Royal Enfield का दबदबा कायम, सितंबर में 11% बढ़ी सेल्स, इस बाइक को ज्यादा खरीद रहे लोग

नई दिल्ली मोटरसाइकिल बनाने वाली कंपनी रॉयल एनफील्ड ने सितंबर में 86,978 गाड़ियां बेचीं, जो सालाना आधार पर 11 प्रतिशत वृद्धि है। पिछले साल सितंबर में कंपनी ने 78,580 गाड़ियां बेची थीं। रॉयल एनफील्ड ने बयान में कहा कि समीक्षाधीन अवधि में घरेलू बाजार में वाहन बिक्री सात प्रतिशत बढ़कर 79,326 इकाई रही, जो पिछले साल समान माह में 74,261 इकाई थी। कंपनी ने बताया कि निर्यात सितंबर, 2024 में बढ़कर 7,652 इकाई हो गया, जो पिछले साल समान माह में 4,319 इकाई था। रॉयल एनफील्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) बी गोविंदराजन ने कहा, “हमने अपने हालिया पेशकश के कारण सितंबर के महीने में लगातार वृद्धि दर्ज की है। इस साल क्लासिक 350 ने चालकों के बीच अपनी प्रतिष्ठित स्थिति और लोकप्रियता को मजबूत करना जारी रखा है और अच्छा प्रदर्शन कर रही है।” इस बाइक की सबसे ज्यादा डिमांड कंपनी ने बताया कि निर्यात सितंबर, 2024 में बढ़कर 7,652 इकाई हो गया, जो पिछले साल समान माह में 4,319 इकाई था. रॉयल एनफील्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) बी गोविंदराजन ने कहा कि हमने अपने हालिया पेशकश के कारण सितंबर के महीने में लगातार वृद्धि दर्ज की है. इस साल क्लासिक 350 ने चालकों के बीच अपनी प्रतिष्ठित स्थिति और लोकप्रियता को मजबूत करना जारी रखा है और अच्छा प्रदर्शन कर रही है. Bajaj Auto की बिक्री बढ़ी बजाज ऑटो की वाहन बिक्री देखें तो घरेलू दोपहिया वाहनों की बिक्री 2,59,333 इकाई रही, जो पिछले साल इसी महीने में 2,02,510 इकाइयों से 28 प्रतिशत अधिक है. निर्यात सालाना आधार पर 13 प्रतिशत अधिक 1,41,156 इकाई रहा, जबकि सितंबर 2023 में 1,25,202 इकाई था. वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री पिछले महीने छह प्रतिशत बढ़कर 69,042 इकाई हो गई, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 64,846 इकाई थी. Hero MotoCorp की सेल्स दोपहिया वाहन खंड की शीर्ष कंपनी हीरो मोटोकॉर्प ने पिछले महीने 6,37,050 वाहनों की बिक्री की जो सालाना आधार पर 19 प्रतिशत अधिक है. सितंबर, 2023 में हीरो ने डीलरों को 5,36,499 इकाइयां भेजी थीं. बजाज ऑटो की घरेलू बिक्री पिछले साल सितंबर में बेची गई 2,53,193 इकाइयों से 23 प्रतिशत बढ़कर 3,11,887 वाहन हो गई. वहीं होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया ने कहा कि घरेलू बाजार में इसकी थोक बिक्री एक साल पहले के 4,91,802 इकाइयों से बढ़कर 5,36,391 इकाई हो गई.   recent visitors 86

