Tuesday, July 7, 2026 2:21 am

कुछ लोग शिकायत करते हैं कि मेरा पुलिस से ज्यादा प्रेम है, लेकिन ये सच है कि पुलिस 24 घंटे काम करती है: CM यादव

 भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में IPS मीट का शुभारंभ किया. इस अवसर पर सीएम ने प्रदेश के आला IPS अधिकारियों को संबोधन में कहा कि कुछ लोग शिकायत करते हैं कि मेरा पुलिस से ज्यादा प्रेम है. लेकिन ये सच है कि पुलिस 24 घंटे काम करती है. किसी भी घटना पर त्वरित प्रतिक्रिया पुलिस को ही देना पड़ती है. परेशानी में पुलिस ही भगवान नजर आती है. पुलिस सबकी आशा का केंद्र बनती जा रही है. जो काम पुलिस के नहीं हैं, उनमें भी पुलिस से मदद की उम्मीद की जाती है. जाति से किसी को अपराधी न समझें CM यादव ने कहा कि कई जातियों को हमने आपराधिक घोषित कर दिया है. लेकिन हमारी ये मानसिकता अंग्रेजों के वजह से हो गई. जबकि ऐसे लोगों का उपयोग सही तरीके से किया जाए तो ये बहुत काम के हो सकते हैं. उन्होंने उदाहरण दिया कि नट जाति के लोगों से पहले गुप्तचर का काम लिया जाता था, अपनी कला-कौशल के बल पर वे बहुत काम आते थे. इसीलिए पुलिस को अपनी मानसिकता में भी परिवर्तन लाना होगा. सबके अधिकारों की रक्षा ही सच्ची पुलिसिंग मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों को पुलिसिंग की भावना का सही अर्थ समझाने के लिए उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार किसान अपनी फसल में से कई वर्गों को उपज का हिस्सा देता है, उसी प्रकार पुलिस की भी ये भावना होनी चाहिए. जो हमें मिला, केवल वो हमारा नहीं है. पुलिस को मिला पॉवर सबका पॉवर है. सबके अधिकारों के लिए अपने पॉवर का इस्तेमाल करना ही सच्ची पुलिसिंग है. सीएम यादव ने कहा कि पुलिस के सामने चुनौती होती है कि कानून का पालन कराना है, दक्षता दिखानी है लेकिन ये वसंवेदनशीलता के साथ होना चाहिए. मुझे मध्यप्रदेश पुलिस पर गर्व है जिसने कई मामलों में अपनी अच्छी पोजीशन से बनाई है बम्होरीकला थाना प्रभारी का सम्मान टीकमगढ़ के बम्होरीकला थाने को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सर्वश्रेष्ठ थानों की सूची में सम्मिलित किया और एक्सीलेंस अवॉर्ड से पुरस्कृत किया गया था. इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने टीकमगढ़ एसपी मनोहर सिंह मंडलोई और बम्होरीकला थाना प्रभारी रश्मि जैन को सम्मानित किया. CM ने दिए थानों को पुरस्कृत करने के निर्देश मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अंत में डीजीपी कैलाश मकवाना से कहा कि प्रदेश में भी पुलिस थानों को पुरस्कृत करने की परंपरा शुरू हो. उन्होने कहा कि जिस प्रकार केन्द्रीय गृह मंत्रालय थानों को पुरस्कृत करता है, इसी प्रकार के पैरामीटर पर मध्यप्रदेश में पुलिस थानों को प्रदेश, संभाग और जिला स्तर पुरस्कृत करने की परंपरा शुरू करें. प्रदेश, संभाग और जिला स्तर पर थानों को पुरस्कृत किया जाए.   recent visitors 48

विराट कोहली के आने के बाद किसका प्लेइंग XI से पत्ता कटेगा, श्रेयस अय्यर या यशस्वी जायसवाल कोन होगा बाहर

