मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक से 850 एमएसएमई इकाइयों को 275 करोड़ की प्रोत्साहन राशि का किया अंतरण

महिलाओं की औद्योगिक गतिविधियों में सफलता उनकी सामर्थ्य का परिचायक हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बहनों का आशीर्वाद और शुभकामनाएं भाईयों के लिए सदैव फलदायी रही- मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक से 850 एमएसएमई इकाइयों को 275 करोड़ की प्रोत्साहन राशि का किया अंतरण राज्य शासन महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन के लिए प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री डॉ. यादव को महिला उद्यमियों ने बांधी राखी 99 इकाइयों का लोकार्पण और 12 इकाइयों का किया वर्चुअली भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव महिला उद्यमी सम्मेलन में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में महिलाएं शक्ति और सामर्थ्य का प्रतीक मानी गई हैं। रानी लक्ष्मी बाई, देवी अहिल्या और रानी दुर्गावती ने पराक्रम और अपनी क्षमता के कई उदाहरण आज भी प्रेरणा के स्त्रोत हैं। बहनों का आशीर्वाद और शुभकामनाएं भाईयों के लिए सदैव फलदायी रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिलाओं की समाज के लिए प्रतिबद्धता को पहचानते हुए ही लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की है। राज्य सरकार भी स्थानीय निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण उपलब्ध करा रही है, जो देश में सर्वाधिक है। वह दिन दूर नहीं है जब महिलाएं केवल उद्यमी ही नहीं, अपितु उद्योग मंत्री भी बनेंगी। प्रदेश में महिला उद्योगपतियों और उद्यमियों को प्रोत्साहन देने के लिए प्रक्रियाओं को सरल करने के साथ आवश्यक प्रशिक्षण और प्रोत्साहन भी उपलब्ध कराया जा रहा है। सिंगल क्लिक से राशि सीधे खातों में जारी करना और एक साथ औद्योगिक इकाइयों का लोकार्पण और भूमि-पूजन, बिना विलंब के त्वरित कार्य की भावना को व्यवहार में लाने की प्रक्रिया का भाग है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में महिला उद्योगपति व उद्यमी सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलन और कन्या-पूजन कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। राशि का अंतरण और लोकार्पण-भूमिपूजन हुआ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंगल क्लिक से 850 एमएसएमई इकाइयों को सिंगल क्लिक से 275 करोड़ रूपये की प्रोत्साहन राशि का अंतरण किया। साथ ही 99 इकाइयों का लोकार्पण और 12 इकाइयों का वर्चुअली भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को रक्षाबंधन पर्व के उपलक्ष्य में प्रदेश की उद्यमी बहनों की ओर से सात बहनों ने राखी बांधी और विशाल राखी भी भेंट की गई। इस अवसर पर सावन उत्सव भी मनाया गया। कार्यक्रम में महिला उद्यमियों की सफलता की कहानियों पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। महिला उद्यमी सुशिवानी झरिया, सुकुमुद तिवारी, सुसीमा मिश्रा ने उद्यमिता के क्षेत्र में उनकी पहल से संबंधित अनुभव साझा किए। महिला उद्यमियों के लिए होंगी विशेष कार्यशालाएं : सभी को आगे बढ़ने का मिलेगा मौका मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिला उद्यमियों के प्रशिक्षण और प्रोत्साहन के लिए प्रदेश में विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। साथ ही उनके द्वारा उद्यम संचालन के लिए विशेष भवनों के निर्माण पर भी राज्य सरकार विचार कर रही है। सभी को आगे बढ़ने का मौका मिले, इस उद्देश्य से प्रदेश में सभी वर्गों को साथ लेकर औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देने के लिए कार्य किया जा रहा है। उद्यमियों और उद्योगपतियों के विभिन्न संगठन भी इस प्रक्रिया में साथ है। प्रदेश में 4 हजार 445 स्टार्टअप में से 2082 महिलाओं द्वारा संचालित सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि प्रदेश में भारत सरकार द्वारा रजिस्टर्ड 4 हजार 445 स्टार्टअप में इनमें से 2082 महिलाओं द्वारा संचालित हैं, जो कुल स्टार्टअप का 47 प्रतिशत है। महिला उद्यमियों के स्वामित्व वाले सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को प्रोत्साहन के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। महिला उद्यमी संगठन भी सम्मेलन में हुए शामिल महिला उद्यमी सम्मेलन में मध्यप्रदेश एसोसिएशन ऑफ वूमेन इंटरप्राइजेज, फिक्की, सीआईआई का इंडियन वूमेन नेटवर्क, लघु उद्योग भारती, डिक्की, बी.आई.सी.बी.आई., पीएचडी चेंबर, बीएनआई और आईएम स्टार्ट-अप संगठन की महिला उद्यमी और पदाधिकारी शामिल हुए।   recent visitors 137

