सबसे तेजी से बढ़ रही भारत इकॉनमी, इनकम जेनरेट करने के मामले में अब भी चीन से काफी पीछे

नई दिल्ली दुनिया के बड़े देशों में भारत की इकॉनमी सबसे तेजी से दौड़ रही है। लेकिन इनकम जेनरेट करने के मामले में भारत अब भी चीन से काफी पीछे है। आईएमएफ के अनुमान के मुताबिक साल 2025 में भारत की जीडीपी में 383 अरब डॉलर की बढ़ोतरी होगी। यह 2021 को छोड़कर अब तक किसी भी एक साल में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी होगी। कोरोना काल के बाद साल 2021 में जीडीपी में भारी बढ़ोतरी हुई थी। लेकिन चीन की जीडीपी में इस साल 1.26 ट्रिलियन डॉलर का इजाफा होने का अनुमान है। यह स्थिति तब है जब भारत की जीडीपी ग्रोथ 6.5% रहने का अनुमान है जबकि चीन की इकॉनमी के 4.5% की रफ्तार से बढ़ने की बात कही जा रही है। सवाल उठता है कि चीन से ज्यादा ग्रोथ के बाद भी भारत की इनकम चीन से कम क्यों है? इसकी वजह यह है कि चीन की इकॉनमी का आकार बहुत बड़ा है। चीन की इकॉनमी $19.53 ट्रिलियन है जबकि $4.27 ट्रिलियन डॉलर है। दुनिया की दूसरी बड़ी इकॉनमी वाले देश चीन ने 1980 के बाद 15 बार 10 फीसदी से अधिक जीडीपी ग्रोथ हासिल की है। 1980 में भारत और चीन की इकॉनमी का साइज लगभग बराबर था। लेकिन 2029 में चीन की इकॉनमी के भारत से चार गुना पहुंचने का अनुमान है। तब भारत की इकॉनमी 6.3 ट्रिलियन डॉलर की होगी जबकि चीन की इकॉनमी 24.6 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गई होगी। भारत को इस साल अपनी इकॉनमी में 1.26 ट्रिलियन डॉलर जोड़ने के लिए डॉलर टर्म में 32 फीसदी की ग्रोथ हासिल करनी होगी। जीडीपी ग्रोथ का अंतर 1983 से 1995 के दौरान चीन ने 13 में से 9 बार डबल डिजिट ग्रोथ हासिल की थी। भारत अब तक किसी भी साल डबल डिजिट ग्रोथ हासिल नहीं कर पाया है। 2021 के पोस्ट कोविड ईयर को छोड़ दिया जाए तो भारत ने सबसे बड़ी ग्रोथ 1988 में हासिल की थी। तब देश की इकॉनमी 9.6 फीसदी बढ़ी थी। 2021 में इसकी रफ्तार 9.7 फीसदी थी। 2022 में भारत की इकॉनमी 7% बढ़ी थी जबकि चीन की जीडीपी में 3% तेजी आई थी। लेकिन चीन ने 2020 में अपनी इकॉनमी को कोरोना की लहर में डूबने से बचा लिया था। तब चीन की जीडीपी ग्रोथ 2.2 फीसदी रही जबकि भारत की -5.8 फीसदी। घटती आबादी का फायदा भारत दुनिया में सबसे अधिक आबादी वाला देश है जबकि चीन की जनसंख्या घटती जा रही है। माना जा रहा है कि इस सदी के अंत तक चीन की आबादी मौजूदा संख्या से आधी रह जाएगी। आबादी घटने से चीन की प्रति व्यक्ति आय बढ़ रही है। 1981 में चीन की प्रति व्यक्ति आय 288 डॉलर थी जबकि भारत की 271 डॉलर थी। लेकिन आज चीन हमसे बहुत आगे निकल गया है। चीन की प्रति व्यक्ति आय 13,873 डॉलर है जबकि भारत की 2,937 डॉलर। recent visitors 26

28 से 31 जनवरी के बीच इन विमानों से 28,990 लोगों ने की यात्रा, मात्र चार दिन में 229 विमानों का आवागमन हुआ

