IPL 2025 मेगा ऑक्शन से पहले होंगे बड़े बदलाव, इतने खिलाड़ियों को किया जा सकता है रिटेन

मुंबई आईपीएल 2025 के मेगा ऑक्शन के लिए कितने ख‍िलाड़ी एक टीम में रिटेन किए जाएंगे, रिटेंशन की संख्या क्या होगी? क्या इम्पैक्ट रूल होना चाहिए, इन्हीं सब बातों को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने एक मीटिंग बुधवार (31 जुलाई) को बुलाई. इस मीटिंग में मेगा ऑक्शन की प्रासंगिकता और भविष्य पर चर्चा बहस में बदल गई. वानखेड़े स्टेडियम में बीसीसीआई हेड क्वार्टर की चौथी मंजिल पर मीटिंग में कुछ फ्रेंचाइजी माल‍िकों के बीच जोरदार बहस देखने को मिली. इस मीटिंग के बाद अब BCCI ने कहा कि वह आने वाले कुछ सप्ताह में फ्रेंचाइजी को अपना निर्णय बताएगा. 'क्रिकबज' की रिपोर्ट में इस मीटिंग को लेकर कई दावे किए गए हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि मेगा ऑक्शन को लेकर कई टीमों ने विरोध के स्वर भी दिखाए. वहीं इसे बंद करने की कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के माल‍िक शाहरुख खान और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की CEO काव्या मारन ने मांग कर डाली. ध्यान रहे शाहरुख की KKR और काव्या की टीम SRH आईपीएल 2024 के फाइनलिस्ट थी. दोनों ही टीमें अपने ख‍िलाड़‍ियों को साथ रखना चाहते हैं. हालांकि, इसके ल‍िए इन दोनों ने यह तर्क दिया कि वे टीम की ब्रांड-बिल्डिंग और फैन्स इंगेजमेंट के लिए ऐसा करना चाहते हैं. काव्या मारन ने किया म‍िनी ऑक्शन का सपोर्ट वैसे इस मीटिंग में केकेआर को एसआरएच की मालकिन मारन का सपोर्ट मिला, जिन्होंने कहा कि उनकी फ्रेंचाइजी की प्राथमिकता हर साल मेगा ऑक्शन के बजाय मिनी ऑक्शन है. मीट‍िंग के बाद काव्या ने कहा- एक टीम बनाने में बहुत समय लगता है और जैसा कि चर्चा की गई है, यंग खिलाड़ियों को मैच्योर होने में भी काफी समय और इन्वेसमेंट लगता है. अभिषेक शर्मा को अपने प्रदर्शन में निरंतरता लाने में तीन साल लग गए. अन्य टीमों में भी ऐसे कई उदाहरण हैं. शाहरुख और नेस वाड‍िया में हुई बहस? मीटिंग में शामिल बीसीसीआई के एक सूत्र ने बताया कि शाहरुख ने मेगा ऑक्शन खिलाफ जमकर अपना पक्ष रखा. एक समय ऐसा भी आया जब केकेआर के मालिक की पंजाब किंग्स के सह-मालिक नेस वाडिया के साथ रिटेंशन के नंबर्स को लेकर तीखी बहस भी हुई. नेस वाड‍िया ने कहा मेरी किसी से दुश्मनी नहीं इस मीटिंग के बाद वाडिया ने केकेआर के मालिक के साथ किसी तरह की बहस में शामिल होने से इनकार किया. पंजाब किंग्स के सह-मालिक ने इस मुद्दे कहा, 'मैं शाहरुख को 25 साल से भी ज्यादा समय से जानता हूं.  