Kakori train robbery 1927: 4600 रुपये की काकोरी ट्रेन लूट का क्या है सच, फांसी पर चढ़ने वाले Ram Prasad Bismil और अश्फाक उल्ला ने क्या देखा था सपना?

Kakori train robbery 1927: 4600 रुपये की काकोरी ट्रेन लूट का क्या है सच, फांसी पर चढ़ने वाले Ram Prasad Bismil और अश्फाक उल्ला ने क्या देखा था सपना?

Kakori conspiracy: What is the truth behind the Kakori train robbery of Rs 4600? What did the hanged Ram Prasad Bismil and Ashfaqulla dream about? Kakori train robbery 1927 / काकोरी के शहीद : आज राम प्रसाद बिस्मिल (Ram Prasad Bismil) , अशफाक उल्ला खान (Ashfaqulla Khan) और रोशन सिंह की शहादत को 98 साल पूरे हो गए। काकोरी कांड को अंजाम देने के लिए 19 दिसंबर 1927 ((Kakori Kand) को तीन लोगों राम प्रसाद बिस्मिल, राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, राजेन्द्रनाथ लाहिड़ी को फांसी की सजा दी गई थी। Ram Prasad Bismil : काकोरी कांड को जोगेशचन्द्र चटर्जी, प्रेमकृष्ण खन्ना, मुकुन्दी लाल, विष्णुशरण दुबलिश, सुरेशचन्द्र भट्टाचार्य, रामकृष्ण खत्री, मन्मथनाथ गुप्त, राजकुमार सिन्हा, ठाकुर रोशन सिंह, रामप्रसाद ‘बिस्मिल’, राजेन्द्रनाथ लाहिड़ी, गोविन्दचरण कर, रामदुलारे त्रिवेदी, रामनाथ पाण्डे, शचीन्द्रनाथ सान्याल, भूपेन्द्रनाथ सान्याल, और प्रणवेश कुमार चटर्जी ने मिलकर अंजाम दिया। उनपर कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। नीचे की फोटो में अशफाउल्ला खान (Ashfaqulla Khan) की तस्वीर नहीं है। राजेंद्र लहरी को 17 दिसंबर 1927 को दी गई थी फांसी 98 Years of Kakori Kand: राजेंद्र लाहिड़ी को 17 दिसंबर 1927 को फांसी दी गई, जबकि दो दिन बाद राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान और रोशन सिंह को फांसी की सजा दी गई थी। वहीं चंद्रशेखर आजाद ने अंग्रेजों से लड़ते हुए खुद को गोली मारकर जान दे दी। क्या Kakori train robbery 1927 सिर्फ पैसों की लूट था? प्रोफेसर शम्सुल इस्लाम बताते हैं कि लोग यह गलतबयानी करते हैं कि क्रांतिकारी संगठन हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) से जुड़े क्रांतिकारियों की आर्थिक हालत खराब हो चुकी थी और उनके पास पहनने तक के साबूत कपड़े भी नहीं बचे थे। वह सुधीर विद्यार्थी के हवाले से कहते हैं, ‘याद रहे सरकारी ख़ज़ाने को लूटने के पीछे का उद्देश्य हथियार व गोला-बारूद खरीदना नहीं था बल्कि एक छापाखाना स्थापित करना था ताकि समाजवादी साहित्य छाप कर नौजवानों, मज़दूरों, किसानों और बुद्धजीविओं के बीच प्रसारित किया जा सके।’ Kakori train robbery 1927 को कौन कर रहा था लीड?काकोरी उत्तर प्रदेश में लखनऊ से 17.5 किलोमीटर की दूरी पर एक छोटा सा रेलवे स्टेशन था। राम प्रसाद बिस्मिल ने ट्रेन लूटने की योजना बनाई। उन्होंने इस काम के लिए नौ क्रांतिकारियों का चयन किया। उनके अलावा इस मुहिम में राजेंद्र लाहिड़ी, रोशन सिंह, सचींद्र बख्शी, अशफ़ाक़उल्ला ख़ां, मुकुंदी लाल, मन्मथनाथ गुप्त, मुरारी शर्मा, बनवारी लाल और चंद्रशेखर आज़ाद शामिल थे। 4600 रुपये का मिथक?राम प्रसाद बिस्मिल ने अपनी आत्मकथा में लिखा, ‘कुली गार्ड के डिब्बे में रखे लोहे के संदूक उतार रहा था। उसमें ना ही जंजीर और ना ही ताले लगे होते हैं। बस उसी दिन मैंने यह तय कर लिया कि इसी को लूटना है। क्रांतिकारियों ने यह तय किया ट्रेन में यात्रा कर रहे किसी यात्रियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाएंगे। इस काम के लिए क्रातिकारियों ने 8 अगस्त 1925 का दिन मुकर्रर किया, पर वो ट्रेन स्टेशन से छूटने के 10 मिनट बाद स्टेशन पहुंच पाए। 