मुख्यमंत्री ने देशभक्ति गीत गाकर किया वॉटर स्पोर्ट्स खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भोपाल के बड़े तालाब में देश का सबसे बड़ा तिरंगा लगाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आहवान पर आजादी के पर्व पर उत्साह, उमंग और जोश के साथ हर घर तिरंगा अभियान मनाया जा रहा है। भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और तिरंगा सदा से ही हमारे लिए संघर्ष, परिश्रम और प्रगति का प्रेरणा स्रोत रहा है। हर घर तिरंगा अभियान में सभी लोग देशभक्ति के आनंद से अभिभूत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बड़ा तालाब स्थित बोट क्लब पर आयोजित तिरंगा यात्रा के अवसर पर मीडियाकर्मियों से चर्चा में यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बोट क्लब पर मध्य प्रदेश टूरिज्म के नवीनीकृत फूड कॉर्नर लहर फास्ट का फीता काटकर तथा पूजन कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम में सांसद वी.डी. शर्मा, भोपाल सांसद आलोक शर्मा, विधायक भगवान दास सबनानी, सहित जिला प्रशासन व पर्यटन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। देश भक्ति की धुनो के बीच तिरंगे के साथ बड़े तालाब में नावों से बनाई विशेष फॉर्मेशन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूरे जोश के साथ देशभक्ति गीत "यह देश है वीर जवानों का" गाया और बड़े तालाब में नावों पर कलाकारों ने प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वॉटर स्पोर्ट्स तिरंगा शो के अंतर्गत बड़े तालाब पर लेक प्रिंसेस क्रूज में ध्वज अभिवादन किया और तिरंगे गुब्बारे छोड़े। मध्य प्रदेश स्पोर्ट्स अकादमी के खिलाड़ियों ने स्पोर्ट्स बोट में तिरंगा लेकर परेड की और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तिरंगा लहराकर सभी का उत्साहवर्धन किया है। वॉटर स्पोर्ट्स खिलाड़ियों द्वारा बड़े तालाब में देश भक्ति की धुनो के बीच तिरंगे के साथ नावों के माध्यम से विशेष फॉर्मेशन भी निर्मित की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भोपालवासियों ने वॉटर स्पोर्ट्स तिरंगा परेड का आनंद लिया।   recent visitors 95

UP विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध का मकसद धार्मिक आजादी की गारंटी देना है, जो भारत के सामाजिक सद्भावना को बनाए रखना -HC

