किसान के मेहनत पर बाढ़ ने फेरा पानी

मनेन्द्रगढ़ जिला,एमसीबी केल्हारी क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश से बाढ़ ने जमकर मचाया हैं तबाही, बाढ़ के रास्ते में जो भी आया साथ बहा ले गया। तहसील केल्हारी अन्तर्गत केलुआ के धनपुरीडांड नामक गांव के पास किसान धर्मेद्र कुमार निवासी चरवाही जो अपनी भूमि में खेती किया था। कुछ दिन पहले ही रोपाई लाखों की लागत लगाकर किया गया था बाढ़ अपने साथ बकुछ बहा ले गया,जमीन पर रह गया तो सिर्फ मिट्टी। केल्हारी क्षेत्र में सुबह से हो रही मुसलाधार बारिश से सूखी नदियों में भी पानी का स्तर बढ़ता गया और वह विशाल नदी का रूप धारण कर लिया। उफनती हुईं नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया की सूखा नाला बडी नदी में बदलकर अपने आस पास की चीजों को बहा ले गया। साथ ही किसान धर्मेंद्र कुमार द्वारा किया गया लाखों की लागत से खेती को भी बहा ले गया। किसान की कड़ी मेहनत पर बाढ़ ने फेरा पानी सब हुआ बर्बाद कुदरत ने मचाया कहर। लगभग बड़े-बडे़ दस खेतो में घुसा बाढ़ का पानी दसों खेतो की फसल बहाकर ले गया साथ। देखते ही देखत खेत नदी में बदल गया। recent visitors 69

रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय ने बीए, बीएससी तृतीय वर्ष की परीक्षा का नया कार्यक्रम तय

 जबलपुर  रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय ने बीए और बीएससी तृतीय वर्ष पुराना कोर्स की स्थगित परीक्षा का नया कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। अब ये परीक्षाएं 12 अगस्त से विश्वविद्यालय द्वारा शुरू कराई जा रहीं हैं। पहले उक्त परीक्षाएं 29 जुलाई से आयोजित की जानी थी जिसे विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा अपरिहार्य कारणों का हवाला देकर स्थगित कर दिया गया था। शेड्यूल तय न होने से छात्र भी परेशान थे। अब ये परीक्षाएं 12 अगस्त से प्रारंभ की जा रहीं हैं। विस्तृत जानकारी विश्वविद्यालय द्वारा सूचना पटल पर जारी कर दी गई है। यह की गई तिथि प्रस्तावित रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय अध‍िकारियों के अनुसार बीएससी तृतीय वर्ष 12 अगस्त को कम्प्यूटर साइंस, इलेक्ट्राॅनिक्स प्रथम, 13 को कम्प्यूटर साइंस, इलेक्ट्राॅनिक्स प्रथम द्वितीय, 14 को बायोटेक्नोलाॅजी एवं माइक्रोबायोलॉजी का पेपर आयोजित किया जाएगा। इसी तरह बीए तृतीय वर्ष के ओल्ड कोर्स के स्थगित किए गए पेपरों की परीक्षाएं भी इसी तिथि पर आयोजित होंगी। 12 अगस्त को हिंदी लिटरेचर सेकंड, 13 को सोशियोलाॅजी सेकेंड एवं 14 को साईकोलाजी, होम साइंस प्रथम विषय के पेपर होंगे। परीक्षएं सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे की पाली में होगी। recent visitors 88

साइबर ठगों के निशाने पर प्रदेश के IAS अफसर: जबलपुर कलेक्टर हुए साइबर फ्राड के शिकार

State's IAS officers on target of cyber thugs: Jabalpur Collector becomes victim of cyber fraud

State’s IAS officers on target of cyber thugs: Jabalpur Collector becomes victim of cyber fraud

जब भी कोई विपक्षी टीम का खिलाड़ी उनसे पंगे लेता है तो फिर किंग कोहली उसे अपने मुंह के अलावा बल्ले से जवाब देते हैं