यहां कोई दुश्मनी नहीं है. हर किसी ने अपने विचार दिए और उनकी अपनी राय थी. आखिरकार, आपको सभी हितधारकों को देखना होगा और वही करना होगा जो सभी के लिए सबसे अच्छा हो. यही सबसे जरूरी है.' पार्थ जिंदल ने बताया मीटिंग में क्या हुआ? आईपीएल माल‍िकों की मीटिंग में बहुत ज्यादा रिटेंशन के ख‍िलाफ बोलने वालों में दिल्ली कैपिटल्स के पार्थ जिंदल भी शामिल थे. उन्होंने कहा-मुझे आश्चर्य हुआ कि इस बात पर बहस हो रही थी कि मेगा ऑक्शन होना चाहिए या नहीं. कुछ लोगों ने कहा कि मेगा ऑक्शन बिल्कुल नहीं होना चाहिए, सिर्फ म‍िनी ऑक्शन होना चाहिए. मैं किसी कैम्प में नहीं हूं. इम्पैक्ट रूल का पार्थ जिंदल ने किया विरोध वहीं जिंदल ने कहा कि वह इम्पैक्ट प्लेयर नियम को जारी रखने के भी खिलाफ हैं. जिंदल ने कहा- कुछ लोगों का कहना है कि इससे आईपीएल में नए ख‍िलाड़‍ियों को खेलने का मौका मिलता है, कुछ लोग इसे नहीं चाहते क्योंकि यह ऑलराउंडर्स के डेवलपमेंट के मामले में भारतीय क्रिकेट के लिए हानिकारक है. ऐसे में यह एक म‍िक्स बैग है. मैं इसे नहीं चाहता हूं. इस रूल के कारण आपके पास अलग-अलग खिलाड़ी हैं जो आईपीएल में गेंदबाजी नहीं करते हैं या आईपीएल में बल्लेबाजी नहीं करते हैं, यह भारतीय क्रिकेट के लिए अच्छा नहीं है. मीट‍िंंग ये ये IPL माल‍िक हुए शाम‍िल   इस मीटिंग में शामिल होने वाले अन्य मालिकों में दिल्ली कैपिटल्स के किरण कुमार ग्रांधी, लखनऊ सुपर जायंट्स के संजीव गोयनका, चेन्नई सुपर किंग्स की रूपा गुरुनाथ, राजस्थान रॉयल्स के मनोज बदाले और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के प्रथमेश मिश्रा शामिल थे. कुछ मालिक वीडियो कॉन्फ्रेंस के ज़रिए बैठक में शामिल हुए, जिनमें मुंबई इंडियंस का अंबानी पर‍िवार शामिल था.   बीसीसीआई का आया बयान बीसीसीआई ने इस मीटिंग के बाद एक बयान जारी कर कहा- फ्रेंचाइजी मालिकों ने खिलाड़ियों के रेगुलेशन और लाइसेंसिंग, गेमिंग सहित कई कमर्श‍ियल पहलुओं पर पर फीडबैक दिया है. बीसीसीआई अब आईपीएल खिलाड़ियों रेगुलेशन के लिए आईपीएल गवर्निंग काउंसिल के पास ले जाएगा.' recent visitors 152