8 डाउन से लूटे थे 4600 रुपये8 अगस्त को योजना में कामयाबी नहीं मिलने के बाद उन्होंने यह तय किया अब इस काम को वे 9 अगस्त को अंजाम देंगे। अगले दिन वे चार माउज़र पिस्तौलें और रिवॉल्वर लेकर ट्रेन में सवार हुए और लखनऊ से शाहजहांपुर रूट पर 8 डाउन में सवार हो गए। काकोरी में ट्रेन की चेन खींची और लोहे का बक्सा उतार लिया। इस बक्शे में सिर्फ 4600 रुपये थे। क्रांतिकारियों पर कौन-कौन सी लगाई गई थीं धाराएंकाकोरी षड्यंत्र के बाद अंग्रेजी सरकार क्रांतिकारियों के पीछे कुत्तों की तरह पीछे लग गई। इस कांड को अंजाम देने वालों पर भारतीय दंड संहिता के तहत 121 A, 120B, 396 की धाराएं लगाई गईं। अंग्रेजी सरकार ने रामप्रसाद बिस्मिल, राजेंद्र लहरी, रोशन सिंह, और अशफ़ाक़उल्ला ख़ां को राजद्रोह और षड्यंत्र रचने के आरोप में फांसी की सजा सुनाई। बिस्मिल ने फंदे पर झूलने से पहले कहा था- ‘आई विश डाउनफाल ऑफ ब्रिटिश इम्‍पायर’। उन्होंने ‘साम्राज्यवाद मुर्दाबाद’ और ‘अंग्रेजी सरकार मुर्दाबाद’ के नारे भी लगाए थे। देश पर जान न्यौछावर करने वाले क्रांतिकारी यह मानते थे कि अंग्रेजी शासन तानशाही के रास्ते पर चल रही है और उन्हें तानाशाही व्यवस्था का अंत करना है। भारतीय कम्युनिस्टों से अश्फाक उल्ला ने की थी ये अपील सुधीर विद्यार्थी अपनी किताब ‘अशफ़ाकुल्लाह और उनका युग’ में लिखते हैं, ‘कम्युनिस्ट ग्रुप से अशफ़ाक़ की गुज़ारिश है कि तुम इस गैर-मुल्क की तहरीक को लेकर जब हिन्दुस्तान में आए हो तो तुम अपने को गैर-मुल्की ही तस्सवुर करते हो, देसी चीज़ों से नफ़रत, विदेशी पोशाक और तर्ज़-ए- मआशरत (जीने का अंदाज़) के दिल दादा हो, इस से काम नहीं चलेगा, अपने असली रंग में आ जाओ। देश के लिए जियो, देश के लिए मरो। मैं तुम से काफ़ी तौर पर मुत्तफ़िक़ (सहमत) हूं और कहूंगा कि मेरा दिल ग़रीब किसानों के लिए और दुखिया मज़दूरों के लिए हमेशा दुखी रहा है।’ किसानों और मजदूरों की हालत पर रोते थे अश्फाक उल्लासुधीर लिखते हैं, ‘मैं ने अपने आयाम-ए-फ़रारी (पुलिस से छुपकर रहने वाला काल) में भी अक्सर इनके हालात देखकर रोया किया हूं क्योंकि मुझे इनके साथ दिन गुज़रने का मौक़ा मिला है। मुझ से पूछो तो मैं कहूंगा कि मेरा बस हो तो मैं दुनिया की हर चीज़ इन के लिए वक़्फ़ (सुरक्षित) कर दूं। हमारे शहरों की रौनक़ इनके दम से है। हमारे कारखाने इन की वजह से आबाद और काम कर रहे हैं। हमारे पम्पों से इनके हाथ ही पानी निकालते हैं। ग़रज़ की दुनिया का हर एक काम इनकी वजह से हुआ करता है। गरीब किसान बरसात के मूसलाधार पानी और जेठ-बैसाख की तपती दोपहर में भी खेतों पर जमा होते हैं और जंगल में मंडराते हुए हमारी खुराक का सामान पैदा करते हैं। यह बिल्कुल सच है कि वह जो पैदा करते हैं, जो वह बनाते हैं, उनमें उनका हिस्सा नहीं होता। वह हमेशा दुखी और मुफ़लिस-उल-हाल (दरिद्र) रहते हैं। मैं इत्तेफ़ाक़ करता हूं कि इन तमाम बातों के ज़िम्मेदार हमारे गोरे आक़ा और उनके एजेंट हैं।’ क्या शहीदों के सपने हुए पूरे? आईआईटी, बंबई में बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के पूर्व प्रोफेसर और वर्तमान समय में सेंटर फॉर स्टडी ऑफ सोसाइटी एंड सेकुलरिज्म (सीएसएस) की कार्यकारी परिषद के अध्यक्ष राम पुनियानी क्रांतिकारियों … Read more

