खरगोन में बड़ा हादसा, मजदूरों से भरी पिकअप पलटी, 27 घायल

 खरगोन खरगोन जिले के मंडलेश्वर थाना क्षेत्र के जामगेट पर बुधवार को रात 8 बजे मजदूरों से भरा पिकअप वाहन पलट गया। इसमें 27 लोग घायल हुए हैं। मामले में एसपी धर्मराज मीना मौके पर पहुंचे। घायलों को मंडलेश्वर अस्पताल लाया गया। जानकारी के अनुसार मजदूर प्याज लगाकर महू के बडगौंदा थाने के नहारखेडा गांव से अपने घर मण्डलेश्वर थाने के भुदरी और रामदड गांव लौट रहे थे। वाहन का ब्रेक फेल होने से वह पलट गया। पेट्रोलिंग कर लौट रहे एसपी धर्मराज मीना मौके पर पहुंचे। सभी घायलों को एम्बुलेंस, प्राइवेट वाहनों और खुद के वाहन से एसपी ने मंडलेश्वर अस्पताल पहुंचाया। सभी घायल खतरे बाहर हैं और इनका उपचार किया जा रहा है। इधर… आए दिन ट्रैफिक जाम की वजह से इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर हो रहे विवाद इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर यातायात का दबाव लगातार बढ़ते जा रहा है। इसमें अब घटनाओं के साथ ही लोगों के बीच विवाद भी होने लगे है। इसी तरह का मामला मंगलवार दोपहर को इंदौर रोड स्थित संतोषी माता मंदिर के सामने देखने को मिला। ग्राम सेल्दा की और से आ रहे चार पहिया वाहन चालक और दो अज्ञात व्यक्ति का विवाद हो गया। इसमें अज्ञात व्यक्ति ने सेल्दा निवासी जियाराम पटेल के साथ मारपीट करके घायल कर दिया। विवाद देख लोगों की भीड़ एकत्रित हो गए। आरोपित मौके से हुआ फरार जियाराम को बड़वाह के शासकीय अस्पताल लाया गया। जहां उपचार जारी है। वहीं आरोपित मौके से फरार हो गया। जानकारी के अनुसार ग्राम सेल्दा निवासी सुरेंद्र पटेल अपने साथी जियाराम पटेल के साथ कार से बड़वाह की और आ रहा था। ट्रैफिक के कारण कार धीरे-धीरे चल रही थी। बोला रांग साइड चल रहे हो तभी संतोषी माता मंदिर के समीप अचानक दो अज्ञात व्यक्ति आए और कहने लगे की रांग साइड चल रहे हो और ड्राइवर साइड के ग्लास पर घुसा मार कर तोड़ दिया। उससे बात करने के लिए कार में बेठे जियाराम पटेल बाहन निकले थे। अज्ञात व्यक्ति ने मारपीट करके घायल कर दिया। इसके बाद विवाद देख मौके पर भाग गया। प्रत्येक्षदर्शियो ने बताया कि युवक विवाद करने के बाद कार के सामने लेट गया था, कह रहा था। मुझे टक्कर मार दी। लोगों ने उसे उठाया तो वह भीड़ देख कर भाग गया। घायल जियराम पटेल ने पुलिस थाने पहुंच कर प्रकरण दर्ज करवाया है। recent visitors 66

मप्र लोक सेवा आयोग इसी माह खाली पदाें पर अधिसूचना जारी करेगा, 1459 असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर निकलेगी वैकेंसी