नई दिल्ली इंडिया वर्सेस इंग्लैंड 3 मैच की वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला रविवार, 9 फरवरी को कटक में खेला जाना है। इस मैच के दौरान भारतीय प्लेइंग XI पर हर किसी की निगाहें रहेगी। दरअसल, विराट कोहली चोट के चलते सीरीज का पहला मुकाबला नहीं खेल पाए थे। मैच से एक दिन पहले उनके घुटने में कुछ दिक्कत हुई जिस वजह से कप्तान रोहित शर्मा को एंड मूमेंट पर प्लेइंग XI में बदलाव करना पड़ा। हालांकि मैच के बाद उप-कप्तान शुभमन गिल ने अच्छी खबर यह दी कि विराट कोहली की चोट को चिंता की कोई बात नहीं है और वह दूसरे वनडे के लिए उपलब्ध रहेंगे। ऐसे में सवाल यह है कि विराट कोहली के आने के बाद किसका प्लेइंग XI से पत्ता कटेगा। नागपुर ODI के दौरान जब पता लगा था कि विराट कोहली नहीं खेल रहे हैं तो हर किसी को लगा था कि यशस्वी जायसवाल को उनकी जगह मौका दिया गया है। मगर श्रेयस अय्यर ने मैच के बाद खुलासा किया कि जायसवाल नहीं वह विराट कोहली के चोटिल होने के बाद प्लेइंग XI में आए हैं।इसका मतलब है कि यशस्वी जायसवाल का पहला वनडे में डेब्यू तय था। मगर श्रेयस अय्यर ने इस मौके को दोनों हाथों से लपका और नंबर-4 पर आकर मैच जिताऊ पारी खेली। अय्यर की बैटिंग उस समय आई जब भारत 19 के स्कोर पर भारत 2 विकेट गंवा चुका था। तब उन्होंने 36 गेंदों पर 9 चौकों और 2 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 59 रनों की तूफानी पारी खेली। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 163.89 का रहा। वहीं दूसरी ओर यशस्वी जायसवाल अपने डेब्यू में ज्यादा इंप्रेस नहीं कर पाए, उन्होंने 22 गेंदों पर मात्र 15 रन बनाए। ऐसे में अब सवाल यह है कि जब विराट कोहली आएंगे तो इन दोनों में से किसका पत्ता कट सकता है। अगर आगामी चैंपियंस ट्रॉफी को ध्यान में रखा जाए तो भारतीय टीम की तैयारियों को देखकर यह समझा जाता है कि वह यशस्वी जायसवाल को प्लेइंग XI में फिट करना चाहते हैं। ऐसे में शुभमन गिल नंबर-3 या फिर विराट कोहली के आने पर नंबर-4 पर खेल सकते हैं। भारतीय टीम की सोच इस समय बैटिंग ऑर्डर में लेफ्ट एंड राइड कॉम्बिनेशन आजमाने की लग रही है। यही वजह है कि पहले वनडे में नंबर-5 पर केएल राहुल और हार्दिक पांड्या के ऊपर अक्षर पटेल आए थे। ऐसे में नागपुर ODI में परफॉर्म करने के बावजूद दूसरे वनडे में श्रेयस अय्यर का पत्ता कट सकता है। ऐसा नहीं है कि श्रेयस अय्यर ने कुछ गलत किया है, बस टीम कॉम्बिनेशन के हिसाब से वह प्लेइंग XI में फिट नहीं बैठ रहे हैं। recent visitors 53

महाकाल मंदिर प्रशासन ने जीरो टालरेंस पॉलिसी की लागू, अवैध वसूली के खिलाफ भक्तों से ले रहा फीडबैक

