Sunday, July 5, 2026 5:24 am

मुख्यमंत्री शिव महापुराण कथा में हुए शामिल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सनातन धर्म की कथा अच्छी तरह से जीवन जीने की प्रेरणा देती है। सनातन धर्म में 18 पुराणों में सर्वश्रेष्ठ शिव पुराण को माना जाता है। काल के देवता महाकाल और महादेव एक ही हैं। इन्हें देवता और असुर समान रूप से पूजकर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सतना जिले के रामपुर बघेलान में आयोजित शिव महापुराण कथा में शामिल होने के बाद रविवार को श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने व्यास पीठ पर विराजित राजगुरु बद्री प्रपन्नाचार्य जी और पोडी धाम के स्वामी वल्लभाचार्य जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया और पूर्व मंत्री स्व. हर्ष नारायण सिंह की पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रामपुर बघेलान के विधायक विक्रम सिंह और श्रीमती शिवांगी सिंह द्वारा पूर्व मंत्री स्व. हर्ष नारायण सिंह की पुण्यतिथि पर आयोजित शिव महापुराण कथा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का यह स्वर्णिम समय है, जब अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर जगमगा रहा है। महाकुंभ में देश-विदेश के करोड़ों लोगों ने स्नान कर पुण्य लाभ लिया है। उन्होंने कहा कि महाकुंभ और कथा जैसे धार्मिक समागम हमारी ऊर्जा और सनातन प्राचीन संस्कृति से जोड़ने के अवसर प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जहां-जहां भगवान राम और कृष्ण की लीलाएं हुई हैं, उन सभी स्थानों को जगमगाने का संकल्प प्रदेश सरकार ने लिया है। चित्रकूट धाम भी अयोध्या की तरह जगमगाएगा। आने वाले समय में मध्यप्रदेश देश का सबसे सुंदर राज्य बनेगा। शिव महापुराण कथा में उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, विधायक विक्रम सिंह, सुरेंद्र सिंह गहरवार, जिला पंचायत अध्यक्ष रामखेलावन कोल और भगवती प्रसाद पाण्डेय सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।   recent visitors 19

महाराजा मार्तण्ड सिंह व्हाइट टाइगर सफारी के निर्माणाधीन बाड़ों का कार्य शीघ्र पूर्ण कराएं: उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि महाराजा मार्तण्ड सिंह व्हाइट टाइगर सफारी के निर्माणाधीन बाड़ों का कार्य शीघ्र पूर्ण कराएं जिससे वहाँ विभिन्न प्रजातियों के जीवों को रखा जा सके। उन्होंने सरीसृप प्रजाति के लिए बनाए जा रहे रेप्टाइल हाउस के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। पूर्ण गुणवत्ता के साथ कार्य को पूरा करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने व्हाइट टाइगर सफारी मुकुंदपुर का भ्रमण कर ग्वालियर से लाए गए व्हाइट टाइगर शावक को उत्साहपूर्वक देखा। उप मुख्यमंत्री ने वर्ल्ड एवियरी बाड़े का भ्रमण कर रंग-बिरंगे परिंदों को भी देखा। इस अवसर पर वन मण्डलाधिकारी सतना ने व्हाइट टाइगर सफारी में निर्माणाधीन कार्यों तथा प्रस्तावित कार्यों के बारे में उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल को अवगत कराया। भ्रमण के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष रीवा श्रीमती नीता कोल, नगर पालिक निगम रीवा के अध्यक्ष श्री व्यंकटेश पाण्डेय, सीसीएफ राजेश राय, डीएफओ सतना मयंक चांदीवाल, विवेक दुबे, राजेश पाण्डेय सहित जनप्रतिनिधिगण व अधिकारी उपस्थित रहे।   recent visitors 17

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया सहकारिता विभाग के वार्षिक कैलेंडर का विमोचन

