एसडीएम की गाड़ी को रेत से भरे ट्रैक्टर ने मारी टक्कर, दो ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त

एसडीएम की गाड़ी को रेत से भरे ट्रैक्टर ने मारी टक्कर, दो ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त

SDM’s vehicle hit by a tractor loaded with sand, two overloaded tractor-trolleys seized भिंड। लहार क्षेत्र में सोमवार सुबह मिहोना बायपास पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब अवैध रेत परिवहन में लगे एक ट्रैक्टर चालक ने कार्रवाई से बचने के प्रयास में लहार एसडीएम विजय सिंह यादव की सरकारी गाड़ी को टक्कर मार दी। गनीमत रही कि इस घटना में एसडीएम समेत किसी को कोई चोट नहीं आई, हालांकि गाड़ी के अगले हिस्से को नुकसान पहुंचा है। जानकारी के अनुसार, एसडीएम विजय सिंह यादव सोमवार को टीएल बैठक में शामिल होने के लिए लहार से भिंड जा रहे थे। इसी दौरान मिहोना बायपास पर उन्हें रेत से भरे कई ट्रैक्टर-ट्रॉली नजर आए, जिनमें से दो वाहन ओवरलोड पाए गए। जब एसडीएम ने इन्हें रोकने की कोशिश की, तो एक ट्रैक्टर चालक ने घबराहट में अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉली एसडीएम की गाड़ी में घुसा दी। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम ने मिहोना थाना प्रभारी विजय कैन को अवगत कराया। पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी कर दोनों रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर थाने में खड़ा करवा दिया। पुलिस ने ट्रैक्टर चालकों के खिलाफ अवैध रेत परिवहन, ओवरलोडिंग और शासकीय वाहन को क्षतिग्रस्त करने सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। एसडीएम का सख्त संदेशएसडीएम विजय सिंह यादव ने कहा कि अवैध रेत परिवहन में लगे वाहन तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग के कारण आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार का दबाव या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और रेत माफिया के खिलाफ कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। recent visitors 73

गीता प्रेस धार्मिक पुस्तकों के जरिये समाज में फैला रहा वर्ण, जाति, लिंग आधारित व्याप्त कटुता एवं वैमनष्यता

