Sunday, July 5, 2026 5:57 am

मुझे निर्देश दिए गए थे कि मैं आरएसएस के खिलाफ न बोलूं, क्योंकि इससे हिंदू नाराज हो सकते हैं:दिग्विजय सिंह

भोपाल कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने पर्दे के पीछे से भाजपा का समर्थन करने वाले कांग्रेस नेताओं पर राहुल गांधी द्वारा एक दिन पहले की गई सख्त टिप्पणी की सराहना की है। उन्होंने कहा कि गुजरात में चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें हिंदुओं के नाराज होने के डर से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ कुछ नहीं बोलने को कहा गया था। अहमदाबाद में  कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए गांधी ने कहा था कि पार्टी का पहला काम कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं के दो समूहों को अलग करना है – पहला जो पार्टी की विचारधारा को अपने दिल में रखते हैं और जनता के साथ खड़े हैं और दूसरे वो जो जनता से कटे हुए हैं, ‘जिनमें से आधे भाजपा के साथ हैं।’ उन्होंने ऐसे नेताओं और कार्यकर्ताओं की छंटनी करने की आवश्यकता पर बल दिया था तथा सख्त कार्रवाई यहां तक ​​कि निष्कासन की भी चेतावनी दी थी। सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में दिग्विजय सिंह ने गांधी को उनके बयान के लिए बधाई दी और कहा, "मुझे याद है कि जब मैं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में चुनाव प्रचार करने गुजरात गया था, तब मुझे निर्देश दिए गए थे कि मैं आरएसएस के खिलाफ न बोलूं, क्योंकि इससे हिंदू नाराज हो सकते हैं।" दिग्विजय सिंह ने कहा कि आरएसएस के नेतृत्व वाला संघ परिवार हिंदुओं का प्रतिनिधित्व नहीं करता है। उन्होंने कहा कि वह केवल धर्म के नाम पर समुदाय को गुमराह करता है और उनका शोषण करता है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक संदेश में कहा, "हिंदू धर्म गुरु शंकराचार्य जी की परंपरा हजारों वर्षों से चली आ रही है और यह आज भी चलन में है। उनमें से कौन सा शंकराचार्य आज भाजपा, आरएसएस का समर्थक है? भाजपा शोषक तत्वों का एक समूह है जिसका एकमात्र उद्देश्य धर्म के नाम पर लोगों को लूटना और सत्ता हासिल करना है।" recent visitors 60

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी का 9वें टाइगर रिजर्व के लिये माना आभार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 10 मार्च को मध्यप्रदेश के 9वें टाइगर रिजर्व का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस ऐतिहासिक अवसर पर एक बाघ एवं एक बाघिन को टाइगर रिजर्व में छोड़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव टाइगर रिजर्व की 13 किलोमीटर लम्बी पत्थर की सेफ्टी वॉल का भी उद्घाटन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का माधव राष्ट्रीय उद्यान को देश के 58वें और मध्यप्रदेश के 9वें टाइगर रिजर्व की सौगात प्रदान करने पर आभार जताया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि टाइगर रिजर्व बनने से वन्य-जीव संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटन को नई ऊँचाई मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह मध्यप्रदेश को वन्य-जीव संरक्षण क्षेत्र में मिली एक बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि माधव राष्ट्रीय उद्यान ऐतिहासिक और प्राकृतिक दृष्टि से बेहद समृद्ध है। टाइगर रिजर्व घोषित होने से वन्य-जीवों के संरक्षण के साझा प्रयासों को और अधिक मजबूती मिलेगी। शिवपुरी स्थित माधव नेशनल पार्क अब प्रदेश का 9वां टाइगर रिजर्व बन गया है। देश के 58वें और प्रदेश के 9वें टाइगर रिजर्व पर जताई प्रसन्नता प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को सोशल मीडिया 'एक्स' पर पोस्ट किया कि वन्य जीव प्रेमियों के लिए एक आश्चर्यजनक समाचार प्राप्त हुआ है। भारत वन्य जीव विविधता और वन्यजीवों के संरक्षण करने वाली संस्कृति से धन्य है। हम हमेशा हमारे वन्य प्राणियों की रक्षा करने और एक सतत् विकासशील ग्रह में जीवन कायम रखने में योगदान देने में सबसे आगे रहेंगे। 375 से अधिक वर्ग कि.मी. में फैला है टाइगर रिजर्व माधव टाइगर रिजर्व का आरक्षित वन क्षेत्र 32429.52 हेक्टेयर, संरक्षित वन क्षेत्र 2422.00 हेक्टेयर और राजस्व क्षेत्र 2671.824 हेक्टेयर है। इस प्रकार कुल क्षेत्र 37523.344 हेक्टेयर अथवा 375.233 वर्ग किलोमीटर है। टाइगर रिजर्व में अब बाघों की संख्या 7 हो जायेगी टाइगर रिजर्व में कुल बाघों की संख्या 5 है। इसमें 2 नर और 3 मादा शामिल हैं। बाघिन ने 2 शावकों को जन्म दिया है, जिनकी उम्र लगभग 8 से 9 माह है। सोमवार 10 मार्च को दो बाघ और छोड़े जाने से टाइगर रिजर्व में कुल बाघों की संख्या 7 हो जायेगी।   recent visitors 39

