खुली पहली ‘प्रभारी मंत्री की खिड़की’, अब आमजन आसानी से कर सकेंगे शिकायत

First 'Incharge Minister's Window' opened, now common people will be able to complain easily

First ‘Incharge Minister’s Window’ opened, now common people will be able to complain easily रतलाम ! प्रदेश में जनता की समस्या सुनने और उसका समाधान करने के लिए सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई जैसी योजनाएं चल रही थी. वहीं अब ‘प्रभारी मंत्री की खिड़की’ भी इसी प्रकार की समस्याओं को हल करने के लिए खोली जा रही है. प्रदेश के रतलाम में सबसे पहले प्रभारी मंत्री की खिड़की खुली है. रतलाम कलेक्टर राजेश बाथम ने बताया कि जिले के प्रभारी मंत्री विजय शाह ने निर्देश दिए थे कि जिले में एक ऐसी जन शिकायत, जन समस्या निवारण संबंधी खिड़की होनी चाहिए, जिसमें आम लोगों की शिकायतों का समाधान हो सके. इसी को देखते हुए ‘प्रभारी मंत्री की खिड़की’ नाम से जन शिकायत के समाधान के लिए यह व्यवस्था शुरू की गई है. यह समस्या निवारण केंद्र प्रतिदिन सुबह 11:00 से शाम 5:00 बजे तक चालू रहेगा. कलेक्टर राजेश बाथम के मुताबिक, प्रभारी मंत्री की खिड़की नाम से जो शिकायत निवारण केंद्र शुरू किया गया है, उसमें सभी विभागों से जुड़ी समस्या या शिकायत आम लोग कर सकते हैं. कलेक्टर ने बताया कि शुक्रवार से यह व्यवस्था शुरू कर दी गई है. इसमें शिकायतें भी आना शुरू हो गई है. जानकारी के मुताबिक, कलेक्टर कार्यालय में प्रतिदिन लोगों के आवेदन को स्कैन कर प्रभारी मंत्री को ईमेल किया जाएगा. वहीं संबंधित विभाग को भी कार्रवाई के लिए आवेदन की प्रति भेजी जाएगी. प्रभारी मंत्री की खिड़की खुलने के बाद आवेदन आने का सिलसिला भी शुरू हो चुका है. शुक्रवार दोपहर तक पांच आवेदन इस विंडो पर आ चुके हैं. इस तरह की और भी कई योजनाएंजन समस्या का निवारण करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने कई योजनाएं चला रखी है. इसके तहत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और प्रति मंगलवार होने वाली जनसुनवाई प्रमुख रूप से शामिल है. इसके अलावा आमतौर पर प्रतिदिन ही प्रशासनिक और पुलिस विभाग के कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा आम लोगों की समस्याओं का निवारण किया जाता है. recent visitors 197

मध्य प्रदेश: सोयाबीन पॉलिटिक्स के बीच में पिस्ता किसान , किसानों की आप बीती

Madhya Pradesh: Pistachio farmers in the midst of soybean politics, AAP of farmers