Geeta Press: Bitterness and animosity based on caste, gender is spreading in the society through religious books. भोपाल। हिन्दू धर्म में समाज के सभी वर्गों के उत्थान की बात कही गई है, लेकिन कुछ चाणक्य बुद्धि वालों ने हिन्दू धर्म की आड़ में समाज में द्वेष भावना फैला रहे हैं। यही वजह है कि आज हिन्दू समाज में जमकर बिखराव है। यह बात किसी से छिपी नहीं है। मीडिया में खबरें भी आये दिन सुर्खियां बनते हुए हम पढ़ और सुन रहे हैं। पुस्तकों के जरिये भी यह काम कुछ प्रकाशन बेधड़क और बेरोकटोक कर रहे हैं। इसमें गीता प्रेस की भूमिका सामने आ रही है। गीता प्रेस ने हिन्दू धर्म की कुछ धार्मिक पुस्तकों का प्रकाशन किया है। जिसके कुछ अंश भागो में वर्ण, जाति, लिंग आधारित व्याप्त कटुता एवं वैमनष्यता वाली बातें उल्लेखित हैं। जिससे समाज में भेदभाव की लकीर और लंबी हो रही है। यह बात मप्र कैडर के रिटायर्ड आईएएस राजा भैया प्रजापति ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर संघ संचालक मोहन भागवत-डा. हेडगेवार भवन, संघ बिल्डिंग, रोड, महल-नागपुर, महाराष्ट्र को भेजे पत्र में कही। उन्होंने यही पत्र गीता प्रेस-प्रबंध संचालक, गीता प्रेस, पी.ओ. गोरखपुर (उ.प्र.) को भी भेजा है। उन्होंने उक्त अंशों को हटाने तथा समाज में सामाजिक समरसता की भावना स्थापित करने की भी बात लिखी है। उन्होंने अपनी चिंता 5 बिंदुओं में व्यक्त की है। सामाजिक असमानता की खाई को पटना जरुरी 1. इस बात को सारा देश जानता है कि भारतवर्ष में हिन्दु समाज में वर्ण व्यवस्था तथा जाति व्यवस्था में व्याप्त असमानताओं के कारण एकता न होने से देश लंबे समय तक गुलाम रहा। सामाजिक असमानता तथा विषमताओं के कारण ही वर्तमान में सोशल मीडिया, समाचार पत्रों तथा समाचार चैनल्स में जातीय विद्वेष के बड़े-बड़े उदाहरण देखने को मिलते है। इस वर्ण व्यवस्था में महिलाओं को सम्मिलित मानते हुए करीब 95% प्रतिशत आबादी हिन्दु वर्णव्यवस्था में जातीय / वर्णनीय असमानता का शिकार है। शिक्षा के प्रचार – प्रसार से काफी हद तक सुधार भी परिलक्षित हुआ है, लेकिन अभी बहुत बड़े सुधार की आवश्यकता है। 2. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने अपना शताब्दी वर्ष मनाते हुए विज्ञान भवन, नई दिल्ली तथा नागपुर में कार्यक्रम करते हुए समाज में सामाजिक एकता के रूप में किये गये कार्यों का बखान किया है। फिर भी सामाजिक असमानता एवं विषमता अभी बरकरार है। अब समय आ गया है कि समय रहते सभी प्रकार की विषमताओं को खत्म करने के लिये भारत के सभी लोगों में समरसता तथा समान भ्रातृत्व की भावना का निर्माण कर वैज्ञानिक दृष्टिकोण उत्पन्न करने की जरूरत है, ताकि आने वाली पीढ़िया सामाजिक समरसता के साथ जी सकें। 3. देश में दो प्रकार का आरक्षण वर्तमान में लागू है। एक तो धर्म आधारित (जाति/वर्ण) व्यवस्था के तहत लगभग 5 हजार वर्ष से लागू आरक्षण जो कि एक सामाजिक प्रभुत्व के रूप में है। दूसरा विधि/कानून द्वारा स्थापित 75 वर्ष वाला एवं 35 साल वाला राजनैतिक / सरकारी नौकरियों मे आरक्षण। भविष्य मे धीरे-धीरे यह सब समाप्त हों उसके लिये यह जरूरी है कि पहले सामाजिक प्रभुत्त्व के रूप में बरकरार आरक्षण को समाप्त करते हुए कानून द्वारा स्थापित आरक्षण को धीरे-धीरे समाप्त किया जाए, लेकिन सबको समानता बरकरार करने के उपरान्त । 4. देश का सफल संचालन विधि द्वारा स्थापित कानूनों भर से नहीं होता है, बल्कि देश में व्याप्त परम्पराओ, रूढ़ियों एवं धर्म आधारित स्थापित मापदण्डो से भी होता है। वहीं धर्म आधारित जाति एवं वर्ण व्यवस्था एवं महिला असमानता के कारण व्यापक सुधार की जरूरत है। जिन धार्मिक पुस्तकों में वर्ण, जाति एवं लिंग के संबंध मे कटुता / वैमनष्यता के अंश निहित है उन अंशो को हटाने की नितान्त आवश्यकता है। 5. आशा है कि आप सामाजिक एकता स्थापित करने की कड़ी में समस्त वर्गों के सन्त, महात्माओं तथा समाज सुधारकों से समन्वय कराकर सामाजिक समरसता कायम कराएंगे। साथ ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघ संचालक के पद पर सभी वर्गो को क्रमशः प्रतिनिधित्व (नेतृत्व) दिलवायेंगे। recent visitors 110

