अगले तीन महीने अपराधियों पर सख्त कार्रवाई, प्रशासन एक्शन मोड में

भोपाल। मध्यप्रदेश में अगले तीन महीने तक अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का दौर चलेगा। गृह विभाग ने सभी जिलों के कलेक्टरों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनवरी से मार्च के बीच प्रदेश में कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए अपराधियों पर शिकंजा कसा जाए। आदतन अपराधियों के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई तेज की जाएगी और गंभीर मामलों में कलेक्टर रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) का इस्तेमाल करेंगे। इसके अलावा, सभी जिलों के एसपी कलेक्टर को नियमित रूप से अपराधियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की रिपोर्ट सौंपेंगे। प्रदेश में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में है। आगामी तीन महीने में गुंडों और बदमाशों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की जाएगी। सरकार की इस सख्ती से कानून-व्यवस्था के मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है। recent visitors 249

लोक सेवकों के सैलरी की जानकारी आरटीआई में देना अनिवार्य, हाईकोर्ट का अहम आदेश

जबलपुर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि सूचना का अधिकार अधिनियम (आरटीआई) में लोकसेवकों के वेतन की जानकारी देना अनिवार्य है। गोपनीयता के तर्क पर इसकी सूचना देने से इन्कार नहीं किया जा सकता। न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने लोकसेवकों के वेतन की सूचना देने से इन्कार करने के खिलाफ दायर एक याचिका पर सुनवाई में यह निर्णय दिया। हाई कोर्ट ने लोकसेवकों के वेतन की जानकारी सार्वजनिक महत्व की है, जिसे गोपनीय नहीं माना जा सकता। पूर्व में जारी आदेश निरस्त कर दिया सूचना आयोग और लोक सूचना अधिकारी ने भी इस सूचना को गोपनीय माना था। ऐसे में, एकल पीठ ने इन दोनों के पूर्व में जारी आदेश को भी निरस्त कर दिया। इसके साथ ही याचिकाकर्ता को एक माह में सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। पारदर्शिता के सिद्धांतों के विपरीत याचिकाकर्ता छिंदवाड़ा निवासी एमएम शर्मा की ओर से दलील दी गई थी कि लोक सेवकों के वेतन की जानकारी को सार्वजनिक करना सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा-चार के तहत अनिवार्य है। ऐसे में, लोक सेवकों के वेतन की जानकारी को धारा 8 (1)(जे) का हवाला देकर व्यक्तिगत या तृतीय पक्ष की सूचना बताकर छिपाना अधिनियम के उद्देश्यों और पारदर्शिता के सिद्धांतों के विपरीत है। जानकारी उपलब्ध कराने से इन्कार किया दरअसल, याचिकाकर्ता ने छिंदवाड़ा वन परिक्षेत्र में कार्यरत दो कर्मचारियों के वेतन भुगतान के संबंध में जानकारी मांगी थी। लोक सूचना अधिकारी ने जानकारी को निजी और तृतीय पक्ष की जानकारी बताते हुए इसे उपलब्ध कराने से इन्कार कर दिया था। तर्क दिया गया कि संबंधित कर्मचारियों से उनकी सहमति मांगी गई थी, लेकिन उनका उत्तर न मिलने पर जानकारी गोपनीय होने के कारण उपलब्ध नहीं कराई जा सकती। recent visitors 71

