भाजपा पार्षद पर रेप करने का सनसनी खुलासा , महिला बोली- वीडियो बनाकर वायरल करने की दे रहा धमकी

Sensational revelation of rape by BJP councilor, woman says he is threatening to make a video and make it viral सतना। नगर परिषद रामपुर बाघेलान के भाजपा पार्षद अशोक सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह एक पीड़ित महिला को जान से मारने की धमकी देते हुए और थाना प्रभारी रामपुर बाघेलान के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग करते नजर आ रहे हैं। पिछले दिनों पार्षद के खिलाफ एसपी को आवेदन देकर महिला ने दुष्कर्म का आरोप लगाया था। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। पीड़ित महिला का आरोप है कि पार्षद अशोक सिंह लंबे समय से उसे प्रताड़ित कर रहा है। महिला ने बताया कि उसने 22 दिसंबर को एसपी को लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। महिला का कहना है कि यदि उसके साथ कोई भी अप्रिय घटना घटित होती है, तो इसके लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह जिम्मेदार होगा। छह महीने पहले किया दुष्कर्ममहिला ने अपने आवेदन में यह भी गंभीर आरोप लगाया है कि करीब छह माह पहले आरोपी पार्षद ने उसके साथ गलत काम किया था और उसी दौरान उसका वीडियो भी बना लिया। अब वही वीडियो वायरल करने की धमकी देकर वह लगातार उस पर दबाव बना रहा है। महिला के अनुसार, आरोपी उसकी दुकान पर आकर आए दिन उसे अपमानित करता है और धमकाता है कि अगर उसने उसकी बात नहीं मानी तो वीडियो सार्वजनिक कर देगा। क्या पुलिस लेगी एक्शनमहिला की गरिमा के साथ खिलवाड़ कर कानून-व्यवस्था चुनौती देने वाले पार्षद के खिलाफ क्या पुलिस प्रशासन कोई एक्शन लेगा। पीड़ित महिला ने प्रशासन से गुहार लगाई है। फिलहाल इस मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब देखना होगा कि वायरल वीडियो और महिला के आरोपों के आधार पर पुलिस क्या कार्रवाई करती है और क्या आरोपी पार्षद के खिलाफ कानूनी कदम उठाए जाते हैं या नहीं। recent visitors 101