IAS वर्मा के समर्थन में जंग छेड़ने का ऐलान, बोले… छेड़ा है तो छोड़ेंगे नहीं, परिणाम भुगतने ही होंगे

He announced a war in support of IAS Verma. भोपाल। अजाक्स के प्रांताध्यक्ष एवं वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा के विरुद्ध की गई कार्यवाही से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के संयुक्त सामाजिक संगठनों में सरकार के खिलाफ दिनोंदिन नाराजगी बढ़ती जा रही है। सभी जिलों से आवाज उठने की खबरें लगातार आ रही हैं। संगठनों का आरोप है कि यह कार्रवाई सरकार की संकुचित मानसिकता का परिणाम है। सरकार वंचित वर्ग के ईमानदार अधिकारियों को निशाना बना रही है। लोगों का कहना है कि संतोष वर्मा को बदनाम करने की साजिश आदिवासी समाज का अपमान है, जिसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा। कलेक्टर ऑफिस तक निकला मार्च 13 दिसंबर को प्रदेश के सभी जिलों में धरना-प्रदर्शन किया गया। भोपाल में भी बड़ी संख्या में एससी-एसटी और ओबीसी के लोग सड़कों पर उतरे और राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपना विरोध दर्ज कराया। पदाधिकारियों का कहना है कि… “छेड़ा है तो छोड़ेंगे नहीं”। ईट का जवाब पत्थर से देंगे। एससी/एसटी/ओबीसी संयुक्त मोर्चा मध्य प्रदेश के मुख्य पदाधिकारी लोकेश मुजल्दा, महेंद्र लोदी और प्रियंका जाटव का कहना है कि यह कार्यवाही न केवल एक ईमानदार आदिवासी अधिकारी की गरिमा पर आघात है, बल्कि संविधान की मूल आत्मा- ‘समता, बंधुता और सामाजिक न्याय’ के विरुद्ध है। आईएएस वर्मा सच्चे लोकसेवक और समाजसुधारक 23 नवंबर को अजाक्स अधिवेशन में आईएएस संतोष वर्मा ने सामाजिक समरसता, जाति व्यवस्था खत्म करने, रोटी-बेटी संबंध बनाने, हिंदू एकता और संविधान सर्वोपरि रखने की बात की थी। 27 मिनट के इस भाषण में से समाज विरोधी तत्वों ने 7 सेकंड की तोड़-मरोड़कर कट वीडियो बनाई और उसे प्रसारित किया। जिसके बाद तथाकथित सामाजिक संघटनों ने इस वक्तव्य को अपनी असिमता से जोड़ा और विरोध जताने लगे। जिसके दबाव में सरकार ने आईएएस वर्मा को बिना वीडियो के मूल भाव को समझे नोटिस थमा दिया, जो गलत है। आरक्षित वर्ग के संगठनों ने कहा कि “यह कार्यवाही संविधान, न्याय और आदिवासी सम्मान पर सीधा हमला है।” सयुंक्त मोर्चा के अनुसार आईएएस वर्मा ने संबोधन में जातिवाद उन्मूलन, मानवता की सर्वोच्चता, संविधान की प्रधानता तथा यह स्पष्ट किया कि प्रशासनिक पद पर पहुँचने के बावजूद सामाजिक भेदभाव स्वतः समाप्त नहीं होता है।मोर्चा का आरोप है कि कुछ षड़यंत्रकारियों ने आईएएस वर्मा का 7 सेकंड की वीडियो क्लिप प्रचारित किया, जिससे समाज में भ्रम और वैमनस्यता फैली। इसके लिए प्रचारित करने वाले ही जिम्मेदार हैं। वर्मा पर एकपक्षीय कार्यवाही से एससी-एसटी वर्ग में बड़ा आक्रोश सयुंक्त मोर्चा ने कहा कि इस प्रकार का दुष्प्रचार लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए घातक है। आईएएस वर्मा पर एकपक्षीय कार्यवाही करते हुए उनके विरुद्ध विभागीय जाँच बैठा दी गई है। यह कार्यवाही समाज विशेष द्वारा फैलायी गई भ्रामक जानकारी के दबाव में की गई है। जो आदिवासी समाज की आवाज को दबाने का प्रयास है। यह कार्यवाही भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 15(4), 16(4), 21, 38(2) एवं 46 की भावना के विपरीत है। यह अनुच्छेद समानता और वंचित वर्गों के संरक्षण की गारंटी देता है। जयस समेत अन्य संगठनों ने दी चेतावनी… 18 जनवरी को भोपाल में 5 लाख लोगों का जंगी प्रदर्शनअजाक्स, जयस समेत अन्य संगठनों ने ऐलान किया है कि 18 जनवरी 2026 को भोपाल में प्रदेश के सभी जिलों से 5 लाख से अधिक लोग जुटेंगे। इस जंगी आंदोलन में एससी-एसटी वर्ग के अधिकारियों और सामाजिक लोगों पर हो रहे दमनकारी जुल्म तथा वर्मा पर की गई कार्यवाही का विरोध जताएँगे। इसी दौरान सभी लोग संविधान की शपथ भी लेंगे। लोगों का कहना है कि अब किसी भी SC/ST/OBC अधिकारी पर अन्याय सहन नहीं करेंगे।” एससी/एसटी/ओबीसी संयुक्त मोर्चा मध्य प्रदेश के मुख्य पदाधिकारी लोकेश मुजल्दा, महेंद्र लोदी और प्रियंका जाटव ने चेतावनी दी है कि “आरक्षित वर्ग के अधिकारियों पर की जा रही प्रताड़ना तुरंत बंद करना होगी। नहीं तो मोहन सरकार को इसके परिणाम भुगतने होंगे। आरक्षित वर्गों की लगातार हो रही उपेक्षा, मांगों पर तत्काल एक्शन ले सरकार recent visitors 273

