गौहरगंज दुष्कर्म: मासूम से दरिंदगी का आरोपी सलमान गिरफ्तार, जंगल के रास्ते पहुंचा भोपाल; पुलिस ने दबोचा

गौहरगंज दुष्कर्म: मासूम से दरिंदगी का आरोपी सलमान गिरफ्तार, जंगल के रास्ते पहुंचा भोपाल; पुलिस ने दबोचा

Gauharganj rape: Salman, accused of brutalizing an innocent child, arrested; reached Bhopal via the forest; police arrested him. रायसेन ! गौहरगंज में 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म करने वाले फरार आरोपी सलमान को गुरुवार देररात पुलिस ने गांधी नगर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हिंदू संगठन लगातार प्रदर्शन कर रहे थे। गांधी नगर पुलिस ने आरोपी को रात में ही गौहरगंज पुलिस को सौंप दिया। जानकारी के अनुसार आरोपी ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया कि वह जंगल के रास्ते भोपाल पहुंचा और गांधी नगर आया। आरोपी गांधी नगर के वार्ड-11 में किराए का कमरा ढूंढ रहा था, उसी इलाके से पुलिस ने उसे दबोच लिया। आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना के बाद हिंदू संगठन के कुछ लोग गांधी नगर थाने भी पहुंचे, लेकिन उससे पहले रायसेन जिले की पुलिस उसे गौहरगंज के लिए लेकर निकल गई। इस बीच औबेदुल्लागंज के पास आरोपी ने भागने की कोशिश की, जिसके बाद उसका शार्ट एनकाउंटर किया गया। उसका जेपी अस्पताल में इलाज किया गया। बता दें 21 नवंबर को छह साल की मासूम को 23 साल का सलमान चाकलेट दिलाने के बहाने जंगल में लेकर गया और दुष्कर्म करके फरार हो गया। बच्ची रोते हुए परिजनों को मिली थी। बच्ची को स्थानीय लोगों की मदद से भोपाल एम्स में भर्ती कराया गया। यहां बच्ची की स्थिति में अभी सुधार है। घटना के बाद से आरोपी फरार था। पुलिस ने आरोपी सलमान पर 30 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर रायसेन में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। इस मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की थी और मामले में लापरवाही पर नाराजगी जताई थी। सीएम ने रायसेन एसपी पंकज कुमार पांडे को हटा कर मुख्यालय में अटैच कर दिया था। रायसेन जिले का नया पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता को बनाया गया। recent visitors 77

सिंगरौली में 8 करोड़ में बनी 9 किमी की सड़क, कमीशन खोरी की सड़क ने शुरुआत में ही तोड़ दिया दम गई