आम आदमी पार्टी के पदाधिकारी इंजी नवीन कुमार अग्रवाल ने लगाया आरोप

आम आदमी पार्टी के पदाधिकारी इंजी नवीन कुमार अग्रवाल ने लगाया आरोप

Aam Aadmi Party official Engineer Naveen Kumar Agarwal made the allegation नगरपालिका की निष्क्रियता के कारन पेड़ो की अवैध कटाई चरम पर नीमच। एक और जल, जंगल, जमीन के संरक्षण के लिए प्रशासनिक अधिकारी एवं सत्तापक्ष प्रचार-प्रसार पर एक पेड़ मां के नाम से करोड़ो रूपये खर्च कर अखबारों की सुर्खिया बटोरते है। दूसरी ओर विकास के नाम पर सेंकडो पेड़ मात्र नगरपालिका की घोर लापरवाही के चलते ग्रीन बेल्टों में सड़क निर्माण से बहार होने पर भी काट जा रहे है। नगरपालिका के जनप्रतिनिधि और अधिकारी कर्मचारी एवं एमपीआरडीसी के इंजीनियर भी चिर निंद्रा में सो रहे है। लगता है जैसे एमपीआरडीसी के अधिकारियो कर्मचारियों को मात्र भुगतान के दिन से मतलब है। चाहे ठेकेदार पर्यावरण का कितना भी नुकसान करे उसे कोई मतलब नहीं उक्त कटाक्ष करते हुए आम आदमी पार्टी के इंजी नवीन कुमार अग्रवाल ने नगरपालिका एवं एमपीआरडीसी पर तंज कसा है। अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान में डूंगलावदा फंटे से लेकर भाटखेड़ा फंटे तक सड़क निर्माण कार्य चल रहा है, जिसमे ठेकेदार अपनी मनमानी कर रहा है। सड़क निर्माण में आने वाली जगह के अलावा भी वर्षो पुराने पेड़ो की अंधाधुंध कटाई कर पर्वावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। फिर भी आज तक कभी भी किसी भी इंजीनियर को सड़क निर्माण के दौरान निर्माण स्थल पर नहीं देखा गया है। ठेकेदार अपनी मनमर्जी से जंहा देखो वंहा पेड़ो की अवैध कटाई कर रहा है और पर्यावरण को असंतुलित कर रहा है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि नगरपलिका क्षेत्र में भी पेड़ो की कटाई हो रही है और नगरपालिका मूकदर्शक बन तमाशा देख रही है। न ही नगरपालिका के जनप्रतिनिधि सड़क निर्माण के दौरान पेड़ो की अवैध कटाई पर संज्ञान ले रहे है जिससे लगता है की ठेकेदार, एमपीआरडीसी एवं नगरपलिका पूर्णरूपेण गठजोड़ बनाकर उक्त सड़क का निर्माण कर पेड़ो की बलि दे रही है। अग्रवाल ने कहा कि एक पेड़ माँ के नाम और हजारो पेड़ एमपीआरडीसी एवं नगरपलिका के संरक्षण के चलते ठेकेदार के नाम कर दिए गए है। जिसके कारन ठेकेदार सड़क निर्माण में न आने वाले पेड़ो की भी अवैध कटाई कर रहा है और कटे गए पेड़ो की लकडिया कहा गईं, वो किसी को मालूम नहीं। सिर्फ दिखावे के लिए कुछ लकडिया सड़क किनारे दिखाई दे रही है बाकि सब की सब भ्रस्टाचार की भें चढ़ गई है? नगरपलिका क्षेत्र में मेस्सी फर्गुसन चौराहे पर देखा जा सकता है। जंहा रोड निर्माण के दौरान सड़क निर्माण में न आने पर भी दस दस फ़ीट दूर टेक के वृक्षों को काट दिया गया है। इस अवैध कटाई के फोटो देखकर आप अंदाजा लगा सकते है की किस प्रकार से पर्यावरण को नुकसान पहुँचाया जा रहा है। क्या नगरपालिका, प्रशासनिक अधिकारी एवं एमपीआरडीसी इस और संज्ञान लेंगी या ठेकेदार की मनमर्जी चलती रहेंगी और पेड़ो की अवैध कटाई जारी रहेंगी ? recent visitors 77

छतरपुर : थाना किशनगढ़ पुलिस ने ग्राम कुपी में घर से चोरी का किया खुलासा- 3 चोर गिरफ्तार

छतरपुर : थाना किशनगढ़ पुलिस ने ग्राम कुपी में घर से चोरी का किया खुलासा- 3 चोर गिरफ्तार

Chhatarpur: Kishangarh police station uncovered a theft from a house in village Kupi – 3 thieves arrested. छतरपुर ! थाना किशनगढ़ क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुपी में माह सितंबर में फरियादी रामाधीन यादव के घर से सोने चांदी के आभूषण चोरी संबंधी रिपोर्ट पर भारतीय न्याय संहिता के तहत थाना किशनगढ़ में चोरी का अपराध पंजीबद्ध किया गया था।पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कर भौतिक एवं तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए गए। मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया।पुलिस अधीक्षक छतरपुर अगम जैन द्वारा प्रकरण की मॉनिटरिंग निरंतर की जा रही थी एवं आरोपियों के शीघ्र गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम को निर्देशित किया गया था।एकत्रित साक्ष्य एवं जानकारी के अनुसार क्षेत्र में मूवमेंट संबंधित जानकारी एकत्र की गई। चोरी के दौरान संदेहियों का आपसी संपर्क पाया गया।संदेही से पूछताछ की गई। योजना बद्ध तरीके से साथियों के साथ मिलकर चोरी की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया गया। पुलिस टीम द्वारा चोरी में सम्मिलित तीन आरोपी recent visitors 82

संरक्षण बनाम विकास: टाइगर कॉरिडोर के पास खनन व इंफ्रास्ट्रक्चर पर सख्त शर्तों के साथ मंजूरी

संरक्षण बनाम विकास: टाइगर कॉरिडोर के पास खनन व इंफ्रास्ट्रक्चर पर सख्त शर्तों के साथ मंजूरी