इंदौर मध्यप्रदेश के शासकीय कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के खाली पदों पर भर्ती के लिए लोक सेवा आयोग (MPPSC) इसी माह अधिसूचना जारी करने वाला है। इस बार कुल 1459 पदों के लिए भर्ती की जाएगी, जिसमें सबसे ज्यादा 158 पद केमेस्ट्री विषय के हैं। पिछली बार दिसंबर 2022 में आई वैकेंसी में सबसे अधिक 200 पद अंग्रेजी विषय के थे, जबकि इस बार अंग्रेजी में 96 पद उपलब्ध हैं। छह विषयों में केवल एक-एक पद होगा, और कुछ विषयों जैसे लॉ में एक भी पद नहीं है। पिछली बार 1669 पदों के लिए अधिसूचना जारी की गई थी, जबकि इस बार संख्या कम है। अंतिम समय में 150 पद और जोड़े जाने की संभावना है। अंतिम समय में बढ़ सकते हैं पद इस बार लाइब्रेरियन के लिए कोई पद नहीं है, जबकि पिछली बार 255 पद थे। कुल 35 विषयों के लिए पिछली अधिसूचना आई थी, जबकि इस बार 26 विषयों के लिए जारी होगी। स्पोर्ट्स ऑफिसर के 128 पद उपलब्ध हैं, जबकि बायोटेक्नोलॉजी जैसे विषय अभी अधिसूचना में शामिल नहीं हैं, लेकिन अंतिम समय में इन पदों को जोड़ा जा सकता है। प्रोफेसरों के रिटायरमेंट के कारण खाली पदों की संख्या में वृद्धि उच्च शिक्षा विभाग में कुल 12,389 स्वीकृत पद हैं, जिनमें प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, स्पोर्ट्स ऑफिसर और लाइब्रेरियन शामिल हैं। वर्तमान में लगभग 6,823 पदों पर फैकल्टी कार्यरत हैं, जबकि 5,566 पद खाली हैं। इनमें से 2,053 पदों की परीक्षा हो चुकी है और आगामी दिनों में 1,542 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बावजूद लगभग 2,000 पद खाली रह जाएंगे। प्रोफेसरों के रिटायरमेंट के कारण खाली पदों की संख्या में वृद्धि हो रही है। कॉलेजाें में 5566 पद खाली, भर्ती के बाद भी 2 हजार खाली रहेंगे उच्च शिक्षा विभाग के 12 हजार 389 पोस्ट स्वीकृत हैं। इनमें प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, स्पोर्ट्स ऑफिसर, लाइब्रेरियन पद शामिल हैं। वर्तमान में करीब 6823 पद फैकल्टी कार्यरत हैं। करीब 5566 पद खाली हैं। इनमें से 2053 पदों के लिए परीक्षा कराई जा चुकी है। आने वाले दिनों में 1542 पदों के लिए भर्ती आएगी। इसके बाद भी करीब 2 हजार पद खाली रह जाएंगे। प्रोफेसर्स के रिटायरमेंट से पद भी लगातार खाली हो रहे हैं। recent visitors 77

मध्य प्रदेश के स्कूलों में हुई 10 दिन की छुट्टी, बढ़ गया शीत कालीन अवकाश

भोपाल एमपी में बीतते वर्ष को विदाई देने व नए साल के स्वागत में जश्न मनाने के लिए स्कूली बच्चों को खासी छुट्टियां मिल गई हैं। प्रदेश के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में शीतकालीन अवकाश की घोषणा कर दी गई है। एमपी में राज्य सरकार के कोर्स वाले सरकारी और प्राइवेट स्कूलों तथा केंद्र सरकार के सीबीएसई, आईसीएसई कोर्स वाले स्कूलों में अलग अलग अवकाश अवधि की घोषणा की गई है। प्रदेश के केंद्रीय स्कूलों में जहां 9 और 10 दिन की छुट्टी रहेगी वहीं राज्य सरकार के स्कूलों में केवल 5 दिन की छुट्टी दी गई है। हालांकि रविवार पड़ जाने के कारण राज्य सरकार के स्कूली बच्चों का शीतकालीन अवकाश भी एक दिन और बढ़ गया है। स्कूली बच्चों को ऐसे में 6 दिन की लगातार छुट्टी मिल रही है। छात्रों को इस समय एक साथ पांच से लेकर दस दिन तक की छुट्टियां मिलेंगी, जो उन्हें 31 दिसंबर से 4 जनवरी तक मिलने वाली छुट्टियों के साथ मिलकर अधिक लंबी हो गई हैं। छुट्टियों की अवधि में विभिन्न विद्यालयों के लिए बदलाव मध्य प्रदेश में सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के साथ-साथ केंद्रीय और अन्य बोर्ड के स्कूलों में छुट्टियों की अवधि अलग-अलग होगी। राज्य सरकार से संबद्ध स्कूल: प्रदेश के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 31 दिसंबर से 4 जनवरी तक 5 दिन की शीतकालीन छुट्टी घोषित की गई है। हालांकि, 5 जनवरी को रविवार होने के कारण बच्चों को एक और दिन की छुट्टी मिल रही है। इस तरह, राज्य सरकार के स्कूलों के छात्र 6 जनवरी से स्कूलों में वापस लौटेंगे। सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के स्कूल सीबीएसई और आईसीएसई से संबद्ध स्कूलों में शीतकालीन अवकाश की अवधि अधिक होगी। सीबीएसई के स्कूलों में 24 दिसंबर से 1 जनवरी तक यानी 9 दिन की छुट्टी रहेगी, और स्कूल 2 जनवरी से खुलेंगे। वहीं, आईसीएसई बोर्ड से संबद्ध स्कूलों में छुट्टियां 24 दिसंबर से 2 जनवरी तक होंगी, यानी 10 दिन की छुट्टी होगी। केंद्रीय विद्यालयों में शीतकालीन अवकाश: केंद्रीय विद्यालयों में भी छुट्टियों की घोषणा की गई है। इन स्कूलों में 31 दिसंबर से 2 जनवरी तक अवकाश रहेगा, और 3 जनवरी से स्कूल खुलेंगे। केंद्रीय विद्यालय के अधिकारियों के अनुसार, यह अवकाश छात्रों के लिए कल यानी 31 दिसंबर से शुरू हो जाएगा।  इधर एमपी के सीबीएसई बोर्ड के स्कूलों में 24 दिसंबर से 1 जनवरी 2025 तक का यानि 9 दिनों का शीतकालीन अवकाश रहेगा। अब 2 जनवरी 2025 को ये स्कूल खुलेंगे। मध्यप्रदेश के स्थानीय कोर्स के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 31 दिसंबर से 4 जनवरी 2025 तक का यानि 5 दिनों का शीतकालीन अवकाश घोषित किया गया है। चूंकि 5 जनवरी को रविवार है इसलिए एक दिन का अवकाश बढ़ गया है। ऐसे में एमपी के सरकारी और प्राइवेट स्कूल 6 जनवरी 2025 से लगेंगे। केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 1 के जनसंपर्क अधिकारी डा. कपिल भार्गव के अनुसार केंद्रीय विद्यालयों में शीतकालीन अवकाश घोषित किया गया है। आदेश के अनुसार कल से 2 जनवरी तक स्टूडेंट के लिए अवकाश रहेगा। recent visitors 208