इलाहाबाद इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने जबरन इस्लाम कबूल करवाने और यौन शोषण करने के आरोपी की जमानत खारिज करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 का मकसद सभी व्यक्तियों को धार्मिक आजादी की गारंटी देना है, जो भारत के सामाजिक सद्भावना को दर्शाता है. इस अधिनियम का उद्देश्य भारत में धर्मनिरपेक्षता की भावना को बनाए रखना है. जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की बेंच ने आगे कहा कि संविधान हर शख्स को अपना धर्म मानने, पालन करने और प्रचार करने का अधिकार देता है लेकिन यह व्यक्तिगत अधिकार धर्म परिवर्तन करवाने के सामूहिक अधिकार में तब्दील नहीं होता क्योंकि धार्मिक स्वतंत्रता धर्म परिवर्तन करने वाले व्यक्ति और धर्मांतरित होने वाले व्यक्ति दोनों को समान रूप से प्राप्त होती है. क्या है पूरा मामला? हाई कोर्ट ने ये टिप्पणी अजीम नाम के शख्स को जमानत देने से इनकार करते हुए की है. याचिकाकर्ता, अजीम पर एक लड़की को जबरन इस्लाम कबूल करवाने और उसका यौन शोषण करने के आरोप में धारा 323/504/506 आईपीसी और धारा 3/5(1) उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 के तहत केस दर्ज किया गया है. आवेदक-आरोपी ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया कि उसे झूठा फंसाया गया है. उसने दावा किया कि सूचना देने वाली लड़की, जो उसके साथ रिश्ते में थी, स्वेच्छा से अपना घर छोड़कर चली गई थी और उसने पहले ही संबंधित मामले में धारा 161 और 164 सीआरपीसी के तहत दर्ज बयानों में अपनी शादी की पुष्टि कर दी थी. दूसरी तरफ, सरकारी वकील ने आरोपी की जमानत का विरोध करते हुए धारा 164 सीआरपीसी के तहत सूचना देने वाले के बयान का हवाला दिया, जिसमें इस्लाम में धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया गया था और धर्म परिवर्तन के बिना की गई शादी की बात कही गई थी. इन तथ्यों के बैकग्राउंड में कोर्ट ने कहा कि सूचना देने वाले ने धारा 164 सीआरपीसी के तहत दर्ज अपने बयान में साफ तौर से कहा था कि याचिकाकर्ता और उसके परिवार के सदस्य उसे इस्लाम धर्म अपनाने को मजबूर कर रहे थे. उसे बकरीद के दिन की जा रही पशु बलि देखने और मांसाहारी भोजन पकाने और खाने के लिए भी मजबूर किया गया था. कोर्ट ने यह भी कहा कि आवेदक ने उसे कथित तौर पर बंदी बनाकर रखा था और परिवार के सदस्यों ने उसे कुछ इस्लामी अनुष्ठान करने के लिए मजबूर किया था, जो उसे स्वीकार्य नहीं था. इसके अलावा, कोर्ट ने माना कि धारा 164 सीआरपीसी के तहत दर्ज बयान में एफआईआर के वर्जन को बरकरार रखा था. महत्वपूर्ण रूप से, न्यायालय ने यह भी माना कि याचिकाकर्ता यह प्रदर्शित करने के लिए कोई भी कंटेंट रिकॉर्ड पर नहीं ला सका कि विवाह/निकाह होने से पहले लड़की को इस्लाम में परिवर्तित करने के लिए 2021 के अधिनियम की धारा 8 के तहत एक आवेदन दायर किया गया था. तथ्यों व परिस्थितियों को देखने के बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ता की जमानत अर्जी को यह कहते हुए खारिज कर दिया गया कि 2021 के अधिनियम की धारा 3 और 8 का प्रथम दृष्टया उल्लंघन है, जो 2021 के अधिनियम की धारा 5 के तहत दंडनीय है. recent visitors 138

लहसुन मसाला है या सब्जी? इंदौर High Court ने सुनाया फैसला, जानें क्या है पूरा मामला