Conservation vs. development: Mining and infrastructure near tiger corridors approved with strict conditions भोपाल। मध्यप्रदेश के बाघ आवास क्षेत्रों में विकास और संरक्षण के बीच संतुलन को लेकर एक अहम फैसला सामने आया है। राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति ने ग्रेटर पन्ना लैंडस्केप में तीन परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही सतना जिले के आरक्षित वन क्षेत्र में एक चूना पत्थर खदान को सैद्धांतिक स्वीकृति देने की सिफारिश भी की गई है। समिति के अनुसार, पन्ना टाइगर रिज़र्व की टाइगर संरक्षण योजना के अंतर्गत स्वीकृत वन्यजीव कॉरिडोर के भीतर और आसपास की 266.302 हेक्टेयर राजस्व भूमि पट्टे पर दी जाएगी। यह कॉरिडोर पन्ना–बांधवगढ़–संजय टाइगर रिज़र्व के प्रमुख आवास क्षेत्रों को आपस में जोड़ता है और बाघों की सुरक्षित आवाजाही के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके अलावा संजय डबरी और रातापानी टाइगर रिज़र्व में भूमिगत जल पाइपलाइन और बरना बांध से जुड़े ढांचागत कार्यों को भी मंजूरी दी गई है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ सीमा से सटे मंडला जिले के ईको-सेंसिटिव ज़ोन में दो बॉक्साइट खनन परियोजनाओं को सिफारिशी मंजूरी प्रदान की गई है। समिति ने स्पष्ट किया कि ये परियोजनाएं भले ही कोर या बफर ज़ोन में नहीं आतीं, लेकिन संवेदनशील टाइगर कॉरिडोर के निकट होने के कारण यहां कड़े पारिस्थितिक सुरक्षा उपायों का पालन अनिवार्य होगा। कॉरिडोर के पास सख्ती जरूरीसमिति ने साफ किया कि प्रस्तावित खनन पट्टे संरक्षित क्षेत्रों के भीतर नहीं हैं, लेकिन पन्ना–बांधवगढ़ और कान्हा–अचानकमार जैसे महत्वपूर्ण कॉरिडोर के बेहद करीब स्थित हैं। ऐसे में वन्यजीवों, विशेषकर बाघों की प्राकृतिक आवाजाही पर किसी भी प्रकार का नकारात्मक असर न पड़े, इसके लिए विशेष प्रबंधन और सतत निगरानी आवश्यक होगी। अक्टूबर माह में 266.3 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले AAA रिसोर्स लिमिटेड के चूना पत्थर खदान पट्टे का निरीक्षण केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय, संबंधित प्राधिकरण और मध्यप्रदेश वन विभाग की संयुक्त समिति ने किया था। निरीक्षण में पाया गया कि पट्टे का दक्षिणी हिस्सा घने वनों से जुड़ा हुआ है और बाघों की आवाजाही के लिए उपयुक्त है, जबकि उत्तरी हिस्सा अपेक्षाकृत खंडित है। खनन सीमित, संरक्षण पर जोरसमिति ने परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए शर्त रखी है कि दक्षिणी कॉरिडोर को हर हाल में सुरक्षित और मजबूत रखा जाए, खनन गतिविधियां सीमित दायरे में हों और आवास सुधार से जुड़े उपाय प्रभावी ढंग से लागू किए जाएं। उद्देश्य साफ है—विकास परियोजनाओं के साथ-साथ बाघ संरक्षण और जैव-विविधता पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। recent visitors 82