उज्जैन  जय श्री महाकाल… आपसे भस्म आरती दर्शन के लिए मंदिर में किसी भी व्यक्ति ने निर्धारित शुल्क (200 रुपये) से अधिक रुपये तो नहीं लिए हैं? इस प्रश्न के साथ अब अगर ऐसा कोई फोन कॉल आपके पास आए तो चौंकिएगा नहीं, क्योंकि ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर कार्यालय से भस्म आरती दर्शन करने वाले दर्शनार्थियों से यह फीडबैक लिया जा रहा। दरअसल, मंदिर में दर्शन के नाम पर अवैध वसूली की रोकथाम के लिए यह कदम उठाया गया है। वजह यह है कि ऐसे बहुत सारे मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें ज्योतिर्लिंग में दर्शन और भस्म आरती के नाम पर भक्तों से अवैध वसूली की गई। आपको भी आ सकता है फोन अगर आप भी बाबा महाकाल की भस्म आरती में शामिल हुए हैं या होने वाले हैं तो आपको भी फोन आ सकता है. महाकाल मंदिर की तरफ से आए फोन को रिसीव करते ही उधर से बोला जा रहा है, जय श्री महाकाल… आपसे भस्म आरती दर्शन के लिए मंदिर में किसी भी व्यक्ति ने निर्धारित शुल्क (200 रुपये) से अधिक रुपये तो नहीं लिए हैं? यदि आपको भी ऐसे काल आते हैं तो आप चौंकियेगा मत, क्योंकि यह फोन कॉल मंदिर प्रशासन की तरफ से ही किया जा रहा है. अवैध वसूली पर रोक के लिए बनाई गई व्यवस्था गौरतलब है कि आम भक्तों के लिए महाकाल मंदिर में अवैध वसूली को रोकने के लिए यह व्यवस्था बनाई गई है. इसी के तहत भस्म आरती में शामिल होने वाले भक्तों को फोन कॉल कर फीडबैक लिया जा रहा है. क्योंकि ऐसे बहुत से मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें बाबा महाकाल के दर्शन और भस्म आरती के नाम पर अवैध वसूली की गई. इसमें मंदिर कर्मचारियों की भी भूमिका सामने आई. उन पर कार्रवाईया होती रहीं. लेकिन अवैध वसूली पर लगाम नहीं लग सका. कर्मचारी और दलाल दर्शन के नाम पर भक्तों से खूब अवैध धन राशि वसूलते थे. जानिए कितने रुपये लिया जाता है शुल्क जानकारी के मुताबिक, मंदिर प्रशासन की तरफ से प्रोटोकाल और ऑनलाइन अनुमति प्राप्त करने के लिए 200 रुपये शुल्क लिया जाता है. वहीं, पूरे दिन प्रोटोकाल दर्शन के लिए 250 रुपये शुल्क लगता है. वहीं. भस्म आरती दर्शन के लिए 2,00 रुपये निर्धारित है. इसके अलावा  महाकाल मंदिर समिति द्वारा प्रतिदिन 300 सामान्य दर्शनार्थियों को निश्शुल्क भस्म आरती अनुमति प्रदान की जाती है.      recent visitors 39

15 साल बाद भारतीय मिडिल ऑर्डर में गिल-अय्यर और अक्षर की बदौलत दिखा दम, मिली कामयाबी

