Wednesday, July 8, 2026 8:08 am

बाबा सिद्दीकी से पहले हिटलिस्ट में थे सलमान, शूटर का बड़ा खुलासा

मुंबई बॉलीवुड एक्टर सलमान खान को लेकर शॉकिंग खुलासा हुआ है. एक्टर की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. कुछ महीने पहले ही NCP लीडर और सलमान के जिगरी दोस्त बाबा सिद्दीकी की हत्या कर दी गई थी. अब बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में खुलासा हुआ है की उनसे पहले सलमान खान को मारने की प्लानिंग थी. आरोपियों ने पुलिस से पूछताछ में बताया है कि गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की हिटलिस्ट में सलमान खान का भी नाम था. आरोपियों ने ये भी खुलासा किया है, लेकिन सलमान की कड़ी सुरक्षा के कारण शूटर सलमान तक नहीं पहुंच सके. सलमान को लगातार मिल रही धमकियों की वजह से उन्हें हाई सिक्योरिटी दी गई है. एक्टर हमेशा सुरक्षा घेरे में ही कहीं भी आते जाते हैं.   शूटिंग साइट पर पहुंचा संदिग्ध बीते दिन ही खबर आई थी कि सलमान की शूटिंग साइट पर एक अनजान शख्स ने अवैध तरीके से प्रवेश किया था. संदिग्ध पाए जाने पर जब उससे पूछताछ की गई तो शख्स ने कहा- बिश्नोई को बोलूं क्या? इसके बाद उसे पूछताछ के लिए तुरंत शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन ले जाया गया. सलमान की शूटिंग दादर वेस्ट में चल रही थी. मौजूदा लोगों के मुताबिक, सलमान का कोई फैन था जिसे शूटिंग देखनी थी, सिक्योरिटीज के रोकने पर झगड़ा हुआ और उसने गुस्से में लॉरेस बिश्नोई का नाम लिया.      शूटर सलमान खान पर करना चाहते थे हमला जांच में यह बात भी सामने आई है कि आरोपी जब सलमान खान पर हमला करने में नाकामयाब रहे तो उन्होंने अपना पूरा ध्यान बाबा सिद्दीकी और उनके बेटे जीशान सिद्दीकी पर केंद्रित कर दिया. 12 अक्टूबर को वे बाबा सिद्दीकी की हत्या करने में सफल रहे, लेकिन जीशान बाल-बाल बच गए, क्योंकि वह हत्या से कुछ मिनट पहले ही अपने कार्यालय से निकल गए थे.  एक अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान हमें जिस तरह की जानकारियां मिली हैं, वह इस ओर इशारा करती हैं कि आरोपियों ने सलमान खान के घर की एक बार रेकी की थी. तब उन्होंने देखा कि सलमान खान के घर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है. इसके अलावा उन्होंने यह भी पाया कि सलमान खान अपनी बिल्डिंग के अंदर से ही अपनी गाड़ी में बैठकर बाहर निकलते हैं, जिसकी वजह से उनके पास जाना नामुमकिन है. इसके बाद आरोपियों ने सलमान खान से ध्यान हटाकर बाबा सिद्दीकी पर ध्यान केंद्रित कर दिया. लॉरेंस गैंग की धमकियों के कारण अभिनेता पहले से ही वाई प्लस कैटेगरी की सुरक्षा में थे. बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद उनके सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों की संख्या और बढ़ा दी गई थी. फिलहाल उनकी सुरक्षा में लगभग 50-60 पुलिस अधिकारी तैनात हैं, साथ ही दो एस्कॉर्ट व्हीकल भी हैं.    recent visitors 59

अंतःरामनिवास रावत का इस्तीफा हुआ मंजूर, नए वनमंत्री के लिए इन नेताओं के नाम बटोर रहे सुर्खियां, जल्द होगा फैसला

