सबसे अधिक राजस्व मामले निस्तारित कर लखनऊ अव्वल, जनपदीय न्यायालयों में जौनपुर ने फिर मारी बाजी

  राजस्व वादों के मामलों के तेजी से निस्तारण के सीएम योगी के निर्देशों का दिख रहा असर सीएम योगी की मॉनीटरिंग से प्रदेश में मामलों के निस्तारण में आया खासा सुधार कुल राजस्व मामले के निस्तारण में प्रयागराज दूसरे, आजमगढ़ तीसरे और जौनपुर चौथे स्थान पर जनपद स्तरीय न्यायालयों में राजस्व मामलों के निस्तारण में जौनपुर पहले, भदोही दूसरे और बिजनौर तीसरे स्थान पर     लखनऊ, प्रदेश में राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त मॉनीटरिंग का असर साफ नजर आ रहा है। सीएम योगी हर माह जिलावार मामलों की समीक्षा भी करते हैं। योगी सरकार की विशेष पहल के तहत तेजी से मामलों के निपटारे की रणनीति को अपनाया गया, जिससे राजस्व विवादों के मामलों में बड़ा सुधार देखने को मिला है। इसी का नतीजा है कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश भर में राजस्व वादों के निस्तारण में तेजी देखी गयी है। राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (आरसीसीएमएस) की फरवरी माह की जारी रिपोर्ट में पूरे प्रदेश में सबसे अधिक राजधानी लखनऊ में मामलों को निस्तारित किया गया है जबकि जनपद स्तरीय न्यायालय में राजस्व के मामले निपटाने में एक बार फिर जौनपुर ने बाजी मारी है। जनपद स्तरीय न्यायालयों में राजस्व वादों के निस्तारण में पिछले 15 माह से जौनपुर टॉप फाइव जिलों में बना हुआ है।   राजधानी में सबसे अधिक कुल 15,981 मामले निस्तारित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश हैं कि राजस्व विवादों के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाए। उनकी इस पहल का उद्देश्य न केवल जनता को त्वरित न्याय दिलाना है, बल्कि प्रशासन में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को भी बढ़ावा देना है। इसी के तहत प्रदेश के जिलाधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी पूरी तत्परता से मामलों का निस्तारण कर रहे हैं। राजस्व परिषद की आरसीसीएमएस की रिपोर्ट के अनुसार फरवरी में पूरे प्रदेश में कुल 3,34,538 राजस्व मामलों का निस्तारण किया गया। लखनऊ के जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर ने बताया कि सबसे अधिक राजधानी लखनऊ में 15,981 मामले निस्तारित किए गये, जो पूरे प्रदेश में सबसे अधिक हैं। इसके बाद प्रयागराज में कुल 14,132 मामलों को निस्तारित कर पूरे प्रदेश में दूसरा, आजमगढ़ 9,333 मामलों को निस्तारित कर तीसरे स्थान पर है। आजमगढ़ जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप राजस्व मामलों के त्वरित और पारदर्शी निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। जनशिकायतों के समयबद्ध समाधान के लिए नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रहीं हैं। राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों को अभियान चलाकर निपटाया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि आजमगढ़ ने फरवरी में राजस्व मामलों के निस्तारण में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। इसी तरह जौनपुर ने 8,912 मामले निस्तारित कर चौथा और बाराबंकी ने 8,378 मामलों का निस्तारण कर पांचवां स्थान प्राप्त किया है।   जनपद स्तरीय न्यायालयों में जौनपुर ने मारी बाजी, 542 मामले किए निस्तारित जौनपुर डीएम डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुसार राजस्व मामलों को निस्तारित किया जा रहा है। बोर्ड ऑफ रेवन्यू की फरवरी माह की राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (आरसीसीएमएस) की रिपोर्ट के अनुसार जौनपुर की पांच राजस्व न्यायालयों ने बोर्ड के निर्धारित मानक के निस्तारण से अधिक मामलों का निस्तारण किया है। जौनपुर की पांच राजस्व न्यायालयों ने बोर्ड के प्रति माह निस्तारण के मानक 250 के सापेक्ष 542 मामलों का निस्तारण किया है। इसका अनुपात 216.80 प्रतिशत है। इसी के साथ जनपदीय न्यायालय में राजस्व मामलों के निस्तारण में प्रदेश में जौनपुर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है जबकि मानक 300 के सापेक्ष 381 मामलों का निस्तारण कर दूसरे स्थान पर बस्ती और मानक 300 के सापेक्ष 353 मामले निस्तारित कर तीसरे स्थान पर प्रतापगढ़ है। इसी तरह फरवरी में जौनपुर के जिलाधिकारी न्यायालय ने निर्धारित 30 मामलों के मानक के मुकाबले 86 मामलों का निस्तारण कर 286.67 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल की, जो प्रदेश भर में सबसे अधिक है और जौनपुर प्रदेश भर में पहले स्थान पर है। भदोही के जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा 69 मामले निस्तारित किए गये। वहीं, बिजनौर के जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा 46 मामले निस्तारित किए गये। इसी तरह जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा निस्तारित किए गये मामलों में भदोही दूसरे और बिजनौर तीसरे स्थान पर है। recent visitors 87

