Sunday, July 5, 2026 6:31 am

आदिवर्त संग्रहालय में ‘देशज’ समारोह में बघेलखंड और बुंदेलखंड की लोक कला का शानदार प्रदर्शन

खजुराहो  मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग द्वारा संचालित ‘आदिवर्त’ जनजातीय लोककला राज्य संग्रहालय, खजुराहो में रविवार, 02 मार्च 2025 को ‘देशज’ समारोह का आयोजन किया गया। यह समारोह जनजातीय नृत्य, गायन और लोक कला को समर्पित था, जिसमें बघेलखंड और बुंदेलखंड क्षेत्र के लोकगीतों और नृत्य परंपराओं की शानदार प्रस्तुति दी गई। समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई,  इसके बाद कलाकारों का स्वागत किया गया। इस कार्यक्रम में पहली प्रस्तुति दी सुगायत्री देवी अहिरवार एवं उनके साथियों ने, जिन्होंने निवाड़ी से बुंदेली लोकगीतों की दिल छू लेने वाली प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में अगली प्रस्तुति केवल कुमार द्वारा गुदुम्बजा जनजातीय नृत्य की रही। गुदुम्बजा नृत्य गोण्ड जनजाति की उपजाति ढुलिया का पारंपरिक नृत्य है, जिसे ढुलिया जनजाति के कलाकारों द्वारा गुदुम, ढफ, मंजीरा, शहनाई, और टिमकी जैसे वाद्यों के साथ प्रस्तुत किया जाता है। खासतौर पर विवाह समारोह और अन्य धार्मिक अवसरों पर इस नृत्य की विशेष मांग रहती है। समारोह की आखिरी प्रस्तुति में सुकल्याणी मिश्रा और उनके साथियों ने रीवा से बघेली लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिसने दर्शकों का दिल जीत लिया। ‘देशज’ समारोह का अगला संस्करण 08 मार्च 2025 को आयोजित होगा, जिसमें प्रेमनारायण चोबे, मुकेश जाटव, सुरामवती राजपूत, महेश कुमार मिश्रा, हरचरण श्रीवास और राममिलन राय द्वारा बुंदेली लोकगीतों की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके साथ ही संतोष कुमार यादव द्वारा अहिराई नृत्य का आयोजन भी होगा। यह समारोह खजुराहो की सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखने और क्षेत्रीय कला को बढ़ावा देने में एक अहम भूमिका निभा रहा है। recent visitors 24

व्यक्ति की ये बुरी आदतें जीवन में कर देती असफल

शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा, जो खुद को अपने जीवन में सफल देखने की ख्वाहिश ना रखता हो। हर व्यक्ति अपने जीवन में सफलता का स्वाद चखना चाहता है। जिसके लिए वो समय-समय पर कड़ी मेहनत भी करता है। लेकिन कई बार मेहनती होने के बावजूद कुछ लोगों से सफलता कोसों दूर बनी रहती है। जिसके पीछे उनकी 4 बुरी आदतें जिम्मेदार हो सकती हैं। आइए जानते हैं व्यक्ति की उन 4 बुरी आदतों के बारे में, जो उसे जीवन में कमजोर बनाकर सफल होने से रोकती हैं। ऐसे में अगर आप अपने जीवन में सफलता का स्वाद लेते हुए आगे बढ़ते रहना चाहते हैं तो इन आदतों से समय रहते छुटकारा पा लेना चाहिए। अतीत में फंसे रहना ऐसा व्यक्ति जो हमेशा अपने अतीत में फंसा रहता है, कभी भी अपने जीवन से जुड़े बड़े फैसले आसानी से नहीं ले पाता है। ऐसा करते समय वो हमेशा खुद को कमजोर महसूस करता है, जिसकी वजह से सफलता उनसे हमेशा दूर बनी रहती है। अगर आप जीवन में सफलता पाना चाहते हैं तो अपनी इस आदत को तुरंत बदल डालें। जितना जल्दी हो सके अपने अतीत से बाहर निकलने की कोशिश करें। अविश्वासी होना जो व्यक्ति दूसरों पर कभी विश्वास नहीं करते हैं, वो हमेशा अपने जीवन में अकेले रह जाते हैं। किसी पर भी भरोसा न कर पाने की आदत उन्हें जीवन में आगे नहीं बढ़ने देती है। जिसकी वजह से उन्हें बाकी लोगों की तुलना में सफल होने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। अकेलेपन की वजह से व्यक्ति मानसिक रोग का शिकार भी हो सकता है। जबकि टीम के साथ मिलकर काम करने से आपको प्रोत्साहन और समर्थन मिलता है, जिससे आपकी उपलब्धियां और ज्यादा बढ़ती हैं। चुनौतियों का सामना करने से पीछे हटना जो व्यक्ति जीवन में चुनौतियां लेने से घबराता है, वह अंदर ही अंदर खोखला और कमजोर होता चला जाता है। अगर आप जीवन में सफलता पाना चाहते हैं तो आपको हर चुनौती का डटकर सामना करना चाहिए। गलतियों को अनदेखा करना जो व्यक्ति अपनी गलतियों को हमेशा अनदेखा करता रहता है, उनसे कोई सीख नहीं लेता है, उसे जीवन में असफल होने से कोई नहीं रोक सकता है। हर सफल व्यक्ति में अपनी गलतियों से सीखने का गुण होता है। recent visitors 42

मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों से कटनी के औद्योगिक विकास पर किया संवाद

कटनी सहित प्रदेश के 10 अलग- अलग स्थानों में होगी इंडस्ट्री कॉन्क्लेव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य में औद्योगिक निवेश के लिए बेहतर और अनुकूल वातावरण मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों से कटनी के औद्योगिक विकास पर किया संवाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य में औद्योगिक निवेश के लिए बेहतर और अनुकूल वातावरण है। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध संसाधन और संभावनाओं को देखते हुए कटनी सहित 10 अलग-अलग जिलों में इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन किया जाएगा। कटनी जिला औद्योगिक निवेश की दृष्टि से संभावनाओं वाला जिला है। कटनी में उद्योग एवं निवेश को बढ़ावा देने से रोजगार और आर्थिक विकास के नए अवसर सृजित होंगे। ऐसे में कटनी में शीध्र ही मिनरल एंड माइनिंग और फूड प्रोसेसिंग संबंधी इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित की जायेगी। मुख्यमंत्री ने यह बात रविवार को कटनी जिले में औद्योगिक विकास के संबंध में उद्योगपतियों से संवाद में कही। सांसद शहडोल श्रीमती हिमाद्री सिंह, विधायक मुड़वारा संदीप श्रीप्रसाद जायसवाल, विधायक बहोरीबंद प्रणय प्रभात पाण्डे, विधायक बड़वारा धीरेन्द्र बहादुर सिंह, महापौर श्रीमती प्रीति सूरी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुनीता मेहरा और दीपक टंडन मंचासीन रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए वर्ष-2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष घोषित किया गया है। पूरे वर्ष प्रदेश में औद्योगिक विकास को लेकर एक मिशन के तौर पर प्रयास किये जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके तहत माइनिंग मिनरल, फूड प्रोसेसिंग जैसी जिस प्रकार की, जिस स्थान पर संभावनाएं उपलब्ध होंगी, प्रदेश की उन 10 अलग-अलग जगहों में इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन होगा। उन्होंने कहा कि इसकी शुरूआत सबसे पहले इंदौर से आईटी, सेमीकंडक्टर व आर्टिफिशियल इंजीनियरिंग पर केन्द्रित इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और फिर उज्जैन में पर्यटन (विशेषकर धार्मिक पर्यटन) और फूड प्रोसेसिंग के मद्देनजर इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद अन्य स्थानों में भी इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कटनी में माइनिंग एवं मिनरल्स, फूड प्रोसेसिंग, चूना उद्योग, मार्बल उद्योग के नजरिये से औद्योगिक विकास की असीम संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार समाज के सभी वर्गों की बेहतरी के लिए कदम से कदम मिलाकर चल रही है। मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश के नजरिए से अनुकूलता है। राज्य में अलग-अलग प्रकार की परिस्थितियों के साथ संभावनाएँ भी है। मध्यप्रदेश अपने रणनीतिक प्रयासों से औद्योगिक विकास के नये युग की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से जनसंवाद के दौरान ही संभागायुक्त जबलपुर अभय वर्मा एवं कलेक्टर कटनी दिलीप कुमार यादव से कहा कि वे उद्योगपतियों के हित व औद्योगिक विकास के नजरिए से शासन की सभी 18 प्रकार की नीतियों और उद्योग की स्थापना में मिलने वाले लाभों की जानकारी उद्योगपतियों को उपलब्ध कराएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से संवाद कार्यक्रम की शुरूआत माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप-प्रज्जवलन से की। इसके बाद उद्योगपतियों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का पुष्प-गुच्छ से स्वागत किया। जिला प्रशासन नें मुख्यमंत्री डॉ. यादव को एक जिला एक उत्पाद के तहत चयनित कटनी सैंड स्टोन से निर्मित अशोक स्तंभ की प्रतिकृति भेंट की। उद्योगपतियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भगवान पिंड गणेश की प्रतिमा भेंट की। बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष अशोक विश्वकर्मा, सहित उद्योगपति पवन मित्तल, अरविंद गुगालिया, लघु उद्योग भारती के महामंत्री अरूण कुमार सोनी के अलावा माइनिंग एंड मिनरल्स, हेल्थ, एजुकेशन, दाल एवं राईस मिल, होटल व्यवसाय से संबंधित उद्योगपतियों की मौजूदगी रहीं।   recent visitors 31