बालाघाट में लाखों क्विंटल धान खरीदी केंद्रों पर ही पड़ी, परिवहन नहीं होने से परेशानी बढ़ी

बालाघाट में लाखों क्विंटल धान खरीदी केंद्रों पर ही पड़ी, परिवहन नहीं होने से परेशानी बढ़ी

Lakhs of quintals of paddy remained at procurement centres in Balaghat, problems increased due to lack of transportation बालाघाट। बालाघाट जिले में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान के परिवहन में देरी हो रही है। 1 दिसंबर से शुरू हुई धान खरीदी के बाद से अब तक 8 लाख क्विंटल से अधिक धान खरीदी केंद्रों पर ही पड़ा है, जिसका परिवहन नहीं हो पाया है।जिले में अब तक 49,881 किसानों से 23 लाख 50 हजार क्विंटल धान की खरीदी की गई है, जिसकी कुल कीमत 556 करोड़ रुपए है। इसमें से किसानों को 150 करोड़ 82 लाख रुपए का भुगतान भी किया जा चुका है। हालांकि, खरीदी गई धान में से लगभग 15 लाख क्विंटल का ही परिवहन हो सका है। धान परिवहन की गति विशेष रूप से बालाघाट और लालबर्रा क्षेत्रों में धीमी है। लालबर्रा विकासखंड के केंद्रों से परिवहन में देरी के कारण फर्म मेसर्स पंकजम पर 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। recent visitors 59

स्वास्थ्य मंत्री के प्रभार में भी नहीं सुधरी व्यवस्था , वार्ड बॉय बना ‘डॉक्टर’, लापरवाही से गई जान

स्वास्थ्य मंत्री के प्रभार में भी नहीं सुधरी व्यवस्था , वार्ड बॉय बना ‘डॉक्टर’, लापरवाही से गई जान