ललित मोदी का वानूआतू का पासपोर्ट रद्द होगा, जयशंकर की वजह से साजिश हुई नाकाम

नई दिल्ली  भारत के भगोड़े और इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पूर्व संस्थापक ललित मोदी ने अपना भारतीय पासपोर्ट जमा करने के लिए लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग में आवेदन दिया था। कहा जा रहा था कि ललित मोदी ने प्रशांत महासागर में स्थित एक द्वीपीय देश वानूआतू की नागरिकता हासिल कर ली है। उसने गोल्डन पासपोर्ट हासिल कर लिया था। हालांकि, इसके अगले ही दिन यह खबर आई कि वानूआतू के प्रधानमंत्री जोथम नापत ने नागरिकता आयोग को ललित मोदी के पासपोर्ट को रद्द करने का निर्देश दिया है। ललित मोदी ने 7 मार्च को अपना भारतीय पासपोर्ट सरेंडर करने के लिए आवेदन दिया और बाद में विदेश मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की थी। जानते हैं कि ललित मोदी का खेल कैसे बिगड़ा? कैसे ललित मोदी का खेल बिगड़ा, जानिए मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, न्यूजीलैंड में भारत की उच्चायुक्त नीता भूषण ने कुछ अन्य द्वीपीय देशों के साथ मिलकर ललित मोदी के वानूआतू का पासपोर्ट रद्द कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसके अलावा, विदेश मंत्री एस जयशंकर भी इन दिनों लंदन दौरे पर थे। ऐसे में यह संभव है कि ललित मोदी का खेल बिगड़ गया हो। क्योंकि, भारत सरकर कतई यह नहीं चाहेगी कि ललित मोदी को किसी ऐसे देश में शरण मिले, जहां से उसे लाना मुश्किल हो। वानूआतू सरकार बोली-ललित मोदी के कारनामे नहीं पता थे दरअसल, वानूआतू सरकार ने ललित मोदी को दिए पासपोर्ट को रद्द करने का आदेश दे दिया है। इसको लेकर वानूआतू के प्रधानमंत्री जोथम नापत ने एक हाई लेवल मीटिंग की। वनुआतू सरकार के मुताबिक, उन्हें ललित मोदी के कारनामे के बारे में पता नहीं था। इस आदेश के बाद ललित मोदी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दरअसल, वानूआतू के गोल्डन पासपोर्ट कार्यक्रम पर ललित मोदी की वजह से बुरा असर पड़ने की आशंका थी। यूरोप जैसे देश वानूआतू पर एक्शन ले सकते थे। कहां है ये देश, 82 द्वीपों में से 65 पर ही रहती है आबादी वानूआतू दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित एक द्वीप देश है। यह 82 द्वीपों से बना एक द्वीपसमूह है, जिनमें से केवल 65 पर ही आबादी है। ये ऑस्ट्रेलिया के पूर्व और न्यूजीलैंड के उत्तर में या ऑस्ट्रेलिया और फिजी के बीच में स्थित है। इसकी राजधानी और सबसे बड़ा शहर पोर्ट विला है, जो इफेट द्वीप पर स्थित है। वीजा इंडेक्स के अनुसार, वानूआतू पासपोर्ट होल्डर 56 देशों में बिना वीजा के यात्रा कर सकते हैं। इसका सिटीजनशिप-बाई-इंवेस्टमेंट प्रोग्राम एक अत्यधिक आकर्षक प्लान बन गया है। यह खुशहाल देशों में से एक है। ललित मोदी ने वानुअतु को क्यों चुना? भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों से बचने की कोशिश के अलावा एक संभावित कारण वानूआतू का गोल्डन पासपोर्ट कार्यक्रम हो सकता है। देश में निवेश द्वारा नागरिकता (सीबीआई) या गोल्डन पासपोर्ट कार्यक्रम बेहद पॉपुलर है, जो अमीर लोगों को अपना पासपोर्ट खरीदने की