भारी वर्षा से चुरहट क्षेत्र के किसानों की फसलें हुई चौपट : अजय सिंह

भारी वर्षा से चुरहट क्षेत्र के किसानों की फसलें हुई चौपट : अजय सिंह

Heavy rains have ruined the crops of farmers in the Churhat region: Ajay Singh सीधी। पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं चुरहट विधानसभा के विधायक अजय सिंह ने कहा है कि पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण चुरहट विधानसभा क्षेत्र एवं आसपास के अंचलों में किसानों की फसलें पूरी तरह चौपट हो गई हैं।इस भीषण वर्षा ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में लगातार पानी भरे रहने से धान की फसल गलने लगी है, वहीं कई स्थानों पर रबी फसलों की बुवाई भी बुरी तरह प्रभावित हुई है।उन्होंने कहा कि यह स्थिति न केवल चिंताजनक है, बल्कि किसानों के लिए अत्यंत त्रासदीपूर्ण बन चुकी है।जिन किसानों ने पूरे वर्ष कठिन परिश्रम करके खेतों में फसल उगाई थी, आज वे अपनी आँखों के सामने अपनी मेहनत को नष्ट होते देख रहे हैं। यह केवल फसल का नुकसान नहीं है, बल्कि उनकी जीविका, उम्मीद और आत्मनिर्भरता पर सीधा प्रहार है। अजयसिंह ने कहा कि चुरहट और आसपास के क्षेत्रों में कई गाँव ऐसे हैं जहाँ खेतों में पानी का स्तर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इससे किसानों के सामने भविष्य की बुवाई का संकट भी खड़ा हो गया है। ग्रामीण इलाकों में सड़कें टूट गई हैं, नालियाँ जाम हैं और कई जगहों पर घरों में भी पानी घुस आया है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सिंह ने इस स्थिति को “कृषक आपदा” बताते हुए राज्य सरकार और प्रशासन से तात्कालिक कार्रवाई की माँग की है। उन्होंने कहा – मैं प्रशासन से आग्रह करता हूँ कि पूरे क्षेत्र में तुरंत सर्वे कराया जाए, किसानों की फसल हानि का सही आकलन कर उचित राहत और मुआवज़ा दिया जाए। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में जल निकासी की व्यवस्था तत्काल की जाए, ताकि और अधिक नुकसान को रोका जा सके।उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार को यह नहीं भूलना चाहिए कि किसान ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।कृषक हमारे समाज का आधार हैं। अगर खेत सूने होंगे, तो मंडियाँ भी सूनी होंगी। किसानों का दर्द प्रदेश का दर्द है, इसलिए सरकार को चाहिए कि ऐसे कठिन समय में उनके साथ खड़ी होकर हर संभव सहायता प्रदान करे।अजय सिंह ने बताया कि उन्होंने स्वयं कई प्रभावित गाँवों से जानकारी ली है और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क में हैं, ताकि राहत कार्यों में तेजी लाई जा सके। उन्होंने कहा कि वे इस पूरे मामले की रिपोर्ट राज्य सरकार को भी भेजेंगे और मंत्रिस्तरीय टीम से चुरहट क्षेत्र का दौरा करवाने की मांग करेंगे।उन्होंने जिला प्रशासन से यह भी कहा कि जिन किसानों की फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं, उनके लिए विशेष राहत शिविर, मुफ्त बीज वितरण, और अगले सीज़न की तैयारी हेतु ब्याजमुक्त ऋण की व्यवस्था की जाए।अजय सिंह ने अंत में कहा कि यह समय राजनीति का नही, सेवा का है। जो किसान धरती का अन्नदाता है, उसे संकट में छोड़ देना सबसे बड़ी असंवेदनशीलता होगी। मैं प्रदेश सरकार से आग्रह करता हूँ कि चुरहट सहित पूरे सीधी जिले को प्राकृतिक आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित किया जाए और तत्काल राहत पैकेज की घोषणा की जाए। recent visitors 95

विश्वविद्यालय ने की पीएचडी परीक्षा में गड़बड़ी, विरोध जताने पर NSUI कार्यकर्त्ताओ पर पुलिस की बर्बरता

विश्वविद्यालय ने की पीएचडी परीक्षा में गड़बड़ी, विरोध जताने पर NSUI कार्यकर्त्ताओ पर पुलिस की बर्बरता