महाकुंभ नगर मौनी अमावस्या के दौरान प्रयागराज एयरपोर्ट पर मात्र चार दिन में 229 विमानों का आवागमन हुआ। 28 से 31 जनवरी के बीच इन विमानों से 28,990 लोगों ने यात्रा की। जबकि 2019 में यह संख्या मात्र 50 थी। इतनी बड़ी संख्या में विमानों के आवागमन का यह नया कीर्तिमान है। 2019 में शुरू हुए सिविल एयरपोर्ट पर इतनी बड़ी संख्या में न तो कभी विमानों का आवागमन हुआ और न ही यात्रियों का आवागमन हुआ है। बसंत पंचमी पर विमानों के आवागमन की संख्या फिर से बढ़ेगी। अभी औसतन प्रतिदिन 30-35 विमानों का आवागमन हो रहा है। 28 जनवरी को 28 विमान शेड्यूल होकर, जबकि तीन बिना समयसारिणी के अनुसार यहां आए। इससे 4336 यात्री प्रयागराज आए। जबकि इतने ही विमान प्रयागराज से रवाना हुए, जिससे 4042 यात्रियों ने उड़ान भरी। 29 जनवरी को 21 विमान समय सारिणी के अनुक्रम में और तीन विमान बिना बिना समय सारिणी के आए। इससे कुल 3278 यात्रियों का प्रयागराज आना हुआ। जबकि वापस में 24 विमान गए जिससे 2931 यात्रियों ने उड़ान भरी। 30 जनवरी को 29 विमानों से 3779 यात्री आए, इसमें पांच उड़ानें नान शेड्यूल रही। जबकि यहां से 29 उड़ानें रवाना हुई, इससे 3762 यात्री यहां से गए। जबकि 31 जनवरी को पुन: 62 विमानों का आवागमन हुआ। इसमें 21 विमान शेड्यूल और नौ विमान नान शेड्यूल रहे। इससे 3380 यात्री यहां आए। जबकि 32 विमानों से 3482 यात्रियों ने उड़ान भरी। इसमें 10 विमान नान शेड्यूल रहे।   231 करोड़ रुपये से बना नया टर्मिनल प्रयागराज एयरपोर्ट से इन विमानों का संचालन इंडिगो, एलाइंस एयर, अकासा एयर, स्पाइसजेट, एयर इंडिया ने किया। एयरपोर्ट के नए टर्मिनल से विमानों का संचालन शुरू हो जाने से अब आवागमन आसान हो गया है। इसे बनाने में 231 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसकी कुल क्षमता 1200 यात्रियों की हैं। यहां नया एयरो ब्रिज, नया टैक्सी, नए चेक इन काउंटरों की भी संख्या बढ़ी है। प्रयागराज से अभी अहमदाबाद, मुंबई, बेंगलुरु, दिल्ली, कोलकाता, भुवनेश्वर, रायपुर, लखनऊ, पुणे, भोपाल, नागपुर, चेन्नई, गुवाहाटी, चंडीगढ़, देहरादून, बिलासपुर, लखनऊ, बिलासपुर, इंदौर, अमृतसर, जम्मू, श्रीनगर, हैदराबाद आदि के लिए सीधी अथवा कनेक्टिंग उड़ान उपलब्ध है। recent visitors 30

माध्‍यमिक शिक्षा मंडल ने जारी किए दिशा-निर्देश, शिक्षक नहीं जा पाएंगे महाकुम्भ, 15 मई तक नहीं मिलेगी छुट्टी

भोपाल अब मप्र बोर्ड 10वीं व 12वीं की परीक्षा में 20 दिन का समय शेष है।ऐसे में अब शिक्षक प्रयागराज में लगे महाकुंभ हो या संतान पालन अवकाश (सीसीएलई) के लिए अवकाश नहीं ले पाएंगे। इसका कारण यह है कि बोर्ड परीक्षाओं को लेकर शासन ने एसेंशियल सर्विस एंड मेंटेनेंस (एस्मा) लगाने का आदेश जारी कर दिया है। शासन ने 15 फरवरी से 15 मई तक के लिए एस्मा लागू कर दिया है।   इस अवधि में परीक्षाओं में नियुक्त कर्मचारी, अधिकारी और अन्य स्टाफ अवकाश नहीं ले पाएंगे और हड़ताल भी नहीं कर सकेगा। इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए है। मप्र बोर्ड की परीक्षा अति आवश्यक सेवा घोषित की गई है। इस वजह से परीक्षा की पूरी अवधि में एस्मा एक्ट लागू रहेगा। इस कारण अब शिक्षक छुट्टी पर नहीं जा सकेंगे। हालांकि महाकुंभ में जाने के लिए और संतान पालन अवकाश के लिए जिला स्तर पर शिक्षकों के काफी आवेदन आ रहे हैं। अब तक करीब 150 आवेदन जिला शिक्षा अधिकारी(डीईओ) के पास आए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने भी शिक्षकों के अवकाश को स्वीकृत नहीं करने का आदेश जारी किए हैं।  मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 24 फरवरी से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षा अति आवश्यक सेवा घोषित की गई है। इस वजह से परीक्षा की पूरी अवधि में एस्मा एक्ट लागू रहेगा। सीसीएल के कई आवेदन आए परीक्षा के पहले कई शिक्षक व शिक्षिकाओं ने सीसीएल व अन्य तरह की छुट्टी के लिए आवेदन लगा रहे हैं। डीईओ कार्यालयों में कई शिक्षकों के आवेदन पेंडिंग हैं। कमिश्नर व कलेक्टर की पांच फरवरी को होगी बैठक मप्र बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों को लेकर प्रदेश के सभी संभाग कमिश्नर व कलेक्टरों की वीडियाे कांफ्रेसिंग पांच फरवरी को आयोजित की जा रही है। इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं कि माशिमं द्वारा आयोजित परीक्षाएं वर्ष 2024-25 की व्यवस्थाओं के संबंध में पांच फरवरी को दोपहर 12 से दो बजे तक वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित की गई है।   recent visitors 26