अनुमति देता है। वानूआतू ही क्यों, जानिए-इसकी वजह वानूआतू अपने नागरिकों पर कोई व्यक्तिगत कर नहीं लगाता है। इसका मतलब है कि आप जो भी आय कमाते हैं, चाहे वह स्थानीय हो या अंतरराष्ट्रीय वानूआतू सरकार की ओर से टैक्सेशन से पूरी तरह मुक्त है। देश में न तो विरासत कर है और न ही कॉर्पोरेट कर। इसका मतलब यह है कि अगर किसी व्यक्ति का व्यवसाय वानूआजू में रजिस्टर्ड है, लेकिन देश के बाहर से आय अर्जित करता है, तो उसे उन आय पर कॉर्पोरेट करों के अधीन नहीं होना पड़ेगा। विदेश मंत्रालय ने मामले पर क्या कहा था विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था, ‘ ललित मोदी ने लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग में अपना पासपोर्ट जमा करने के लिए आवेदन किया है। इसकी जांच मौजूदा नियमों और प्रक्रियाओं को देखते हुए की जाएगी। हमें यह भी जानकारी मिली है कि उसने वानूआतू की नागरिकता हासिल कर ली है। हम कानून के तहत उसके खिलाफ मामला आगे बढ़ाना जारी रखेंगे।’ ललित मोदी साल 2010 में भारत से भाग गया था और तब से लंदन में रह रहा है। 1 करोड़ में हासिल कर लेते हैं वानूआतू की नागरिकता वानूआतू एक इन्वेस्टमेंट प्रोग्राम के तहत अपनी नागरिकता बेचता है। लगभग 1 करोड़ रुपए खर्च करके इस देश की नागरिकता हासिल की जा सकती है। इस प्रोग्राम के तहत 1 हफ्ते के अंदर पैसा जमा कराने के बाद आप यहां के नागरिक बन सकते हैं। इसके अलावा यहां दोहरी नागरिकता भी हासिल की जा सकती है। वानूआतू के पासपोर्ट पर इतने देशों में वीजा फ्री जर्नी वानूआतू के पासपोर्ट पर 55 देश वीजा फ्री एक्सेस देते हैं। वहीं 34 देश वीजा ऑन अराइवल की सुविधा देते हैं। इसके अलावा यह देश टैक्स हेवन भी है, जिसके चलते पिछले कुछ समय से यहां की नागरिकता लेने का चलन बढ़ा है। वानूआतू का नागरिक बनने के लिए इस देश में रहना भी जरूरी नहीं है। वानूआतू में पर्यटन मुख्य कारोबार वानुआतू की 60 फीसदी से ज्यादा आबादी खेती-किसानी से जुड़ी है। यहां का मुख्य कारोबार पर्यटन है। जरूरी विदेशी मुद्रा पर्यटन के माध्यम से आती है। वानूआतू को दक्षिण प्रशांत क्षेत्र की प्रवाल भित्तियों की खोज करने के इच्छुक गोताखोरों के लिए छुटियां बिताने वाले प्रमुख डेस्टिनेशन में से एक माना जाता है। देश में पेट्रोलियम का कोई भंडार नहीं है। 4,000 साल से शुरू हुई इंसानों की बसावट वानूआतू पर इंसानों के आने की कहानी 4,000 साल पहले से शुरू होत है। वानूआतू में मेलानेशियाई लोग सबसे पहले आकर बसे थे। यूरोप के लोगों ने 1605 में क्यूरॉस के नेतृत्व में स्पेनिश अभियान के एस्पिरिटू सैंटो में आने पर इन द्वीपों का पता लगाया था। 1880 के दशक में फ्रांस और इंग्लैंड ने देश के कुछ हिस्सों पर अपना दावा किया और 1906 में वे एक ब्रिटिश-फ्रांसीसी सहस्वामित्व के जरिये न्यू हेब्रिड्स के रूप में इस द्वीपसमूह के संयुक्त प्रबंधन के एक ढांचे पर सहमत हुए। 1970 के दशक में एक स्वतंत्रता आंदोलन ने जन्म लिया और 1980 में वानूआतू गणराज्य बनाया गया। recent visitors 61

रमजान और इस्लाम धर्म पर आपत्तिजनक पोस्ट, मुस्लिम समुदाय के युवक सड़क पर, पुलिस ने लाठी चार्ज कर युवकों को खदेड़ा