Madhya Pradesh: Pistachio farmers in the midst of soybean politics, AAP of farmers MP Soyabean MSP Rate: मध्य प्रदेश में सोयाबीन को किसानों का सोना कहा जाता है, लेकिन पिछले कुछ सालों से सोयाबीन के दाम नहीं बढ़ने की वजह से यह घाटे की फसल साबित हो रही थी. इस बार सरकार ने समर्थन मूल्य को निर्धारित करते हुए किसानों को बड़ी राहत पहुंचाने का काम किया है. मध्य प्रदेश में किसानों को लेकर लंबे समय से बीजेपी और कांग्रेस के बीच सियासत होती आई है. कांग्रेस का कहना है कि सोयाबीन के दाम को लेकर 6000 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य लागू होना चाहिए, जबकि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने 4892 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर सोयाबीन खरीदने की एमएसपी लागू होने की बात कही है. इस राजनीति के बीच किसानों से माइ सीक्रेट न्यूज़ टीम ने बातचीत की तो उन्होंने अपनी अलग ही कहानी बयां कर दी. किसान जानकी पटेल ने बताया कि सरकार द्वारा 4892 रुपये प्रति क्विंटल का जो भाव तय किया है, वह उचित है. अभी वर्तमान में सोयाबीन की फसल 3500 रुपये से 4000 रुपये प्रति क्विंटलल तक बिक रही थी. उन्होंने बताया कि समर्थन मूल्य उचित है. किसानों को इससे नुकसान नहीं होगा. सोयाबीन 6000 रुपये तक पहुंचाना आवश्यकअन्य किसान ने कहा कि सोयाबीन के दाम वर्तमान में 6000 रुपये प्रति क्विंटल होना चाहिए. किसान का कहना है कि साल 2012 से अभी तक सोयाबीन के दाम नहीं बढ़े हैं, जबकि बाजार में सभी वस्तुओं के दाम लगभग दो गुना तक पहुंच गए हैं. ऐसी स्थिति में सोयाबीन के दाम 6000 रुपये होना चाहिए. हालांकि अर्जुन का कहना है कि वह सरकार द्वारा तय किए गए समर्थन मूल्य का भी स्वागत करता है. एक बीघा में आता है 9000 रुपये का खर्चकिसान विजय पटेल का कहना है कि एक बीघा जमीन पर सोयाबीन की फसल लेने में लगभग 9000 रुपये का खर्च आता है, जबकि मौसम साथ दे तो ढाई से तीन क्विंटल सोयाबीन की पैदावार हो जाती है. छोटे किसान को सोयाबीन से काफी उम्मीद रहती है. वर्तमान में कई मंडियों में 3500 रुपये क्विंटल सोयाबीन बिक रही थी, जिससे किसानों को काफी नुकसान हो रहा था. recent visitors 137

इंदौर के उपचुनाव में जीती भाजपा, चार हजार वोट से कांग्रेस प्रत्याशी को हराया

BJP wins Indore by-election, defeats Congress candidate by four thousand votes

BJP wins Indore by-election, defeats Congress candidate by four thousand votes इंदौर नगर निगम के वार्ड 83 के उप चुनाव में भाजपा प्रत्याशी की जीत हो गई है। भाजपा के जीतू राठौर को 6490 और कांग्रेस के उम्मीदवार विकास जोशी को 2235 वोट मिले हैं। भाजपा उम्मीदवार 4255 वोटों से चुनाव जीत गए हैं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी राजेंद्र रघुवंशी ने बताया कि मतगणना के लिए 15 टीमें बनाई थी। 11 टेबलों पर गणना हुई और 4 टीमें रिजर्व में थीं। शुक्रवार को नेहरू स्टेडियम में मतगणना सुबह 9 बजे शुरू हुई। मतदाताओं ने रुचि नहीं दिखाईपार्षद कमल लड्ढा के निधन के बाद यहां उपचुनाव हुए हैं। बुधवार को वोटिंग हुई थी। भाजपा से जीतू राठौर, कांग्रेस विकास जोशी सहित 6 उम्मीदवारों मैदान में थे। इस उप चुनाव में खास बात यह रही की भाजपा का गढ़ कहे जाने वाले इस वार्ड में मतदाताओं ने चुनाव में ज्यादा रुचि नहीं दिखाई। इस वार्ड में 11 सितंबर को 41.32 प्रतिशत ही मतदान हुआ। जो पिछली बार से कम है। 21 हजार 700 मतदाताओं में से महज 8900 वोटर्स ने ही वोट डाले। कमल लड्ढा 8 हजार वोट से जीते थेइंदौर नगर निगम चुनाव में कमल लड्ढा की जीत सबसे बड़ी जीत थी। बता दें कि इस वार्ड में अब लड्ढा के निधन के बाद यहां उपचुनाव हुआ है। 2022 में हुए चुनाव में इस वार्ड से बीजेपी के कमल लड्ढा की जीत 8803 वोट से हुई थी। कमल लड्ढा को उस समय 11 हजार 280 वोट मिले थे। वहीं उनके प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के आशीष लाहोटी को 2 हजार 477 वोट मिले थे। वहीं वार्ड 83 के बाद सबसे बड़ी जीत वार्ड 81 में बीजेपी के अभिषेक बबलू शर्मा की हुई थी। शर्मा 8 हजार 696 वोट से जीते थे। recent visitors 154

थाने से मात्र 200 मीटर दूर लुटेरों ने की लूटपाट एवं दंपति पर किया हमला ,बुजुर्ग की मौत, पत्नी घायल

