Monday, July 6, 2026 12:25 am

वारदात सीसीटीवी में कैद, राजस्थान-जयपुर में बिजली के खंभों के मेटल कवर चोरी

जयपुर. राजधानी जयपुर के जवाहर सर्किल इलाके में राइजिंग राजस्थान कार्यक्रम के दौरान बिजली के खंभों पर लगाए गए मेटल कवर चोरी होने का मामला सामने आया है। चोर ने बड़ी चालाकी से बिजली पोल के नीचे लगे मेटल कवर को चुराया और फरार हो गया। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें एक ई-रिक्शा सवार व्यक्ति वारदात को अंजाम देते हुए दिखाई दे रहा है। फुटेज में वह साफ तौर पर ई-रिक्शा में रखकर मेटल कवर ले जाता हुआ दिखाई दे रहा है। पुलिस जांच में पता चला कि चोरी में इस्तेमाल किया गया ई-रिक्शा आदर्श नगर निवासी रईस अहमद के नाम पर पंजीकृत है। पुलिस अब ई-रिक्शा के नंबर के आधार पर चोर की पहचान कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी की तलाश की जा ही है। उन्हें जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल वहीं, इस घटना से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय निवासियों ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। वहीं, पुलिस का दावा है कि मामले की जांच तेजी से की जा रही है। आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। recent visitors 65

किसानों को मिलेगा लहसुन की बिक्री का लाभ, सुप्रीम कोर्ट के फैसले से 8 साल का विवाद खत्म

इंदौर  मंडी के बने सरकारी नियम-कायदों में लहसुन को सब्जी की श्रेणी में ही रखा जाएगा। किसान की मर्जी है कि वो चाहे तो अपनी उपजाई लहसुन को सरकारी सिस्टम से बेचे या व्यापारियों के पास ले जाकर बेचे। बिजलपुर के किसान कैलाश मुकाती के प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्णय दिया है। इसके साथ ही मप्र में आठ साल से लहसुन की बिक्री पर चल रहे विवाद का पटाक्षेप हो गया है। इसी के साथ सरकारी सिस्टम से लहसुन की नीलामी करवाने के बंधन से किसानों को मुक्ति मिल गई है। एमपी हाईकोर्ट का निर्णय बरकरार रखा सुप्रीम कोर्ट ने  निर्णय देते हुए मप्र हाई कोर्ट की डिवीजनल बेंच के उस निर्णय को बरकरार रखा है कि लहसुन जल्द खराब होने वाली कमोडिटी है। ऐसे में इसे सब्जियों की श्रेणी में रखा जाएगा। किसान अपनी सुविधा व दाम के अनुसार इसकी बिक्री करवा सकते हैं। लहसुन की नीलामी में सालभर से किसानों की नहीं सरकारी मर्जी चल रही थी। बीते वर्ष फरवरी से इंदौर मंडी में लहसुन की सीधी नीलामी करने से आढ़तियों और व्यापारियों को रोक दिया गया था। नियम लागू कर दिया था कि अनाज-मसालों की तरह लहसुन की नीलामी सरकारी मंडी में सरकारी कर्मचारी करेंगे। इसके बाद मंडी में कई बार विरोध प्रदर्शन भी हुआ। किसानों ने मांग की कि उनकी उपज को कहां बेचना है यह उनकी मर्जी पर छोड़ना चाहिए। आठ वर्षों से विवाद, उलझे थे किसान प्रदेश में लहसुन पर विवाद करीब आठ वर्षों से चल रहा था। किसानों के संगठन के आवेदन पर मप्र मंडी बोर्ड ने 2015 में लहसुन को सब्जी की श्रेणी में शामिल कर लिया था। इससे किसानों को यह छूट मिल गई थी कि वे चाहे तो लहसुन को सरकारी बोली प्रक्रिया में बेचें या चाहे तो सब्जियों के साथ आढ़तियों या व्यापारियों के द्वारा नीलाम करवा दें। लेकिन इसके कुछ समय बाद ही कृषि विभाग ने इस आदेश को रद कर दिया और कृषि उपज मंडी समिति अधिनियम(1972) का हवाला देकर लहसुन को मसाले की श्रेणी में डाल दिया। 2016 में मंडी व्यापारियों की एसोसिएशन हाई कोर्ट पहुंची। मर्जी से नीलामी की छूट दी कोर्ट ने 2017 में लहसुन को सब्जी में माना और किसानों की मर्जी से नीलामी की छूट दी। इसी बीच एक व्यापारी मुकेश सोमानी ने पुनर्विचार याचिका दायर की। हाई कोर्ट ने फिर से फिर से लहसुन को मसालों की श्रेणी में रख दिया। इस आधार पर सरकार ने फरवरी 2024 में आदेश जारी कर इंदौर मंडी में हो रही लहसुन की नीलामी से आढ़तियों को बाहर कर दिया। सरकारी कर्मचारियों से नीलामी शुरू कर दी। किसानों ने इसका विरोध किया। कहा कि उनकी जानकारी और पक्ष जाने बगैर निर्णय हुआ। हाईकोर्ट ने निर्णय दिया था लहसुन सब्जी है बिजलपुर के किसान कैलाश मुकाती ने किसानों की ओर से हाई कोर्ट की डिवीजनल बेंच में अपील की। इस पर जुलाई 2024 में हाई कोर्ट की डिवीजनल बेंच ने निर्णय दिया कि लहसुन सब्जी है और किसान इसे अपनी मर्जी जहां चाहे बिक्री कर सकता है। इस निर्णय पर मंडी प्रशासन खामोश रहा। व्यापारी मुकेश सोमानी फिर से सुप्रीम कोर्ट पहुंचे और हाई कोर्ट डिवीजनल बेंच के निर्णय पर स्थगन हासिल कर लिया। हालांकि अब सुप्रीम कोर्ट ने स्थगन हटाकर किसानों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए डिवीजनल बेंच के आदेश को बरकरार रखा।   recent visitors 54

