Tuesday, July 7, 2026 2:42 am

‘भाषण दिया, माला पहनी, अब रिजाइन करो’, वरना… हिम्मत रखकर निर्मला सप्रे से इस्तीफा ले BJP, जीतू पटवारी

‘Given speech, wore garland, resign now’, otherwise… BJP should take courage from Nirmala Sapre and resign, Jitu Patwari भोपाल । कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। हाईकोर्ट ने विधानसभा की सदस्यता रद्द करने की याचिका पर उन्हें नोटिस जारी किया है। कोर्ट के इस कदम के बाद जीतू पटवारी ने सप्रे पर तीखा हमला बोला। जीतू पटवारी ने कहा कि विधायक निर्मला सप्रे से कोर्ट ने जवाब मांगा है। वह अपना जवाब पेश करें, क्योंकि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। भारतीय जनता पार्टी के कार्यक्रम में मंच पर जाकर दिए भाषण पर निर्मला सप्रे अपना स्पष्ट जवाब दें, और इस्तीफा दें। अगर वह रिजाइन नहीं करेंगी तो दल-बदल कानून के अंतर्गत हम कोर्ट के माध्यम से इस्तीफा लेंगे और चुनाव करवा कर चुनाव जीतेंगे। दरअसल, विधायक निर्मला सप्रे की विधायकी निरस्त करने की मांग को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसकी सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर की एकल पीठ ने विधायक को नोटिस जारी किया था। अगली सुनवाई के लिए 19 दिसंबर की तारीख तय की है। बता दें कि निर्मला सप्रे बीते दिनों भाजपा के कार्यक्रम में भी शामिल हुई थी। इसके बाद कांग्रेस ने उन्हें विधानसभा में अपने साथ बैठाने से इंकार कर दिया था। निर्मला सप्रे की सदस्यता निरस्त करने के लिए कांग्रेस ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा था। विधानसभा अध्यक्ष ने कांग्रेस की याचिका पर कोई फैसला नहीं दिया था। इसके बाद कांग्रेस ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। गौरतलब है कि विधानसभा का शीतकालीन सत्र जल्द ही शुरू होने वाला है। इसके पहले कांग्रेस ने निर्मला सप्रे की सदस्यता रद्द करने की मांग की है। कांग्रेस ने दलबदल कानून के तहत निर्मला सप्रे पर कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि अनुसूची 10 के तहत अगर कोई विधायक दल बदलता है तो उसकी सदस्यता निरस्त होती है। निर्मला सप्रे पर भी इसी के तहत कार्रवाई हो। recent visitors 112

