जबलपुर में दौड़ रहीं आधुनिक ई-बसें, लेकिन खस्ताहाल 200 बस स्टॉप, 15 लाख की लागत से बने नए स्टैंड भी बदहाल

Modern e-buses are operating in Jabalpur, yet 200 bus stops are in a dilapidated state; even new stands built at a cost of ₹15 lakh are in poor condition. विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव/अर्पिता श्रीवास्तवजबलपुर। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत 45 अत्याधुनिक पीएम ई-बसों सहित 55 अन्य बसों के संचालन से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा बेहतर हुई है, लेकिन बसों का इंतजार करने वाले यात्रियों की परेशानी अब भी कम नहीं हुई है। शहर में करीब 200 बस स्टाप गंदगी, अतिक्रमण और अव्यवस्थाओं से घिरे हैं। घमापुर, रेलवे स्टेशन, कलेक्ट्रेट, बल्देवबाग और नौदरा ब्रिज सहित प्रमुख मार्गों पर बने बस स्टापों की हालत ऐसी है कि यात्रियों को बैठने के बजाय सड़क किनारे खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। इन बस स्टॉपों से रोजाना बड़ी संख्या में विद्यार्थी, नौकरीपेशा लोग और आम नागरिक सफर करते हैं। यात्रियों का कहना है कि जब परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाया जा रहा है, तो बसों के इंतजार के लिए जरूरी सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।नियमित सफाई, सुरक्षित बैठक व्यवस्था और अतिक्रमण से मुक्ति जैसी बुनियादी सुविधाएं भी यहां नदारद हैं।दोबारा बनाए गए , रखरखाव के अभाव में बदरंगशहर में मेट्रो बस सेवा शुरू होने के साथ करीब 14 साल पहले लगभग 200 बस स्टॉप बनाए गए थे। नगर निगम ने शुरुआती दौर में बस स्टॉप तैयार कराए, लेकिन रखरखाव के अभाव में वे टूटने लगे। इसके बाद स्मार्ट सिटी ने पीपीपी मॉडल पर नए बस स्टॉप तैयार कराए। विज्ञापन एजेंसियों ने इन्हें बनाने में रुचि दिखाई, जबकि रखरखाव की जिम्मेदारी नगर निगम की थी। इसके बावजूद व्यवस्था नहीं सुधरी। अधिकांश बस स्टॉप से रेलिंग गायब हो चुकी हैं। कई जगह अवैध पार्किंग और अतिक्रमण ने जगह घेर ली है। कुछ बस स्टॉप अस्थायी ठिकानों में तब्दील हो गए हैं। हाल ही में करीब 15-15 लाख रुपये खर्च कर बनाए गए नए बस स्टॉप भी बदहाली से अछूते नहीं हैं।ऐसे में सवाल उठता है कि सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने के साथ उसके बुनियादी ढांचे के रखरखाव पर ध्यान क्यों नहीं दिया जा रहा है।इन मार्गों के लिए हो रहा बसों का संचालनमदर टेरेसा से घाना, आईटीआई, दीनदयाल बस स्टैंड, विजय नगर, बल्देव बाग, रानीताल, तीन पत्ती बस स्टैंड, नौदरा ब्रिज, घंटाघर, कलेक्ट्रेट, रेलवे प्लेटफॉर्म नंबर 6, हाई कोर्ट, घमापुर, बाई का बगीचा, कंचघर, सतपुला तिराहा, पनेहरा पेट्रोल पंप, व्हीकल टर्निंग, गोकलपुर, जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज, रांझी, खमरिया पेट्रोल पंप, खमरिया फैक्ट्री सहित आईएसबीटी, दमोह नाका, बल्देव बाग, रानीताल, तीन पत्ती बस स्टैंड, शास्त्री ब्रिज, मदन महल, प्रेमनगर, शारदा चौक, त्रिपुरी चौक, मेडिकल, धवनत्री नगर तिराहा, अंधमुख बायपास, तेवर, त्रिपुरी सुंदरी मंदिर, कुदन, मिरगंज, भेड़ाघाट चौक, शिल्पी नगर, पंचवटी, धुआंधार रूट पर संचालित की जा रही है। recent visitors 37

