RBI ने नहीं बदली आपके लोन की EMI, रेपो रेट ज्यों की त्यों

नई दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनीटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने रेपो रेट में एक बार फिर कोई बदलाव नहीं किया है। यह लगातार नौवां मौका है जब इसे यथावत रखा है। मंगलवार को शुरू हुई एमपीसी की मीटिंग में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि रेपो रेट को एक बार फिर 6.5% पर बरकरार रखने का फैसला लिया गया है। केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तीसरी बार सरकार बनने के बाद एमपीसी की यह पहली बैठक और कुल 50वीं बैठक थी। दास ने कहा कि मौद्रिक नीति समिति के छह सदस्यों में से चार ने नीतिगत दर को यथावत रखने के निर्णय के पक्ष में मत दिया। रेपो रेट के यथावत रहने का मतलब है कि आपके लोन की किस्त में कोई बदलाव नहीं होगा। रेपो रेट वह दर होती है जिस पर आरबीआई बैंकों को लोन देता है। इसके कम होने से आपके होम लोन, पर्सनल लोन और कार लोन की किस्त कम होती है। आरबीआई ने रेपो रेट आखिरी बार बदलाव पिछले साल फरवरी में किया था। तब इसे 0.25% बढ़ाकर 6.50% किया गया था। दास ने कहा कि समिति ने ग्रोथ को सुनिश्चित करने के लिए महंगाई पर फोकस करने और कीमतों में स्थिरता को सपोर्ट करने का फैसला किया है। मुख्य महंगाई के अप्रैल-मई में स्थिर रहने के बाद जून में इसमें तेजी आई। तीसरी तिमाही में महंगाई में कमी आने की उम्मीद है। ग्लोबल इकनॉमिक आउटलुक में अनईवन एक्सपेंशन दिख रहा है। कुछ देशों के केंद्रीय बैंकों में अपना पॉलिसी रुख सख्त किया है। डेमोग्राफिक शिफ्ट, जियोपॉलिटिकल तनाव और सरकारों के बढ़ते कर्ज से नई तरह की चुनौतियां पैदा हो रही हैं। उन्होंने कहा कि 2024-25 में जीडीपी ग्रोथ रेट 7.2 फीसदी रहने का अनुमान है। इसके पहली तिमाही में 7.1%, दूसरी तिमाही में 7.2%, तीसरी तिमाही में 7.3% और चौथी तिमाही में 7.2% रहने की उम्मीद है। कब कम होगी महंगाई दास ने कहा कि एमपीसी ने उदार रुख को वापस लेने का रुख बरकरार रखा है। उन्होंने कहा कि महंगाई में व्यापक रूप से गिरावट का रुख दिख रहा है। तीसरी तिमाही में आधार प्रभाव के लाभ से कुल महंगाई नीचे आ सकती है। हालांकि उन्होंने साथ ही कहा कि महंगाई में खाने-पीने की चीजों की कीमत में तेजी अब भी चिंता का विषय बनी हुई है। परिवारों की खपत से मांग में सुधार को समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि खुदरा महंगाई चालू वित्त वर्ष में 4.