भोपाल  मध्य प्रदेश की विजयपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव में हार के बाद वनमंत्री रामनिवास रावत ने 2 दिसंबर को इस्तीफा दिया। विदेश दौरे से लौटने के बाद CM डॉ. मोहन यादव ने रावत के इस्तीफे को अनुशंसा के लिए राज्यपाल मंगू भाई पटेल के पास भेजा। बुधवार (4 दिसंबर) को राम निवास रावत का इस्तीफा मंजूर हो गया है। रावत का इस्तीफा मंजूर होते ही अब नए वन मंत्री की तलाश शुरू हो गई है। रावत की कुर्सी पर बैठने के लिए कई नेताओं के नाम सियासी गलियारों में सुर्खियां बटोर रहे हैं। आइए जानते हैं कौन हैं वो नेता। कुर्सी पाने की होड़ शुरू वनमंत्री की कुर्सी पाने के लिए कई नेताओं ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। अपने-अपने स्तर पर ताकत लगा रहे हैं। सियासी गलियारों में पूर्व वन मंत्री नागर सिंह चौहान और विजय शाह के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है। जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने दिल्ली में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव से भेंट की थी। पिछली सरकार में शाह के पास वन विभाग था। नागर सिंह के पास था वन मंत्रालय नागर सिंह चौहान अलीराजपुर से विधायक हैं। नागर की पत्नी अनीता सिंह चौहान रतलाम से बीजेपी सांसद हैं।  रावत को वन मंत्री बनाए जाने से पहले यह महकमा मंत्री नागर सिंह चौहान के पास था। उनसे वन विभाग छीने जाने पर चौहान ने नाराजगी भी जताई थी और बात दिल्ली तक पहुंची थी। ऐसे में उनकी भी दावेदारी इस पद के लिए मानी जा रही है। हाल ही में नागर सिंह ने दिल्ली में पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की थी।   शिवराज सरकार में वनमंत्री थे विजय शाह हरसूद विधायक कुंवर विजय शाह मोहन सरकार में जनजातीय कार्य मंत्री हैं। शिवराज सिंह चौहान की सरकार में विजय सिंह वनमंत्री की जिम्मेदारी संभान चुके हैं। रावत के इस्तीफे के बाद विजय शाह का नाम भी वनमंत्री के लिए चल रहा है। दो दिन पहले शाह का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया था। वीडियो में शाह से पूछा गया था कि रावत के इस्तीफे के बाद वन मंत्री का पद खाली है, क्या वे वन मंत्री बन सकते हैं। इस पर शाह बिना कोई जवाब दिए मुस्कुरा कर चल दिए थे। इनके नाम भी बटोर रहे सुर्खियां नागर सिंह और विजय शाह के अलावा भी कई नेताओं के नाम वनमंत्री के लिए सुर्खियां बटोर रहे हैं। रहली विधायक गोपाल भार्गव, विजयराघवगढ़ विधायक संजय पाठक, पाटन विधायक अजय विश्नोई सहित कई विधायकों के नाम भी चर्चा में हैं। इनके अलावा मोहन कैबिनेट में कमजोर विभाग वाले मंत्रियों की निगाहे भी इस विभाग पर हैं। हालांकि इसका अंतिम फैसला मुख्यमंत्री को ही करना है।   1. मंत्रिमंडल विस्तार और किसी नए चेहरे को जिम्मेदारी मंत्रिमंडल में रावत के इस्तीफे के बाद मोहन कैबिनेट में अब कुल 32 मंत्री हैं। विधानसभा सदस्यों की संख्या के हिसाब से संवैधानिक व्यवस्था के मुताबिक अधिकतम 35 मंत्री (मुख्यमंत्री सहित) रह सकते हैं। इस हिसाब से 3 मंत्रियों की गुंजाइश है, लेकिन मंत्रिमंडल विस्तार की फिलहाल कोई संभावना नहीं दिख रही है। ऐसी राजनीतिक परिस्थितियां भी नहीं हैं कि संगठन या सरकार के लिए विस्तार मजबूरी हो। 2. मौजूदा मंत्रियों में से किसी को वन विभाग सौंपा जाए इसकी संभावना ज्यादा है। किसी आदिवासी मंत्री को यह जिम्मेदारी मिल सकती है, क्योंकि रावत से पहले यह विभाग आदिवासी मंत्री नागर सिंह के पास ही था। नागर सिंह भी खुलकर दावेदारी कर चुके हैं। आदिवासी चेहरों में पीएचई मंत्री संपतिया उइके प्रबल दावेदार हैं। आदिवासियों से जुड़े मुद्दों के मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव फील्ड में उन्हें आगे करते रहे हैं। इससे सरकार महिला और आदिवासी दोनों वर्गों में मैसेज देगी। दूसरे दावेदार जनजातीय कार्य मंंत्री विजय शाह हैं जो दिल्ली तक लॉबिंग कर चुके हैं। शिवराज सरकार में वन विभाग उनके पास रह चुका है। दो दिसंबर को इस्तीफा मंजूर, 4 को नोटिफिकेशन रावत का इस्तीफा दो दिसंबर को मंजूर किया गया। इसका नोटिफिकेशन सामान्य प्रशासन विभाग ने 4 दिसंबर को जारी किया। सीएम डॉ मोहन यादव के जर्मनी और यूके से 30 नवंबर को भोपाल लौटने के बाद मंत्री रावत ने उनसे मुलाकात की थी। माना जा रहा है कि सीएम से मुलाकात के बाद ही इस्तीफे को स्वीकार करने पर अंतिम फैसला हुआ है। सीएम यादव की अनुशंसा के बाद इस्तीफा राजभवन को भेजा गया। उपचुनाव रिजल्ट आते ही राहत ने दिया था इस्तीफा वनमंत्री राम निवास रावत ने 23 नवंबर को विजयपुर विधानसभा उपचुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद उसी शाम मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि तब से इस पर फैसला पेंडिंग था। मुख्यमंत्री 24 नवंबर को विदेश के लिए रवाना हो गए और तीस नवंबर को भोपाल लौटे। इसके बाद रावत की उनसे मुलाकात हुई और अब इस्तीफे को मंजूरी मिली है। वन मंत्री बनने के सवाल पर मुस्कुरा कर रह गए थे शाह वन मंत्री रह चुके कुंवर विजय शाह का दो दिन पहले एक वीडियो भी सामने आया था। इसमें जब शाह से पूछा गया कि रावत के इस्तीफे के बाद वन मंत्री का पद खाली है, क्या वे वन मंत्री बन सकते हैं। इस पर शाह बिना कोई जवाब दिए मुस्कुरा कर चल दिए थे। सीएम के पास जीएडी, गृह, जेल, खनिज जैसे महकमे मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अपने पास कई महत्वपूर्ण विभाग रखे हैं। इसमें सामान्य प्रशासन विभाग के अलावा गृह, जेल विभाग, औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन, जनसंपर्क, नर्मदा घाटी विकास विभाग, विमानन, खनिज, लोक सेवा प्रबंधन, प्रवासी भारतीय विभाग शामिल हैं। विभागों के नए बंटवारे में सीएम अपने पास से भी कुछ विभाग दूसरे मंत्रियों को दे सकते हैं।   recent visitors 107

