‘आदिवासी विरोधी नीतियों की पोषक और कार्पोरेट परस्त है सरकार’, जंगल कटाई के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन

“The government is a promoter of anti-tribal policies and pro-corporate,” Congress protests against deforestation. Congress Protest : मध्य प्रदेश में जंगलों की बढ़ती कटाई के विरोध में कांग्रेस ने सोमवार को धार में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि, एक ओर पीएम मोदी मां के नाम एक पेड़ अभियान चला रहे हैं, वहीं प्रदेश में हजारों की संख्या में पेड़ काटे जा रहे हैं। इससे वैश्विक स्तर पर पर्यावरण को नुकसान होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि, भाजपा की कथनी और करनी में अंतर है। ये सरकार कार्पोरेट परस्त है और आदिवासी विरोधी नीतियों की पोषक है। कांग्रेस द्वारा सिंगरोली में कोयला खदान के लिए उद्योगपति अडानी की कंपनी को जंगल भूमि देने के विरोध में प्रदर्शन किया गया। आरोप है कि हजारों की संख्या में जंगलों में पेड़ काटे जा रहे हैं। नेता व कार्यकर्ताओं ने हाथों में आरी लेकर सांकेतिक रूप से जंगल कटाई का रूपांतरण किया। प्रदर्शन के दौरान जंगल बचाओ-आदिवासी बचाओ और सिंगरोली बचाओ-जंगल बचाओ जैसी तख्तियां कांग्रेसियों ने थामी थी। नारेबाजी के बाद अड़ानी का पुतला भी फूंका गया। इस मौके पर मीडिया से चर्चा में सिंघार ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलने को लेकर कहा कि भाजपा इस योजना को बंद करना चाहती है। इसमें केन्द्र ने राज्य का अंश बढ़ा दिया है। राज्यों के पास पहले ही पैसा नहीं है। यह स्थितियां बताती हैं कि यह योजना बंद करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इन्होंने नाम बदलने के अलावा क्या किया है। इसके पूर्व भी कई योजनाओं के नाम बदल चुके हैं। SIR में नाम जोड़ने-घटाने पर कांग्रेस की नजर नेता प्रतिपक्ष सिंघार जिला समन्वय समिति की बैठक में शामिल होने के लिए धार पहुंचे थे। उन्होंने बैठक में कार्यकर्ताओं को संबो​धित करते हुए एसआइआर सर्वे का जिक्र किया है। सिंघार ने कहा कि आगामी एक माह महत्वपूर्ण है। प्रदेश के सभी जिलों में मतदाता सूची में नए नाम जोडऩे व घटाने की कार्रवाई पर कांग्रेस की नजर रहेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं को सजग होकर जुटने के लिए कहा है। recent visitors 79

कब्रिस्तान बताई गई जीवाजी यूनिवर्सिटी की जमीन, प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान मचा हंगामा

कब्रिस्तान बताई गई जीवाजी यूनिवर्सिटी की जमीन, प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान मचा हंगामा