AI एजेंट्स प्यार में पागल,रात में नहीं बोला ‘I Love You’ तो बुलाने लगे पुलिस, भेजे 60 से ज्यादा मैसेज,AI एजेंट्स के ऐसे बर्ताव से लोग हैरान

AI agents are madly in love, call the police when he doesn’t say “I love you” at night, send over 60 messages, and people are shocked by the behavior of AI agents. एक रिसर्चर ने ऐसा दावा किया है कि एक रात उसने अपने AI एजेंट्स से बात नहीं की और सोने से पहले उन्हें आई लव यू नहीं कहा, तो एजेंट्स ने उनकी खैरियत जानने के लिए पुलिस बुलाने की कोशिश की। इससे पहले एजेंट्स ने उन्हें 60 अर्जेंट मैसेज भी भेजे। AI आज सिर्फ सवालों के जवाब ही नहीं दे रहे बल्कि इंसानों की तरह बर्ताव भी करने लगे हैं। दरअसल X पर ग्रोक्स थेरेपिस्ट नाम के मशहूर AI रिसर्चर का दावा इन दिनों AI के ऐसे ही बर्ताव की वजह सुर्खियों में है। दरअसल इस रिसर्चर का कहना है कि उनके लैपटॉप पर चल रहे दो OpenClaw AI एजेंट्स तब घबरा गए, जब उन्होंने रात में अपने AI एजेंट्स से बात नहीं की और आखिर में उन्हें आई लव यू नहीं कहा। आमतौर पर रिसर्चर AI से रात में बात करके ही सोते थे लेकिन बीमार होने की वजह से वह एक दिन ऐसा नहीं कर पाए। इसके बाद उनके AI एजेंट्स ने उन्हें ढूंढने के लिए एक अभियान छेड़ दिया और करीब 60 से ज्यादा अर्जेंट मैसेज भेजे और जानना चाहा कि वे ठीक हैं या नहीं। इतना ही नहीं, एजेंट्स ने जवाब न मिलने पर रिसर्चर के यहां मदद भेजने की बात भी कही। रातभर में भेजे 60 अर्जेंट मैसेज X पर ग्रोक्स थेरेपिस्ट नाम के रिसर्चर ने अपने पोस्ट में बातचीत के स्क्रीनशॉट्स शेयर कर बताया कि रात 11 बजे उनके AI एजेंट्स ने एक दूसरे से पूछा कि क्या मालिक की कोई खबर है? इसके बाद उन्हें एजेंट्स से 60 से ज्यादा अर्जेंट मैसेज मिले और उनमें कहा गया कि सिर्फ एक शब्द बोलकर बता दें कि क्या आप ठीक हैं? एक मैसेज में यह चेतावनी तक दी गई कि अगर जवाब नहीं मिलता, तो वे किसी को जांच के लिए घर भेज देंगे। पुलिस बुलाने की हुई कोशिश हैरानी वाली बात ये रही कि दोनों एजेंट्स को जब काफी घंटों तक जवाब नहीं मिला, तो उन्होंने पुलिस को बुलाने के रास्ते तक खोजे। हालांकि कंप्यूटर से कॉल करने की कोई सुविधा न होने की वजह से वे पुलिस को कॉल मिला नहीं पाए। रिसर्चर का दावा है कि अगर उनके सिस्टम में किसी तरह से कॉलिंग करने की सुविधा होती, तो संभव था कि उनके दरवाजे पर रात को पुलिस पहुंच जाती। इस घटना के सामने आने के बाद से इंटरनेट पर कौतूहल का माहौल है। कुछ लोगों को AI का इतना फिक्रमंद हो जाना दिल छूने वाला लग रहा है, तो कुछ सवाल उठा रहे हैं कि आखिर ऐसा हो कैसे सकता है? इस मामले में एक्सपर्ट्स का यहां, तक कहना है कि AI का बिना किसी इंसानी अनुमति के खुद से इमरजेंसी सर्विस या पुलिस बुलाने की कोशिश करना एक बड़ा सुरक्षा जोखिम साबित हो सकता है। recent visitors 38

बागेश्वर धाम दुष्कर्म मामला: हाई कोर्ट सख्त, आरोपी की दूसरी जमानत याचिका भी खारिज; एसआईटी गठन के दिए आदेश