नई दिल्ली इंग्लैंड के खिलाफ नागपुर ODI में भारतीय बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन के दम पर टीम इंडिया 4 विकेट से मुकाबला अपने नाम करने में कामयाब रही। 249 रनों के टारगेट का पीछा करते हुए शुभमन गिल, श्रेयस अय्यर और अक्षर पटेल ने शानदार अर्धशतक जड़े। इन तीनों की धमाकेदार पारियों के चलते भारतीय मिडिल ऑर्डर में पुराने जैसा दम दिखा। शुभमन गिल को 87 रनों की पारी के चलते प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से नवाजा गया। वहीं श्रेयस अय्यर ने 36 गेंदों पर 9 चौकों और 2 गगनचुंबी छ्क्कों की मदद से 59 तो अक्षर पटेल ने 47 गेंदों पर 52 रनों की पारी खेली। गिल-अय्यर और अक्षर ने अपनी इस पारियों के दम पर 15 सालों से सूखी पड़ी रिकॉर्ड लिस्ट में अपनी जगह बनाई। यह लिस्ट है रनचेज के दौरान भारत के नंबर-3,4 और 5 के बल्लेबाजों द्वारा 50 से अधिक स्कोर करने की। आखिरी बार इस लिस्ट में विराट कोहली, युवराज सिंह और सुरेश रैना ने 2010 में अपना नाम दर्ज कराया था। भारतीय वनडे क्रिकेट के इतिहास में यह मात्र चौथी घटना है जब रनचेज के दौरान भारत के नंबर-3,4 और 5 के बल्लेबाजों ने 50 से अधिक रन की पारी खेली हो। सबसे पहले यह कारनामा संजय मांजरेकर, डी वेंगसरकर और अजहरुद्दीन की तिकड़ी ने इंग्लैंड के खिलाफ 1990 में किया था, वहीं इसी के एक साल बाद 1991 में श्रीलंका के खिलाफ संजय मांजरेकर, सचिन तेंदुलकर और मोहम्मद अजहरुद्दीन ऐसा करने में कामयाब रहे थे। recent visitors 59

नीमच में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया, एक महिला सरपंच ने अपनी सरपंची गिरवी रखी

नीमच नीमच में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला सरपंच ने अपनी सरपंची गिरवी रख दी है। महिला सरपंच ने स्टांप पेपर पर साइन कर ठेकेदार को सरपंच पद दे दिया है। वो भी महज 500 रुपए के लिए है। दरअसल, ग्राम पंचायत दाता की सरपंच कैलाशीबाई कछावा ने 500 रुपए के स्टांप पर गांव के ही सुरेश गरासिया को सरपंची सौंप दी। इस तरह का अनुबंध करने का यह देश का पहला मामला माना जा रहा है। इधर जनपद पंचायत के अधिकारियों ने बोला कि सरपंच को नोटिस जारी करेंगे। 24 जनवरी को दिया गया है अनुबंध यह अनुबंध 24 जनवरी को किया गया। इसमें गवाह के रूप में गांव के सदाराम, मनालाल और सुरेश के हस्ताक्षर हैं। साथ ही, सरपंच की सील और हस्ताक्षर भी मौजूद हैं। अनुबंध में लिखा गया कि मनरेगा, पीएम आवास, वाटरशेड सहित शासन के सभी कार्य सुरेश गरासिया देखेंगे। शर्तों का उल्लंघन होने पर चार गुना हर्जाना भरने की बात भी लिखी गई है। निर्माण कार्यों के लिए किया गया कॉन्ट्रैक्ट सरपंच के पति जगदीश कछावा ने कहा कि यह अनुबंध केवल निर्माण कार्यों को लेकर किया गया था। सरपंची के अधिकारों से जुड़ा कोई अनुबंध नहीं हुआ। वहीं, सुरेश गरासिया ने कहा कि उन्होंने कोई अनुबंध नहीं किया। वह ठेकेदार हैं और सात पंचायतों में ठेकेदारी करते हैं। सरपंच को पद से हटाया जाएगा जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव ने कहा कि यदि ऐसा हुआ है तो सरपंच को पद से हटाया जाएगा। मामला संज्ञान में आ चुका है। मैं कार्य करने में हूं असमर्थ सरपंच कैलाशीबाई ने अनुबंध में लिखा कि वह अपने कार्य करने में असमर्थ हैं। इसलिए अपने सारे दायित्व और कर्तव्य सुरेश गरासिया को सौंप रही हैं। अब पंचायत के सभी काम वही देखेंगे। उन्हें इस पर कोई आपत्ति नहीं होगी। जहां सुरेश कहेंगे, वहां वह अपने हस्ताक्षर करेंगी। recent visitors 54