नई दिल्ली विराट कोहली को मैदान पर उनके एग्रेशन के लिए जाना जाता है, जब भी कोई विपक्षी टीम का खिलाड़ी उनसे पंगे लेता है या फिर जुबानी जंग करने का प्रयास करता है तो किंग कोहली उसे अपने मुंह के अलावा बल्ले से जबरदस्त जवाब देते हैं। बुधवार, 7 अगस्त की शाम भी श्रीलंका के असिता फर्नांडो ने उनसे भिड़ने की कोशिश की, कोहली ने जवाब में उन्हें बहुत कुछ कहा, मगर वह बल्ले से इस बार कोई जवाब नहीं दे पाए। वहीं मैच के बाद दोनों के बीच ये जंग एकदम शांत दिखी क्योंकि हैंडशेक के दौरान कोहली और फर्नांडो हंसते हुए दिखाई दिए। विराट कोहली के लिए यह श्रीलंका दौरा किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। तीसरे वनडे में वह मात्र 20 के निजी स्कोर पर आउट हुए। वहीं इससे पहले दो वनडे में उन्होंने 24 और 14 ही रन बनाए थे। हैरानी की बात यह है कि विराट इस पूरी सीरीज में स्पिनर्स के हाथों LBW आउट हुए, ऐसा उनके करियर में पहली बार ही हुआ है। 2-0 से सीरीज हारा भारत भारत को श्रीलंका के खिलाफ तीन मैच की यह वनडे सीरीज 2-0 से गंवानी पड़ी। श्रीलंकाई टीम 1997 के बाद पहली बार भारत के खिलाफ सीरीज जीतने में कामयाब रहा। सीरीज का पहला मैच टाई रहा, वहीं अगले दो वनडे मुकाबलों में मेजबान टीम ने अपने धाकड़ स्पिनर्स के दम पर जीत दर्ज की। सीरीज की शुरुआत में श्रीलंकाई टीम थोड़ी कमजोर नजर आ रही थी, उनके कई गेंदबाज चोट या स्वास्थ्य ठीक ना होने की वजह से सीरीज का हिस्सा नहीं बन पाए थे, वहीं वानिंदू हसरंगा भी बीच सीरीज में चोट के चलते बाहर हो गए थे। इसके बावजूद श्रीलंकाई टीम ने सीरीज में भारत को एक भी मैच जीतने का मौका नहीं दिया।   recent visitors 124

टीम इंडिया में खिलाड़ियों के चयन का प्रोसेस बताया, कहा- आईपीएल से नहीं घरेलू क्रिकेट से मिलते है खिलाडी: रोहित शर्मा