कलेक्टर बदले, हालात नहीं: मुरैना की जनसुनवाई में सालों से भटक रहे फरियादी

कलेक्टर बदले, हालात नहीं: मुरैना की जनसुनवाई में सालों से भटक रहे फरियादी

Collector changed, but not the situation: Complainants have been wandering for years in Morena’s public hearing. मुरैना। मुरैना जिले में जनसुनवाई रिकार्ड गढ़ रही है। जब से कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ जिले में पदस्थ हुए हैं, जब से जनसुनवाई में आने वाले आवेदनों की संख्या हजारों में पहुंच गई है। इस भीड़ में ऐसे भी दर्जनों लोग थे, जो सालों से अपनी गुहार लेकर कलेक्टर की देहरी पर आ रहे हैं, लेकिन उनकी शिकायत का निदान नहीं हो रहा। कई लोग जनसनुवाई में दर्जनों बार आवेदन दे चुके हैं, उन्हें नए कलेक्टर से अपनी शिकायत के समाधान की आस है। मंगलवार को हुई जनसुनवाई में जखौना-धोगापुरा गांव के धर्मेंद्र सिंह, विष्णु सिंह, अन्नू कुमार, पंडित उम्मेद, दारासिंह सहित करीब 20 युवा पहुंचे। इन ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव की मुख्य सड़क कीचड़ और गड्ढों से भरी है। इन युवाओं ने बताया कि जखौना रोड से मदन सिंह के मकान तक की सड़क को पक्का बनवाने के लिए पहले उनके पिता, चाचा, ताऊ आवेदन देते रहे हैं, लेकिन सड़क निर्माण नहीं हुआ। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में बीमार व प्रसूता के लिए एंबुलेंस व जननी वाहन तक नहीं आ पाती। यह शिकायत को केवल एक उदाहरण हैं, जनसुनवाई में लगी लंबी कतार में से कम से कम 20 फीसद आवेदन ऐसे थे, जो चार या इससे अधिक बार पहले आवेदन दे चुके हैं। इस मंगलवार को भी जनसुनवाई में शिकायतकर्ताओं की इतनी लंबी कतार लगी कि, जनसुनवाई के हाल से लेकर पूरी गैलरी से लेकर कलेक्टोरेट के पिछले गेट तक आवेदकों की कतार लगी थी। चार-चार घंटे लाइन में लगने के बाद कई लोग कलेक्टर तक पहुंचे। कोई अफसर मोबाइल में व्यस्त कोई उबासी लेता दिखाइस मंगलवार को भी जनसुनवाई लगभग पांच घंटे चली। इस दौरान कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने हर शिकायतकर्ता की शिकायत को तसल्ली से सुना। लेकिन जनसुनवाई में मौजूद अन्य विभागों के अधिकारियों के लिए जनसुनवाई बोरियत भरी हो गई। कई अधिकारी उबासी लेते दिखे तो कई मोबाइल में फेसबुक, इंस्ट्राग्राम चलाकर अपने समय पास करते नजर आए। गांव में नहीं हुआ कोई विकास, तीन साल से कर रहा शिकायतमाधौपुरा गांव निवासी मुन्ना सिंह गुर्जर ने बताया कि उनका गांव मालीबाजना ग्राम पंचायत में आता है। माधौपुरा में 200 घर की बस्ती है, इस गांव में सरपंच-सचिव ने तीन साल में कोई काम नहीं करवाया। गांव की कच्ची सड़कें हैं, पानी निकासी के लिए नाला नहीं। इसका कारण यह है, कि सरपंच मालीबाजना गांव के हैं, उन्हें लगता है कि चुनाव में उन्हें माधौपुरा से वोट नहीं मिले, इसलिए वह पूरे गांव से रंजिश रखते हैं। गांव में स्कूल भवन तक नहीं, बच्चों को पढ़ने के लिए तीन किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। 40 से ज्यादा आवेदन दे चुका, कार्रवाई नहींगुर्जा गांव निवासी विजयपाल सिंह सिकरवार ने बताया कि जनसुनवाई में वह बीते चार साल में 40 से ज्यादा आवेदन दे चुका है। विजयपाल सिंह के अनुसार सिद्धनगर में 2500 वर्गफीट प्लाट और मोहनपुर चिन्नौनी गांव में उसकी तीन बीघा जमीन है, जिस पर महिपाल, अजयपाल, प्रशांत, दीपक ने कब्जा कर लिया है। जमीन मुक्त करने की कहने पर यह लोग मेरे बच्चों को मारने की धमकी देते हैं। विजयपाल ने अपने बच्चों की जान का खतरा बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। कैलारस नप में भ्रष्टाचार की शिकायत के साथ पांचवी बार जनसुनवाई में पार्षदकैलारस के पहाड़गढ़ रोड निवासी और वार्ड 15 के पार्षद पूरन शिवहरे ने अपने आवेदन में ही लिखा कि वह पांचवी बार जनसुनवाई में आवेदन लेकर आए हैं। पूरन शिवहरे ने बताया कि कैलारस नप में जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है। तीन साल में 20 सीएमओ बदल गए, कोई सीएमओ रुक नहीं पा रहा। स्टोर शाखा व निर्माण शाखा में 1.41 करोड़ रुपये की वित्तीय गड़बड़ी हुई है। 180 फर्जी बिल वाउचर बनाकर फर्जी भुगतान हुए हैं, जिनके प्रमाण हैं। पूरन शिवहरे के अनुसार वह कैलारस नप में वित्तीय गड़बड़ियों की मांग कर रहे हैं, पर प्रशासन सुनवाई नहीं कर रहा। recent visitors 86