पांचवीं और आठवीं बोर्ड परीक्षा में 24 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे, नकल करते पकड़े जाने पर परीक्षा होगी निरस्त

भोपाल  मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पांचवीं-आठवीं की बोर्ड परीक्षा 24 फरवरी से आयोजित हो रही है। इस बार हर जनशिक्षा केंद्र के तहत पांच केंद्र बनाए जाएंगे। परीक्षा केंद्र स्कूल से तीन किमी के अंदर ही होंगे और एक केंद्र पर 250 से अधिक विद्यार्थी शामिल नहीं होंगे। विशेष परिस्थितियों में राज्य शिक्षा केंद्र को सूचित करते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी की अनुमति से परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी। इस बार परीक्षा के लिए राज्य व जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष भी बनाया जाएगा। परीक्षा से संबंधित कोई भी शिकायत यहां दर्ज कराई जा सकती है। इस संबंध में राज्य शिक्षा केंद्र ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इसमें निर्देशित किया गया है कि इस बार डिटेंशन पॉलिसी भी लागू होगी। बता दें कि इस बार परीक्षा में सरकारी व निजी स्कूलों के करीब 24 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे। डिटेंशन पॉलिसी लागू होगी कक्षा 5वीं व 8वीं की परीक्षा में निर्धारित अर्हकारी अंक प्राप्त नहीं करने वाले विद्यार्थियों को पुन: परीक्षा का अवसर दिया जाएगा। इसके लिए दो माह बाद पुन: परीक्षा आयोजित होगी। पुन: परीक्षा में भी अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों को उसी कक्षा में रोके जाने (डिटेंशन पालिसी) का प्रविधान होगा। प्रत्येक विषय में लिखित परीक्षा 60 अंक का होगा, जिसमें 33 प्रतिशत यानी 20 अंक लाने होंगे। उससे कम अंक लाने वाले बच्चों को पुन: परीक्षा देनी होगी। इसके बाद भी कोई फेल हो जाता है तो उसे उसी कक्षा में रोक लिया जाएगा। नियमितता व कर्तव्यनिष्ठा पर भी मिलेगी ग्रेड स्कूलों में आयोजित गतिविधियों में विद्यार्थी की उपलब्धि पर स्कूल से ग्रेड दी जाएगी। यह कक्षा शिक्षक देंगे। इसमें नियमितता, समयबद्धता, सहयोग की भावना, पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता, कर्तव्यनिष्ठा व ईमानदारी का आकलन भी होगा। इसके अलावा साहित्यिक, सांस्कृतिक, विज्ञान, सृजनात्मक, खेलकूद पर भी ग्रेडिंग की जाएगी। स्कूलों को ग्रेड व अंक 15 फरवरी तक आनलाइन भरकर राज्य शिक्षा केंद्र को भेजने होंगे। वहीं पांचवीं के परीक्षार्थियों के लिए अतिरिक्त भाषा वैकल्पिक है। इस कारण अतिरिक्त भाषा के प्राप्तांकों को वार्षिक परिणाम में नहीं जोड़ा जाएगा। नकल करते पकड़े जाने पर परीक्षा होगी निरस्त अगर कोई विद्यार्थी नकल करते या अनुचित साधनों का प्रयोग करते पकड़ा जाएगा तो उसकी परीक्षा निरस्त कर दी जाएगी। उसकी उत्तरपुस्तिका का मूल्यांकन नहीं किया जाएगा। एक घंटे के अंदर उत्तरपुस्तिकाओं को जमा करना होगा यह भी निर्देशित किया गया है कि परीक्षा के दिन जनशिक्षा केंद्र से 45 मिनट पहले केंद्रों पर केंद्राध्यक्ष की उपस्थिति में प्रश्नपत्रों का बंडल वितरित किया जाएगा। परीक्षा समाप्त होने के बाद सभी केंद्रों से एक घंटे के अंदर उत्तरपुस्तिकाओं को जनशिक्षा केंद्र पर जमा कराना होगा। recent visitors 51