इंदौर लहसुन को रसोई का खास घटक माना जाता है. मसालेदार सब्जियां बनाने में इसका इस्तेमाल जरूर किया जाता है. लेकिन लहसुन आखिर है क्या? क्या वह सब्जी है या फिर मसाला. यह सवाल इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने इसे लेकर अहम फैसला सुनाया है. दरअसल, किसानों के एक संगठन के अनुरोध पर मध्य प्रदेश मंडी बोर्ड ने 2015 में लहसुन को सब्जी की श्रेणी में शामिल कर लिया था. हालांकि, इसके तुरंत बाद कृषि विभाग ने उस आदेश को रद्द कर दिया और कृषि उपज मंडी समिति अधिनियम (1972) का हवाला देते हुए उसे मसाले की श्रेणी में डाल दिया. 2017 के आदेश को रखा बरकरार अब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने लहसुन को फिर सब्जी की श्रेणी में डाल दिया है. जस्टिस एसए धर्माधिकारी और डी वेंकटरमन की खंडपीठ ने 2017 के आदेश के उस को बरकरार रखा, जिसमें कहा गया है कि लहसुन जल्दी खराब होने वाला है और इसलिए यह एक सब्जी है. दोनों बाजारों में बेच सकते हैं किसान अदालत ने फैसले में यह भी कहा कि लहसुन को सब्जी और मसाला दोनों बाजारों में बेचा जा सकता है. इससे व्यापार पर लगे प्रतिबंध खत्म हो जाएंगे और किसानों और विक्रेताओं दोनों को फायदा होगा. कोर्ट के इस फैसले का असर मध्य प्रदेश के हजारों कमीशन एजेंटों पर भी पड़ेगा. सालों से कोर्ट में लटका था केस बता दें कि यह मामला कई सालों से हाई कोर्ट में लटका हुआ था. सबसे पहले आलू-प्याज-लहसुन कमीशन एजेंट एसोसिएशन 2016 में प्रमुख सचिव के आदेश के खिलाफ इंदौर बेंच पहुंची थी. इसके बाद फरवरी 2017 में सिंगल जज ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया था. लेकिन इस फैसले से व्यापारियों में खलबली मच गई. उन्होंने तर्क दिया कि इस फैसले से किसानों को नहीं बल्कि कमीशन एजेंटों को फायदा होगा. डबल जज की बेंच ने की सुनवाई कोर्ट के फैसले के बाद जुलाई 2017 में याचिकाकर्ता मुकेश सोमानी ने पुनर्विचार याचिका दायर की. यह याचिका हाई कोर्ट की डबल जज की बेंच के पास गई. इस बेंच ने लहसुन को जनवरी 2024 में दोबारा मसाला शेल्फ में भेज दिया. फैसला सुनाते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि पिछले फैसले से केवल व्यापारियों को लाभ होगा, किसानों को नहीं. इसके बाद लहसुन व्यापारियों और कमीशन एजेंटों ने इस साल मार्च में उस आदेश की समीक्षा की मांग की थी. यह मामला जस्टिस धर्माधिकारी और वेंकटरमन की बेंच में आया था. नियमों में बदलाव की अनुमति इंदौर की डबल बेंच ने 23 जुलाई को अपने आदेश में फरवरी 2017 के आदेश को बहाल रखा. इस फैसले में मंडी बोर्ड के प्रबंध निदेशक को मंडी नियमों में बदलाव करने की अनुमति दी गई. ठीक ऐसा ही 2015 में भी किया गया था. आदेश में कहा गया कि बाजार को किसानों और व्यापारियों के हित में स्थापित किया जाता है, ताकि उन्हें अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके, इसलिए, जो भी उप-नियम बनाए जाते हैं या संशोधित किए जाते हैं, वे किसानों के हित में माने जाएंगे. कोर्ट ने आदेश में क्या कहा? आदेश में कहा गया,' किसानों ने कहा था कि लहसुन को (सब्जी) के रूप में एजेंटों के माध्यम से बेचने की अनुमति दी जानी चाहिए, जबकि राज्य सरकार ने इसे मसाले के रूप में बेचने की सिफारिश की है.' इस पर मध्य प्रदेश मंडी बोर्ड के संयुक्त निदेशक चंद्रशेखर ने कहा कि कोर्ट के आदेश से सब्जी मंडियों में कमीशन एजेंटेस को लहसुन की बोली लगाने की अनुमति मिल जाएगी.   recent visitors 156