University tampered with PhD exam, NSUI workers were brutally attacked by police when they protested. रीवा। अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रवेश परीक्षा में हुई गड़बड़ी सहित विभिन्न मांगो को लेकर एनएसयूआई ने बुधवार की दोपहर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय में कुलगुरू से मिलने के लिये जैसे ही छात्र आगे बढ़े तो उन्हे पुलिस ने रोक लिया. छात्रों को तितर-बितर करने के लिये वाटर कैनन का प्रयोग किया गया, साथ ही एनएसयूआई जिलाध्यक्ष सहित कई छात्रों को गिरफ्तार किया गया. उधर छात्रों का कहना है कि वह अपनी न्याय संगत मांगो को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. लेकिन विश्वविद्यालय प्रवेश द्वार के पहले ही पुलिस ने रोक लिया और गिरफ्तार किया. एनएसयूआई जिलाध्यक्ष का कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से कुलगुरू से मिलकर अपनी मांग हमे रखनी थी लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन के इशारे पर पुलिस ने छात्रों पर वाटर कैनन का प्रयोग किया और कुलगुरू से मिलने नही दिया गया. विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रवेश परीक्षा का परिणाम हाल ही में घोषित हुआ है, जिसमें भारी धांधली की गई है. इसी तरह अतिथि विद्वानों को नियम विरूद्ध तरीके से रखा गया है. संबल योजना सहित कई मांगो को लेकर एनएसयूआई का प्रदर्शन था. एनएसयूआई का कहना है कि अगर हमारी बात नही सुनी गई तो आगे उग्र प्रदर्शन किया जायेगा. जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को भी शामिल किया जायेगा. सीएसपी राजीव पाठक ने बताया कि एनएसयूआई के कार्यकर्ता और छात्र विश्वविद्यालय में धरना प्रदर्शन कर रहे थे और कुलगुरू से मिलने के लिये जा रहे थे. जहा कानून व्यवस्था को देखते हुए खदेड़ा गया. साथ ही वाटर कैनन का भी प्रयोग किया गया है. जिलाध्यक्ष सहित कई छात्रों को गिरफ्तार किया गया है. recent visitors 82

ग्राम पंचायत में सफाई घोटाला , सरकारी धन का दुरुपयोग, पंचायत दर्पण पर लाखो के फर्जी बिल

ग्राम पंचायत में सफाई घोटाला , सरकारी धन का दुरुपयोग, पंचायत दर्पण पर लाखो के फर्जी बिल

Cleaning scam in Gram Panchayat, misuse of government funds, fake bills worth lakhs on Panchayat Darpan जबलपुर ( जितेंद्र श्रीवास्तव )। पाटन तहसील के ग्राम पंचायत गुरु पिपरिया बनी में ग्रामीणों ने सरपंच और सचिव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में समशान तक जाने के लिए आज तक कोई पक्का रास्ता नहीं बना। लोग मजबूरी में गिरते-पड़ते मुर्दों को समशान तक ले जाते हैं। इतना ही नहीं, किसी की मौत होने पर परिजन शोक मनाने के बजाय पहले समशान की सफाई करने में लग जाते हैं। ग्रामीण ज्ञानू शर्मा ने बताया कि सरपंच सफाई के नाम पर लाखों रुपये निकाल चुका है, पर गांव में सफाई का नामोनिशान नहीं है। पंचायत दर्पण एप पर जब ग्रामीणों ने निगरानी की तो पता चला कि सफाई और निर्माण कार्यों के नाम पर कई फर्जी बिल डाले गए हैं। कई बिल तो सरपंच के परिवार के नाम पर ही निकले हुए हैं। ग्रामीण दीपक शर्मा ने कहा कि पंचायत भवन पर जब ग्रामीण पहुंचे तो न तो कोई सरकारी कर्मचारी मिला और न ही लैपटॉप या फोटो कॉपी मशीन जैसे आवश्यक उपकरण। ग्रामीणों का आरोप है कि कई सामान सचिव और सहायक सचिव अपने घर ले गए हैं। गांव में कोई काम बिना रिश्वत के नहीं होता। सहायक सचिव पर भी भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, राशन कार्ड बनवाने के लिए उन्हें 24 किलोमीटर दूर पाटन तक चक्कर लगाने पड़ते हैं। सचिव और सहायक सचिव काम में टालमटोल करते हैं। यहां तक कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत करने वाले ग्रामीणों को धमकी दी जाती है कि “अब काम नहीं होगा क्योंकि शिकायत की है।” युवा भाजपा कार्यकर्ता राज, जो इसी गांव के निवासी हैं, ने बताया कि पंचायत दर्पण एप पर अपलोड किए गए कई बिलों के नंबर गलत हैं। गांव के विकास कार्य सिर्फ कागजों में दिखाए जा रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर गंदगी, अव्यवस्था और भ्रष्टाचार का आलम है। आक्रोशित ग्रामीणों ने पंचायत परिसर में “सरपंच तेरी तानाशाही नहीं चलेगी” के नारे लगाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही मांगें नहीं मानी गईं, तो वे जनसुनवाई में जाकर सीधे कलेक्टर के सामने धरना देंगे। इस मौके पर ग्रामीण पुष्पराज पांच, ज्ञानू शर्मा, दीपक, विकास, महिंद्र, मोहित, राजेश, रवि, सुरेश, रक्कू सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में विकास तभी संभव है जब भ्रष्ट अधिकारियों और सरपंच के खिलाफ जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए। जबलपुर पंचायत भ्रष्टाचार, गुरु पिपरिया ग्राम पंचायत खबर, पाटन तहसील पंचायत घोटाला, जबलपुर सरपंच-सचिव विवाद, पंचायत दर्पण फर्जी बिल, मध्यप्रदेश ग्रामीण विकास भ्रष्टाचार, जबलपुर ग्रामीण विरोध प्रदर्शन recent visitors 104