सगा सग्गुम आदिम सामाजिक संस्था भोपाल म प्र (इंडिया) का साधारण त्रिवार्षिक सभा सम्पन्न हुई।

The general triennial meeting of Saga Sagguum Primitive Social Organization Bhopal MP (India) was concluded. भोपाल (सुशील दामले) ! (नि प्र) सगा सग्गुम आदिम सामाजिक संस्था भोपाल म प्र (इंडिया) का साधारण त्रिवार्षिक सभा का आयोजन किया गया जिसमें संस्था के नियमावली के अनुसार संस्था के परम्परानुसार विधिवत गोंगों भुमका तिरु. हेमसिंह वरकड़े जी द्वारा किया गया ततपश्चात समस्त कार्यो पर चर्चा व आगामी क्रियाकलापों की के बारे में विधिवत संस्था अध्यक्ष द्वारा बताया गया । सभा का संचालन संस्था सचिव ने किया वहीं विगत वर्षों के संस्था के नियमावली अनुसार हुए कार्यों का विस्तृत प्रतिवेदन सभी के समक्ष रखा गया है। उपस्थित संरक्षक सदस्य, आजीवन सदस्य, साधारण सदस्य व संयोजन समितियों के पदाधिकारीगणों की उपस्थिति रही । निर्वाचन अधिकारी के निर्देश व संरक्षण मे प्रबंध कार्यकारिणी का विधिवत निर्वाचन किया गया जिसमें अध्यक्ष- ति. अजीतसिंह तेकाम जी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष- ति .महासिंह धुर्वे जी, कनिष्ठ उपाध्यक्ष- ति. डुमारी सिंह धुर्वे जी, सचिव- ति. फूलसिंह मरावी जी, सहसचिव- ति. द्रुपसिंह उइके जी , कोषाध्यक्ष- ति. राजीव कुमार कुड़ापे जी, सदस्य क्रमशः 1-ति.सम्मलसिंह मरकाम, 2- ति. तेनसिंह आर्मो, 3- ति. ईश्वरी मर्सकोले, 4- ति.बीरबल धुर्वे, प्रबंधकार्यकारिणी निर्वाचन पदाधिकारी ति.डी .एस . उइके जी की कार्यकुशलता व निर्देशन से विधिवत संस्था पदाधिकारियों का निर्वाचन किया गया। जिला मण्डला से कुडोपानी- संयोजन समिति व गढ़ भोपाल जिला संयोजन समिति का गठन किया गया जिसमें अध्यक्ष तिरु. जगदीश मसराम जी और सचिव तिरु.राजकुमार इड़पाची जी वरिष्ठ उपाध्यक्ष तिरु.एच् .एल. तेकाम कनिष्ठ उपाध्यक्ष तिरु.दुर्गसिंह मरावी जी सह – सचिव विनोद उइके जी कोषाध्यक्ष तिरु. हेमसिंह उइके जी एंव सदस्य यशवंत कुरवेती जी बी.एल.वयाम जी, रामप्रसाद उइके जी , राजेश आर्मो जी निर्वाचित हुए निर्वाचन अधिकारी के माध्यम से सभी पदाधिकारीगणों को शपथ ग्रहण कराया गया – कि गोंड समुदाय के रीति-रिवाज संस्कृति, साहित्यिक, दार्शनिक, वैधानिक, धार्मिक पहचान, भाषिक, ऐतिहासिक तथ्यों के संरक्षण व आर्थिक पहलुओं की सुदृढ़ता, संरक्षण के लिए प्रतिबद्धता ली गयी। सभा की अध्यक्षता ति. महेश प्रसाद धुर्वे जी द्वारा निर्वहन किया गया वहीं आभार प्रदर्शन – ति. राजकुमार इड़पाची जी द्वारा किया गया। वहीं उपस्थित सभी सदस्यों व पदाधिकारीगणों द्वारा संकल्प भी लिया गया कि- नियमावली अनुसार कार्यो का सतत संचालन किया जावेगा। recent visitors 139