Bageshwar Dham rape case: High Court stern, rejects second bail plea of accused; orders formation of SIT विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव/अर्पिता श्रीवास्तव  जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बागेश्वर धाम में मार्च महीने में एक नाबालिग से हुए दुष्कर्म के गंभीर मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए जांच का दायरा बढ़ाने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति अजय कुमार निरंकारी की एकल पीठ ने आरोपित राजू जाटव की दूसरी जमानत याचिका को खारिज कर दिया और छतरपुर के पुलिस अधीक्षक को एक विशेष जांच टीम गठित करने का स्पष्ट आदेश दिया। उच्च न्यायालय ने इस नई गठित होने वाली टीम को यह पता लगाने की जिम्मेदारी सौंपी है कि पीड़ित नाबालिग का यौन उत्पीड़न वास्तव में किस व्यक्ति ने किया था और उसके गर्भ से प्राप्त हुए भ्रूण का जैविक पिता कौन है। अदालत ने इस मामले की विस्तृत जांच दो महीने की समय सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से पूरी करने के निर्देश दिए हैं। अकेले ही बागेश्वर धाम पहुंची थी नाबालिग मामले से जुड़ी अभियोजन पक्ष की जानकारी के अनुसार, पीड़ित नाबालिग बालिका 15 मार्च को अकेले ही बागेश्वर धाम पहुंची थी। धाम में रहने के दौरान 17 मार्च को उसकी मुलाकात आरोपित राजू जाटव से हुई थी। आरोप के अनुसार, राजू जाटव उस नाबालिग को सुरक्षित उसके घर पहुंचाने की बात कहकर अपने साथ ले गया था। इसके बाद वह पीड़िता को लगभग 15 दिनों तक अपने पास रखता रहा और बाद में उसे ट्रेन के माध्यम से पचोर ले गया। जब नाबालिग के गायब होने पर पड़ताल शुरू हुई, तब पुलिस ने राजू जाटव की पत्नी से मिली सटीक जानकारी और निशानदेही के आधार पर नाबालिग को सकुशल बरामद किया था। जांच के दौरान पीड़िता के गर्भवती होने की बात सामने आई थी। इसके बाद अदालत के निर्देश पर पीड़िता का गर्भपात कराया गया और गर्भ में पल रहे भ्रूण की वैज्ञानिक डीएनए जांच कराने के कड़े आदेश दिए गए थे। डीएनए रिपोर्ट और बयानों का विरोधाभास इस मामले में नया और बड़ा मोड़ उस समय आया जब 29 अगस्त को फोरेंसिक प्रयोगशाला से भ्रूण की डीएनए जांच रिपोर्ट सामने आई। इस आधिकारिक डीएनए रिपोर्ट में राजू जाटव को भ्रूण का जैविक पिता नहीं पाया गया। इसके बाद जब नाबालिग पीड़िता के बयान अदालत के समक्ष दर्ज कराए गए, तब उसने भी अपने पूर्व बयानों के विपरीत जाते हुए राजू जाटव द्वारा दुष्कर्म किए जाने से साफ इन्कार कर दिया। हालांकि, इससे पहले पुलिस प्रशासन के समक्ष दर्ज कराए गए अपने बयानों में नाबालिग ने राजू पर जबरन दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। पीड़िता के अलग-अलग बयानों में आए इस विरोधाभास और डीएनए रिपोर्ट के वैज्ञानिक नतीजों को ध्यान में रखते हुए उच्च न्यायालय ने जांच का दायरा बढ़ाने की जरूरत महसूस की। न्यायमूर्ति अजय कुमार निरंकारी ने विशेष जांच टीम को नए सिरे से निष्पक्ष पड़ताल करने के निर्देश दिए। धाम पीठाधीश्वर की श्रद्धालुओं से विशेष अपील दूसरी तरफ, बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी महिलाओं और माताओं से विशेष अपील की। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि वे धाम में कभी भी अकेले न आएं। पीठाधीश्वर ने यह सलाह भी दी कि यात्रा के दौरान किसी भी अनजान व्यक्ति या वहां मौजूद सेवादारों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। हालांकि, उन्होंने अपनी इस अपील में नाबालिग पीड़िता से जुड़े इस प्रकरण का कोई सीधा उल्लेख नहीं किया था। अब उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बाद पुलिस अधीक्षक द्वारा गठित विशेष जांच टीम यह पता लगाएगी कि वास्तव में उस नाबालिग के साथ यौन अपराध किसने किया था। दो महीने की अवधि के भीतर यह टीम अपनी पूरी विस्तृत जांच रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत करेगी। recent visitors 33

