Monday, July 6, 2026 12:01 am

मध्यप्रदेश का ओरछा, अब वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में नई पहचान बनाने की ओर अग्रसर

ओरछा मध्यप्रदेश का ओरछा, अब वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में नई पहचान बनाने की ओर अग्रसर है। अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर ओरछा को प्रतिष्ठित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार ने ओरछा में पर्यटन अधोसंरचनाओं और सुविधाओं के विकास के लिए स्वदेश दर्शन योजना 2.0 में 25 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृति की है। स्वीकृत राशि से ओरछा में टूरिस्ट एक्सपीरियंस सेंटर, हुनरशाला, एंट्री प्लाजा के साथ यात्रा पथ का विकास किया जाएगा। इसके पहले दिसंबर माह में विरासतों के संरक्षण और संग्रहालयों के विकास आदि के लिए 99.92 करोड़ रूपये स्वीकृत किए गए थे। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2027-28 में ओरछा को यूनेस्को विश्व धरोहर के रूप में मान्यता दिए जाने के लिए केंद्र सरकार ने यूनेस्को को सिफारिश की है। साथ ही ओरछा को यूनेस्को की एच.यू.एल. (हिस्टोरिकल अर्बन लैंडस्केप) पहल के तहत चुना गया है। प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि पर्यटन मंत्रालय ने "स्वदेश दर्शन 2.0" उप-योजना के तहत चैलेंज्‍ड बेस्‍ड डेस्‍टिनेशन डेवलपमेंट पहल शुरू की है, जिसका उ‌द्देश्य पूरे देश में पर्यटन स्थलों का विकास करना है। इस योजना में, 50 स्थलों (प्रत्येक राज्य में अधिकतम 5) को विकास के लिए चुना जाना है। इसी के तहत ओरछा को आध्यात्मिक गंतव्य स्थल की श्रेणी में चुना गया है। ओरछा में पर्यटकों के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर की पर्यटन सुविधाओं के विकास के साथ शहर के सौंदर्यीकरण, ऐतिहासिक विरासतों के संरक्षण और स्थानीय कलाकारों और संस्कृति का संरक्षण किया जाएगा। इससे ओरछा में देशी-विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी और स्थानीय समुदाय को भी आर्थिक लाभ मिलेगा। चैलेंज बेस्ड डेस्टिनेशन डेवलपमेंट के संदर्भ में किए जाने वाले कार्य है। टूरिज्म इंटरप्रिटेशन सेंटर केन्द्र सरकार से मिली सहायता से ओरछा में तोपची की हवेली के पास पर्यटन अनुभव केंद्र का विकास किया जाएगा जिसमें ओरछा का 3-डी मॉडल, पैनल्स के माध्यम से ओरछा की ऐतिहासिक यात्रा का प्रदर्शन, बुकिंग कियोस्क, चिल्ड्रन प्ले एरिया और कैफे का निर्माण किया जाएगा। हुनरशाला   स्थानीय कारीगरों को द्वारा बनाए जाने वाले सुविनियर को उत्कृष्ट बनाने का प्रशिक्षण देकर हुनरशाला के रूप में बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। यहां पर्यटक न सिर्फ सुविनियर खरीद सकेंगे बल्कि उन्हें बनता हुआ देखने के साथ वर्कशॉप में स्वयं बना भी सकेंगे। हुनरशाला में ओपन एयर एमपीथिएटर का भी विकास किया जाएगा। पर्यटकों की सुविधा के लिए पार्किंग और दुर्ग समूह के बीच ब्रिज के दोनों ओर एंट्री प्लाजा बनेगा। इसमें ई-चार्जिंग स्टेशन और क्यूआर बेस्ड टिकटिंग की सुविधा होगी। पर्यटन यात्रा पथ पर्यटन सुविधाओं के विकास के साथ यात्रा पथ का भी सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इसमें पुराने पथों का संरक्षण और नए पथ का निर्माण, पथ के दोनों ओर रंग रोगन, आर्च और छज्जा निर्माण, पर्यटकों को बैठक सुविधा, लाइटिंग और साइनेज का निर्माण होगा। स्थानीय संस्कृति और पर्व को प्रदर्शित करने के लिए पथ किनारे छोटे स्टेज निर्माण किए जायेगे जहां स्थानीय कलाकार अपनी प्रस्तुति दे सकेंगे। आधुनिक पर्यटन सुविधाएं पर्यटकों को इससे स्थानीय संस्कृति के महत्व से परिचय होगा। पर्यटकों को सुगम आवागमन के लिए हिप-ऑन, हिप-ऑफ बस की सुविधा रहेगी। ओरछा के ऐतिहासिक वैभव और सांस्कृतिक महत्व को प्रदर्शित करती एक वेबसाइट का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ स्मारकों के लिए ऑडियो गाइड सिस्टम और फीडबैक मैकेनिज्म की सुविधा रहेगी। इसके साथ ही केन्द्र सरकार से ओरछा को ₹ 99.92 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए थे। यह राशि पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना 2024-25 के अंतर्गत जारी की गई थी। इससे ओरछा में पर्यटन सुविधाओं के विकास के साथ प्रवेश द्वारों का संरक्षण एवं पुलों का जीर्णोद्धार, मंदिर/स्मारकों का संरक्षण और संग्रहालयों का विकास भी किया जाएगा। योजना में ओरछा में किए जाने वाले कार्य     ओरछा शहर की आधारभूत संरचना में सुधार।       प्रवेश द्वारों का संरक्षण एवं पुलों का जीर्णोद्धार।     संग्रहालय के आसपास व शहर की सड़कों को जोड़ना। यहां ई-कार्ट पार्किंग, चार्जिंग स्टेशन सुविधाएं, साइनेज आदि विकसित करना।     स्मारकों को जोड़ने वाले मार्गों का विकास।     प्रोजेक्शन मैपिंग और स्‍थानिय कलाकारों द्वारा लाइव परर्फामेंस।     क्यूआर आधारित वॉक ऐप विकसित करना।     सड़क पर रोशनी और हेरिटेज लाइटिंग।     गढ़ परिसर के अंदर मंदिर/स्मारकों का संरक्षण।     संग्रहालयों का विकास।     आधुनिक शौचालयों का निर्माण व मेला ग्राउंड का विकास।       शॉपिंग एरिया का विकास। नवीन युग की ओर अग्रसर ओरछा इस अभूतपूर्व विकास से न केवल ओरछा का सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय समुदाय को भी आर्थिक लाभ मिलेगा। इन योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ, ओरछा विश्व पर्यटन के मानचित्र पर अपनी अ‌द्वितीय छवि स्थापित करेगा और एक नई पर्यटन क्रांति का सूत्रपात करेगा।   recent visitors 17

देशभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुँचाने वाली महान आवाज़ हो गई मौन: उप मुख्यमंत्री देवड़ा

देशभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुँचाने वाली महान आवाज़ हो गई मौन: उप मुख्यमंत्री देवड़ा अभिनेता मनोज कुमार के निधन पर व्यक्त किया शोक भोपाल प्रसिद्ध अभिनेता, निर्माता और निर्देशक श्री मनोज कुमार के निधन पर उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने गहन शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि श्री मनोज कुमार का भारतीय सिनेमा में योगदान अविस्मरणीय है। उनकी फिल्मों ने देशवासियों में राष्ट्रप्रेम और सामाजिक चेतना की अलख जगाई। उन्होंने भारतीय मूल्यों, संस्कृति और देशभक्ति को अभिव्यक्त किया, जिसके लिए उनका सदैव स्मरण किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि स्व. मनोज कुमार केवल एक अभिनेता नहीं थे, बल्कि भारतीय सिनेमा में राष्ट्रीय चेतना के प्रतीक थे। उनकी फिल्मों ने देश की भावनाओं को सशक्त अभिव्यक्ति दी और समाज को प्रेरित किया। उनका निधन सिनेमा और कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने और उनके परिजन, प्रशंसकों को इस कठिन समय को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।   recent visitors 22

वक्फ संशोधन बिल पर CM डॉ मोहन यादव का बड़ा बयान बोले – ‘लोकतंत्र के मंदिर में ऐतिहासिक निर्णय’

