कांग्रेस MLA मुकेश मल्होत्रा की विधायकी रद्द, बीजेपी के रामनिवास रावत होंगे नए विधायक, हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला

gwalior congress mla mukesh malhotra membership cancelled bjp ram niwas rawat to be the ग्वालियर। मध्य प्रदेश की विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव ग्वालियर हाईकोर्ट ने शून्य (रद्द) घोषित कर दिया है। हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच के जस्टिस जीएस अहलूवालिया ने यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने निर्वाचन प्रक्रिया में गड़बड़ी और तथ्यों को छुपाने के आधार पर यह निर्णय लिया है। आपराधिक रिकॉर्ड छुपाने का आरोपमुकेश मल्होत्रा के खिलाफ यह याचिका भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी और पूर्व मंत्री रामनिवास रावत ने दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि मुकेश मल्होत्रा ने अपने चुनावी हलफनामे में अपने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी छुपाई थी। कोर्ट ने याचिका के तथ्यों को सही पाया और माना कि जानकारी छुपाना चुनाव नियमों का उल्लंघन है। रामनिवास रावत घोषित हुए विजयपुर के विधायकचुनाव शून्य घोषित करने के साथ ही हाईकोर्ट ने एक और महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। चुनाव के दौरान दूसरे नंबर पर रहने वाले भाजपा प्रत्याशी रामनिवास रावत को विजयपुर विधानसभा सीट से विधायक घोषित कर दिया गया है। इस फैसले के बाद अब विजयपुर सीट पर भाजपा का प्रतिनिधित्व हो गया है। recent visitors 94

पहचान बचानी है तो एकजुट हों” — आदिवासियों से उमंग सिंघार की अपील

“If you want to save your identity, unite” – Umang Singhar appeals to tribals अनूपपुर। मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आदिवासी समाज को संबोधित करते हुए अलग आदिवासी धर्म कोड की मांग को लेकर बड़ा आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि देशभर के आदिवासी समाज को अपनी सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं की रक्षा के लिए एकजुट होना होगा। उमंग सिंघार ने कहा कि यदि मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों के आदिवासी समाज ने अभी बड़ी संख्या में अपने अलग धर्म कोड की मांग के लिए आवेदन नहीं भेजे, तो आने वाले समय में उनकी पहचान किसी अन्य धर्म की श्रेणी में दर्ज कर दी जाएगी। इससे आदिवासी समाज की विशिष्ट संस्कृति और परंपराओं पर असर पड़ सकता है। उन्होंने आदिवासी भाई-बहनों से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक संख्या में धर्म कोड की मांग के समर्थन में फॉर्म भरकर राष्ट्रपति महोदया तक अपनी आवाज़ पहुँचाएँ, ताकि आदिवासी समाज की अलग पहचान और सांस्कृतिक विरासत को उचित मान्यता मिल सके। सिंघार ने कहा कि यह केवल एक प्रशासनिक मांग नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की अस्मिता और अस्तित्व से जुड़ा विषय है। इसलिए सभी को एकजुट होकर इस मांग को मजबूत बनाना होगा, ताकि देश में आदिवासी धर्म और संस्कृति को अलग पहचान मिल सके। recent visitors 85

भोपाल में 29 मार्च को शिक्षकों का बड़ा मोर्चा, TET आदेश के खिलाफ रणनीति, सुप्रीम कोर्ट में दायर होगी रिव्यू पिटीशन