महाकुंभ आ रहे श्रद्धालुओं के लिए वसंत पंचमी स्‍नान पर भीड़ नियंत्रण को रेलवे ने बदली व्यवस्था

महाकुंभ नगर प्रयागराज जंक्शन समेत छिवकी, नैनी जंक्शन, प्रयाग जंक्शन, फाफामऊ, सूबेदारगंज व रामबाग रेलवे स्टेशन पर एक ओर से यात्रियों को प्रवेश मिलेगा और दूसरे ओर से निकास होगा। भीड़ प्रबंधन के लिए यह नियम दो फरवरी से पांच फरवरी लागू रहेगा। सभी रेलवे स्टेशनों पर यह नियम लागू महाकुंभ के चौथे स्नान पर्व वसंत पंचमी पर इस बदली व्यवस्था के तहत ही आवागमन होगा। झूंसी के अलावा प्रयागराज के सभी रेलवे स्टेशनों पर यह नियम लागू किया गया है। सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि यात्रियों के सुगम, सुरक्षित आवागमन के लिए यह बदलाव किया गया है। सभी रेलवे स्टेशन पर अनारक्षित यात्रियों के लिए यात्री आश्रय मिलेगा। अनारक्षित यात्रियों कों दिशावार यात्रा के अनुरूप प्रवेश दिया जाएगा। अनारक्षित यात्रियों के लिए यात्री आश्रय खुले हैं। टिकट के लिए अनारक्षित टिकट काउंटर, एटीवीएम और मोबाइल टिकटिंग आदि की सुविधा उपलब्ध होगी।   प्रयागराज जंक्शन प्रवेश केवल सिटी साइड (प्लेटफार्म नंबर नंबर-1 की ओर) से दिया जाएगा। निकास केवल सिविल लाइंस साइड की ओर से मिलेगा आरक्षित श्रेणी के यात्रियों को सिटी साइड स्थित गेट नंबर पांच से प्रवेश दिया जाएगा। प्रयागराज छिवकी स्टेशन प्रवेश केवल प्रयागराज-मीरजापुर राजमार्ग को जोड़ने वाले सीओडी मार्ग से दिया जाएगा।-निकास केवल जीईसी नैनी रोड (प्रथम प्रवेश द्वार) की ओर से दिया जाएगा। आरक्षित यात्रियों को गेट नंबर दो से प्रवेश दिया जाएगा। नैनी जंक्शन प्रवेश केवल स्टेशन रोड से दिया जाएगा। निकास केवल मालगोदाम की ओर (द्वितीय प्रवेश द्वार) से दिया जाएगा। आरक्षित श्रेणी के यात्रियों को गेट नंबर दो से प्रवेश दिया जाएगा। सूबेदारगंज स्टेशन प्रवेश केवल झलवा (कौशांबी रोड) की ओर से दिया जाएगा। निकास केवल जीटी रोड की ओर दिया जाएगा। आरक्षित श्रेणी के यात्रियों को गेट नंबर तीन से प्रवेश दिया जाएगा। फाफामऊ स्टेशन प्रवेश केवल प्लेटफार्म नंबर चार की ओर से (रंगपुरा की ओर से टाटा मोटर्स वर्कशाप की ढलान से) दिया जाएगा। स्नान कर आने वाले लोग 23 नंबर पांटून पुल से यहां आएंगे। निकास केवल एक नंबर की ओर से बनारस रोड की ओर दिया जाएगा। अनारक्षित यात्रियों के लिए भी प्रवेश वैशाली गेस्ट हाउस के सामने फ्लाई ओवर के माध्यम से चार नंबर की ओर होगा। प्रयाग स्टेशन प्रवेश केवल यूनिवर्सिटी रोड की ओर से दिया जाएगा। जौनपुर और बनारस के लिए गेट नंबर दो से, लखनऊ और अयोध्या के लिए गेट नंबर तीन से प्रवेश मिलेगा। निकास केवल रामप्रिया रोड(आइइआरटी के पहले से) की ओर दिया जाएगा। आरक्षित श्रेणी के यात्रियों को गेट नंबर एक से प्रवेश दिया जाएगा। रामबाग स्टेशन प्रवेश केवल स्टेशन रोड लल्लू एंड संस की ओर से दिया जाएगा। निकास केवल लाउदर रोड से गेट नंबर एक दो तीन की ओर से होगा । आरक्षित श्रेणी के यात्री आश्रय स्थल संख्या चार में जाना होगा। वहां से उन्हें मुख्य द्वारा से प्लेटफार्म पर ले जाया जाएगा।   recent visitors 25

