दो सीटों से चुनाव लड़ने की अटकलों को खारिज करते हुए केजरीवाल ने कहा कि वो सिर्फ एक सीट से चुनाव लड़ेंगे

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनावों का ऐलान हो चुका है। 5 फरवरी को दिल्ली में वोटिंग होनी है। चुनावों के ऐलान से पहले ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल दिल्ली की दो सीटों से विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आम आदमी पार्टी के संयोजक केजरीवाल ने सभी अटकलों पर ब्रेक लगाते हुए अपना मूड बता दिया। अटकलों को खारिज करते हुए केजरीवाल ने कहा कि वो सिर्फ एक सीट से चुनाव लड़ेंगे। बता दें कि विधानसभा चुनावों के की सुगबुगाहट के बाद से ही अटकलें लगाई जा रही थीं कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दो विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ेंगे। इस मामलो को लेकर भाजपा ने भी हवा दी थी। भाजपा का कहना था कि अरविंद केजरीवाल नई दिल्ली विधानसभा सीट से चुनाव में जीत को लेकर अश्वस्त नहीं हैं, इसलिए वो दूसरी सीट से भी चुनाव लड़ने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, अब इन सभी अटकलों विराम लगाते हुए केजरीवाल ने साफ कर दिया है कि वो सिर्फ नई दिल्ली विधानसभा सीट से ही चुनाव लड़ेंगे। दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी ने तेजी दिखाते हुए सभी 70 सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नाम का ऐलान कर दिया है। 'आप' कैंडिडेट लिस्ट में जानकारी सामने आई, जिसमें पूर्व डिप्टी सीएम और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया की सीट बदल गई थी। सिसोदिया की सीट पटपड़गंज विधानसभा से मशहूर शिक्षक और यूट्यूबर अवध ओझा पर आम आदमी पार्टी ने भरोसा जताया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री आतिशी कालका जी और मनीष सिसोदिया को इस बार के चुनावों में जंगपुरा सीट से मैदान में उतारा है। इसके अलावा आप ने सभी प्रत्याशियों के नाम का ऐलान पहले ही कर दिया था। आम आदमी पार्टी के प्रत्याशियों के ऐलान के बाद अब भाजपा के प्रत्याशियों का ऐलान बाकी है। हालांकि, भाजपा ने भी 29 सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है। recent visitors 80

नवजोत सिंह सिद्धू ने वीडियो शेयर करके रोहित शर्मा और विराट कोहली की तारीफ करते हुए उन्हें सुझाव दिया, जल्द ही दोबारा चमकेंगे

नई दिल्ली नवजोत सिंह सिद्धू ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करके रोहित शर्मा और विराट कोहली की तारीफ करते हुए उन्हें सुझाव दिया है। पूर्व क्रिकेटर का मानना है कि दोनों दिग्गज खिलाड़ी हैं और जल्द ही दोबारा चमकेंगे। नवजोत का मानना है कि जिन खिलाड़ियों ने भारत के लिए इतना सब किया है, उनको ज्यादा कुछ बताने की जरूरत नहीं है। नवजोत ने रोहित को अपनी फिटनेस पर ध्यान देने की सलाह दी है। नवजोत सिंह सिद्धू ने बातचीत में नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा, ''जिसने (विराट) 80 शतक लगाये हों और 10000 हजार रन बनाने के करीब हो, किसी को उसे कुछ बताने की जरूरत नहीं। वह घर जायेगा, अपने वीडियो देखेगा और समझेगे कि उसका बैट शरीर से दूर खेल रहा है। वह कोई हल निकालेगा। यही रोहित के साथ है।'' पूर्व क्रिकेटर ने कहा, ''रोहित शर्मा और विराट की तकनीक के मामले में तुलना बेकार चीज है। उसे सिर्फ अपने शरीर की फिटनेस पर काम करना है। वह शानदार खिलाड़ी है। वह सोना है। मैं रोहित शर्मा से कितनी बार मिला? शायद आईपीएल के दौरान मैदान पर 20 मिनट। आज वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अच्छा नहीं खेल पाया। लेकिन टी20 विश्व कप में, रोहित शर्मा ने ही मिचेल स्टार्क के ओवर में तीन छक्के जड़े थे। क्या सब वो भूल गए? वह भी इंसान है। जितना वह अभ्यास करेगा, वह बेहतर होता जायेगा।'' रोहित शर्मा पिछली 15 पारियों में 164 रन ही बना सके हैं। बल्ले के साथ उनकी कप्तानी भी सवालों के घेरे में है। न्यूजीलैंड के खिलाफ 0-3 से हार और फिर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1-3 की हार ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी। वहीं विराट कोहली ने पर्थ में खेले गये पहले टेस्ट में शतक लगाया था लेकिन अगले चार टेस्ट में सिर्फ 85 रन ही बना सके। गेंदबाजों ने उनकी ऑफ स्टंप के बाहर की कमजोरी का भरपूर फायदा उठाया। recent visitors 127