तड़के 5:30 बजे कालापीपल के अंबिका नगर स्थित पंचायत सचिव के निवास पर लोकायुक्त की टीम ने छापा मारा

शाजापुर  गुरुवार तड़के 5:30 बजे कालापीपल के अंबिका नगर स्थित पंचायत सचिव के निवास पर लोकायुक्त की टीम ने छापा मारा। यहां अधिकारियों द्वारा परिजनों से पूछताछ एवं जांच की जा रही है। बताया जाता है कि मुख्य जांच आष्टा में की जा रही है। इसी के तहत ग्राम बमुलिया मूंछाली एवं कालापीपल में भी लोकायुक्त द्वारा कार्रवाई की जा रही है। मामला पंचायत सचिव मुरली शर्मा से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। recent visitors 165

पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल जी की 100वीं जयंती पर ग्वालियर में लगा मानव सेवा का मेला

एम्स के सहयोग से नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन अटलजी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि – मुख्यमंत्री डॉ. यादव शिविर में पहले दिन 13,800 मरीजों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल जी की 100वीं जयंती पर ग्वालियर में लगा मानव सेवा का मेला उद्घाटन समारोह में विधानसभा अध्यक्ष तोमर और सांसद शर्मा भी हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अटल जी जब भारत के प्रधानमंत्री थे तब उन्होंने दिल्ली के एम्स की तर्ज पर भोपाल सहित देश के अन्य राज्यों में एम्स खोलने की शुरूआत की थी, खुशी की बात है उसी भोपाल एम्स की टीम आज ग्वालियर में आयोजित तीन दिवसीय नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर में जरूरतमंद मरीजों का इलाज करने आई है। यह अटल जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को ग्वालियर के एलएनआईपीई में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की शताब्दी जयंती के अवसर पर एम्स के सहयोग से आयोजित हो रहे नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का उदघाटन कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वास्थ्य शिविर में बड़ी तादाद में आए मरीजों को ध्यान में रखकर कहा कि ग्वालियर में एम्स खोलने के लिये राज्य सरकार गंभीरता से पहल करेगी। साथ ही यह भी प्रयास किए जायेंगे कि प्रदेश के सरकारी मेडीकल कॉलेज एम्स की तरह स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में सक्षम हों। उन्होंने ग्वालियर में अटल जी की जयंती पर एम्स के सहयोग से विशाल नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की संरचना तैयार करने के लिये क्षेत्रीय सांसद भारत सिंह कुशवाह की सराहना की। साथ ही चिकित्सकों की बड़ी टीम लेकर शिविर में आने के लिये एम्स प्रबंधन के प्रति भी आभार जताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा पिछले 20 साल में स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी विस्तार किया गया है। वर्ष 2003 तक प्रदेश में केवल 5 मेडीकल कॉलेज और प्रथम वर्ष में सीटों की संख्या मात्र 400 थी। वर्ष 2024 तक प्रदेश में मेडीकल कॉलेज की संख्या 50 हो गई है, जिनमें 17 सरकारी मेडीकल कॉलेज शामिल हैं। साथ ही एमबीबीएस प्रथम वर्ष में सीटों की संख्या 400 से बढ़कर 5 हजार हो गई है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के सभी 55 जिलों में मेडीकल कॉलेज खोलने के लिये पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नए मेडीकल कॉलेज खोलने के साथ जिला चिकित्सालयों, प्राथमिक एवं सामुदायिक अस्पतालों को भी अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से सुसज्जित कर रही है। सरकार द्वारा एलोपैथी के साथ आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक पद्धति को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा केन-बेतवा नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना का शुभारंभ कर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल जी को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आयुष्मान भारत योजना में अब 70 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों को भी शामिल किया गया है। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद जन-प्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी बुजुर्गों को इस योजना से जुड़वाएं, जिससे उन्हें भी 5 लाख रूपए तक नि:शुल्क इलाज की सुविधा मिल सके। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा प्रसन्नता की बात है कि श्रद्धेय अटल जी गाँव, गरीब और किसान के प्रति अत्यंत संवेदनशील थे। हम सबके प्रेरणास्त्रोत स्व. वाजपेयी की जयंती पर मानवता की सेवा के लिये स्वास्थ्य शिविर लगाकर क्षेत्रीय सांसद भारत सिंह कुशवाह ने सराहनीय पहल की है। अटल जी ने देश भर में एम्स का विस्तार करने का जो निर्णय लिया था उसका फायदा आज ग्वालियर और चंबल सहित अन्य समीपवर्ती जिलों के निवासियों को मिल रहा है, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के जो मरीज दिल्ली व भोपाल जाकर एम्स या अन्य बड़े अस्पतालों में इलाज नहीं करवा पाते हैं उनका इलाज करने के लिये एम्स भोपाल ग्वालियर आया है। विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से ग्वालियर में एम्स खोलने के लिये राज्य सरकार की ओर से केन्द्रीय स्तर पर पहल करने का आग्रह किया, जिसे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सहर्ष स्वीकार कर भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार इस दिशा में गंभीरता के साथ प्रयास करेगी। सांसद वी.डी. शर्मा ने कहा कि ग्वालियर की माटी के सपूत अटलजी ने देश का नेतृत्व कर पूरी दुनिया में ग्वालियर का नाम रोशन किया। उनके सपनों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में साकार किया जा रहा है। सांसद शर्मा ने ग्वालियर में एम्स के सहयोग से विशाल स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की सराहना की। सांसद भारत सिंह कुशवाह ने ग्वालियर में एम्स के सहयोग से विशाल नि:शुल्क शिविर आयोजित करने में भरपूर मदद के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार जताया। साथ ही कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश विकास की ऊँचाईयाँ छू रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्पों को मुख्यमंत्री डॉ. यादव पूरी शिद्दत के साथ धरातल पर ला रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सहयोग से ग्वालियर में यह शिविर आयोजित हो सका है। उन्होंने कहा कि इस शिविर में ग्वालियर-चंबल संभाग के सभी जिलों सहित मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश व राजस्थान के समीपवर्ती जिलों के मरीजों को लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मरीजों के हालचाल जाने मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वास्थ्य शिविर की व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। उन्होंने विभिन्न काउण्टर पर जाकर एम्स के चिकित्सकों को शाबाशी दी। साथ ही मरीजों से भेंट कर उनके हालचाल जाने। उन्होंने लीवर की बीमारी से पीड़ित बाबूलाल को आश्वस्त किया कि आप चिंता न करें एम्स के चिकित्सक आपका हर संभव इलाज करेंगे। हजारों मरीज हुए लाभान्वित एलएनआईपीई में आयोजित हो रहे तीन दिवसीय शिविर में बड़ी संख्या में मरीज स्वास्थ्य परीक्षण कराने आ रहे हैं। पहले ही दिन विभिन्न बीमारियों से ग्रसित लगभग 13 हजार 800 मरीजों का एम्स के चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। साथ ही उन्हें नि:शुल्क दवाएं उपलब्ध कराई गईं। स्वास्थ्य परिसर में ईको, ईसीजी, अल्ट्रासाउण्ड व लीवर की जाँच सहित अन्य प्रकार की बीमारियों की पैथोलॉजिकल जाँच भी की जा रही है। शिविर में अब तक लगभग 40 हजार मरीज पंजीकृत हो चुके हैं। यह शिविर 26 व 27 दिसम्बर को भी प्रात: 10 बजे से सायंकाल 5 बजे तक … Read more