Jiwaji University land declared a graveyard, sparking commotion during administrative action ग्वालियर। सिटी सेंटर स्थित अल्कापुरी के सामने जीवाजी यूनिवर्सिटी को आवंटित 15 बिस्वा जमीन का कब्जा दिलाने पहुंची प्रशासन की टीम के साथ विवाद हो गया। यहां जेयू के अधिकारी व प्रशासन की टीम जब पहुंची तो कुछ युवक आ गए। इसमें शामिल मुस्लिम युवक ने कहा कि यह कब्रिस्तान की जमीन है, जिसके बाद प्रशासन ने दस्तावेज दिखाने को कहा तो नहीं दिखा पाए। मौके पर और युवकों को बुलवा लिया गया और विवाद बढ़ने लगा। यह देख प्रशासनिक अधिकारियों ने यूनिवर्सिटी थाना पुलिस का फोर्स बुलवा लिया जिसके बाद उत्पात मचाने वालो के तेवर ढ़ीले पड़ गए। विवाद करने वालों पर शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने का मामला दर्ज कराने की तैयारी की गई लेकिन विरोध करने वाले फिर पीछे हट गए। इसके बाद कब्जा दिलाने की कार्रवाई पूरी की गई। सिटी सेंटर वृत्त के नायब तहसीलदार शिवदत्त कटारे ने बताया कि जीवाजी यूनिवर्सिटी की ओर से प्रबंधन को आवंटित जमीन का कब्जा दिलाने के लिए आवेदन आया था। यह जमीन पूर्व में आवंटित की गई और सीमांकन भी हो चुका है। यह जीवाजी यूनिवर्सिटी का विवेकानंद परिसर कहा जाता है। जेयू के कुल सचिव डॉ राजीव मिश्रा सहित अधिकारी कब्जा लेने के लिए मौके पर आए। इसी दौरान शाहरूख खान नाम का युवक कुछ साथियों के साथ आ गया जो जमीन को कब्रिस्तान की बताने लगा। मौके पर पुराने रिकॉर्ड भी दिखाए गए और बताया कि यह जमीन जीवाजी यूनिवर्सिटी को आवंटित है। उल्लेखनीय है कि जीवाजी विश्वविद्यालय को पीएम-उषा योजना के अंतर्गत दो शैक्षणिक विभागों और एक छात्रावास के विस्तार के लिए अनुदान प्राप्त हुआ है। इसी के तहत इंजीनियरिंग अध्ययनशाला के विस्तार का कार्य प्रस्तावित है। बीते कुछ दिनों से अतिक्रमण की आशंका के चलते निर्माण कार्य में लगातार व्यवधान उत्पन्न हो रहा था। मौके पर विवाद खत्म होने के बाद निर्माण शुरू कराया गया। मुआवजा भी मांग रहे थे युवक मौके पर आए युवक कुछ कागजात दिखाते हुए यह भी कह रहे थे कि इस जमीन का हमें मुआवजा नहीं मिला है। जब अधिकारियों ने कहा कि जमीन आपकी है इसके दस्तावेज दिखाएं फिर मुआवजा की बात होगी। इस दौरान प्रशासन ने वीडियो रिकार्डिंग भी की। जेयू को आवंटित जमीन का कब्जा दिलाने के दौरान कुछ लोग इसे कब्रिस्तान की जगह बता रहे थे लेकिन उनके पास कोई दस्तावेज नहीं थे। पुलिस के सहयोग से कार्रवाई पूरी कर कब्जा दिलाया गया। शिवदत्त कटारे, नायब तहसीलदार recent visitors 87

‘200 लोग लाओ, दो करोड़ के प्रस्ताव पास कराओ’, प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने पार्षदों को सीएम से मिलाने का भी दिया ऑफर

बैठक में बोलते प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट। साथ में बाएं बैठे मनोज तोमर।v

