महिलाओं की सेहत का राज़ है क्रैनबेरी, इसके जादुई फायदे नहीं जानते होंगे आप

आज के समय में हेल्दी लाइफ स्टाइल को अपनाने की चाहत हर किसी की प्राथमिकता बन चुकी है। ऐसे में पौष्टिक और रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले फूड्स को “सुपरफूड” का दर्जा दिया जाता है। इन्हीं में से एक है क्रैनबेरी। एक छोटा सा लाल रंग का खट्टा-मीठा फल, जो स्वाद के साथ-साथ कई औषधीय गुणों से भरपूर होता है। यह विटामिन सी, ई, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और फाइटोन्यूट्रिएंट्स का बेहतरीन स्रोत है, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है और कई तरह बीमारियों से बचाता है।इससे हमारे शरीर को कई फायदे मिलते हैं। तो आइए जानते हैं इनके फायदों के बारे में- यूटीआई से बचाव क्रैनबेरी महिलाओं में आम यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) को रोकने में काफी प्रभावी है। इसमें मौजूद प्रोस्यानिडिन्स नामक तत्व बैक्टीरिया को मूत्राशय की दीवारों से चिपकने नहीं देते, जिससे इन्फेक्शन नहीं होता है। दिल की सुरक्षा क्रैनबेरी में पाए जाने वाले पॉलीफेनोल्स हृदय की धमनियों को हेल्दी बनाए रखते हैं, ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करते हैं और हृदय रोग का जोखिम कम करते हैं। पाचन क्रिया में सुधार इसमें मौजूद फाइबर आंतों की सफाई करता है और पाचन को सुचारु बनाए रखता है, जिससे कब्ज और एसिडिटी जैसी समस्याएं दूर रहती हैं। इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाए विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट इम्यून सिस्टम को मजबूती देते हैं और शरीर को इंफेक्शंस से लड़ने में सहायक बनाते हैं। मुंह और दांतों की देखभाल क्रैनबेरी मुंह में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकता है, जिससे कैविटी, मसूड़ों की सूजन और सांस की बदबू में राहत मिलती है। स्किन को बनाएं ग्लोइंग और जवां जवां इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं और उम्र के असर को कम करते हैं, जिससे स्किन ग्लो करती है। कैंसर से बचाव शोध के अनुसार, क्रैनबेरी में मौजूद तत्व ब्रेस्ट, कोलोन और प्रोस्टेट कैंसर की कोशिकाओं की वृद्धि को रोक सकते हैं। वेट लॉस करने में सहायक कम कैलोरी और हाई फाइबर वाले इस फल को नियमित सेवन से भूख नियंत्रित रहती है,जिससे वजन कम करना आसान हो जाता है। कोलेस्ट्रॉल संतुलित रखे यह बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) को घटाता है और गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ावा देता है, जिससे आपका दिल हेल्दी रहता है। क्रैनबेरी एक टेस्टी और शक्तिशाली सुपरफूड है, जिसे आप ड्राय फ्रूट, जूस, या स्मूदी में शामिल कर अपनी डाइट को हेल्दी बना सकते हैं। इसका नियमित सेवन आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाएगा और आपको एक्टिव बनाए रखेगा।   recent visitors 94