सहारनपुर सहारनपुर जनपद के बेहट में पिछले कुछ दिनों से रमजान और इस्लाम धर्म के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर तनाव जारी है। सोमवार को इस मामले में नया मोड़ आ गया। मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने बस स्टैंड पर एकत्र होकर नारेबाजी की। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए लाठीचार्ज किया। इसके बाद पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया। दरअसल, चार दिन पहले इस्माइलपुर पठानपुरा के रहने वाले एक युवक की फेसबुक आईडी से पोस्ट डाली गई थी, जो रमजान और इस्लाम धर्म को लेकर की गई थी। उसी दिन युवक कोतवाली में पहुंच गया था और पुलिस को बताया कि किसी ने उसकी फेसबुक आईडी को हैक कर लिया है। उसकी फेसबुक आईडी से लगातार आत्तिजनक पोस्ट डलती रही। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने आपत्ति जताई। उनकी मांग है कि युवक को गिरफ्तार किया जाए। पुलिस ने युवक के खिलाफ केस कर दर्ज जांच शुरू कर दी थी, लेकिन सोमवार को मुस्लिम समुदाय के युवा भारी संख्या में बस स्टैंड पर पहुंचे। पता लगते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। माहौल को भांपते हुए पुलिस ने भीड़ पर लाठीचार्ज कर दिया। कुछ युवाओं को हिरासत में लिया। बताया जा रहा है कि भीड़ में कुछ बाहरी युवा शामिल है। स्थिति को नियंत्रित करते हुए गश्त बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।  recent visitors 45

एमपी विधानसभा का बजट सत्र, कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित

MP Budget 2025 live updates मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की आज से शुरुआत हो गई है। सबसे पहले सदन में राज्यपाल मंगुभाई पटेल का अभिभाषण हुआ। 12 मार्च का मध्य प्रदेश सरकार राज्य का बजट पेश करेगी। 24 मार्च तक चलने वाले विधानसभा के सत्र में कुल 9 बैठकें होंगी। वहीं, इस बार कांग्रेस सदन में जमकर हंगामा करने की तैयारी में है। इसकी शुरुआत आज विधानसभा के पहले दिन किसान कांग्रेस ने विधानसभा घेराव करके कर दी है। देखें सत्र के पहले दिन के पल-पल का अपडेट..। https://twitter.com/JansamparkMP/status/1898973445364252673 MP Budget 2025 live updates : कांग्रेस के विधानसभा घेराव के मुद्दें मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अभिभाषण दिया। उन्होंने कहा कि, राज्य सरकार किसानों, युवाओं, महिलाओं और गरीबों के कल्याण के लिए संकल्पित है। किसानों को सस्ती दरों पर बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए उन्हें मात्र 5 रुपए में स्थाई बिजली कनेक्शन दिया जाएगा। इसके अलावा, युवाओं के समग्र सामाजिक विकास और महिलाओं की सामाजिक-आर्थिक उन्नति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। https://twitter.com/MPVidhanSabha/status/1898985548154339672 हरदा से कांग्रेस विधायक रामकिशोर दोगने सिर पर काली टोपी लगाकर विधानसभा पहुंचे। उनके हाथ में एक तख्ती भी थी, जिसपर लिखा है ‘विधानसभा सत्र की अवधि बढ़ाई जाए’। पत्रिका से खास बातचीत के दौरान कांग्रेस विधायक ने कहा कि, सरकार जनता के मुद्दों पर जवाब देने से बचना चाहती है। इसलिए सदन की कार्यवाही इतनी कम अवधि की रखी गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष से लिखित मांग कर चुके हैं। इसपर उन्हें आश्वासन तो दिया गया, पर अबतक सदन की कार्यवाही की अवधि नहीं बढ़ाई गई। यही कारण है कि हमें कार्यवाही में शामिल होने के बजाए, बाहर विरोध करना पड़ रहा है। Read more: https://mysecretnews.com/gwalior-city-residents-protested-against-handing-over-gwalior-fort-to-private-hands/ recent visitors 97