मध्य प्रदेश में ठेके पर चलेगा मंत्रालय!, जीतू पटवारी का बड़ा दावा

मध्य प्रदेश में ठेके पर चलेगा मंत्रालय!, जीतू पटवारी का बड़ा दावा

Ministry will be run on contract in Madhya Pradesh! Jitu Patwari makes a big claim भोपाल ! मध्य प्रदेश में धार और बैतूल में पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनशिप) मॉडल पर दो नए मेडिकल कॉलेज और खुलने जा रहे हैं. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा इसकी आधारशिला रख रहे हैं. प्रदेश के जिला अस्पतालों से संबद्ध कर मेडिकल कॉलेज खोलने का कांग्रेस ने विरोध जताया है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस द्वारा जिलों में खोले गए सरकारी अस्पतालों को सरकार ठेके पर दे रही है. सरकार ऐसी संस्थाओं को यह जिला अस्पताल ठेके पर दे रही है, जिसके पास कोई अनुभव ही नहीं है. बिना अनुभव वाली संस्थान पर मेहरबानी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि “जिला अस्पतालों से निजी मेडिकल कॉलेज को संबद्ध किए जाने के लिए सरकार ने टेंडर में शर्त रखी थी कि कम से कम 5 साल का मेडिकल कॉलेज को अनुभव होने चाहिए, लेकिन सरकार ने एक ही संस्था को 4 जिला अस्पताल सौंप दिया. इनका कोई अनुभव ही नहीं है. जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि सिर्फ भाषण और ताली बजाने से कुछ नहीं होगा. उन्हें पूछना चाहिए कि आखिर इससे प्रदेश का क्या भला होगा. कांग्रेस करेगी निजी मेडिकल कॉलेजों का निरीक्षण जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में निजी मेडिकल कॉलेज खोलने के दौरान शर्त रखी गई थी कि मेडिकल कॉलेजों में 100 बेड मुफ्त चलने चाहिए. एक भी ऐसा मेडिकल कॉलेज सरकार बता दे, जहां गरीबों से एक भी पैसा नहीं लिया जाता हो और उनका मुफ्त इलाज किया जा रहा हो. कांग्रेस अब अभियान शुरू करने जा रही है. 8 दिन चलने वाले अभियान के दौरान कांग्रेस एक-एक मेडिकल कॉलेज पहुंचेगी और देखेगी कि किस निजी मेडिकल कॉलेज में 100 बेड पर निजी मरीजों का मुफ्त इलाज किया गया. सरकार ने इस पर कभी ध्यान ही नहीं दिया. इसके उलट अब सरकारी अस्पताल ठेके पर देकर सरकार उत्सव मना रही है.” मंत्रालय भी ठेके पर दे देगी क्या सरकार ? जीतू पटवारी ने कहा कि “प्रदेश में करीबन 3 हजार पंचायतें ठेके पर चल रही हैं. संस्थाएं सरपंच को साल भर का पैसा देकर पूरी पंचायत ठेके पर लेकर चला रही हैं. पंचायत के बाद अब इसी तरह जिला अस्पताल ठेके पर जा रही है. ऐसा न हो कि कहीं सरकार मंत्रालय भी ठेके पर चलने लगे. मंत्री नागर सिंह के भाई द्वारा सेल्समेन से मारपीट को लेकर जीतू पटवारी ने कहा कि इस घटना से यह प्रमाण मिलता है कि प्रदेश में खाद की कमी है, इसीलिए मंत्री के भाई ने मारपीट की. प्रदेश में पर्याप्त खाद के सरकार के दावे को इस घटना ने सामने ला दिया है. सरकार को कार्रवाई तो करनी ही चाहिए, लेकिन मंत्री के भाई का धन्यवाद कि उन्होंने सरकार को आइना दिखा दिया है.” recent visitors 89

अरावली हमारी धरोहर है उसे…यमुना एक्सप्रेसवे पर 6 जिलों की महापंचायत में राकेश टिकैत ने भरी हुंकार

अरावली हमारी धरोहर है उसे…यमुना एक्सप्रेसवे पर 6 जिलों की महापंचायत में राकेश टिकैत ने भरी हुंकार