सर्दियों के दौरान धुंध के मौसम को देखते हुए वाहन चालक रहें अलर्ट, छोटी-सी गलती पड़ सकती है भारी

फाजिल्का सर्दियों के दौरान धुंध के मौसम को देखते हुए वाहन चालकों को सावधानी बरतनी चाहिए। इस संबंध में जानकारी देते हुए एस.डी.एम. कंवरजीत सिंह मान ने कहा कि धुंध के दौरान वाहन चालकों को अपने वाहन की गति धीमी रखनी चाहिए। वाहन चालकों को अपने वाहन की लाइटें धीमी बीम पर रखनी चाहिए ताकि सामने से आने वाला वाहन जल्दी दिखाई दे और दूर से आ रहे वाहन की सड़क पर रोशनी दिखाई दे। उन्होंने कहा कि कोहरे के दौरान वाहन में हमेशा इंडिकेटर का प्रयोग सुनिश्चित किया जाए। एस.डी.एम. ने कहा कि वाहन चलाते समय मोबाइल या अन्य किसी उपकरण का प्रयोग नहीं करना चाहिए, बल्कि हमेशा सड़क पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सामने से आने वाले वाहन की विजिबिलिटी कम होने के कारण वाहन चलाते समय आसपास की आवाज का ध्यान रखना चाहिए। recent visitors 56

10 जनवरी को पूरे भारत में केंद्र सरकार का फूकेंगे पुतला… खन्नौरी बॉर्डर पर किसानों की महापंचायत में ऐलान