12वीं पास विद्यार्थी को अंडर ग्रेजुएट कोर्स में प्रवेश के लिए नहीं मिल रहा

भोपाल संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लगातार प्रयासों के बीच ये खबर हैरान करने वाली है। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय से उत्तर मध्यमा/प्राक्शास्त्री (कक्षा 11वीं और 12वीं) करने वाले स्टूडेंट्स न तो ग्रेजुएशन के लिए किसी दूसरे कॉलेज में एडमिशन ले पा रहे है कक्षा 12वीं तक की ये कक्षाएं किसी बोर्ड से संबद्ध नहीं हैं। हालांकि जो छात्र प्राक्शास्त्री के बाद इसी विश्वविद्यालय से शास्त्री यानी ग्रेजुएशन करता है या इससे आगे की पढ़ाई करता है तो उसे सब जगह मान्य किया जा रहा है। भोपाल कैंपस में प्राक्शास्त्री कोर्स में हर साल 60 छात्रों को प्रवेश मिलता है अब अन्य संस्थानों द्वारा इसे मान्यता न देने से ये चिंतित हैं। केंद्र सरकार सभी को सर्कुलर जारी कर चुकी, फिर भी मान्यता नहीं दे रहे बोर्ड     भोपाल के आर्यावर्त शर्मा ने 2024 में राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान, भोपाल कैंपस से कक्षा 12वीं (प्राक्शास्त्री) की पढ़ाई की, लेकिन इसे मान्यता न मिलने के कारण किसी कॉलेज में प्रवेश नहीं मिल रहा। वे सीयूईटी और अग्निवीर भर्ती में आवेदन नहीं कर पाए, क्योंकि ऑनलाइन फॉर्म में राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान और केंद्रीय संस्कृत विवि का नाम उपलब्ध नहीं। अब उन्हें प्राइवेट 12वीं की पढ़ाई करनी पड़ रही है। समाधान के लिए कैंपस में कई बार संपर्क किया, लेकिन कोई सहायता नहीं मिली।     भारत सरकार ने 1970 में संस्कृत शिक्षा के विकास के लिए राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान की स्थापना की थी। मई 2002 में इसे बहुपरिसरीय मानित विश्वविद्यालय घोषित किया गया, जिसका भोपाल कैंपस साल 2002-03 से संचालित है।     2020 में इसे केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में शामिल कर दिया गया। 2013 में मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सभी राज्यों और बोर्ड को सर्कुलर जारी कर स्पष्ट किया था कि उत्तरमध्यमा/प्राक्शास्त्री 11वीं और 12वीं के समकक्ष है, फिर भी कई संस्थान इसे मान्यता नहीं दे रहे हैं। मामला उच्च स्तर पर संज्ञान में यह प्रकरण उच्च स्तर पर संज्ञान में लाया गया है। प्राक्शास्त्री को केंद्रीय मंत्रालय द्वारा हायर सेकंडरी के समतुल्य माना गया है। इसे मान्य किया जाना चाहिए। -प्रो. रमाकान्त पांडेय, निदेशक, भोपाल कैंपस, केंद्रीय संस्कृत विवि जल्द समाधान किया जाएगा विषय संज्ञान में है। पूर्व में राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान थे। तब समस्या नहीं थी। मंत्रालय स्तर पर चर्चा की जा रही है। जल्द समाधान होगा।-प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी, कुलपति, केंद्रीय संस्कृत विवि, दिल्ली   recent visitors 24

कंटेनर और कार की जोरदार टक्कर, पांच की मौत, 3 घायल

बस्ती उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है। हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई है। जबकि तीन लोग घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, लखनऊ-गोरखपुर फोरलेन पर बस्ती के नगर थाना क्षेत्र के गोटवा के पास सोमवार सुबह लाइन बदल रहे कंटेनर में लग्जरी कार की टक्कर हो गई। कार में सवार पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों की पहचान शिवराज सिंह पुत्र होमपाल सिंह, जिला संभल, शकील पता अज्ञात, बिस्वजीत पता अज्ञात, बहारन पता अज्ञात, डॉ प्रेम पुत्र नंदलाल, तरकुलही जसोपुर थाना खोराबार गोरखपुर के रुप में हुई है। वहीं, घायलों की पहचान छागूर यादव पुत्र उमा यादव, जिला गोपालगंज, भुआल पुत्र शंभू प्रसाद, गोपालगंज बिहार, अनिरुद्ध पुत्र सूर्यनाथ, थाना खोराबार के रुप में हुई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि बस्ती की तरफ जा रहा कंटेनर अचानक लाइन बदलने लगा। तभी सामने से आ रही कार की भीषण टक्कर हो गई। कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। कार सवार लोग भी बुरी तरह से दब गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। किसी तरह से वाहन को काटकर कार से अंदर से लोगों को निकाला। पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।   हादसे के बाद हाईवे पर दोनों लाइन में जाम लग गया। मृतकों में एक की पहचान हो पाई है जो कार का चालक है। ड्राइवर प्रेम खोराबार थाना क्षेत्र जनपद गोरखपुर के तरकुलही जसोपुर का रहने वाला है। कार सवार सभी लोग गुजरात से बिहार और गोरखपुर जा रहे थे।   recent visitors 52