दिल्ली बस सेवा अपडेट: पिंक कार्ड से मुफ्त सफर, ब्लू और ऑरेंज कार्ड की पूरी जानकारी

नई दिल्ली दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने महिलाओं और 'ट्रांसजेंडर'को मुफ्त बस सफर का लाभ देने के लिए 'पिंक सहेली कार्ड' योजना की शुरुआत कर दी है। अब बिना कार्ड महिलाएं मुफ्त बस सफर का लाभ नहीं ले सकती हैं। 'पिंक सहेली' कार्ड बनवाने के लिए राजधानी में लगभग 50 सेंटर स्थापित किए जाएंगे। पिंक कार्ड कागज आधारित गुलाबी टिकट का स्थान लेगा। अरविंद केजरीवाल की अगुआई में आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में महिलाओं के लिए बस सफर को मुफ्त कर दिया था। भाजपा सरकार ने इसका लाभ जारी रखा, लेकिन पारदर्शिता बढ़ाने के लिए तरीके में बदलाव किया गया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता कई बार आरोप लगा चुकी हैं कि आम आदमी पार्टी के शासन में पिंक टिकट के जरिए भारी भ्रष्टाचार किया गया। दिल्ली सरकार की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, कार्ड जारी करने के लिए डीएम ऑफिस समेत करीब 50 केंद्र और दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के कुछ चयनित स्थानों को अधिकृत किया जाएगा। प्रत्येक पिंक कार्ड लाभार्थी के मोबाइल नंबर और आधार से जुड़ा होगा, जिससे आयु, लैंगिक पहचान और दिल्ली में निवास होने की पुष्टि की जा सकेगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने यहां आयोजित एक समारोह में 'पिंक नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड' और महिलाओं से जुड़ी दिल्ली सरकार की तीन अन्य कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत की। डीटीसी बस के अलावा मेट्रो और नमो भारत में भी होगा सफर योजना के तहत दिल्ली की निवासी पात्र महिलाएं डीटीसी बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। इसके अलावा इस कार्ड का उपयोग दिल्ली मेट्रो और रिजनल रेपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) सहित अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में सशुल्क यात्रा के लिए किया जा सकेगा। तीन रंग के कार्ड इस योजना के तहत तीन प्रकार के कार्ड जारी किए जाएंगे। पात्र महिला के लिए पिंक, सामान्य यात्रियों के लिए 'ब्लू' और मासिक पास के लिए 'ऑरेंज' कार्ड होंगे। पहले चरण में 'पिंक' और 'ब्लू' कार्ड जारी किए जाएंगे, जबकि 'ऑरेंज' कार्ड बाद में लाया जाएगा। डीटीसी ने कार्ड जारी करने के लिए 'हिंडन मर्केंटाइल लिमिटेड' (मुफिनपे) और 'एयरटेल पेमेंट्स बैंक लिमिटेड' को अधिकृत किया है। ये कार्ड राष्ट्रीय राजधानी के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क में मौजूदा स्वचालित किराया वसूली प्रणाली से एकीकृत होंगे। recent visitors 27

मत्स्य क्षेत्र में 30 कंपनियां करेंगी 1400 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश

वाराणसी, बाराबंकी, अमेठी समेत कई जनपदों में निवेश करेंगी बड़ी कंपनियां यूपी के दो हजार से ज्यादा युवाओं को जल्द मिलेंगे रोजगार के अवसर अन्य राज्यों के लिए प्रेरक बना उत्तर प्रदेश, मीन महोत्सव और मत्स्य निवेश शिखर सम्मेलन के जरिए यूपी में बढ़ रहे आय के नए अवसर लखनऊ, योगी सरकार अब मत्स्य विकास से भी यूपी के युवाओं को रोजगार के अवसर देगी। मत्स्य क्षेत्र में जल्द ही 30 कंपनियां 1407 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही हैं, जिससे प्रदेश के दो हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। इन निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए मत्स्य विभाग ने भी तैयारी प्रारंभ कर दी है। इन निवेश प्रस्तावों के माध्यम से उत्तर प्रदेश मत्स्य विभाग की कार्यप्रणाली अन्य राज्यों के लिए प्रेरक बन गई है। मत्स्य क्षेत्र में कई बड़ी कंपनियां वाराणसी, बाराबंकी, अमेठी समेत कई जनपदों में जल्द निवेश करेंगी। वाराणसी में 300 करोड़ रुपये का निवेश करेगी औरो सुंदरम दो दिन पहले हुए मीन महोत्सव में उत्तर प्रदेश मत्स्य विभाग को 1200 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले। वहीं दिसंबर में हुए मत्स्य निवेश शिखर सम्मेलन में भी 207 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। मीन महोत्सव (27-28 फरवरी) को मिले निवेश प्रस्ताव के मुताबिक औरो सुंदरम फूड्स एंड फीड्स प्राइवेट लिमिटेड 300 करोड़ रुपये वाराणसी में निवेश करेगी। इसी तरह, प्रोबस स्मार्ट थिंक्स प्राइवेट लिमिटेड, गोदरेज एग्रोवेट लिमिटेड तथा नेक्सजेन कंपनियां 200-200 करोड़ रुपये का निवेश करेंगी। दीपक नेक्सजेन फीड्स प्राइवेट लिमिटेड ने बाराबंकी में 100 करोड़ रुपये निवेश करने की इच्छा जताई है। कुल मिलाकर 30 कंपनियों की ओर से 1407 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। आंध्र प्रदेश की नेक्सजेन लगाएगी फिश प्रोसेसिंग प्लांट आंध्र प्रदेश की नेक्सजेन फीड्स प्राइवेट लिमिटेड उत्तर प्रदेश में फिश प्रोसेसिंग प्लांट लगाएगी। कंपनी ने उत्तर प्रदेश में 200 करोड़ रुपये निवेश करने की इच्छा जताई है। कंपनी के निदेशक दीपक श्रीनिवास ने उत्तर प्रदेश के औद्योगिक परिवेश की तारीफ की। उन्होंने बताया कि प्लांट में 150 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। यह प्लांट 2028 तक तैयार हो जाएगा। दीपक नेक्सजेन फीड्स प्राइवेट लिमिटेड के एवी सुब्रमण्यम ने बताया कि कंपनी बाराबंकी में फिश फीड प्लांट लगाएगी। 2027 तक पूरी होने वाली इस परियोजना में 100 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इससे 300 युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। उत्तर प्रदेश मत्स्य विभाग निवेश प्रस्तावों के माध्यम से बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराएगा। प्रदेश में पहली बार हुए मीन महोत्सव में आए उद्यमियों ने उत्तर प्रदेश में 1200 करोड़ रुपये का निवेश करने की इच्छा जताई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मत्स्य विकास की अपार संभावनाओं को बढ़ाने एवं विजन 2047 के लक्ष्यों को पूर्ण करने के उद्देश्य से विभाग तेजी से कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में पहली बार देश-प्रदेश के 5000 मत्स्य किसानों, उद्यमियों एवं वैज्ञानिकों को एक जगह एकत्र किया गया। 17-18 दिसंबर 2025 को हुए मत्स्य निवेश शिखर सम्मेलन में भी 207 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले। इससे दो हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। ये प्रस्ताव जल्द ही धरातल पर उतरेंगे।   धनलक्ष्मी के., महानिदेशक मत्स्य recent visitors 71