ईरान-अमेरिका टकराव पर बोले पीएम मोदी, बढ़ते संकट को लेकर दुनिया को दी चेतावनी

ईरान ईरान पर अमेरिकी और इजरायली हमले के बाद पूरा मिडिल ईस्ट युद्ध की जद में आ चुका है। सोमवार को भी दोनों पक्षों ने एक दूसरे के ठिकानों को निशाना बनाया है और युद्ध के और भयावह होने का खतरा बना हुआ है। एक तरफ ईरान ने इजराइल और अमेरिका के संयुक्त हमले में अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या का बदला लेने का संकल्प लिया है तो वहीं दूसरी तरफ अमेरिका ने अपने B-2 बॉम्बर्स उतार दिए हैं। ईरान ने जवाबी कार्रवाई के तहत अमेरिका के खाड़ी देशों मे मौजूद ठिकानों और इजरायल को ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाया है। इजरायल में, मिसाइल हमलों या उन्हें रोके जाने के कारण हुए जोरदार धमाकों की आवाजें तेल अवीव में सुनने को मिलीं। वहीं इजराइल की बचाव सेवाओं ने बताया कि मध्य शहर बेत शेमेश में एक यहूदी प्रार्थना स्थल पर हुए हमले में आठ लोग मारे गए और 28 घायल हो गए, जिससे देश में मरने वालों की कुल संख्या 10 हो गई है। कतर, कुवैत जैसे शहरों में भी धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। ईरान पर बमबारी जारी वहीं अमेरिका और इजराइल ने भी रविवार को भी बमबारी जारी रखी। ईरान की राजधानी तेहरान में हुए धमाकों से आसमान में धुएं का विशाल गुबार उठता दिखा, खासकर उस इलाके में जहां सरकारी इमारतें स्थित हैं। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अयातुल्ला अली खामेनेई और अन्य वरिष्ठ नेताओं की हत्या करने वाले अमेरिकी और इजराइली हमलों की शुरुआत से अब तक 200 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। इस बीच ईरानी स्कूल पर हुए हमले में मौत का आंकड़ा 180 तक पहुंच गया है। पीएम मोदी ने नेतन्याहू से की फोन पर बात इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात कर पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की है और हालिया घटनाक्रम को लेकर भारत की चिंताओं से अवगत कराया। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार रात संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से भी बात की थी। पीएम ने खाड़ी देश पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि भारत इस कठिन समय में यूएई के साथ एकजुटता से खड़ा है। recent visitors 39

देवकरण झोरढ़ बने भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश मीडिया प्रभारी

भोपाल  भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल की सहमति से भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री जयपाल सिंह चावड़ा ने मोर्चा के प्रदेश मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया। घोषित सूची के अनुसार देवकरण झोरढ़ को किसान मोर्चा का प्रदेश मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया है। संगठन द्वारा की गई इस नियुक्ति को आगामी संगठनात्मक गतिविधियों और किसान हित से जुड़े मुद्दों के प्रभावी प्रचार-प्रसार की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश पदाधिकारियों की घोषणा के साथ ही मोर्चा की आगामी रणनीतियों और कार्यक्रमों को गति देने की तैयारी प्रारंभ कर दी गई है। संगठन ने नव नियुक्त पदाधिकारियों से किसान हितों के संरक्षण एवं संगठन के विस्तार में सक्रिय भूमिका निभाने की अपेक्षा व्यक्त की है। recent visitors 34