इस माह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर सकते है वाशिंगटन यात्रा, तैयारियां जारी

नई दिल्ली/वाशिंगटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महीने वाशिंगटन यात्रा पर जा सकते हैं। यह दौरा 10 और 11 फरवरी को पेरिस के ग्रैंड पैलेस में होने वाली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एक्शन समिट में उनकी भागीदारी के तुरंत बाद हो सकता है। 27 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ पीएम मोदी की फोन पर बातचीत के दौरान जिन मुद्दों पर चर्चा हुई उनमें व्हाइट हाउस का दौरा भी शामिल था। इस दौरान दोनों देशों के बीच 'दोस्ती और रणनीतिक संबंधों की मजबूती' को लेकर बात हुई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को नियमित मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा, "दोनों पक्ष भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के लिए पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा पर काम कर रहे हैं। इस यात्रा के तारीखों पर काम किया जा रहा है और उचित समय पर इसकी घोषणा की जाएगी।" उम्मीद जताई जा रही है कि प्रधानमंत्री पेरिस में एआई शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद द्विपक्षीय यात्रा के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका जाएंगे। यह यात्रा दोनों देशों के बीच मित्रता और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करेगी। पीएम मोदी राष्ट्रपति ट्रंप के ऐतिहासिक दूसरे राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान व्हाइट हाउस का दौरा करने वाले पहले विदेशी नेताओं में शामिल होंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने पहले ही भारत और प्रधानमंत्री मोदी के साथ 'महान साझेदारी' को मजबूत करने का वादा किया है। पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने आईएएनएस को बताया, "हमने राष्ट्रपति ट्रंप के पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री मोदी को अमेरिका यात्रा के लिए भेजे गए निमंत्रण के संदर्भ में जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दिया है।" श्रृंगला ने कहा कि इस यात्रा से सभी आगामी निर्णयों के लिए मंच तैयार हो जाएगा। इससे वर्ष के अंत में भारत में आयोजित होने वाले क्वाड शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रपति ट्रंप की यात्रा से पहले संबंधों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। recent visitors 56

दो दिवसीय मातृभाषा समारोह का आयोजन

Two day mother tongue festival organized सुशील दामले (विशेष संवाददाता) भोपाल। राजधानी स्थित सुभाष खेल मैदान शक्ति नगर में दो दिवसीय मातृभाषा समारोह का आयोजन किया जा रहा हैं,कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पी नरहरि प्रमुख्य सचिव मध्य प्रदेश,सोमकांत जी उमलाकर वरिष्ठ समाजसेवी एवं मातृभाषा मंच के अध्यक्ष संतोष कुमार रावत उपस्थित हुए,कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर सरस्वती पूजन के साथ हुआ,इस कार्यक्रम में 11भाषाओं में आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए,जिसमें 180 लोगों ने भाग लिया,जिसमें तेलुगू में कुचीपुड़ी और नाटेशा कोटुवम,मलयालम में थिरुवाथिरा काली,उड़िया में नृत्य,तमिल में दुर्गा स्तुति,नेपाली में सालैजो,पंजाबी,भोजपुरी  और अन्य भाषाएं शामिल रहीं,समाजों के कलाकारों ने सांस्कृतिक छटा बिखेरी और साथ ही लोगों ने भाषायी संस्कृतियों के पारंपरिक व्यंजनों का लुत्फ उठाया,वही पारंपरिक व्यंजनों की बात करें तो स्टॉल नंबर 14 में पंजाबी व्यंजन का स्टाल लगा हुआ है,जिसमें छोले कुलचे एवं रायता उपलब्ध है,स्टाल पर भीड़ देखने को मिली,छोले कुलचे के स्वाद ने सभी को पंजाब की याद दिलाई, वही स्टॉल संचालक जसपाल गिल ने हमें बताया कि,प्रत्येक वर्ष हम अपना स्टॉल लगाते हैं,जो आए हुए लोगों को काफी पसंद आता है recent visitors 102