A massive teachers’ protest in Bhopal on March 29th, a strategy to oppose the TET order, and a review petition to be filed in the Supreme Court. भोपाल। मध्यप्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर जारी आदेश के बाद शिक्षक संगठनों में हलचल तेज हो गई है। प्रांतीय शिक्षक संघ, मध्यप्रदेश ने इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर करने का निर्णय लिया है। संघ के प्रदेश संगठन मंत्री रामचरण वर्मा ने बताया कि डीपीआई (लोक शिक्षण संचालनालय) द्वारा हाल ही में जारी किए गए TET परीक्षा संबंधी आदेश के बाद शिक्षकों में असंतोष बढ़ा है। इसी को देखते हुए संगठन ने कानूनी सलाह लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष मनोहर प्रसाद दुबे ने बताया कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ताओं शिवसागर तिवारी, बी.के. सतीजा और विवेक तनख्वाह से विस्तृत चर्चा की गई है। अधिवक्ताओं की सलाह के आधार पर अब प्रांतीय शिक्षक संघ मध्यप्रदेश के नाम से सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दाखिल की जाएगी। संगठन ने इस मुद्दे पर आगे की रणनीति तय करने के लिए सभी जिलाध्यक्षों को 22 मार्च 2026 को अनिवार्य रूप से जिला स्तरीय बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। वहीं 29 मार्च 2026 को भोपाल में संयुक्त मोर्चा बनाकर आंदोलन की रूपरेखा तय करने के लिए सभी संगठन अध्यक्षों और शिक्षकों से उपस्थित होने की अपील की गई है। प्रदेशाध्यक्ष मनोहर प्रसाद दुबे ने कहा कि इससे पहले भी 2001 के संविदा शिक्षकों के हितों के लिए संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ी थी और सफलता हासिल की थी। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार भी संगठन शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए पूरी मजबूती से कानूनी लड़ाई लड़ेगा। उन्होंने प्रदेश के सभी शिक्षकों से एकजुट होकर संगठन का सहयोग करने और इस मुद्दे को लेकर आगे की रणनीति के लिए तैयार रहने का आह्वान किया है। मनोहर प्रसाद दुबे प्रांताध्यक्षरामचरण वर्माप्रदेश संगठन मंत्रीप्रांतीय शिक्षक संघ म प्र recent visitors 73

गोखरू के औषधीय गुण: सिरदर्द, यूरिन इन्फेक्शन और शुगर में भी फायदेमंद

Medicinal properties of Gokhru: Beneficial in headache, urine infection and diabetes. हेल्थ डेस्क ! आयुर्वेद में कई जड़ी-बूटियां ऐसी हैं, जिनका सदियों से इस्तेमाल कई गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता रहा है, ऐसी ही एक प्रभावी जड़ी-बूटी है गोखरू। आयुर्वेद में गोखरू का फल, पत्ता और तना औषधि के रूप में प्रयोग किये जाता है। यह वात, पित्त और कफ दोष को संतुलित करने में मदद करती है और शरीर की कई समस्याओं को दूर करने में असरदार मानी जाती है। गोखरू के प्रमुख औषधीय लाभ — किडनी स्टोन से राहत :-गोखरू में मूत्रवर्धक गुण पाए जाते हैं। यह पेशाब बढ़ाने में मदद करता है और नियमित सेवन से किडनी की पथरी को बाहर निकालने में सहायक हो सकता है। आयुर्वेद में सदियों से इसे किडनी स्टोन के इलाज में प्रयोग किया जाता रहा है। 5 ग्राम गोखरू चूर्ण को 1 चम्मच शहद के साथ दिन में तीन बार दूध या गुनगुने पानी के साथ सेवन करने से पथरी टूटकर बाहर निकल जाती है। सिरदर्द में राहत :-कुछ लोगों में पित्त की अधिकता के कारण बार-बार सिरदर्द की समस्या होती है। गोखरू का सेवन पित्त को संतुलित करने में मदद करता है और इससे लगातार होने वाले सिरदर्द में राहत मिल सकती है। डायबिटीज में फायदेमंद :-डायबिटीज के मरीजों के लिए गोखरू का सेवन लाभकारी हो सकता है। इसमें मौजूद सैपोनिन ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद करता है और शुगर को संतुलित रखने में सहायक माना जाता है। स्पर्म काउंट बढ़ाए :-आजकल खराब खानपान और जीवनशैली की वजह से पुरुषों में लो स्पर्म काउंट और फर्टिलिटी की समस्या आम हो गई है। गोखरू का नियमित सेवन स्पर्म उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता और गतिशीलता सुधारने में भी मदद करता है। गोखरू के 20 ग्राम फलों को 250 ml दूध में उबालकर सुबह-शाम पिलाने से स्पर्म संबंधी समस्याओं में फायदा मिलता है। यूरिन इन्फेक्शन से राहत :-गोखरू में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-माइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं। ये गुण यूरिन इन्फेक्शन को दूर करने में मदद करते हैं। साथ ही इसमें मूत्रवर्धक गुण होने के कारण बैक्टीरिया पेशाब के जरिए बाहर निकल जाते हैं, जिससे संक्रमण कम होता है। 20-30 ml गोखरू काढ़े में एक चम्मच शहद डालकर दिन में दो बार पिलाने से यूरिन इन्फेक्शन से राहत मिलती है। उपयोग करने का तरीका — 1) चूर्ण के रूप में :-रोजाना 3–6 ग्राम गोखरू चूर्ण को दूध या गुनगुने पानी के साथ ले सकते है। 2) काढ़ा के रूप में :-गोखरू को काढ़े के रूप में 20–40 ml सेवन कर सकते हैं। सावधानियां —अगर आप गर्भवती हैं या किसी बीमारी की दवा ले रहे हैं तो आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह अवश्य लें। गोखरू आयुर्वेद की एक ऐसी जड़ी-बूटी है, जो किडनी, यूरिन, ब्लड शुगर और पुरुष प्रजनन स्वास्थ्य में असरदार मानी जाती है। इसे सही मात्रा और नियमितता से लेने पर शरीर के कई महत्वपूर्ण दोष संतुलित रहते हैं और सेहत बेहतर होती है। recent visitors 192