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया सहकारिता विभाग के वार्षिक कैलेंडर का विमोचन “सहकार से समृद्धि” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय में सहकारिता विभाग की गतिविधियों पर आधारित वार्षिक कैलेंडर का विमोचन किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा, सहकारिता मंत्री केदार कश्यप सहित सभी कैबिनेट मंत्रीगण उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर सहकारिता विभाग के अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि “सहकार से समृद्धि” के मूलमंत्र पर आधारित यह कैलेंडर राज्य सरकार द्वारा सहकारिता के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों और उपलब्धियों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं में सहकारिता की भागीदारी छत्तीसगढ़ को समृद्धि और विकास के नए आयामों तक ले जाएगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहकारिता को मिली मान्यता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा वर्ष 2025 को ‘अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष’ घोषित किया गया है। इसी परिप्रेक्ष्य में, भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय द्वारा “सहकार से समृद्धि” अभियान के तहत विविध गतिविधियाँ पूरे छत्तीसगढ़ में आयोजित की जा रही हैं। वार्षिक कैलेंडर में समाहित योजनाएँ एवं कार्ययोजना सहकारिता विभाग के इस वार्षिक कैलेंडर में ग्राम, जिला एवं प्रदेश स्तर पर संचालित विभिन्न गतिविधियों को शामिल किया गया है। इन गतिविधियों में धान खरीदी एवं भंडारण प्रक्रिया का विस्तार, प्रधानमंत्री जन औषधि स्टोर एवं कॉमन सर्विस सेंटर की स्थापन,  विश्व स्तर पर विशाल अन्न भंडारण के लिए नवीन गोदामों का निर्माण, किसानों को एटीएम कार्ड प्रदान करना एवं पैक्स में माइक्रो एटीएम के माध्यम से भुगतान सुविधा, नवीन पैक्स सोसाइटी, डेयरी एवं मत्स्य सहकारी समितियों का पंजीयन एवं सशक्तिकरण के सम्बन्ध में जानकारी दी गई है। वार्षिक कैलेंडर के विमोचन के साथ राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ को सहकारिता आधारित आर्थिक विकास की दिशा में आगे ले जाने का एक और मजबूत कदम उठाया है। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर सहकारिता विभाग को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि यह पहल राज्य के सहकारी तंत्र को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं लाभदायक बनाएगी। इस अवसर पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, सहकारिता सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएँ  कुलदीप शर्मा, अपर आयुक्त सहकारिता एवं प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक एल. कांडे सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। इसके अलावा, सहायक पंजीयक मनीष खोबरागड़े, अपेक्स बैंक के प्रबंधक अभिषेक तिवारी, लेखा अधिकारी प्रभाकर कांत यादव सहित विभाग के कई गणमान्य अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे। recent visitors 17

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद् की 24वीं बैठक 3 मार्च को

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद् की 24वीं बैठक सोमवार, 3 मार्च 2025 को दोपहर 12:00 बजे आयोजित की जाएगी। यह बैठक छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रतिकक्ष में होगी। recent visitors 18

नक्सलियों संगठनों के पास सिर्फ 14 नक्सली कमांडर बचे, नक्सलवाद मुक्त करने का लक्ष्य हो रहा पूरा : आईजी पी सुंदरराज