Even under the Health Minister, the situation hasn’t improved; a ward boy becomes a ‘doctor,’ resulting in a life lost due to negligence. शहडोल। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के प्रभार वाले शहडोल जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत एक बार फिर उजागर हो गई है। पाली रोड स्थित एक निजी अस्पताल में डॉक्टर की अनुपस्थिति के बीच कथित तौर पर वार्ड बॉय और स्टाफ द्वारा इलाज किए जाने के बाद एक मरीज की मौत हो गई। इस घटना ने न सिर्फ निजी अस्पताल प्रबंधन बल्कि स्वास्थ्य मंत्री की निगरानी और जिम्मेदारी पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों के अनुसार, 16 दिसंबर की रात करीब 11:30 बजे गुरुनानक चौक निवासी कमलेश जैन को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि इमरजेंसी में मौजूद एक युवक ने स्वयं को डॉक्टर बताकर इलाज शुरू किया, जबकि दवाइयां अस्पताल की महिला स्टाफ द्वारा लिखी गईं। उस वक्त अस्पताल में कोई योग्य चिकित्सक मौजूद नहीं था, जो स्वास्थ्य विभाग के नियमों का खुला उल्लंघन है। परिजनों का कहना है कि इलाज के दौरान मरीज की हालत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन समय पर सीपीआर और विशेषज्ञ चिकित्सा सहायता नहीं दी गई। उचित इलाज के अभाव में कुछ ही देर में मरीज की मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि मौके पर डॉक्टर मौजूद होता तो शायद मरीज की जान बचाई जा सकती थी। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब शहडोल जिला स्वयं प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के प्रभार में है। इसके बावजूद निजी अस्पतालों की मनमानी, डॉक्टरों की गैरहाजिरी और लचर निगरानी व्यवस्था ने सरकार की स्वास्थ्य नीतियों की पोल खोल दी है। सवाल यह उठता है कि जब मंत्री स्वयं जिले के प्रभारी हैं, तब ऐसी गंभीर लापरवाही कैसे हो रही है? घटना के बाद आक्रोशित परिजन कोतवाली पहुंचे और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। उपनिरीक्षक उपेंद्र त्रिपाठी के अनुसार, शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है और तथ्यों के सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य विभाग को कटघरे में खड़ा कर दिया है। अब देखना यह होगा कि सरकार और विभाग इस मामले में सख्त कार्रवाई कर व्यवस्था सुधारते हैं या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा। recent visitors 60

पंचायत में लाखों का भ्रष्टाचार, तीन हजार पन्नों के साथ सबूत लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंच शिकायतकर्ता

पंचायत में लाखों का भ्रष्टाचार, तीन हजार पन्नों के साथ सबूत लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंच शिकायतकर्ता