खाड़ी देशों में संकट में भारतीय: काम की चाह में गए, अब वतन लौटने की गुहार

नई दिल्ली इजरायल और अमेरिका के ईरान पर हमले के बाद से पूरा मध्य-पूर्व क्षेत्र धधक रहा है। इस आग में हजारों भारतीय भी झुलस रहे हैं। इनमें कुछ विद्यार्थी तो कुछ टूरिस्ट हैं। सबसे ज्यादा वो लोग हैं, जो रोजी-रोटी की तलाश में खाड़ी देशों में गए थे लेकिन हवाई हमलों की वजह से एयरस्पेस बंद हो चुके हैं। ऐसे में ये लोग वहां फंस गए हैं। लिहाजा, बढ़ते तनाव ने हजारों भारतीयों को अनिश्चितता और भय के बीच ला खड़ा किया है। दुबई, अबू धाबी जैसे विश्व-प्रसिद्ध शहरों में भी अब सायरन बजने और मिसाइल हमले की खबरें आम हो गई हैं। बहरीन, इराक, जॉर्डन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले भारतीयों के बीच भय का माहौल है। ऐसे हालात में इन देशों में फंसे भारतीय नागरिक सोशल मीडिया पर भारत सरकार से फौरन निकालने की गुहार लगा रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनकी अपीलों की बाढ़ आ गई है, जिनमें से कई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्रालय (MEA) से निकालने की अपील की है। हालांकि, MEA ने प्रभावित देशों में भारतीयों के लिए इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, जो मेडिकल इमरजेंसी, सुरक्षा और निकासी से जुड़े सवालों के लिए मदद देते हैं। मिडिल-ईस्ट में फंसे भारतीय क्या लिख रहे? दुबई में एक वर्कर ने इंस्टाग्राम रील पर पोस्ट किया, "मैं यहां रोजी-रोटी के लिए आया था, लेकिन अब मैं बम से बचने की जगह तलाश कर रहा हूं। मैं मोदी जी और भारत सरकार से अनुरोध करता हूं कि हमें यहां से निकालें।" सैकड़ों टूरिस्ट भी दुबई और अबू धाबी में फंसे हुए हैं। मिडिल ईस्ट के कई संस्थानों में पढ़ने वाले MBA और मेडिकल के स्टूडेंट भी सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर रहे हैं, जिसमें भारत सरकार से मदद मांगी जा रही है। छात्र और पर्यटक भी संकट में स्थिति केवल खाड़ी देशों में कमाने गए कामगारों तक सीमित नहीं है। बड़ी संख्या में पर्यटक और छात्र भी इस संकट में फंसे हुए हैं। खासकर तेहरान में पढ़ रहे भारतीय मेडिकल छात्रों ने भावुक अपीलें की हैं। एक छात्रा ने कहा, “यहां हालात बहुत खराब और अनिश्चित हैं। हमें नहीं पता अगला पल क्या होगा। कृपया जल्द से जल्द हमें सुरक्षित निकाला जाए।” एक अन्य छात्र ने बताया कि लगातार हो रहे हमलों के कारण सभी छात्र भयभीत हैं और सरकार से तत्काल मदद की उम्मीद कर रहे हैं। बड़ी संख्या में भारतीय प्रभावित बता दें कि मध्य पूर्व में लगभग 90 लाख भारतीय रहते हैं, जिनमें अधिकांश मजदूर वर्ग से हैं। इनके अलावा विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर के लगभग 2000 छात्र हैं, जो ईरान में पढ़ाई कर रहे हैं और गंभीर जोखिम में हैं। उनके लिए जम्मू और कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने भी प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है। सरकार की पहल इस संकट के बीच विदेश मंत्रालय भारत ने प्रभावित देशों में फंसे भारतीयों के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन जारी की है। ये हेल्पलाइन चिकित्सा सहायता, सुरक्षा और संभावित निकासी से जुड़ी जानकारी प्रदान कर रही हैं। साथ ही, मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि भारत इस स्थिति को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करता है और सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव कम करने तथा नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील करता है। भारत ने स्पष्ट किया है कि इस संकट का समाधान केवल संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही संभव है। एक बयान में, MEA ने ईरान और खाड़ी में हो रहे डेवलपमेंट पर गहरी चिंता जताई है। मंत्रालय ने कहा, "ईरान और खाड़ी क्षेत्र में हाल के घटनाक्रम से भारत बहुत चिंतित है। हम सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव बढ़ने से बचने और आम लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह करते हैं।" मंत्रालय ने तनाव कम करने के लिए बातचीत और डिप्लोमेसी और संप्रभुता का सम्मान करने पर ज़ोर दिया। MEA ने जारी की हेल्पलाइन MEA ने इस इलाके में भारतीयों के लिए इमरजेंसी कॉन्टैक्ट्स की एक लिस्ट जारी की है: – रामल्लाह (फ़िलिस्तीन): फ़ोन: +970592916418; ईमेल: repoffice@mea.gov.in / cons.ramallah@mea.gov.in – दोहा (क़तर): फ़ोन: 00974-55647502; ईमेल: cons.doha@mea.gov.in – रियाद (सऊदी अरब): फ़ोन: 00-966-11-4884697; WhatsApp: 00-966-542126748; टोल फ़्री: 800 247 1234; ईमेल: cw.riyadh@mea.gov.in – तेल अवीव (इज़राइल): फ़ोन: +972-54-7520711 / +972-54-2428378; ईमेल: cons1.telaviv@mea.gov.in – तेहरान (ईरान): फ़ोन: +989128109115 / +989128109109 / +989128109102 / +989932179359 – अबू धाबी (UAE): टोल फ़्री: 800-46342; WhatsApp: +971543090571; ईमेल: pbsk.dubai@mea.gov.in / ca.abudhabi@mea.gov.in – कुवैत: फ़ोन: +96565501946; ईमेल: community.kuwait@mea.gov.in – बहरीन: फ़ोन: 00973-39418071 – मस्कट (ओमान): टोल फ़्री: 80071234; WhatsApp: +96898282270; ईमेल: cw.muscat@mea.gov.in / cons.muscat@mea.gov.in – जॉर्डन: फ़ोन: 00962-770 422 276 – बगदाद (इराक): फ़ोन: +964 771 651 1185 / +964 770444 4899   recent visitors 30