सेमीफाइनल में पहुंचने का रिकॉर्ड: ICC इवेंट्स में भारत ने फिर दिखाया दम

नई दिल्ली सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली टीम इंडिया टी20 वर्ल्ड कप कप 2026 के सेमीफाइनल में पहुंच गई है। डिफेंडिंग चैंपियन भारत ने वेस्टइंडीज को आखिरी सुपर-8 मैच में पांच विकेट से हराकर सेमीफाइनल का टिकट कटाया। ‘संकटमोचक’ संजू सैमसन ने कोलकाता के ईडन गार्डन्स में 196 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए यादगार पारी खेली। भारत का पांच मार्च को दूसरे सेमीफाइनल में इंग्लैंड से सामना होगा। यह मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा। भारत टी20 वर्ल्ड कप में छठी बार सेमीफाइनल खेलता हुआ नजर आएगा। वहीं, टूर्नामेंट के पहले सेमीफाइनल में चार मार्च को साउथ अफ्रीका की न्यूजीलैंड से भिड़ंत होगी। यह मैच ईडन गार्डन्स में होगा। भारतीय टीम ने कर दिया नया कमाल भारत ने एक नया कमाल किया है। भारत आईसीसी टूर्नामेंट में 20 बार सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई है। सबसे ज्यादा बार सेमीफाइनल में पहुंचने वाली टीमों की लिस्ट में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड संयुक्त रूप से दूसरे पायदान पर हैं। दोनों ने 18-18 बार ऐसा किया। ऑस्ट्रेलिया को मौजूदा टूर्नामेंट में शुरुआती चरण से बाहर होना पड़ा। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जिम्बाब्वे ने उलटफेर कर दिया था। इंग्लैंड और पाकिस्तान ने आईसीसी टूर्नामेंट में 16 मर्तबा सेमीफाइनल में जगह बनाई है। हालांकि, पाकिस्तान जारी टी20 वर्ल्ड कप में सुपर-8 चरण से आगे नहीं बढ़ सका। उपविजेता साउथ अफ्रीका ने 15 बार सेमीफाइनल एंट्री की है। ICC टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा बार सेमीफाइनल में पहुंचने वाली टीमें 20 – भारत 18 – ऑस्ट्रेलिया 18 – न्यूजीलैंड 16 – इंग्लैंड 16 – पाकिस्तान 15 – साउथ अफ्रीका 11 – श्रीलंका 11 – वेस्टइंडीज 1 – अफगानिस्तान 1 – बांग्लादेश 1 – केन्या 'हम सेमीफाइनल के हकदार थे' कप्तान सूर्यकुमार ने सेमीफाइनल में पहुंचने के बाद कहा, ''बहुत अच्छा लग रहा है। यह क्वार्टर फाइनल की तरह था। जिस तरह से टीम खेली, वह शानदार था। हम जिस तरह से पहले मैच से खेल रहे हैं, हम सेमीफाइनल के हकदार थे। अभी इसके बारे में नहीं सोचेंगे। मुंबई जाएंगे, और वहां जाकर ही देखेंगे कि क्या करना है।'' उन्होंने 50 गेंदों में नाबाद 97 रनों की पारी खेलने वाले संजू की तारीफ की। सूर्या ने कहा, ‘’मैं हमेशा कहता हूं कि अच्छे लोगों के साथ अच्छा ही होता है। संजू काफी मेहनत कर रहा था और इसका उसे फल मिला।'' वहीं, हेड कोच गौतम गंभीर ने इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल को लेकर कहा, ''इंग्लैंड एक विश्वस्तरीय टीम हैं। उनके पास कई बेहतरीन खिलाड़ी भी हैं और हम सभी जानते हैं कि वानखेड़े में खेलना आसान नहीं होता है। उम्मीद है कि हम अच्छा प्रदर्शन करेंगे।'' recent visitors 30