शिवाजी बस्ती में गूंजा देशभक्ति का स्वर, पथ संचलन में उमड़ा जनसैलाब

शिवाजी बस्ती में गूंजा देशभक्ति का स्वर, पथ संचलन में उमड़ा जनसैलाब

Patriotic voices resonated in Shivaji Basti, and a large crowd gathered for the procession. भोपाल। विजयादशमी के शुभ अवसर पर शिवाजी बस्ती देशभक्ति के रंग में रंगी नजर आई। अवसर था राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष पर आयोजित पथ संचलन का। रविवार को महावीर नगर स्थित हनुमान मंदिर बाल उद्यान से निकले इस संचलन में 177 स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में कदमताल करते हुए राष्ट्रभक्ति का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। राष्ट्रभक्ति गीत, जयघोष और पुष्पवर्षा से सजी पथ संचलन की राह संचलन मार्ग पर ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम्’ और ‘हर-हर बम बम’ जैसे जयघोषों से वातावरण गूंज उठा। अर्जुन नगर, सरस्वती शिशु मंदिर, दुर्गा नगर, मां हिंगलाज सेवा संस्थान, 106 की लाइन व पांच नंबर मार्केट से होते हुए यह यात्रा पुनः बाल उद्यान पर संपन्न हुई। नगरवासियों ने जगह-जगह फूलों की वर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया। छतों से लहराते तिरंगे, बच्चों की तालियां और जयकारों ने समूचे क्षेत्र को देशभक्ति की भावना से सराबोर कर दिया। शस्त्र पूजन व संघ प्रार्थना से हुआ शुभारंभ कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक शस्त्र पूजन से हुई। इसके पश्चात संघ की प्रार्थना ‘नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे’ का सामूहिक गान हुआ। विशेष रूप से प्रस्तुत एकल गीत “पथ का अंतिम लक्ष्य नहीं है…” ने उपस्थित जनसमूह में ओज व प्रेरणा का संचार किया। संघ संस्थापक के अमृत वचन से मिली प्रेरणा डॉ. राजकुमार मालवीय ने संघ संस्थापक डॉ. हेडगेवार के प्रेरणास्पद अमृत वचनों का वाचन किया। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य आक्रमण नहीं, संगठन और संस्कृति की रक्षा है। जब तक हम अपनी संस्कृति को जीवित नहीं रखेंगे, समाज नहीं टिकेगा।” शिवाजी शाखा की अनुशासित प्रस्तुति संचालन का दायित्व शिवाजी शाखा के मुख्य शिक्षक जितेन्द्र तिवारी ने निभाया। अतिथियों का परिचय देवराज त्रिपाठी ने दिया। कार्यक्रम में अनुशासन, एकता और सेवा भावना की अनुपम झलक देखने को मिली। शताब्दी वर्ष—एक संकल्प यात्रा मुख्य वक्ता धर्मेन्द्र सोनकिया (जिला प्रचारक, तात्याटोपे जिला) ने कहा, “संघ का शताब्दी वर्ष केवल उत्सव नहीं, आत्मपरिवर्तन से समाज परिवर्तन का संकल्प है। पथ संचलन केवल शक्ति प्रदर्शन नहीं, यह साल भर की सेवा और साधना का उत्सव है।” मंच पर आयरनमैन की उपस्थिति ने बढ़ाया उत्साह कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे मध्यप्रदेश के पहले आयरनमैन प्रवीण सपकाल। उन्होंने वर्ष 2017 में थाईलैंड के फुकेट में ‘आयरनमैन’ की उपाधि प्राप्त की थी। वे एक सुपर एथलीट और ‘बाइसिकल मेयर भोपाल’ जैसे अभियानों से भी जुड़े रहे हैं। नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर कार्यवाह अधिवक्ता मथुरा प्रसाद राजपूत ने की। इस मौके पर प्रदेश सरकार के राजस्व मंत्री करणसिंह वर्मा, विधायक भगवान दास सबनानी समेत कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। मातृशक्ति की सहभागिता भी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। रास्ते भर जनसमर्थन ने दिया जनउत्सव का रूप नगरवासियों ने अर्जुन नगर, दुर्गानगर, मां हिंगलाज सेवा संस्थान, सरिता चौराहा, 106 की लाइन, नगर निगम वाचनालय जैसे प्रमुख स्थानों पर तिरंगों, तालियों और पुष्पवर्षा से स्वयंसेवकों का स्वागत किया। यह आयोजन केवल एक रैली नहीं, जनभागीदारी से बने जनउत्सव का रूप ले चुका था। देशभक्ति की अलख से जागृत हुआ क्षेत्र छोटे-बड़े, बच्चे-बूढ़े, सभी में एक विशेष ऊर्जा और उमंग देखने को मिली। देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत इस आयोजन ने नगरवासियों के हृदय को छू लिया। recent visitors 141