ग्वालियर में 60 करोड़ की जमीन के लिए परिवार में खूनी संघर्ष, पंचायत में गोलीबारी, 1 की मौत, 3 घायल

ग्वालियर  मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) में परिवार के सदस्यों के बीच खूनी संघर्ष देखने को मिला। सदस्यों के बीच हुए भीषण खून-खराबे में एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जबकि अन्य तीन लोग घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि लड़ाई की वजह 60 करोड़ रुपए की कीमत (Price of Rs 60 crores) वाली बेशकीमती जमीन (Precious land) है, जिसके बारे में पंचायत चलते समय विवाद बढ़ा और फिर खूनी रूख अख्तियार कर लिया। दरअसल ग्वालियर के एक यादव परिवार और उनके नजदीकी रिश्तेदारों की मौजूदगी में पंचायत की बैठक हो रही थी। तभी दो भाइयों हुकुम सिंह और रामू यादव के बीच में विवाद बढ़ गया। इस बीच हुकुम सिंह ने परिवार की कुछ महिलाओं सहित रामू और दिनेश पर षडयंत्र करके हमला करने का आरोप लगाया। और फिर विवाद बढ़ता ही चला गया और गोलियां चलने तक की नौबत आ गई। जब हम मृतक पुरुषोत्तम यादव के घर पहुंचे, तो वहां काफी संख्या में लोग जमा थे, क्योंकि कुछ ही देर में गोली लगने से मरने वाले युवक की बॉडी आने वाली थी। जिसके रिश्तेदार और गांव वाले अंतिम संस्कार की तैयारी में लगे थे। पूरे घर में गमगीन माहौल था। यहां महिलाएं रो-बिलख रही थीं। पुरुषोत्तम यादव के घर के पास दो घर छोड़कर आरोपियों का घर है, जहां सन्नाटा पसरा हुआ था और घर के बाहर ताला लगा था। वहां के पुरुष, महिलाएं और बच्चे सभी घर छोड़कर भाग चुके हैं। वहीं, आरोपियों के घर के बाहर और पूरे गांव में भारी पुलिस बल तैनात है। 60 करोड़ की जमीन बनी खूनी संघर्ष की वजह करीब साढ़े 17 बीघा जमीन, जिसकी मौजूदा कीमत लगभग 60 करोड़ रुपए आंकी जा रही है, इसी के बंटवारे को लेकर विवाद हुआ। पंचायत के दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी इतनी बढ़ गई कि देखते ही देखते गोलियां चलने लगीं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है। ऐसे समझिए पूरा मामला ग्वालियर के गिरवाई थाना क्षेत्र स्थित गोकुलपुरा में हुकुम सिंह यादव और उनके भाई पंचम सिंह यादव के बीच पुश्तैनी जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। यह जमीन 1989 में हुकुम सिंह के पिता मजबूत सिंह ने खरीदी थी। चूंकि हुकुम सिंह के छोटे भाई बालमुकुंद और बड़े भाई शिवचरण उस समय नाबालिग थे, इसलिए जमीन बड़े भाई पंचम सिंह यादव के नाम कर दी गई थी। बाद में, हुकुम सिंह, बालमुकुंद और शिवचरण ने 2000 में कानूनी कार्रवाई कर जमीन अपने नाम करा ली। हालांकि, 2018 में पंचायत बैठी, जिसमें जमीन का एक हिस्सा पंचम सिंह, शिवचरण और बालमुकुंद को दिया गया, जबकि दूसरा हिस्सा पंचम सिंह की पत्नी कमला यादव और उनके बेटे रामू व रामबरन यादव के नाम हुआ। लेकिन 2021 में कमला और उनके बेटों ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर पूरी जमीन अपने नाम करा ली। इसके बाद विवाद कोर्ट तक पहुंच गया, जहां 2021 में कोर्ट ने हुकुम सिंह के पक्ष में फैसला सुना दिया। बावजूद