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'वक्फ (संशोधन) बिल-2025’ के लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में बहुमत से पारित होने पर देशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सभी वर्गों के हितों के प्रति संवेदनशील हैं, इसी का परिणाम है कि वक्फ (संशोधन) बिल-2025 लोकसभा और राज्यसभा में बहुमत से पारित हुआ। यह बिल वक्फ संपत्तियों के कुशल प्रबंधन, पारदर्शिता और सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा। साथ ही इस बिल से गरीब मुस्लिम भाई-बहनों के हितों की रक्षा होगी। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में महिलाएं निरंतर सशक्त हो रही हैं। इस दिशा में यह विधेयक मुस्लिम महिलाओं सहित संपूर्ण समाज को और अधिक सशक्त करेगा तथा उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव का मार्ग प्रशस्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह बिल निश्चित ही डिजिटलीकरण को बढ़ावा देकर वक्फ संपत्तियों में होने वाली वित्तीय गड़बड़ियों और अवैध कब्जों पर लगाम लगाकर राज्यों के वक्फ बोर्ड के राजस्व में वृद्धि करेगा। निश्चित रूप से 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' के संकल्प को साकार करता यह महत्वपूर्ण कदम नए, सशक्त और विकसित भारत की ओर एक नया मील का पत्थर सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकसभा और राज्यसभा में यह बिल बहुमत से पारित हुआ। लोकतंत्र के मूल भाव के अनुसार दोनों सदनों के सम्मानीय सदस्यों के बीच विचारों का आदान-प्रदान हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अभूतपूर्व बिल के लिए प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री किरन रिजिजू का आभार माना। बिल से गरीब मुस्लिम भाई-बहनों के हितों की होगी रक्षा- मोहन यादव सीएम ने आगे कहा कि यह विधेयक वक्फ संपत्तियों के कुशल प्रबंधन, पारदर्शिता और सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा। साथ ही इस बिल से गरीब मुस्लिम भाई-बहनों के हितों की रक्षा होगी।  प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में महिलाएं निरंतर सशक्त हो रही हैं, इस दिशा में यह विधेयक मुस्लिम महिलाओं को और अधिक सशक्त करेगा और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव का मार्ग प्रशस्त होगा। यह विधेयक निश्चित ही डिजिटलीकरण को बढ़ावा देकर वक्फ संपत्तियों में होने वाली वित्तीय गड़बड़ियों और अवैध कब्जों पर लगाम लगाकर राज्यों के वक्फ बोर्ड के राजस्व में वृद्धि करेगा। निश्चित रूप से ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के संकल्प को साकार करता यह महत्वपूर्ण कदम नए, सशक्त और विकसित भारत की ओर एक नया मील का पत्थर सिद्ध होगा।     "लोकतंत्र के मंदिर में ऐतिहासिक निर्णय"     'वक्फ (संशोधन) बिल 2025’ लोकसभा एवं राज्यसभा दोनों सदनों में बहुमत से पारित होने पर देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।   recent visitors 23

अभिनेता मनोज कुमार के निधन पर उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने व्यक्त किया शोक

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने भारत के सिनेमा जगत को राष्ट्रीय चेतना और देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत करने वाले महान अभिनेता, निर्माता-निर्देशक श्री मनोज कुमार के निधन पर गहन शोक व्यक्त किया है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि भारत की बात सुनाने वाली आवाज़ आज खामोश हो गई। उन्होंने कहा कि श्री मनोज कुमार का निधन भारतीय सिनेमा जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपने फिल्मों के माध्यम से देशभक्ति, संस्कृति और जन चेतना को नई ऊँचाइयाँ दीं। ‘उपकार’, ‘पूरब और पश्चिम’, ‘क्रांति’ जैसी कालजयी फिल्मों से उन्होंने हर भारतीय के हृदय में देश के प्रति गर्व और सम्मान का भाव जगाया। वे वास्तव में ‘भारत कुमार’ थे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि स्व. मनोज कुमार न केवल एक महान कलाकार थे, बल्कि एक विचारक और सच्चे राष्ट्रवादी भी थे। उनका जाना सिनेमा जगत के एक युग का अंत है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और शोकाकुल परिजनों, प्रशंसकों तथा देशवासियों को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।   recent visitors 24

अभिनेता मनोज कुमार का निधन भारतीय सिनेमा जगत के लिए अपूरणीय क्षति : राज्य मंत्री लोधी

अभिनेता मनोज कुमार का निधन भारतीय सिनेमा जगत के लिए अपूरणीय क्षति : राज्य मंत्री लोधी भारत का रहने वाला हूं, भारत की बात सुनाता हूँ….पंक्तियाँ जब भी दोहराई जायेंगी, अभिनेता मनोज कुमार का चेहरा सामने आयेगा.. भोपाल संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने प्रसिद्ध अभिनेता और फिल्म निर्देशक मनोज कुमार के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया। उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि "भारत का रहने वाला हूं, भारत की बात सुनाता हूँ….ये पंक्तियाँ जब भी दोहराई जायेंगी, महान अभिनेता मनोज कुमार का चेहरा सामने आयेगा…। अपनी बेहतरीन कला और देश भक्ति से ओतप्रोत फ़िल्मों से अपनी पहचान बनाने वाले कलाकार मनोज कुमार के निधन का समाचार दु:खद है। मनोज कुमार जी का जाना भारतीय सिनेमा जगत के लिए अपूरणीय क्षति है, उनकी फिल्में हमेशा दर्शकों में देशप्रेम की भावना को जागृत करती रहेंगी। राज्य मंत्री लोधी ने ईश्वर से कुमार को अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना की है।   recent visitors 17