रेल कर्मचारी संगठनों के मान्यता के लिए मतदान की शुरुआत

भोपाल ! रेल कर्मचारी संगठनों के मान्यता के लिए मतदान की शुरुआत हो गई है, तीन दिनों तक चलने वाले मतदान में भोपाल मंडल के लगभग 16 हजार रेल कर्मचारी अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, इसके तहत 6 दिसंबर तक चुनाव प्रक्रिया चलेगी, इसमें रेलवे के अधिकाधिक, अधिकारी, कर्मचारी ने मतदान के माध्यम से हिस्सा लिया, चुनाव को लेकर आज सुबह से ही रेल परिसर में सक्रियता बनी रही, जहां विभिन्न यूनियन ने अलग अलग काउंटर लगाकर, कर्मचारियों को अपनी अपनी यूनियन के पक्ष में मतदान के लिए प्रेरित किया, वहीं पश्चिम मध्य रेलवे कर्मचारी परिषद भोपाल मंडल के अध्यक्ष उमेश शर्मा ने हमें बताया कि, हमारे मुख्य मुद्दे हैं पुरानी पेंशन बहाल की जाए, जो सामाजिक सुरक्षा के लिए बहुत बड़ी जरूरत है, कर्मचारियों का आत्म सम्मान लौट आया जाए, हमारा जो 18 महीने का एरियस है, जो नहीं दिया है वह दिया जाए, बोनस की सीलिंग हटाई जाए, एचटीसी ओपन जो किया जाए ऐसे अनेकों मुद्दे हैं, जिनको लेकर हम चुनाव मैदान में है, वही कर्मचारियों से आग्रह करता हूं कि, अपना बहुमूल्य मत चक्र मुट्ठी बाली को देकर भारी मतों से विजय बनाएं recent visitors 118