IAS और IPS के बच्चों को न मिले SC-ST आरक्षण, SC में पहुंची अर्जी, जिस पर अदालत ने विचार करने से ही इनकार किया

नई दिल्ली आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के बच्चों को एससी और एसटी आरक्षण का लाभ नहीं मिलना चाहिए। ऐसी मांग वाली याचिका गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई, जिस पर अदालत ने विचार करने से ही इनकार कर दिया। बेंच ने कहा कि किसे आरक्षण मिलना चाहिए और किसे उसके दायरे से बाहर करना चाहिए। यह तय करना संसद का काम है। अदालत इस बारे में कोई निर्णय नहीं ले सकती। अदालत ने कहा कि यह तो संसद पर है कि वह इस संबंध में कोई कानून लाए। दरअसल बीते साल अगस्त में एक केस की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने ही यह राय जाहिर की थी कि अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के आरक्षण में भी क्रीमी लेयर का प्रावधान होना चाहिए। इसके तहत दलित और आदिवासी वर्ग के ऐसे लोगों के बच्चों को आरक्षण के दायरे से बाहर किया जाएगा, जिनके माता-पिता आईएएस या आईपीएस हों। इनके स्थान पर उसी वर्ग के उन वंचित लोगों को मौका मिलना चाहिए, जो अब तक मुख्य धारा में नहीं आ पाए हैं। अर्जी में जब अदालत की उस टिप्पणी को ही आधार के रूप में पेश किया गया तो जजों ने उस पर भी साफ जवाब दिया। जस्टिस बीआर गवई ने कहा, 'हमारी ओर से कोई आदेश जारी नहीं किया गया था। ऐसी राय 7 जजों की बेंच में से एक जस्टिस की थी, जिसे दो अन्य जजों ने समर्थन दिया था। उस मामले में अदालत का एकमत से यह फैसला था कि एससी और एसटी कोटा में उपवर्गीकरण होना चाहिए।' यह जनहित याचिका संतोष मालवीय की ओर से दाखिल की गई थी। मालवीय का कहना था कि मध्य प्रदेश में आईएएस और आईपीएस अफसरों के बच्चों को एससी और एसटी वर्ग का आरक्षण नहीं मिलना चाहिए। यह याचिका पहले मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में ही दाखिल की गई थी, लेकिन उसे खारिज कर दिया गया था। इसके बाद याची ने शीर्ष अदालत का रुख किया। दरअसल उच्च न्यायालय ने कहा था कि यह याचिका उच्चतम न्यायालय में ही जानी चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने ही अपने एक फैसले में क्रीमी लेयर की बात कही थी। बता दें कि अगस्त में क्रीमी लेयर का सुझाव देने वाली उस बेंच में जस्टिस गवई भी शामिल थे। तब 7 जजों की बेंच ने साफ कहा था कि दलित और आदिवासी वर्ग के ही उन लोगों को आरक्षण के दायरे से बाहर करना चाहिए, जिनके माता-पिता आईएएस और आईपीएस जैसे पदों पर हैं। इससे पता चलता है कि अब वे समाज की मुख्यधारा में आ गए हैं और अब उनके स्थान पर उन लोगों को आरक्षण में प्राथमिकता मिलनी चाहिए, जो अब तक पिछड़े रहे हैं। recent visitors 101