रायपुर छत्तीसगढ़ में माओवादियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है। मार्च 2026 तक को नक्सलवाद मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। माओवादियों के खात्मे के लिए केंद्र सरकार टारगेट के 365 दिन की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। बस्तर के आईजी पी सुंदरराज के अनुसार, नक्सलियों संगठनों के पास सिर्फ 12 से 14 नक्सली कमांडर बचे हैं। बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है। जिस कारण से नक्सली संगठन कमजोर पड़ रहे हैं। आईजी पी सुंदरराज ने बताया- "जनवरी 2024 से अब तक 300 से ज़्यादा माओवादी मारे जा चुके हैं, ऐसे में बस्तर संभाग में बमुश्किल 400 हथियारबंद कैडर बचे हैं। उन्होंने कहा कि माओवादियों की सेंट्रल कमेटी भी काफी कमजोर हो गई है और उसके पास सिर्फ 12-14 एक्टिव कमांडर बचे हैं। ये संख्याएं सुरक्षा एजेंसियों को भरोसा दिलाती हैं कि वे मार्च 2026 तक नक्सलवाद को खत्म करने के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प को पूरा करने में सक्षम होंगी।" केवल 1200 नक्सलवादी बचे आईजी ने कहा कि बस्तर संभाग में अब केवल 1,200 माओवादी बचे हैं। उनके लिए हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण करने या सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ का दरवाज़ा खुला है। 2021 से अब तक 385 नक्सलियों के मारे जाने के बाद, बस्तर में लगभग 400 नियमित सशस्त्र कैडर बचे हैं। बाकी 700-800 मिलिशिया पुरुष हैं जो सपोर्ट सिस्टम के रूप में काम करते हैं, वे चेतना नाट्य मंच और दंडकारण्य आदिवासी किसान मजदूर संघ जैसे सांस्कृतिक विंग के सदस्य हैं। सेंट्रल कमेटी भी सिकुड़ रही है। हमारी मुख्य चिंता- वर्दीधारी लोग हैं, जो ज़्यादातर PLGA संरचनाओं और बटालियन 1 के वरिष्ठ स्तर के कैडर हैं। हिडमा करता है नेतृत्व बटालियन 1 का नेतृत्व खूंखार माओवादी कमांडर हिडमा कर रहा है। जिसका गृह क्षेत्र अब सुरक्षा बलों के कब्जे में है। हिडमा के गांव में पुलिस कैंप की स्थापना की गई है। वहीं, सड़क, पानी और बिजली जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी हो रही हैं। पुलिस के अनुसार, पिछले चार सालों में कई सेंट्रल कमेटी के सदस्य उम्र संबंधी बीमारियों के कारण मर चुके हैं या गिरफ़्तार किए गए हैं। जो बचे हैं वे भी नक्सलियों के खात्मे के साथ अपने आप खत्म हो जाएंगे। सुंदरराज ने कहा कि मिलिशिया के सदस्य अक्सर पीएलजीए के कट्टर कार्यकर्ताओं की तरह ही खतरनाक साबित होते हैं, लेकिन ध्यान उन्हें मुख्यधारा में लाने पर है, क्योंकि वे 'जिसका दम उसके हम' वाक्यांश को समझते हैं। आईजी ने कहा, "उन्हें एहसास है कि उन्हें एक उपकरण के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। एक बार जब वे बाड़ के इस तरफ आ जाते हैं, तो वे केवल विकास और सुविधाएँ चाहते हैं। हालांकि, सुरक्षा विशेषज्ञों ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि ये संख्याएं केवल एक धारणा है और नक्सलियों की सटीक संख्या बताना संभव नहीं है। "निश्चित रूप से, माओवादियों को हाल ही में भारी नुकसान हुआ है और वे कगार पर पहुंच गए हैं। उनकी आक्रामकता लगभग समाप्त हो गई है, फिर भी आगे एक लंबी लड़ाई है।" प्रभुत्व का क्षेत्र कम हुआ पी सुंदरराज ने कहा- अगर अगले साल नक्सलवाद वास्तव में खत्म हो जाता है, तो कोई भी गारंटी नहीं दे सकता है कि 31 मार्च, 2026 के बाद कोई हिंसा नहीं होगी, लेकिन नक्सलियों को खत्म करने के पूरे अभियान का फोकस एक बिंदु एजेंडे पर आधारित नहीं है। उनके प्रभुत्व का क्षेत्र कम हो गया है, उनकी ताकत पहले जैसी नहीं रही, सुरक्षा शिविर लोगों की चाहत के मुताबिक विकास ला रहे हैं, इसलिए हमें वांछित लक्ष्य तक पहुंचने की उम्मीद है।" recent visitors 27