एयर मार्शल मिश्रा ने भारतीय वायुसेना की पश्चिमी कमान संभाली

मुंबई एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा नेभारतीय वायुसेना (IAF) की वेस्टर्न एयर कमांड के कमांडर का पदभार संभाला. यह एक महत्वपूर्ण पद है, जो भारत की पश्चिमी सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करता है. बेंगलुरु, अमेरिका और यूके से ली एडवांस्ड ट्रेनिंग एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को दिसंबर 1986 में फाइटर पायलट के रूप में कमीशन किया गया था. उन्होंने 3,000 घंटे से अधिक की उड़ान का अनुभव प्राप्त किया है. पुणे स्थित नेशनल डिफेंस एकेडमी के ग्रेजुएट एयर मार्शल मिश्रा ने बेंगलुरु के एयर फोर्स टेस्ट पायलट स्कूल, अमेरिका के एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, और यूनाइटेड किंगडम के रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज से एडवांस्ड ट्रेनिंग प्राप्त की है. एयर मार्शल मिश्रा ने एयर मार्शल पंकज मोहन सिन्हा का स्थान लिया है, जो 31 दिसंबर 2024 को रिटायर हो गए. भारतीय वायुसेना में निभाई कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं एयर मार्शल मिश्रा एक फाइटर कॉम्बैट लीडर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट हैं. उन्होंने भारतीय वायुसेना में कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. इनमें एक फाइटर स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर से लेकर एयरक्राफ्ट और सिस्टम टेस्टिंग एस्टेब्लिशमेंट (ASTE) के चीफ टेस्ट पायलट तक की जिम्मेदारियां शामिल हैं. उन्होंने दो अग्रिम वायुसेना ठिकानों की कमान संभाली और संचालन योजना और मूल्यांकन निदेशक, प्रिंसिपल डायरेक्टर (ASR), और एयर मुख्यालय में सहायक वायु स्टाफ प्रमुख (प्रोजेक्ट्स) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है. इसके अलावा, वे ASTE के कमांडेंट और इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (डॉक्ट्रिन, संगठन, और प्रशिक्षण) के डिप्टी चीफ भी रह चुके हैं. इस पदभार से पहले, एयर मार्शल मिश्रा इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (ऑपरेशंस) के डिप्टी चीफ के रूप में कार्यरत थे.   क्या है वेस्टर्न एयर कमांड की भूमिका? वेस्टर्न एयर कमांड भारतीय वायुसेना का सबसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण गठन है, जिसे राष्ट्र की पश्चिमी सीमाओं की रक्षा और संघर्ष के दौरान संचालन सहायता प्रदान करने का दायित्व सौंपा गया है. recent visitors 60

मध्यप्रदेश में मोहन सरकार सरकारी विभागों को कर रही ऑनलाइन, जानें क्या है ई-ऑफिस प्रणाली

भोपाल  नए साल का पहला दिन मध्यप्रदेश में सुशासन की पहल का साक्षी बना है। मध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने ई-गवर्नेंस की नई शुरुआत की है। प्रदेश में ई-ऑफिस सिस्टम लागू हुआ है। इसके बाद से मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय सहित सभी विभागों में ई-ऑफिस सिस्टम लागू हो गया। यानी कागजी नोटशीट फाइलें नहीं चलेंगी, उनकी बजाए ऑनलाइन फाइलें इधर से उधर जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से ई-ऑफिस प्रणाली की शुरुआत की। डिजिटिलाइजेशन के साथ आगे बढ़ रही मोहन सरकार मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि कई जन हितैषी कार्यक्रमों, गरीब, महिला, किसान और युवा वर्ग के कल्याण को फोकस करते हुए एमपी सरकार डिजिटिलाइजेशन के जरिए आगे बढ़ना चाहती है। मुख्यमंत्री कार्यालय सहित मुख्य सचिव अनुराग जैन ने भी मुख्य सचिव कार्यालय में ई-ऑफिस प्रणाली से काम शुरू कर दिया है। क्या है ई-ऑफिस प्रणाली ई-ऑफिस, ऑनलाइन प्रणाली है। इसमें अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक कम्प्यूटर पर बैठकर अपनी फाइलें निपटाएंगे। इससे यह पता चल जाएगा कि कौन सी फाइल किस के पास लंबित है। पुरानी नस्तियों को भी इसमें ढूंढा जा सकेगा। इससे शासकीय कार्य तेजी से संपादित हो सकेंगे। उच्च स्तर पर इसकी मॉनिटरिंग भी आसान होगी। 3 चरणों में प्रदेश में होगा लागू आपको बता दें कि ई-ऑफिस सिस्टम 3 चरणों में पूरे प्रदेश में लागू किया जा रहा है। पहले चरण के तहत 1 जनवरी से मंत्रालय में पूरी तरह लागू किया जा चुका है। अब मंत्रालय में सभी फाइलों का मूवमेंट सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक मोड (ई-फाइल) में ही हो सकेगा। पूरी कार्रवाई पेपरलेस हो जाएगी। दूसरे चरण के तहत सभी विभाग प्रमुखों के कार्यालय और तीसरे चरण में सभी जिला स्तर के कार्यालयों को ई-ऑफिस प्रणाली में जोड़ा जाएगा। पर इसके लिए अंतिम समय तय नहीं किया गया है। इससे पहले मंत्रालय में हाईब्रिड मोड में काम किया जा रहा था। कुछ काम ई-फाइल के जरिए तो कुछ पी-फाइल (पेपर फाइल) के जरिए होते थे। अब सबकुछ ई-फाइल में तब्दील किया गया है। recent visitors 54