Corruption worth lakhs in the Panchayat, complainant reached the Collector’s office with three thousand pages of evidence. शिवपुरी ! जिले की बदरवास जनपद पंचायत की ग्राम इमलोदा निवासी जयपाल सिंह यादव ने ग्राम पंचायत मढ़वासा में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि यहां पर पंचायत सरपंच और सचिव ने भारी भ्रष्टाचार किया है। यहां पर विभिन्न योजनाओं में लाखों रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है, जिसकी जानकारी मैंने आरटीआई के तहत निकाली है और आरटीआई के तहत निकाली गई जानकारी तीन हजार पन्नों को लेकर में कलेक्टर कार्यालय आया हूं। शिकायतकर्ता जयपाल सिंह यादव ने आरोप लगाया कि पंचायत में लाखों का भ्रष्टाचार हुआ है। इसकी शिकायत करने पर कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। इसलिए मुझे कलेक्टर कार्यालय में जो तीन हजार पन्ने आरटीआई से निकलवाए हैं, उसको लेकर मुझे कलेक्टर कार्यालय आकर शिकायत करनी पड़ रही है। पौधरोपण, सोखता गड्ढा निर्माण सहित अन्य कार्य में हुआ भ्रष्टाचारशिवपुरी कलेक्ट्रेट में शिकायतकर्ता ने जयपाल सिंह यादव एक कट्टे में करीब तीन हजार पेजों में सूचना के अधिकार के तहत निकाली गई जानकारी लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचा। जय सिंह यादव का आरोप है कि ग्राम पंचायत मढ़वासा की सरपंच प्रीती यादव और सचिव गोविंद यादव द्वारा पौधरोपण, सोखता गड्ढा निर्माण, खरंजा निर्माण, सीसी सड़क निर्माण, चबूतरा निर्माण, शौचालय निर्माण, आंगनबाड़ी भवन निर्माण आदि में लाखों रुपये का भ्रष्टाचार किया है। सीईओ ने मांगा सबूत तो आरटीआई लगाईशिकायतकर्ता ने जयपाल सिंह यादव ने शिवपुरी में पत्रकारों से चर्चा में कहा कि कई काम तो ऐसे हैं जो कागजों में करा दिए गए हैं और उनके एवज में लाखों रुपये के भुगतान निकाल लिए गए हैं। इन मामलों में जांच कर कार्रवाई के लिए उसके द्वारा 3 मार्च 2024 से लगातार शिकायती आवेदन दिए जा रहे हैं, लेकिन जिला पंचायत सीईओ कार्रवाई से पल्ला झाड़ रहे हैं। बकौल जयपाल जब उसे कुछ दिन पहले इस संबंध में जिला पंचायत सीईओ विजयराज से बात की तो उनका कहना था कि आपके पास क्या सबूत है कि भ्रष्टाचार हुआ है। सीईओ ने दिया अटपटा जबावशिकायतकर्ता ने जयपाल सिंह यादव ने बताया कि यही कारण है कि इस बार मैं सूचना के अधिकार के तहत निकाली गई तीन हजार पेज की जानकारी लेकर आया हूं कि साहब इन तीन हजार पेजों में है पंचायत की सरपंच और सचिव द्वारा किया गया भ्रष्टाचार। अब तो करो कार्रवाई। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह यह सारे दस्तावेज लेकर आज भी जिला पंचायत सीईओ से मिला तो, उनका कहना था कि हमारे पास सिर्फ यही एक काम थोड़े ही है। हम अपने हिसाब से जांच करवा रहे हैं। recent visitors 63

पुलिस अधीक्षक छतरपुर द्वारा पुलिस लाइन में संचालित एलपीजी गैस एजेंसी का किया गया निरीक्षण

Superintendent of Police Chhatarpur inspected the LPG gas agency operating in the police line. छतरपुर । पुलिस अधीक्षक छतरपुर अगम जैन द्वारा आज पुलिस लाइन छतरपुर परिसर में संचालित एलपीजी गैस एजेंसी का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान गैस एजेंसी के संचालन, सुरक्षा मानकों, भंडारण व्यवस्था एवं वितरण प्रक्रिया की विस्तृत समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक द्वारा गैस सिलेंडरों के सुरक्षित भंडारण, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता एवं कार्यशीलता, आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों तथा कर्मचारियों द्वारा अपनाई जा रही सुरक्षा सावधानियों का अवलोकन किया गया। साथ ही संबंधित कर्मचारियों को निर्धारित मानकों का पूर्णतः पालन करने एवं किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए गए। एलपीजी गैस जैसे ज्वलनशील पदार्थों के संचालन में सुरक्षा सर्वोपरि है तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने एजेंसी प्रबंधन को निर्देशित किया कि नियमित रूप से उपकरणों की जांच की जाए एवं कर्मचारियों को सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण दिया जाए। पुरानी एवं निष्क्रिय वस्तुओं को नष्ट किया जाए एवं उनके स्थान पर नई वस्तुओं का प्रयोग किया जाए। निरीक्षण के दौरान रक्षित निरीक्षक रक्षित केंद्र छतरपुर पूर्णिमा मिश्रा एवं गैस एजेंसी के कर्मचारी उपस्थित रहे। Home Department of Madhya Pradesh Madhya Pradesh Police Jansampark Madhya Pradesh DIG Chhatarpur Range PRO Jansampark Chattarpur #mppolice #chhatarpur recent visitors 67