खन्नौरी बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों ने आज हुई महापंचायत में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन तेज करने का फैसला किया. किसानों ने ऐलान किया है कि वो 10 जनवरी को देशभर में केंद्र सरकार का पुतला फूकेंगे. इसके अलावा किसानों से आंदोलन में शामिल होने की भी अपील की गई है. पंजाब के खन्नौरी बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों की शनिवार को महापंचायत हुई. इसमें संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा ने 10 जनवरी को पूरे भारत में केंद्र सरकार का पुतला फूंकने का फैसला किया है. महापंचायत को आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने संबोधित भी किया. डल्लेवाल ने कहा कि आज आब सब दूर-दूर से चलकर आए हैं. मैं आप सभी से मिलना चाहता था. डल्लेवाल ने कहा कि ये लड़ाई मेरी नहीं है. ये सब ऊपर वाले की मर्जी से हो रहा है. ये शरीर ऊपर वाले ने दिया है. जैसा भगवान करवाना चाहते हैं वैसे ही अब हो रहा है. मुझे पुलिस उठाने का प्रयास कर रही थी, लेकिन रात को हरियाणा-पंजाब से सैकड़ों नौजवान खन्नौरी बॉर्डर पर पहुंच गए. मुझे विश्वास है कि हम लड़ाई जीतेंगे. उन्होंने कहा कि मुझे पता है कि ये कठिन काम है, लेकिन किसी काम को कठिन देखकर हम आराम से नहीं बैठ सकते हैं. हमारे किसान परिवारों के 4 लाख किसानों ने सुसाइड किया है. ये हम नहीं कह रहे बल्कि सुप्रीम कोर्ट की कमेटी की रिपोर्ट है, लेकिन असलियत में 7 लाख किसान सुसाइड कर चुके हैं. हम किसान नेता हैं, हम लोगों ने ऐसा कुछ नहीं किया सुसाइड रुक सकें. किसान नेता ने सुप्रीम कोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि डल्लेवाल की लाइफ काफी महत्वपूर्ण, लेकिन जिन 7 लाख किसानों ने सुसाइड किया है वो भी हमारे लिए काफी महत्वपूर्ण थे.उन 7 लाख किसानों के बच्चे के लिए हमें शहादत दे देनी चाहिए. जब हम दिल्ली से आंदोलन खत्म करके वापस आए थे तो दूसरे राज्यों के लोगों ने हमें उलाहना दिया कि पंजाब के संगठन वापस जा रहे हैं. डल्लेवाल ने आगे कहा कि अब मैं दूसरे राज्यों के किसानों से कहता हूं कि अपने राज्यों में आंदोलन तेज कर दीजिए. एमएसपी सबको चाहिए. आप सब अपने-अपने गांवों से एक-एक ट्राली खन्नौरी बॉर्डर पर जरूर भेजें ताकि पुलिस आंदोलन को खत्म ना कर सके. हालांकि, महापंचायत को संबोधित करते हुए बीच में डल्लेवाल की तबीयत भी बिगड़ गई जिसके बाद भाषण को जल्दी खत्म करा दिया गया. recent visitors 206

दिल्ली के पहाड़गंज में हिट एंड रन केस, शख्स की मौत, पुलिस ने मृतक शख्स की पहचान सब इंस्पेक्टर प्रदीप के रूप में की

नई दिल्ली दिल्ली के पहाड़गंज इलाके में हुए एक हिट एंड रन केस में एक शख्स की मौत हो गई है. पुलिस के अनुसार जिस शख्स की इस घटना में मौत हुई है वो गाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद कर कार्यरत था. पुलिस ने मृतक शख्स की पहचान सब इंस्पेक्टर प्रदीप के रूप में की है. बताया जा रहा है कि प्रदीप दिल्ली के त्रिलोकपुरी इलाके में रहते थे. जिस समय पहाड़गंज में उन्हें एक तेज रफ्तार कार ने टक्कर मारी उस दौरान वह अपनी बाइक से कहीं जा रहे थे. पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस की टीम को घटनास्थल से एक नंबर प्लेट का कुछ हिस्सा भी मिला है. जिसके आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंचने की कोशिशों में जुटी है.  दिल्ली पुलिस की विशेष टीम पहाड़गंज में जिस जगह पर ये घटना हुई है उसके आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है. पुलिस को उम्मीद है कि अलग-अलग जगहों पर लगे सीसीटीवी फुटेज में आरोपी की कार जरूर दिखेगी. पुलिस घटना को लेकर आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर रही है.   recent visitors 165