A 9-km road built in Singrauli for 8 crore rupees, the Commission Khori road collapsed at the very beginning. सिंगरौली। जिले में भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण कार्य का एक और गंभीर मामला सामने आया है। बरगवां से नैकहवा मार्ग तक बनाई गई पीसीसी सड़क जिसकी लंबाई लगभग 9 किलोमीटर है। जनता के पैसों की खुली लूट का उदाहरण बन चुकी है। इस सड़क निर्माण पर शासन द्वारा 8 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की गई, लेकिन गुणवत्ता इतनी खराब है कि सड़क सेशवकाल में ही दम तोड़ चुकी है। सड़क कार्य की प्रारंभ तिथि 15 मार्च 2024 दर्शाई गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि सड़क का कार्य अभी हाल ही में पूरा हुआ है, लेकिन स्थिति यह है कि सड़क जगह-जगह से टूटने लगी है। पीसीसी सड़क मार्ग में एक-दो नहीं, बल्कि कम से कम 50 से अधिक स्थानों पर दरारें पड़ चुकी हैं। इन दरारों को छिपाने के लिए मरम्मत के नाम पर सिर्फ सीमेंट का लेप लगाया जा रहा है, जो आने वाले समय में और बड़े हादसों को आमंत्रण देगा। सड़क का कार्य पूरी तरह गुणवत्ताविहीन निर्माण कार्य में गंभीर में अनियमितताएं साफ नजर आ रही हैं। सड़क का कार्य पूरी तरह गुणवत्ताविहीन है। मानकों की खुलेआम अनदेखी की गई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि ठेकेदार द्वारा नियमों का पालन नहीं किया गया। इस कार्य को अंजाम देने वाली ठेका कंपनी मेसर्स सिन्हा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रालि बताई जा रही है, जिसने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से घटिया निर्माण किया है। उच्च स्तरीय जांच की उठी मांग इतना ही नहीं, बरगवां क्षेत्र में नाले पर बनाया गया पुल भी भ्रष्टाचार का जीता-जागता उदाहरण है। यह पुल बेहद संकीर्ण बनाया गया है और गुणवत्ता भी अत्यंत खराब है। पुल की चौड़ाई इतनी कम है कि दो वाहन ठीक से एक साथ पार नहीं कर सकते। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि भविष्य में कभी भारी बारिश या बाढ़ की स्थिति बनी तो, इस पुल के कारण आवागमन पूरी तरह बाधित हो सकता है, जिससे जान-माल का गंभीर खतरा उत्पन्न होगा। स्थानीय नागरिकों में इस पूरे मामले को लेकर भारी आक्रोश है।लोगों का कहना है कि जब करोड़ों रुपए जनता के टैक्स से खर्च किए जाते हैं, तो सड़क और पुल जैसी बुनियादी सुविधाएं टिकाऊ और सुरक्षित होनी चाहिए थी, लेकिन यहां तो निर्माण पूरा होते ही सड़क टूटने लगी, जो सीधे-सीधे भ्रष्टाचार और लापरवाही की ओर इशारा करता है। संदेह के घेरे में लोनिवि की भूमिका इस पूरे प्रकरण में सबसे चिंताजनक बात यह है कि लोक निर्माण विभाग की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। बिना गुणवत्ता जांच के कार्य को स्वीकृति देना और भुगतान करना स्पष्ट करता है कि अधिकारियों ने आंख मूंदकर ठेकेदार को संरक्षण दिया है। यदि समय रहते इस मामले की उच्च स्तरीय जांच नहीं हुई, तो ऐसी लापरवाहियां भविष्य में और बढ़ती रहेंगी। अब यह आवश्यक हो गया है कि इस सड़क और पुल निर्माण की निष्पक्ष जांच कराई जाए। दोषी ठेकेदार और अधिकारियों पर कार्रवाई हो तथा जनता के पैसों की बर्बादी रोकने के लिए कठोर कदम उठाए जाएं। आम जनता यही कह रही है कि बरगवां से नैकहवा पीसीसी सड़क निर्माण में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के मिलीभगत से ठेकेदार ने सड़क निर्माण कार्य में जमकर अनियमितता की है। तभी तो सेशवकाल में ही सड़क ने दम तोड़ दिया है। समयावधि के पहले ही सड़क फटी, होगी जांच सिंगरौली लोनिवि के कार्यपालन यंत्री एसबी सिंह कर्चुली का कहना है कि अगर बरगवां से नैकहवा पीसीसी सड़क निर्माण में गुणवत्ता की अनदेखी की गई है, समया अवधि के पहले ही सड़क फट रही है और दरार आ रही है तो इसकी जांच मैं स्वयं करने जाउंगा। recent visitors 79

विकास कार्य करवाए बिना सरपंच-सचिव डकार गए 23 लाख , EOW ने गबन का किया खुलासा, FIR दर्ज

Sarpanch and Secretary embezzled Rs 23 lakh without carrying out development work; EOW exposed the embezzlement and registered an FIR. जबलपुर ! मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में लाखों की सरकारी राशि के गबन का मामला सामने आया है। विकास कार्य कराए बिना ही सरपंच और सचिव ने 23 लाख रूपये का गबन किया। ईओडब्ल्यू ने जांच के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की अलग-अलग धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। ईओडब्ल्यू से मिली जानकारी के अनुसार मामला मंडला जिले के ग्राम बरखेड़ा का है। यहां के तत्कालीन सरपंच बीरन सिंह काकोडिया और सचिव मिथलेश उददे के खिलाफ शिकायत मिली थी। इसमें विकास कार्य के नाम पर राशि के दुरुपयोग की बात कही गई थी। ईओडब्ल्यू ने जांच में पाया कि ग्राम पंचायत बरखेड़ा में साल 2014 से 2022 तक विभिन्न निर्माण कार्यो के लिए राशि का आवंटन सरकार के द्वारा किया गया है। कागजों में बनी सड़कें और नाली-पुलियाइस दौरान तत्कालीन सरपंच और सचिव ने विकास कार्यों को कागजों में दिखाते हुए बिना निर्माण कराए 22 लाख 87 हजार रूपये की शासकीय राशि का गबन किया है। सरपंच और सचिव ने अपने 6 वर्षों के कार्यकाल में गांव में सीसी रोड,चौपाल सभा निर्माण,पुलिया एव नाली निर्माण,पंचायत भवन मरम्मत सहित 9 प्रकार के कार्यों में उक्त राशि का गबन किया गया है। यह कार्य वास्तव में नहीं हुए थे और कागजों में दिखाये गये थे। ईओडब्ल्यू ने जांच के पाया कि दोनों आरोपियों ने पद का दुरुपयोग करते हुए शासकीय राशि का दुरुपयोग किया है। साथ ही विकास कार्यों के फर्जी दस्तावेज पेश किए गए हैं। ईओडब्ल्यू ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। recent visitors 83