श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद में आज आएगा हाईकोर्ट का फैसला

High Court's decision to come today in Shri Krishna Janmabhoomi and Shahi Idgah Mosque dispute

High Court’s decision to come today in Shri Krishna Janmabhoomi and Shahi Idgah Mosque dispute

लखनऊ में बारिश के बीच युवती से छेड़छाड़, पुलिस ने 4 की किया गिरफ्तार

 लखनऊ लखनऊ के गोमती नगर इलाके में बीच सड़क बाइक सवार युवक और युवती से बदसलूकी करने वाले हुड़दंगियों के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर में छेड़खानी की धारा बढ़ा दी है. इसके अलावा इस मामले में पुलिस ने दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है. इस केस में अबतक चार आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं. बाकी आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी है. अंबेडकर नगर पार्क के सामने बारिश के बाद सड़कों पर जलभराव हो गया था. यहां कई युवक आने-जाने वाली गाड़ियों पर सवार लोगों को परेशान कर रहे थे. जब एक बाइक सवार युवक अपनी महिला दोस्त के साथ यहां से गुजर रहा था तो यहां मौजूद हुड़दंगियों ने उनके ऊपर भी बारिश का जमा गंदा पानी उनके ऊपर फेंका. उन्होंने बाइक को आगे बढ़ने से भी रोका और बाइक को पीछे की ओर खींचा. तहजीब का शहर माने जाने वाले लखनऊ में ये सब शहर के वीआईपी माने जाने वाले इलाके में हो रहा था. हुड़दंगियों ने तबतक पानी उनके युवक और युवती पर फेंका, जबतक कि वो नीचे नहीं गिर गए. इस घटना का वीडियो सबसे ज्यादा वायरल हो रहा है. यह मामला तब और बढ़ गया, जब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इस वीडियो को शेयर कर लोगों ने इन उपद्रवियों पर कार्रवाई करने की मांग की. जिसके बाद पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया और पहले पुलिस ने एफआईआर में कहा था कि 15-20 अज्ञात लड़कों द्वारा वहां से गुजरने वाले लोगों के मार्ग में पानी को अपने हाथों से उलीचकर बाधा पहुंचाई और गंदा पानी उलीचा गया, जिससे संक्रमणकारी रोग सकते हैं. इन लड़कों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है. हालांकि अब इस पुलिस ने इस मामले में युवती के साथ छेड़खानी का मामला दर्ज किया गया है. इन हुड़दंगियों ने वहां से गुजर रहे एक बुजुर्ग को भी नहीं छोड़ा, जोकि स्कूटी लेकर सड़क से जा रहा था. एक तो वो पहले से ही परेशान था ऊपर से ये हुड़दंगी उन पर पानी फेंक रहे थे. इतना ही नहीं उनमें से एक युवक ने गाड़ी को धक्का भी दे दिया और बुजुर्ग अपनी स्कूटी को संभाल नहीं सके और गिर गए.   ऐसा नहीं है कि ये युवक केवल बाइक वालों को ही निशाना बना रहे हों. इन्होंने वहां से धीमी स्पीड से गुजरने वाली कारों को भी नहीं छोड़ा. चूंकि सड़क पर पानी भरा हुआ था, इसलिए गाड़ियां ज्यादा तेज नहीं चल पा रही थीं तो युवक उन कारों पर भी हाथों से पानी उलीच रहे थे. एक वीडियो में दिखाई दे रहा है कि जब किसी ने कार का गेट खोल दिया तो वो उन्होंने जबरदस्ती गेट पकड़ लिया और लगातार वही बारिश का गंदा पानी कार के अंदर फेंकते रहे.    लखनऊ में कल हुई मॉनसून की पहली बारिश बता दें कि लखनऊ में बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश से नगर निगम की तैयारियों की पोल खुल गई. बारिश के बाद यूपी की राजधानी पानी-पानी हो गई. इतना ही नहीं मॉनसून सत्र के दौरान यूपी विधानसभा में भी पानी घुस गया. विधानसभा के ग्राउंड फ्लोर और बेसमेंट में पानी भर गया. हजरतगंज इलाके में भी भारी बारिश की वजह से सड़कें जलमग्न हो गईं. सड़कों पर पानी का सैलाब दिखाई दिया.     recent visitors 116

कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह और SC-ST को सब-कैटेगरी में रिजर्वेशन मामले में आज फैसला