Petrol Diesel Price 10 October 2025: पेट्रोल-डीजल 4 रुपए महंगा, वाहन मालिकों के अच्छे दिन खत्म, जानिए आपके शहर में क्या है रेट

बिजनेस: Petrol Diesel Price 10 October 2025 ताबड़तोड़ बढ़ती महंगाई के बीच सरकार ने एक बार फिर आम जनता को जोर का झटका दिया है। दरअसल दिवाली से पहले सरकार ने एक बार फिर पेट्रोल-डीजल के रेट में बढ़ोतरी कर दिया है। सरकार की ओर से जारी निर्देश के अनुसार पेट्रोल कीमत में 4.07 रुपए और डीजल के दाम में 4.04 रुपए बढ़ गए हैं। पेट्रोल डीजल के नए रेट 1 अक्टूबर से लागू कर दिए गए हैं। Petrol Diesel Price 10 October 2025 मिली जानकारी के अनुसार पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल के रेट में 4.07 रुपए बढ़ाया है, जिसके बाद दाम ₹268.68 प्रति लीटर हो गया है। वहीं, हाई स्पीड डीजल की बात करें तो 4.04 रुपए महंगा होने के बाद ग्राहकों को प्रति लीटर 276.81 रुपए चुकाने होंंगे। सरकार की मानें तो ईंधन की कीमतों को हर दो सप्ताह में अंतर्राष्ट्रीय तेल बाजार के रुझानों, विनिमय दर में उतार-चढ़ाव और घरेलू कराधान में बदलाव के आधार पर समायोजित किया जाता है। बता दें कि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का महंगाई (Inflation) पर सीधा असर पड़ता है, क्योंकि यह उत्पादन और परिवहन लागत को बढ़ाता है, जिससे आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं, विशेष रूप से खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ जाती हैं। वित्त मंत्रालय ने एक दिन पहले अपने मासिक आर्थिक दृष्टिकोण में नोट किया था कि बाढ़ से संबंधित व्यवधान खाद्य आपूर्ति श्रृंखलाओं पर दबाव डाल सकते हैं, जिससे उपभोक्ता कीमतें बढ़ सकती हैं। recent visitors 197

जिला अस्पताल में में 4 शव वाहन खड़े थे, लेकिन शव नहीं ले गए, मज़बूरी में रुपये देकर निजी एम्बुलेंस करनी पड़ी