ओमान में तेल टैंकर पर ड्रोन हमला, मिडिल-ईस्ट युद्ध की चपेट में आया भारतीय नागरिक

नई दिल्ली मिडिल-ईस्ट में जारी युद्ध में एक भारतीय व्यक्ति की मौत हो गई है। ओमान में सोमवार को मार्शल द्वीपों के झंडे वाले तेल टैंकर MKD VYOM पर बम से लैस ड्रोन से हमला किया गया, जिसमें जहाज पर सवार एक भारतीय नाविक की मौत हो गई। ओमान न्यूज एजेंसी के अनुसार, यह हमला मस्कट के तट से दूर हुआ। हमले के चलते जहाज में आग लग गई और इंजन रूम में विस्फोट हुआ। जहाज पर कुल 21 क्रू मेंबर्स थे, जिनमें 16 भारतीय शामिल थे। बाकी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह हमला स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के निकट हुआ, जो फारस की खाड़ी का पतला रास्ता है। वैश्विक तेल व्यापार के लिए यह काफी अहम है। ओमान के मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर ने बताया कि टैंकर पर लगभग 59,463 मीट्रिक टन कार्गो था और हमला मस्कट से करीब 52 नॉटिकल मील दूर हुआ। यह घटना मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध के विस्तार का हिस्सा मानी जा रही है। इजरायल और अमेरिका ने हाल ही में ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर हवाई हमले शुरू किए हैं, जिसके जवाब में ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य के नजदीक आने वाले जहाजों को धमकी दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान ने कई हमलों को अंजाम दिया है, जिसमें ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल शामिल है। इस हमले को ईरान समर्थित ताकतों से जोड़ा जा रहा है, हालांकि अभी तक किसी ने स्पष्ट रूप से जिम्मेदारी नहीं ली है। यह क्षेत्र पहले भी समुद्री हमलों का गवाह रहा है, लेकिन मौजूदा संघर्ष के कारण तनाव और बढ़ गया है। इस हमले में भारत के व्यक्ति की मौत को अमेरिका-ईरान संघर्ष में पहली भारतीय हानि के रूप में देखा जा रहा है। ओमान ने हमले के बाद जहाज के चालक दल को सुरक्षित निकाल लिया है और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस तरह की घटनाएं अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर सवाल उठाती हैं और तेल की सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकती हैं। यह हमला क्षेत्रीय अस्थिरता को और गहरा करने वाला है, क्योंकि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल गुजरता है। ईरान और पश्चिमी देशों के बीच बढ़ते तनाव से समुद्री व्यापार प्रभावित हो रहा है। ओमान जैसे तटवर्ती देशों को ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है। विशेषज्ञ चिंता जता रहे हैं कि अगर ऐसे हमले जारी रहे तो ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर गंभीर असर पड़ सकता है।   recent visitors 33

यात्रियों का उफान! रेलवे स्टेशन पर उमड़ी भीड़, सीट न मिलने पर जनरल डिब्बों में चढ़ने की होड़

  होली के मौके पर यात्रियों की भारी भीड़ के कारण धनबाद रेलवे स्टेशन पर बीते रविवार रात अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सीट कन्फर्म नहीं होने से परेशान लोग जनरल डिब्बों की ओर दौड़ पड़े, जिससे हालात बेकाबू हो गए। बीते रविवार रात करीब 9:50 बजे जैसे ही हटिया-गोरखपुर मौर्य एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म पर पहुंची, जनरल बोगियों में चढ़ने के लिए यात्रियों में होड़ मच गई। लंबी वेटिंग लिस्ट के कारण जिन लोगों की सीट कन्फर्म नहीं हो सकी, वे भी किसी तरह ट्रेन में चढ़ने की कोशिश करने लगे। हालात ऐसे थे कि जनरल डिब्बों में पैर रखने तक की जगह नहीं बची थी। कई यात्री स्लीपर कोच में घुस गए, जिससे वहां भी जनरल जैसी भीड़ हो गई। लोग सीटों के बीच फर्श पर, दरवाजों पर और शौचालय के पास खड़े होकर सफर करने को मजबूर दिखे। वहीं दर्जनों यात्री ट्रेन में चढ़ नहीं सके और प्लेटफॉर्म पर ही रह गए। RPF की टीम करती रही अपील भीड़ का असर महिला और दिव्यांग कोच पर भी पड़ा। महिला कोच में पुरुषों के घुसने से हंगामा हुआ, जबकि दिव्यांग बोगी में आम यात्रियों के चढ़ जाने से दिव्यांग यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस दौरान आरपीएफ की टीम लोगों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील करती रही, लेकिन त्योहार पर घर पहुंचने की जल्दबाजी में कई लोग नियमों की अनदेखी करते नजर आए। होली के कारण ट्रेनों में बढ़ी भीड़ ने रेलवे प्रशासन की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।   recent visitors 31