एग्जीबिशन से आत्मनिर्भरता की ओर महिलाओं के बढ़ते कदम 

Exhibition marks women’s march towards self-reliance  भोपाल। रिफ्रेशिंग ‌द्वारा फोर सीज़न बैंक्वेट हॉल कोहेफ़िज़ा में 13 और 14 दिसंबर को दो दिवसीय एग्जिबीशन का आयोजन होगा, जिसमें प्रवेश निशुल्क रहेगा। इस एग्जिबीशन का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।  आयोजक अब्दुल रहमान रईस ने बताया कि एग्जिबीशन में रोजमर्रा में उपयोग होने वाली वस्तुएं कम कीमत पर उपलब्ध रहेगी। इस आयोजन में मध्य प्रदेश सहित अन्य प्रदेश के लगभग 80 से ज्यादा स्टाल लगेंगे। इसमें ब्रांडेड कंपनियों के स्टाल भी शामिल हैं। कार्यक्रम में बच्चों के लिए भी प्ले जोन रखा गया है, जिससे उनके मनोरंजन के संपूर्ण साधन उपलब्ध रहेंगे। आयोजन के दूसरे दिन 14 दिसंबर को बॉलीवुड सिंगर सुपरहिट गीतों के प्रस्तुति देकर कार्यक्रम की शाम को रंगीन बनाएंगे। महिलाओं के लिए विशेष प्रकार से अलग से स्थान रहेगा, जिसमें उनकी संपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। recent visitors 71

Gold Silver Rupee: सोना 7 हफ्ते के हाई पर, चांदी 2 लाख के करीब; रुपया 90.56 के नए निचले स्तर पर फिसला

Gold Silver Rupee: सोना 7 हफ्ते के हाई पर, चांदी 2 लाख के करीब; रुपया 90.56 के नए निचले स्तर पर फिसला