There were four hearse vehicles parked at the district hospital, but they couldn’t take the bodies. We were forced to pay money and hire a private ambulance. देवास। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव स्वास्थ्य सुविधा की गरीबों तक पहुँच होने के लाख दावे करें, लेकिन जमीन पर वह सच्चाई झूठी साबित हो रही है। ऐसा ही मामला देवास जिला अस्पताल में सरकारी एम्बुलेंस की बड़ी लापरवाही का सामने आया है। जहाँ मृतक के परिजन शव ले जाने के लिए घंटो एम्बुलेंस की रह ताकते रहे, लेकिन जिला अस्पताल परिसर में रखी 4 एम्बुलेंस में से एक भी नहीं आई। सूत्र बताते हैं की चारों ड्राइवर एक चाय की दुकान पर बैठकर यह सब अनजान बनकर देखते रहे और परिजन बिलखते रहे। जिले के बरोठा थाना इलाके के सिरोल्या गांव में एक बुजुर्ग ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। गुरुवार को जिला अस्पताल में बुजुर्ग के शव को पोस्टमार्टम हुआ, लेकिन पोस्टमार्टम के बाद शव को घर ले जाने के लिए परिजन को करीब दो घंटे तक शव वाहन नहीं मिला। हैरानी की बात ये है कि उस वक्त अस्पताल में 4 शव वाहन खड़े थे, लेकिन फिर भी परिजन को कार से बुजुर्ग का शव घर ले जाना पड़ा। इस दौरान पीड़ित परिवार के सदस्य ने दुखी मन से दोषियों पर कार्रवाई करने और शव वाहन सेवा बंद करने की मांग प्रशासन और सरकार से की है।शव वाहन के लिए परेशान होते रहे परिजन जानकारी के अनुसार बरोठा निवासी बुजुर्ग प्रकाश मंडलोई ने बुधवार शाम खेत पर फांसी लगा ली थी। इसके बाद बरोठा पुलिस ने शव को पीएम के लिए जिला अस्पताल भेजा था। गुरुवार सुबह पीएम के बाद परिजन शव वाहन के लिए परेशान होते नजर आए। उल्लेखनीय है कि जिला अस्पताल में 4 शव वाहन है और उस समय शव वाहन खड़े भी थे, लेकिन ड्राइवर नहीं होने से मृतक के परिजन परेशान होते रहे। मृतक के भतीजे राकेश मंडलोई ने बताया हमने 108 पर सूचना दी, लेकिन दो घंटे तक कभी 10 मिनट तो कभी 15 मिनट में आने की बात कहते रहे, लेकिन कोई नहीं आया।मृतक के परिजन बोले- बंद कर दें ये व्यवस्था रोते हुए राकेश ने कहा कि मैं प्रदेश के मुखिया से निवेदन करता हूं कि गरीब लोगों को यह व्यवस्था नहीं मिल पा रही है। एक घंटे से हम परेशान हैं। परिजन घर पर रो रहे हैं, लेकिन 108 एम्बुलेंस आने को तैयार नहीं है। मुख्यमंत्री से निवेदन है कि यह व्यवस्था बंद कर दी जाए। कलेक्टर से निवेदन है कि इन पर सख्त कार्रवाई की जाए। उधर मामले में आरएमओ डॉ अजय पटेल ने बताया संबंधित कंपनी के को ऑर्डिनेटर को शोकांत नोटिस जारी किया गया है। recent visitors 137

छिंदवाड़ा त्रासदी ने पूरे प्रदेश को झकझोरा: भोपाल में कांग्रेस का कैंडल मार्च, दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग

Chhindwara tragedy shakes the entire state: Congress holds candlelight march in Bhopal, demands strict action against the culprits भोपाल। छिंदवाड़ा में ज़हरीली सिरप से 22 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत ने पूरे मध्यप्रदेश को शोक और आक्रोश से भर दिया है। इस अमानवीय लापरवाही के खिलाफ जिला कांग्रेस कमेटी ने आज भोपाल में भावपूर्ण कैंडल मार्च निकालकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की। मृत मासूमों की याद में आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा में सैकड़ों लोगों ने मोमबत्तियाँ जलाकर सरकार की निष्क्रियता पर गहरा रोष जताया। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह,प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, प्रदेश सह प्रभारी संजय दत्त, रणविजय सिंह लोचव, पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विभा पटेल, प्रदेश उपाध्यक्ष सुखदेव पांसे, जिला कांग्रेस प्रभारी रवि जोशी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना, और ग्रामीण अध्यक्ष अनोखी पटेल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कैंडल मार्च के दौरान नेताओं ने कहा कि — 22 मासूमों की मौत केवल एक हादसा नहीं, बल्कि शासन और प्रशासन की भयावह लापरवाही का परिणाम है। दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। नेताओं ने यह भी कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है, और सरकार को अब इस त्रासदी की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा और दोषी अधिकारियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। मासूमों की मौत पर उमड़ा यह शोक और गुस्सा प्रदेश की जनता की आवाज़ बन चुका है — जो अब जवाब मांग रही है कि आखिर बच्चों की जान लेने वाली यह ज़हरीली दवा बाजार में कैसे पहुंची? recent visitors 299