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून में तेजी से खुदरा महंगाई में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। घरेलू मांग बढ़ने से विनिर्माण गतिविधियों में तेजी जारी है और सेवा क्षेत्र की रफ्तार भी बरकरार है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम मेधा (AI) जैसी नई प्रौद्योगिकियां वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए नई चुनौतियां पेश करती हैं। क्या होता है रेपो रेट हालांकि महंगाई से जुड़ी चिंताओं और आर्थिक वृद्धि की मजबूत रफ्तार को देखते हुए इस बार भी नीतिगत ब्याज दर में किसी बदलाव की कम ही संभावना थी। ब्लूमबर्ग के एक सर्वे में भी 43 में से 42 अर्थशास्त्रियों ने रेपो रेट के यथावत रहने की बात कही थी। जून में खुदरा महंगाई चार महीनों के उच्च स्तर 5.08% पर पहुंच गई थी। खासकर सब्जियों एवं अन्य कुछ प्रमुख खाद्य वस्तुओं की कीमतें बढ़ने से खुदरा महंगाई बढ़ी है। जुलाई में घर का बना खाना महंगा हो गया है। शाकाहारी यानी वेज थाली 11% महंगी हुई है। वहीं, नॉन-वेज थाली की कीमत में 6% की बढ़ोतरी हुई। प्याज, टमाटर और आलू जैसी सब्जियों के दाम बढ़ने से घर के खाने का खर्च बढ़ा है। जिस तरह से आप बैंकों से अपनी जरूरतों के लिए लोन लेते हैं, उसी तरह से पब्लिक और कमर्शियल बैंकों भी अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए रिजर्व बैंक से लोन लेते हैं। जिस तरह से आप कर्ज पर ब्याज चुकाते हैं, उसी तरह से बैंकों को भी ब्याज चुकाना होता है। यानी भारतीय रिजर्व बैंक की जिस ब्‍याज दर पर बैंकों को लोन देता है, वो रेपो रेट कहलाता है। रेपो रेट कम होने का मतलब बैंकों को सस्ता लोन मिलेगा। अगर बैंकों को लोन सस्ता मिलेगा तो वो अपने ग्राहकों को भी सस्ता लोन देंगे। यानी अगर रेपो रेट कम होता है तो इसकी सीधा फायदा आम लोगों को मिलता है। अगर रेपो रेट बढ़ता है तो आम आदमी के लिए भी मुश्किलें बढ़ती है। recent visitors 121