Gold Silver Rupee: Gold at 7-week high, silver nears 2 lakh; Rupee slips to new low of 90.56 घरेलू वायदा बाजार में शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में सोना साढ़े सात हफ्तों के उच्च स्तर के करीब बना रहा। एमसीएक्स पर फरवरी सोने का वायदा 0.02% की हल्की बढ़त के साथ ₹1,32,496 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। यह बढ़त अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा 25 आधार अंकों की ब्याज दर कटौती के बाद बने सकारात्मक रुझान का विस्तार है। इसके उलट, मार्च सिल्वर वायदा में रिकॉर्ड स्तरों के पास प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली, और यह 0.54% गिरकर ₹1,97,861 प्रति किलोग्राम पर कारोबार करता दिखा। चांदी हाल ही में ₹2 लाख प्रति किलो के नए रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंची थी। बुलियन में यह उतार-चढ़ाव कमजोर डॉलर इंडेक्स, वैश्विक वित्तीय बाजारों में जारी अस्थिरता और फेड की नीति के बाद निवेशकों की सोने-चांदी में बढ़ती दिलचस्पी के बीच देखने को मिल रहा है।पिछले सत्र में तेज बढ़तवहीं गुरुवार के कारोबार में सोना और चांदी दोनों घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मजबूती के साथ बंद हुए। गोल्ड फरवरी कॉन्ट्रैक्ट 2.06% की बढ़त के साथ ₹1,32,469/10 ग्राम पर सेटल हुआ। सिल्वर मार्च कॉन्ट्रैक्ट 5.41% उछलकर ₹1,98,942 प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ।अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चांदी ने बनाया नया रिकॉर्डफेड की नीतिगत बैठक के बाद मिले संकेतों खासतौर पर 25 आधार अंकों की कटौती से कीमती धातुओं में मजबूत खरीद देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 65 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंचकर नया रिकॉर्ड बना रही है, जबकि सोना सात सप्ताह की ऊंचाई पर है।रुपये अपने नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचावहीं शुक्रवार सुबह रुपये में भारी कमजोरी देखने को मिली और यह 24 पैसे टूटकर 90.56 के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर अनिश्चितता और विदेशी फंड के लगातार बहिर्वाह ने बाजार भावनाओं को कमजोर किया है।कीमती धातुओं की तेजी को लेकर विशेषज्ञों की रायकीमती धातुओं में हालिया तेजी पर टिप्पणी करते हुए पृथ्वी फिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन ने कहा कि मजबूत फंडामेंटल्स आने वाले सत्रों में भी सोना और चांदी की कीमतों को सहारा दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि घरेलू बाजारों में रुपये की कमजोरी भी बुलियन को समर्थन प्रदान कर रही है। जैन के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $4,040 प्रति औंस और चांदी $57.70 प्रति औंस के मुख्य सपोर्ट स्तरों को बनाए रख सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि आज के सत्र में सोना-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। डॉलर इंडेक्स में हलचल, वैश्विक वित्तीय बाजारों की अस्थिरता और महत्वपूर्ण अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों से पहले बाजार दिशा खोजेगा।घरेलू बाजार में सोने के दामदिल्ली22 कैरेट (स्टैंडर्ड गोल्ड): ₹99,168 प्रति 8 ग्राम24 कैरेट (शुद्ध सोना): ₹1,06,784 प्रति 8 ग्राममुंबई22 कैरेट: ₹99,160 प्रति 8 ग्राम24 कैरेट: ₹1,06,720 प्रति 8 ग्राम recent visitors 89

प्रधानमंत्री आवास योजना फर्जीवाड़ा : 2.50 के बजाय खातों में भेजे 8.50 लाख रुपए, भ्रष्टाचार का बड़ा खेल

प्रधानमंत्री आवास योजना फर्जीवाड़ा : 2.50 के बजाय खातों में भेजे 8.50 लाख रुपए, भ्रष्टाचार का बड़ा खेल