ग्राम पारूआ में नवनिर्मित पंचायत भवन का लोकार्पण, विधायक जयवर्धन सिंह ने ग्रामीणों को किया समर्पित

Inauguration of the newly constructed Panchayat Bhawan in village Parua, MLA Jaivardhan Singh dedicated it to the villagers. राजगढ़। क्षेत्र के विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ग्राम पारूआ में नवनिर्मित पंचायत भवन का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक Jaivardhan Singh ने भवन का उद्घाटन कर इसे ग्रामवासियों को समर्पित किया। लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि यह नया पंचायत भवन ग्राम पंचायत के प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके साथ ही ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय योजनाओं और सेवाओं का लाभ लेने में भी सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास और जनसेवा के लिए वे निरंतर प्रतिबद्ध हैं तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना उनकी प्राथमिकता है। पंचायत भवन के निर्माण से स्थानीय प्रशासन को बेहतर कार्यस्थल मिलेगा और ग्रामवासियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए एक व्यवस्थित मंच उपलब्ध होगा। https://www.facebook.com/share/p/18fJZEWWZ9 इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, पंचायत पदाधिकारी, स्थानीय गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। recent visitors 56

जन औषधि केंद्रों की सुविधाओं का स्थानीय लोगों को दिलाएं लाभ : कुमरे

Provide benefits of Jan Aushadhi Centres to local people: Kumre  शहडोल। इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी मध्यप्रदेश राज्य शाखा के चैयरमैन डॉ. श्याम सिंह कुमरे ने जिला रेडक्रॉस सोसायटी शहडोल के द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।    चैयरमैन रेडक्रॉस सोसायटी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा संचालित शहडोल जिले में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि क्रेंद्रो के माध्यम से दी जाने वाली सुविधाओं का लाभ प्रत्येक जरूरतमंद मरीजों को दिलाना अनिवार्य करें। जिन विकासखंडों में जन औषधि केंद्र संचालित नहीं हुए है, वहां जल्द प्रारंभ कराएं। जन औषधि केंद्रो में दी जाने वाली सुविधाओं का लाभ दिलाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार कराएं। जन औषधि केंद्रो में पर्याप्त मात्रा में दवाईयां उपलब्ध रहें, यह भी ध्यान रखें।   चैयरमैन ने कहा कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि जिला रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से युवाओं, आपदा मित्रों एवं जनमानस को सीपीआर, सांप काटने पर बचाव, आग से बचाव, सड़क दुर्घटनाओं से बचाव जैसे अन्य आपदाओं से निपटने के लिए कैंप आयोजित कर समय-समय पर उन्हें प्रशिक्षण दें एवं जिला रेडक्रॉस सोसायटी में वॉलिंटियर एवं रक्तदाताओं को पंजीकृत करें।  उन्होंने कुपोषण की स्थिति की जानकारी लेते हुए कहा कि शहडोल जिले को कुपोषण मुक्त करने के लिए अधिकारी समाजसेवियों का भी सहयोग लें। अतिकुपोषित वाली आॅगनवाड़ीे केंद्रों को रेडक्रॉस सोसायटी को सौंपे तथा रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से एनआरसी केंद्रों का संचालन भी कराएं।  श्री कुमरे ने शहडोल जिले में दर्ज कुपोषित, अतिकुपोषित एवं मध्यम कुपोषित बच्चों की स्थिति के संबंध में भी जानकारी ली। मेडिकल कॉलेज शहडोल में ब्लड बैंक एवं जन औषधि केंद्र को एक सप्ताह के भीतर प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। रेडक्रॉस सोसायटी के माध्मय से स्वास्थ्य शिविर, नेत्र जांच शिविर,  बहुदिव्यांग प्रमाण पत्र  प्रदान करने के लिए शिविरों के आयोजन करने के सीएमएचओ को निर्देश दिए।  जिला रेडक्रॉस के समिति के गठन, स्कूलों में जूनियर रेडक्रॉस के गठन पर चर्चा एवं अंशदान, विश्वविद्यालयों महाविद्यालयों में युवक रेडक्रॉस के गठन पर चर्चा एवं अंशदान पर चर्चा, जिला रेडक्रास शाखा द्वारा संचालित प्रकल्पों की जानकारी, सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित मरीजों के उपचारार्थ सहायतार्थ क्षय रोग से ग्रसित मरीजों की सहायतार्थ बनाये गए नि:क्षय मित्र की जानकारी, वृद्धजनों एवं दिव्यांगजनों की सहायतार्थ कार्य, जिला रेडक्रास ईकाइयों में आपदा मित्रों तैयार करने, निरोगी काया अभियान के अंतर्गत महिला एवं युवतियों में स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता सहित अन्य विषयों की जानकारी ली। इन जानकारी के संबंध में कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने विस्तृत जानकारी साझा की।  बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शिवम प्रजापति, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अमृता गर्ग, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश मिश्रा, डीपीसी अमरनाथ सिंह सहित जिला रेडक्रॉस सोसायटी के सदस्य मौजूद रहे। recent visitors 62

