेवाओं को सजग रूप से आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। राज्य स्तर पर डीकेएस और मेकाहारा जैसे अस्पताल अत्याधुनिक तकनीकों से लैस हो रहे हैं तो वहीं संभाग स्तर पर सुपर स्पेशिलिटी अस्पतालों का कार्य निरंतर जारी है। इसी तरह से जिले और ब्लाक स्तर पर आयुष्मान आरोग्य मंदिर राज्य के लोगों की सेहत का विशेष ध्यान रख रहे हैं। छत्तीसगढ़ में वर्तमान में कुल 400 आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हैं। ये आयुष्मान आरोग्य मंदिर आयुर्वेद के मूलभूत सिद्धांतों की सामान्य जानकारी एवं रोगों के घरेलू उपचार तथा औषधियों की जानकारी प्रदान करने में बेहद मददगार साबित हो रहे हैं । इसके अंतर्गत संपूर्ण 12 सेवाओं का आयुष पद्धति के माध्यम से क्रियान्वयन किया जा रहा है जिससे मरीजो को लगातार लाभ मिल रहा है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर में योग प्रशिक्षकों के माध्यम से जनसामान्य को दैनिक योगाभ्यास हेतु प्रेरणा एवं प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है ताकि मरीज शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से स्वस्थ रहें। आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) द्वारा निरंतर मरीजों का इलाज किया जा रहा है एवं उनकी देखभाल की जा रही है। राज्य सरकार की इस पहल से लोगों को लगातार लाभ भी मिल रहा है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सालाना 1 करोड़ 38 लाख ओपीडी और मासिक 3 लाख एनसीडी मरीजों का इलाज हो रहा है जो अपनी सफलता की कहानी स्वयं बयां करता है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर में प्रदान की जाने वाली मुख्य 12 स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत गर्भावस्था एवं प्रसव के दौरान देखभाल, नवजात एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं, बाल एवं किशोर स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं, परिवार नियोजन गर्भनिरोधक सेवाएं और अन्य प्रजनन स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम सहित संचारी रोगों का प्रबंधन, सामान्य संचारी रोगों का प्रबंधन तथा तीव्र साधारण बीमारियों और छोटी बीमारियों के लिए बाह्य रोगी देखभाल शामिल हैं। इसी तरह से गैर संचारी रोगों की जांच, रोकथाम, नियंत्रण और प्रबंधन, सामान्य नेत्र और ईएनटी समस्याओं की देखभाल, बुनियादी मौखिक स्वास्थ्य देखभाल, वृद्धजन एवं उपशामक स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं, आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं तथा  मानसिक स्वास्थ्य बीमारियों की जांच और बुनियादी प्रबंधन जैसी सेवाएं भी शामिल हैं। recent visitors 42