दिल्ली में यमुना नदी पर छह किलोमीटर लंबे ट्रिप पर चलेगा क्रूज , निविदा जारी

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव में एक बड़ा सियासी मुद्दा रही यमुना नदी को पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनाने की योजना पर काम शुरू हो गया है। रेखा गुप्ता की अगुवाई वाली दिल्ली की नई भाजपा सरकार ने सत्ता संभालते ही यमुना के उत्थान के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। दिल्ली पर्यटन और परिवहन विकास निगम (डीटीटीडीसी) ने यमुना नदी में 6 किलोमीटर लंबे राउंड ट्रिप के लिए क्रूज या फेरी चलाने को लेकर निजी एजेंसियों को आमंत्रित करने के लिए निविदा जारी की है। यह क्रूज मॉनसून के दिनों को छोड़कर कुल 270 दिन तक चलाए जाएंगे। क्रूज आधुनिक सुविधाओं से लैस वातानुकूलित होंगे। इनका किराया पर्यटन विभाग तय करेगा। परियोजना के मुताबिक, क्रूज का परिचालन वजीराबाद बैराज से जगतपुर गांव के बीच 6-7 किलोमीटर लंबा होगा। क्रूज में 20-30 लोग बैठ सकेंगे। पीटीआई के मुताबिक, यमुना नदी क्षेत्र के पहचाने गए हिस्से में सौर ऊर्जा या विद्युत बैट्री चालित दो ‘क्रूज’ के संचालन के लिए उपयुक्त ‘ऑपरेटर’ की नियुक्ति के लिए शुक्रवार को कोटेशन के अनुरोध के साथ आरएफक्यू जारी किया गया है। प्रपोजल दस्तावेज में कहा गया है कि विकसित होने पर यह नदी-क्रूज पर्यटन को बढ़ावा देगा क्योंकि यह भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई), दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी), डीटीटीडीसी और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के समन्वित प्रयासों से पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ जल-परिवहन परियोजना होगी। डीटीटीडीसी क्रूज सेवाओं के लिए ऑपरेटर को नियुक्त करेगा जो सोनिया विहार से शुरू होकर वहां खत्म होगी, जिसमें कुल 7 से 8 किलोमीटर की यात्रा होगी। दस्तावेज में कहा गया है कि इस परियोजना को आईडब्ल्यूएआई और डीडीए द्वारा डीजेबी के सहयोग से लागू किया जाएगा और सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग क्रूज के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ फ्लोटिंग जेटी और नेविगेशनल एड्स शोर सुविधा प्रदान करेगा। चयनित ऑपरेटर शुरू में फेरी सेवाओं के संचालन के लिए दो इलेक्ट्रिक-सोलर हाइब्रिड बोट प्रदान करेगा। बोट में 20-30 यात्रियों के बैठने की क्षमता और पांच से सात नॉट की गति होनी चाहिए। नावों में इनबोर्ड बायो-टॉयलेट (जीरो डिस्चार्ज), एक घोषणा प्रणाली और सुरक्षा जैकेट भी लगे होंगे। ऑपरेटर सभी यात्रियों, चालक दल और अन्य नदी उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए एक सुरक्षित, विश्वसनीय और आरामदायक क्रूज सेवा प्रदान करेगा। वातानुकूलित बोट्स पट्टे पर या स्वामित्व वाली होंगी और दो साल से ज्यादा पुरानी नहीं होंगी। दस्तावेज में कहा गया है कि ऑपरेटर कम से कम चार यात्राएं सुनिश्चित करेगा। recent visitors 36

चैंपियंस ट्रॉफी में भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड से 25 साल बाद लिया बदला, क्या ऑस्ट्रेलिया से भी ले पाएगी वर्ल्ड कप का बदला ?