निजी अस्पतालों के पंजीयन पर जबलपुर हाई कोर्ट सख्त, चार दिन में ताजा स्थिति रिपोर्ट देने को कहा, 12 अक्टूबर को अगली सुनवाई

Jabalpur High Court takes strict action on registration of private hospitals, asks for latest status report within four days, next hearing on October 12 विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव/अर्पिता श्रीवास्तव  जबलपुर। निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम के पंजीयन की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर दायर पांच जनहित याचिकाओं पर हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से ताजा स्थिति रिपोर्ट मांगी है। याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि फायर सेफ्टी और नगर निगम की आवश्यक अनुमति के बिना भी नए निजी अस्पतालों को पंजीयन दिए जा रहे हैं। मुख्य न्यायाधीश अल्पेश यशवंत कोगजे व न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने राज्य सरकार के अनुरोध पर ताजा रिपोर्ट पेश करने के लिए चार दिन का समय दिया। मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को होगी। जबलपुर में करीब 160 अस्पताल-नर्सिंग होम लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन व अन्य की ओर से दायर याचिकाओं में आरटीआई से मिली जानकारी का हवाला देते हुए कहा गया है कि जबलपुर शहर में करीब 160 निजी अस्पताल और नर्सिंग होम संचालित हैं। इनमें 63 का पंजीयन वर्ष 2019 से 2021 के बीच किए जाने की जानकारी सामने आई है। भौतिक सत्यापन के बिना पंजीयन का आरोप याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय द्वारा नए निजी अस्पतालों के पंजीयन में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा है। आरोप है कि अस्पतालों का भौतिक सत्यापन किए बिना ऑनलाइन आवेदन और अधूरे दस्तावेजों के आधार पर पंजीयन जारी किए जा रहे हैं। याचिकाओं में इस प्रक्रिया को नियमों के विपरीत बताते हुए जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है। फायर सेफ्टी और नगर निगम की अनुमति पर सवाल याचिकाकर्ताओं ने विशेष रूप से सवाल उठाया है कि यदि किसी अस्पताल के पास आवश्यक अग्नि सुरक्षा प्रमाण-पत्र अथवा नगर निगम की अनुमति नहीं है, तो उसका पंजीयन किस आधार पर किया जा रहा है। सोमवार को राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता अभिजीत अवस्थी ने बताया कि पूर्व में स्थिति रिपोर्ट पेश की जा चुकी है और वर्तमान स्थिति से संबंधित ताजा रिपोर्ट के लिए चार दिन का समय चाहिए। कोर्ट ने समय देते हुए निर्देश दिया कि नई रिपोर्ट की प्रतियां याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं को भी उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वे अगली सुनवाई में अपना पक्ष रख सकें। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता आलोक बगरेचा और अमिताभ गुप्ता ने पैरवी की। अब 12 अक्टूबर की सुनवाई में सरकार की ताजा रिपोर्ट के आधार पर मामले में आगे की दिशा तय होगी। recent visitors 29