नई दिल्ली/ प्रयागराज मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट आज अपना फैसला सुनाएगा. दोपहर 2 बजे तक कोर्ट का फैसला आने की उम्मीद है. हिंदू पक्ष ने जो याचिकाएं दायर की हैं, उनमें शाही ईदगाह मस्जिद की जमीन को हिंदुओं की बताया है और वहां पूजा का अधिकार दिए जाने की मांग की है. वहीं, मुस्लिम पक्ष ने प्लेसिस ऑफ वर्शिप एक्ट, वक्फ एक्ट, लिमिटेशन एक्ट और स्पेसिफिक पजेशन रिलीफ एक्ट का हवाला दिया और हिंदू पक्ष की याचिकाओं को खारिज किए जाने की दलील पेश की है. अब इलाहाबाद हाईकोर्ट तय करेगा कि मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद में दाखिल 18 अर्जियों की एक साथ सुनवाई होगी या नहीं. HC में कोर्ट नंबर 71 के जस्टिस मयंक कुमार जैन की सिंगल बेंच फैसला सुनाएगी. इससे पहले 6 जून को सुनवाई पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था. दरअसल, हिंदू पक्ष की तरफ से 18 याचिकाएं दाखिल की गई हैं. वहीं, मुस्लिम पक्ष ने ऑर्डर 7 रूल, 11 के तहत इन याचिकाओं की पोषणीयता पर सवाल उठाए और इन्हें खारिज किए जाने की अपील की. हिंदू और मुस्लिम पक्ष के लिए गुरुवार का दिन बेहद अहम माना जा रहा है. श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह से संबंधित कुल 18 याचिकाओं को लेकर फैसला आना है. भगवान श्रीकृष्ण विराजमान कटरा केशव देव और सात अन्य की तरफ से दाखिल सिविल वाद की पोषणीयता को लेकर याचिकाएं दायर की गईं हैं. उसके बाद शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी और सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने भी इलाहाबाद हाई कोर्ट में सीपीसी के ऑर्डर 7, रूल 11 के तहत याचिकाएं दाखिल की थीं. हिंदू पक्ष द्वारा दाखिल याचिकाओं में दावा किया गया है कि मस्जिद का निर्माण कटरा केशव देव मंदिर की 13.37 एकड़ भूमि पर किया गया है. औरंगजेब के जमाने की ये मस्जिद, मंदिर के विध्वंस के बाद बनाई गई है. अब इलाहाबाद हाईकोर्ट तय करेगा कि हिंदू पक्ष की 18 याचिकाएं सुनवाई करने योग्य हैं या नहीं. कोटा के अंदर कोटा मामले में गुरुवार का दिन काफी अहम है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली 7 जजों की संविधान पीठ सुबह करीब 10 बजे के बाद अपना फैसला सुनाएगी. आज यह साफ हो जाएगा कि राज्यों द्वारा नौकरियों में आरक्षण देने के लिए कोटा के भीतर कोटा दिया जा सकता है या नहीं? सुप्रीम कोर्ट अपने 2004 के फैसले की जांच के बाद फैसला सुनाने जा रहा है. 2004 के फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि राज्यों के पास आरक्षण देने के लिए अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की सब कैटेगिरी करने का अधिकार नहीं है. एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट के समक्ष मुख्य मुद्दा एससी और एसटी कैटेगिरी के भीतर सब-कैटेगिरी (कोटे के भीतर कोटा) का है. अब कोर्ट यह बताएगा कि क्या अनुसूचित जाति और जनजाति श्रेणियों को सब-कैटेगरी में रिजर्वेशन मिलेगा या नहीं? क्या राज्य विधानसभाओं के पास कोटा के भीतर कोटा लागू करने का अधिकार है या नहीं? सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ में सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस बेला एम त्रिवेदी, जस्टिस पंकज मिथल, जस्टिस मनोज मिश्रा, जस्टिस एससी शर्मा का नाम शामिल है. याचिकाओं में ईवी चिन्नैया बनाम आंध्र प्रदेश सरकार के फैसले की समीक्षा की मांग की गई है. 2004 में इस मामले में फैसला सुनाया था कि सभी अनुसूचित जाति समुदाय एक सजातीय वर्ग के अंतर्गत आते हैं. क्या है पूरा मामला…. दरअसल, 1975 में पंजाब सरकार ने आरक्षित सीटों को दो श्रेणियों में विभाजित करके अनुसूचित जाति के लिए आरक्षण नीति पेश की थी. एक बाल्मीकि और मजहबी सिखों के लिए और दूसरी बाकी अनुसूचित जाति वर्ग के लिए. 30 साल तक ये नियम लागू रहा. उसके बाद 2006 में ये मामला पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट पहुंचा और ईवी चिन्नैया बनाम आंध्र प्रदेश राज्य मामले में सुप्रीम कोर्ट के 2004 के फैसले का हवाला दिया गया. पंजाब सरकार को झटका लगा और इस नीति को रद्द कर दिया गया. चिन्नैया फैसले में कहा गया था कि एससी श्रेणी के भीतर सब कैटेगिरी की अनुमति नहीं है. क्योंकि यह समानता के अधिकार का उल्लंघन है. बाद में पंजाब सरकार ने 2006 में बाल्मीकि और मजहबी सिखों को फिर से कोटा दिए जाने को लेकर एक नया कानून बनाया, जिसे 2010 में फिर से हाई कोर्ट में चुनौती दी गई. हाई कोर्ट ने इस नीति को भी रद्द कर दिया. ये मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा. पंजाब सरकार ने तर्क दिया कि इंद्रा साहनी बनाम भारत संघ में सुप्रीम कोर्ट के 1992 के फैसले के तहत यह स्वीकार्य था, जिसने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के भीतर सब कैटेगिरी की अनुमति दी थी. पंजाब सरकार ने तर्क दिया कि अनुसूचित जाति के भीतर भी इसकी अनुमति दी जानी चाहिए. recent visitors 144

