Wednesday, July 8, 2026 12:25 pm

21 मार्च को एक होंगे दो हाॅकी ओलंपियन: हिसार की उदिता के होंगे जालंधर के हॉकी खिलाड़ी मनदीप सिंह

जालंधर पंजाब और हरियाणा के 2 हॉकी ओलिंपियन खिलाड़ी 21 मार्च को शादी करेंगे। दोनों जालंधर के मॉडल टाउन स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा में शादी के बंधन में बंधेंगे। शादी का कार्ड भी सामने आया है। इसमें दोनों के नाम के आगे ओलिंपियन लिखा हुआ है। दोनों के परिवार शादी की तैयारियों में व्यस्त हैं और इस खास दिन को यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। शादी के भव्य आयोजन के लिए परिवार गेस्ट लिस्ट तैयार कर रहे हैं। कार्यक्रम में खेल और राजनीति से जुड़ी कई हस्तियां शामिल हो सकती हैं। माना जा रहा है कि इस शादी में टीम इंडिया शामिल होगी। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मनदीप सिंह जालंधर के रहने वाले हैं। वह भारतीय पुरुष हॉकी टीम में स्ट्राइकर हैं। उन्हें टीम की गोल मशीन भी कहा जाता है। वहीं उदिता कौर हरियाणा के हिसार की रहने वाली हैं। वह भारतीय महिला हॉकी टीम में डिफेंडर हैं। उदिता महिला हॉकी इंडिया लीग में सबसे महंगी खिलाड़ी रह चुकी हैं। भारतीय हॉकी टीम के स्टार स्ट्राइकर मंदीप सिंह: गोल मशीन की कहानी सुरजीत हॉकी अकादमी से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक का सफर पंजाब के जालंधर जिले के मिट्ठापुर निवासी मंदीप सिंह का जन्म 25 जनवरी 1995 को हुआ। मंदीप सिंह ने अपने हॉकी करियर की शुरुआत जालंधर की सुरजीत हॉकी अकादमी से की। यहां उन्होंने अपनी प्रतिभा को निखारा और जल्द ही भारतीय हॉकी टीम में जगह बना ली। वे अपनी आक्रामक शैली और गोल करने की शानदार क्षमता के लिए पहचाने जाते हैं। भारतीय टीम के लिए शानदार प्रदर्शन मंदीप सिंह अब तक दो हॉकी विश्व कप 2014 और 2018 खेल चुके है। 2018 एशियाई खेल, 2018 राष्ट्रमंडल खेल, 2013 एशिया कप, 2014 और 2017 हॉकी वर्ल्ड लीग फाइनल, 2013 और 2017 हॉकी वर्ल्ड लीग सेमीफाइनल, और 2016 व 2018 चैंपियंस ट्रॉफी में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। भारत के लिए कई अहम गोल किए भारतीय पुरुष हॉकी टीम के स्टार स्ट्राइकर मंदीप सिंह को उनकी तेज रफ्तार, शानदार ड्रिब्लिंग और गोल स्कोरिंग क्षमता के लिए जाना जाता है। उन्होंने कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में भारत के लिए गोल कर टीम को जीत दिलाई है। संघर्ष और मेहनत से मिली सफलता साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले मंदीप ने अपनी मेहनत और लगन से हॉकी में ऊंचा मुकाम हासिल किया है। उनकी सफलता युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है और आने वाले टूर्नामेंट्स में भारतीय टीम को उनसे बड़ी उम्मीदें हैं। डीएसपी हैं मनदीप सिंह, सीएम भगवंत मान ने दी थी नियुक्ति मनदीप सिंह न सिर्फ हॉकी के मैदान में बल्कि प्रशासनिक स्तर पर भी अपनी पहचान बना चुके हैं। उन्हें पंजाब पुलिस में डीएसपी के पद पर नियुक्त किया गया है, जिसकी घोषणा मुख्यमंत्री भगवंत मान ने की थी। भारतीय महिला हॉकी टीम की स्टार डिफेंडर उदिता कौर: संघर्ष