महामना की जयंती श्रीगौड़ ब्राह्मण समाज ने समारोहपूर्वक मनाई

( अमिताभ पाण्डेय ) सारंगपुर। श्री गौड़ ब्राह्मण समाज नगर इकाई सारंगपुर द्वारा देशरत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय  की  समारोह पूर्वक जयंती मनाई गई । शास्त्री स्मृति विद्या मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम  की अध्यक्षता समाज के पूर्व जिला अध्यक्ष  गोपाल बिहारी  ने की।  कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मनोहर लाल शर्मा रहे। विशेष अतिथि के रूप में जिला अध्यक्ष  प्रेम शंकर  पांडेय ,  उमाशंकर पांडेय ,नारायण प्रसाद  जोशी ,रमेश चंद्र जोशी, प्रभु दयाल शर्मा , हरिओम तिवारी उपस्थित रहे। समारोह का शुभारंभ विद्या की देवी मां सरस्वती और भारत रत्न पंडित मदनमोहन मालवीय  के चित्र पर माल्यार्पण उपरांत दीप प्रज्वलित कर हुआ । इस अवसर पर अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि सामाजिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए एकता बहुत जरूरी है। समाज के लिए सेवा , त्याग,  समर्पण की भावना से काम करने पर समाज और उससे जुड़े सभी लोग सशक्त होते हैं। हम एक-दूसरे का सहयोग करते हुए आसानी से प्रगति कर सकते हैं। अपने विचार व्यक्त करते हुए अतिथियों ने  कहा कि महामना के जीवन चरित्र को अपनाकर , उनसे प्रेरणा लेकर समाज का हर व्यक्ति स्वयं को श्रेष्ठ बना सकता है।  समारोह के दौरान मां सरस्वती की वंदना कुमारी दृष्टि ज्योति ने  सुमधुर वाणी में प्रस्तुत की ।  कार्यक्रम का संचालन मोहनलाल जोशी ने किया । आभार प्रदर्शन लक्ष्मी चन्द शर्मा ने किया।। समारोह में में  कैलाश चन्द्र जोशी , विष्णु प्रसाद तिवारी, बाबू लाल शर्मा,शिवप्रसाद जोशी ,सिद्धनाथ शर्मा ,सिद्धेश्वर शर्मा ,महेश शर्मा दिनेश पाठक, प्रेम शर्मा,संतोष पाण्डेय, प्रमोद शर्मा अनिल पांडेय, संतोष शर्मा, अजय शर्मा अतुल जोशी अशोक पाण्डेय, अशोक शर्मा,  राकेश पाण्डेय अनिल शुक्ल, मोहन जोशी, जय प्रकाश जोशी , रवि जोशी, अंशुल जोशी संदीप शर्मा, संजय त्रिवेदी, के साथ ही महिलाओं और बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। recent visitors 113

शरद व्याख्यानमाला में साहित्येत्तर विषयों पर हुए व्याख्यान, विभिन्न क्षेत्रों की आठ विभूतियां हुईं सम्मानित