Just 200 meters away from the police station, robbers looted and attacked a couple, elderly man died, wife injured

Just 200 meters away from the police station, robbers looted and attacked a couple, elderly man died, wife injured. टीकमगढ़ ! बड़ागांव में बीती रात बुजुर्ग दंपति के घर में घुसकर बदमाशों ने लूटपाट की और बुजुर्ग की धारदार हथियार से हत्या कर दी। बदमाशों ने बुजुर्ग की पत्नी पर भी हमला किया, जिसमें वे गंभीर रूप घायल हो गई। जिन्हें इलाज के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। वारदात से गुस्साए लोगों ने टीकमगढ़-सागर मार्ग पर जाम लगा दिया। जानकारी के अनुसार, जिले के बड़ा गांव नगर में बीती रात पुलिस थाने से 200 मीटर की दूरी पर रहने वाले बुजुर्ग दंपति के घर में बदमाश घुसे और उन पर कातिलाना हमला कर दिया। इस घटना में ब्रतीचंद्र जैन (70) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी आशा जैन घायल हो गई हैं। उन्हें टीकमगढ़ जिला चिकित्सालय रेफर किया गया है। पुलिस द्वारा समय पर कार्रवाई न किए जाने से नाराज स्थानीय लोगों ने सुबह टीकमगढ़-सागर हाईवे पर जाम लगा दिया है। उनका कहना है कि नगर में लगातार चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन पुलिस कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बड़ा गांव पुलिस थाने की प्रभारी रात के समय टीकमगढ़ में निवास करती हैं, उनके बड़ा गांव में नहीं रहने के कारण अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। लोगों ने लगाया जामबुजुर्ग दंपति के घर में लूटपाट और हत्या की घटना से नाराज स्थानीय लोगों ने सुबह से टीकमगढ़-सागर हाईवे पर जाम लगा दिया है। खबर लिखे जाने तक जाम जारी था। स्थानीय लोगों की मांग है कि जब तक बड़ा गांव पुलिस थाने की प्रभारी पर कार्रवाई नहीं होती और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक जाम जारी रहेगा। टीकमगढ़ के पुलिस अधीक्षक रोहित ने बताया कि इस घटना में बुजुर्ग ब्रतीचंद्र जैन की मौत हो गई है और उनकी पत्नी घायल हैं। सूचना मिलने पर वह स्वयं घटनास्थल पर जा रहे हैं। अकेले रहते थे बुजुर्ग दंपत्तिस्थानीय लोगों ने बताया कि बुजुर्ग दंपति पुलिस थाने से 200 मीटर की दूरी पर अकेले रहते थे। बीती रात करीब 1:00 बजे बदमाश उनके घर में घुसे, लूटपाट की और बुजुर्ग की हत्या कर दी, जबकि उनकी पत्नी को घायल कर दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि थाना की 200 मीटर की दूरी पर होने के बावजूद पुलिस का अपराधियों में कोई भय नहीं है, जिसके कारण यह घटना घटी है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। बुजुर्ग दंपति के बच्चे बाहर रहते हैं। recent visitors 306

शराब घोटाले मामले में अरविंद केजरीवाल को राहत, सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत

Arvind Kejriwal gets relief in liquor scam case, gets bail from Supreme Court

Arvind Kejriwal gets relief in liquor scam case, gets bail from Supreme Court दिल्ली ! सुप्रीम कोर्ट आबकारी नीति घोटाले मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की दो याचिकाओं पर आज यानी शुक्रवार को फैसला सुनाया। पहली याचिका पर कोर्ट ने सीबीआई की गिरफ्तारी को वैध माना। वहीं, दूसरी याचिका पर फैसला सुनाते हुए र्ब्ट ने केजरीवाल को जमानत दे दी। दरअसल, केजरीवाल ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से दर्ज भ्रष्टाचार के मामले में अपनी गिरफ्तारी और जमानत से दिल्ली हाईकोर्ट के इनकार को चुनौती देते हुए दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की थीं। न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने दोनों याचिकाओं पर फैसला सुनाया। पीठ में न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइंया भी शामिल हैं। पीठ ने पांच सितंबर को केजरीवाल की याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। सीबीआई ने इस मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख को 26 जून को गिरफ्तार किया था। recent visitors 263