Prime Minister Housing Scheme fraud: Rs 8.50 lakh sent to accounts instead of Rs 2.50 lakh, a major game of corruption PM Awas Yojana: प्रधानमंत्री आवास योजना के बीएलसी घटक के तहत दमोह नगरपालिका में हुए बड़े फर्जीवाड़ा की परतें लगातार खुलती जा रही हैं। पहले योजना की राशि में हेरफेर का मामला सामने आया था और अब एक ही नपा की अलग-अलग आइडी बनाकर उसमें राशि डलवाने का फर्जीवाड़ा सामने आया है। सीए के माध्यम से हुई ऑडिट की जांच में यह खुलासा हुआ है, जिसमें 83 से अधिक खातों में तय राशि से अधिक राशि पहुंचाई गई हैं, इनमें 2.50 लाख की जगह किसी में 7 लाख तो किसी में 8.50 लाख रुपए तक भेजे गए हैं। ऑडिट रिपोर्ट दबाईऑडिट रिपोर्ट के अनुसार 2022 से 2024 के बीच सबसे ज्यादा राशि गलत खातों में गई है। बड़ी गड़बड़ी सामने आने के बाद नपा द्वारा कलेक्टर को गलत जानकारी देकर गुमराह करने की बात भी सामने आई है। दरअसल, शासन के माध्यम से पर्याप्त राशि दमोह नगरपालिका को मिलने के बाद भी प्रधानमंत्री आवास की किस्तें हितग्राहियों को नहीं मिल रही थी। जिसकी शिकायत बढऩे और योजना प्रभारी अशोक पाठक द्वारा योजना संबंधी फाइलें कार्यालय से गायब करने के बाद तत्कालीन सीएमओ प्रदीप शर्मा ने सागर की जीडीके एंड एसोसिएट चार्टेट एकाउंटेंट्स से ऑडिट रिपोर्ट तैयार कराई गई थी। साथ ही हर एक बिंदू की जांच कराई गई थी। इसकी ऑडिट रिपोर्ट एजेंसी द्वारा बीते माहों में नगरपालिका को सौंप दी गई थी, लेकिन नगरपालिका ने इसे दबा लिया था। अब पूर्व पार्षद बिंदू पटोटिया ने उक्त ऑडिट रिपोर्ट प्राप्त करके पूरा खुलासा है। साथ ही मामले को कलेक्टर के समक्ष भी प्रस्तुत किया है। इन खातों में नियम विरुद्ध भेजे गए पैसेपत्रिका ने पड़ताल की तो दमोहमें सामने आए इस मामले में दस्तावेज में सुनीता के खाते में तीन आइडी से 6 लाख, ताराबाई के खाते में तीन आइडी 5 लाख, उमाबाई के खाते में तीन आइडी से 5 लाख, विनोद कुमार के खाते में दो आइडी से 4 लाख, केशर बाई रैकवार के खाते में 2 आइडी से 4 लाख, मोहम्मद के खाते में चार आइडी से 7 लाख, सविता के खाते में 3 आइडी से 5 लाख, किरण के खाते में 6 आइडी से 8.50 लाख, लक्ष्मी के खाते में 5 आइडी से 7 लाख, लक्ष्मीबाई के खाते में 4 आइडी से 5 लाख, अनीता के खाते में 3 आइडी 5 लाख सहित 83 खातों में 3 लाख से अधिक राशि पहुंचाई गई है। मुख्यालय भेजी गई है ऑडिट रिपोर्टसीए द्वारा की गई ऑडिट रिपोर्ट को मुख्यालय को भेजा गया है। जिन भी खातों में अधिक राशि पहुंचने का बात है, ऐसे खातों पर होल्ड लगाए गए हैं। जांच में जो भी कार्रवाई होना है, वह उच्चस्तर से होगी। -राजेंद्र सिंह लोधी, सीएमओ नपा, दमोह recent visitors 83