पैरालंपिक 2024 से पहले भारत को झटका, टोक्यो गोल्ड मेडलिस्ट प्रमोद भगत सस्पेंड

कुआलालंपुर टोक्यो पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता पैरा-शटलर प्रमोद भगत को डोपिंग रोधी नियमों के उल्लंघन का दोषी पाए जाने के बाद 18 महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है। वो अब पेरिस पैरालंपिक का हिस्सा नहीं होंगे। विश्व बैडमिंटन महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) ने मंगलवार को यह जानकारी दी। बीडब्ल्यूएफ ने एक बयान में बताया, “बैडमिंटन विश्व महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) पुष्टि करता है कि भारत के टोक्यो 2020 पैरालंपिक चैंपियन प्रमोद भगत को 18 महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है। वह पेरिस 2024 पैरालंपिक खेलों में भाग नहीं लेंगे।” बीडब्ल्यूएफ ने कहा कि कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन (सीएएस) ने भगत को 12 महीनों के भीतर तीन बार अपने ठिकाने के बारे में जानकारी नहीं देने के लिए बीडब्ल्यूएफ डोपिंग रोधी नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया। एसएल3 श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करने वाले भगत ने इस निर्णय के विरुद्ध सीएएस में अपील की, लेकिन सीएएस ने निर्णय को बरकरार रखते हुए निलंबन की पुष्टि की। इस साल की शुरुआत में भगत ने थाईलैंड में बीडब्ल्यूएफ पैरा-बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप में अपना स्वर्ण पदक बरकरार रखा था। इस जीत ने न केवल उन्हें बीडब्ल्यूएफ पैरा-बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप में लगातार तीन स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले पैरा-एथलीट बना दिया, बल्कि विश्व चैंपियनशिप में चीनी लिन डैन के पांच खिताबों के रिकॉर्ड की बराबरी भी की। उन्होंने 2009, 2015, 2019, 2022 और 2024 में स्वर्ण पदक जीते हैं। इन तीन लगातार स्वर्ण पदकों के साथ उनके पदकों की संख्या 14 हो गई है, जिसमें सभी श्रेणियों में छह स्वर्ण, तीन रजत और पांच कांस्य पदक शामिल हैं।   recent visitors 96

कन्‍नौज और अयोध्‍या दुष्‍कर्म पर बीजेपी ने सपा को घेरा, सुधांशु त्रिवेदी ने कहा अपराधियों का संरक्षण सपा करती रही

लखनऊ  कन्‍नौज के पूर्व ब्‍लॉक प्रमुख नवाब सिंह यादव के कारनामों को लेकर यूपी से लेकर दिल्‍ली की सियासत गर्माई हुई है। पुलिस ने नवाब सिंह को एक दिन पहले 15 साल की लड़की से दुष्‍कर्म के प्रयास में अरेस्‍ट किया है। एक तरफ जहां सपा ने नवाब सिंह यादव से पल्‍ला झाड़ लिया है, वहीं बीजेपी ने सपा पर जोरदार हमला बोला है। दिल्‍ली में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी प्रवक्‍ता सुधांशु त्रिवेदी ने मशहूर शायर अदम गोंडवी की शायरी सुनाकर समाजवादी पार्टी और अपराध का नाता बता दिया। मंगलवार को सुधांशु त्रिवेदी ने कहा- 'समाजवादी पार्टी के डीएनए में ही अपराध है। सब जानते हैं कि यूपी में जब जब समाजवादियों की सरकार रही, अपराध सबसे ज्‍यादा उसी समय हुए। एक पुराने समाजवादी और शायर हुआ करते थे अदम गोंडवी। समाजवादी पार्टी में आए हुए आपराधिक तत्‍वों के हौंसले बुलंद होने पर दुखी होकर लिखा था- काजू भुना है प्‍लेट में। व्हिस्की गिलास में। उतरा है रामराज विधायक निवास में। पक्‍के समाजवादी हैं तस्‍कर हों या डकैत। कितना असर है खादी के उजले लिबास में। एक समाजवादी नेता के दिल का दर्द आज के समाजवादी पार्टी के असली राजनीतिक डीएनए को बताने के लिए काफी है।' 'अपराधियों को संरक्षण देती है समाजवादी पार्टी' बीजेपी प्रवक्‍ता ने कहा- 'अयोध्‍या में हम सबने देखा कि समाजवादी पार्टी के एक नेता मोइद खान पर किसी प्रकार से एक नाबालिग के साथ बलात्‍कार का आरोप लगा। संवेदनशीलता तो छोडि़ए, इस मुद्दे पर किस निर्लज्‍जता के साथ राजनीति की गई, ये हम सबने देखा। इसके बाद कन्‍नौज में सपा से ही जुड़े एक नेता के ऊपर नाबालिग लड़की के साथ रेप के प्रयास का गंभीर आरोप लगा है। अपराध के प्रति संवेदनशीलता एक गंभीर विषय है। कन्‍नौज के इस प्रकरण के ऊपर सपा की एक महिला नेता ने बड़ा असंवेदनशील बयान दिया है। उन्‍होंने कहा कि लड़की जब 15 साल की ही थी तो वह किस प्रकार की नौकरी पाने के लिए नेता के पास गई थी। यह समाजवादी पार्टी की असली फितरत है। यह उनकी अपराधियों को संरक्षण देने की सोच को दर्शाता है।' मुलायम, अखिलेश और राहुल पर किया प्रहार बीजेपी प्रवक्‍ता ने बगैर नाम लिए मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव के साथ राहुल गांधी पर भी प्रहार किया। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा- 'उत्‍तर प्रदेश में एक दौर में सपा के नेता ने कहा था कि लड़के हैं। लड़कों से गलती हो जाया करती है। आज मैं यह कहना चाहता हूं कि लोकसभा चुनाव के दौरान जो नेता खुद को यूपी के लड़के बताते थे, उनके साथ के लोग गलत काम कर रहे हैं। जबसे इन दो लड़कों की ताकत बढ़ी है, तबसे अपराधियों की हिम्‍मत भी उसी अनुपात में बढ़ी है। दुख की बात ये है कि इस तरह के विषय में अपराधी की जाति और धर्म नहीं देखना चाहिए।' recent visitors 99