उप मुख्यमंत्री ने किया गौवंश वन्य विहार में प्रशासनिक भवन का लोकार्पण

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि बसामन मामा गौवंश वन्य विहार, गौ सेवा का आदर्श स्थल बनेगा। गौवंश वन्य विहार में अधोसंरचना व विकास के अधिकतर कार्य पूर्णता की ओर हैं। गौवंश वन्य विहार में संरक्षित गौवंश के गोबर व मूत्र से बनने वाले उत्पादों का विक्रय कर इसे पूर्णत: आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। शुक्ल ने एक करोड़ रुपए की लागत से बनाए गए प्रशासनिक भवन गौ कार्यालय का लोकार्पण किया। गौ-कार्यालय के नव निर्मित हॉल में समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री ने गौवंश वन्य विहार में शेष कार्यों की विभागवार जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि गौवंश वन्य विहार में जल की निर्बाध आपूर्ति होती रहे इसलिए आवश्यक है कि भूजल स्तर कम न हो। उन्होंने गौवंश वन्य विहार से लगे तालाब को नदी से भरने के निर्देश दिए। द्वितीय चरण के तहत नाला में रपटा कम स्टॉप डैम, चेकडैम तथा शेष बाउन्ड्रीवाल के निर्माण कार्य को स्वीकृत कर कार्य प्रारंभ करने के निर्देश बैठक में दिए गए। उन्होंने कहा कि निर्बाध विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। आगामी समय में सब स्टेशन का भी निर्माण कार्य कराया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने बैठक में गौवंश वन्य विहार में गौ सेवा के लिए प्रोटोकाल बनाकर कार्य किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि संरक्षित गौवंश का डाटा शीट में पूर्ण विवरण दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि गोबर व गौमूत्र से बनने वाले उत्पादों का विक्रय कर गौवंश वन्य विहार को पूर्णत: आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। गोबर से बनने वाली खाद का विक्रय किया जाएगा। किसानों को गौशाला से जोड़ने का कार्य प्राथमिकता से होगा ताकि वह यहाँ से जरूरत के अनुसार खाद क्रय कर सकें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि बॉयो गैस प्लांट को शीघ्र प्रारंभ किया जाए तथा मृत पशुओं के निष्पादन की यूनिट लगाने का काम शीघ्र प्रारंभ कराएं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बसामन मामा गौवंश वन्य विहार का आदर्श संचालन सुनिश्चित कराते हुए गौ सेवा के साथ ही इसे पूर्णत: आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने गौवंश वन्य विहार में निर्मित रेस्ट हाउस में रात्रि विश्राम किया तथा प्रात:काल भ्रमण कर व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए गौवंश को चारा एवं गुड़ खिलाया। बैठक में अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती नीता कोल, पूर्व विधायक केपी त्रिपाठी, सीसीएफ राजेश राय, अमित अभयरामदास महाराज, समाजसेवी राजेश पाण्डेय, सहित अधिकारी, जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन उपस्थित रहे।   recent visitors 37