‘गांव के लोगों को गरिमापूर्ण जीवन देना मेरी सरकार की प्राथमिकता है, हमारा विजन है: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की राजधानी में स्थित भारत मंडपम में 'ग्रामीण भारत महोत्सव 2025' का उद्घाटन किया. ये कार्यक्रम 9 जनवरी तक चलेगा. इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि साल 2014 से ही केंद्र सरकार लगातार, हर पल ग्रामीण भारत की सेवा में लगी हुई है. इसके परिणाम भी नजर आ रहे हैं, क्यों्कि जब इरादे नेक होते हैं तो नतीजे भी संतोष देने वाले होते हैं. पीएम मोदी ने कहा, 'गांव के लोगों को गरिमापूर्ण जीवन देना मेरी सरकार की प्राथमिकता है. हमारा विजन है, भारत के गांव के लोग सशक्त बनें, उन्हें गांव में ही आगे बढ़ने के ज्यादा से ज्यादा अवसर मिले, उन्हें पलायन न करना पड़े, गांव के लोगों का जीवन आसान हो, इसलिए हमने गांव-गांव में मूलभूत सुविधाओं की गारंटी का अभियान चलाया.' पीएम मोदी ने केंद्र की ग्रामीणों के लिए बनाई गई योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा, 'हमारी सरकार ने गांव के हर वर्ग के लिए विशेष नीतियां बनाई हैं. दो-तीन दिन पहले ही कैबिनेट ने 'पीएम फसल बीमा योजना' को एक वर्ष अधिक तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है. दुनिया में डीएपी का दाम बढ़ रहा है, आसमान छू रहा है, लेकिन हमने निर्णय किया कि हम किसान के सिर पर बोझ नहीं आने देंगे और सब्सिडी बढ़ाकर डीएपी का दाम स्थिर रखा है. हमारी सरकार की नीयत, नीति और निर्णय ग्रामीण भारत को नई ऊर्जा से भर रहे हैं.' कृषि के अलावा भी हमारे गांव में अलग अलग तरह के पारंपरिक कला और कौशल से जुड़े हुए कितने ही लोग काम करते हैं. रूरल इकोनॉमी और लोकल इकोनॉमी में इनका बड़ा योगदान रहा है, लेकिन पहले इनकी भी उपेक्षा हुई. अब हम उनके लिए पीएम विश्वकर्मा योजना चला रहा हैं. ये योजना देश के लाखों विश्वकर्मा साथियों को आगे बढ़ने का मौका दे रही है. पहले की सरकारों ने एससी-एसटी और ओबीसी की आवश्यकताओं की ओर ध्यान नहीं दिया. गांव से पलायन होता रहा, गरीबी बढ़ती रही, गांव और शहर के बीच की खाई बढ़ती रही, जिन्हें किसी ने नहीं पूछा, उन्हें मोदी ने पूजा है. जो इलाके दशकों से विकास से वंचित थे, अब उन्हें बराबरी का हक मिल रहा है.   recent visitors 90

जस्टिस सप्रे की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य सड़क सुरक्षा परिदृश्य की गई समीक्षा बैठक

रायपुर,  माननीय न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) श्री अभय मनोहर सप्रे की अध्यक्षता तथा मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन की उपस्थिति में न्यू सर्किट हाउस रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्य के सडक सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा बैठक की गई। बैठक में अंतर्विभागीय लीड एजेंसी (सड़क सुरक्षा) के अध्यक्ष श्री संजय शर्मा द्वारा समग्र सड़क सुरक्षा परिदृश्य, सडक दुर्घटनाओं के कारण, नियंत्रण के उपाय-लक्ष्य, सडक सुरक्षा अंकेक्षण तथा प्रवर्तन, अंभियांत्रिकीय, शिक्षा, आकस्मिक उपचार आदि की भावी कार्ययोजना के संबंध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी श्री सप्रे ने बैठक में ब्लैक स्पॉट्स के चिन्हाकन के पश्चात् यथा शीघ्र सुधारात्मक उपायों, घायलों की त्वरित उपचार देने, विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा की समुचित जानकारी एवं नियम तोड़ने वालों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों तथा जनसामान्य को सुरक्षा के लिए वाहन चालन के दौरान सीटबेल्ट, हेलमेट की अनिवार्यता को बढ़ावा देने को कहा। श्री सप्रे ने नागरिकों को जागरूक करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आपातकालीन उपचार एवं ट्रामा केयर के लिये विशेष पहल करके सड़क दुर्घटना में मृत्युदर में कमी की जा सकती है। इसके लिए अंतर्विभागीय समन्वय से रणनीति एवं योजना बनाकर बेहतर कार्य किया जा सकता है। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री प्रदीप गुप्ता सहित सचिवगण सर्वश्री एस प्रकाश, डॉ. बसव राजू, डॉ. कमलप्रीत सिंह, श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, श्री भीम सिंह सहित आयुक्त स्वास्थ्य डॉ. प्रियंका शुक्ला, अपर परिवहन आयुक्त श्री डी. रविशंकर, प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग श्री के.के. पिपरे, क्षेत्रीय अधिकारी एनएचएआई श्री एम. टी अटारे, संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री कुंदन कुमार उपस्थित थे। recent visitors 51