पुरानी शैली बदलें, पूरी संवेदनशीलता के साथ जनता की समस्याओं का निराकरण करें – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

solve the problems of the public with full sensitivity - Chief Minister Vishnu Dev Sai

Change the old style, solve the problems of the public with full sensitivity – Chief Minister Vishnu Dev Sai रायपुर। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में दो दिवसीय कलेक्टर कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित करते हुए कहा कि बीते 9 महीने में यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी के अनुरूप प्रदेश को संवारने की दिशा में प्रयास किया गया है, किन्तु विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने के लिए हम सबको और अधिक कठिन परिश्रम करना होगा। उन्होंने कलेक्टरों से कहा कि शासन की योजनाएं पूरी पारदर्शिता के साथ क्रियान्वित की जाए और इसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी फ्लैगशिप योजनाओं में सैचुरेशन के लक्ष्य को ध्यान में रखकर कार्य करें। उन्होंने कुछ जिलों में आम जनता और स्कूली छात्रों से शासकीय अधिकारियों द्वारा किए गए दुर्व्यवहार पर सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अधिकारी पूरी संवेदनशीलता और सहृदयता के साथ आम जनता की समस्याओं को सुने और उसका यथासंभव शीघ्र निराकरण करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों-कर्मचारियों की भाषा-शैली मर्यादित होनी चाहिए। उन्होंने कलेक्टरों को जनसामान्य से संयमित लहजे में बातचीत करने की हिदायत दी और कहा कि यदि आपके अधीनस्थ अधिकारी भाषा संयम न रखें, तो उन पर तत्काल सख्त कार्यवाही करें।  मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों से कहा कि स्थानीय स्तर की समस्याएं वहीं निपटे, छोटी-छोटी समस्याओं को लेकर लोगों को राजधानी न आना पड़े। इस बात का ध्यान जिला प्रशासन को रखना चाहिए। जनप्रतिनिधियों द्वारा ध्यान में लाई गई जन समस्याओं के त्वरित निदान के लिए प्रभावी कदम उठाएं जाएं। मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान साफ तौर पर कहा कि इस विभाग का आम लोगों और किसानों से ज्यादा वास्ता है। राजस्व के प्रकरणों का निराकरण बिना किसी लेट-लतीफी के किए जाने से शासन-प्रशासन की छबि बेहतर होती है। उन्होंने अधिकारियों को जनसामान्य की भूमि संबंधी छोटी-छोटी त्रुटियों एवं समस्याओं का निदान पूरी संवेदनशीलता के साथ समय-सीमा में करने के निर्देश दिए।   मुख्यमंत्री ने सारंगढ़-बिलाईगढ़, बस्तर, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में राजस्व मामलों के निराकरण की धीमी गति पर अप्रसन्नता जताई। उन्होंने जिलेवार कलेक्टरों से अविवादित और विवादित नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, त्रुटि सुधार, डायवर्सन, असर्वेक्षित ग्रामों की जानकारी, नक्शा बटांकन की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण में ऐसे जिले जिनकी प्रगति 70 प्रतिशत से कम है, उन्हें इस मामले में ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। विवादित बटवारा के प्रकरण 6 माह से ज्यादा लंबित न हो। सीमांकन के प्रकरणों को भी तेजी से निराकृत किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने सभी कमिश्नरों को अधीनस्थ जिलों का नियमित दौरा कर राजस्व प्रकरणों के निराकरण की स्थिति की समीक्षा करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य को प्रधानमंत्री ने अभी पीएम आवास के अंतर्गत 8 लाख 46 हजार 931 आवासों को स्वीकृति दी है। पूर्ववर्ती सरकार के दौरान पीएम आवास का काम काफी पिछड़ गया था। हमें तेजी से इस पर काम करना है। यह सर्वाेच्च प्राथमिकता का कार्य है। इसके साथ ही हमने चिन्हांकित किये गये लगभग 47 हजार आवासहीन परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास देने का निर्णय भी लिया है। इस पर भी जुट कर काम करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्वच्छता सर्वे अभी चल रहा है। छत्तीसगढ़ के गांव और ग्राम पंचायतें स्वच्छता सर्वे को सभी मानदंडों को पूरा करती हों, इस पर विशेष रूप से ध्यान देने की जरूरत हैं। मनरेगा रोजगार