ओरछा : जीतू पटवारी ने रामराजा सरकार के दर्शन कर प्रदेश वासियों की खुशहाली हेतु कामना की

Jitu Patwari reached Orchha, visited Ramraja government and wished for the prosperity of the people of the state.

Jitu Patwari reached Orchha, visited Ramraja government and wished for the prosperity of the people of the state.

श्योपुर में खाद विभाग की टीम ने दूध डेयरी पर मारा छापा, मिला बदबूदार पनीर, बड़ी मात्रा में पॉम ऑयल बरामद

श्योपुर मध्यप्रदेश के श्योपुर में मिलावटी दुग्ध उत्पाद के काले कारोबार के खिलाफ फूड सेफ्टी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. कार्रवाई शहर से सटे क्षेत्र संचालित एक दुग्ध फैक्ट्री पर की गई जहां मिलावटी दूध, पनीर और घी बनाने का काम होते पाया गया. फैक्ट्री से लिक्विड डिटर्जेंट, पोटाश और हाइड्रोजन परॉक्साइड जैसे उत्पाद भी बड़ी मात्रा में बरामद हुए हैं, जो मिलावटी दूध आदि बनाने में उपयोग में लाए जाते हैं. शहर के पुलिस लाइन रोड पर कलेक्ट्रेट के नजदीक राधे किशना फूड प्रोडक्ट फैक्ट्री पर मिलावटी दुग्ध उत्पाद निर्माण की प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं. जिला कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देश पर बुधवार शाम को यहां फूड सेफ्टी टीम ने छापा मारा तो फैक्ट्री से मिलावटी दूध बनाने वाली सामग्री बरामद की. टीम ने वहां मिले दूध, घी, पनीर आदि सामग्री के सैंपल ले लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए भोपाल भेजा जाएगा. साथ ही यहां उपलब्ध दूध, घी और पनीर आदि सामग्री को नष्ट करा दिया गया है. खाद्य सुरक्षा विभाग के छापे में डेयरी पर दो कड़ाहियों में लगभग 80-80 लीटर दूध गर्म होते पाया गया और एक ड्रम में 40 लीटर दूध पाया गया. पनीर के 10 सांचों में लगभग 40 किलो पनीर मिला, एक ड्रम मिल्क क्रीम, 100 लीटर के लगभग देशी घी प्राप्त हुआ, लेकिन दूध किस दूधिये ने दिया, उसके यहां इतनी भैंस-गाय आदि हैं या नहीं? इससे जुड़ा कोई रिकॉर्ड नहीं मिला, जबकि तत्कालीन कलेक्टर संजय कुमार द्वारा यह निर्देश दिए हुए हैं. बड़ी मात्रा में पॉम ऑयल बरामद खाद्य सुरक्षा विभाग के छापे में डेयरी पर दो कढ़ाई में लगभग 80-80 लीटर दूध गर्म होते पाया गया.  एक ड्रम में 40 लीटर दूध पाया गया. पनीर के 10 सांचों में लगभग 40 किलो पनीर मिला, एक ड्रम मिल्क क्रीम, 100 लीटर के लगभग देशी घी प्राप्त हुआ, लेकिन दूध किस दूधिये ने दिया, उसके यहां इतनी भैंस-गाय आदि हैं या नहीं? इससे जुड़ा कोई रिकॉर्ड नहीं मिला, जबकि तत्कालीन कलेक्टर संजय कुमार द्वारा यह निर्देश दिए हुए हैं. साथ ही डेयरी पर बेस्ट च्वाइस रिफाइंड पॉम ऑयल का टीन, एक कट्टे में पोटाश तथा एक कट्टी में 4 किलो के लगभग लिक्विड डिटर्जेंट पाया गया. एक अन्य कट्टी में हाइड्रोजन परॉक्साइड, संचालक के घर पर 20 टीन बेस्ट च्वाइस रिफाइंड पॉम ऑयल भी मिला है. जिससे इस सामग्री के मिलावटी होने की संभावना पर यहां मिली सामग्री को टीम ने नष्ट करा दिया है. डेयरी संचालक के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है. साथ ही डेयरी पर बेस्ट च्वाइस रिफाइंड पॉम ऑयल का टीन, एक कट्टे में पोटाश तथा एक कट्टी में 4 किलो के लगभग लिक्विड डिटर्जेंट पाया गया. एक अन्य कट्टी में हाइड्रोजन परॉक्साइड, संचालक के घर पर 20 टीन बेस्ट च्वाइस रिफाइंड पॉम ऑयल भी मिला है. जिससे इस सामग्री के मिलावटी होने की संभावना पर यहां मिली. सामग्री को टीम ने नष्ट करा दिया है. डेयरी संचालक के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है.   recent visitors 99

सरकार वक्फ बोर्ड अधिनियम में संशोधन लाकर हम किसी को निशाना नहीं बना रहे हैं: केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी

नई दिल्ली केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने गुरुवार को कहा कि केंद्र सरकार वक्फ बोर्ड अधिनियम में संशोधन लाकर किसी को निशाना नहीं बना रही है और विपक्षी दल "केवल माहौल बनाना चाहते हैं।" प्रह्लाद जोशी ने कहा, "हम किसी को निशाना नहीं बना रहे हैं। वे (विपक्ष) केवल माहौल बनाना चाहते हैं। हमारे मंत्री बिल पेश करते समय विस्तार से बताएंगे। वे समुदाय के कुछ लोगों को गुमराह करना चाहते हैं। वे भारत की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। हम दुनिया के सबसे अच्छे लोकतंत्रों में से एक हैं।" रिजिजू ने लोकसभा में पेश किया बिल संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 पेश किया। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने सदन में विधेयक का विरोध किया और इसे "संघीय व्यवस्था पर हमला" करार दिया। वेणुगोपाल ने सदन में विधेयक पर बोलते हुए कहा, "हम हिंदू हैं, लेकिन साथ ही हम दूसरे धर्मों की आस्था का भी सम्मान करते हैं। यह विधेयक महाराष्ट्र और हरियाणा चुनावों के लिए खास है। आप नहीं समझते कि पिछली बार भारत की जनता ने आपको सबक सिखाया था। यह संघीय व्यवस्था पर हमला है।"   यह अनुच्छेद 30 का उल्लंघन- डीएमके सांसद डीएमके सांसद कनिमोझी ने कहा कि यह अनुच्छेद 30 का सीधा उल्लंघन है, जो अल्पसंख्यकों को अपने संस्थानों का प्रशासन करने से संबंधित है। उन्होंने कहा, "यह विधेयक एक खास धार्मिक समूह को लक्षित करता है।" जेएमएम सांसद महुआ माजी ने कहा कि किसी खास धर्म को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। आरजेडी इस बिल का विरोध करेंगे आरजेडी सांसद मीसा भारती ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और आरजेडी इस बिल का विरोध करेंगे। उन्होंने कहा, "सरकार बेरोजगारी, महंगाई के मुद्दों पर बात नहीं कर रही है।" टीएमसी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा, "यह संशोधन बिल स्थायी समिति के माध्यम से आना चाहिए। हम (विपक्ष) एकजुट होकर इस बिल का विरोध करेंगे।" भाजपा नेताओं ने वक्फ बोर्ड अधिनियम में प्रस्तावित संशोधनों का समर्थन किया, जिसे आज निचले सदन में पेश किया गया।   यह समय की मांग- अब्बास नकवी पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि यह बिल वक्फ बोर्ड व्यवस्था के नाम पर हो रहे उत्पीड़न का समाधान प्रदान करने के लिए है। उन्होंने कहा, "यह समय की मांग है। संविधान के दायरे में यह विधेयक लाया जा रहा है और यह विकास के मार्ग को मजबूत करेगा। इस पर उचित चर्चा होनी चाहिए लेकिन आप इसे रोक नहीं सकते, आप इसे गुमराह नहीं कर सकते।" जानिए वक्फ अधिनियम के बारे में? वक्फ अधिनियम, 1995 में संशोधन के लिए आज लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 पेश किया गया। विधेयक का उद्देश्य राज्य वक्फ बोर्डों की शक्तियों, वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण और सर्वेक्षण तथा अतिक्रमण हटाने से संबंधित "मुद्दों का प्रभावी ढंग से समाधान" करना है। वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024, वक्फ अधिनियम, 1995 का नाम बदलकर एकीकृत वक्फ प्रबंधन, सशक्तीकरण, दक्षता और विकास अधिनियम, 1995 करने का प्रावधान करता है। यह स्पष्ट रूप से "वक्फ" को किसी भी व्यक्ति द्वारा कम से कम पांच साल तक इस्लाम का पालन करने और ऐसी संपत्ति का स्वामित्व रखने के रूप में परिभाषित करने और यह सुनिश्चित करने का प्रयास करता है कि वक्फ-अल-औलाद के निर्माण से महिलाओं को उत्तराधिकार के अधिकारों से वंचित नहीं किया जाता है।   recent visitors 121

10 अगस्त को जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत और शहरी वार्ड में लाडली बहनों के लिए समारोह पूर्वक आयोजित किया जाएगा – कलेक्टर सिंह