रेड अलर्ट ने बढ़ाई परेशानी, दुबई में फंसा MP का परिवार, कथा में शामिल होने गया था

बदनावर दुबई के बर दुबई स्थित ग्रैंड एक्सेसियर होटल में दो से आठ मार्च तक आयोजित होने वाली श्रीमद्भागवत कथा अंतरराष्ट्रीय हालात और फ्लाइट संचालन प्रभावित होने के कारण फिलहाल अधर में लटक गई है। रेड अलर्ट घोषित होने के बाद सार्वजनिक कार्यक्रम निरस्त कर दिए गए हैं, जिससे कथा आयोजन भी स्थगित करना पड़ा। कथा का वाचन मालवा माटी के प्रसिद्ध संत कमलकिशोर नागर के सुपुत्र कथावाचक प्रभुश्री नागर द्वारा किया जाना था। वे एक मार्च को 16 सदस्यीय दल के साथ दुबई के लिए रवाना होने वाले थे, जबकि उनके साथ 100 से अधिक अनुयायियों के पहुंचने की संभावना थी, लेकिन उड़ानें प्रभावित होने के कारण गुरुजी ने दुबई यात्रा निरस्त कर दी।   बदनावर से पहले ही पहुंच गए थे 7 सदस्य धार जिले की बदनावर तहसील के ग्राम सेमलिया निवासी आयोजक गोपाल पुरोहित 28 फरवरी को सुबह 10 बजे इंदौर से सात सदस्यीय दल के साथ दुबई रवाना हुए थे। दल में गोपाल पुरोहित, सोहन पुरोहित, राजेंद्र पुरोहित, सावित्री पुरोहित, जितेंद्र पुरोहित, कौशल्या पुरोहित तथा राजस्थान के पाली निवासी नटवर सिंह पुरोहित शामिल हैं। ये सभी कथावाचक की अगवानी के लिए एक दिन पहले दुबई पहुंच गए थे। गोपाल पुरोहित के अनुसार उनकी फ्लाइट दुबई दोपहर करीब एक बजे उतरी और आधे घंटे बाद ही युद्ध जैसे हालात की घोषणा कर दी गई। यदि यह स्थिति पहले बनती तो फ्लाइट भी वहां नहीं पहुंच पाती। रेड अलर्ट, बाजारों में सन्नाटा और कार्यक्रम निरस्त दुबई में रेड अलर्ट जारी होने के बाद लोगों को बार-बार संदेश भेजकर घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी जा रही है। बाजारों और सड़कों पर यातायात कम हो गया है तथा सार्वजनिक आयोजन निरस्त कर दिए गए हैं। दल में शामिल सात लोगों में तीन महिलाएं और चार पुरुष हैं। वर्तमान में सभी लोग शारजाह में ठहरे हुए हैं। दुबई निवासी प्रतीक पुरोहित का कहना है कि दुबई में हालात सामान्य तो हैं, लेकिन रेड अलर्ट अभी भी लागू है। होटल और आयोजन की तैयारियां रहीं बेकार कथा आयोजन के लिए होटल, हाल और भोजन व्यवस्था पहले से बुक कर ली गई थी, लेकिन कार्यक्रम स्थगित होने से सारी तैयारियां फिलहाल बेकार चली गईं। आयोजकों के अनुसार कथा के लिए कुछ श्रद्धालु पहले ही पहुंच चुके थे, जबकि कई अन्य बाद में आने वाले थे।   आसमान में जेट फाइटर, गिरते मलबे से दहशत पुरोहित ने बताया कि शारजाह क्षेत्र में सोमवार को दिनभर जेट फाइटर उड़ान भरते नजर आए। हर कुछ समय में विस्फोट जैसी स्थिति बन रही है और गिरते मलबे से लोगों के घायल होने की खबरें भी सामने आई हैं, जिससे भय का माहौल बना हुआ है। हालात सामान्य होने का इंतजार आयोजक गोपाल पुरोहित ने बताया कि फिलहाल कथा आयोजन निरस्त है। परिस्थितियां सामान्य होने के बाद ही आगे की योजना तय की जाएगी और तभी सभी श्रद्धालु वापस लौटेंगे या आयोजन की नई तिथि घोषित की जाएगी। recent visitors 29