मोहासा इंडस्ट्रियल एरिया में सरकारी जमीन पर माफिया का अवैध उत्खनन

Illegal excavation by mafia on government land in Mohasa Industrial Area नर्मदापुरम ! जिले के मोहासा इंडस्ट्रियल एरिया में सरकारी जमीन पर बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन का मामला सामने आया है। रिन्यूएबल एनर्जी पार्क के लिए आरक्षित 4 एकड़ जमीन पर माफिया ने करीब 15-18 फीट गहराई तक मिट्टी (भसुआ) खोद डाली। पोकलेन-जेसीबी से हजारों डंपर भरकर मिट्टी चोरी हो गई, लेकिन खनिज-राजस्व विभाग के अफसर अनजान बने हुए हैं। सूत्रों की माने तो इंडस्ट्रियल एरिया में 30 से अधिक उद्योगों का निर्माण चल रहा है। बाहर मिट्टी लाना महंगा होने से माफिया आवंटित प्लॉटों से ही मिट्टी खोदकर सप्लाई कर रहे हैं। उत्खनन मोहासा पंचायत के ग्राम धमासा के पास परमेसु बायोटेक की निर्माणाधीन मक्का फैक्ट्री की बाउंड्रीवॉल के बाहर हुआ। दर्जनभर फैक्ट्रियों की नींव के लिए यहीं की मिट्टी खपाई जा रही है।बता दे कि 33 केवी लाइन का पोल टीले पर माफिया ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी की। 33 केवी हाईटेंशन लाइन के पोल के चारों ओर 15 फीट गहरी खुदाई हो गई, अब पोल टीले पर खड़ा है। बारिश में मिट्टी खिसकने से पोल गिरने और बड़ा हादसा हो सकता है। खुदाई ग्राम धमासा के स्कूल के बाजू तक पहुंच चुकी है।जिला खनिज अधिकारी देवेश मरकाम ने कहा, “मोहासा में एक स्थान की अनुमति थी, चेक करवाते हैं।” तहसीलदार महेंद्र चौहान बोले, “उद्योग विभाग से जानकारी लेकर कार्रवाई करेंगे।” recent visitors 61

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अवैध गतिविधियों पर कड़ी कार्यवाही—टीकमगढ़ पुलिस की जिलेभर में सघन वाहन चेकिंग

Strict action against illegal activities on the instructions of Superintendent of Police- Tikamgarh Police conducts intensive vehicle checking across the district टीकमगढ़ ! सड़क सुरक्षा को व्यापक जनभागीदारी का रूप देने और यातायात अनुशासन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से टीकमगढ़ पुलिस द्वारा पूरे जिले में विशेष वाहन चेकिंग अभियान संचालित किया गया। पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार के निर्देशन में यह अभियान शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक सक्रिय रूप से चलाया गया। पुलिस टीमों ने मुख्य मार्गों, चौकों तथा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में वाहनों की गहन जांच करते हुए नागरिकों को हेलमेट, सीट बेल्ट और यातायात नियमों के अनिवार्य पालन के प्रति जागरूक किया। पुलिस अधीक्षक श्री आलोक कुमार ने सभी थाना प्रभारियों को जिले की सीमाओं पर सतत निगरानी रखने तथा अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए वाहनों की कठोर चेकिंग करने के निर्देश दिए हैं।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह कुशवाह तथा एसडीओपी (टीकमगढ़/जतारा) के पर्यवेक्षण में 16 दिसंबर 2025 को कुल 247 वाहनों की जांच की गई, जिनमें से 33 वाहनों पर ₹9300 के चालान जारी किए गए।अभियान के दौरान वाहन चालकों एवं नागरिकों से अपील की गई कि यातायात नियमों का पालन केवल दंड से बचने का माध्यम नहीं, बल्कि स्वयं एवं अन्य लोगों की सुरक्षा का अनिवार्य सिद्धांत है। recent visitors 70