10 अगस्त को जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत और शहरी वार्ड में भी लाडली बहनों के लिए समारोह पूर्वक आयोजित किया जाएगा रक्षाबंधन उत्सव सह आभार कार्यक्रम 28 अगस्त को जन्माष्टमी पर्व पर भगवान श्रीकृष्ण की जीवनगाथा पर केंद्रित विभिन्न कार्यक्रमों का होगा आयोजन कलेक्टर सिंह ने जिले में रक्षाबंधन उत्सव सह आभार कार्यक्रम और हर घर तिरंगा अभियान की तैयारियों के संबंध में ली अधिकारियों की बैठक छिन्दवाडा कलेक्टर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव 10 अगस्त 2024 को प्रदेश के श्योपुर जिले में आयोजित कार्यक्रम से प्रदेश की लाडली बहनों के खातों में सिंगल क्लिक के माध्यम से 1900 करोड़ रुपए की राशि अंतरित करेंगे। इस दौरान प्रदेश के सभी जिलों को मिलाकर लगभग 25000 स्थानों पर लाडली बहनों के लिए रक्षाबंधन उत्सव सह आभार कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि आगामी 10 अगस्त को छिंदवाड़ा जिले की सभी ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों में भी रक्षाबंधन सह आभार कार्यक्रम का अयोजन उत्सव के रूप में किया जाए। जिला स्तर पर भी एक भव्य कार्यक्रम आयोजन की व्यवस्था एडीएम, नगर निगम आयुक्त और जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास करें। सभी स्थानों पर लाडली बहनों को शामिल करने के साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी ससम्मान आमंत्रित किया जाए।  रक्षाबंधन सह आभार कार्यक्रम के दौरान जिले के सभी स्थानों पर लाडली बहनों द्वारा राखी बांधने, सावन उत्सव गीत, सेल्फी पॉइंट, लाडली बहनों को उपहार, स्थानीय सांस्कृतिक कार्यक्रम, लाडली बहनों के उद्बोधन की व्यवस्था की जाए। एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत सभी कार्यक्रम स्थलों पर पौधरोपण भी किया जाए। उन्होंने प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम और मुख्यमंत्री जी के लाइव प्रसारण की व्यवस्था सभी स्थानों पर कराने और सभी की फोटो-वीडियोग्राफी सुनिश्चित कराने के निर्देश संबंधित स्थानीय निकायों को दिए। कलेक्टर सिंह आज कलेक्टर कार्यालय के मिनी सभाकक्ष में आयोजित बैठक में आगामी 10 अगस्त को लाडली बहनों के लिए आयोजित रक्षाबंधन उत्सव सह आभार कार्यक्रम, हर घर तिरंगा अभियान और जन्माष्टमी उत्सव की तैयारियों के संबंध में जिले के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दे रहे थे। बैठक में जिला मुख्यालय के अधिकारी सभाकक्ष से शामिल हुए जबकि जिले के अन्य सभी अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शामिल थे।        कलेक्टर सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी जी की मंशा के अनुरूप विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी 11 अगस्त से 15 अगस्त तक हर घर तिरंगा अभियान चलाया जायेगा। जिले में हर घर तिरंगा अभियान पूरी गरिमा के साथ झंडा संहिता का पालन करते हुए मनाया जाए। जिले के प्रत्येक घर में तिरंगा झंडा लहराए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी स्थानीय निकाय झंडों की आवश्यकता का आंकलन कर उपलब्धता की व्यवस्था बना लें। पिछले वर्ष के झंडे भी उपयोग में लाए जा सकते हैं।  झंडा संहिता में हुए संशोधन के अनुसार तिरंगा झंडा घरों में किसी भी समय फहराया जा सकता है, लेकिन झंडा साफ सुथरा और अच्छी तरह से प्रेस किया हुआ होना चाहिए। कटा-फटा या मैला झंडा किसी भी हालत में उपयोग में ना लाया जाए, इस संबंध में आमजन को जागरूक भी करें। ऐसे झंडे विधिवत गड्ढा खोदकर जमीन में गड़ाकर डिस्पोज किए जाने चाहिए। उन्होंने हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत जिले में 12 से 14 अगस्त तक तिरंगा रैली, तिरंगा यात्रा, तिरंगा मैराथन, शहीदों की स्मृति में उन्हें सम्मान देने के लिए शिला फलकम कार्यक्रम, सेल्फी विथ तिरंगा, कैनवास, हस्ताक्षर अभियान, तिरंगा प्रतिज्ञा, तिरंगे पर केंद्रित निबंध, भाषण, चित्रकला, वाद विवाद प्रतियोगिता आदि विविध गतिविधियों का आयोजन गरिमामय ढंग से सुनिश्चित कराने के निर्देश स्कूल शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग एवं सभी जनपदों और नगरीय निकायों को दिए हैं। इन सभी कार्यक्रमों में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करने और विभिन्न एनजीओ, सामाजिक संगठनों सहित समाज के हर वर्ग को शामिल कर उत्सव के रूप में मनाए जाने के निर्देश दिए हैं।  उन्होंने आगामी 26 अगस्त को जन्माष्टमी के अवसर पर भी भगवान कृष्ण की जीवन कथा पर केंद्रित विविध आयोजन कराने के लिए निर्देशित किया है। recent visitors 99