‘हम नहीं दे रहे आदेश’—खामेनेई की खबरों के बीच IRGC की कार्रवाई पर ईरानी मंत्री का चौंकाने वाला दावा

ईरान ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमले के बाद वहां के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) अब स्वतंत्र होकर बदले की कार्रवाई कर रही है और हमले कर रही है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघाची ने दावा किया है कि ओमान पर हमला करना देश की प्राथमिकता और च्वाइस में शामिल नहीं था लेकिन IRGC ने उस पर हमले किए। इससे इस बात की संभावना जोर पकड़ने लगी है कि क्या ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद IRGC के सैनिक बेकाबू हो चले हैं। बता दें कि IRGC ईरान का सबसे शक्तिशाली और विशिष्ट सैन्य संगठन है, जिसे ईरानी क्रांति के बाद 1979 में स्थापित किया गया था। ईरान के पास दो अलग-अलग सेनाएं हैं। एक पारंपरिक सेना (Artesh) जो सीमाओं की रक्षा करती है, और दूसरी IRGC, जिसका मुख्य कार्य ईरान की 'इस्लामिक व्यवस्था' और क्रांति की रक्षा करना है। यह संगठन सीधे ईरान के सर्वोच्च नेता (Supreme Leader) के प्रति जवाबदेह होता है। इसकी अपनी थल सेना, नौसेना और वायु सेना (एयरोस्पेस फोर्स) है। इसके अलावा, इसमें दो महत्वपूर्ण इकाइयाँ कुद्स फोर्स और बसीज शामिल हैं। सुप्रीम लीडर को रिपोर्ट करता है IRGC IRGC ईरान के सुप्रीम लीडर को रिपोर्ट करता है, यह पद अयातुल्लाह अली खामेनेई के पास था, जब तक कि वह US-इज़राइल हमले के दौरान मारे नहीं गए। इसका मतलब है कि IRGC अब बिना हेड के है और स्वतंत्र रूप से काम कर रहा है। ईरानी विदेश मंत्री का बयान भी इस बात की तस्दीक कर रहा है। "हमारी पसंद नहीं" ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघाची ने अल जज़ीरा के साथ एक इंटरव्यू के दौरान यह चौंकाने वाली बात कही है। ओमान पोर्ट को टारगेट करके किए गए स्ट्राइक के बारे में पूछे जाने पर, उन्होंने कहा, "ओमान में जो हुआ वह हमारी पसंद नहीं थी। हमने पहले ही अपनी सेना को बता दिया है कि वे अपने चुने हुए टारगेट के बारे में सावधान रहें।" उन्होंने कहा, “असल में, हमारी मिलिट्री यूनिट अब असल में इंडिपेंडेंट और किसी तरह अलग-थलग हैं, और वे पहले से दिए गए इंस्ट्रक्शन – आप जानते हैं, जनरल इंस्ट्रक्शन – के आधार पर काम कर रही हैं।” अऱाघाची का यह बयान अहम है। इसका सीधा मतलब है कि IRGC ईरानी सरकार के ऑर्डर पर काम नहीं कर रहा है, बल्कि खामेनेई के अपनी हत्या से पहले दिए गए निर्देशों के अनुसार काम कर रहा है। एसोसिएटेड प्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, अराघाची की बातों को हमलों के बहाने के तौर पर भी देखा जा सकता है, क्योंकि तेहरान खाड़ी में अपने पड़ोसियों के साथ तनाव कम करने की कोशिश कर रहा है। ईरानी क्रांति के बाद बनी थी IRGC IRGC, जिसे ईरानी क्रांति के बाद मई 1979 में रूहोल्लाह खुमैनी ने बनाया था, पारंपरिक ईरानी आर्मी से अलग है। BBC की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 1979 में राज बदलने के बाद, ईरान के रूलिंग मौलवियों ने एक नया संविधान पेश किया था, जिसमें ईरान की सीमाओं की रक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक रेगुलर मिलिट्री (आर्टेश) और ईरान में इस्लामिक सिस्टम की रक्षा के लिए एक अलग रिवोल्यूशनरी गार्ड (पासदारन) दोनों का इंतजाम किया गया था।   recent visitors 29