रुक-रुककर कई बार हुई फायरिंग, छत्तीसगढ़-नारायणपुर में नक्सली मुठभेड़ में हेड कांस्टेबल शहीद

नारायणपुर. छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में सुरक्षाबलों के जवानों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ मुठभेड़ में डीआरजी नारायणपुर के प्रधान आरक्षक बिरेंद्र कुमार सोरी शहीद हो गए हैं। शहीद जवान बिरेंद्र कुमार सोरी 2010 में नारायणपुर जिला बल में आरक्षक के पद में भर्ती हुए थे और साल 2018 में नक्सल ऑपरेशन में वीरतापूर्ण कार्य के लिए प्रधान आरक्षक के पद पर उनका प्रमोशन हुआ था। जिला नारायणपुर व कोंडागांव से डीआरजी और बीएसएफ की संयुक्त टीम अबूझमाड़ क्षेत्र के लिए रवाना हुई थी। आज दोपहर से संयुक्त सुरक्षाबलों की टीम और नक्सलियों के बीच रुक-रुककर फायरिंग हो रही बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने मुठभेड़ की जानकारी दी। recent visitors 69

युवक के दोनों पैर कुचले, छत्तीसगढ़-रायगढ़ में झगड़े में दोस्त को ट्रक से सामने धकेला

रायगढ़. छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में मामूली बात में उपजे विवाद के बाद दोस्त की हत्या करने के इरादे से उसे ट्रक के सामने धक्का देने का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी को हत्या के प्रयास के मामले में अपराध दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। मामला खरसिया थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के मुताबिक खरसिया पुलिस ने हत्या के प्रयास के मामले में 25 वर्षीय आरोपी यशवंत ऊर्फ अरुण सारथी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है। आरोपी की गिरफ्तारी उस घटना के बाद हुई, जिसमें यशवंत ने अपने 18 वर्षीय दोस्त बसंत कुमार सारथी को जानलेवा इरादे से ट्रक के सामने धकेल दिया था। भागवत कथा में हुआ था झगडा घटना 13 नवंबर को ग्राम उल्दा में हुई, जहां श्रीमद भागवत कथा के दौरान यशवंत का झगड़ा उदित नारायण नामक व्यक्ति से हो गया था। बसंत ने झगड़े को शांत कराया, लेकिन बाद में यशवंत ने उदित को मारने का इरादा बनाया। इस पर बसंत ने रोकने की कोशिश की। बसंत को आई गंभीर चोट बताया जा रहा है कि झगड़ा शांत होने के बाद दोनों पैदल नेशनल हाईवे-49 होकर अपने घर लौट रहे थे। यशवंत ने अचानक गुलशन की दुकान के पास बसंत को तेज रफ्तार ट्रक के सामने धक्का दे दिया। इस घटना में बसंत का सिर ट्रक से टकरा गया और दोनों पैर बुरी तरह कुचल गए। गंभीर हालत में उसे रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों को उसके दोनों पैर काटने पड़े। आरोपी को भेजा गया जेल पीड़ित बसंत ने 2 दिसंबर को थाना खरसिया में इस घटना की लिखित शिकायत की। थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित के शिकायत आवेदन के आधार पर आरोपी के खिलाफ धारा 110 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर आरोपी यशवंत सारथी पिता साध राम सारथी उम्र 25 साल निवासी ग्राम उल्दा थाना खरसिया को गिरफ्तार किया। recent visitors 54