एमपी गज़ब: भ्रष्टाचार का नया अवतार , मंदिर को सरकारी भवन बताकर 16 लाख का घोटाला

एमपी गज़ब: भ्रष्टाचार का नया अवतार , मंदिर को सरकारी भवन बताकर 16 लाख का घोटाला

MP Ghazab: A new form of corruption, Rs 16 lakh scam by declaring temple as government building छिंदवाड़ा ! मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले की जुन्नारदेव जनपद पंचायत में विधायक निधि के दुरुपयोग और बड़े घोटाले का मामला सामने आया है. यहां 24 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत सामुदायिक भवन (मंगल भवन) के निर्माण में भारी अनियमितता बरती गई. अधिकारियों ने मिलकर शिव भक्तों के चंदे से बन रहे एक मंदिर के ढांचे को ही सरकारी कागजों में सामुदायिक भवन दिखा दिया. आरोप है कि बिना कोई ले-आउट या मजदूरी दिए, सिर्फ कागजों पर निर्माण सामग्री दिखाकर लगभग 16 लाख रुपये निकाल लिए गए, जबकि मौके पर सिर्फ 15 खंभों का एक ढांचा मौजूद है. शुरुआती जांच रिपोर्ट में भी इस धांधली को छिपाने की कोशिश की गई, जब जिला योजना अधिकारी ने इसी धार्मिक स्ट्रक्चर को ‘मंगल भवन प्रगति पर’ बता दिया था. मामले का खुलासा होने के बाद छिंदवाड़ा कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने सख्त रुख अपनाया है. सरपंच और इंजीनियर समेत 6 जिम्मेदारों पर कार्रवाई के निर्देशउन्होंने दोनों जांच रिपोर्टों में स्पष्ट गड़बड़ी की पुष्टि की और तत्काल जनपद CEO, सरपंच और इंजीनियर समेत 6 जिम्मेदारों पर कार्रवाई के निर्देश दिए. कलेक्टर ने इन सभी से अवैध रूप से खर्च की गई राशि वसूलने (Recovery) और उनके खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के नोटिस जारी कराए हैं. यह कार्रवाई सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में हुई अक्षम्य लापरवाही और भ्रष्टाचार पर प्रशासन की सख्ती को दर्शाती है. हालांकि, सीईओ ने यह स्वीकार किया कि भवन निर्माण में लापरवाही हुई है और यह स्वीकृत डिजाइन से अलग है, जिसके लिए दोषी अधिकारियों पर पहले ही वसूली और अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है. recent visitors 91

कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल को पुलिस ने किया नजरबंद, बोले- CM को बताना चाहता था क्षेत्र की समस्याएं

Congress MLA Babu Jandel placed under house arrest by police, says he wanted to tell the CM about the problems of the area श्योपुर । बड़ौदा में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के आगमन से पहले कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल को पुलिस प्रशासन ने गुरुवार सुबह नजरबंद कर दिया। विधायक जंडेल ने बताया कि वे मुख्यमंत्री से क्षेत्र की समस्याओं को लेकर मुलाकात करना चाहते थे, लेकिन प्रशासन द्वारा उन्हें समय नहीं दिया गया। उनका आरोप है कि कांग्रेस विधायक होने के कारण पुलिस ने उन्हें नजरबंद कर दिया। जानकारी के अनुसार सिटी कोतवाली प्रभारी सतीश चौहान के नेतृत्व में पुलिस टीम ने विधायक को पाली रोड स्थित उनके प्रतिष्ठान से डिटेन किया। उसके बाद पुलिस उन्हें उनके निवास लेकर पहुंची और करीब एक घंटे तक नजरबंद रखा। उसके उपरांत पुलिस फोर्स उन्हें देहात थाना लेकर पहुंची, जहां उनकी नजरबंदी जारी है। उधर, मुख्यमंत्री के दोपहर 1 बजे बड़ौदा पहुंचने का कार्यक्रम है। वे किसानों के राज्य स्तरीय मुआवजा वितरण कार्यक्रम में शामिल होंगे और लगभग दो घंटे रुकने के बाद उनका हेलीकॉप्टर मुरैना के लिए रवाना होगा। विधायक जंडेल के नजरबंद किए जाने की घटना से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है, जबकि प्रशासन का कहना है कि यह कदम सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। recent visitors 72