उत्तरी इज़रायल में, 60,000 से अधिक लोग अपने घरों से विस्थापित हुए : संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र  इजरायल और लेबनान के बीच बढ़ते तनाव और इजरायली सेना की ओर से जारी निकासी आदेशों के कारण दो लाख से ज्यादा लोग दक्षिणी लेबनान से विस्थापित हो गए हैं, जिनमें से एक लाख से ज्यादा लोग सीरिया गये हैं। यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र के एक प्रवक्ता ने  दी। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के मुख्य प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (ओसीएचए) ने चेतावनी दी है कि विस्थापित लोगों की संख्या बढ़ने का अनुमान है, क्योंकि इजरायली रक्षा बल ने सोमवार और  बीच दक्षिण लेबनान के 30 गांवों सहित कई जगहों के लिए निकासी के आदेश जारी किए हैं। प्रवक्ता ने दैनिक विवरण में कहा कि उत्तरी इज़रायल में, 60,000 से अधिक लोग अपने घरों से विस्थापित हुए हैं। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी अपनी आपातकालीन प्रतिक्रिया को लगातार बढ़ा रही है और लेबनान में विस्थापित लोगों के लिए अपनी प्रतिक्रिया में तत्काल मानवीय एवं सुरक्षा सहायता प्रदान करने के लिए भागीदारों के साथ काम कर रही है। संयुक्त राष्ट्र और उसके सहयोगी भोजन, बच्चों के लिए पोषण, पानी, बिस्तर और स्वच्छता किट जैसी अन्य आवश्यक वस्तुएं प्रदान कर लेबनानी सरकार की प्रतिक्रिया का समर्थन कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र बाल कोष ने आवश्यक आपूर्ति के साथ 50,000 विस्थापितों को शरण देने वाले लगभग 200 सामूहिक आश्रयों का समर्थन किया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने जारी एक बयान में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से 42.6 करोड़ अमेरिकी डॉलर की आपातकालीन मानवीय सहायता का तत्काल समर्थन देने की अपील की। दुजारिक ने कहा कि हमारे मानवतावादी सहयोगियों का मानना है कि इस पैसे का लक्ष्य अगले तीन महीनों के लिए 10 लाख लोगों को मानवीय सहायता प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि लेबनान में मानवतावादी समन्वयक इमरान रिज़ा ने चेतावनी दी है कि मानवतावादी सहयोगियों काे पर्याप्त संसाधनों के बिना पूरे देश की आबादी को उस सहायता के बिना उनके हाल पर छोड़ना पड़ेगा, जिसकी उन्हें तत्काल आवश्यकता है।       recent visitors 99

आरपी सिंह ने कहा जेक फ्रेजर-मैकगर्क को आईपीएल 2025 की मेगा नीलामी से पहले दिल्ली कैपिटल्स रिटेन करेगी

फ्रेजर-मैकगर्क को दिल्ली कैपिटल्स रिटेन करेगी: आरपी सिंह दिल्ली कैपिटल्स की टीम बल्लेबाज फ्रेजर-मैकगर्क को भविष्य के लिए तैयार करना चाहती है : आरपी सिंह  आरपी सिंह ने कहा जेक फ्रेजर-मैकगर्क को आईपीएल 2025 की मेगा नीलामी से पहले दिल्ली कैपिटल्स रिटेन करेगी नई दिल्ली भारत के पूर्व बाएं हाथ के तेज गेंदबाज आरपी सिंह ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ऑस्ट्रेलिया के बड़े हिट वाले सलामी बल्लेबाज जेक फ्रेजर-मैकगर्क को आईपीएल 2025 की मेगा नीलामी से पहले दिल्ली कैपिटल्स रिटेन करेगी। दिल्ली कैपिटल्स की टीम इस युवा बल्लेबाज को भविष्य के लिए तैयार करना चाहती है। फ्रेजर-मैकगर्क को एक सलामी बल्लेबाज के रूप में डेविड वॉर्नर के उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि उन्होंने इस साल आईपीएल के दौरान दिल्ली कैपिटल्स के लिए 234.04 की स्ट्राइक रेट के साथ 330 रन बनाए थे। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से डेविड वॉर्नर के संन्यास लेने के बाद ऑस्ट्रेलिया के लिए उनका प्रदर्शन शुरुआती दौर में अच्छा नहीं रहा , लेकिन फ्रेजर-मैकगर्क ने इंग्लैंड के खिलाफ टी20 में अर्धशतक जड़कर कमबैक किया, और उन्होंने सभी को उस क्षमता की याद दिलाई जो उन्हें कैपिटल्स के लिए रिटेंशन का दावेदार बनाती है। आरपी सिंह ने जियोसिनेमा से कहा, “फ्रेजर-मैकगर्क अपनी अलग खेल शैली और इस फ्रैंचाइजी पर उनके प्रभाव के कारण निश्चित रूप से बने रहेंगे। ऋषभ पंत को कप्तान के रूप में बरकरार रखा जाएगा। दो स्पिनर, अक्षर पटेल और कुलदीप यादव टीम में बने रहेंगे। अन्य के लिए, आप आरटीएम का उपयोग कर सकते हैं क्योंकि कई फ्रेंचाइजी आरटीएम का उपयोग करने की उम्मीद में खिलाड़ियों को रिलीज करती हैं।” आईपीएल 2025 की मेगा ऑक्शन से पहले टीमों के लिए अपने रिटेंशन को अंतिम रूप देने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर है। दस आईपीएल फ्रेंचाइजी अपनी आईपीएल 2024 टीम से अधिकतम छह खिलाड़ियों को रिटेन कर सकती हैं, जिसमें ज्यादा से ज्यादा पांच कैप्ड खिलाड़ी (भारतीय और विदेशी) और अधिकतम दो अनकैप्ड खिलाड़ी शामिल हैं।     recent visitors 84