राम जानकी खाकी मंदिर के महंत गोपाल दास त्यागी के देव लोक गमन पर हुआ भंडारा

राम जानकी खाकी मंदिर के महंत गोपाल दास त्यागी के देव लोक गमन पर हुआ भंडारा सभी साधु संतो की उपस्तिथि में महंत गोपाल दास त्यागी के शिष्य रामदास त्यागी को बनाया खाकी मंदिर का पुजारी  बैरसिया  राम जानकी खाकी मंदिर बैरसिया के महंत गोपाल दास त्यागी का 31जुलाई को देव लोक गमन हो गया था।महंत गोपाल दास त्यागी के परम शिष्य राम दास त्यागी ने उन्हें मुख आग्नि देने के साथ गंगा में अस्थि विसर्जन सहित सम्पूर्ण कार्य किया। विश्वहिंदू परिषद सहित नगर के लोगो के सहयोग से 12जुलाई को विशाल भंडारे का कार्यक्रम रखा गया।भंडारे कार्यक्रम में रंगाई मंदिर के कई साधु संत सहित बड़ी संख्या में लोगो ने प्रसाद ग्रहण किया।महंत गोपाल दास त्यागी को जगह उनके शिष्य राम दास त्यागी को बनाया मंदिर का पुजारी विश्वहिंदू परिषद बंजरग दल पदाधिकारियों कार्यकर्ताओं नगर के लोगो की उपस्तिथि में साधु संतो ने महंत गोपाल दास त्यागी के परम शिष्य राम दास त्यागी को समस्त जुम्मेदारिया सौपते हुए राम जानकी खाकी मंदिर बैरसिया का पुजारी बनाते हुए पकड़ी बधवाई गई।आज के बाद खाकी मंदिर का पूरा उत्तर दायित्व रामदास त्यागी का रहेगा।उल्लेखनीय है कि खाकी मंदिर के महंत गोपाल दास त्यागी ने धर्म की अलख जगाने के साथ विश्वहिंदू परिषद के माध्यम से हिन्दू धर्म की पताका फहराने का काम भी किया हे। महंत गोपाल दास त्यागी विश्वहिंदू परिषद में मठ मंदिर प्रभुख सहित कई दायित्व पर रहकर हिंदू जागरण का काम किया हे। भंडारे में विश्वहिंदू परिषद के मध्य भारत प्रांत के संगठन मंत्री सुरेन्द्  सिंह चौहान विभाग प्रमुख राजेश साहू जिलाध्यक्ष झनक सिंह राजपूत उपाध्यक्ष उदय सिंह दांगी महामंत्री जितेन्द्र मीणा सहित विश्वहिंदू परिषद के समस्त प्रखंड के दायित्व वान कार्यकर्ता सहित नगर के लोगो का सराहनीय कार्य रहा। recent visitors 77