दवा विक्रेता संघ ने उप मुख्यमंत्री का किया सम्मान

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि पीड़ित मानवता की सेवा में दवा विक्रेताओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। केन्द्र सरकार द्वारा प्रारंभ किए गए निरोगी काया अभियान में होने वाली नि:शुल्क जाँच कराने के लिए लोगों को जागरूक करने का कार्य दवा विक्रेता संघ करे ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ ले सकें। उप मुख्यमंत्री का रीवा जिला दवा विक्रेता संघ द्वारा सम्मान किया गया। उप मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में टीबी से पीड़ित मरीजों को पूरक आहार किट वितरित किए। सम्मान समारोह में उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि देश में स्वास्थ्य सुविधाओं की वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। आम आदमी को स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए आयुष्मान योजना वरदान बनी है। रीवा में भी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में गंभीर रोगों का इलाज आयुष्मान कार्डधारियों को नि:शुल्क हो रहा है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा 20 फरवरी से 31 मार्च तक संचालित निरोगी काया अभियान में बीपी, शुगर एवं लीवर की नि:शुल्क जाँच की जा रही है। उन्होंने 30 वर्ष से अधिक आयु के सभी व्यक्तियों से इन जाँचों को कराने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि रीवा जिले में प्रतिदिन की जाने वाली जाँच की रिपोर्टिंग व मॉनीटरिंग हो और यह प्रयास हो कि रीवा जिला देश में इन जाँचों में अग्रणी रहे। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, अध्यक्ष नगर निगम व्यकंटेश पाण्डेय, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती माया सिंह, समाजसेवी राजेश पाण्डेय, प्रदीप गौतम सुमन, दवा विक्रेता संघ के अध्यक्ष तरूणेन्द्र सिंह, विजय सिंह, सतीश मिश्रा सहित बड़ी संख्या में दवा विक्रेता संघ के पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित रहे।   recent visitors 26

यूनियन कार्बाइड के अपशिष्ट :अपशिष्ट के दहन की लगातार की जा रही है मॉनिटरिंग

पीथमपुर उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा रिट याचिका क्रमांक 2802/2004 (आलोक प्रताप सिंह विरुद्ध यूनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य) में विगत 18 फरवरी 2025 को पारित आदेशानुसार यूनियन कार्बाइड के अपशिष्ट का प्रथम ट्रायल रन  27 फरवरी 2025 से मेसर्स पीथमपुर इंडस्ट्रीयल वेस्ट मैनेजमेंट प्रा.लि. पीथमपुर, जिला धार द्वारा संचालित इंसीनरेटर में किया जा रहा है। संभागायुक्त दीपक सिंह ने बताया कि आज 02 मार्च,2025 को शाम 05 बजे तक 6750 किलोग्राम अपशिष्ट का दहन किया जा चुका है। अपशिष्ट के साथ लगभग 6750 किलोग्राम लाईम भी मिलाकर दहन किया गया है। फ्लू गैसेस की सफाई हेतु लगभग 7500 किलोग्राम लाईम, 3750 किलोग्राम एक्टीवेटेड कार्बन तथा 50 किलोग्राम सल्फर का उपयोग किया गया। अपशिष्ट को जलाने हेतु लगभग 33 हजार लीटर डीजल की खपत हो चुकी है। अपशिष्ट के दहन के दौरान चिमनी से हो रहे इमीशन की लगातार मॉनिटरींग केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के लगभग 20 अधिकारी / कर्मचारियों द्वारा की जा रही है। साथ ही इमीशन के लगातार मॉनिटरींग के लिये ऑनलाईन कन्टीन्युअस इमीशन मॉनिटरींग सिस्टम (OCEMS) भी संचालित है। चिमनी से उत्सर्जन निर्धारित मानक सीमा के भीतर पाये जा रहे है। संभागायुक्त सिंह ने बताया कि पर्टीक्यूरेट मेटर का उत्सर्जन 9.6 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर है, जिसकी निर्धारित अधिकतम मानक सीमा 50 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर है। इसी तरह सल्फर डाईऑक्साइड का उत्सर्जन 70 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर है, इसकी अधिकतम मानक सीमा 200 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर है। नाईट्रोजन ऑक्साईड्स का उत्सर्जन 116 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर है, इसकी निर्धारित अधिकतम मानक सीमा 400 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर है। कार्बन मोनो ऑक्साईड का उत्सर्जन 18 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर है, इसकी अधिकतम मानक सीमा 100 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर है। इसी प्रकार कार्बन डाईऑक्साइड का उत्सर्जन 6.54 प्रतिशत हो रहा है, इसकी निर्धारित अधिकतम मानक सीमा 7 प्रतिशत है। हाईड्रोजन क्लोराईड का उत्सर्जन 3.86 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर है, इसकी अधिकतम मानक सीमा 50 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर है। हाईड्रोजन फ्लोराईड का उत्सर्जन 1.85 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर है, इसकी निर्धारित अधिकतम मानक सीमा 4 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर है तथा टोटल आर्गेनिक कार्बन का उत्सर्जन 2 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर है, इसकी निर्धारित अधिकतम मानक सीमा 20 मिलीग्राम/सामान्य घनमीटर है।   recent visitors 31