04 अक्टूबर को रिलीज होगी यश कुमार की फिल्म हाथी मेरे साथी

मुंबई,  भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार यश कुमार की बहुप्रतीक्षित फिल्म हाथी मेरे साथी, 04 अक्टूबर को रिलीज होगी। फिल्म हाथी मेरे साथी, यश कुमार के होम प्रोडक्शन यश कुमार एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनाई गई है।यश कुमार ने कहा, फिल्म 'हाथी मेरे साथी' मेरे दिल के बेहद करीब है। यह सिर्फ एक एक्शन फिल्म नहीं है, बल्कि इसमें जानवरों और इंसानियत के बीच के रिश्ते को संवेदनशील ढ़ंग से दिखाने की कोशिश की गई है। मुझे उम्मीद है कि दर्शकों को यह फिल्म जरूर पसंद आएगी और वे इसके संदेश को समझेंगे। पूरी टीम ने फिल्म के लिये कड़ी मेहनत की है। मैं आभारी हूं कि मेरे प्रशंसक हमेशा मेरे साथ खड़े रहे हैं और इस फिल्म के लिए भी मुझे उनसे वैसा ही प्यार और समर्थन मिलेगा। फिल्म के निर्देशक संजय श्रीवास्तव ने बताया कि हाथी मेरे साथी एक दिल को छू लेने वाली कहानी है, जिसमें दमदार एक्शन के साथ-साथ जानवरों और इंसानियत के संवेदनशील पहलुओं को बखूबी दर्शाया गया है। फिल्म हाथी मेरे साथी में यश कुमार के साथ रक्षा गुप्ता, अमित शुक्ला, बालेश्वर सिंह, सूर्या द्विवेदी, और पूजा गुप्ता जैसे कलाकार महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे।फिल्म की पटकथा और संवाद राकेश त्रिपाठी ने लिखे हैं, जबकि जहांगीर सैय्यद ने इसकी सिनेमैटोग्राफी की है। फिल्म के एडिटर गुरजंट सिंह हैं, और नृत्य निर्देशन प्रवीण शेलार ने किया है। संगीत मुन्ना दुबे ने तैयार किया है, और गानों के बोल राजेश मिश्रा और शेखर मधुर ने लिखे हैं। गायक आलोक कुमार, प्रियंका सिंह, और जतिंद्र सिंह हैं। recent visitors 126

तुर्की ने सीरिया और इराक में किया भीषण हमला, 13 की मौत

अंकारा  तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि देश की सेना ने उत्तरी इराक और उत्तरी सीरिया में अभियान चलाकर 13 ‘आतंकवादियों’ को मार गिराया है।रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उत्तरी इराक में तुर्की के ऑपरेशन क्लॉ-लॉक में प्रतिबंधित कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (पीकेके) के 11 सदस्य मारे गए। समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, 2022 में तुर्की ने देश की सीमा के पास उत्तरी इराक के मेतीना, जैप और अवाशिन-बसयान क्षेत्रों में पीकेके के ठिकानों को निशाना बनाने के लिए ऑपरेशन क्लॉ-लॉक शुरू किया था। मंत्रालय ने कहा कि उत्तरी सीरिया में एक अलग ऑपरेशन में तुर्की की सेना ने सीरियाई कुर्द पीपुल्स प्रोटेक्शन यूनिट्स (वाईपीजी) के दो सदस्यों को मार गिराया। मंत्रालय के अनुसार, वाईपीजी सदस्यों को तुर्की सेना के ऑपरेशन पीस स्प्रिंग क्षेत्र में देखा गया था। तुर्की अधिकारी अक्सर अपने बयानों में ‘निष्प्रभावी’ (न्यूट्रलाइज्ड) शब्द का प्रयोग यह दर्शाने के लिए करते हैं कि संबंधित ‘आतंकवादियों’ ने आत्मसमर्पण कर दिया, मारे गए या पकड़ लिए गए। तुर्की सेना, पीकेके और वाईपीजी के ठिकानों को निशाना बनाने के लिए इराक और सीरिया में सीमा पार ऑपरेशन चला रही है। तुर्की सेना ने पड़ोसी देश के साथ अपनी सीमा पर वाईपीजी-फ्री जोन बनाने के लिए उत्तरी सीरिया में 2016 में ऑपरेशन यूफ्रेट्स शील्ड, 2018 में ऑपरेशन ओलिव ब्रांच, 2019 में ऑपरेशन पीस स्प्रिंग और 2020 में ऑपरेशन स्प्रिंग शील्ड शुरू किया था। तुर्की, संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ द्वारा आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध पीकेके ने तीन दशकों से अधिक समय तक तुर्की सरकार के खिलाफ विद्रोह किया है। तुर्की वाईपीजी समूह को पीकेके की सीरियाई शाखा के रूप में देखता है।   recent visitors 67