नई दिल्ली टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा ने कहा है कि टेस्ट और वनडे के लिए टीम के चयन के लिए रणजी ट्रॉफी जैसे घरेलू टूर्नामेंट काफी अहमियत रखते हैं। उन्होंने माना कि चयन के लिए आईपीएल भी एक अहम टूर्नामेंट है, लेकिन उन्होंने कहा कि इसके आने से भारत की प्रमुख घरेलू प्रतियोगिताओं का महत्व कम नहीं हुआ है। बता दें, श्रीलंका के खिलाफ तीन मैच की वनडे सीरीज में भारत को 2-0 से हार का सामना करना पड़ा, सीरीज का पहला मैच टाई रहा था। भारत 1997 के बाद श्रीलंका से वनडे सीरीज हारा है। इस मैच में श्रीलंका की धीमी पिचों पर भारतीय बल्लेबाज संघंर्ष करते नजर आए।   मैच के बाद रोहित शर्मा से प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल किया कि, क्या वह भारत के युवा बल्लेबाजों को घरेलू क्रिकेट में अधिक खेलने की सलाह देंगे? इसके जवाब में हिटमैन ने स्पष्ट किया कि टेस्ट और वनडे टीमों के लिए खिलाड़ियों को चुनने के मामले में भारत का घरेलू ढांचा सबसे महत्वपूर्ण है। रोहित शर्मा ने कहा, 'हमारा हमेशा से यही लक्ष्य रहा है – यह सुनिश्चित करना कि जो खिलाड़ी उपलब्ध हैं, वे रणजी ट्रॉफी खेलें। हमारा घरेलू क्रिकेट हमारे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की रीढ़ की हड्डी है। बहुत से खिलाड़ी जो अब देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, वे घरेलू क्रिकेट खेलकर आए हैं, इसलिए हमारा घरेलू क्रिकेट सभी के लिए महत्वपूर्ण है। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि यह प्रतिस्पर्धी बना रहे।' कप्तान ने आगे कहा, "हमें घरेलू सर्किट से खिलाड़ी मिलते हैं, आईपीएल से नहीं। जब आप टेस्ट और वनडे क्रिकेट के लिए खिलाड़ियों का चयन करते हैं, तो इस बात पर काफी चर्चा होती है कि रणजी ट्रॉफी, वनडे फॉर्मेट, सैयद मुश्ताक अली और इस तरह की अन्य प्रतियोगिताओं में कौन अच्छा प्रदर्शन कर रहा है।" टी20 क्रिकेट के बढ़ते क्रेज के बीच आईपीएल के बढ़ते महत्व पर विस्तार से बात करते हुए रोहित ने बताया कि इस लीग का अपना महत्व है। रोहित ने कहा, "आईपीएल निश्चित रूप से एक ऐसा फॉर्मेट है, जहां चुनौतियां अलग हैं। यह दोनों की प्रतिस्पर्धा है। आईपीएल भी हमारा क्रिकेट है – यह इंडियन प्रीमियर लीग है। अंत में, जो भी इन सभी टूर्नामेंटों में अच्छा प्रदर्शन करेगा, उसे ही चुना जाएगा।"     recent visitors 93

पूर्व CM बुद्धदेव भट्टाचार्य का निधन, 80 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

कोलकाता पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्य का निधन हो गया है। बुद्धदेब भट्टाचार्य ने लंबे समय तक बंगाल में शासन किया था। वह 80 साल के थे और बीते कुछ समय से बीमार चल रहे थे। उनके बेटे सुचेतन भट्टाचार्य ने पूर्व मुख्यमंत्री की मौत की पुष्टि की है। बुद्धदेब भट्टाचार्य का कोलकाता के बालीगंज स्थित उनके पाम एवेन्यू आवास पर हुआ। वह बीते कई सालों से बीमार चल रहे थे और वृद्धावस्था से संबंधित बीमारियों से पीड़ित थे। बीमारी के चलते ही कई सालों से वह सक्रिय राजनीति से दूर थे और वामपंथी दल सीपीएम के कार्यक्रमों में भी नजर नहीं आते थे। बुद्धदेब भट्टाचार्य ने वर्ष 2000 से 2011 तक बंगाल की कमान संभाली थी। उनसे पहले 23 सालों तक ज्योति बसु मुख्यमंत्री रहे थे। इस तरह कुल 34 सालों के वामपंथी शासन में बुद्धदेब भट्टाचार्य की भी अहम भूमिका थी। बुद्धदेब भट्टाचार्य को वामपंथी नेता होने के बाद भी कारोबार को लेकर उदारवादी नीतियां अपनाने के लिए जाना जाता है। आमतौर पर वामपंथी दल आर्थिक उदारीकरण के खिलाफ रहे हैं, लेकिन बुद्धदेब भट्टाचार्य ने औद्योगिकीकरण के प्रयास किए थे। हालांकि सिंगूर में भूमि अधिग्रहण को लेकर बड़ा विवाद हुआ था। माना जाता है कि इस विवाद के ही बहुत बढ़ने के चलते नैरेटिव वामपंथी सरकार के खिलाफ चला गया और फिर 34 साल के शासन का अंत हो गया। भारत के किसी भी राज्य में यह सबसे लंबे समय तक चलने वाली वामपंथी सरकार थी। 5 दशकों के अपने राजनीतिक करियर में बुद्धदेब भट्टाचार्य का वामपंथी दल में कद बहुत बड़ा था। उनका जन्म 1 मार्च 1944 को उत्तर कोलकाता के एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके दादा कृष्णचंद्र स्मृतितीर्थ वर्तमान बांग्लादेश के मदारीपुर से आए थे। वह संस्कृत के बड़े विद्वान और लेखक थे। इसके अलावा वह पुजारी भी थे और उन्हें पुरोहित दर्पण कहा जाता था। हालांकि बुद्धदेब भट्टाचार्य के पिता ने पुजारी न बनने का फैसला लिया और अपना एक प्रकाशन समूह शुरू किया था। राजनीति में आने से पहले बुद्धदेब भट्टाचार्य एक अध्यापक थे।   recent visitors 86