PM मोदी ने एस.एम. कृष्णा के निधन पर जताया दुख

बेंगलुरु एस.एम. कृष्णा का राजनीतिक सफर लगभग 60 साल लंबा रहा। 1962 में अमेरिका से लौटने के बाद उन्होंने अपना पहला चुनाव लड़ा। उनकी सेवाओं के लिए 2020 में उन्हें भारत के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान, पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। कृष्णा ने 2017 में कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थामा। हालांकि, भाजपा में शामिल होने के बाद वह राजनीति में ज्यादा सक्रिय नहीं रहे। उन्हें खास तौर पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के लिए याद किया जाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने एस.एम. कृष्णा के निधन पर जताया दुख प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एसएम कृष्णा के निधन पर शोक व्यक्त किया। पीएम मोदी ने उनकी सराहना करते हुए उन्हें एक उल्लेखनीय नेता बताया जो कर्नाटक में ढांचागत विकास पर ध्यान केंद्रित करने के लिए जाने जाते हैं। पूर्व विदेश मंत्री और कर्नाटक के मुख्यमंत्री सोमनहल्ली मल्लैया कृष्णा का मंगलवार तड़के बेंगलुरू स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। वह 92 वर्ष के थे और उनका उम्र संबंधी बीमारियों का इलाज चल रहा था। अपनी बौद्धिक क्षमता और प्रशासनिक कौशल के लिए जाने जाने वाले एस एम कृष्णा का राजनीतिक करियर पांच दशक से भी ज्यादा समय तक शानदार रहा। वह एक पाठक और विचारक भी थे एक एक्स पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा, “एस.एम. कृष्णा एक असाधारण नेता थे, जिनकी प्रशंसा हर वर्ग के लोग करते थे। उन्होंने हमेशा दूसरों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए अथक प्रयास किया। कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल खासकर बुनियादी ढांचे के विकास पर उनके ध्यान के लिए उन्हें याद किया जाता है। वह एक पाठक और विचारक भी थे।” पीएम मोदी ने कहा-उनके निधन से मुझे गहरा दुख हुआ उन्होंने एक्स पर आगे लिखा कि पिछले कुछ वर्षों में मुझे एसएम कृष्णा जी के साथ बातचीत करने के कई अवसर मिले हैं, और मैं उन बातचीत को हमेशा याद रखूंगा। उनके निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं। ओम शांति। कृष्णा अपने समय के सबसे सफल नेताओं में से एक थे 1 मई, 1932 को कर्नाटक के मद्दुर में जन्मे कृष्णा ने मैसूर के महाराजा कॉलेज और बेंगलुरु के गवर्नमेंट लॉ कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की, उसके बाद टेक्सास के सदर्न मेथोडिस्ट यूनिवर्सिटी और वाशिंगटन डीसी के जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी से एडवांस डिग्री हासिल की। ​​प्रतिष्ठित फुलब्राइट स्कॉलरशिप प्राप्तकर्ता कृष्णा अपने समय के सबसे सफल नेताओं में से एक थे। उन्होंने 1999 से 2004 तक कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया, जिसके दौरान उन्होंने बेंगलुरू को वैश्विक आईटी हब में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यूपीए सरकार के तहत 2009 से 2012 तक विदेश मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल ने एक प्रतिष्ठित राजनेता के रूप में उनकी प्रतिष्ठा को और मजबूत किया। उन्होंने महाराष्ट्र के राज्यपाल (2004-2008) और कर्नाटक विधानसभा का अध्यक्ष (1989-1993) पद भी संभाला। 2017 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जॉइन की थी कांग्रेस के दिग्गज रहे कृष्णा ने वैचारिक मतभेदों का हवाला देते हुए 2017 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जॉइन कर ली। अपनी सेवानिवृत्ति तक कर्नाटक की राजनीति में मार्गदर्शक बने रहे। उनके योगदान के सम्मान में, उन्हें 2023 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। कृष्णा की सार्वजनिक सेवा के प्रति प्रतिबद्धता और कर्नाटक के लिए उनके दृष्टिकोण ने राज्य के शासन और विकास पर एक अमिट छाप छोड़ी। सक्रिय राजनीति से दूर रहने के बाद भी, कर्नाटक की सांस्कृतिक विरासत के साथ उनका जुड़ाव मजबूत रहा। मुख्यमंत्री के रूप में कृष्णा ने कर्नाटक, खासतौर पर बेंगलुरु, को आईटी सेक्टर का बड़ा केंद्र बनाने में अहम भूमिका निभाई। उनके प्रयासों से बेंगलुरु को एक वैश्विक आईटी हब के रूप में पहचान मिली। उनके कार्यकाल में कई चुनौतियां भी आईं, जैसे वीरप्पन द्वारा डॉ. राजकुमार का अपहरण और कावेरी जल विवाद के कारण राज्य में हिंसक प्रदर्शन। एस.एम. कृष्णा को उनकी दूरदर्शिता और विकास कार्यों के लिए हमेशा याद किया जाएगा, खासकर बेंगलुरु और कर्नाटक में आईटी क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए। recent visitors 65

सड़क चौड़ीकरण के कारण अतिक्रमण के दायरे में आ रही नूरी जामा मस्जिद पर चला प्रशासन का बुलडोजर

लखनऊ यूपी की योगी सरकार ने अवैध निर्माण पर ऐक्शन लिया है। सड़क चौड़ीकरण के कारण अतिक्रमण के दायरे में आ रही ललौली स्थित 180 साल पुरानी नूरी जामा मस्जिद पर मंगलवार सुबह प्रशासन बुलडोजर चल गया। भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच अतिक्रमण के दायरे में आने वाले हिस्से को जमींदोज किया जा रहा है। एएसपी, एडीएम, आरएएफ, पीएसी समेत कई थानो का फोर्स मौके पर मौजूद हैं। बता दें कि बीते 24 सितम्बर को पीडब्ल्यूडी ने सड़क चौड़ीकरण को लेकर अतिक्रमण अभियान चलाया था। उस दौरान मस्जिद कमेटी से जुड़े लोगो ने स्वयं से अतिक्रमण हटाने के लिए एक माह का समय मांगा था। लेकिन तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया। इस बीच मस्जिद कमेटी का पक्ष हाईकोर्ट पहुंचा था। हाईकोर्ट ने 13 दिसंबर को सुनवाई की डेट तय की थी लेकिन इसके पहले ही प्रशासन ने मस्जिद के अतिक्रमण वाले हिस्से को जमीदोंज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। एएसपी विजय शंकर मिश्रा ने बताया कि अतिक्रमण के जद में हिस्से को हटाया जा रहा है। मस्जिद के हिस्से को ध्वस्त करने के लिए दो बुलडोजरों का इस्तेमाल किया गया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था, लेकिन पूरी ध्वस्तीकरण प्रक्रिया शांतिपूर्वक चली। recent visitors 130

किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तमाशा करने का आरोप लगाया, कहा- ये लोग सदन की कार्यवाही नहीं चलने दे रहे

नई दिल्ली संसद में अडानी, जॉर्ज सोरोस से सोनिय गांधी के लिंक जैसे मुद्दों पर जोरदार हंगामा जारी है। राहुल गांधी ने तो सोमवार को नरेंद्र मोदी और गौतम अडानी के मुखौटा लाए दो सांसदों का मॉक इंटरव्यू भी लिया था। लेकिन अंदर लोकसभा और राज्यसभा में हंगामा जारी रहा और दोनों सदनों को कई बार स्थगित करना पड़ा। इस बीच केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तमाशा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ये लोग सदन की कार्यवाही नहीं चलने दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि आखिर कांग्रेस टीशर्ट पहनकर तमाशा क्यों करती है। इस बीच मंगलवार को एक बार संसद की कार्य़वाही शुरू होते ही स्थगित हो गई। किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी को समझाने की जरूरत है। हमारे पास बिल पास कराने के लिए जरूरी संख्या है। कांग्रेस को सदन की गरिमा का ख्याल रखना चाहिए और चर्चा में हिस्सा लेना चाहिए। वहीं अडानी के मसले पर कांग्रेस के प्रदर्शन पर भी मंत्री ने सवाल उठाया। किरेन रिजिजू ने कहा कि अमेरिकी अदालत के मामले को लेकर यहां तमाशा करने से क्या फायदा होगा। राज्यसभा में तो सभी दलों के सांसद चाहते हैं कि सदन चले। हमसे सपा, कांग्रेस, टीएमसी समेत कई दलों के सांसद मिले हैं और बोले कि सदन चलना चाहिए। इस पर मैंने कहा कि राहुल गांधी को समझाओ। उन्हें आम लोगों से तो कोई लेना-देना नहीं है। उनका अपना स्टाइल है और तमाशा करते रहते हैं। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि मैं एक बात साफ कर दूं कि जनता के हित के लिए जो भी बिल लाने होंगे, हम लेकर आएंगे। लेकिन हम चाहते हैं कि बिलों पर चर्चा हो। इसलिए एकतरफा पास नहीं करना चाहते। चर्चा होने से संसद की गरिमा बढ़ेगी। इस बीच कांग्रेस की नई सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि हम तो चर्चा चाहते हैं। सरकार ही सदन में परेशानी खड़ी कर रही है और संसद नहीं चलने दे रही। बता दें कि राज्यसभा में भी सोमवार को हंगामा हुआ और खरगे ने तो सीधे स्पीकर जगदीप धनखड़ पर ही सवाल उठा दिया और कहा कि आप तय करके आए हैं कि विपक्ष को बोलने ही नहीं दिया जाएगा। ऐसा करके आप लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं। आपने मंत्री को बोलने दिया, पर हमें मौका नहीं मिला। recent visitors 73

कॉन्सर्ट के बाद बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे दिलजीत दोसांझ