अमरूद की खेती से चमकी किस्मत: किसान अभिषेक दांगी ने कमाए एक सीजन में 10 लाख रुपये

Guava farming brings fortune: Farmer Abhishek Dangi earns Rs 10 lakh in one season भोपाल। मध्यप्रदेश में पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी फसलों की ओर बढ़ता रुझान किसानों की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा है। केंद्र सरकार की ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना के तहत भोपाल जिले को अमरूद उत्पादन के लिए चयनित किया गया है। उद्यानिकी विभाग द्वारा किसानों को आधुनिक तकनीक, उच्च गुणवत्ता के पौधे, ड्रिप सिंचाई और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे जिले में अमरूद की खेती तेजी से बढ़ रही है। भोपाल जिले के बरखेड़ा बरामद गांव के प्रगतिशील किसान अभिषेक दांगी ने अमरूद की खेती से सफलता की नई मिसाल पेश की है। उन्होंने करीब तीन वर्ष पहले अपनी साढ़े चार एकड़ जमीन में बीएनआर किस्म के 1660 अमरूद के पौधे लगाए थे। उद्यानिकी विभाग से मिली ड्रिप सिंचाई और तकनीकी मार्गदर्शन की मदद से उनकी फसल ने अच्छा उत्पादन दिया। वर्तमान में उनके बाग से करीब 6400 किलोग्राम अमरूद का उत्पादन हो रहा है। अभिषेक दांगी बताते हैं कि अमरूद की खेती से उन्हें एक सीजन में करीब 10 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई है। उनके अमरूद की मांग भोपाल के साथ अन्य राज्यों में भी बढ़ रही है। उद्यानिकी विभाग के सहायक संचालक राजकुमार सगर के अनुसार पिछले पांच वर्षों में भोपाल जिले में अमरूद की खेती का रकबा और उत्पादन करीब 70 प्रतिशत तक बढ़ा है। जिले की लगभग 50 ग्राम पंचायतें अमरूद उत्पादन के नए क्लस्टर के रूप में विकसित हो चुकी हैं। किसानों को पौधारोपण, ड्रिप सिंचाई, ऋण और तकनीकी सहयोग देकर आधुनिक खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।  अमरूद की खेती से जिले के मनमोहन पाटीदार, अरुण दांगी और अभिषेक दांगी जैसे किसान न केवल अपनी आय बढ़ा रहे हैं, बल्कि अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रहे हैं। recent visitors 67