टीचर की गिरफ्तारी की मांग पर बाजार बंद, छात्राओं को भेज रहा था अश्लील मैसेज

टीचर की गिरफ्तारी की मांग पर बाजार बंद, छात्राओं को भेज रहा था अश्लील मैसेज

Markets closed demanding the arrest of a teacher who was sending obscene messages to female students. डिंडौरी। डिंडौरी जिले के ब्लाक मुख्यालय सांदीपनी विद्यालय का मामला सामने आया हैं। गुरुवार को सुबह से दोपहर एक बजे तक दुकान बंद कर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा हैं। तत्काल प्रशांत साहू शिक्षक को गिरफ्तार करने का मांग की जा रही हैं। ज्ञापन सौंपकर की इसको लेकर मांग की गई थी। बुधवार को ग्रामीणों व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों के व्दारा जनपद पंचायत अमरपुर कार्यालय में अतुल हरदहा चौकी प्रभारी और एसडीओ को कलेक्टर के नाम से ज्ञापन सौंपकर प्रशांत साहू शिक्षक को तत्काल गिरफ्तार करने का मांग की गई थी। ज्ञापन में लिखा गया कि 24 नवबंर को डिंडौरी में सांदीपनी विद्यालय अमरपुर के शिक्षक द्वारा छात्राओं को आपत्तिजनक मैसेज वॉट्सएप पर भेजने के संबंध में शिकायत के बाद भी शिक्षक को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया हैं। साथ में इसमें सम्मिलित दोषियों के खिलाफ भी कार्रवाई नहीं हो रही है और न ही पदस्त प्राचार्य को नहीं हटाया गया है। लोग मांग कर रहे है कि दोषी शिक्षक को तत्काल गिरफ्तारी किया जाए और सम्मिलित दोषियों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई कर उन्हें भी हटाया जाए। recent visitors 90

लोकायुक्त टीम की बड़ी कार्यवाही,नायब तहसीलदार को 4000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा, राजस्व विभाग हिल गया

लोकायुक्त टीम की बड़ी कार्यवाही,नायब तहसीलदार को 4000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा, राजस्व विभाग हिल गया

Lokayukta team takes major action, naib tehsildar caught red-handed accepting bribe of Rs 4000, revenue department shaken सिंगरौली। मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने नायब तहसीलदार महेंद्र कुमार कोल को 4,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए उनके सरकारी आवास पर रंगे हाथ दबोच लिया। जांच में राजस्व निरीक्षक हरी प्रसाद वैश की भूमिका भी गंभीर रूप से संदिग्ध पाई गई है, जिस पर विभागीय कार्रवाई तेज कर दी गई है। मामला कैसे शुरू हुआ? करौली (सीधी) के प्रवीण चतुर्वेदी ने 2016 में चितरंगी के बालाखण्ड गांव में जमीन खरीदी थी। कब्जे के विवाद को लेकर उन्होंने 2017 में बेदखली के लिए आवेदन दिया। 2021 में आदेश जारी हुआ, लेकिन चार साल तक भी कार्रवाई नहीं हुई। जब शिकायतकर्ता ने लगातार दबाव बनाया, तो नायब तहसीलदार और राजस्व निरीक्षक ने मिलकर 15,000 रुपये की रिश्वत मांग डाली। लोकायुक्त की जांच में खुलासा गिरफ्तारी 25 नवंबर को लोकायुक्त दल ने बैरीटोला खुर्द स्थित सरकारी आवास पर छापा मारा और नायब तहसीलदार महेंद्र कोल को रिश्वत की रकम हाथ में लिए ही पकड़ लिया। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। वहीं राजस्व निरीक्षक पर भी शिकंजा कसना तय माना जा रहा है, विभागीय कार्रवाई जारी है। recent visitors 90