धर्मेन्द्रसिंह राजपूत अभाविप मध्यभारत प्रांत के प्रांत अध्यक्ष एवं प्रांत मंत्री के रूप में केतन चतुर्वेदी पुनःनिर्वाचित

धर्मेन्द्रसिंह राजपूत अभाविप मध्यभारत प्रांत के प्रांत अध्यक्ष एवं प्रांत मंत्री के रूप में केतन चतुर्वेदी पुनःनिर्वाचित

Dharmendra Singh Rajput re-elected as State President and Ketan Chaturvedi as State Minister of ABVP Madhya Bharat Province भोपाल। धर्मेन्द्रसिंह राजपूत (भोपाल) देश के अग्रणी छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के मध्यभारत प्रांत के प्रांत अध्यक्ष और केतन चतुर्वेदी (बैतूल) प्रांत मंत्री के रूप में सत्र 2025-26 हेतु पुनः निर्वाचित हुए हैं। यह घोषणा आज अभाविप मध्यभारत प्रांत कार्यालय, भोपाल से की गई। अभाविप के प्रांत कार्यालय के निर्वाचन अधिकारी डॉ. दीपक पालीवाल ने बताया कि दोनों पदों का कार्यकाल एक वर्ष का रहेगा एवं दोनों पदाधिकारी 14 से 16 दिसम्बर 2025 को डबरा में आयोजित अभाविप के 58वे प्रांत अधिवेशन में अपना पदभार ग्रहण करेंगे। धर्मेन्द्रसिंह राजपूत युनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी (आरजीपीवी) भोपाल में मेकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में सहायक प्राध्यापक पद पर कार्यरत हैं। आपके विभिन्न शोध पत्र प्रकाशित हुये हैं एवं सन् 2009 से आप विद्यार्थी परिषद में सक्रिय कार्यकर्ता है, विद्यार्थी परिषद में विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करते हुये उज्जैन नगर उपाध्यक्ष, नगर अध्यक्ष, जिला प्रमुख, विभाग प्रमुख, प्रांत उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, मध्यभारत प्रांत उपाध्यक्ष जैसे विभिन्न दायित्वों का आपने निर्वहन किया है। सत्र 2022-23 में आप प्रथम बार प्रांत अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे, सत्र 2023- 24 और 2024-25 में भी आपने प्रांत अध्यक्ष का दायित्व संभाला। इस वर्ष नवीन सत्र 2025-26 के लिए भी आप प्रांत अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित हुए है। केतन चतुर्वेदी की शिक्षा ग्वालियर के शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई महाविद्यालय से बी-कॉम तक हुई है। विद्यार्थी परिषद से संपर्क वर्ष 2016 से है एवं वर्ष 2021 से पूर्णकालिक कार्यकर्ता हैं। पूर्व में ग्वालियर महानगर में भाग मंत्री, जीवाजी विश्वविद्यालय संयोजक, ग्वालियर महानगर सहमंत्री, भोपाल महानगर सहमंत्री एवं पूर्णकालिक कार्यकर्ता के नाते नर्मदापुरम जिला संगठन मंत्री, भोपाल महानगर सह संगठन मंत्री जैसे महत्वपूर्ण दायित्व का निर्वहन किया है। वर्ष 2023-24 में अभाविप के मध्यभारत प्रांत के सहमंत्री भी रहे हैं। वर्तमान में वे नर्मदापुरम विभाग के विभाग संगठन मंत्री है। उनका केन्द्र बैतूल हैं। विभिन्न छात्र आंदोलन का आपने प्रभावी नेतृत्व किया है। प्रांत मीडिया संयोजक शिवम जाट ने बताया कि सत्र 2024-25 में प्रथम बार प्रांत मंत्री निर्वाचित हुए। इस वर्ष सत्र 2025–26 के लिए आप पुनः अभाविप मध्यभारत के प्रांत मंत्री निर्वाचित हुए हैं। recent visitors 74