से सफलता तक का सफर हैंडबॉल से शुरुआत, हॉकी को बनाया जीवन का गोल हरियाणा के हिसार जिले के नंगल गांव से ताल्लुक रखने वाली उदिता का जन्म 14 जनवरी 1998 को हुआ था। उन्होंने अपने खेल करियर की शुरुआत हैंडबॉल से की थी। बाद में उन्होंने हॉकी को अपनाया और इस खेल में खुद को साबित किया। कई उतार-चढ़ाव के बावजूद, उन्होंने कभी अपने लक्ष्य से ध्यान नहीं भटकने दिया और मेहनत जारी रखी। अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमका उदिता का सितारा 2017 में सीनियर टीम में डेब्यू करने के बाद, उदिता ने कई महत्वपूर्ण टूर्नामेंट में भारतीय टीम के लिए दमदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 2018 एशियाई खेलों में रजत पदक, 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक, और 2023 एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। टोक्यो ओलिंपिक में निभाई अहम भूमिका 2021 में हुए टोक्यो ओलिंपिक में भारतीय महिला हॉकी टीम के चौथे स्थान तक पहुंचने में उदिता की अहम भूमिका रही। उनके शानदार डिफेंस और मैदान पर उनकी उपस्थिति ने टीम को मजबूती दी। महिला हॉकी इंडिया लीग में बनी सबसे महंगी खिलाड़ी 2024 में आयोजित महिला हॉकी इंडिया लीग की नीलामी में उदिता ने इतिहास रच दिया। वह इस नीलामी में सबसे अधिक बोली हासिल करने वाली खिलाड़ी बनीं, जिससे उनके शानदार खेल और लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है। खेल जगत से बधाइयों की बरसात जैसे ही शादी की खबर सामने आई, खेल जगत में बधाइयों की बौछार शुरू हो गई। साथी खिलाड़ी, कोच, और फैंस इस गोल्डन कपल को शादी की शुभकामनाएं दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोग इस जोड़ी को "हॉकी का परफेक्ट मैच" बता रहे हैं। अब सबकी निगाहें 21 मार्च पर टिकी हैं, जब यह स्टार कपल नए सफर की शुरुआत करेगा। recent visitors 34

इंटरनेशनल मास्टर्स लीग का फाइनल आज, ब्रायन लारा और सचिन होंगे आमने-सामने

रायपुर इंटरनेशनल मास्टर्स लीग 2025 का सफर अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। दिग्गजों की इस लीग का फाइनल मुकाबला आज यानी रविवार, 16 मार्च को सचिन तेंदुलकर की अगुवाई वाली इंडिया मास्टर्स और ब्रायन लारा की कप्तानी वाली वेस्टइंडीज मास्टर्स के बीच रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। इससे पहले सेमीफाइनल में दोनों टीमों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया था और अब फाइनल में भी रोमांच चरम पर रहने की उम्मीद है। क्रिकेट प्रेमी इस ऐतिहासिक भिड़ंत का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। 1983 के बाद पहली बार फाइनल में भारत बनाम वेस्टइंडीज इस महामुकाबले की सबसे दिलचस्प बात यह है कि भारत और वेस्टइंडीज किसी भी बड़े टूर्नामेंट के फाइनल में 1983 के बाद पहली बार आमने-सामने होंगे। आखिरी बार दोनों टीमें 1983 विश्व कप फाइनल में भिड़ी थीं, जहां भारत ने ऐतिहासिक जीत दर्ज कर पहली बार विश्व कप जीता था। अब 42 साल बाद, एक बार फिर क्रिकेट के दो दिग्गज देश फाइनल में आमने-सामने होंगे। सचिन की टीम इंडिया खिताब की प्रबल दावेदार इंडिया मास्टर्स ने IML 2025 में अब तक शानदार प्रदर्शन किया है और खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही है। टीम ने अपने अभियान की शुरुआत श्रीलंका मास्टर्स के खिलाफ 4 रन से रोमांचक जीत के साथ की थी। इसके बाद उन्होंने इंग्लैंड मास्टर्स को 9 विकेट से हराकर धमाकेदार जीत दर्ज की। टीम ने जीत का सिलसिला जारी रखते हुए दक्षिण अफ्रीका मास्टर्स को 8 विकेट से हराकर लगातार तीसरी जीत दर्ज की। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया मास्टर्स के खिलाफ चौथे मैच में हार से टीम की लय थोड़ी प्रभावित हुई। इसके बावजूद इंडिया मास्टर्स ने वापसी करते हुए वेस्टइंडीज मास्टर्स को 7 रन से हराकर लीग चरण में दूसरा स्थान हासिल किया। इसके बाद, सचिन तेंदुलकर की टीम ने सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया मास्टर्स के खिलाफ दमदार प्रदर्शन करते हुए 94 रन से जीत दर्ज कर फाइनल में अपनी जगह पक्की की। वेस्टइंडीज ने श्रीलंका को हराकर किया फाइनल में प्रवेश दूसरी ओर, वेस्टइंडीज मास्टर्स ने भी शानदार शुरुआत की थी। उन्होंने पहले दो मुकाबलों में ऑस्ट्रेलिया मास्टर्स और इंग्लैंड मास्टर्स को हराकर जबरदस्त आगाज किया। हालांकि, इसके बाद टीम को लगातार दो हार का सामना करना पड़ा। श्रीलंका मास्टर्स और इंडिया मास्टर्स के खिलाफ हार के बावजूद, वेस्टइंडीज मास्टर्स ने दक्षिण अफ्रीका मास्टर्स को 29 रन से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। इसके बाद, सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज ने श्रीलंका मास्टर्स को 6 रन से हराकर फाइनल का टिकट कटाया। अब फाइनल में लारा की टीम अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए तैयार है। recent visitors 37

कांग्रेस में कन्हैया के एक्टिव होने से क्या लालू-तेजस्वी नाराज!: क्योंकि राहुल गांधी ने टाली बिहार की रिव्यू मीटिंग, क्या अकेले लड़ेगी कांग्रेस

Are Lalu-Tejaswi angry with Kanhaiya becoming active in Congress?: Because Rahul Gandhi postponed the review meeting of Bihar, will Congress fight alone? पटना। कांग्रेस को हराने की ताकत किसी भी विपक्षी दल में नहीं है, लेकिन अगर कांग्रेस नेता खुद अंदरूनी कलह में उलझे रहे तो, यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’ तारीख- 1 मार्च 2025 ‘कांग्रेस इस बार जनता की A टीम बनकर चुनाव लड़ना चाहती है, किसी की B टीम नहीं। हमारा मकसद मजबूती से चुनाव लड़ना है और पार्टी को मजबूत करना है।’ कांग्रेस के बिहार प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावरु के इस दो बयान ने पटना से दिल्ली तक हलचल बढ़ा दी है। कांग्रेस सूत्रों की मानें तो राहुल गांधी के भरोसेमंद अल्लावरु पार्टी में लालू के भरोसेमंद प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह की छुट्‌टी कर सकते हैं। उनकी जगह किसी दलित नेता को प्रदेश की कमान सौंपी जा सकती है। हालांकि, अभी गहन मंथन जारी है। खास बात है कि बिहार की कमान संभालने के बाद अभी तक अल्लावरु ने न ही लालू के दरबार में हाजिरी लगाई है और न ही गठबंधन दल के नेता तेजस्वी यादव से मुलाकात की है। इस बीच अब उन्होंने अपना तुरुप का इक्का चल दिया है। लालू और तेजस्वी विरोध के कारण अपने फायरब्रांड नेता कन्हैया कुमार को बिहार से दूर रख रही कांग्रेस 6 साल बाद उनकी वापसी करा रही है। 