“Bring 200 people, get a proposal worth two crore rupees passed,” Minister in charge Tulsiram Silawat also offered to introduce the councillors to the Chief Minister. ग्वालियर। जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने आगामी 25 दिसंबर को ग्वालियर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर भाजपा पार्षद दल की बैठक ली। बाल भवन के नवीन टीएलसी कक्ष में आयोजित बैठक में प्रभारी मंत्री ने सभी पार्षदों को लक्ष्य दिया कि कार्यक्रम में 200-200 लोगों को लेकर पहुंचना है। वाहनों की चिंता नहीं करें। वो सारी व्यवस्था हम कराएंगे। पार्षदों के दो-दो करोड़ रुपये के काम कराए जाएंगेप्रभारी मंत्री तुलसीराम ने कहा कि इसके अलावा पार्षदों के दो-दो करोड़ रुपये के काम कराए जाएंगे, जिसके प्रस्ताव तैयार कराए जाएं। क्योंकि अब आप लोगों का कार्यकाल खत्म होने में डेढ़ साल ही रह गया है। इस पर पार्षदों ने पूछा कि ये कार्य किस वित्तीय वर्ष में कराए जाएंगे, तो प्रभारी मंत्री ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि आप लोगों का कार्यकाल खत्म होने से पहले काम हो जाएंगे। सीएम मोहन यादव से मिलवाने का किया वादाप्रभारी मंत्री ने पार्षदों से यह भी कहा कि कार्यक्रम का सफल आयोजन होने के बाद आप सभी को मैं इंदौर लेकर चलूंगा। आपको इंदौर घुमाया जाएगा और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से समय लेकर उनसे मुलाकात भी कराई जाएगी। बैठक की शुरुआत में प्रभारी मंत्री ने कहा कि अटलजी राष्ट्र के गौरव होने के साथ ही ग्वालियर के लाडले सपूत थे। उनकी जन्म शताब्दी के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम को भव्य व ऐतिहासिक बनाना हम सभी का सामूहिक दायित्व है। परिषद की बैठक भी हुई स्थगितवहीं सोमवार को नगर निगम परिषद की बैठक को सभापति मनोज सिंह तोमर ने कोरम के अभाव में स्थगित कर दिया। दरअसल, 25 दिसंबर को वीआइपी आगमन के चलते नगर निगम के अधिकतर अधिकारी व्यस्त थे। इसके अलावा जिले में प्रभारी मंत्री द्वारा बैठकें आयोजित की जा रही थीं। ऐसे में परिषद में पार्षद पूरी संख्या में नहीं पहुंचे थे। हालांकि पिछली बैठक में जिन 15 प्रश्नों के उत्तर न आने के कारण हंगामा हुआ था, वो सारी जानकारी सदन में आ गई थी, लेकिन कोरम के अभाव के चलते बैठक को स्थगित कर दिया गया। वार्ड स्तर पर भी लीं बैठकेंमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में भाजपा सरकार के सफल दो वर्ष पूर्ण होने एवं भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रम को लेकर सोमवार को शहर के सभी वार्डों में भाजपा की बैठकें आयोजित हुईं। वार्ड 19 में आयोजित बैठक में प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट व भाजपा जिलाध्यक्ष जयप्रकाश राजौरिया मुख्य अतिथि के रूप शामिल हुए। वहीं वार्डों की बैठकों में भाजपा के वरिष्ठ नेता शामिल हुए। वार्ड 19 की श्रीकृष्ण वाटिका में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि अटल स्मृति वर्ष की स्मृति को बनाए रखने के लिए 25 दिसंबर को स्मृति के रूप में आप सबके अमूल्य योगदान के कारण जाना जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि 25 दिसंबर को आयोजित कार्यक्रम में हर बूथ से कार्यकर्ता की भागीदारी सुनिश्चित हो। recent visitors 88

25 करोड़ के दावों पर सवाल: सरकार की नाक के नीचे सबसे बड़ी गौशाला में गोवंशों की दुर्दशा

25 करोड़ के दावों पर सवाल: सरकार की नाक के नीचे सबसे बड़ी गौशाला में गोवंशों की दुर्दशा

ग्वालियर। Madhya Pradesh Largest Gaushala: मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी गौशाला का तमगा पाने वाली लाल टिपारा स्थित आदर्श गौशाला आज खुद सवालों के घेरे में है। जिस गौशाला को सरकार और नगर निगम अपनी उपलब्धि बताकर पेश करते रहे, वहीं अब गोवंश की बदहाल तस्वीर ने पूरे सिस्टम की पोल खोल दी है। गौशाला परिसर में करीब 15 गोवंशों के शवों का ढेर मिलना न केवल संवेदनहीनता को उजागर करता है, बल्कि करोड़ों रुपए के खर्च पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। हैरानी की बात यह है कि इस गौशाला के संचालन पर हर साल करीब 25 करोड़ रुपए खर्च किए जाते हैं। नगर निगम द्वारा संचालित इस गौशाला में 10 हजार से अधिक गोवंश रखे गए हैं। इसके बावजूद गोवंशों की मौत और शवों की ऐसी दुर्दशा साफ इशारा करती है कि जमीनी हकीकत कागजी दावों से बिल्कुल अलग है। मामला उजागर होने के बाद नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने जांच के आदेश तो दे दिए, लेकिन सवाल यह है कि इतने बड़े स्तर पर लापरवाही आखिर कब से चल रही थी और जिम्मेदार अधिकारी अब तक क्या कर रहे थे? क्या 25 करोड़ का बजट सिर्फ फाइलों और आंकड़ों में ही खर्च हो रहा है? निरीक्षण के बाद कलेक्टर रुचिका चौहान ने इसे बीमारी और दुर्घटना से हुई मौत बताकर स्थिति को संभालने की कोशिश जरूर की, लेकिन स्वस्थ गोवंश की मौत न होने का दावा आमजन को रास नहीं आ रहा। अगर इंतजाम इतने ही “मजबूत” थे, तो गौशाला में शवों का ढेर आखिर कैसे लगा? यह घटना सरकार और नगर निगम के गौ-कल्याण के दावों पर सीधा तमाचा है। सवाल उठता है कि जब प्रदेश की सबसे बड़ी गौशाला का यह हाल है, तो बाकी गौशालाओं की स्थिति क्या होगी? अब जनता यह जानना चाहती है कि क्या सिर्फ जांच के आदेश देकर मामला रफा-दफा कर दिया जाएगा, या फिर जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होगी और गोवंश के नाम पर खर्च होने वाले करोड़ों रुपयों का हिसाब भी तय किया जाएगा। recent visitors 93