‘लाइफलाइन’ तालाब पर संकट गहराया, अतिक्रमण हटाने में सुस्ती पर सवाल

भोपाल बड़े तालाब की सीमा में बड़े और पक्के अतिक्रमण सामने आने के बाद भी नगर निगम और प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई से बच रहे हैं। करीब 10 साल पहले हुए सर्वे में 300 से अधिक अतिक्रमण चिह्नित किए गए थे, लेकिन तब केवल छोटे अतिक्रमण हटाए गए और मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इसके बाद कब्जों की संख्या बढ़ती चली गई। सख्त कार्रवाई नहीं हो रही अब दोबारा सीमांकन कर अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं, लेकिन सख्त कार्रवाई नहीं हो रही है। एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट ने जलस्रोतों के एफटीएल और 50 मीटर दायरे में आने वाले सभी अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। 23 फरवरी को कलेक्ट्रेट में सांसद आलोक शर्मा ने 10 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में हुए कब्जों को हटाने के लिए पुनः सीमांकन कराने को कहा था। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देश पर 25 फरवरी से संत हिरदाराम नगर वृत्त में वीआईपी रोड राजाभोज प्रतिमा से सीमांकन शुरू हुआ। वीआईपी रोड, खानूगांव और हलालपुर में अतिक्रमण चिह्नित तो किए गए, लेकिन हटाने की कार्रवाई नहीं हुई। बैठक में राजस्व, पुलिस, नगर निगम और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई तय हुई थी, पर हलालपुर में केवल एक शेडनुमा गोदाम के हिस्से पर बुलडोजर चलाया गया। नियमों का हवाला, कार्रवाई नहीं एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार वेटलैंड के एफटीएल और 50 मीटर दायरे में सभी निर्माण ध्वस्त किए जाने चाहिए। टीएंडसीपी के नक्शे से किए गए सीमांकन में पक्के निर्माण पाए गए हैं, फिर भी प्रशासन बुलडोजर चलाने से पीछे हट रहा है। अवैध निर्माण करने वाले नगर निगम की भवन अनुज्ञा शाखा से अनुमति और रजिस्ट्री होने का दावा कर रहे हैं, हालांकि मौके पर दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। खानूगांव से संत हिरदाराम नगर तक कब्जे खानूगांव में रिटेनिंग वॉल बनाकर करीब 40 प्लाटों को कैचमेंट से बाहर किया गया। वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ने इसे तोड़ने के निर्देश दिए थे, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। परिणामस्वरूप खानूगांव से संत हिरदाराम नगर तक कब्जों की संख्या 300 से अधिक हो गई। recent visitors 36

बंगाल चुनावी वादा: महिलाओं को आर्थिक मदद, सरकार बनते ही घुसपैठियों पर कार्रवाई – अमित शाह

