शहीद भगत सिंह को कांग्रेसियों ने किया याद, बलराम जयंती के जुलूस का किया स्वागत।

Congressmen remembered martyr Bhagat Singh and welcomed the procession on Balram Jayanti. हरिप्रसाद गोहे आमला। शहीद- भगत सिंह की जयंती के अवसर पर शहर कांग्रेस अध्यक्ष अजय सोलंकी के नेतृत्व में शहर कांग्रेस कमेटी द्वारा उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर नमन किया गया।  इस अवसर पर कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने शहीद भगत सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके त्याग, साहस और देशभक्ति को याद किया। कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि भगत सिंह का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणादायी है।  देश की स्वतंत्रता के लिए उनके संघर्ष और बलिदान को सदैव याद रखा जाएगा। वहीं, बलराम जयंती के उपलक्ष्य में निकाले गए जुलूस का भी शहर कांग्रेस कमेटी द्वारा भव्य स्वागत किया गया। कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने जुलूस में शामिल किसानों का स्वागत करते हुए सामाजिक एवं धार्मिक सद्भाव की भावना का संदेश दिया। एवं बैतूल में कांग्रेस द्वारा किए जा रहे किसान जनआंदोलन में शामिल होने की विनम्र अपील की। इस दौरान ब्लाक कांग्रेस प्रभारी नीरज सोनी, शहर कांग्रेस प्रभारी शाबीर शाह, ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष विजेंद्र भावसार, शहर कांग्रेस अध्यक्ष अजय सोलंकी, मदन साहू, पार्षद खुश्बू अतुलकर, किरण जैसवाल, दीपक बेले, लल्लू यादव, अनिल उइके, विजय बछले, हरीप्रसाद गोहे, वीरेंद्र बर्थे, यशपाल ठाकुर, रमजान खान, जीतेश वाईकर सहित शहर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी उपस्थित रहे। recent visitors 4

डॉ. भीमराव अंबेडकर शासकीय महाविद्यालय आमला में व्याख्यान का आयोजन, मुख्य वक्ता डॉ. जगदीश पट्टिया ने दिया ज्ञान परंपरा पर सारगर्भित उद्बोधन।

Lecture organised atLecture organised at Dr. Bhimrao Ambedkar Government College, Amla, chief speaker Dr. Jagdish Pattiya gave a concise speech on the knowledge tradition. हरिप्रसाद गोहे  आमला। स्थानीय डॉ. भीमराव अंबेडकर शासकीय महाविद्यालय में दिनांक 28 सितंबर 2026 को भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के तत्वावधान में ‘भारतीय ज्ञान परंपरा में हिंदी भाषा एवं साहित्य की भूमिका’ विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य श्री गुलाबराव डोंगरे ने की, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. जगदीश पट्टिया ने विषय पर सारगर्भित व्याख्यान प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा में हिंदी भाषा और साहित्य के योगदान से परिचित कराना तथा संस्कृति, जीवन मूल्यों एवं ज्ञान विरासत के संरक्षण में हिंदी की भूमिका को रेखांकित करना रहा। इस अवसर पर मुख्य वक्ता डॉ. जगदीश पट्टिया ने कहा कि भारत की ज्ञान परंपरा अत्यंत प्राचीन, व्यापक और समृद्ध है। इसमें ज्ञान का संबंध केवल पुस्तकीय जानकारी से नहीं, बल्कि जीवन दर्शन, संस्कृति, नैतिक मूल्य, सामाजिक चेतना और मानव कल्याण से रहा है। इस ज्ञान को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचाने में भाषा और साहित्य का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने बताया कि हिंदी भाषा ने समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने और ज्ञान को जन-सामान्य तक पहुंचाने में सेतु का कार्य किया है। भक्तिकाल का विशेष उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कबीर, तुलसीदास, सूरदास, मीराबाई आदि संत कवियों ने भक्ति के साथ-साथ मानवीय मूल्यों और लोकमंगल की भावना को प्रबल किया। कबीर ने रूढ़ियों का विरोध कर मानवता और समानता पर बल दिया, वहीं तुलसी के साहित्य में मर्यादा, कर्तव्य और लोक कल्याण की भावना दिखाई देती है। वर्तमान में डिजिटल तकनीक, इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से हिंदी में उपलब्ध ज्ञान सामग्री देश के कोने-कोने तक पहुंच रही है। विज्ञान, तकनीक, चिकित्सा और इतिहास जैसे विषयों में हिंदी में सामग्री का निर्माण, भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने में सहायक हो रहा है। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य श्री गुलाबराव डोंगरे ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा हमारी सांस्कृतिक विरासत का आधार है। युवाओं को अपनी भाषा, साहित्य और संस्कृति से जुड़े रहते हुए आधुनिक ज्ञान और तकनीक को भी अपनाना चाहिए। हिंदी के माध्यम से भारतीय ज्ञान को व्यापक स्तर पर समाज तक पहुंचाया जा सकता है। भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति और ज्ञान विरासत की संवाहक भी है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजेंद्र गिरी गोस्वामी ने किया, जबकि आभार भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ प्रभारी लोकेश झरबड़े ने व्यक्त किया। इस अवसर पर वरिष्ठ प्राध्यापक मुकेश इवने, जगदीश उइके, डॉ. माधुरी धोटे, डॉ. पंचम सिंह कवड़े, डॉ. सुनीता सोलंकी, राजा अतुलकर, ग्रंथपाल सतीश बागड़े, स्पोर्ट्स ऑफिसर दीपक हाथिया, डॉ. उमेश डोंगरे, डॉ. संजय भटकर, डॉ. कल्पना बारस्कर, प्रो. आशीष सोनी, प्रो. अनिता मानकर, प्रो. देविका देशमुख सहित समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। recent visitors 4