रेल विभाग के नियमों के अनुसार ट्रेड यूनियन मान्यता के लिए,चुनाव का आगाज

भोपाल ! ट्रेड यूनियन मान्यता के लिए,चुनाव का आगाज आज से हो गया है,इसके तहत 6 दिसंबर तक चुनाव प्रक्रिया चलेगी,इसमें रेलवे के अधिकाधिक, अधिकारी,कर्मचारी ने मतदान के माध्यम से हिस्सा लिया,चुनाव को लेकर आज सुबह से ही रेल परिसर में सक्रियता बनी रही, जहां विभिन्न यूनियन ने अलग अलग काउंटर लगाकर कर्मचारियों को अपनी-अपनी यूनियन के पक्ष में मतदान के लिए प्रेरित किया,वहीं पश्चिम मध्य रेलवे कर्मचारी परिषद के कोषाध्यक्ष राहुल राज रोहित ने हमें बताया कि,इस बार मतदाताओं के मूड को देखकर लग रहा है कि, सभी बदलाव के मूड में हैं,क्योंकि दोनों मान्यता प्राप्त संगठन से कर्मचारी परेशान हैं, इसलिए हर कोई चाहता है कि,इस बार बदलाव हो ताकि पश्चिम मध्य रेलवे कर्मचारी परिषद कर्मचारियों के हक और हित की रक्षा करने के लिए लड़ सके,वहीं सुबह से ही चुनाव स्थल के आसपास बने रहकर रेल अधिकारी, कर्मचारियों को समर्थन देने के लिए प्रेरित करते रहे recent visitors 105

दक्षिण क्षेत्र में बूंदाबांदी के आसार, छत्तीसगढ़-उत्तरी और मध्य भागों में बढ़ेगी ठंड

रायपुर. छत्तीसगढ़ में फेंगल चक्रवाती तूफान का असर कम हो गया है।  इन दिनों मौसम साफ है। चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से एक-दो जगहों पर हल्की बारिश के आसार हैं। वहीं एक बार फिर से न्यूनतम तापमान गिरावट का दौर शुरू होने वाला है। मध्य और उत्तर भागों में न्यूनतम तापमान 1 से 3 डिग्री तक गिरावट होने की संभावना है। वहीं दक्षिणी भागों में न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगी। मौसम विभाग के अनुसार, पूर्व-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्व अरब सागर पर निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ है। यह आज शाम तक इसके पश्चिम की ओर बढ़ने और काम स्पष्ट होने की संभावना है। यही वजह है कि प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आ गई है। एक दो जगह पर ही हल्की से हल्की मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम एक्सपर्ट ने बताया कि छत्तीसगढ़ के उत्तर और मध्य भागों में आगामी दो दिनों में न्यूनतम तापमान में 1 से 3 डिग्री तक गिरावट होने की संभावना है। इसके बाद कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगी। वहीं दक्षिणी भागों में आगामी 5 दिनों में न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। इस दौरान दक्षिण क्षेत्र में कुछ जगहों पर हल्की से हल्की मध्यम बारिश हो सकती है। आज गुरुवार को प्रदेश के एक-दो जगह पर हल्की मध्यम बारिश के आसार हैं। बुधवार को प्रदेश के एक-दो जगह पर हल्की मध्यम बारिश हुई है। सबसे अधिक बारिश बस्तर जिला के तोकापाल स्टेशन में दर्ज की गई है। वहीं प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान दंतेवाड़ा और बालोद में दर्ज किया गया है। यहां 32.9 डिग्री अधिकतम तापमान रहा। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 9.9 डिग्री बलरामपुर में दर्ज किया गया। यह प्रदेश के सबसे ठंड इलाका रहा। वही रायपुर में न्यूनतम तापमान सामान्य से 6 डिग्री ज्यादा रहा। recent visitors 65