भोपाल भारत के पास अपना चिंतन और दर्शन है। कई सालों तक षडयंत्रपूर्वक भारत को अशिक्षित बताया जाता रहा। लेकिन सोचने वाली बात है कि यदि भारत अशिक्षित देश था तो यहां नालंदा जैसा विश्वविद्यालय और पुस्तकालय कैसे था। प्रकृति की रक्षा का भाव इस देश में कैसे पैदा हुआ? इन सब बातों को केंद्र में रखते हुए हमें हमारे गौरवशाली अतीत को दुनिया के सामने लाना चाहिए। उच्च शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार बुधवार को हिंदी भवन में आयोजित शरद व्याख्यानमाला और सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। म.प्र. राष्ट्रभाषा प्रचार समिति के इस वार्षिक आयोजन में सामयिक विषयों पर व्याख्यान के साथ ही आठ विभूतियों को राष्ट्रीय सम्मान भी प्रदान किये गये। कार्यक्रम की अध्यक्षता मानस भवन के कार्यकारी अध्यक्ष रघुनंदन शर्मा ने की। व्याख्यान माला के अंतर्गत प्रो. शरद सोनी ने ‘वैश्विक संकट: सभ्यतागत संघर्ष की आहट’ तथा प्रो. शंकरशरण ने ‘भारतीयता का संस्कार देने की दिशा’ विषय पर व्याख्यान दिये। मंत्री परमार ने कहा कि हमें हमारी ज्ञान परंपरा की रक्षा के साथ सीमाओं की रक्षा भी करनी चाहिए। हमारी संस्कृति पर हमले करने वाले सीमा पार कर ही आये थे। मानस भवन के कार्यकारी अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि आज 25 दिसंबर का दिन है,यह भारत के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है। इस दिन पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी तथा मदनमोहन मालवीय का जन्म दिवस है। इस दिन के साथ मीठी स्मृतियों के साथ ही कुछ खट्टी यादें भी हैं। समिति के मंत्री संचालक कैलाशचंद्र पंत ने कहा कि समाज में विमर्श का वातावरण बने इसके लिए समिति द्वारा विभिन्न व्याख्यान मालाएं आयोजित की जाती हैं। शरद व्याख्यान माला उन्हीं में से एक है। इसमें साहित्येतर विषयों पर वक्तव्य होते हैं। इसके पूर्व समिति के सहमंत्री डॉ. संजय सक्सेना ने अतिथियों का स्वागत् किया। सरस्वती वंदना राजकुमारी शर्मा ने प्रस्तुत की। संचालन साहित्यकार डॉ. अनिता सक्सेना ने किया तथा आभार प्रदर्शन रंजना अरगड़े ने किया। इनका हुआ सम्मान नरेश मेहता स्मृति वांग्मय सम्मान से सुप्रसिद्ध लेखक प्रमोद भार्गव, वीरेन्द्र तिवारी रचनात्मक सम्मान शिशिर कुमार चौधरी, बैतूल, शैलेश मटियानी कथा सम्मान शीला मिश्रा, भोपाल, सुरेशचन्द्र शुक्ल ‘चन्द्र’ नाट्य सम्मान जयंत शंकर देशमुख, मुंबई,डॉ. प्रभाकर श्रोत्रिय स्मृति आलोचना सम्मान के. वनजा, कोच्ची, शंकरशरण लाल बत्ता पौराणिक सम्मान मोहन तिवारी आनंद, भोपाल, संतोष बत्ता स्मृति सम्मान इंदिरा दाँगी, भोपाल, संतोष श्रीवास्तव कथा सम्मान प्रभा पंत, हल्द्वानी को प्रदान किया गया। प्रभा पंत के अनुपस्थित रहने की दशा में उनकी बेटी ने सम्मान प्राप्त किया। सम्मानित रचनाकारों को नगद राशि शॉल, श्रीफल प्रशस्ति पत्र भेंट किया गया। विदेशी भाषा ने संस्कृति का नुकसान किया व्याख्यानों के चरण में प्रो. शंकर शरण ने ‘भारतीयता का संस्कार देने की दिशा’ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि आज भारत में भारतीयता के संस्कार की दिशा पर बात हो रही है। यह दु:खद स्थिति है। शायद मुगल और ब्रिटिश शासन में भी यह स्थिति नहीं रही। उन्होंने कहा कि हम हमारे संस्कारों से उदासीन क्यों हुए, इन विषयों की पड़ताल करनी होगी। इसकी वजह यह भी हो सकती है कि भौतिक प्रगति की चाह में हमारी शिक्षा और भाषा विदेशी विचारों से प्रभावित रही। अभारतीय भाषा ने हमारे आचार-विचार और संस्कृति को प्रभावित किया। प्रो. शंकर शरण ने कहा कि यदि हमें इससे उबरना है तो हमें दूसरों पर दोषारोपण, दलबंदी और राजनेताओं पर निर्भरता के साथ ही वेद-पुराणों की सीखों को जीवन में उतारना होगा। तभी हम हमारे संस्कारों की पुर्नस्थापना कर पाएंगे। ‘वैश्विक संकट: सभ्यतागत संघर्ष की आहट’ विषय पर शरद सोनी ने कहा कि विश्व में उतार-चढ़ाव आते ही रहते हैं। यह आर्थिक,सामाजिक तथा अन्य तरह के होते हैं। अपनी बात के समर्थन में उन्होंने पूर्व की वैश्विक स्थिति पर तथ्यात्मक और आंकड़ों के साथ अपनी बात रखी।   recent visitors 102