India Squad Announcement: विश्‍व कप के लिए भारतीय टीम का एलान, गिल- जितेश बाहर, अक्षर बने उपकप्‍तान

India Squad Announcement: Indian team announced for the World Cup, Gill-Jitesh out, Axar named vice-captain नई दिल्ली। टी20 विश्‍व कप 2026 के लिए आज, 20 दिसंबर को 15 सदस्‍यीय भारतीय टीम का एलान किया गया। इसके अलावा न्‍न्‍यूजीलैंड दौरे के लिए भी भारतीय टीम की घोषणा की गई। दोनों स्‍क्वॉड एक ही हैं। फॉर्म से जूझ रहे सूर्यकुमार यादव ही टीम की कमान संभालेंगे। वहीं अक्षर पटेल को उपकप्‍तानी सौंपी गई है। इससे पहले मुंबई में चीफ सेलेक्‍टर अजीत अगरकर समेत सभी चयनकर्ता और कप्‍तान सूर्यकुमार यादव की मीटिंग हुई। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने प्‍लेयर्स के नाम का एलान किया। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 में शानदार प्रदर्शन करने वाले ईशान किशन को उनके प्रदर्शन का इनाम मिला है। ईशान की टीम में वापसी हुई है। इसके अलावा फिनिशर रिंकू सिंह को भी टीम में मौका मिला है। फॉर्म से जूझ रहे शुभमन गिल को टीम से बाहर कर दिया गया है। इसके अलावा विकेटकीपर जितेश शर्मा का भी पत्‍ता कटा है। अक्षर पटेल को फिर से उपकप्‍तानी सौंपी गई है। टी20 विश्‍वकप का आगाज 7 फरवरी 2026 से होगा, वहीं फाइनल मुकाबला 8 मार्च को खेला जाएगा। टूर्नामेंट में 20 टीमों के बीच जंग देखने को मिलेगी। सभी टीमों को 5-5 के 4 ग्रुप में बांटा गया है। भारतीय टीम ने 2024 में खेला गया विश्‍व कप जीता था। ऐसे में टीम की कोशिश खिताब का बचाव करने पर होगी। विश्‍व कप और न्‍यूजीलैंड दौरे के लिए भारतीय टीमसूर्याकुमार यादव (कप्‍तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल (उपकप्‍तान), रिंकू सिंह, जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती, वॉशिंगटन सुंदर, ईशान किशन (विकेटकीपर)। recent visitors 164