सृजन का सबसे अच्छा माध्यम है। इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में उपयोगी अधोसंरचनाएं तैयार करें। मनरेगा में भुगतान संबंधी दिक्कतों का समाधान करें। मुख्यमंत्री ने मनरेगा के तहत मानव दिवस सृजन कम होने पर बस्तर कलेक्टर पर नाराजगी जतायी। उन्होंने कलेक्टरों को ग्रामीण क्षेत्रों में स्वसहायता समूहों को बढ़ावा देने के साथ ही ट्रेनिंग, बैंक लिंकेज आदि की व्यवस्था पर विशेष रूप से ध्यान देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने पंचायतों का व्यापक निरीक्षण करने, वहां की समस्याओं को हल करने के निर्देश दिए। अमृत सरोवर योजना को जन अभियान का स्वरूप देने, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवासों का तेजी से निर्माण कराए जाने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि यह हमारी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता वाली योजना है। 15 सितम्बर को प्रधानमंत्री जी द्वारा पहली किश्त जारी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बैठक में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल विकास योजना के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा की और खैरागढ़, सारंगढ़, सक्ती, रायगढ़ जिलों की शून्य प्रगति पर नाराजगी जताई और कहा कि यह स्थिति ठीक नहीं है।   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की समीक्षा के दौरान गरियाबंद जिले के सूपेबेड़ा में किडनी की बीमारी की रोकथाम के लिए प्रभावी उपाय करने और आवश्यकतानुसार दिल्ली से विशेषज्ञ बुलाकर सेवाएं लेने की बात कही। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम का सभी जिलों में संचालन तथा रोगियों को लाभ सुनिश्चित करने, आगामी 6 माह में शत प्रतिशत आयुष्मान पंजीयन करने, पीएम जनऔषधि केंद्रों का संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने टीबी उन्मूलन के तहत किये जा रहे कार्यों की भी जानकारी ली। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में रायपुर और बिलासपुर जिले में बेहतर स्थिति की सराहना की। उन्होंने अन्य जिलों को भी टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए सरस्वती सायकल योजना के वितरण में कुछ जिलों में हुई लेट-लतीफी को लेकर अप्रसन्नता जताई। उन्होंने कलेक्टरों को स्पष्ट तौर पर कहा कि सायकल का वितरण शिक्षा सत्र शुरू होते ही सुनिश्चित किया जाना चाहिए। सुकमा एवं बलरामपुर जिले में साइकिल वितरण अब तक न होने पर की स्थिति को देखते हुए कहा कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने आदिम जाति विकास विभाग की समीक्षा के दौरान हितग्राहियों को प्रधानमंत्री जन मन योजना का शत-प्रतिशत लाभ दिलाने पर जोर दिया। उन्होंने कबीरधाम जिले में वन अधिकार पट्टा के कार्य में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया और जिन जिलों में डिजिटलाइजेशन का कार्य 80 प्रतिशत से कम है, वहां तेजी से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने आश्रम एवं छात्रावासों की व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने पर विशेष ध्यान देने को कहा और कलेक्टरों को स्वयं निरीक्षण करने के … Read more

छतरपुर : 14 सितम्बर को नेशनल लोक अदालत का आयोजन

Chhatarpur: National Lok Adalat organized on 14th September

Chhatarpur: National Lok Adalat organized on 14th September छतरपुर ! 14 सितम्बर 2024 को जिला एवं तहसील न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। सभी व्यक्तियों से अनुरोध है कि अधिक जानकारी के लिए कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण छतरपुर में या निःशुल्क न. 15100 पर कॉल कर सम्पर्क कर सकते हैं।लोक अदालत एक ऐसा मंच है जहां न्यायालय में लंबित या मुकदमे के रूप में दाखिल नहीं किए गए मामलों का सौहार्दपूर्ण तरीके से निपटारा किया जाता है। यह सामान्य न्यायालयों से अलग होता है क्योंकि यहां विवादित पक्षों के बीच परस्पर समझौते के माध्यम से विवादों का समाधान किया जाता है। इसीलिए छतरपुरवासियों से अपील की जाती है कि त्वरित एवं सस्ते न्याय के लिए 14 सितंबर को लोक न्यायालय पहुंचकर उसका लाभ उठाएं। recent visitors 174