उज्जैन देशभर में कॉन्सर्ट कर रहे सिंगर-एक्टर दिलजीत दोसांझ उज्जैन के महाकाल मंदिर पहुंचे हैं. सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर उन्होंने अपने बाबा महाकाल के दर्शन दिए. इतना ही नहीं, दिलजीत दोसांझ बाबा महाकालेश्वर की भस्म आरती में भी शामिल हुए. जहां वह शिव भक्ति में डूबे नजर आए. दिलजीत दोसांझ का रविवार को इंदौर मे एक कॉन्सर्ट था. जहां बवाल भी देखने को मिला था. अब वह इन हंगामों के बीच दिलजीत कड़ी सुरक्षा में महाकाल मंदिर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने भगवान महाकाल के दर्शन किए. सफेद धोती-कुर्ता पहने सिंगर ने ओम नाम को चोला ओढ़ा तो शिव नाम का तिलक भी लगाया. साथ ही आरती भी करते दिखे. दिलजीत दोसांझ ने किए दर्शन सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में वह चांदी दुवार से बाबा के समक्ष मथा टेकते दिखे. वह कुछ देर मंदिर में रुके और बाबा का ध्यान लगाया. सिंगर ने खुद भी वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है. जहां उन्होंने कैप्शन में लिखा, 'जय श्री महाकाल.' बजरंग दल ने की थी कॉन्सर्ट रोकने की मांग दिलजीत दोसांझ इस वक्त Dil-Luminati Tour के तहत देशभर के शहरों में कॉन्सर्ट कर रहे हैं. 8 दिसंबर को उन्होंने इंदौर में परफॉर्म किया. इससे पहले बजरंग दल ने सिंगर के कॉन्सर्ट कैंसिल करने की मांग की थी. संगठन ने दावा किया था कि सिंगर के कॉन्सर्ट में शराब के स्टॉल्स लगे होते हैं और साथ ही ड्रग्स का सेवन भी होता है. recent visitors 91

पंडित धीरेंद्र शास्त्री के भाई ने संबंध तोड़ने की कही थी बात, फिर आज दी सफाई

छतरपुर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण भाई सौरव गर्ग उर्फ शालिग्राम शास्त्री का एक वीडियो सोमवार की रात वायरल हुए था, जिसमें वे धीरेंद्र शास्त्री से अपना रिश्ता तोड़ने की बात कहते हुए नजर आ रहे थे, उन्होंने वीडियो में कहा था कि उनसे संबंधित किसी भी विषय को धीरेंद्र शास्त्री या बागेश्वर धाम से न जोड़ा जाए, उन्होंने इसकी जानकारी कोर्ट में भी दे दी है. लेकिन अब शालिग्राम गर्ग का एक और वीडियो आया है, जिसमें वह धीरेंद्र शास्त्री से संबंध तोड़ने के मुद्दे पर सफाई देते नजर आ रहे हैं. धीरेंद्र शास्त्री के भाई ने डाला वीडियो मंगलवार को धीरेंद्र शास्त्री के भाई ने दूसरा वीडियो डाला, जिसमें वह कहते हुए नजर आ रहे हैं 'उनका कोई उद्देश्य ऐसा नहीं है, हमारा उद्देश्य हमेशा सही करने का रहा है, लेकिन उसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा था. अपनी हरकतो से बागेश्वर धाम और सनातन की छवि खराब न हो इसलिए वह वीडियो जारी किया था. बागेश्वर बालाजी सरकार और बागेश्वर महाराज जी के प्रति आस्था है. इसलिए उन्हें बिल्कुल भी ठेस न पहुंचाए. हमने केवल वह वीडियो माफी और सभी सनातनी हिंदू और साधु संतों से झमा मांगने के लिए जारी किया था. लेकिन उसे गलत तरीके से पेश किया गया है. आप लोग उस वीडियो पर यकीन न कर और न ही उसे फैलाएं. महाराजजी हिंदू एकता के कार्य में लगे हैं.' शालिग्राम गर्ग ने क्या कहा? शालिग्राम गर्ग ने सोशल मीडिया पर 2 मिनट 6 सेकंड का वीडियो जारी कर कहा, "उनकी ओर से किए जाने वाले कामों से पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और बागेश्वर धाम की छवि धूमिल होती है, इसलिए उनका नाम पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से जोड़कर नहीं लिया जाए." उन्होंने माफी मांगते हुए कहा, "भविष्य में उनकी ओर से किए गए किसी भी कार्य को पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री या बागेश्वर धाम से न जोड़ा जाए, उनके सभी संबंध समाप्त हो चुके हैं." पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के छोटे भाई शालिग्राम गर्ग का कई बार मारपीट और अन्य ऐसे मामलों में नाम सामने आ चुका है, जिसमें पुलिस कार्रवाई भी हो चुकी है. इनमें टोल टैक्स पर मारपीट का एक प्रकरण भी शामिल है.  इसके अलावा कई बार अन्य विवादों की वजह से भी शालिग्राम गर्ग सुर्खियां बटोर चुके हैं. इन मामलों की वजह से पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की छवि पर प्रभाव पड़ता है. शायद यही वजह है कि उन्होंने पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से औपचारिक रूप से नाता तोड़ दिया है. छतरपुर में पर्चियां के माध्यम से लोगों की समस्या का समाधान करने वाले पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के देश-विदेश में लाखों भक्त हैं. उन्होंने हिंदुत्व को आगे बढ़ते हुए भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की भी मांग उठाई. उन्होंने हाल ही में बागेश्वर धाम से ओरछा तक बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के साथ हिंदू सनातनी एकता यात्रा भी निकाली. इस माध्यम से हिंदुओं को जागरूक करने के साथ-साथ एकजुट करने की कवायद की गई है. बागेश्वर धाम के ऑफिशियल फेसबुक ग्रुप पर भी जारी     बागेश्वर धाम के ऑफिशियल फेसबुक ग्रुप पर भी जारी किया गया है कि सोमवार शाम से एक वीडियो बहुत वायरल हो रहा है कि पूज्य सरकार के अनुज शालिग्राम गर्ग जी ने संबंध विच्छेद कर लिए।     यहां लिखा गया है कि ऐसा बिल्कुल नहीं है। ये उनके भाव थे कि उनकी किसी गलती का जिम्मेदार पूज्य सरकार या बागेश्वर धाम पीठ ना माना जाए। कुछ मीडिया के बंधु इसे लगातार चला रहे हैं। उनसे अनुरोध है ऐसे किसी गलतफहमी से बचें।     इस वीडियो के माध्यम से शालिग्राम ने सभी कुछ स्पष्ट कर दिया है। बता दें शालिग्राम अक्सर मारपीट जैसे मामलों से विवादित रहे हैं। इससे पहले भी कई तरह के आरोप प्रत्यारोपों से घिरे रहे हैं। भागवत कथा के समापन के बाद रविवार की रात्रि को पंडित धीरेन्द्र शास्त्री टीकमगढ कोतवाली टीआई पंकज शर्मा के करैरा स्थित निवास पर पहुंचे। उनके निवास पर पहुंचकर सभी परिवार जनों से शास्त्री जी ने मुलाकात कर सभी को आर्शीवाद प्रदान किया। जैसे ही करैरा वासियों को पंडित धीरेन्द्र शास्त्री के पंकज शर्मा के निवास पर पहुंचने की जानकारी मिली, तो हजारों श्रद्धालुओं का उनके निवास पर तांता लग गया। recent visitors 40