कोलकाता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए प्रदेश में महिला सशक्तिकरण, युवाओं के रोजगार, सरकारी कर्मचारियों के हितों और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने का व्यापक खाका पेश किया। उन्होंने कहा कि राज्य के समग्र विकास और सुशासन के लिए ठोस और पारदर्शी कदम उठाए जाएंगे। गृह मंत्री ने घोषणा की कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए 5,700 करोड़ रुपए का विशेष प्रावधान किया जाएगा। इस राशि का उपयोग महिलाओं की सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और आर्थिक मजबूती सुनिश्चित करने वाली योजनाओं पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बंगाल की माताओं और बहनों की गरिमा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। साथ ही, राज्य में 26,000 शिक्षकों से जुड़े विवादित मामले पर उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विषय में पारदर्शी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही आवश्यक वित्तीय प्रावधान भी किए जाएंगे, ताकि योग्य शिक्षकों के साथ न्याय हो सके और शिक्षा व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो। सरकारी कर्मचारियों को राहत देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने घोषणा की कि उन्हें 7वें वेतन आयोग का लाभ प्रदान किया जाएगा। इससे लाखों कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी रिक्त सरकारी पदों को भरने की प्रक्रिया 26 दिसंबर तक शुरू कर दी जाएगी। इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। इसके अलावा, बंगाल के युवाओं को सरकारी नौकरियों की भर्ती में 5 वर्ष की विशेष आयु-छूट देने की घोषणा की गई है। अमित शाह ने कहा कि भ्रष्ट तत्वों को दिया गया राजनीतिक संरक्षण पूरी तरह समाप्त किया जाएगा। आपराधिक गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों और परिवारों को कानून के दायरे में लाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे उन्हें किसी का भी संरक्षण प्राप्त हो। राज्य में बाहरी माफियाओं के प्रभाव को खत्म करने और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने का संकल्प दोहराते हुए गृह मंत्री ने कहा कि संगठित अपराध पर कठोर प्रहार किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में घुसपैठियों की पहचान कर उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें राज्य से बाहर करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। टीएमसी से सवाल करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मैं पूछना चाहता हूं कि राज्य में साइंस और टेक्नोलॉजी के माध्यम से हमारे बंगाली युवाओं को रोजगार देना आपका एजेंडा है या मदरसों को बढ़ाना है? हाल ही में बंगाल का बजट विधानसभा में पास हुआ। साइंस और टेक्नोलॉजी के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सिर्फ 80 करोड़ रुपए दिए, जबकि मदरसों को 5,700 करोड़ रुपए मिले। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि आपका एजेंडा क्या है? क्या आपकी प्राथमिकता राज्य के युवाओं को रोज़गार के मौके देना है या मदरसों की संख्या बढ़ाना है? उन्होंने कहा कि ये तुष्टिकरण बंगाल का विकास नहीं कर सकता। अगर पिछले 15 साल को देखें, तो आज बंगाल 8 लाख करोड़ रुपए के ऋण में डूबा हुआ है। नए बच्चे के जन्म लेते ही 77 हजार रुपये का ऋण उसके ऊपर आ जाता है। भ्रष्टाचार तो इन्होंने इतना बढ़ा दिया कि बंगाल का नाम आते ही देश में सबसे पहले टीएमसी की भ्रष्टाचारी सरकार का नाम आता है। शिक्षक भर्ती घोटाला, नगर निगम भर्ती घोटाला, गाय तस्करी घोटाला, PDS राशन घोटाला, मनरेगा घोटाला और पीएम आवास योजना घोटाला यहां हुआ और इन सभी घोटालों को संरक्षण देने वाले डीजीपी को ममता बनर्जी राज्यसभा में भेज रही हैं। अमित शाह ने आगे कहा कि बंगाल की सरकार के सभी कर्मचारियों ने 15 साल तक ममता बनर्जी की सरकार की बहुत मदद की। मगर जिन्होंने 15 साल मदद की, उन कर्मचारियों के साथ ममता बनर्जी ने क्या किया? देश भर की सरकारों के कर्मचारियों को 7वां वेतन आयोग मिल चुका है, लेकिन सिर्फ बंगाल के कर्मचारियों को ही छठे वेतन आयोग की तनख्वाह मिलती है। अब तो आठवां वेतन आयोग बनने वाला है। मैं आज कहकर जाता हूं कि एकबार भाजपा सरकार बना दो, 45 दिन में ही हम सातवें वेतन आयोग की तनख्वाह देने का काम करेंगे। recent visitors 29