दुबई रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय टीम इस समय ICC चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 में धमाल कर रही है. टीम ने अब तक एक भी मैच नहीं गंवाया है. टीम इंडिया ने ग्रुप स्टेज में अपने सभी तीन मैच जीतकर सेमीफाइनल में शान से एंट्री की है. अब भारतीय टीम को अपना सेमीफाइनल 4 मार्च को दुबई में ही खेलना है. यह मुकाबला ग्रुप-बी में दूसरे नंबर पर रही ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ होगा. भारतीय टीम ने ग्रुप स्टेज में अपना आखिरी मुकाबला रविवार (2 मार्च) को न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला. जिसमें टीम इंडिया ने 44 रनों से जीत दर्ज की. गंभीर का मास्टर स्ट्रोक रहे वरुण चक्रवर्ती इस मैच में भारतीय कोच गौतम गंभीर और कप्तान रोहित ने एक 'मास्टर स्ट्रोक' चला. यह प्लेइंग-11 में राइट हैंड लेग स्पिनर वरुण चक्रवर्ती की एंट्री कराना था. इसके लिए उन्हें तेज गेंदबाज हर्षित राणा को बाहर बैठाना पड़ा. यह बड़ा जोखिम भरा 'मास्टर स्ट्रोक' रहा, क्योंकि यह टीम पर उलटा भी पड़ सकता था. वरुण के अलावा प्लेइंग-11 में 3 स्पिनर और भी थे. यह रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव और अक्षर पटेल रहे. मगर गंभीर का यह 'मास्टर स्ट्रोक' सही साबित हुआ. वरुण चक्रवर्ती ने लेग स्पिन का ऐसा चक्रव्यूह बनाया कि पूरी न्यूजीलैंड टीम इसमें फंसकर ढेर हो गई. अब सेमीफाइनल से पहले टेंशन में कंगारु टीम वरुण चक्रवर्ती ने इस मुकाबले में 10 ओवर गेंदबाजी की, जिसमें 42 रन देकर 5 विकेट झटके. उन्होंने इस दौरान ओपनर विल यंग, ग्लेन फिलिप्स, माइकल ब्रेसवेल, कप्तान मिचेल सेंटनर और मैट हेनरी को शिकार बनाया. इस तरह वरुण ने ओपनिंग और मिडिल ऑर्डर से लेकर निचेल क्रम तक को ढहाने का काम किया. वरुण के इस प्रदर्शन को देखकर ऑस्ट्रेलियाई टीम की टेंशन बढ़ गई होगी, क्योंकि सेमीफाइनल में उसी को भारतीय टीम का सामना करना है. इस प्रदर्शन से यह तो तय है कि सेमीफाइनल में वरुण का खेलना पक्का है. यदि गेंदबाजी में कोई बदलाव होता है तो कुलदीप यादव को आराम दिया जा सकता है, मगर वरुण की जगह पक्की मान सकते हैं. चैम्पियंस ट्रॉफी के डेब्यू पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 6/52 जोश हेजलवुड Vs न्यूजीलैंड, एजबेस्टन 2017 5/42 वरुण चक्रवर्ती Vs न्यूजीलैंड, दुबई 2025 5/53 मोहम्मद शमी Vs बांग्लादेश, दुबई 2025 भारत ने न्यूजीलैंड से 25 साल बाद लिया बदला भारत आखिरी बार 25 साल पहले चैंपियंस ट्रॉफी 2000 के फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था. ये मैच केन्या के नैरोबी में खेला गया था, जिसमें भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 264 रन बनाए थे. उस मैच में कप्तान सौरव गांगुली ने शानदार 117 रनों की पारा खेली थी, लेकिन न्यूजीलैंड ने क्रिस क्रेन्स की नाबाद 102 रनों की पारी के बदौलत भारत के 264 रनों के लक्ष्य को 49.4 ओवर में 6 विकेट खोकर हासिल कर लिया, और भारत खिताब जीतने