‘जीतू और जय’ की जोड़ी के पीछे है दिग्विजय सिंह का माइंडगेम! कमलनाथ होते जा रहे हैं साइड

भोपाल ! किसी बड़े टास्क या मिशन को पूरा करने के लिए पार्टनरशिप या कहे तो जोड़ी जरूरी होती है। खासकर कांग्रेस के अंदर की जोड़ी हमेशा चर्चा में रहती है। विधानसभा चुनाव के दौरान इस बार कमलनाथ और दिग्विजय सिंह की जोड़ी थी। सियासी गलियारों में इसे जय-वीरू की जोड़ी कहा जाता था लेकिन यह खास कमाल नहीं कर पाई है। इन दिनों एमपी कांग्रेस में नई जोड़ी की चर्चा है, यह जोड़ी जीतू और जय की है। यानी jeetu patwari and jai vardhan की। साथ आने के बाद इस जोड़ी ने कमाल भी शुरू कर दिया है। एमपी उपचुनाव में जीतू और जय की जोड़ी ने मिलकर श्योपुर में कमाल किया। कहा जा रहा है कि इस जोड़ी को आगे बढ़ाने में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह का माइंडगेम है। इसकी वजह से कमलनाथ जैसे दिग्गज नेता असहज होने लगे हैं। पार्टी के दिग्गज नेता भी इशारों इशारों में कह चुके हैं कि इन सबके पीछे दिग्विजय सिंह ही हैं। दिग्गी राजा राजनीति से रिटायर्ड होने से पहले अपने बेटे के लिए मैदान तैयार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इसके लिए समय समय पर जयवर्धन सिंह को जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं। जिसे लेकर दूसरे नेता और कार्यकर्ताओं में असंतोष भी दिखा है। वहीं jeetu patwari and jai vardhan ने खुद को साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। इसके सबसे अच्छा एग्जांपल श्योपुर विधानसभा उपचुनाव हैं। इस चुनाव में जयवर्धन सिंह को प्रभारी बनाया गया था। इस दौरान जीतू और जयवर्धन ने जनमत साधने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। और उसका परिणाम जीत को तौर पर कांग्रेस पार्टी को मिला भी है। Read More : दिल्ली के किसान, इस बार किसकी खड़ी करेंगे खाट, शिवराज-आतिशी में जमकर वाकयुद्ध! कांग्रेस में चल रहे इस माइंडगेम पर उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेता सवाल खड़े कर चुके हैं। पूर्व नेता प्रतिपक्ष रह चुके कांग्रेस के दिग्गज नेता अजय सिंह जीतू पटवारी की अध्यक्षता वाली एमपी कांग्रेस की नई कार्यकारिणी पर भी निशाना साधा था। इसे दौरान उन्होंने बयान देते हुए यह भी कहा था कि कांग्रेस का भगवान ही मालिक है। पर्दें के पीछे वालों पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस को बर्बाद करने वाले लोग आज भी पार्टी को पीछे से चला रहे हैं। दोनों की एक मुलाकात से जुड़ा हुई वीडियो भी सामने आया है। जिसमें जीतू पटवारी और जयवर्धन सिंह हंसी खुशी एक दूसरे से बात करते नजर आ रहे हैं। इसे दौरान मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी चलते चलते उनका हाथ थामते भी नजर आ रहे हैं। ये वीडियो इंटरनेट पर खूब वायरल हो रहा है। जिस पर लोग अपनी अपनी प्रतिक्रिया भी देते नजर आ रहे हैं। ऐसे ही एक लाला यादव नामक यूजर से लिखा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में ये जोड़ी बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। अब देखना होगी कि आने वाले समय में क्या होता हैं। [/more] recent visitors 363

छात्र पर स्कूल में एसिड अटैक, एक छात्र ने दूसरे छात्र पर डाला एसिड, बुरी तरह झुलसा छात्र