वाहनों की थमी रफ्तार, छत्तीसगढ़-गौरेला पेंड्रा मरवाही में घने कोहरे के कारण घटी विजिबिलिटी

गौरेला पेंड्रा मरवाही. अमरकंटक की तराई में बसे गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में सोमवार को एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। इलाके में घना कोहरा छाया हुआ है। कोहरे के चलते मौसम काफी खुशनुमा बना हुआ था। हालांकि घने कोहरे के चलते सड़कों पर विजिबिलिटी लगभग पांच मीटर के आसपास रह गई। कोहरे के चलते सड़कों पर चलने वाले वाहनों की रफ्तार पर भी असर देखने को मिला। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में आज मौसम का बदला अंदाज देखने को मिला है। सुबह से पूरा जिला घने कोहरे की चादर से लिपटा रहा और इलाके में कोहरा इतना घना था कि विजिबिलिटी महज पांच मी ही रह गई थी। हालांकि, कल हल्का बूंदाबांदी भी कुछ जगहों में हुई थी। वहीं आने वाले दिनों में मौसम एक-दो दिनों ऐसा ही बने रहने की संभावना है। मौसम का यह बदला मिजाज लोगों को खूब रास आ रहा है। शानदार मौसम के लिए एक अलग पहचान रखने वाला गौरेला पेंड्रा मरवाही इलाके में इन दिनों मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। आज सुबह जब लोग घर से बाहर निकले तो मौसम देखकर ऐसा एहसास होने लगा। जैसे कि वह किसी हिल स्टेशन में हो पूरा इलाका घने कोहरे की चादर में लिपटा हुआ था। कोहरा इतना घना था, वहीं कोहरे की वजह से सड़कों में वाहन चलाना मुश्किल हो रहा था। जिससे दिन के वक्त भी वाहन लाइट जलाकर चलने को विवश रहे। घने कोहरे की वजह से सूर्य की रोशनी भी नहीं पहुंच पा रही है। मौसम का यह बदला मिजाज लोगों को खूब रास आ रहा है। स्थानीय लोग बता रहे हैं। वहीं कोहरे के चलते सड़कों पर चलने वाले वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई है और लोग दिन में भी अपने वाहनों के लाइट जलाकर चला रहे है। वहीं मौसम जानकारों की मानें तो मौसम साफ होने के बाद एक बार फिर ठंड बढ़ेगी। recent visitors 73