अभी भी लोगो के पास है 2000 रुपये के 7,117 करोड़ रुपये के नोट, RBI ने दी जानकारी

नई दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बताया कि 2000 रुपये के 98% नोट वापस आ चुके हैं, जबकि अभी भी 7,117 करोड़ रुपये के नोट लोगों के पास बचे हुए हैं। अक्टूबर 2024 में जारी आंकड़ों के अनुसार, नोटों की वापसी की रफ्तार धीमी हो गई है। प्रमुख बातें: कब और क्यों बंद हुए: 19 मई 2023 को क्लीन नोट पॉलिसी के तहत 2000 रुपये के नोट वापस लेने का निर्णय लिया गया था। वापसी की समयसीमा: 23 मई से 30 सितंबर 2023 तक नोट जमा करने की समयसीमा थी, लेकिन इसे कई बार बढ़ाया गया। अभी भी जमा कर सकते हैं नोट: 2000 रुपये के नोट अब सिर्फ आरबीआई की 19 क्षेत्रीय शाखाओं और डाकघरों में जमा कराए जा सकते हैं। नोट वापसी के आंकड़े: मई 2023 में बाजार में: 3.56 लाख करोड़ रुपये के नोट थे। सितंबर 2024 तक: 7,000 करोड़ रुपये के नोट वापस नहीं हुए हैं। आरबीआई ने 2018-19 से 2000 रुपये के नोटों की छपाई बंद कर दी थी क्योंकि बाजार में अन्य मूल्यवर्ग के नोट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो चुके थे। recent visitors 84

भारतीय खो-खो महासंघ ने अंतर्राष्ट्रीय खो-खो फेडरेशन के सहयोग से 2025 में भारत में पहले खो खो विश्वकप के आयोजन का ऐलान किया

नई दिल्ली भारत में अगले साल खो-खो विश्व कप का आयोजन किया जायेगा जिसमें छह महाद्वीपों के 24 देश हिस्सा लेंगे। भारतीय खो-खो महासंघ ने अंतर्राष्ट्रीय खो-खो फेडरेशन के सहयोग से 2025 में भारत में पहले खो खो विश्वकप के आयोजन का ऐलान किया है जिसमें छह महाद्वीपों के 24 देश भाग लेंगे। इसमें 16 पुरुष और 16 महिला टीमें भाग लेंगी। खो-खो की जड़ें भारत में हैं। आज, यह खेल जो मिट्टी से शुरू हुआ और मैट पर आ गया है और दुनिया भर में 54 देशों के साथ वैश्विक उपस्थिति बना चुका है। विश्व कप से पहले खेल को बढ़ावा देने के लिए भारतीय खो-खो महासंघ 10 शहरों के 200 एलीट स्कूलों में खेल को ले जाने की योजना बना रहा है। महासंघ स्कूली छात्रों के लिए सदस्यता अभियान भी चलाएगा, जिसका उद्देश्य विश्व कप से पहले कम से कम 50 लाख खिलाड़ियों को पंजीकृत करना है। भारतीय खो-खो महासंघ के अध्यक्ष सुधांशु मित्तल ने कहा,“हम पहले खो-खो विश्व कप की मेजबानी करने के लिए बेहद उत्साहित हैं। यह टूर्नामेंट सिर्फ़ प्रतिस्पर्धा की मिसाल नहीं बनेगा बल्कि यह देशों को एक साथ लाने, सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने और दुनिया को खो-खो की सुंदरता और तीव्रता दिखाने का काम करेगा। हमारा अंतिम लक्ष्य 2032 तक खो-खो को ओलंपिक खेल के रूप में मान्यता दिलाना है और यह विश्व कप उस सपने की ओर पहला कदम है।” इस टूर्नामेंट में एक हफ़्ते तक चलने वाले मैचों की श्रृंखला होगी, जिसमें दुनिया भर के शीर्ष-स्तरीय एथलीट अपने कौशल, चपलता और टीमवर्क का प्रदर्शन करेंगे। इस बीच, खो-खो विश्व कप का उद्देश्य इस स्वदेशी भारतीय खेल को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर पहुंचाना है। इस ऐतिहासिक टूर्नामेंट की मेजबानी करके, केकेएफआई 2032 संस्करण तक ओलंपिक खेलों में खो-खो की जगह सुरक्षित करने की इच्छा रखता है, जो खेल के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।     recent visitors 78