रोहित शर्मा ने की सचिन-अजहर के अनचाहे क्लब में एंट्री, भारत ने 27 साल बाद श्रीलंका के हाथों वनडे सीरीज गंवाई

नई दिल्ली रोहित शर्मा की कप्तानी वाली भारतीय टीम को श्रीलंका के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में हार का मुंह देखना पड़ा है। भारत ने 27 साल बाद श्रीलंका के हाथों वनडे सीरीज गंवाई है। श्रीलंका ने बुधवार को कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में आखिरी मैच 110 से अपने नाम किया। मेजबान श्रीलंका ने दूसरे वनडे में भारत को 32 रन से मात दी थी। वहीं, पहला मुकाबला टाई हो गया था। श्रीलंका के 2-0 से सीरीज जीतने के बाद रोहित ने एक अनचाहे क्लब में एंट्री कर ली है। इस क्लब में रोहित से पहले महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और पूर्व भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन हैं। दरअसल, रोहित श्रीलंका के विरुद्ध वनडे सीरीज हारने वाले तीसरे भारतीय कप्तान बन गए हैं। श्रीलंका ने पिछले 31 सालों में भारत से सिर्फ तीन वनडे सीरीज जीती हैं। भारत ने श्रीलंका के खिलाफ पहली सीरीज 1993 में गंवाई थी। तब अजहरुद्दीन भारत के कप्तान थे। श्रीलंका ने अपने घर पर तीन मैचों की यह सीरीज 2-1 से जीती थी। भारत को केवल पहले वनडे में विजय नसीब हुई थी। उसके बाद श्रीलंका ने 1997 में सीरीज पर कब्जा जमाया। उस वक्त भारत की बागडोर सचिन के पास थी। भारत तीनों वनडे मैच हार गया था। दिलचस्प बात यह है कि श्रीलंका ने तीनों सीरीज घर में जीतीं। श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज हारने वाले भारतीय कप्तान 1993 – मोहम्मद अजहरुद्दीन 1997 – सचिन तेंदुलकर 2024 – रोहित शर्मा मैच की बात करें तो श्रीलंका ने टॉस जीतकर 248/7 का स्कोर खड़ा किया। अविष्का फर्नांडो ने 102 गेंदों में 96 रन बनाए, जिसमें नौ चौके और दो सिक्स शामिल हैं। पथुम निसांका ने 45 और कुसल मेंडिस ने 59 रन का योगदान दिया। जवाब में टीम इंडिया महज 26.1 ओवर में 138 रन पर ऑलआउट हो गई। रोहित ने भारत की ओर से सबसे ज्यादा 35 रन बनाए। वॉशिगंटन सुंदर ने 30 और विराट कोहली ने 20 रन जुटाए। भारत ने 73 रन जोड़कर पांच विकेट गंवा दिए थे। श्रीलंका के लिए दुनिथ वेलालागे के करियर की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी की। उन्होंने 5.1 ओवर में 27 रन देकर 5 विकेट हासिल किए।   recent visitors 95