Jabalpur: नियमों के खिलाफ किया जा रहा आदिवासियों की जमीन का अधिग्रहण, याचिका पर सरकार ने HC में दिया यह जवाब

appointments made in bhoj university

Acquisition of tribal land is being done against the rules सिंगरौली जिले में गोंड वृहद सिंचाई परियोजना के तहत बांध बनाने के लिए आदिवासी वर्ग की जमीन का अधिग्रहण किए जाने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई। याचिका में कहा गया कि नियम व कानून को ताक पर रखकर आदिवासियों की जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। याचिका पर सरकार की तरफ से पेश जवाब में कहा गया है कि नियमानुसार भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई किए बिना बांध निर्माण के संबंध में अधिसूचना जारी नहीं की जाएगी। सरकार के जवाब को रिकॉर्ड में लेते हुए हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने याचिका का निराकरण कर दिया। युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि अगर, नियमों का उल्लंघन होता है तो याचिकाकर्ता उचित फोरम में जाने के लिए स्वतंत्र है। सिंगरौली निवासी लोहार सिंह की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि सिंगरौली जिले में गोंड वृहद सिंचाई परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति सरकार द्वारा प्रदान कर दी गई है। योजना के तहत 34,500 हेक्टेयर में 1,097.67 करोड़ की लागत से बांध का निर्माण किया जाना है। याचिका में कहा गया था कि आदिवासियों की जमीन अधिग्रहण करने के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय ने ओडिशा माइनिंग कॉरपोरेशन के मामले में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए थे। जिसके अनुसार भूमि अर्जन, पुनर्वास और पुनर्विस्थापन के लिए उचित प्रतिकर दिया जाना आवश्यक है। इसके अलावा, बांध निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति के लिए पेसा कानून के तहत संबंधित ग्राम सभा से अनुमति प्राप्त करना भी आवश्यक है। बांध निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश और पेसा कानून का उल्लंघन किया जा रहा है। आदिवासी परिवारों की जमीन नियमों और कानून को ताक पर रखकर अधिग्रहित की जा रही है। युगलपीठ ने सरकार की तरफ से पेश जवाब को रिकॉर्ड में लेते हुए कहा कि यदि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में नियम व कानून का पालन नहीं होता है, तो इसे उचित फोरम में चुनौती दी जा सकती है। इसी स्वतंत्रता के साथ याचिका का निराकरण कर दिया गया।याचिकाकर्ता की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ने पैरवी की। recent visitors 94

हाई कोर्ट OBC आरक्षण पर सख्त! सरकार को दिया आखिरी मौका, दो हफ्ते में जवाब दें

 जबलपुर  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत व न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को उसकी जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण देने की मांग को लेकर दायर याचिका पर राज्य शासन को जवाब पेश करने अंतिम मोहलत दी है। साथ ही साफ कर दिया है कि यदि जवाब नहीं आया तो 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 16 जून वाले सप्ताह में नियत की गई है। याचिकाकर्ता जबलपुर की एडवोकेट यूनियन फार डेमोक्रेसी एंड सोशल जस्टिस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर व विनायक प्रसाद शाह ने पक्ष रखा। एक साल में 11 बार सुनवाई, जवाब पेश नहीं किया वर्ष 2024 में याचिका दायर कर प्रदेश में ओबीसी वर्ग को संख्या के अनुपात में आरक्षण दिए जाने की मांग की गई थी। एक साल में 11 बार सुनवाई हुई, लेकिन सरकार ने जवाब पेश नहीं किया। कोर्ट को बताया गया कि 2011 की जनगणना के अनुसार मध्य प्रदेश में एससी की 15.6 प्रतिशत, एसटी की 21.14 प्रतिशत, ओबीसी की 50.9 प्रतिशत, मुस्लिम की 3.7 प्रतिशत आबादी है। शेष 8.66 प्रतिशत अनारक्षित वर्ग की जनसंख्या है। प्रदेश में एससी को 16 प्रतिशत, एसटी को 20 प्रतिशत, ओबीसी को 14 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। प्रदेश में ओबीसी वर्ग 51 प्रतिशत की आबादी है, इसलिए उसी अनुपात में आरक्षण दिया जाना चाहिए। आयोग बना लेकिन ओबीसी वर्ग के उत्थान पर काम नहीं हुआ दलील दी गई कि इंदिरा साहनी बनाम भारत संघ में सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को यह निर्देश दिए थे कि ओबीसी वर्ग को निर्धारित मापदंडों के आधार पर उनकी सामाजिक, आर्थिक शैक्षणिक स्थितियों का नियमित रूप से परीक्षण करने के लिए स्थायी अयोग गठित किया जाए। आयोग तो बना, लेकिन ओबीसी वर्ग के उत्थान के लिए काम नहीं हुआ। recent visitors 21