भाजपा ने दिल्ली की 70 सीटों के लिए उम्मीदवारों को लेकर मंथन कर लिया, ऐलान जल्द

नई दिल्ली नए साल की शुरुआत में ही होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा में गहमागहमी बढ़ती जा रही है। दिल्ली भाजपा ने सभी 70 सीटों के लिए उम्मीदवारों को लेकर मंथन कर लिया है। अब केंद्रीय नेतृत्व के साथ अनौपचारिक बैठक में इस पर विचार किया जाएगा। इसके बाद केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। दिल्ली विधानसभा चुनाव फरवरी की शुरुआत में होने की संभावना है। पार्टी का प्रचार अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली से शुरू होगा। हरियाणा और महाराष्ट्र की बड़ी जीतों, लेकिन झारखंड के झटके के बाद भाजपा नेतृत्व ने अपनी चुनावी रणनीति को लेकर अंदरूनी तौर पर काफी विचार-विमर्श किया है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी का मानना है कि जहां वह सीधे जनता तक अपना जुड़ाव कायम करने में सफल रही है, वहां उसे जीत मिली है और जहां इस मामले में कमजोर पड़ी, उसे हार का सामना करना पड़ा है। बड़े नेताओं को मैदान में उतारेगी पार्टी : सूत्रों का कहना है कि पार्टी मध्य प्रदेश की तरह दिल्ली में भी अपने अधिकांश बड़े नेताओं को चुनाव लड़ा सकती है। इनमें लोकसभा चुनाव में टिकट कटने वाले पूर्व सांसद, पूर्व विधायक भी शामिल हैं। एक बड़ी दावेदारी पूर्व और मौजूदा पार्षदों की है, लेकिन उनकी छवि को देखते हुए ही फैसला किया जाएगा। इसके लिए पार्टी ने कुछ एजेंसियों से भी संभावित उम्मीदवारों को लेकर फीडबैक लिया है। जनता से जुड़ाव को दिया जा रहा महत्व पार्टी के एक प्रमुख नेता ने कहा कि जनता से जुड़ाव का केवल यह अर्थ नहीं है कि हम हर व्यक्ति से प्रत्यक्ष मिलें, बल्कि सबसे महत्वपूर्ण यह है कि उसे यह लगना चाहिए कि भाजपा की सत्ता में ही बेहतरी होगी। अगर अन्य दल आए तो उनकी अपनी दिक्कतें बढ़ेंगी। यह काम मानस परिवर्तन यानी तथ्यों और स्थितियों के आधार पर मानसिकता में बदलाव लाने का है। ऐसे में साफ-सुथरे, सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को साधते हुए उम्मीदवार उतारने से जीतने की संभावना बढ़ जाती है। recent visitors 63

एक गंभीर घायल, छत्तीसगढ़-जशपुर में नए साल का जश्न मनाने निकले तीन युवाओं की सड़क हादसे में मौत

जशपुर। नए साल के स्वागत के लिए निकले चार दोस्तों की खुशियां भीषण सड़क हादसे के चलते मातम में बदल गईं। स्टेट हाईवे-27 पर कुनकुरी-लवाकेरा मार्ग के तपकरा थाना क्षेत्र के कोतईबीरा के पास रविवार रात एक दर्दनाक दुर्घटना में तीन युवाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर हालत में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। एसडीओपी कुनकुरी विनोद मंडावी ने अमर उजाला को बताया कि बीती रात करीब 10:30 बजे चार युवक एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर तपकरा की ओर जा रहे थे। रास्ते में उनकी बाइक सड़क पर  खड़े एक ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि चारों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। तपकरा थाना प्रभारी खोमराज ठाकुर ने सूचना  तुरंत घटनास्थल पहुंचकर सभी घायलों को अपने शासकीय वाहन से कुनकुरी के निजी अस्पताल पहुंचाया। एसपी शशिमोहन सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कुनकुरी थाना।प्रभारी सुनील सिंह को अस्पताल में डॉक्टरों को तैयार रखने के निर्देश दिए। घायलों के अस्पताल पहुंचने पर निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने एलेन्स तिर्की (18), दीपसन टोप्पो (18), और रोहित चौहान (18) को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल आदित्य बड़ा (18) की हालत नाजुक होने के कारण उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। मृतकों और घायल की पहचान 1. एलेन्स तिर्की (18): निवासी खरीबहार, थाना तुमला 2. दीपसन टोप्पो (18): निवासी बांसाझाल, थाना तपकरा 3. रोहित चौहान (17): निवासी तपकरा,गंभीर घायल:4. आदित्य बड़ा (18): निवासी बांसाझाल, थाना तपकरा इस हादसे के बाद पुलिस ने नए साल के मौके पर शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने सभी थाना प्रभारियों को अलर्ट मोड पर रहने और यातायात सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। एसपी शशिमोहन सिंह ने कहा, इस तरह के हादसे से बचने के लिए लोगों को यातायात नियमों का पालन करना और विशेष रूप से नशे की हालत में वाहन चलाने से बचना चाहिए।यह हादसा केवल एक दुखद घटना नहीं, बल्कि एक चेतावनी भी है कि जीवन अनमोल है और इसे असावधानी से खतरे में नहीं डाला जाना चाहिए। इस हादसे ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर पैदा कर दी है। मृतकों के परिवारों में मातम छा गया है।पुलिस ने सड़क पर लापरवाहीपूर्वक ट्रक खड़ा करने पर मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई कर रही है। recent visitors 58

दरसे में चलता था नकली नोट का कारखाना, यूट्यूब से सीखा बनाना, पांच बीवियों का पति है गिरोह का सरगना

    लखनऊ उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती (Shravasti) में एक मदरसे में नकली नोट छापने का मामला सामने आया है. यहां मदरसा संचालक मुबारक अली उर्फ नूरी ने यूट्यूब से नकली नोट छापने का तरीका सीखा और नोट छापने लगा. इस मामले की भनक लगी तो पुलिस ने छापेमारी कर दी. पुलिस ने मदरसे से प्रिंटर, लैपटॉप, स्याही, 34,500 के नकली नोट और अवैध हथियार बरामद किए हैं. इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. बताया जा रहा है कि मदरसा संचालक की पांच बीवियां हैं, जिनमें एक मदरसे में पढ़ाती है. जानकारी के अनुसार, श्रावस्ती के मदरसे में नकली नोट छापने का धंधा चल रहा था. पुलिस का कहना है कि मदरसा संचालक ने यूट्यूब पर नकली नोटों को छापने का तरीका सीखा था. नकली नोट छापने के इस गिरोह का सरगना मुबारक अली उर्फ नूरी है, जो मल्हीपुर के गंगापुर स्थित मदरसे का प्रबंधक भी है. आरोपी मदरसा संचालक नकली नोट छापकर स्थानीय बाजार में चलाता था. पकड़े गए मदरसा संचालक की पांच बीवियां थीं, एक बीवी इस मदरसे में पढ़ाती थी, जबकि एक घर में रहती थी. इसी के साथ तीन बीवियां और बताई जा रही हैं, लेकिन उनके बारे में ज्यादा जानकारी अभी सामने नहीं आई है. दरअसल, मल्हीपुर में नकली नोटों के छापे जाने की जानकारी मिली थी. इसके बाद पुलिस फैजुरनबी मदरसे में छापा मारा, जहां से प्रिंटर, लैपटॉप, स्याही और 34000 से ज्यादा के नकली नोट के साथ ही असलहे भी बरामद किए. इस दौरान दो आरोपी मदरसे से और तीन आरोपी अन्य जगह से गिरफ्तार किए गए. पुलिस का कहना है कि तीन आरोपी चेकिंग के दौरान नकली नोट और तमंचे के साथ पकड़े गए हैं. नकली नोट बनाने के धंधे में मदरसे का प्रबंधक शामिल था. इस पूरे गिरोह का सरगना भी वही था. 34500 के नकली नोट मिले हैं. वहीं 15000 के असली नोट बरामद हुए हैं. गिरफ्तार आरोपियों में दो श्रावस्ती के रहने वाले हैं, वहीं तीन बहराइच जिले के रहने वाले हैं. पुलिस को अनुमान है कि नकली नोट बनाने का ये धंधा वर्षों से चल रहा था. फिलहाल इस पूरे मामले की जांच पड़ताल की जा रही है.   recent visitors 58