तखतपुर बिलासपुर जिले के स्वामी आत्मानंद स्कूल तखतपुर में एसिड अटैक का मामला सामने आया है. यहां प्रैक्टिकल के दौरान एक छात्र ने दूसरे छात्र पर एसिड डाल दिया. इससे छात्र बुरी तरह झुलस गया. इस मामले में स्कूल प्रबंधन की घोर लापरवाही सामने आई है. शिक्षकों ने घायल छात्र को अस्पताल ले जाने की बजाय स्कूल से छुट्टी दे दी. घर आने के बाद पालक घायल छात्र को अस्पताल लेकर पहुंचे. एसिड से जल जाने के कारण छात्र के गर्दन और पीठ पर फफोले पड़ गए हैं. वहीं इस मामले में स्कूल प्रबंधन ने एसिड डालने वाले विद्यार्थी को 20 तारीख तक के लिए स्कूल से निष्कासित कर दिया है. जानकारी के अनुसार स्वामी आत्मानंद स्कूल के कक्षा 11 के विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों को रसायन शास्त्र का प्रैक्टिकल कराया जा रहा था. इसी बीच स्कूल के ही एक व्याख्याता के भतीजे ने दूसरे विद्यार्थी के ऊपर एसिड डाल दिया. इससे विद्यार्थी बुरी तरह झुलस गया. एसिड की जलन से विद्यार्थी जोर-जोर से चीखता रहा. उसकी चीख सुनकर विषय शिक्षक और अन्य स्टाफ पहुंचे और विद्यार्थी को छुट्टी दे दी. बाद में पालक ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ले जाकर उपचार कराया. इस मामले में एसिड से झुलसे विद्यार्थी के पिता पंकज भारती बेनेट ने बताया कि मेरे बच्चे के ऊपर विद्यालय के ही एक व्याख्याता के भतीजे ने जानबूझ कर एसिड डाल दिया. इसकी जानकारी देने और बच्चे का इलाज कराने की बजाय मेरे बेटे और एसिड डालने वाले लड़के को छुट्टी देकर घर भेज दिया गया. घर आकर मेरे बेटे ने बताया तो उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर उपचार कराया और प्रिंसिपल से शिकायत की. प्रिंसिपल ने पालक को बुलाकर एसिड डालने वाले विद्यार्थी को 20 तारीख तक विद्यालय से निष्कासित करने की बात कही. शिक्षक को प्रैक्टिकल के समय सावधानी बरतनी चाहिए : प्राचार्य वहीं इस मामले में स्वामी आत्मानंद स्कूल के प्राचार्य मौसमी रॉबिंसन ने बताया कि 11वीं कक्षा के एक विद्यार्थी के ऊपर ही उसके ही कक्षा के बच्चे ने फिनोल क्रिस्टल डाल दिया था, जिसका रिएक्शन एसिडिक होता है. इससे उसके गर्दन और पीठ में फफोले हो गए हैं. मामला गंभीर है. एसिड डालने वाले छात्र को 20 तारीख तक निष्कासित कर दिया गया है. केमिस्ट्री के टीचर निधि तिवारी को मौखिक रूप से चेतावनी दी गई है कि प्रैक्टिकल करवाते समय सावधानी बरती जाए और लैब में 10 -10 की संख्या में बच्चों को लैब में प्रैक्टिकल कराया जाए. बीईओ को घटना की जांच के दिए हैं निर्देश : डीईओ इस मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी टीआर साहू ने कहा कि बीईओ कामेश्वर बैरागी को घटना की पूरी जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. स्वामी आत्मानंद स्कूल में एसिड डालने का मामला बहुत गंभीर है. अगर उस बच्चे के चेहरे या आंख में पड़ता तो शायद उस बच्चे की आंख की रोशनी जा सकती थी या उसका चेहरा बुरी तरह से झुलस सकता था. recent visitors 63

बृह्नमुंबई महानगरपालिका के चुनाव में शिवेसना अलग चुनाव लड़ सकती है, उद्धव ठाकरे ले सकते हैं बड़ा फैसला