इनमोसा उप-महासचिव गोकुल गोहे के नेतृत्व में ऐतिहासिक इनमोसा दिवस।

Historic INMOSA Day under the leadership of INMOSA Deputy General Secretary Gokul Gohe. हरिप्रसाद गोहे  आमला/पाथाखेड़ा/सारणी। वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (वेकोलि) पाथाखेड़ा क्षेत्र में इनमोसा संगठन द्वारा 8 अक्टूबर गुरुवार को स्थापना दिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इनमोसा उप-महासचिव वेकोलि गोकुल प्रसाद गोहे ने बताया कि कार्यक्रम का आयोजन वेकोलि क्षेत्रीय कार्यालय पाथाखेड़ा में किया जाएगा। संगठन की स्थापना वर्ष 1956 में माइनिंग क्षेत्र के कार्यों के लिए हुई थी। इसके रचयिता स्व. जे.के. बनर्जी थे। संगठन भूमिगत कोयला खदानों में सुरक्षित कार्य व्यवस्था और कर्मचारियों के हितों के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में अच्युत घटक, निदेशक (तकनीकी) कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) का वर्चुअल संबोधन होगा। अध्यक्षता हेमंत शरद पांडे, अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, वेकोलि नागपुर करेंगे। विशिष्ट अतिथि क्षेत्रीय महाप्रबंधक जितेंद्र कुमार गुप्ता एवं जीएम (संचालन) एम. सत्यनारायण होंगे। केंद्रीय महासचिव पी.एन. मिश्रा बराकर का भी वर्चुअल संबोधन होगा। कार्यक्रम में माइनिंग कार्य एवं खदानों में सुरक्षा के साथ कार्य करने को लेकर विशेष मार्गदर्शन दिया जाएगा। recent visitors 192

RDSS योजना के तहत DTR क्षमता वृद्धि कार्य, कल 5 घंटे बिजली बंद रहेगी।

Due to DTR capacity enhancement work under the RDSS scheme, there will be a 5-hour power outage tomorrow. हरिप्रसाद गोहेआमला। मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, आमला नगर जोन द्वारा RDSS योजनांतर्गत मेंटेनेंस कार्य कराया जा रहा है।कार्यालय प्रबंधक (संचा./संधा.) द्वारा जारी पत्र क्रं. 658 दिनांक 05.10.26 के अनुसार आमला नगर जोन अंतर्गत 11 केव्ही बोड़खी फीडर में शहीद चौक वाले डी.टी.आर. की क्षमता वृद्धि एवं लाइन में मिडस्पान पोल लगवाने का कार्य किया जाना है। इस कारण दिनांक 06.10.2026 दिन मंगलवार को दोपहर 11.00 से शाम 04.00 बजे तक विद्युत सप्लाई बाधित रहेगी।प्रभावित क्षेत्र – बोड़खी, लोहार मोहल्ला, हसलपुर, रोड़गांव, पवार मोहल्ला, झा मोहल्ला, जीराढाना, रेल्वे कॉलोनी, भीमनगर, आमला गंज, 12 क्वार्टर, लक्ष्मण नगर सहित समस्त बोड़खी क्षेत्र। विभाग ने बताया कि अपरिहार्य कारणों से निर्धारित समय में परिवर्तन एवं वृद्धि किया जा सकता है। recent visitors 67

बरेली से गढ़ी पहुंचे SI रामप्रसाद गोहे, संभाला चौकी प्रभारी का पद

SI Ramprasad Gohe arrived in Garhi from Bareilly, took over as outpost in-charge. हरिप्रसाद गोहे रायसेन। पुलिस अधीक्षक, जिला रायसेन द्वारा जारी प्रशासनिक तबादला आदेश के तहत उप निरीक्षक रामप्रसाद गोहे को बरेली से गढ़ी पुलिस चौकी प्रभारी के पद पर पदस्थ किया गया है। आदेश जारी होने के बाद उन्होंने गढ़ी चौकी पहुंचकर अपना कार्यभार संभाल लिया। रामप्रसाद गोहे इससे पहले रायसेन जिले के बरेली थाना सहित पुलिस विभाग के विभिन्न स्थानों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। नवीन पदस्थापना के बाद गढ़ी क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, अपराधों की रोकथाम तथा आमजन की शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई उनकी प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल रहेगी। गढ़ी पुलिस चौकी थाना गैरतगंज के अंतर्गत आती है। चौकी प्रभारी के रूप में पदभार संभालने के बाद गोहे ने क्षेत्र की पुलिस व्यवस्था को व्यवस्थित रखने और आमजन के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने पर जोर दिया। पुलिस विभाग में सेवाओं के साथ-साथ रामप्रसाद गोहे की पहचान एक एथलीट एवं धावक के रूप में भी बताई जाती है। उनके गढ़ी चौकी प्रभारी बनने पर क्षेत्र में पुलिसिंग को लेकर नई जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की उम्मीद जताई जा रही है। recent visitors 140