ग्राम घटेरा में आदिवासी चालक पर हमला: संदीप यादव और उसके भाइयों पर SC/ST एक्ट में FIR, पीड़ित ने SP से सुरक्षा मांगी

Attack on tribal driver in Ghatera village: FIR registered against Sandeep Yadav and his brothers under SC/ST Act, victim seeks protection from SP विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव/अर्पिता श्रीवास्तव  जबलपुर। थाना कटंगी क्षेत्र के ग्राम घटेरा में संदीप यादव और उसके दो भाइयों मधुसूदन यादव एवं उपेन्द्र यादव के विरुद्ध एक आदिवासी वाहन चालक पर जानलेवा हमला करने और जातिगत उत्पीड़न का मामला दर्ज हुआ है। पीड़ित बहादुर गोंड के अनुसार- 25 सितंबर को रास्ता मांगने की बात को लेकर संदीप यादव अपने भाइयों के साथ उसके घर आया। जातिसूचक गालियां देते हुए गाली-गलौज की। मना करने पर संदीप यादव ने लकड़ी के डंडे से और उसके भाइयों मधुसूदन एवं उपेन्द्र ने हाथ-मुक्कों से मारपीट की, जिससे उसे गंभीर मूंदी चोटें आईं। बीच-बचाव पत्नी रमा बाई, रोहित यादव और गोकुल गौड़ ने किया। आरोपियों ने जाते-जाते जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस के अनुसार – इस मामले में थाना कटंगी में पीड़ित की रिपोर्ट पर FIR क्र. 0584/2026 दिनांक 25.09.2026 धारा 3(1)(घ), 3(1)(ध), 3(2)(va) SC/ST एक्ट एवं BNS की धारा 115(2), 296(a), 3(5), 351(3) के तहत दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। इधर, पीड़ित का आरोप है कि संदीप यादव और उसके भाइयों के राजनीतिक दबाव के कारण थाने में ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है और समझौते के लिए दबाव बनाया जा रहा है। इसी कारण पीड़ित ने आज SP जबलपुर को आवेदन देकर वरिष्ठ अधिकारी से निष्पक्ष जांच, MLC, गवाहों के कथन और परिवार की सुरक्षा की मांग की है। recent visitors 8