से चूक गया. वरुण ऐसा करने वाले पहले भारतीय बने वरुण चक्रवर्ती डेब्यू के बाद सबसे तेजी से यानी सबसे कम वनडे मैचों में 2 बार 5 विकेट लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बन गए हैं. इससे पहले स्टुअर्ट बिन्नी ने यह उपलब्धि हासिल की थी, जिन्होंने 3 वनडे में मैचों में ही 2 बार 5 विकेट ले लिए थे. जबकि वरुण का यह दूसरा ही वनडे मैच था. चैम्पियंस ट्रॉफी के इतिहास में भी ऐसा पहली बार हुआ है, जब एक ही मैच में दो गेंदबाजों ने 5-5 विकेट झटके हों. इस मुकाबले में पहले न्यूजीलैंड टीम के तेज गेंदबाज मैट हेनरी ने 5 विकेट लिए थे. इसके बाद वरुण ने 5 विकेट अपने नाम कर लिए. चैंपियंस ट्रॉफी के इतिहास में भारत की न्यूजीलैंड पर पहली जीत 1998 से शुरू हुई चैंपियंस ट्रॉफी के अब तक 8 सीजन हो चुके हैं, पाकिस्तान की मेजबानी में होने वाला मौजूदा टूर्नामेंट चैंपियंस ट्रॉफी का 9 सीजन है. इतने साल गुजर जाने के बाद भी भारत और न्यूजीलैंड इस टूर्नामेंट में सिर्फ दो बार आमने सामने हुए हैं. पहली बार चैंपियंस ट्रॉफी 2000 के फाइनल मैच में, जहां भारत को हार का सामना करना पड़ा था, और दूसरी बार चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के ग्रुप मैच में, जहां न्यूजीलैंड को हार का सामना करना पड़ा. चैम्पियंस ट्रॉफी में बेस्ट प्रदर्शन करने वाले भारतीय गेंदबाज 5/36 रवींद्र जडेजा Vs वेस्टइंडीज, द ओवल 2013 5/42 वरुण चक्रवर्ती Vs न्यूजीलैंड, दुबई 2025 5/53 मोहम्मद शमी Vs बांग्लादेश, दुबई 2025 4/38 सचिन तेंदुलकर Vs ऑस्ट्रेलिया, ढाका 1998 4/45 जहीर खान Vs जिम्बाब्वे, कोलंबो 2002 चैम्पियंस ट्रॉफी के बाकी बचे मुकाबले: 4 मार्च- सेमीफाइनल-1, भारत Vs ऑस्ट्रेलिया, दुबई 5 मार्च- सेमीफाइनल-2, न्यूजीलैंड Vs साउथ अफ्रीका, लाहौर 9 मार्च- फाइनल, लाहौर (भारत के फाइनल में पहुंचने पर दुबई में खेला जाएगा) 10 मार्च- रिजर्व डे भारत का चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया से मुकाबला इस जीत का मतलब है कि भारत ग्रुप ए में शीर्ष पर रहा और अब उसका सामना मंगलवार (4 मार्च) को दुबई में पहले सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया से होगा, जो 2023 वनडे विश्व कप फाइनल का रीमैच है. इस वर्ल्ड कप एक भी मैच न हारने वाली भारतीय टीम फाइनल मैच में ऑस्ट्रेलिया से हारकर खिताब गंवां दी थी, लेकिन भारत चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराकर हिसाब बराबर करना चाहेगी. चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का दूसरा सेमीफाइनल चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का दूसरा सेमीफाइनल न्यूजीलैंड बनाम दक्षिण अफ्रीका के बीच बुधवार (5 मार्च) को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेला जाएगा. ये मैच 2015 वनडे वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल मैच का रीमैच होगा, जिस मैच में न्यूजीलैंड ने दक्षिण अफ्रीका को आखिरी ओवर में मात देकर फाइनल में प्रवेश किया था. recent visitors 55