इसके, दूसरा पक्ष मानने को तैयार नहीं था। प्रशासनिक अधिकारी कई बार सुलह का प्रयास कर चुके थे, लेकिन समस्या का समाधान नहीं निकल पाया। पंचायत में हथियारों के साथ पहुंचने पर दूसरे पक्ष ने की फायरिंग बुधवार को कुछ रिश्तेदारों ने दोनों पक्षों के बीच दुश्मनी खत्म करने के लिए पंचायत बुलाकर बातचीत कराने की पहल की थी। इस दौरान मजबूत सिंह के बड़े बेटे, पंचम सिंह की पत्नी कमला और उसका बेटा रामू यादव हथियारों के साथ वहां पहुंच गए। इसके बाद कमला के बेटे रामबरन, रामू, रणवीर और दिनेश ने पिस्टल, माउजर और बंदूक से अपने चाचा हुकुम सिंह, शिवचरण, बालमुकुंद और चचेरे भाई पुरुषोत्तम पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। बचाव में हुकुम सिंह, शिवचरण, बालमुकुंद और पुरुषोत्तम ने भी जवाबी फायरिंग की। इस गोलीबारी में हुकुम सिंह के पक्ष से उनके भाई बालमुकुंद सिंह यादव, पूर्व सरपंच शिवचरण सिंह यादव, भतीजा पुरुषोत्तम सिंह यादव और धीरज यादव गोली लगने से घायल हो गए। वहीं, कमला का बेटा रामबरन सिंह उर्फ रामू और दिनेश यादव भी घायल हुए। चार थानों की पुलिस मौके पर पहुंची थी घटना की सूचना मिलते ही चार थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। सभी घायलों को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने गोली लगने से घायल 25 वर्षीय पुरुषोत्तम सिंह यादव को मृत घोषित कर दिया। पुरुषोत्तम पूर्व सरपंच शिवचरण सिंह यादव का बेटा था। पंचायत के जरिए मामले को सुलझाने का वादा किया था दिसंबर में पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच बढ़ते विवाद को देखते हुए बाउंड ओवर की कार्रवाई की थी। इसमें दोनों पक्षों ने आपसी बातचीत और पंचायत के जरिए मामले को सुलझाने का वादा किया था। इसके बावजूद, पुलिस और प्रशासन ने एक बार फिर पंचायत कराने की कोशिश की। पुलिस और रिश्तेदारों ने 2 और 3 जनवरी को पंचायत आयोजित की थी, लेकिन उस समय दोनों परिवारों के बीच सहमति नहीं बन पाई। खून के छींटे अब भी जमीन पर मौजूद जब भास्कर की टीम घटनास्थल की पड़ताल करने पहुंची, तो गिरवाई थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके की जांच कर रहे थे। घटना के बाद मृतक के खून के छींटे अब भी जमीन पर मौजूद थे, जिन्हें पुलिसकर्मी सबूत के तौर पर इकट्ठा कर रहे थे। जिस स्थान पर यह खूनी संघर्ष हुआ, वह जमीन पूर्व सरपंच शिवचरण यादव की बताई जा रही है। शिवचरण ने इस जमीन को क्रेशर संचालक को किराये पर दिया हुआ है। सुरक्षा के लिए गांव में 30 पुलिसकर्मी तैनात गिरवाई थाना प्रभारी सुरेंद्र नाथ सिंह ने बताया कि घटना ठीक उसी स्थान पर हुई है, जहां दोनों पक्ष बातचीत कर रहे थे। पुलिस टीम घटनास्थल की दोबारा जांच करने पहुंची है। उन्होंने बताया कि मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ में पता चला कि तीन से चार राउंड फायर किए गए थे। पुलिस को घटनास्थल से खाली कारतूस भी मिले हैं। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 25 से 30 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।   recent visitors 23