मध्यप्रदेश वासियों को खुशखबरी: मिली व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर की मंजूरी: ; सफेद शेर का कुनबा बढ़ाएगा विंध्य में पर्यटन

Good news for the people of Madhya Pradesh: White Tiger breeding center gets approval; White lion population will increase tourism in Vindhya टाइगर सफारी मुकुंदपुर में ब्रीडिंग सेंटर को मंजूरी मिल गई है। भोपाल। मध्यप्रदेश के रीवा जिले के गोविंदगढ़ में अब व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर की स्थापना की जाएगी। केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की एक्सपर्ट कमेटी की सिफारिश के बाद इसे केंद्र सरकार ने मंजूरी दी है। महाराजा मार्तंड सिंह जूदेव व्हाइट टाइगर सफारी और चिड़ियाघर, मुकुंदपुर सतना के संशोधित मास्टर प्लान के अंतर्गत यह सेंटर गोविंदगढ़ रीवा में खुलेगा। व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर की स्थापना के प्रस्ताव को केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की विशेषज्ञ समिति ने तकनीकी समिति की अनुशंसा पर स्वीकृति प्रदान की है। यह स्वीकृति 9 और 17 दिसंबर 2024 को आयोजित विशेषज्ञ समिति की 114वीं बैठक और 19 दिसंबर, 2024 को तकनीकी समिति की 112वीं बैठक के निर्णय के आधार पर मिली है। यहां व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर की स्थापना से बाघों की संख्या बढ़ने के साथ इस इलाके में पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलेगा। वन अफसरों के अनुसार गोविंदगढ़ में व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर की स्थापना से व्हाइट टाइगर की सुरक्षा और संख्या में वृद्धि होगी। यह सेंटर केंद्र राज्य में वन्य-जीव पर्यटन को भी नई दिशा देगा। मध्यप्रदेश बाघों की संख्या में भी अग्रणी है और इस पहल से पर्यटन को और मजबूती मिलेगी। वन्य-जीव संरक्षण में एमपी आदर्श राज्य बने डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने गोविंदगढ़ रीवा में प्रस्तावित व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर को मिली मंजूरी पर केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा- यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के विजन के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। गोविंदगढ़ में प्रस्तावित व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर को मिली मंजूरी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।सरकार का प्रयास है कि मध्यप्रदेश वन्य-जीव संरक्षण के क्षेत्र में आदर्श राज्य बने। व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर की स्थापना से व्हाइट टाइगर की सुरक्षा और संख्या में वृद्धि होगी। टाइगर, लेपर्ड, चीता स्टेट है एमपी मध्यप्रदेश वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्ट उपलब्धियों के कारण टाइगर स्टेट, लेपर्ड स्टेट और चीता स्टेट के रूप में भी जाना जाता है। राज्य में देश की सबसे अधिक तेंदुआ आबादी दर्ज की गई है जो यहां के समृद्ध वन्य आवासों का प्रमाण है। मध्यप्रदेश ने चीता पुनर्वास परियोजना के तहत नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों का सफल पुनर्स्थापन करके चीता स्टेट का गौरव भी प्राप्त किया है। कान्हा नेशनल पार्क, बांधवगढ़, सतपुड़ा और पन्ना टाइगर रिजर्व जैसे क्षेत्रों में वन्य-जीव संरक्षण के लिए अभिनव प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य की इस उपलब्धि को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय वन्य-जीव विशेषज्ञों ने भी सराहा है। उन्होंने कहा कि वन्य-जीव संरक्षण के लिए राज्य की प्रतिबद्धता देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। recent visitors 274