16 मार्च यानी आज से कन्हैया ‘पलायन रोको नौकरी दो’ यात्रा निकालकर बिहार की सियासत में अपना पांव जमाएंगे। प्रभारी के इस बयान और पार्टी की गतिविधि से बिहार की राजनीतिक फिजा में 4 सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस की राजनीति पर नजर रखने वाले सीनियर जर्नलिस्ट आदेश रावल बताते हैं, ‘राहुल गांधी बिहार में अपना बार्गेन पावर बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। इस मूव से कांग्रेस बिहार में अपन खोया हुआ वोट बैंक हासिल करना चाहती है। कन्हैया किसी के पॉकेट में रहने वाले नेता नहीं है। अल्लावरू राहुल गांधी के भरोसेमंद हैं। बिहार में एक तबका ऐसा है, जो ना लालू के साथ जाना चाहता और ना NDA के साथ। उन लोगों को ये मैसेज देना है कि अब कांग्रेस अपनी खुद की राजनीति करेगी, किसी के इशारे पर नहीं करेगी।’ रावल बताते हैं, ‘यादव और मुस्लिम पहले से ही RJD के साथ इंटैक्ट हैं। ऐसे में राहुल गांधी राज्य के लगभग 20 फीसदी दलित वोट बैंक को अपने साथ जोड़ने की मुहिम में जुटे हैं। यही कारण है कि वे लगातार संविधान और दलितों के मुद्दों पर बात कर रहे हैं। फॉरवर्ड हमेशा से कांग्रेस का वोटर रहा है, जो पिछले एक दशक में लगातार छिटका है। अब राहुल गांधी की कोशिश एक बार फिर से अपने खोए जनाधार को वापस हासिल करने की है।’ क्या कांग्रेस बिहार में RJD से अपना गठबंधन तोड़ सकती है? बिहार में लगातार एक के बाद एक जिस तरीके से कांग्रेस फैसले ले रही है, इसका असर गठबंधन पर भी पड़ सकता है। लालू कभी भी कन्हैया को बिहार की सियासत में देखना पसंद नहीं करते हैं। कन्हैया हो या पप्पू यादव, लालू हमेशा इन्हें तेजस्वी के लिए चुनौती मानते हैं। अब कांग्रेस दोनों को बिहार में एक्टिव कर रही है। इस सवाल पर पॉलिटिकल एक्सपर्ट राशिद किदवई बताते हैं, ’राहुल गांधी को ये इनपुट मिल रही है कि ऐसे राज्य जहां कांग्रेस कमजोर है या गठबंधन में है, वहां का नेतृत्व बड़े घटक दल से प्रभावित होता है। वे उनके इशारे पर काम करते हैं। राहुल गांधी इस प्रथा को बदलना चाहते हैं। लेकिन अब वे इसमें देर कर चुके हैं। अगले 6 महीने में चुनाव है। इसे कम से कम डेढ़-दो साल पहले शुरू करना चाहिए था। चुनाव के समय घटक दल पर दबाव डालने की रणनीति नुकसानदेह और घातक होती है।’ जबकि, सीनियर जर्नलिस्ट आदेश रावल बताते हैं, ’कांग्रेस बिहार में लालू के साथ मिलकर ही विधानसभा का चुनाव लड़ेगी। कन्हैया को आगे कर वो अपना बार्गेन पावर बढ़ा रही है। आखिर में कांग्रेस तेजस्वी की नाराजगी झेल नहीं पाएगी। बिहार जैसे बड़े राज्य में कांग्रेस RJD जैसे अपने पुराने सहयोगियों को नाराज करने की गलती नहीं करेगी।’ क्या 2025 के बहाने अभी से 2029 की तैयारी में कांग्रेस जुट गई है? महाराष्ट्र और दिल्ली में हार के बाद कांग्रेस ने अचानक अपनी नीतियों में बदलाव किया है। पहले तो दिल्ली में अकेले चुनाव लड़ी। यहां पार्टी हारी, लेकिन वोट शेयर बढ़ा। इसके बाद राहुल गांधी ने गुजरात जाकर कहा कि कांग्रेस के भीतर कई नेता बीजेपी के लिए काम कर रहे हैं, उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। ऐसे में अब इस बात की चर्चा शुरू हो गई है कि क्या कांग्रेस अभी से ही 2029 की तैयारी में जुट गई है। पॉलिटिकल एक्सपर्ट राशिद किदवई बताते हैं, ’कांग्रेस फिलहाल सत्ता में आने और विधानसभा में सीटें जीतने के बजाय अपनी जमीन बनाने की कोशिश कर रही है। पार्टी को लग रहा है कि यहां विधानसभा की सीटें जीतने के बजाय पार्टी को मजबूत करना और लालू की पॉकेट की पार्टी की छवि से बाहर आना ज्यादा जरूरी है। राशिद किदवई आगे बताते हैं, ‘अभी तक ये मैसेज गया है कि कांग्रेस के सारे बड़े नेता बिहार में RJD की जेब में है। कांग्रेस के उम्मीदवार और सीटें भी अघोषित रूप से लालू तय कर रहे थे। अब राहुल गांधी को ये समझाया गया है कि हमें सीटों से ज्यादा अपनी पार्टी को खड़ा करना है। ताकि लोकसभा में इसका फायदा मिल सके। राहुल को ये समझाया गया है कि विधानसभा में कितनी सीटें जीतते हैं इसका कांग्रेस पर बहुत ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसका सीधा असर तेजस्वी यादव पर पड़ेगा।’ चुनाव से 6 महीने पहले आक्रामक हुई कांग्रेस के एक्शन का क्या असर होगा? गठबंधन में पड़ सकती है दरार, तेजस्वी नाराज राहुल गांधी की नई नीतियों का सीधा असर बिहार में गठबंधन पर पड़ सकता है। पिछले लगभग 25-30 सालों से कांग्रेस यहां लालू के कंधे पर ही राजनीति कर रही है। गठबंधन में वही होते आया है जो लालू चाहते हैं। कांग्रेस के बिहार में एक्टिव होने के बाद तेजस्वी यादव ने कांग्रेस नेतृत्व से अपनी नाराजगी जाहिर की है। सूत्रों की मानें तो उनकी सोनिया गांधी और राहुल … Read more

शिवराज सिंह के बेटों के रिसेप्शन, शामिल होंगे राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु और पीएम नरेंद्र मोदी

भोपाल एमपी के पूर्व सीएम, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) इन दिनों एक बार फिर अपने दोनों बेटों कार्तिकेय सिंह और कुणाल सिंह के रिसेप्शन (Reception) की तैयारियां कर रहे हैं। चौंकिए मत, क्योंकि बेटों पर फिदा शिवराज सिंह ने अपने बेटों के लिए एक दो नहीं बल्कि, कई रिसेप्शन पार्टी रखी हैं। इस बार तीसरी बार रिसेप्शन का आयोजन किया जा रहा है, फर्क केवल ये कि इस बार दोनों बेटों का अलग-अलग नहीं बल्कि एक साथ रिसेप्शन होने जा रहा है।  बता दें कि पहले शिवराज ने अपने छोटे बेटे कुणाल सिंह (Kunal Singh Chouhan)की शादी की रस्में भोपाल के होटल ताज में निभाईं। फिर भोपाल के ही नीलबड़ इलाके के वाना ग्रीन होटल में शादी का रिसेप्शन आयोजित किया गया। जिसमें देश-प्रदेश की तमाम शख्सियतें, राजनीतिक हस्तियां शामिल हुईं। इसके बाद बड़े बेटे कार्तिकेय सिंह (Kartikey Singh Chouhan) का विवाह जोधपुर में संपन्न हुआ, जिनके रिसेप्शन का आयोजन राजधानी भोपाल के जंबूरी मैदान में ही किया गया। इस समारोह में VVIP समेत 10 हजार से ज्यादा लोग पहुंचे। 18 को होगा सम्मिलित रिसेप्शन शिवराज सिंह चौहान के दोनों बेटों कार्तिकेय और कुणाल का अब एक सम्मिलित रिसेप्शन आयोजित किया जा रहा है। इस रिसेप्शन में सबसे खास मेहमान होंगे राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु और पीएम नरेंद्र मोदी। 18 मार्च को आयोजित होने जा रहे इस रिसेप्शन में भी कई वर और वधु पक्ष के साथ ही कई VVIP को आमंत्रण दिया गया है। recent visitors 41