Aravalli is our heritage, Rakesh Tikait roared at the Mahapanchayat of 6 districts on Yamuna Expressway. जमीन अधिग्रहण को लेकर लंबे समय से नाराज चल रहे किसानों का गुस्सा सोमवार को खुलकर सामने आया। यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट पर बड़ी संख्या में किसान एकजुट हुए और अधिकारियों को साफ कहा कि अब वादों से काम नहीं चलेगा, अब हमें ठोस फैसला चाहिए। भारतीय किसान यूनियन की इस महापंचायत में छह जिलों से किसान शामिल हुए। सभी किसानों ने एक सुर में मुआवजे और रोजगार से जुड़े मुद्दे उठाए। वहीं इस महापंचायत में राकेश टिकैत की मौजूदगी ने माहौल को और गर्मा दिया। इसी दौरान राकेश टिकैत ने सराकार को समाधान के लिए 14 जनवरी तक का अल्टीमेटम दिया है और अरावली विवाद पर भी बयान देते हुए चेतावनी दी है। पांच घंटों तक चली महापंचायतसोमवार सुबह यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट पर गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा और आगरा जिले के किसान बड़ी संख्या में इकट्ठे हुए। किसानों की यह महापंचायत पांच घंटों तक चली, जिसमें इकट्ठे हुए सभी किसानों ने अपनी मांगें खुलकर रखीं। किसानों का कहना था कि अधिकारियों ने विकास के नाम पर उनसे जमीन तो ले ली, लेकिन उसके बदले उन्हें जो हक मिलना चाहिए था, वह अभी तक अधूरे हैं। इसी नाराजगी की वजह से किसानों ने प्रशासन और प्राधिकरणों के खिलाफ आवाज उठाई। किसानों ने क्या-क्या मांगें रखीं?महापंचायत में किसानों ने साफ कहा कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण इलाके में जिन किसानों की जमीन ली गई है, उन किसानों को 64.7% ज्यादा मुआवजा दिया जाए और जमीन के प्राइस यानी सर्किल रेट भी बढ़ाए जाएं। साथ ही किसानों ने यह भी मांग की कि जिन लोगों ने नोएडा एयरपोर्ट और फैक्ट्रियों के लिए जमीन दी, उनके बच्चों को पढ़ाई और योग्यता के हिसाब से पक्की नौकरी भी दी जाए। इसके साथ ही 10% विकसित भूखंड देने, आबादी निस्तारण जैसे मुद्दों पर भी जोर दिया गया। किसानों ने इन मुद्दों का प्राथमिकता के साथ हल किए जाने की मांग की। राकेश टिकैत ने दी चेतावनी और कहा अरावली हमारी धरोहर हैराकेश टिकैत ने सरकार और प्राधिकारियों पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि किसानों को सालों से सिर्फ आस्वासन ही दिया जा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि अगर 14 जनवरी तक समाधान नहीं होगा, तो किसान लखनऊ कूच करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि विकास प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन देने वाले किसानों को नौकरी और बसने का पूरा हक मिलना चाहिए।इतना ही नहीं, हाल ही में अरावली को लेकर बड़ा विवाद चल रहा है और मीडिया से बातचीत करते हुए इस मुद्दे पर भी उन्होंने बयान दिया और कहा कि अरावली हमारी धरोहर है और अगर इसे किसी को भी नष्ट नहीं करने देंगे। अगर फिर भी किसी ने कोशिश की, तो हम इसे बचाएंगे और जरूरत पड़ी तो प्रदर्शन करेंगे और वहीं जाकर बैठ जाएंगे। अधिकारियों ने किसानों से की बातचीतमहापंचायत के दौरान जिला प्रशासन और विकास प्राधिकरणों के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और किसानों से सीधे बातचीत की। एडीएम एलए बच्चू सिंह, यमुना प्राधिकरण और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी ने वहा किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी। अधिकारियों ने कहा कि किसानों से जुड़े मामलों का समाधान एक प्रक्रिया के अनुसार चल रहा है। सर्किल रेट बढ़ाने को लेकर भी काम चल रहा है और इस पर नए साल में फैसला किया जा सकता है। राकेश टिकैत ने किया ऐलानअधिकारियों से बातचीत के दौरान रोकेश टिकैत ने साफ कहा कि नोएडा एयरपोर्ट लगभग तैयार हो चुका है और उन्हें अभी तक न तो उन्हें 64.7% मुआवजा दिया गया है और न ही नौकरी या मकान बनाने के लिए जमीन के बदले कोई हक दिया गया है। उनका मानना है कि एक बार एयरपोर्ट चालू हो गया तो किसानों की आवाजें और कम कर दी जाएंगी, इसलिए अब चुप बैठने का समय नहीं है। टिकैत ने ऐलान किया कि सराकर ने मांगे नहीं मानी तो 22 जनवरी के बाद लखनऊ की तरफ ट्रैक्टर मार्च किया जाएगा।इस मार्च में एक ट्रैक्टर और करीब 10 लोग शामिल होंगे। आगे उन्होेंने कहा कि किसान 15 दिन का राशन लेकर जाएंगे और वहीं डेरा लगाएंगे। उन्होंने कहा कि जनवरी में प्रयागराज में होने वाले शिविर में आंदोलन की आगे की प्लानिंग की जाएगी। recent visitors 159