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली विधानसभा चुनाव की तस्वीर मुंबई में भी बनती नजर आ रही है। संभावनाएं जताई जा रही हैं कि BMC यानी बृह्नमुंबई महानगरपालिका के चुनाव में शिवेसना (उद्धव बालासाहब ठाकरे) अलग चुनाव लड़ सकती है। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर ऐलान नहीं किया है, लेकिन बड़े नेता ऐसे संकेत दे रहे हैं। महाविकास अघाड़ी में कांग्रेस, शिवसेना यूबीटी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) शामिल हैं। शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत ने संकेत दिए हैं कि जो हाल दिल्ली में देखा जा रहा है, वैसा मुंबई में भी हो सकता है। खास बात है कि BMC चुनाव कुछ समय में होने हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हो रहा है, जब महाराष्ट्र में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में एमवीए को महायुति के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा था। खबरें थीं कि शिवसेना यूबीटी के नेता पार्टी पर अकेले चुनाव लड़ने का दबाव डाल रहे थे। हालांकि, अब तक पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। कांग्रेस पर निशाना सामना के संपादक में कहा गया, 'अब भी मुकाबला भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच ही है। कांग्रेस पार्टी मैदान में है और कांग्रेस भारतीय जनता पार्टी की बजाय केजरीवाल और ‘आप’ पर हमला कर रही है। दिल्ली के लोगों को इस बात पर हैरानी हो रही होगी। जब देश मोदी-शाह की तानाशाही के खिलाफ लड़ रहा है तो कांग्रेस भाजपा के बजाय ‘आप’ पर कीचड़ उछाल रही है।' राउत ने यह भी कहा, 'आप और कांग्रेस INDIA ब्लॉक में शामिल हैं, लेकिन दिल्ली में अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं। जो दिल्ली में हो रहा है, वैसा मुंबई में भी हो सकता है।' खास बात है कि हरियाणा विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस और आप ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था। recent visitors 82

प्रदेश के थाना परिसरों में मंदिर निर्माण का रास्ता साफ, हाईकोर्ट ने खारिज की चुनौती देने वाली याचिका

जबलपुर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने जबलपुर सहित प्रदेश के पुलिस थाना परिसरों में हनुमान मंदिर निर्माण को चुनौती देने वाली जनहित याचिका निरस्त कर दी। इसके साथ ही प्रदेश के थाना परिसरों में मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली युगलपीठ ने साफ किया कि पूर्व की एक जनहित याचिका के आदेश का पालन न होने के विरुद्ध विचाराधीन अवमानना याचिका के साथ इस बिंदु को सम्मिलित कर विरोध किया जा सकता है। पृथक से सुनवाई की आवश्यकता नहीं है। बहरहाल, जबलपुर के अधिवक्ता ओपी यादव की जनहित याचिका निरस्त होने के साथ ही थाना परिसरों में हनुमान मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।   एसएएफ डीजीपी व एडीजीपी आदेश का पालन कर दें रिपोर्ट हाई कोर्ट ने अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए विशेष सशस्त्र बल (एसएएफ) के डीजीपी कैलाश मकवाना व एडीजीपी इरशाद वली को निर्देश दिए हैं कि पूर्व आदेश का पालन कर उसकी रिपोर्ट पेश करें। न्यायमूर्ति अचल कुमार पालीवाल की एकलपीठ ने डीजीपी को निर्देश दिए हैं कि विभिन्न संवर्गों के स्थानांतरण के संबंध में सक्षम अधिकारी को उचित दिशा निर्देश दें। कोर्ट ने 30 दिन के भीतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने शासकीय अधिवक्ता को इस आदेश की प्रति डीजीपी को प्रेषित करने कहा ताकि इसका पालन सुनिश्चित किया जा सके। याचिकाकर्ता छठवीं वाहिनी में पदस्थ आरक्षक कृष्ण कुमार शर्मा की ओर से अधिवक्ता असीम त्रिवेदी, संजय कुमार शर्मा, रोहिणी शर्मा व विनीत टेहेनगुरिया ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता का विगत वर्ष दसवीं वाहिनी, विसबल सागर से छठवीं वाहिनी जबलपुर स्थानांतरण हुआ था। जिसके विरुद्ध याचिका दायर की गई थी।   recent visitors 70