विधानसभा के बजट सत्र के दौरान 19 मार्च को मोहन सरकार दूसरी बार 6 हजार करोड़ का कर्ज लेने जा रही

भोपाल एमपी विधानसभा के बजट सत्र के दौरान रंगपंचमी यानी 19 मार्च को मोहन सरकार दूसरी बार 6 हजार करोड़ का कर्ज लेने जा रही है। यह कर्ज 7 साल, 21 साल और 24 साल के लिए दो-दो हजार करोड़ रुपए की तीन अलग-अलग किस्तों में लिया जाएगा। मार्च में सरकार द्वारा 15 दिन के अंतराल में लिया जाने वाला यह तीसरा कर्ज होगा। इसके बाद संभावना जताई जा रही है कि मार्च के अंतिम सप्ताह में एक और कर्ज लिया जा सकता है। तीसरे कर्ज के पहले विधानसभा में डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा कह चुके हैं कि यह कर्ज नहीं निवेश है। रंगपंचमी तक अकेले मार्च में ही 16 हजार करोड़ रुपए का कर्ज सरकार ले चुकी होगी। कर्ज की इस राशि का भुगतान 19 मार्च 2032, 19 मार्च 2046 और 19 मार्च 2049 तक किया जाएगा। मार्च में दो बार पहले भी कर्ज ले चुकी सरकार इससे पहले 4 मार्च को सरकार ने 6 हजार करोड़ रुपए के तीन कर्ज दो-दो हजार करोड़ की तीन किस्तों पर लिए थे। इसके बाद 12 मार्च को फिर 4 हजार करोड़ रुपए के दो कर्ज दो-दो हजार करोड़ की रकम के रूप में लिए गए। अब 19 मार्च को तीसरा कर्ज उठाने की तैयारी है। इस तरह रंगपंचमी को लिए जाने वाले कर्ज समेत 15 दिन में सरकार ने तीन बार में 16 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लेने का फैसला किया है। अब तक 3.75 लाख करोड़ का कर्ज मध्यप्रदेश की जनता पर 31 मार्च 2024 को खत्म हुए वित्त वर्ष में 3 लाख 75 हजार 578 करोड़ रुपए का कर्ज है। एक अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2024 तक बीजेपी सरकार ने एक साल में 44 हजार करोड़ रुपए कर्ज लिया था। इसके पहले 31 मार्च 2023 को सरकार पर कर्ज की राशि 3 लाख 31 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा थी। recent visitors 30

इंदौर का एमवाय अस्पताल में निम्न दरों पर आईवीएफ उपचार उपलब्ध कराने वाला मध्य प्रदेश का पहला सरकारी अस्पताल बनेगा

इंदौर उन्नत चिकित्सा उपचारों को सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, महाराजा यशवंतराव अस्पताल (एमवाई अस्पताल) मध्य प्रदेश का पहला सरकारी अस्पताल बनने जा रहा है, जो इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) सुविधा शुरू करेगा। इस पहल का उद्देश्य मध्यम और निम्न-मध्यम वर्ग की पृष्ठभूमि के लोगों को लाभ पहुंचाना है, जो निजी अस्पतालों में महंगे उपचार का खर्च नहीं उठा सकते। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने कहा, "हमने प्रजनन संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे रोगियों के लिए उचित चिकित्सा देखभाल सुनिश्चित करने के लिए आईवीएफ और अन्य संबंधित उपचारों के लिए एक समर्पित ओपीडी स्थापित करने की योजना बनाई है। उम्मीद है कि यह सुविधा डेढ़ महीने में आम लोगों के लिए खोल दी जाएगी।" इस तरह की पहल की आवश्यकता पर जोर देते हुए डॉ. घनघोरिया ने कहा, "बहुत से लोग आईवीएफ के उच्च खर्च को वहन नहीं कर सकते और अपने बच्चे के जन्म की खुशी से वंचित रह जाते हैं। सरकारी अस्पताल में इस सुविधा को शुरू करने का उद्देश्य उन्हें एक किफायती विकल्प प्रदान करना है।" वर्तमान में, निजी अस्पतालों में आईवीएफ उपचार की लागत 2.5 लाख रुपये से 10 लाख रुपये के बीच है, जो कई लोगों की पहुंच से बाहर है। हालांकि, एमवाय अस्पताल द्वारा यह सुविधा प्रदान करने से उपचार की लागत काफी कम हो जाएगी, जिससे व्यापक पहुंच सुनिश्चित होगी। सेंटर कॉलेज के अंतर्गत आने वाले एमटीएच अस्पताल में शुरू किया जाएगा। भोपाल से अनुमति मिलने के बाद इसका काम शुरू कर दिया जाएगा। दावा किया जा रहा है कि यह प्रदेश का पहला शासकीय अस्पताल होगा, जहां यह सुविधा मिलेगी। संभागभर के निःसंतान दंपतियों को मिलेगा लाभ एमजीएम मेडिकल कॉलेज के अंतर्गत आने वाले अस्पतालों में संभागभर से मरीज इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में इस सेंटर के खुलने से इंदौर के साथ ही संभाग के अलीराजपुर, झाबुआ, बड़वानी, धार आदि जिलों के मरीजों को इसका लाभ मिलने लगेगा। यह होता है आईवीएफ विशेषज्ञों के मुताबिक आईवीएफ में पुरुष और महिला दोनों की जांच के बाद प्रक्रिया शुरू होती है। पुरुष के सक्रिय शुक्राणु अलग किए जाते हैं, जबकि महिला के अंडे इंजेक्शन से निकालकर लैब में फ्रीज किए जाते हैं। अंडों पर सक्रिय शुक्राणु रखकर प्राकृतिक रूप से फर्टिलाइजेशन किया जाता है। तीसरे दिन भ्रूण तैयार होने पर उसे महिला के गर्भाशय में कैथिटर के जरिये स्थानांतरित किया जाता है। आईवीएफ गर्भधारण की एक कृत्रिम प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया के माध्यम से पैदा हुए बच्चे को टेस्ट ट्यूब बेबी कहा जाता है। अभी बिना इलाज के लौट जाते हैं मरीज इंदौर शहर में अभी निजी क्षेत्र में करीब 30 आईवीएफ सेंटर संचालित हो रहे हैं, जहां बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोग पहुंचते हैं। यह प्रक्रिया महंगी होने के कारण कई लोगों को निराश लौटना पड़ता है। सरकारी स्तर पर सेंटर के खुलने पर गरीब और जरूरतमंद नि:संतान दंपती को सीधा फायदा होगा। तीन से चार महीने में शुरू हो जाएगा     हमने मेडिकल कॉलेज के एमटीएच अस्पताल में आईवीएफ सेंटर खोलने के लिए प्रस्ताव बनाकर भोपाल भेजा है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद इसका काम शुरू कर दिया जाएगा। इससे जो मरीज निजी क्षेत्र में महंगा इलाज नहीं ले पाते हैं, उन्हें सुविधा मिलेगी। उम्मीद है कि तीन से चार माह में यह शुरू हो जाएगा। – डॉ. अरविंद घनघोरिया, डीन, एमजीएम मेडिकल कॉलेज   आयुष्मान कार्ड धारकों को भविष्य में मिलेगा लाभ एक बार जब आईवीएफ उपचार आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आ जाएगा, तो लाभार्थी योजना की सीमा के भीतर लागत पर एमवाय अस्पताल में उपचार प्राप्त कर सकेंगे। डॉ. घनघोरिया ने कहा कि इससे पात्र परिवारों पर वित्तीय बोझ कम होगा। आईवीएफ क्या है? इन विट्रो फर्टिलाइजेशन, जिसे IVF भी कहा जाता है, प्रक्रियाओं की एक जटिल श्रृंखला है जो गर्भधारण का कारण बन सकती है। यह बांझपन का इलाज है, जो कि अधिकांश जोड़ों की एक ऐसी स्थिति है जिसमें वे कम से कम एक साल तक प्रयास करने के बावजूद गर्भधारण नहीं कर पाते हैं। IVF का उपयोग बच्चे को आनुवंशिक समस्याओं के संक्रमण को रोकने के लिए भी किया जा सकता है। IVF के दौरान, परिपक्व अंडों को अंडाशय से एकत्र किया जाता है और प्रयोगशाला में शुक्राणु द्वारा निषेचित किया जाता है। फिर एक प्रक्रिया में निषेचित अंडों में से एक या अधिक को, जिन्हें भ्रूण कहा जाता है, गर्भाशय में रखा जाता है, जहाँ बच्चे विकसित होते हैं। IVF के एक पूरे चक्र में लगभग 2-3 सप्ताह लगते हैं। कभी-कभी, इन चरणों को आगे विभाजित किया जाता है और प्रक्रिया में अधिक समय लग सकता है।   recent visitors 31

इंदौर में बढ़ेंगे प्रॉपर्टी के भाव, इन स्थानों पर दोगुना हो जाएंगे जमीनों के दाम

 इंदौर अगर आप भी इंदौर (Indore City) में प्रॉपर्टी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो ये खबर आपके लिए हैं, 1 अप्रैल को शहरभर की कई लोकेशन्स पर प्रॉपर्टी की कीमतें सिर चढ़कर बोलेंगी। दरअसल यहां एक अप्रैल से कलेक्टर की नई गाइडलाइन जारी होगी। कलेक्टर आशीष सिंह की अध्यक्षता में जिला मूल्यांकन की समिति की बैठक में बढ़ी हुई प्रॉपर्टी रेट का निर्धारण कर नई गाइडलाइन जारी की जाएगी। जो एक अप्रैल से लागू होगी। सबसे महंगा हो सकता है इंदौर पिछले साल नवंबर में प्रस्तावित गाइडलाइन (Collector New Guideline) संशोधन नहीं हो सका था। ऐसे में इस बार अनुमान लगाया जा रहा है कि प्रॉपर्टी के दामों में यह पिछले 4-5 वर्षों में सबसे अधिक वृद्धि वाली गाइडलाइन होगी। सूत्रों के मुताबिक, आवासीय प्लॉटों की दरों में औसतन 30% तक बढ़ोतरी प्रस्तावित है। खेती की जमीनों की गाइडलाइन में 40% तक वृद्धि की संभावना है। 3100 लोकेशंस पर बढ़ोतरी का प्रस्ताव, 500 नई कॉलोनियां जुड़ेंगी, पिछले साल तक जिले में 5000 से अधिक लोकेशंस/कॉलोनियां थीं, लेकिन डबल एंट्री और दो नाम वाली लोकेशनों को हटाकर संख्या 4650 कर दी गई। इनमें से 3100 लोकेशंस पर कीमतें बढ़ाने का प्रस्ताव है। साथ ही, इस बार 500 नई कॉलोनियां पहली बार गाइडलाइन में जोड़ी जाएंगी। ये वे कॉलोनियां हैं, जो पिछले एक वर्ष में विकसित हुई हैं या अब तक गाइडलाइन सूची में शामिल नहीं की गई थीं। कई इलाकों में 100% तक वृद्धि संभव जानकारी के मुताबिक कुछ क्षेत्रों में 100 फीसदी तक गाइडलाइन वृद्धि प्रस्तावित है। इसमें आईटी पार्क चौराहा रिंग रोड से तेजाजी नगर बायपास, उमरियाखेड़ी (खंडवा रोड); सोनवाय (नए राष्ट्रीय राजमार्ग और बायपास के कारण); बिचौली हप्सी (एनएचएआई द्वारा नया बायपास घोषित होने के कारण)। इन गांवों में खेती की जमीनों की सरकारी दरें भी महंगी हो जाएंगी -ग्राम सोनगीर, हिंगोनिया खुर्द, नरलाय, टिगरिया बादशाह -कलारिया-धार रोड, भैंसलाय, बिसनावदा, कुमावत मोहल्ला-हातोद, पांडा-राऊ, लिंबोदागारी -कलारिया, गुर्दाखेड़ी, बांक, सिंदोड़ा, एयरपोर्ट रोड से सटे इलाके recent visitors 31