प्रतिदिन सात घंटे ड्यूटी, संडे को ऑफ… एमपी कांग्रेस के ऑफिस में अब टाइम से होगा काम

भोपाल  मध्य प्रदेश कांग्रेस में अब कॉरपोरेट कल्चर आ गया है। पीसीसी के ऑफिस में अब समय से काम होगा। भोपाल स्थित कांग्रेस दफ्तर के बाहर टाइमिंग का बोर्ड लगा हुआ है। इस बोर्ड पर काम करने का समय लिखा हुआ है। बोर्ड के अनुसार कांग्रेस दफ्तर में सुबह 11 बजे से शाम को छह बजे तक काम होगा। इसके बाद छुट्टी हो जाएगी। साथ ही रविवार को भी अवकाश रहेगा। बोर्ड के वीडियो सामने आते ही बीजेपी ने कांग्रेस को लपेट लिया है। इसके बाद कांग्रेस के ही नेता ने बोर्ड को तोड़कर फेंक दिया है। काम का समय तय दरअसल, बोर्ड की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होते ही कांग्रेस नेता अमित शर्मा दफ्तर पहुंचे और बोर्ड हटवा दिया। हालांकि, बीजेपी ने इस मुद्दे पर कांग्रेस को निशाने पर ले लिया। बीजेपी प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने लिखा कि कॉरपोरेट कल्चर से चलेगी अब मध्य प्रदेश कांग्रेस। पार्टी ऑफिस के बाहर लगाए गए बोर्ड पर लिखा है कि सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक काम होगा। रविवार को अवकाश रहेगा। नरेंद्र सलूजा ने लिखा कि रविवार को कांग्रेसजन छुट्टी पर रहकर मस्त रहेंगे। क्या करें, मौसम का असर जो है। वहीं, इस बोर्ड को लेकर लोगों में गुस्सा भी देखने को मिला। कुछ लोगों ने बोर्ड तोड़ दिया। लोगों ने इस कदम को अजीब बताया। लोगों का कहना है कि ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी राजनीतिक दल ने अपने दफ्तर के लिए इस तरह का समय निर्धारित किया है। इस घटना से साफ़ है कि राजनीतिक दल भी अब कॉर्पोरेट कल्चर को अपना रहे हैं। हालांकि, आम जनता को अब भी उम्मीद है कि राजनीतिक दल उनके लिए हर समय उपलब्ध रहेंगे, न कि किसी निश्चित समय के लिए। हालांकि कांग्रेस की तरफ से वायरल वीडियो पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। दरअसल, गुरुवार सुबह जब लोग भोपाल स्थित मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यालय पहुंचे तो गेट पर एक बोर्ड लगा दिखा. जिसपर लिखा था- ''पीसीसी कार्यालय के कार्य का समय सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक है और रविवार अवकाश रहेगा.'' इस बोर्ड की तस्वीरें जैसे ही वायरल हुई कांग्रेस नेता अमित शर्मा कांग्रेस कार्यालय पहुंचे और बोर्ड को हटा दिया. उधर, बीजेपी ने इस पर तंज कसा है. BJP प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने 'X' पर लिखा, ''कारपोरेट कल्चर से चलेगी अब जीतू पटवारी की मध्यप्रदेश कांग्रेस, सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक, रविवार अवकाश. पीसीसी के बाहर लगा बोर्ड. शाम 6 बजे के बाद और रविवार कांग्रेसजन छुट्टी पर रहकर मस्त रहेंगे. क्या करें, मौसम का असर जो है.  इस फैसले को लेकर आक्रोश भी सामने आ गया. कुछ लोगो ने बोर्ड तोड़ कर फेंका. अजीबोगरीब फैसले लेने वाली जीतू पटवारी की कांग्रेस. देश के इतिहास में पहली बार किसी राजनैतिक दल ने इस तरह का समय का निर्णय लिया है…''   recent visitors 117