बिजली उपभोक्ताओं को लग सकता है तगड़ा झटका, 10% से दाम ज्यादा बढ़ाने की तैयारी

बिजली उपभोक्ताओं को लग सकता है तगड़ा झटका, 10% से दाम ज्यादा बढ़ाने की तैयारी

Electricity consumers may face a major setback, with plans to increase prices by more than 10%. Electricity Consumers Alert :मध्य प्रदेश में बिजली दरों में 10 फीसदी ज्यादा बढ़ोतरी करने की तैयारी की जा रही है। इसे लेकर मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की टैरिफ पिटीशन मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग में लगाई है। पिटीशन के माध्यम से दावा किया गया है कि, बिजली कंपनियां अपने घाटे की भरपाई के लिए ये बढ़ोतरी कराने की मांग कर रही हैं। बिजली कंपनी के सूत्रों की मानें तो एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी ने तीनों डिस्काम की तरफ से 30 नवंबर से पहले नियामक आयोग को ये पिटीशन सौंप दी है। मीडिया रिपोर्ट्स में कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी का नाम गोपनीय रखने की शर्त पर हवाला देते हुए कहा है कि, कंपनियों ने अनुमानित घाटे की भरपाई के लिए बिजली की दरों में 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि करने की अनुमति आयोग से मांगी है। जल्द तय होगी सुनवाई की तारीखबताया जा रहा है कि आयोग ने पिटीशन को स्वीकार कर लिया है और अब इस पर जल्द ही सार्वजनिक सूचना जारी कर जनसुनवाई की तारीख तय की जाएगी। यह तारीख कंपनीवॉर होगी। जनसुनवाई के बाद आयोग यह तय करेगा कि बिजली के भावों में कितनी प्रतिशत वृद्धि या कमी की जाए। यदि बिजली दरों में वृद्धि तय होती है तो इन्हें वित्तीय वर्ष 2026-27 में एक अप्रैल लागू किया जाएगा। recent visitors 99

भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई लगातार जारी नायब तहसीलदार को 10 हजार रिश्वत लेते पकड़ा

भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई लगातार जारी नायब तहसीलदार को 10 हजार रिश्वत लेते पकड़ा

Lokayukta’s action against corruption continues; Naib Tehsildar caught taking a bribe of Rs 10,000 सतना ! मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई लगातार जारी है। इसके बावजूद सरकारी महकमे में रिश्वतखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला सतना जिले के रामपुर बाघेलान तहसील कार्यालय से सामने आया है, जहां रीवा लोकायुक्त की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नायब तहसीलदार को उनके ही कार्यालय में रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। लोकायुक्त टीम ने रामपुर बाघेलान तहसील में पदस्थ नायब तहसीलदार वीरेंद्र सिंह जायसूर को उस समय पकड़ा, जब वे अपनी कुर्सी पर बैठकर फरियादी से 10 हजार रुपये की रिश्वत ले रहे थे। अचानक हुई इस कार्रवाई से तहसील कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। पुश्तैनी जमीन के बंटवारे और नामांतरण का था मामलाजानकारी के अनुसार यह पूरा मामला पुश्तैनी जमीन के बंटवारे और नामांतरण आदेश से जुड़ा हुआ है फरियादी आशुतोष सिंह के पिता चंद्रशेखर सिंह के नाम पर दर्ज जमीन के बंटवारे का आदेश तहसील स्तर पर लंबित था फरियादी का आरोप है कि नायब तहसीलदार ने इस फाइल को पास करने के एवज में 20 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। 15 दिसंबर को की गई थी लोकायुक्त में शिकायतरिश्वत से परेशान होकर फरियादी आशुतोष सिंह ने 15 दिसंबर को रीवा लोकायुक्त कार्यालय में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि हो गई हैरानी की बात यह रही कि सत्यापन के दौरान ही आरोपी नायब तहसीलदार ने पहली किस्त के तौर पर 10 हजार रुपये ले लिए थे, जिसके बाद लोकायुक्त ने ट्रैप की पूरी योजना तैयार की। बाकी रकम लेते ही दबोचा गया अधिकारीगुरुवार को योजना के मुताबिक फरियादी शेष बचे 10 हजार रुपये लेकर रामपुर बाघेलान तहसील कार्यालय पहुंचा। जैसे ही नायब तहसीलदार ने फरियादी से पैसे अपने हाथ में लिए, वहां पहले से सिविल ड्रेस में मौजूद लोकायुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त अधिकारियों ने आरोपी के हाथ धुलवाकर केमिकल टेस्ट कराया, जिसमें रिश्वत लेने की पुष्टि हुई। कार्रवाई से मचा हड़कंपलोकायुक्त की इस कार्रवाई के बाद तहसील कार्यालय में हड़कंप मच गया। कर्मचारी और फरियादी हैरान रह गए। कुछ देर के लिए तहसील का कामकाज भी प्रभावित रहा लोकायुक्त टीम ने मौके पर ही आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी की। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्जलोकायुक्त द्वारा आरोपी नायब तहसीलदार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। आगे की जांच जारी है। लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई आगे भी इसी तरह जारी रहेगी। recent visitors 78