निफ्टी 25000 के पार, कोल इंडिया समेत 10 शेयर तूफानी रफ्तार से भागे

मुंबई आज से अगस्त का महीना शुरू हो गया है और महीने के पहले दिन शेयर बाजार (Stock Market) जोरदार तेजी के साथ ओपन हुआ. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) ने फिर से नया हाई लेवल छुआ, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty-50) इतिहास रचते हुए पहली बार 25,000 के आंकड़े के पार निकल गया. बाजार में इस तेजी के बीच मारुति सुजूकी, हिंडाल्को और कोल इंडिया समेत 10 शेयर तूफानी रफ्तार से भागते हुए नजर आए. नए शिखर पर पहुंचा सेंसेक्स सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को शेयर बाजार (Share Market) की शुरुआत शानदार तरीके से हुई. BSE Sensex अपने पिछले बंद 81,741 की तुलना में 236 अंक की बढ़त के साथ 81,977 के लेवल पर कारोबार शुरू किया और कुछ ही मिनटों में ये 379.88 अंक की जोरदार उछाल के साथ 82,121.22 के नए ऑल टाइम हाई लेवल पर पहुंच गया. Nifty ने तोड़े सारे रिकॉर्ड सेंसेक्स की तरह ही एनएसई का निफ्टी (NSE Nifty) भी रॉकेट की रफ्तार से भागता नजर आ रहा है. सुबह 9.15 बजे पर निफ्टी अपने पिछले बंद 24951.15 के लेवल से चढ़कर 25,030.95 के लेवल पर ओपन हुआ. शेयर बाजार के इतिहास में ये पहली बार है, जबकि Nifty-50 ने 25,000 का आंकड़ा पार किया है.   1844 शेयर तेजी के साथ खुले स्टॉक मार्केट ओपन होने के साथ ही 1844 शेयरों ने जबर्दस्त तेजी के साथ हरे निशान पर कारोबार शुरू किया, तो वहीं 551 शेयर ऐसे थे जो गिरावट के साथ ओपन हुए. इसके अलावा 134 शेयरों की स्थिति में कोई चेंज देखने को नहीं मिला. निफ्टी पर Maruti Suzuki, Hindalco, JSW Steel, Coal India और ONGC सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में शामिल थे. तो वहीं दूसरी ओर Hero MotoCorp, UltraTech Cement, Infosys, Sun Pharma और Asian Paints के शेयर लाल निशान पर खुले. ये 10 शेयर सबसे ज्यादा भागे गुरुवार को मार्केट ओपन होने के साथ सबसे ज्यादा भागने वाले शेयरों का जिक्र करें, तो Maruti Share (3.26%), PowerGrid Share (2.40%), JSW Steel Share (2%) और Tata Steel Share 1.50% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा मिडकैप कंपनियों में शामिल Oil India Share 5.29%, NAM-Inadi 3.53%, Mahindra Finance 2.33% की तेजी के साथ ट्रेड कर रहा था. वहीं बात करें स्मालकैप कंपनियों की, तो इनमें शामिल FSL Share 11.27%, IFBIndia Share 7.90% और SIS Share 6.86% चढ़कर बाजार में धमाल मचा रहा था. recent visitors 149